Max Healthcare Share Price: 6% उछलकर निफ्टी का टॉप गेनर बना शेयर, सिटी हुआ बुलिश, दिया ‌₹1,240 का टारगेट प्राइस

Max Healthcare Share Price: हेल्थकेयर सेक्टर की दिग्गज कंपनी मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट (Max Healthcare) के शेयर गुरुवार 18 जून को 6 फीसदी की तेजी देखने को मिली और यह निफ्टी 50 पर टॉप गेनर बना। दोपहर के ट्रेड में मैक्स हेल्थकेयर का स्टॉक 1,088 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जिससे हॉस्पिटल ऑपरेटर की वैल्यू लगभग 1.05 लाख करोड़ रुपये हो गई। यह रैली बड़े मार्केट से काफी आगे निकल गई, उस समय निफ्टी 50 0.12 फीसदी की तेजी दिखा रहा था।

बता दें कि सिटी ने पिछले साल स्टॉक में करेक्शन के बाद एक फेवरेबल रिस्क-रिवॉर्ड प्रोफाइल पर जोर दिया और अगले कई सालों में मजबूत अर्निंग्स ग्रोथ का अनुमान लगाया। सिटी ने मैक्स हेल्थकेयर स्टॉक पर 1,240 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखी। ब्रोकरेज ने कहा कि पिछले साल स्टॉक में लगभग 18 फीसदी की गिरावट आई है, जिससे वैल्यूएशन हिस्टोरिकल एवरेज पर वापस आ गए हैं।

सिटी के मुताबिक, वैल्यूएशन करेक्शन से स्टॉक का अट्रैक्शन बेहतर हुआ है, ऐसे समय में जब कंपनी मीडियम-टर्म में मज़बूत ग्रोथ प्रोफाइल दे रही है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि मैक्स हेल्थकेयर FY26 और FY30 के बीच 20 परसेंट EBITDA कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देगी, जिसे कैपेसिटी बढ़ाने और इसके हॉस्पिटल नेटवर्क में ग्रोथ से सपोर्ट मिलेगा।

सिटी को FY27 में लगभग 15 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है और कहा कि FY28 में ग्रोथ और तेज़ हो सकती है क्योंकि एक्सपेंशन के काम ज़्यादा असरदार तरीके से होने लगेंगे। हालांकि, ब्रोकरेज ने एग्ज़िक्यूशन में देरी को एक बड़ा रिस्क बताया है जो ग्रोथ की रफ़्तार पर असर डाल सकता है।

मैक्स हेल्थकेयर के अपने फिस्कल चौथी तिमाही के रिज़ल्ट बताने के कुछ हफ़्ते बाद ब्रोकरेज की यह पॉज़िटिव कमेंट्री आई है। कंपनी ने Q4 FY26 के लिए नेट प्रॉफ़िट में साल-दर-साल 3 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 387 करोड़ रुपये पोस्ट किया, जबकि रेवेन्यू 10 फीसदी बढ़कर 2,664 करोड़ रुपये हो गया।

रेवेन्यू ग्रोथ मुख्य रूप से ज़्यादा पेशेंट थ्रूपुट की वजह से हुई, जिसमें एक साल पहले की तुलना में ऑक्यूपाइड बेड डेज़ में 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। पूरे नेटवर्क में बेड ऑक्यूपेंसी 75 फीसदी पर स्थिर रही, जो हेल्थकेयर सर्विसेज़ की लगातार डिमांड को दिखाता है।

हालांकि, एनालिस्ट्स ने अर्निंग्स परफॉर्मेंस को मिला-जुला माना। वॉल्यूम ग्रोथ अच्छी रही, लेकिन एग्रेसिव हायरिंग और चल रही कैपेसिटी बढ़ाने की वजह से मार्जिन पर दबाव आया। नतीजों के बाद स्टॉक में गिरावट आई थी क्योंकि अर्निंग्स एनालिस्ट्स के अनुमान से कम रही थीं।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ के एनालिस्ट्स ने अर्निंग्स मिस का कारण ज़्यादातर ज़्यादा टैक्स रेट बताया था, हालांकि ब्रोकरेज ने कहा कि ऑपरेटिंग ट्रेंड्स मोटे तौर पर स्थिर रहे।

NSE IPO: दमानी, मुंजाल, गोपालकृष्णन की जेब में आ सकते हैं करोड़ों रुपये, यहां देखें शेयरहोल्डर्स की पूरी लिस्ट

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एनएसई के आईपीओ से कई शेयरहोल्डर्स को मोटी कमाई हो सकती है। इनमें कई दिग्गज इनवेस्टर्स और बड़े उद्योगपति शामिल हैं। इनमें डीमार्ट के प्रमोटर राधाकिशन दमानी, हीरो ग्रुप के फाउंडर सुनील कांत मुंजाल, इंफोसिस के को-फाउंडर एस गोपालकृष्णन, डीमार्ट के पूर्व सीईओ और एमडी ग्नाटियस नविल नोरोन्हा और दिग्गज इनवेस्टर डॉली खन्ना शामिल हैं।

अनलिस्टेड मार्केट में एनएसई के शेयर की कीमत 2000 रुपये से ऊपर चल रही है। दमानी की एनएसई में 1.58 फीसदी हिस्सेदारी है। इसकी वैल्यू करीब 7,817 करोड़ रुपये है। इसका मतलब है कि एनएसई के शेयर बेचने से उन्हें बड़ा मुनाफा होगा। उन्होंने ये शेयर किस भाव पर लिए थे, यह जानकारी एनएसई के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में नहीं है।

सुनील कांत मुंजाल की एनएसई में करीब 0.41 फीसदी हिस्सेदारी है। उनके पास एनएसई के 1.02 करोड़ शेयर हैं। इन शेयरों की वैल्यू करीब 2,040 करोड़ रुपये है। गोपालकृष्णन के पास एनएसई के 94.29 लाख शेयर हैं। इनकी वैल्यू 1,886 करोड़ रुपये है। नोरोन्हा के पास एनएसई के 30 लाख शेयर हैं, जिनकी वैल्यू 600 करोड़ रुपये है।

डॉली खन्ना के पास एनएसई के 15.17 लाख शेयर हैं, जिनकी वैल्यू 303 करोड़ रुपये है। सिद्धार्थ बालाचंद्रन की एनएसई में करीब 0.38 फीसदी हिस्सेदारी है, जिनकी वैल्यू 1,863 करोड़ रुपये है। दिग्गज इनवेस्टर वनाजा सुंदर अय्यर के पास 44 लाख शेयर हैं, जिनकी वैल्यू 880 करोड़ रुपये है।

एनएसई के शेयर रखने वाले निवेशकों की लिस्ट काफी बड़ी है। ऐसे एक दर्जन से ज्यादा इनवेस्टर्स हैं, जिनकी एनएसई में 0.05 से 0.30 फीसदी तक हिस्सेदारी है। इनकी वैल्यू 140 करोड़ रुपये से 300 करोड़ रुपये के बीच है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन निवेशकों की हिस्सेदारी की फाइनल वैल्यूएशन का पता आईपीओ में शेयर का प्राइस बैंड तय होने के बाद चलेगा। लेकिन, सेबी के पास फाइल डीआरएचपी से यह संकेत मिलता है कि इन शेयरों को काफी कम कीमत पर खरीदा गया था।

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की एनएसई में सबसे ज्यादा 10.7 फीसदी हिस्सेदारी है। उसके पास एनएसएई के 26.5 करोड़ शेयर हैं। इसकी कीमत 50,641 करोड़ रुपये है। एनएसई ने सेबी के पास डीआरएचपी 17 जून को फाइल कर दिया। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा।

ओएफएस का मतलब है कि इस आईपीओ में एनएसई इनवेस्टर्स को नए शेयर एलॉट नहीं करेगी। शेयरहोल्डर्स एक्सचेंज के करीब 6 फीसदी शेयर बेचेंगे। करीब 30,000 करोड़ रुपये का एनएसई का आईपीओ भारत का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। अभी सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड ह्यूंडई मोटर के नाम है। उसने 2024 में 27,000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था।