NSE IPO: दमानी, मुंजाल, गोपालकृष्णन की जेब में आ सकते हैं करोड़ों रुपये, यहां देखें शेयरहोल्डर्स की पूरी लिस्ट

एनएसई के आईपीओ से कई शेयरहोल्डर्स को मोटी कमाई हो सकती है। इनमें कई दिग्गज इनवेस्टर्स और बड़े उद्योगपति शामिल हैं। इनमें डीमार्ट के प्रमोटर राधाकिशन दमानी, हीरो ग्रुप के फाउंडर सुनील कांत मुंजाल, इंफोसिस के को-फाउंडर एस गोपालकृष्णन, डीमार्ट के पूर्व सीईओ और एमडी ग्नाटियस नविल नोरोन्हा और दिग्गज इनवेस्टर डॉली खन्ना शामिल हैं।

अनलिस्टेड मार्केट में एनएसई के शेयर की कीमत 2000 रुपये से ऊपर चल रही है। दमानी की एनएसई में 1.58 फीसदी हिस्सेदारी है। इसकी वैल्यू करीब 7,817 करोड़ रुपये है। इसका मतलब है कि एनएसई के शेयर बेचने से उन्हें बड़ा मुनाफा होगा। उन्होंने ये शेयर किस भाव पर लिए थे, यह जानकारी एनएसई के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में नहीं है।

सुनील कांत मुंजाल की एनएसई में करीब 0.41 फीसदी हिस्सेदारी है। उनके पास एनएसई के 1.02 करोड़ शेयर हैं। इन शेयरों की वैल्यू करीब 2,040 करोड़ रुपये है। गोपालकृष्णन के पास एनएसई के 94.29 लाख शेयर हैं। इनकी वैल्यू 1,886 करोड़ रुपये है। नोरोन्हा के पास एनएसई के 30 लाख शेयर हैं, जिनकी वैल्यू 600 करोड़ रुपये है।

डॉली खन्ना के पास एनएसई के 15.17 लाख शेयर हैं, जिनकी वैल्यू 303 करोड़ रुपये है। सिद्धार्थ बालाचंद्रन की एनएसई में करीब 0.38 फीसदी हिस्सेदारी है, जिनकी वैल्यू 1,863 करोड़ रुपये है। दिग्गज इनवेस्टर वनाजा सुंदर अय्यर के पास 44 लाख शेयर हैं, जिनकी वैल्यू 880 करोड़ रुपये है।

एनएसई के शेयर रखने वाले निवेशकों की लिस्ट काफी बड़ी है। ऐसे एक दर्जन से ज्यादा इनवेस्टर्स हैं, जिनकी एनएसई में 0.05 से 0.30 फीसदी तक हिस्सेदारी है। इनकी वैल्यू 140 करोड़ रुपये से 300 करोड़ रुपये के बीच है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन निवेशकों की हिस्सेदारी की फाइनल वैल्यूएशन का पता आईपीओ में शेयर का प्राइस बैंड तय होने के बाद चलेगा। लेकिन, सेबी के पास फाइल डीआरएचपी से यह संकेत मिलता है कि इन शेयरों को काफी कम कीमत पर खरीदा गया था।

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की एनएसई में सबसे ज्यादा 10.7 फीसदी हिस्सेदारी है। उसके पास एनएसएई के 26.5 करोड़ शेयर हैं। इसकी कीमत 50,641 करोड़ रुपये है। एनएसई ने सेबी के पास डीआरएचपी 17 जून को फाइल कर दिया। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा।

ओएफएस का मतलब है कि इस आईपीओ में एनएसई इनवेस्टर्स को नए शेयर एलॉट नहीं करेगी। शेयरहोल्डर्स एक्सचेंज के करीब 6 फीसदी शेयर बेचेंगे। करीब 30,000 करोड़ रुपये का एनएसई का आईपीओ भारत का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। अभी सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड ह्यूंडई मोटर के नाम है। उसने 2024 में 27,000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था।

Market cues : बाजार में तेजी जारी रहने के संकेत, 24100 के ऊपर टिकने पर निफ्टी में जल्द ही 24500 का लेवल मुमकिन

Trade setup for today : निफ्टी 50 ने लगातार चौथे सेशन में अपनी बढ़त बनाए रखी। यह सोमवार से ही 50-डे EMA के ऊपर टिका हुआ है। 17 जून को US फेडरल रिजर्व की बैठक के नतीजों से पहले यह 0.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। इस बैठक में सेंट्रल बैंक ने फेडरल फंड्स रेट में कोई बदलाव नहीं किया। इंडेक्स ने 24,100 के अहम रेजिस्टेंस लेवल के पास बंद होकर’लोअर हाई-लो’स्ट्रक्चर को खत्म कर दिया। उधर शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। इन्हें अच्छे मोमेंटम इंडिकेटर्स,गिरते VIX और वेस्ट एशिया में तनाव कम होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला।

तेजड़ियों के लिए,इंडेक्स को 24,500 के रेजिस्टेंस लेवल (जो 200-दिन के DEMA के पास है) तक ले जाने के लिए 24,100 के लेवल को पार करना और उसके ऊपर बने रहना जरूरी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि नीचे की तरफ 23,900–23,800 के जोन में तत्काल सपोर्ट मिल सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,002, 23,969 और 23,916

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,107, 24,140 और 24,193

निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक बुलिश कैंडल बनाई,जिसमें ऊपर और नीचे की तरफ छोटी शैडो (shadows) थीं। इससे संकेत मिलता है कि 24,100 के अहम रेजिस्टेंस लेवल के आसपास पॉजिटिव रुख के साथ इंडेक्स एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में 50-डे EMA के ऊपर बना रहा और 100-डे EMA के करीब पहुंच गया,जबकि शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। RSI बढ़कर 60.87 हो गया,जबकि MACD और सिग्नल लाइन के बीच का पॉज़िटिव गैप और बढ़ गया। बढ़ते हुए हरे हिस्टोग्राम बार से ये बातें पता चलती हैं। ये सभी इंडिकेटर निकट भविष्य में बुलिश मोमेंटम के मज़बूत होने का संकेत दे रहे हैं।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,646, 57,746 और 57,908

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,323, 57,223 और 57,061

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,617, 55,897

बैंकिंग इंडेक्स में 0.5% की बढ़त हुई और डेली टाइमफ्रेम पर इसने’लोअर शैडो’के साथ एक’बुलिश कैंडल’बनाई। यह सीमित दायरे में हो रही ट्रेडिंग के बीच पॉजिटिव संकेत बने रहने के संकेत हैं। इंडेक्स अप्रैल के अपने उच्चतम स्तर से ऊपर बंद हुआ और सभी अहम’मूविंग एवरेज’से काफी ऊपर टिका रहा। 20-दिन का EMA, 50-दिन के EMA के ऊपर चला गया है,जबकि 10-दिन का EMA, 200-दिन के EMA के ऊपर जाने की कगार पर है। RSI बढ़कर 69.15 पर पहुंच गया और MACD में बुलिश क्रॉसओवर बना रहा,साथ ही हरे हिस्टोग्राम बार भी बढ़ते रहे। ये सभी इंडिकेटर बैंकिंग इंडेक्स में लगातार मजबूती और पॉजिटिव मोमेंटम की ओर इशारा करते हैं।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

17 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट खरीदार रहे। इन्होनें 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर खरीदे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) भी नेट खरीदार बने रहे और उन्होंने सेशन के दौरान 1,561 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार को सहारा दिया।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में 1.31% की गिरावट आई और यह 13.19 पर बंद हुआ। यह 26 फरवरी के बाद का इसका सबसे निचला क्लोजिंग लेवल है,जो दिखाता है कि तेजी की उम्मीद रखने वाले निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। VIX में लगातार गिरावट से बाजार के लोगों का भरोसा और बढ़ने और अनिश्चितता कम होने की उम्मीद है।

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पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 17 जून को पिछले सेशन के 1.08 से बढ़कर 1.1 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

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