Insurance Claim: बढ़ती बीमारी के डर और मेडिकल खर्चों के बोझ से बचने के लिए अब लाइफ इंश्योरेंस करवाना लोगों की पसंद बन रही है। परिवार के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए लाइफ इंश्योरेंस काफी करवाते हैं, लेकिन ऐसे में अगर किसी व्यक्ति ने लाइफ इंश्योरेंस करवाया हो और पॉलिसीधारक की मौत हो जाए। फिर इंश्योरेंस कंपनी क्लेम खारिज कर दें तो ऐसी स्थिति में परिवार क्या करेगा? कुछ ऐसा ही मामला गाजियाबाद से सामने आया है। जहां पर जिला उपभोक्ता आयोग ने लाइफ इंश्योरेंस LIC ऑफ इंडिया को पॉलिसीहोल्डर के नॉमिनी को 30 दिनों के भीतर 10 लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है।
द टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से मिली खबर के मुताबिक गाजियाबाद जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने LIC ऑफ इंडिया को आदेश दिया है कि वह पॉलिसीहोल्डर के नॉमिनी को 30 दिनों के भीतर 10 लाख रुपये का भुगतान करने के आदेश दिया है। इस रकम में डेथ क्लेम के तौर पर 9.9 लाख रुपये और मानसिक परेशानी व कानूनी खर्च के लिए मुआवजे के तौर पर 5,000 रुपये शामिल हैं।
दरअसल, गाजियाबाद की रहने वाली नीलम मारवाह ने 3 जनवरी, 2017 को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य शैलजा सचान व आरपी सिंह को बताया कि उनके पति पवनीश मारवाह ने 27 नवंबर, 2013 को बीमा कंपनी से 9.95 लाख रुपये की सम एश्योर्ड वैल्यू वाली पॉलिसी खरीदी थी।
5 दिसंबर, 2014 को उनके पति बीमार पड़ गए और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई। ऐसे में बीमा कंपनी में पॉलिसी क्लेम करने के बाद LIC ने क्लेम का निपटारा करने से इनकार कर दिया। कंपनी ने नीलम को एक पत्र में बताया कि क्लेम इसलिए खारिज कर दिया गया क्योंकि उनके पति ने पॉलिसी लेते समय अपनी पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानकारी छिपाई थी।
LIC के वकील ने कहा कि शिकायतकर्ता का क्लेम मिलने पर बीमा कंपनी ने कागजात की जांच की और बीमा पॉलिसी की शर्तों के आधार पर क्लेम खारिज कर दिया। साथ ही, 30 मार्च, 2016 को क्लेम खारिज करने का नोटिस भी भेजा गया। इस फैसले से असंतुष्ट होकर कानपुर में बीमा कंपनी के क्षेत्रीय कार्यालय में अपील की गई, लेकिन 30 जुलाई, 2016 को उसे भी खारिज कर दिया गया।
पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानकारी न देने के आरोप को बेबुनियाद बताते हुए शिकायतकर्ता ने आयोग से राहत की मांग की।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेज़ों को देखने के बाद गाजियाबाद आयोग ने कहा कि बीमा अनुबंध पूरी ईमानदारी (utmost good faith) का अनुबंध होता है, लेकिन बीमा कंपनी केवल इसी सिद्धांत के आधार पर मनमाने ढंग से किसी क्लेम को खारिज नहीं कर सकती।
आयोग ने कहा, “जब कोई बीमा कंपनी यह आरोप लगाती है कि बीमा कराने वाले व्यक्ति ने स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी बातें छिपाई थीं, तो यह साबित करने की जिम्मेदारी उसी कंपनी की होती है कि बताई गई बीमारी असल में थी और पॉलिसी लेते समय वह बीमारी अहम थी और उससे जोखिम पर असर पड़ता था। कंपनी को यह भी साबित करना होगा कि बीमा कराने वाले व्यक्ति को उस बीमारी के बारे में पता था, उसने जान-बूझकर और धोखाधड़ी से ये बातें छिपाई थीं, और बताई गई बीमारी का व्यक्ति की मौत या बीमा से जुड़े जोखिम से अहम और सीधा संबंध था।” आयोग ने आगे कहा कि LIC पेश किए गए दस्तावेज़ों के आधार पर इन बातों को साबित करने में नाकाम रही है।
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Harnandipuram Green Township Ghaziabad: दिल्ली-एनसीआर में अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) करीब 20 साल के लंबे अंतराल के बाद एक विशाल और हाइटेक आवासीय टाउनशिप को धरातल पर उतारने जा रहा है। मधुबन बापूधाम योजना के बाद जीडीए की इस नई टाउनशिप का नाम ‘हरनंदीपुरम’ रखा गया है, जिसे इसकी भव्यता और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण ‘मिनी नोएडा’ भी कहा जा रहा है।
जीडीए की बोर्ड बैठक में ‘हरनंदीपुरम’ ग्रीन टाउनशिप के पहले चरण के लेआउट प्लान को आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस महत्वाकांक्षी हाउसिंग प्रोजेक्ट को इसी साल दिवाली 2026 के शुभ अवसर पर आम जनता के लिए आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया जाएगा।
1997 बीघा में फैलेगी टाउनशिप, ऐसा है मास्टर प्लान
हरनंदीपुरम प्रोजेक्ट को कुल 501 हेक्टेयर (लगभग 1997 बीघा) की विशाल जमीन पर विकसित करने की योजना है।
2000 आवासीय प्लॉट्स: योजना के पहले चरण में 120 वर्ग मीटर से लेकर 500 वर्ग मीटर तक के आकार के लगभग 2,000 रिहायशी भूखंड जनता के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।
ग्रुप हाउसिंग और EWS फ्लैट्स: स्वतंत्र प्लॉट्स के अलावा, बिल्डरों और ग्रुप हाउसिंग सोसाइटीज के लिए जमीन आरक्षित की जाएगी। साथ ही, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के परिवारों के लिए बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जाएगा।
वर्ल्ड क्लास सुविधाएं: इस टाउनशिप को पूरी तरह इको-फ्रेंडली और प्रीमियम लिविंग स्पेस के रूप में डिजाइन किया जा रहा है। इसमें चौड़ी सड़कें, गोल्फ कोर्स, मॉडर्न फूड कोर्ट, अत्याधुनिक अंडरग्राउंड सीवरेज व ड्रेनेज नेटवर्क और पर्यावरण-अनुकूल ई-बस कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
गाजियाबाद के इन 8 गांवों की जमीन पर बसेगा नया शहर
जीडीए ने इस पूरी ग्रीन टाउनशिप के लिए गाजियाबाद के आसपास के 8 प्रमुख गांवों की जमीन को चिह्नित किया है:
भोवापुर
शाहपुर निज मोरटा
मोरटा
मथुरापुर
शमशेर
चंपत नगर
भनेड़ा खुर्द
नगला फिरोज मोहनपुर
जीडीए ने पहले चरण के विकास के लिए भोवापुर और शाहपुर निज मोरटा गांव की करीब 47.16 हेक्टेयर भूमि को प्राथमिकता के आधार पर चुना है, जहां से शुरुआती विकास कार्य और प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी।
15 मिनट में गाजियाबाद, 30 मिनट में दिल्ली-नोएडा
हरनंदीपुरम टाउनशिप की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी खास लोकेशन और दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख इलाकों से सीधी कनेक्टिविटी है। यह टाउनशिप दुहाई नमो भारत स्टेशन से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगी, जिससे दिल्ली और मेरठ का सफर मिनटों में पूरा हो सकेगा। यह प्रोजेक्ट राजनगर एक्सटेंशन के ठीक पास स्थित है और दिल्ली-मेरठ रोड से सीधे जुड़ा हुआ है।
Electric vehicles have skyrocketed in significance over the past decade, particularly in light of global issues like climate change and pollution. EVs require no fossil fuels to run, and therefore emit zero harmful pollutants into the atmosphere. To promote the adoption of EVs, September 9 was designated ‘World EV Day’ six years ago by sustainability-focused companies Green.TV and ABB Group, and is recognised worldwide.
On the sixth iteration of World EV Day, let’s take a look at some of Autocar India’s most notable achievements in the all-electric mobility space.
1. Mercedes Benz EQC clean energy charging
Hydro, wind and solar energy were the only means of charging we used
In 2021, we set out on a journey in the Mercedes-Benz EQC to explore how truly “green” EVs can be when powered by renewable energy only; at present, coal is the primary source of energy production. We departed from the Mercedes-Benz facility in Chakan with a full charge, heading to Tata Power’s Khopoli hydroelectric plant, Agaswadi wind farm and Mulshi solar farm.
Along the way, we investigated clean power sources – hydro, wind and solar – that could sustainably fuel EVs in India. While the EQC couldn’t be charged directly from the hydro grid since it mixes with the main grid, we were able to charge the SUV via a 15A plug at Tata Power. However, we did tap charging power directly from wind turbines and solar panels for the EQC. Ultimately, this trip showed us that our EVs could soon be truly emissions-free – not just at the tailpipe, but across the entire power chain.
2. Green Mumbai Drive 2021
30 EVs quietly trundling through the Sanjay Gandhi National Park
We achieved a rare feat by bringing together every EV that was on sale in India at the time and driving them across Mumbai and through the protected Sanjay Gandhi National Park in Borivali. 30 EVs were part of the drive, including the Hyundai Kona, Tata Nexon EV, MG ZS EV, Mercedes-Benz EQC, Jaguar i-Pace, Audi e-tron GT, and even a Tesla Model X.
The Green Mumbai Drive was flagged off from the Mahalakshmi Racecourse by Aditya Thackeray, MoS for Tourism, Environment and Protocol, and Jeet Adani, director of Adani Electricity. Notable auto industry executives like Santosh Iyer (Mercedes-Benz India), Balbir Singh Dhillon (Audi India), Rohit Suri (JLR India), and Amit Suri (Volvo India) were also part of the event.
3. Debuting EVs in two different national parks
Tata Nexon EV in Satpura Tiger Reserve, Audi e-tron in Gir National Park
In 2021, we were the first to drive an electric car (specifically, the Tata Nexon EV) into Madhya Pradesh’s Satpura Tiger Reserve. The roughly 140km drive from Bhopal to Forsyth Lodge was completed with around 30km of range remaining, despite starting with the battery at 92 percent. With no fast-charging infrastructure nearby, the Nexon EV had to be charged overnight using a 15A socket. During the safari, the torquey and compact EV performed well on steep inclines and narrow forest trails, and its silent operation allowed it to approach wildlife like sambars, gaurs, wild pigs, and even a leopard without the noise of an idling engine – no tiger, though.
Then, in 2022, we were yet again the first to drive an EV into Gujarat’s Gir National Park, this time in an Audi e-tron. Reaching our accommodation induced a great deal of range anxiety due to faulty chargers along the way, but we managed to get there with around 20 percent of charge remaining. Once we reached, the e-tron was an excellent companion to tour the park with, helping us spot wildlife like chital, crocodiles, lions, and more.
4. Porsche Taycan Kashmir to Kanyakumari road trip
Nearly 4,500km in a performance EV
2022 saw us take one of our most ambitious roadtrips to date: 4,467km from Kashmir to Kanyakumari in a Porsche Taycan. Despite challenges like landslides in Jammu, flooded roads in Punjab, and power outages at certain charging spots, the Taycan handled the journey with ease. On one of the most efficient legs, the Porsche EV delivered 7.1km/kWh, working out to an indicated range of 475km.
Comfort mode was the default setting, but we did have lots of fun in some stretches courtesy of the Taycan’s Sport Plus drive mode. Up to 225kW of fast charging bolstered convenience, and total charging expenses tallied up to just Rs 15,422 – cheaper than fuel for an equivalent petrol car. More than just distance, the trip proved that combining sports car-like performance with electric efficiency works perfectly in real-world conditions, and that the Taycan is more durable than you may think.
5. Pininfarina Battista India top speed record
1900hp, quad-motor hypercar achieved a 358.03kph top speed
Back in early 2023, we set a new Indian top-speed record with the 1,900hp Pininfarina Battista electric hypercar at the NATRAX high-speed oval near Indore. Achieving an impressive v-max of 358.03kph, the Battista blitzed past the previous record of 332.20kph, which was also set by us in 2016 in an Audi R8 V10 Plus.
The Battista top-speed run also ended up establishing new world records for a production car: 0-300kph in 10.49 seconds and a quarter-mile time of 8.55 seconds, all verified by the Federation of Motor Sports Clubs of India (FMSCI).
6. Hero Vida V1 Pro longest distance in 24 hours record
The e-scooter travelled just shy of a whopping 1,800km
The endurance challenge relied on swift battery swaps and flawless coordination, with the pit crew achieving 38 battery changes in under 20 seconds – quite impressive considering the extreme heat, rider fatigue, and complexity involved. Moreover, the Vida V1 Pro ran flawlessly throughout, handling the gruelling conditions with ease and maintaining performance consistently.
7. Volvo EC40 Jaisalmer to Mawsynram road trip
From India’s driest region to its wettest
In 2024, we took the Volvo EC40 (formerly known as the C40 Recharge) on a roughly 3,000km road trip from Jaisalmer in Rajasthan – one of India’s driest locations – to Mawsynram in Meghalaya, widely recognised as the country’s wettest. The route included a detour to Ghaziabad’s Volvo Reverse Project, a former dumping ground where around 10,000 trees had been planted as part of the company’s reforestation initiative.
Charging was carried out mainly overnight with DC fast chargers also used along the route, and the EC40 posed no issues during the journey. Ironically, we encountered heavy rain and waterlogging in Jaisalmer but surprisingly little rainfall in Mawsynram.
8. Mercedes Benz EQS sedan longest distance world record
Setting off from Bangalore on a full charge, the EQS 580 covered a distance of 949km when it reached its destination in Navi Mumbai, beating the previous Guinness World Record for the same by 32.26km. Impressively, the 949km real-world range exceeds EQS 580’s claimed range of 817km by just over 16 percent. It’s also worth mentioning that the two-day journey was completed under arduous conditions like heavy rainfall, lots of traffic, broken roads, and even a flat tyre.
9. Porsche Taycan BIC EV lap record
2:10.313 lap time makes the Taycan the fastest EV around BIC so far
At the Buddh International Circuit in Greater Noida, we lapped a Porsche Taycan Turbo S and clocked a time of 2:10.313 minutes – the first-ever EV lap record around the 5.125km track. Despite its rather portly kerb weight of 2,370kg, the Taycan delivered unexpectedly sharp performance at BIC thanks to 761hp and 1,050Nm, a low centre of gravity (aided by the heavy 93.4 kWh battery), precise steering, and superb balance.
Upon hitting the apex and pinning the throttle, the Taycan belied physics the way it propelled out of corners with explosive speed, and despite weighing 845kg more, the EV achieved nearly the same top speed as the 911 GT3 RS at the end of BIC’s main straight.
10. Ultraviolette F99 India top speed record
258kph around NATRAX and a 100-200kph run of 6.2 seconds
One of our more recent records entailed setting a new benchmark for made-in-India two-wheelers by hitting a top speed of 258kph on the Ultraviolette F99 at the NATRAX oval. Designed around a 400V architecture with a liquid-cooled powertrain, the purpose-built F99 packs 120hp and an astounding 972Nm (measured at the rear wheel).
The F99’s custom trellis frame, forged carbon-fibre bodywork, Brembo brakes, and Ohlins suspension helped the bike remain stable at high speeds, culminating in a clean record run captured via precision V-Box data. It also achieved a blistering 0-200kph run in under 10 seconds and 100-200kph in just 6.2 seconds, smashing previous Indian motorcycle speed records.
11. Mercedes Benz EQS SUV temperature change record
From the sweltering heat of Rajasthan to the sub-zero chill of Ladakh
Our 2025 Guinness World Record saw us achieving the greatest temperature change endured by a production EV. We accomplished this using the Mercedes-Benz EQS 450 SUV, driving from the scorching heat of 47.5 deg-C in Rajasthan to the below-freezing chill of -3.7 deg-C in Ladakh, for an impressive overall temperature swing of 51.2 deg-C.
The journey tested the limits of the EQS 450 SUV, especially its 122kWh battery’s thermal management system. Despite extreme variations in temperature, the climate control and battery systems kept the EQS 450 SUV performing smoothly and safely.
Disha Salian Case: दिवंगत बॉलीवुड सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में बुधवार (2 सितंबर) को बड़ा कानूनी मोड़ आ गया। बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार (2 सितंबर) को दिवंगत बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत के मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच का आदेश दिया। इस दौरान अदालत ने साफ किया कि किसी भी व्यक्ति को तब तक आरोपी नहीं माना जाना चाहिए, जब तक कि जांच अधिकारी को उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत न मिल जाएं। कोर्ट ने CBI को निर्देश दिया है कि जांच के लिए एक वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति की जाए। साथ ही मामले में संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर आगे की जांच की जाएगी।
यह मामला दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान की याचिका के बाद एक बार फिर बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने आया था। सतीश सालियान ने अपनी बेटी की मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की थी। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस बात पर भी सवाल उठाए थे कि परिवार की ओर से संदेह जताए जाने के बावजूद FIR क्यों दर्ज नहीं की गई?
‘बिना सबूत किसी को भी आरोपी न माना जाए’
हाई कोर्ट ने साफ कहा है कि जब तक जांच में किसी के खिलाफ ठोस सबूत न मिल जाएं, तब तक किसी को भी आरोपी न माना जाए। अदालत ने कहा, “अगर कोई गंभीर अपराध (कॉग्निज़ेबल ऑफ़ेंस) बनता है, तो इस मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल की जानी चाहिए। अगर कोई गंभीर अपराध नहीं बनता है, तो जजों ने जांच अधिकारी (I.O.) को आदेश दिया है कि वे सक्षम अदालत में मामले को बंद करने की उचित प्रक्रिया शुरू करें।” दिशा के पिता को प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल करने की इजाजत दी गई है।
CBI दर्ज करेगी FIR, वरिष्ठ अधिकारी संभालेंगे जांच
हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब मामले में संबंधित प्रावधानों के तहत FIR दर्ज की जाएगी। इसके बाद CBI जांच को आगे बढ़ाएगी। हाईकोर्ट ने विशेष रूप से निर्देश दिया है कि जांच के लिए किसी वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी को नियुक्त किया जाए, ताकि मामले की जांच निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से हो सके।
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई में एक बिल्डिंग से गिरने के बाद हुई थी। उस समय पुलिस ने इसे दुर्घटनावश हुई मौत के रूप में दर्ज किया था। बाद में मामले को लेकर कई सवाल और आरोप सामने आए तथा दिशा के पिता ने स्वतंत्र जांच की मांग की।
सतीश सालियान का बयान भी दर्ज होगा
CBI जांच के दौरान दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज किया जाएगा। उनके आरोपों और उन परिस्थितियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली जाएगी। हाईकोर्ट पहले ही यह स्पष्ट कर चुका था कि किसी मामले में कानूनी रूप से उचित जांच और प्रक्रिया का पालन जरूरी है, ताकि परिवार को मामले में उचित निष्कर्ष और न्यायिक रूप से स्वीकार्य क्लोजर मिल सके।
आदित्य ठाकरे को लेकर कोर्ट का अहम रुख
मामले में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे का नाम राजनीतिक और कानूनी बहस के दौरान सामने आता रहा है। हालांकि, CBI जांच का आदेश दिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि आदित्य ठाकरे या किसी अन्य व्यक्ति को आरोपी घोषित कर दिया गया है।
जांच एजेंसी को उपलब्ध सबूतों, बयानों, रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों के आधार पर अपनी जांच आगे बढ़ानी होगी। किसी भी व्यक्ति को केवल आरोपों या राजनीतिक दावों के आधार पर आरोपी नहीं माना जा सकता। ठाकरे की ओर से पहले भी उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया गया है। उनके वकील ने अदालत में याचिका को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए आरोपों का विरोध किया था।
कोर्ट के फैसले के बाद भावुक हुए दिशा के पिता
हाईकोर्ट के फैसले के बाद दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान भावुक हो गए। उन्होंने अदालत के आदेश के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही उम्मीद जताई कि अब उनकी बेटी की मौत से जुड़े सवालों की निष्पक्ष तरीके से जांच होगी। दिशा सालियान की मौत के मामले में पिछले कई वर्षों से अलग-अलग दावे और जांच को लेकर सवाल उठते रहे हैं। मुंबई पुलिस ने पहले मामले में किसी तरह की आपराधिक साजिश से इनकार किया था। जबकि दिशा के परिवार की ओर से बाद में गंभीर संदेह जताते हुए नए सिरे से जांच की मांग की गई।
Nepal Flood News: नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने हजारों परिवारों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। हिमालयी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में से एक रासुवा में तबाही का मंजर अभी भी साफ दिखाई दे रहा है। घर, सड़कें और पुल बह चुके हैं। बड़ी संख्या में परिवार अपने घरों से विस्थापित होकर अस्थायी राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। इस त्रासदी के बीच एक युवती की कहानी ने इस आपदा की भयावहता को सामने ला दिया है।
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, रासुवा के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में रहने वाली एक युवती ने अपने परिवार के 17 सदस्यों को खो दिया। उसका घर भी बाढ़ में बह गया। उसके पास अब अपने परिवार की यादों के तौर पर सिर्फ मोबाइल फोन में मौजूद तस्वीरें बची हैं। नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,100 के पार हो गई है।
एक झटके में पूरा परिवार उजड़ गया
कॉपिला तमांग नाम की इस युवती के परिवार ने इससे पहले 2015 के विनाशकारी भूकंप की त्रासदी भी झेली थी। उस आपदा में उनका घर तबाह हुआ था। लेकिन परिवार ने दोबारा जिंदगी शुरू की और नया घर बनाया। इस बार बाढ़ ने उस नए घर को भी नहीं छोड़ा। अमेरिकी चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ में उनकी मां, बहन, दादी समेत परिवार के कुल 17 सदस्य मारे गए। इनमें महज एक महीने का एक बच्चा भी शामिल था।
वापस लौटने पर सबकुछ बर्बाद!
कॉपिला उस समय काठमांडू में थीं। जैसे ही उन्हें पहाड़ी इलाके में बाढ़ आने और परिवार के फंसने की खबर मिली, वह वापस लौट गईं। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उन्होंने CNN से कहा कि उन्हें बेहद अकेलापन महसूस हो रहा है। परिवार के छोटे बच्चे के लिए यह त्रासदी और भी मुश्किल है। उनका सात साल का छोटा भाई अभी यह समझ नहीं पा रहा कि उसकी मां अब वापस नहीं आएगी। कॉपिला ने कहा कि अब उसे अपने छोटे भाई के लिए खुद मजबूत बनना होगा।
राहत शिविर में रात होते ही सताने लगता है डर
बाढ़ से बचाए गए और विस्थापित परिवारों को फिलहाल अस्थायी शिविरों, स्कूलों और अधूरी इमारतों में शरण दी गई है। लेकिन यहां पहुंचने के बाद भी लोगों को सुरक्षा का भरोसा नहीं मिल पा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, कई परिवारों को अब भी डर है कि कहीं दोबारा बाढ़ न आ जाए। रात में जब भी पानी बढ़ने या नई बाढ़ की चेतावनी मिलती है, कुछ लोग सुरक्षित ऊंचाई की तलाश में जंगल और पहाड़ी इलाकों की ओर चले जाते हैं।
कई विस्थापित लोग खुले या अधूरे भवनों की छतों पर रात गुजार रहे हैं। एक 17 वर्षीय युवक ने सीएनएस से बातचीत में बताया कि उसके दो छोटे भाई-बहन भी बाढ़ में मारे गए। राहत शिविरों में रात के समय लोग अपने परिवार के सदस्यों को याद कर रोते हैं। कई लोगों के लिए नींद तक मुश्किल हो गई है।
13 साल की बच्ची भी बाढ़ के बीच फंसी
नेपाल की इस आपदा में बच्चों की मुश्किलें भी बेहद गंभीर हैं। एक 13 वर्षीय बच्ची ने बताया कि बाढ़ आने के समय वह अपने परिवार से अलग हो गई थी। उसे कुछ समय तक यह तक पता नहीं था कि उसके माता-पिता कहां हैं। UNICEF के अनुसार, 26 अगस्त को आई बाढ़ से नेपाल के रासुवा, नुवाकोट और धादिंग इलाकों में कम से कम 17,000 बच्चे प्रभावित हुए हैं।
इस विनाशकारी तबाही में कई स्कूल पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। हजारों बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। एक अन्य मामले में स्कूल से लौटते समय बाढ़ की चपेट में आए बच्चों को अपनी जान बचाने के लिए ऊंचे स्थानों की ओर भागना पड़ा। कुछ बच्चों ने पेड़ों पर चढ़कर अपनी जान बचाई।
लोगों के सामने सिर्फ घर नहीं, पूरी जिंदगी दोबारा बसाने की चुनौती
इस बाढ़ ने नेपाल के प्रभावित इलाकों में लोगों से सिर्फ उनके घर और सामान ही नहीं छीने। बल्कि कई परिवारों के पूरे के पूरे सदस्य खत्म हो गए। कई लोगों को अभी तक अपने लापता परिजनों के शव नहीं मिले हैं, जिससे उनके लिए इस त्रासदी को स्वीकार करना और भी मुश्किल हो गया है।
CNN के अनुसार, कुछ परिवारों के लापता सदस्य अभी तक आधिकारिक लापता लोगों की लिस्ट में भी दर्ज नहीं हो पाए थे। अब राहत शिविरों में रहने वाले लोगों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि अगली रात सुरक्षित होगी या फिर एक और बाढ़ उन्हें अपना सब कुछ छोड़कर भागने पर मजबूर कर देगी। उनके पास घर लौटने के लिए कई जगह घर ही नहीं बचे हैं।
मृतकों की संख्या 1,100 के पार
नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बुधवार को बढ़कर 1,127 हो गई। हिमालयी क्षेत्र में आई इस आपदा के एक सप्ताह बाद भी बचावकर्मी हजारों लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार, चितवन से 348, नवलपरासी पूर्व से 217, नवलपरासी पश्चिम से 190 और नुवाकोट से 155 शव बरामद किए गए हैं। इसी तरह गोरखा से 66, धादिंग से 59, रसुवा से 45 और तनाहूं से 38 शव बरामद हुए हैं।
I met a girl who lost 17 members of her family and a 13-year-old survivor who nearly got washed away on her school bus. Displaced families are living in makeshift shelters after fleeing the worst-hit area of Rasuwa, Nepal. But they still don’t feel safe and fear more floods. pic.twitter.com/J9s4Zjp3hR
पुलिस ने बताया कि 1,113 शवों का पोस्टमार्टम और कानूनी पहचान की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। जबकि 95 शव परिजनों को सौंपे जा चुके हैं। लापता परिजनों की पहचान में परिवारों की मदद के लिए 911 अज्ञात शवों का विवरण नेपाल पुलिस की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। पुलिस के मुताबिक, अब तक सुरक्षा बलों ने प्रभावित इलाकों से 6,541 लोगों को सुरक्षित निकाला है। जबकि 4,858 लापता लोगों की तलाश अभी जारी है।
अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में 7,912 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट 26 अगस्त को बर्फ और चट्टानों के ढहने या हिमस्खलन के कारण अचानक बाढ़ आ गई थी। इस बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई थी।
VIDEO | Nepal flood: Rescue and relief operations intensify in Rasuwa as Army airlifts survivors and supplies.
Volunteer Lepen Shah says, “We came here from Kathmandu yesterday. The government is also carrying out rescue and relief operations, and we are doing our bit to help.… pic.twitter.com/VuX72Rop7i
Aaj Ka Mausam: देश भर में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 सितंबर के लिए मौसम का ताजा बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक देश के 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मध्यम से लेकर मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। कई राज्यों में आकाशीय बिजली चमकने, तेज आंधी-तूफान चलने और समुद्री इलाकों में खतरनाक तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।
यूपी, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर भारत और मध्य भारत के कुछ राज्यों में 2 सितंबर को मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। IMD के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। इन राज्यों के कई जिलों में बारिश के साथ-साथ बादलों की गरज और बिजली कड़कने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं।
दिल्ली, बिहार, पंजाब और हरियाणा समेत 15 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश
देश के एक बड़े हिस्से में 2 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, विदर्भ, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर तेज बारिश दर्ज की जा सकती है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई जगहों पर मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है।
आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर भी चेतावनी जारी की है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली कड़कने का पूर्वानुमान है।
बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मराठवाड़ा, विदर्भ और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं चलने की भी संभावना है।
समुद्र और तटीय इलाकों में तूफानी हवाएं, मछुआरों को चेतावनी
समुद्री क्षेत्रों में मौसम का मिजाज काफी खराब रहने वाला है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों से सटे क्षेत्रों, पश्चिम-मध्य अरब सागर के बड़े हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर व पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
इसी तरह बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी के कुछ हिस्सों और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे तक झोंके आने का अनुमान है। अंडमान सागर में भी 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए मछुआरों को इन इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana: देश की राजधानी दिल्ली के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत वाली खबर है। दिल्ली सरकार ने राजधानी के 2.30 लाख घरों की छतों पर तीन किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर पैनल लगाने की योजना को मंजूरी दे दी है। खास बात यह है कि पात्र परिवारों को इसके लिए अपनी जेब से शुरुआती रकम खर्च नहीं करनी होगी। योजना के तहत केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से सब्सिडी का प्रावधान है। सोलर सिस्टम लगाने का काम भी सरकार की ओर से कराया जाएगा।
‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत केंद्र सरकार की ओर से 78,000 रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। यह फैसला मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक सभी पात्र घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने का है। इसके लिए संबंधित विभागों को प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
400 यूनिट तक बिजली खपत वाले घरों को मिलेगा फायदा
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा उन परिवारों को मिलने की उम्मीद है, जिनकी औसत मासिक बिजली खपत 400 यूनिट तक है। तीन किलोवाट का रूफटॉप सोलर सिस्टम घरेलू जरूरतों के एक बड़े हिस्से की बिजली पैदा करने में मदद करेगा। इससे ऐसे परिवारों के बिजली खर्च में कमी आने की संभावना है। सरकार का मकसद केवल बिजली का बिल कम करना नहीं है। बल्कि दिल्ली के घरों को बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना भी है। यानी जिस घर की छत पर सोलर पैनल लगेगा, वह खुद बिजली पैदा कर सकेगा। इससे अपनी जरूरत के मुताबिक उसका इस्तेमाल कर सकेगा।
78 हजार रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के तहत सोलर सिस्टम लगाने पर केंद्र सरकार की ओर से 78,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा दिल्ली सरकार भी 78 हजार रुपये तक की पूंजीगत सब्सिडी देने की व्यवस्था करेगी। इस तरह पात्र उपभोक्ताओं को सोलर सिस्टम लगवाने के लिए बड़ी रकम का बोझ उठाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
‘पीएम सूर्य घर’ योजना के मुताबिक, इंस्टॉलेशन का काम भी सरकार की ओर से कराया जाएगा। सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का खाका तैयार किया है। इसके तहत मार्च 2027 तक सभी पात्र 2.30 लाख घरों की छतों पर सोलर सिस्टम इंस्टॉल करने का लक्ष्य रखा गया है।
लाभ लेने के लिए पहले पैसे जमा कराने की जरूरत नहीं
इस योजना की एक अहम बात यह है कि उपभोक्ताओं को सोलर सिस्टम लगवाने के लिए कोई एडवांस राशि नहीं देनी होगी। सरकार की ओर से प्रक्रिया पूरी कराकर पात्र घरों पर सिस्टम लगाया जाएगा। हालांकि, यदि सोलर सिस्टम की कुल लागत और उपलब्ध सब्सिडी के बीच अंतर रहता है, तो राज्य सरकार द्वारा किए जाने की बात कही गई है। इससे आम परिवारों के लिए योजना का लाभ लेना आसान होगा।
घरों को बिजली उत्पादक बनाना लक्ष्य
दिल्ली सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य केवल बिजली के बिल में कमी लाना नहीं है। इसके जरिए घरों को क्लीन एनर्जी का उत्पादक बनाना भी लक्ष्य है। रूफटॉप सोलर से पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होगी और सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ेगा। इससे लंबे समय में बिजली की मांग और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है। साथ ही दिल्ली में प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मार्च 2027 तक पूरा करने की तैयारी
सरकार ने PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana को तेजी से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। लक्ष्य रखा गया है कि मार्च 2027 तक 2.30 लाख पात्र घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाया जाए। इसके लिए विभागीय स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे दिल्ली के बड़ी संख्या में परिवारों को लंबे समय तक बिजली खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर मध्यम और कम बिजली खपत वाले परिवारों के लिए यह योजना घरेलू बजट पर पड़ने वाले खर्च को कम करने में मददगार साबित हो सकती है।
दिल्ली में बढ़ेगा रूफटॉप सोलर का इस्तेमाल
दिल्ली जैसे बड़े शहर में घरों की छतों का इस्तेमाल सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए करना सरकार की ऊर्जा नीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। यदि 2.30 लाख घरों पर सोलर सिस्टम लगाए जाते हैं, तो इससे राजधानी में स्वच्छ और रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी बढ़ेगी।
सरकार का दावा है कि यह पहल दिल्ली को रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के साथ-साथ आम लोगों को बिजली के बढ़ते खर्च से राहत देने में भी अहम भूमिका निभाएगी। आने वाले महीनों में पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने और सिस्टम लगाने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। उपभोक्ताओं को सोलर पैनल लगवाने के लिए किसी भी तरह का एडवांस भुगतान नहीं करना होगा।
सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला दावा तेजी से चर्चा में है, जिसमें गाजियाबाद के एक व्यक्ति की जेब में कथित तौर पर Samsung Galaxy S26 के फटने की बात कही जा रही है। वायरल पोस्ट के अनुसार, फोन पहले अचानक बेहद गर्म हुआ और उससे धुआं निकलने लगा। इससे पहले कि व्यक्ति कुछ समझ पाता या फोन को जेब से बाहर निकाल पाता, कथित तौर पर उसमें जोरदार धमाका हो गया। दावा है कि इस घटना में उसके दोनों हाथों और शरीर के निचले हिस्से पर गंभीर जलने की चोटें आईं।
आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसकी मदद की और उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चलने की बात कही गई है। घटना की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही हैं, जिनमें फोन बुरी तरह जला और क्षतिग्रस्त दिखाई देता है। हालांकि, वायरल दावे और घटना की पूरी परिस्थितियों की अभी स्पष्ट रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
सफर के दौरान अचानक गर्म होने लगा फोन
वायरल पोस्ट के अनुसार, मजीद नाम का व्यक्ति गाजियाबाद से दनकौर, ग्रेटर नोएडा स्थित अपने गांव जा रहा था। इसी दौरान उसे महसूस हुआ कि करीब एक महीने पुराना उसका स्मार्टफोन सामान्य से काफी ज्यादा गर्म हो रहा है। बताया गया कि फोन से धुआं निकलने लगा और इससे पहले कि वह उसे जेब से बाहर निकाल पाता, उसमें धमाका हो गया।
राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल
पोस्ट में दावा किया गया है कि घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मजीद की मदद की और उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उसका इलाज चलने की बात कही गई है। सोशल मीडिया पर शेयर की गई तस्वीरों में फोन काफी जला हुआ नजर आ रहा है। कथित तौर पर बैटरी वाले हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा है और फोन का पिछला पैनल भी पिघला हुआ दिखाई देता है।
एक महीने पहले खरीदा था फोन?
वायरल Reddit पोस्ट के मुताबिक, मजीद ने यह फोन करीब एक महीने पहले ग्रेटर नोएडा के The Grand Venice Mall स्थित DG Com से खरीदा था। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि घटना से पहले फोन सामान्य रूप से काम कर रहा था। हालांकि, इन दावों और घटना की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फोन में खराबी या विस्फोट की वास्तविक वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
a Samsung Galaxy S26 reportedly exploded in someone’s pocket, causing serious burns to his private parts and right hand
the user said the phone was getting unusually hot before it started smoking and eventually exploded pic.twitter.com/7LNmpgwWGX
ये दावा @Cartidise द्वारा X पर भी साझा किया गया, घटना की खबर सोशल मीडिया पर फैलते ही कई यूजर्स ने Samsung को टैग करते हुए कंपनी से जवाब और घायल व्यक्ति के इलाज में मदद की मांग की। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि अगर फोन खरीदने के कुछ ही समय बाद ऐसी घटना हुई है, तो निर्माता की जिम्मेदारी क्या बनती है। वहीं, कुछ यूजर्स ने इसे Samsung के पुराने Galaxy Note 7 बैटरी विवाद से जोड़ते हुए कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
सोशल मीडिया पर छिड़ी फोन सेफ्टी की बहस
इस कथित घटना ने स्मार्टफोन की बैटरी और ओवरहीटिंग को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। यूजर्स का कहना है कि महंगे फ्लैगशिप फोन से कम से कम इतनी उम्मीद जरूर होती है कि वे रोजमर्रा के इस्तेमाल में सुरक्षित रहें। हालांकि, फिलहाल यह केवल सोशल मीडिया पर वायरल दावा है और घटना के कारण, फोन की स्थिति तथा जिम्मेदारी तय करने के लिए आधिकारिक जांच की जानकारी सामने आना बाकी है।
PM Awas Yojana 2026: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लोगों को किफायती दरों पर घर उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ी पहल होने जा रही है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) अनंत नगर और शारदा नगर विस्तार योजना में कुल 2,640 सस्ते फ्लैट विकसित करेगा। इन फ्लैटों का निर्माण प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत किया जाएगा। इसके साथ ही दोनों आवासीय योजनाओं के लिए जल्द ही लैंड पूलिंग की प्रक्रिया भी शुरू होगी।
सोमवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन दोनों योजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। योजना के तहत मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए भी दो बेडरूम वाले फ्लैट बनाए जाएंगे।
8.99 लाख रुपये में मिल सकता है वन BHK फ्लैट
LDA की दोनों योजनाओं में ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत बनने वाले वन बीएचके फ्लैट की कीमत करीब 8.99 लाख रुपये रखी गई है। इनके निर्माण के लिए केंद्र सरकार की ओर से ढाई लाख रुपये तक की सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान है। योजना में मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए भी दो बेडरूम वाले फ्लैट बनाए जाएंगे। यानी अलग-अलग आय वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए यहां किफायती आवास विकसित किए जाएंगे।
अनंत नगर में बनेगा 14 मंजिला आदित्य अपार्टमेंट
अनंत नगर आवासीय योजना में आदित्य अपार्टमेंट विकसित किया जाएगा। यह इमारत 14 मंजिला होगी। योजना में पीएम आवास योजना के तहत सभी जरूरी नई सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इन सुविधाओं में स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक केंद्र, किराना स्टोर, मेडिकल शॉप, मिल्क बूथ, एटीएम और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल होंगी। इसका उद्देश्य यह है कि यहां रहने वाले लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए योजना से बाहर न जाना पड़े।
शारदा नगर विस्तार में बनेगा बागेश्वरी अपार्टमेंट
शारदा नगर विस्तार योजना में बागेश्वरी अपार्टमेंट बनाया जाएगा। यह परियोजना PGI के पास और शारदा नगर विस्तार योजना के तहत प्रस्तावित है। यहां बनने वाला बागेश्वरी अपार्टमेंट 12 मंजिला होगा।इस परियोजना में कुल 1248 फ्लैट बनाए जाने की योजना है। इनमें 312 फ्लैट प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत होंगे। जबकि 936 फ्लैट दो बेडरूम कैटेगरी के बनाए जाएंगे। पीएम आवास योजना के फ्लैटों की कीमत करीब 8.99 लाख रुपये होगी। जबकि दो बेडरूम वाले फ्लैट की कीमत करीब 34.82 लाख रुपये तय की गई है।
अनंत नगर में कितने फ्लैट बनेंगे?
अनंत नगर आवासीय योजना में बनने वाले आदित्य अपार्टमेंट में कुल 1392 फ्लैट बनाए जाने की योजना है। यह भी 14 मंजिला भवन होगा। इस तरह अनंत नगर और शारदा नगर विस्तार की दोनों योजनाओं को मिलाकर कुल 2640 फ्लैट विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं में पीएम आवास योजना के लाभार्थियों के साथ-साथ मध्यम आय वर्ग के लोगों को भी ध्यान में रखा गया है।
4500 एकड़ जमीन जुटाने की तैयारी
लखनऊ में इन दो बड़ी आवासीय योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए लैंड पूलिंग की प्रक्रिया भी शुरू होने जा रही है। इसके तहत करीब 4500 एकड़ जमीन जुटाई जाएगी। मोहनलालगंज क्षेत्र में 9 अगस्त तक किसानों के साथ बातचीत की गई है। जमीन की कीमत तय करने को लेकर सहमति बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब समिति की बैठक हो चुकी है। अब लैंड पूलिंग के नियमों के तहत दोनों योजनाओं के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
किसानों की सहमति से होगी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया
लखनऊ विकास प्राधिकरण की दोनों आवासीय योजनाओं के लिए किसानों की सहमति से जमीन लेने की योजना है। इसके लिए पहले किसानों से बातचीत और जमीन के मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। आवास विकास परिषद के लखनऊ जोन के उप आवास आयुक्त चंदन पटेल ने बताया कि किसानों की सहमति के आधार पर जमीन लेने से पहले नियोजन समिति की बैठक की जा चुकी है। इस प्रक्रिया के बाद लैंड पूलिंग के नियमों के तहत जमीन जुटाने का काम आगे बढ़ेगा।
करीब दो लाख लोगों को मिलेगा आशियाना
इन दोनों योजनाओं के लिए करीब 4,500 एकड़ जमीन जुटाई जानी है। प्रस्तावित विकास से करीब दो लाख से अधिक लोगों को आशियाना मिलने की उम्मीद है। योजनाओं में सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के साथ आधुनिक शहरी ढांचे को विकसित करने की योजना है। दोनों परियोजनाओं में सड़कों को फोर लेन बनाया जाएगा। वहीं, मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक को सुचारु रखने के लिए सिक्स लेन की व्यवस्था की जाएगी। जरूरत के हिसाब से फ्लाईओवर और अंडरपास भी बनाए जाने की योजना है। ड़ा, बेली, शिथौलीकला, शिवलर और हबुआपुर की जमीन प्रस्तावित की गई है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी नई कॉलोनियां
इन आवासीय योजनाओं में सिर्फ फ्लैट बनाने पर ही जोर नहीं है, बल्कि पूरी तरह विकसित आवासीय क्षेत्र तैयार करने की योजना है। यहां स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं के साथ बाजार और रोजमर्रा की जरूरतों की दुकानें भी विकसित की जाएंगी। सड़कों, फ्लाईओवर और अंडरपास जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ इन क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देने की तैयारी है।
कुल मिलाकर क्या बदलेगा?
लखनऊ की इन दोनों बड़ी योजनाओं के पूरा होने के बाद राजधानी में 2640 नए किफायती और मध्यम आय वर्ग के फ्लैट उपलब्ध होंगे। पीएम आवास योजना के तहत करीब 8.99 लाख रुपये में फ्लैट मिलने से कम आय वर्ग के लोगों के लिए घर खरीदना आसान हो सकता है, वहीं, मध्यम आय वर्ग के लिए करीब 34.82 लाख रुपये की लागत वाले दो बेडरूम फ्लैट विकसित किए जाएंगे। लैंड पूलिंग के जरिए बड़े क्षेत्र में सुनियोजित विकास होने से मोहनलालगंज और आसपास के इलाकों में आने वाले वर्षों में आवासीय और बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार होने की उम्मीद है।
Mumbai Ghatkopar Landslide: मुंबई के घाटकोपर इलाके में बुधवार तड़के भूस्खलन के कारण एक चॉल पर पहाड़ का हिस्सा गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में करीब 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। वहीं, इस घटना के बाद कई एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया है।
बता दें कि यह भूस्खलन सुबह करीब 3:48 बजे कुर्ला के चिराग नगर में राठौड़ मेडिकल के पास स्थित गौसिया चॉल में हुआ। बताया जा रहा है कि पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक नीचे ढह गया, और इसका मलबा पास की चॉल के दो से तीन कमरों पर जा गिरा।
हालांकि, मलबे से दो लोगों को बाहर निकाला गया, जिनकी पहचान 28 वर्षीय साहिल अंसारी और 14 वर्षीय मोहम्मद समीर के रूप में हुई है। उन्हें राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शुरुआत में खबर थी कि मलबे में 3 से 4 लोग फंसे हो सकते हैं, लेकिन बाद में स्थानीय लोगों ने बताया कि 6 से 8 लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।
वहीं, मुंबई फायर ब्रिगेड ने सुबह करीब 4:32 बजे इस घटना को लेवल-2 इमरजेंसी घोषित किया और तुरंत राहत-बचाव अभियान शुरू कर दिया। फिलहाल करीब 50 BMC कर्मचारी और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें मिलकर मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम कर रही हैं।
जानकारी के अनुसार, मलबे को हटाने और उसके नीचे फंसे लोगों को खोजने के लिए खास बचाव उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
DCP ने दी जानकारी
DCP गणेश शिंदे ने बताया कि अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं और बचाव अभियान अभी भी जारी है।
अधिकारी ने कहा, “बारिश के कारण घाटकोपर पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आने वाले अशोकनगर इलाके में भूस्खलन हुआ है। अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं और बचाव अभियान चल रहा है।”
इस घटना में घायल हुए दो अन्य लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर है। इनकी पहचान 18 वर्षीय सोहेल अंसारी (सिर में चोट) और 14 वर्षीय मोहम्मद अंसारी (पीठ में चोट) के तौर पर हुई है।
राहत और बचाव कार्य जारी
DCP शिंदे ने कहा, “बचाव कार्य जारी है और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें व स्थानीय अधिकारी घटनास्थल पर लगातार कोशिशें कर रहे हैं। हालांकि अभी सही संख्या की पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी तीन से चार लोग फंसे हो सकते हैं।”
बता दें कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के शवों को आगे की प्रक्रिया के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले में कानूनी कार्रवाई और जांच आगे जारी रहेगी।
वहीं, मुंबई फायर ब्रिगेड, मुंबई पुलिस और NDRF की टीमें घटनास्थल पर तैनात की गई हैं, जबकि BMC के वार्ड कर्मचारी और अन्य इमरजेंसी कर्मी बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं।
BMC मेयर ने किया घटनास्थल का दौरा
BMC की मेयर रितु तावड़े और एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (ईस्टर्न सबर्ब्स) अविनाश ढकने ने भी हालात का जायजा लेने के लिए घाटकोपर में प्रभावित जगह का दौरा किया।