Mini Noida: दिवाली पर गाजियाबाद में लॉन्च होंगे 2000 प्लॉट, दिल्ली-NCR में घर बनाने का शानदार मौका! जानिए सभी डिटेल्स

Harnandipuram Green Township Ghaziabad: दिल्ली-एनसीआर में अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) करीब 20 साल के लंबे अंतराल के बाद एक विशाल और हाइटेक आवासीय टाउनशिप को धरातल पर उतारने जा रहा है। मधुबन बापूधाम योजना के बाद जीडीए की इस नई टाउनशिप का नाम ‘हरनंदीपुरम’ रखा गया है, जिसे इसकी भव्यता और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण ‘मिनी नोएडा’ भी कहा जा रहा है।

जीडीए की बोर्ड बैठक में ‘हरनंदीपुरम’ ग्रीन टाउनशिप के पहले चरण के लेआउट प्लान को आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस महत्वाकांक्षी हाउसिंग प्रोजेक्ट को इसी साल दिवाली 2026 के शुभ अवसर पर आम जनता के लिए आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया जाएगा।

1997 बीघा में फैलेगी टाउनशिप, ऐसा है मास्टर प्लान

हरनंदीपुरम प्रोजेक्ट को कुल 501 हेक्टेयर (लगभग 1997 बीघा) की विशाल जमीन पर विकसित करने की योजना है।

2000 आवासीय प्लॉट्स: योजना के पहले चरण में 120 वर्ग मीटर से लेकर 500 वर्ग मीटर तक के आकार के लगभग 2,000 रिहायशी भूखंड जनता के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।

ग्रुप हाउसिंग और EWS फ्लैट्स: स्वतंत्र प्लॉट्स के अलावा, बिल्डरों और ग्रुप हाउसिंग सोसाइटीज के लिए जमीन आरक्षित की जाएगी। साथ ही, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के परिवारों के लिए बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जाएगा।

वर्ल्ड क्लास सुविधाएं: इस टाउनशिप को पूरी तरह इको-फ्रेंडली और प्रीमियम लिविंग स्पेस के रूप में डिजाइन किया जा रहा है। इसमें चौड़ी सड़कें, गोल्फ कोर्स, मॉडर्न फूड कोर्ट, अत्याधुनिक अंडरग्राउंड सीवरेज व ड्रेनेज नेटवर्क और पर्यावरण-अनुकूल ई-बस कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।

गाजियाबाद के इन 8 गांवों की जमीन पर बसेगा नया शहर

जीडीए ने इस पूरी ग्रीन टाउनशिप के लिए गाजियाबाद के आसपास के 8 प्रमुख गांवों की जमीन को चिह्नित किया है:

  1. भोवापुर
  2. शाहपुर निज मोरटा
  3. मोरटा
  4. मथुरापुर
  5. शमशेर
  6. चंपत नगर
  7. भनेड़ा खुर्द
  8. नगला फिरोज मोहनपुर

जीडीए ने पहले चरण के विकास के लिए भोवापुर और शाहपुर निज मोरटा गांव की करीब 47.16 हेक्टेयर भूमि को प्राथमिकता के आधार पर चुना है, जहां से शुरुआती विकास कार्य और प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी।

15 मिनट में गाजियाबाद, 30 मिनट में दिल्ली-नोएडा

हरनंदीपुरम टाउनशिप की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी खास लोकेशन और दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख इलाकों से सीधी कनेक्टिविटी है। यह टाउनशिप दुहाई नमो भारत स्टेशन से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगी, जिससे दिल्ली और मेरठ का सफर मिनटों में पूरा हो सकेगा। यह प्रोजेक्ट राजनगर एक्सटेंशन के ठीक पास स्थित है और दिल्ली-मेरठ रोड से सीधे जुड़ा हुआ है।

गाजियाबाद मुख्य शहर: मात्र 15 मिनट

नोएडा सेक्टर-62: लगभग 30 मिनट

दिल्ली बॉर्डर: महज 30 मिनट

नोएडा में यमुना-हरनंदी दोआब के किनारे बनेगा 500 करोड़ का 4 लेन रिवरफ्रंट रोड, अथॉरिटी ने दी मंजूरी जानिए सारी डिटेल

नोएडा अथॉरिटी ने यमुना-हरनंदी दोआब के किनारे 29 किलोमीटर लंबी चार-लेन वाली सड़क बनाने के लिए 500 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। यह सड़क नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का एक विकल्प होगी और इसका मकसद इलाके में ट्रैफिक जाम को कम करना है। News 18 की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित कॉरिडोर से यात्रा का समय कम होगा, कनेक्टिविटी बेहतर होगी और ग्रेटर नोएडा की 75 ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों, 25 सेक्टरों और 20 गांवों में रहने वाले लगभग पांच लाख लोगों को सीधा फायदा होगा।

नोएडा अथॉरिटी के CEO कृष्णा करुणेश ने कहा, “नोएडा अथॉरिटी इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह एक्सप्रेसवे यात्रियों को काफी राहत देगा और नदी के किनारे सुनियोजित विकास में मदद करेगा।”

25 सेक्टर, 20 गांव लाभान्वित होंगे

अधिकारियों के अनुसार, इस नए प्रोजेक्ट से नोएडा के कई रिहायशी सेक्टरों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इनमें सेक्टर 94, 124, 125, 126, 127, 128, 129, 130, 131, 132, 133, 134, 135, 150, 151, 152, 153, 154, 155, 158, 159, 163, 164 और 168 शामिल हैं।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन गांवों को फायदा होने की उम्मीद है उनमें रायपुर, बख्तावरपुर, असगरपुर जहांगीर, सुल्तानपुर, शाहपुर गोवर्धनपुर, शाहपुर गढ़ी, नंगला नंगली, रोहिल्लापुर, नंगला वाजिदपुर, छपरौली, मंगरौली, मोहियापुर, बदौली, झट्टा, दल्लूपुरा, गुजरान डेरिन, कमबक्शपुर, याकूतपुर, गुलावली और मोमनाथल शामिल हैं।

मौजूदा सड़क को अपग्रेड किया जाएगा

अधिकारियों ने बताया कि यमुना तटबंध के किनारे 11.2 किलोमीटर लंबी मौजूदा फोर-लेन सड़क का नवीनीकरण पहले से ही 34 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया जा रहा है, जिसमें से अब तक 11 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

नए प्रस्ताव के तहत, यमुना दोआब वाले हिस्से को चौड़ा करके फोर-लेन सड़क बनाई जाएगी, जबकि हरनंदी दोआब के किनारे 17 किलोमीटर लंबा नया फोर-लेन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा।

यह कॉरिडोर सेक्टर 150 तक जाएगा, जहां यह कोंडली-बांगर की तरफ से आने वाली मौजूदा 75 मीटर चौड़ी सड़क से जुड़ेगा, जिससे यात्रियों के लिए एक लगातार वैकल्पिक रास्ता बन जाएगा।

बहुत कम जमीन अधिग्रहण की उम्मीद

अधिकारियों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट के लिए बड़े स्तर पर जमीन अधिग्रहण की संभावना कम है। इसकी वजह यह है कि उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के पास पहले से ही दोआब क्षेत्र में 22 से 28 मीटर चौड़ी जमीन उपलब्ध है।

News18 की रिपोर्ट के अनुसार, उपलब्ध जमीन फोर-लेन कॉरिडोर बनाने के लिए काफी होने की उम्मीद है, जिससे किसानों से कृषि भूमि अधिग्रहण करने की जरूरत कम हो जाएगी।

CEO कृष्णा करुणेश ने यह भी कहा कि जिन जगहों पर जमीन के मालिक सहमत होंगे, वहां तटबंध (embankment) को और बढ़ाया जा सकता है।

उन्होंने कहा, “जहां किसान सहमत होंगे, हम उनकी मंजूरी से तटबंध को बाहर की ओर बढ़ा सकते हैं। अथॉरिटी किसी भी जमीन के अधिग्रहण के लिए मुआवजा देने को तैयार है।”

व्यस्त एक्सप्रेसवे पर दबाव कम करने की तैयारी

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर अभी लगभग 10 लाख गाड़ियां चलती हैं, जिससे पीक आवर्स (सबसे ज्यादा भीड़-भाड़ वाले समय) में बहुत ज्यादा जाम लगता है।

अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित रिवरफ्रंट रोड और सैद्धांतिक रूप से मंजूर किए गए अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से मौजूदा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है।

बता दें कि यह नया कॉरिडोर तेजी से विकसित हो रहे यमुना-हरनंदी दोआब क्षेत्र के भविष्य के शहरी विकास में भी मदद करेगा। इस इलाके में स्पोर्ट्स सिटी और जेपी विश टाउन जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के कारण रिहायशी इलाकों का विस्तार तेजी से हो रहा है।

न्यूज 18 के अनुसार, कृष्णा करुणेश ने कहा, “तटबंध के विस्तार से न केवल ट्रैफिक की समस्याएं हल होंगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। इससे स्थानीय निवासियों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी और इलाके की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।”