Share Market Crash: शेयर बाजार इन 5 कारणों से लाल; सेंसेक्स 833 अंक लुढ़का, निफ्टी 23950 से नीचे

भारतीय शेयर बाजार में 19 जून को बिकवाली का जबरदस्त दबाव है। सेंसेक्स की ओपनिंग लाल निशान में हुई और फिर यह पिछली क्लोजिंग से 833 अंक तक फिसलकर 76,576.89 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी 229 अंकों से ज्यादा टूटकर 23,938.75 के लो तक गया। एक दिन पहले गुरुवार को शेयर बाजारों में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी रही थी। सेंसेक्स 254.36 अंक चढ़कर 77,409.98 पर बंद हुआ था। निफ्टी 82.30 अंक चढ़कर 24,168 पर बंद हुआ था। शुक्रवार को बाजार किन कारणों से फिसला, आइए जानते हैं…

IT शेयरों में जबरदस्त बिकवाली

IT शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव है। Nifty IT इंडेक्स सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टोरल इंडेक्स रहा और इसमें 6 प्रतिशत की गिरावट आई। दरअसल दिग्गज आईटी कंपनी Accenture ने रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को कम कर दिया है और डिमांड कमजोर रहने का संकेत दिया है। इससे ग्लोबल टेक्नोलॉजी खर्च में रिकवरी की रफ्तार को लेकर चिंता बढ़ गई। भारतीय आईटी शेयर भी दबाव में आ गए। इंफोसिस में 7.6 प्रतिशत, टेक महिंद्रा में 6.3 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 6 प्रतिशत तक की गिरावट आई। HCLTech 5.3 प्रतिशत और Wipro 3.6 प्रतिशत तक टूटा।

FII की बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) कैश मार्केट में फिर से नेट सेलर बन गए हैं। गुरुवार को उन्होंने 1,025.20 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इससे पहले बुधवार को उन्होंने 101.59 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

प्रॉफिट बुकिंग

तेल की कीमतें कम होने की वजह से पिछले 5 सेशंस में सेंसेक्स में कुल 3,577.43 अंकों और निफ्टी में 1,006.4 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। इस बढ़त को देखते हुए निवेशकों की ओर से उच्च स्तरों पर मुनाफावसूली का भी गिरावट में हाथ है।

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दूसरे एशियाई बाजारों की कमजोरी

अन्य एशियाई बाजारों में हेंग सेंग और कॉस्पी 1.6-1.6 प्रतिशत गिरे हैं। सेट कंपोजिट और जकार्ता कंपोजिट में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट है। शंघाई कंपोजिट भी नीचे आया है। हालांकि अमेरिकी बाजार हरे निशान में बंद हुए हैं। यूरोपीय बाजारों में भी तेजी है।

India VIX में बढ़ोतरी

शेयर बाजार में ​अस्थिरता को मापने वाला India VIX लगभग 6 प्रतिशत बढ़कर 13.37 हो गया। इस वोलैटिलिटी इंडेक्स में बढ़ोतरी आम तौर पर निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता और निकट भविष्य में मार्केट में तेज उतार-चढ़ाव का संकेत देती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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19 जून को SME सेक्टर की कंपनी होराइजन रीक्लेम (इंडिया) की शेयर बाजार में लिस्टिंग शानदार रही। लेकिन तुरंत ही थोड़ी मायूसी भी हाथ लगी। शेयर BSE SME पर 46.6 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 151 रुपये पर लिस्ट हुआ। लेकिन फिर तुरंत ही 5 प्रतिशत लुढ़का और 143.45 रुपये पर लोअर सर्किट लग गया। IPO प्राइस 103 रुपये प्रति शेयर था। कंपनी रीक्लेम्ड रबर बनाती है। यह रबर पुराने टायरों, रबर ट्यूब्स, ट्रेड पीलिंग और इंडस्ट्रियल स्क्रैप जैसे इस्तेमाल किए गए रबर मैटेरियल्स से रीसाइकिल करके बनाया जाता है।

54.27 करोड़ रुपये का IPO 12 जून को खुला था ओर 16 जून को बंद हुआ। इसमें 53 लाख नए शेयर जारी हुए। पब्लिक इश्यू कुल 304.11 गुना भरा था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 186.72 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 450.74 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 308.30 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

Horizon Reclaim (India) का मार्केट कैप लगभग 280 करोड़ रुपये है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 15.46 करोड़ रुपये जुटाए थे। कंपनी के प्रमोटर मोहित बजाज और ​मल्लिका बजाज हैं।

Share Market Crash: 5 दिन बाद लुढ़का बाजार, सेंसेक्स 832 अंक तक टूटा; निवेशकों ने गंवाए ₹1.35 लाख करोड़

कंपनी की वित्तीय सेहत

Horizon Reclaim (India) का वित्त वर्ष 2026 के दौरान शुद्ध मुनाफा 10.50 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 7 करोड़ रुपये था। कुल इनकम 50 करोड़ रुपये दर्ज की गई, जो वित्त वर्ष 2025 में 36.39 करोड़ रुपये थी। EBITDA 16.32 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2025 में 10.46 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 35.76 करोड़ रुपये की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Share Market Crash: 5 दिन बाद लुढ़का बाजार, सेंसेक्स 832 अंक तक टूटा; निवेशकों ने गंवाए ₹1.35 लाख करोड़

5 दिन तेजी देखने के बाद शेयर बाजार में शुक्रवार, 19 जून को गिरावट है। सेंसेक्स खुलने के चंद पलों के अंदर ही लगभग 832 अंक तक लुढ़क गया। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1.35 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। सेंसेक्स की ओपनिंग लाल निशान में हुई और फिर यह पिछली क्लोजिंग से लगभग 832 अंक तक फिसलकर 76,578.08 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी 229 अंकों से ज्यादा टूटकर 23,938.75 के लो तक गया।

गुरुवार, 18 जून को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,77,04,016.033 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट खुलने के कुछ ही पलों के अंदर यह घटकर 4,75,69,044.59 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 1,34,971.443 करोड़ रुपये की कमी।

कच्चे तेल और रुपये की चाल

पश्चिम एशिया में तनाव थमने से कच्चे तेल की कीमत में गिरावट जारी है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का भाव और 0.58 प्रतिशत कम होकर 79.39 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। रुपया 19 जून को शुरुआती कारोबार में 10 पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.30 पर है। एक दिन पहले अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 10 पैसे की मजबूती के साथ 94.40 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

एक दिन पहले क्या रहा था हाल

भू-राजनीतिक मोर्चे पर सकारात्मक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों में जारी नरमी से गुरुवार को शेयर बाजारों में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी रही थी। सेंसेक्स 254.36 अंक चढ़कर 77,409.98 पर बंद हुआ था। निफ्टी 82.30 अंक चढ़कर 24,168 पर बंद हुआ था। 5 कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स में कुल 3,577.43 अंकों और निफ्टी में 1,006.4 अंकों की बढ़त दर्ज की गई।

Stocks to Watch: आज, 19 जून को HDFC Bank, RIL, HCL Tech समेत इन शेयरों में दिख सकती है बड़ी उठापटक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : कुल मिलाकर बाजार का ट्रेंड पॉजिटिव, लेकिन प्रॉफिट बुकिंग की वजह से हल्का कंसोलिडेशन मुमकिन

Trade setup for today : 18 जून को निफ्टी पिछले स्विंग-हाई लेवल और शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा। यह 0.34 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। लगातार पांचवें सेशन में भी तेजी का ट्रेंड बना रहा। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और VIX के निचले स्तर पर रहने से मार्केट सेंटीमेंट को सपोर्ट मिला,जबकि मोमेंटम इंडिकेटर्स में मजबूती रही। इन सभी बातों से लगता है कि कुल मिलाकर ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है,हालांकि प्रॉफिट बुकिंग की वजह से कुछ कंसोलिडेशन और रिट्रेसमेंट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। 24,200 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है, इसके बाद 24,500 एक अहम रेजिस्टेंस हो सकता है। हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि अगर प्रॉफ़िट बुकिंग होती है, तो 24,000 का स्तर तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है और इसके बाद 23,800 का स्तर अहम सपोर्ट लेवल हो सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,073, 24,037 और 23,979

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,190, 24,225 और 24,284

निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर ‘हायर हाई-हायर लो’पैटर्न के साथ एक बुलिश कैंडल बनाई,जो पॉजिटिव ट्रेंड का संकेत है। शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे,जबकि इंडेक्स 23 फरवरी के बाद पहली बार 100-दिन के EMA के ऊपर बंद हुआ। RSI लगातार दूसरे सेशन में 60 के लेवल से ऊपर बना रहा और बढ़कर 62.43 पर पहुंच गया। MACD ने जीरो लाइन के ऊपर बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा और ग्रीन हिस्टोग्राम बार में और बढ़ोतरी देखी गई। ये सभी इंडिकेटर बुलिश मोमेंटम के मज़बूत होने का संकेत देते हैं और मौजूदा ट्रेंड के जारी रहने का समर्थन करते हैं।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,023, 58,127 और 58,294

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,689, 57,585 और 57,418

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,772, 56,012

बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक ग्रीन कैंडल बनाई और फरवरी के हाई से अप्रैल के लो तक के करेक्शन के 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर बना रहा,जो एक अच्छे ट्रेंड का संकेत है। 10-दिन का EMA दूसरे अमह मूविंग एवरेज (20-, 50-, 100- और 200-दिन के EMA) से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा था,जबकि वे सभी ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। बैंक निफ्टी ने 9 मार्च के ‘बेयरिश गैप’को भी भर दिया और लगातार दूसरे सेशन में पिछले’स्विंग हाई’से ऊपर बना रहा। RSI बढ़कर 70.97 पर पहुंच गया,जबकि MACD ने लगातार बढ़ते हरे हिस्टोग्राम बार के साथ मज़बूत’बुलिश क्रॉसओवर’बनाए रखा। ये सभी बातें लगातार खरीदारी की दिलचस्पी दिखाती हैं और संकेत देती हैं कि बैंकिंग इंडेक्स से निकट भविष्य में अपनी तेजी को बनाए रखने की संभावना है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

18 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर बने रहे और उन्होंने ₹1,000 करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया और सेशन के दौरान ₹3,516 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX कल 3.91 प्रतिशत गिरकर 12.67 पर आ गया। यह 18 फरवरी के बाद का सबसे निचला क्लोजिंग लेवल है। इसने लगातार छठे सेशन में अपनी गिरावट जारी रखी,जो बताता है कि बुल अब ज्यादा सहज महसूस कर रहे हैं। मार्केट में तेजी के सेंटीमेंट को बनाए रखने के लिए VIX का निचले लेवल पर बने रहना जरूरी है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 18 जून को बढ़कर 1.12 हो गया, पिछले सेशन में यह 1.1 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

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F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

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Market news : 19 जून को बेंचमार्क इंडेक्स BSE सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत सुस्त रहने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी में मामूली बढ़त है। यह शुरुआती कारोबार में 24,008 के आसपास ट्रेड कर रहा है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

18 जून को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी कल 24,200 के स्तर के करीब बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों से सेंटीमेंट बेहतर हुआ। निवेशकों ने US फेडरल रिजर्व के सख्त पॉलिसी रुख पर भी नजरें रखीं। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 254.36 अंक या 0.33 प्रतिशत बढ़कर 77,409.98 पर और निफ्टी 82.30 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 24,168 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08.00 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 12 अंक यानी 0.05 फीसदी की बढ़त के साथ 24,007 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 0.75 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स 0.47 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। कोस्पी 2.64 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.43 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी रही। सेमीकंडक्टर शेयरों में बढ़त की वजह से नैस्डैक में 1.9% की बढ़ोतरी हुई। वहीं,अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुईं। हालांकि निवेशकों ने फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना को भी ध्यान में रखा। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 72.15 अंक या 0.14% बढ़कर 51,564.70 पर पहुंच गया,S&P 500 में 80.48 अंक या 1.08% की बढ़त हुई और यह 7,500.58 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट 496.28 अंक या 1.91% बढ़कर 26,517.93 पर पहुंच गया।

डॉलर इंडेक्स

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में दूसरी प्रमुख करेंसी के मुकाबले अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में बहुत कम बदलाव देखने को मिला है। फिलहास डॉलर इंडेक्स 100.77 के स्तर पर दिख रहा है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापानी येन सबसे मजबूत है। इसमें 0.174% की बढ़त देखने को मिल रही है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.125% की बढ़त है। सिंगापुर डॉलर में भी 0.008% की मामूली बढ़त हुई है जो बाजार में स्थिरता का संकेत है।

कमजोर प्रदर्शन करने वालों में फिलीपीन पेसो में सबसे ज्यादा 0.323% की गिरावट दर्ज की गई है। जबकि इंडोनेशियाई रुपिया में 0.180% की गिरावट आई है। चीनी रेनमिनबी 0.106% कमजोर दिख रही है। ताइवान डॉलर में 0.028% की गिरावट आई है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

18 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर बने रहे और उन्होंने ₹1,000 करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया और सेशन के दौरान ₹3,516 करोड़ के शेयर खरीदे।

 

 

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Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी, होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग धीरे-धीरे हो रही सामान्य

Crude Oil Price Today: अंतरिम US-ईरान शांति समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग सामान्य होने लगी, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई और इसमें हफ़्ते में बड़ी गिरावट आने की उम्मीद थी। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 0.84% ​​गिरकर $79.18 प्रति बैरल हो गई, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चे तेल की कीमत 0.67% गिरकर $76.09 प्रति बैरल हो गई।

फंसे हुए तेल ले जा रहे जहाज़ गुरुवार को पानी के रास्ते से निकलने लगे, जबकि कुवैत ने कहा कि वह प्रोडक्शन बढ़ाना शुरू कर देगा। US सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसने ईरानी पोर्ट और तटीय इलाकों से आने-जाने वाले ट्रैफिक पर लगी रोक हटा ली है, जबकि जॉइंट मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर, जो एक अहम नेवल इन्फॉर्मेशन बॉडी है, ने पानी के रास्ते से गुज़रने की कोशिश कर रहे जहाजों को सलाह दी कि वे ओमान के समुद्र तट के पास वाले रास्ते का इस्तेमाल करें ताकि माइन से बचा जा सके।

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने इन डेवलपमेंट की तारीफ़ की, और ईरान के कट्टर समर्थकों, जिनमें कुछ साथी देश भी शामिल हैं, की इस आलोचना का जवाब दिया कि इस डील में तेहरान को बहुत ज़्यादा छूट दी गई है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “मार्केट को यह पसंद आ रहा है कि तेल की कीमतें बहुत नीचे हैं और स्टॉक्स बहुत ऊपर हैं।”

क्रूड की बिकवाली का मतलब है कि फ्यूचर्स ने युद्ध से हुई लगभग सारी बढ़त गंवा दी है, जो फरवरी में तब शुरू हुई थी जब US और इज़राइल ने ईरान पर उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर हमला किया था। यह स्ट्रेट — जो फारस की खाड़ी को ग्लोबल मार्केट से जोड़ता है और आम तौर पर ग्लोबल तेल सप्लाई का लगभग पांचवां हिस्सा ले जाता है — तेहरान और US दोनों की तरफ से डबल ब्लॉकेड का सामना कर रहा था।

वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस ने इस चिंता को कम करके आंका कि ईरान आखिरकार स्ट्रेट से होने वाले ट्रैफिक पर टोल लगा सकता है, यह एक ऐसा कदम है जो तेहरान के लिए पैसे कमाने का ज़रिया बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग में विवादित डिटेल्स पर काम करने के लिए 60 दिन का समय शुरू हो गया है।

हालांकि क्रूड की कीमतें गिर गई हैं, होर्मुज को पूरी तरह से फिर से खोलना एक मुश्किल और लंबा चलने वाला ऑपरेशन साबित हो सकता है। इस प्रोसेस को ठीक से चलाने के लिए, जहाज़ों को सही जगह पर रखना, कुओं को फिर से चालू करना, इंफ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत और डी-माइनिंग ऑपरेशन पर सहमति बनाना ज़रूरी है। कुछ जहाज़ मालिक पानी के रास्ते और फ़ारस की खाड़ी के हालात को लेकर सावधान हैं।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।