लखनऊ कैफे ऑनर मर्डर केस : पुलिस महकमे में भूचाल! DCP, ACP और SO पर गिरी गाज, फरार मॉडल श्रद्धा पर 25 हजार का इनाम

लखनऊ कैफे ऑनर मर्डर केस : पुलिस महकमे में भूचाल! DCP, ACP और SO पर गिरी गाज, फरार मॉडल श्रद्धा पर 25 हजार का इनाम

Lucknow Cafe Owner Shiva Sharma Case

Lucknow Cafe Owner Shiva Sharma Case: नवाबों के शहर लखनऊ में 28 वर्षीय कैफे मालिक शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब सिर्फ एक क्राइम स्टोरी नहीं, बल्कि खाकी के लिए साख का सवाल बन चुका है। घटना के 10वें दिन भी आरोपी फैशन मॉडल श्रद्धा दुबे पुलिस की पकड़ से बाहर है, वहीं दूसरी तरफ इस हाई-प्रोफाइल केस में लापरवाही और गाज गिरने का बड़ा दौर शुरू हो गया है। सोमवार को प्रशासनिक फेरबदल करते हुए लखनऊ के डीसीपी, एसीपी और हजरतगंज थाना प्रभारी को उनके पदों से हटा दिया गया है। 25 हजार की इनामी मॉडल का एक सनसनीखेज इंटरव्यू वीडियो भी सामने आया है, जिसने पूरी जांच की दिशा ही मोड़ दी है।

क्या है पूरा मामला?

5वीं मंजिल से रहस्यमयी मौत या हत्या? : बीती 9 अक्टूबर को हजरतगंज के बालू अड्डा इलाके के ‘अवध ग्रीन अपार्टमेंट’ से गिरकर कैफे मालिक शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। शुरुआती तौर पर इसे हादसा या खुदकुशी माना जा रहा था, लेकिन मृतक की मां रंजना शर्मा के बयानों और साक्ष्यों ने पुलिस की थ्योरी बदल दी। मां का आरोप है कि शिवा की लिव-इन पार्टनर व फैशन मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और साथियों ने शिवा को बेरहमी से पीटा, प्रताड़ित किया और बालकनी से नीचे फेंक दिया।

पुलिस अफसरों का तबादला

मामले में लापरवाही और जांच में देरी की सुगबुगाहट के बीच शासन ने सख्त कदम उठाया है। डीसीपी (मध्य) विक्रांत वीर को यूपी पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। एसीपी रजनीश वर्मा को क्राइम ब्रांच में भेज दिया गया। हजरतगंज थाना प्रभारी (SO) विक्रम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

फरार मॉडल का ‘इंटरव्यू बम’ और आत्महत्या का दावा

जब पुलिस मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और सहयोगी दानिश की तलाश में नेपाल बॉर्डर तक खाक छान रही है, तभी श्रद्धा का एक रिकॉर्डेड इंटरव्यू सामने आया। वीडियो में उसने खुद को बेकसूर बताते हुए दावा किया कि शिवा पर 15-20 लाख रुपए का कर्ज था और उसने आर्थिक तंगी में आत्महत्या की है।

 

उसने कहा- घटना वाले दिन शिवा ने खुद को बाथरूम में बंद किया और अचानक बालकनी से छलांग लगा दी। श्रद्धा ने कहा कि मैं भगोड़ी नहीं हूं, पुलिस के सामने सच रखूंगी। साथ ही सोशल मीडिया पर एक ऑडियो भी वायरल हुआ, जिसमें शिवा कथित तौर पर श्रद्धा के 6 लाख के गहने बेच देने की बात मान रहा है।

नेपाल भागने की आशंका और पुलिस का शिकंजा

श्रद्धा का महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन वाहन बहराइच के रूपईडीहा में लावारिस हालत में मिला है, जो नेपाल सीमा से महज 1 किलोमीटर दूर है। पुलिस को अंदेशा है कि आरोपी नेपाल सीमा पार कर चुके हैं। तीनों मुख्य आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया गया है। फिलहाल, शिवा के परिजनों की मांग है कि जब आरोपी बेकसूर है, तो वह पुलिस के सामने आने के बजाय क्यों भाग रही है?

बेटियों के पांव पखार सीएम योगी ने की मातृ शक्ति की आराधना

बेटियों के पांव पखार सीएम योगी ने की मातृ शक्ति की आराधना

मातृ शक्ति के प्रति अगाध श्रद्धा रखने और उनके सम्मान व स्वावलंबन के लिए अनेक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने वाले मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि पर गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुरूप कन्या पूजन किया। गोरखनाथ मंदिर में आयोजित इस अनुष्ठान में गोरक्षपीठाधीश्वर ने नौ दुर्गा स्वरूपा कन्याओं के पांव पखारे। उनका विधि विधान से पूजन किया, चुनरी ओढ़ाई, आरती उतारी और श्रद्धापूर्वक भोजन कराया। दक्षिणा व उपहार देकर उनका आशीर्वाद भी लिया। मुख्यमंत्री ने परंपरा का निर्वहन करते हुए बटुक पूजन भी किया।

पीतल की परात में पखारे पांव

गोरक्षपीठाधीश्वर ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गोरखनाथ मंदिर के अन्न क्षेत्र के प्रथम तल स्थित भोजन कक्ष में पीतल की परात में जल से नौ नन्ही बालिकाओं के पांव धोए। श्रीदुर्गासप्तशती के मंत्रों की गूंज के बीच उनके माथे पर रोली, चंदन, दही, अक्षत आदि का तिलक लगाया। पुष्प और शक्तिपीठ की वेदी पर उगाए गए जौ के ज्वारे से उनका अभिषेक किया। माला पहनाकर, चुनरी ओढ़ाकर, उपहार एवं दक्षिणा प्रदान कर आशीर्वाद लिया। 

कन्याओं व बटुकों की उतारी आरती

सीएम योगी ने पूजन के बाद कन्याओं और बटुकों को मंदिर की रसोई में पकाया गया ताजा भोजन प्रसाद अपने हाथों से परोसा। नौ कन्याओं के अतिरिक्त बड़ी संख्या में पहुंची बालिकाओं और बटुकों का भी मुख्यमंत्री ने पूजन कर आरती उतारी। अन्न क्षेत्र के प्रथम तल के साथ ही भूतल पर भी कन्या भोज की व्यवस्था की गई थी। भोज में सभी कन्याओं और बटुकों को श्रद्धापूर्वक भोजन कराकर उपहार व दक्षिणा दी गई।

स्नेह व सत्कार का संगम

बच्चों से विशेष लगाव रखने वाले मुख्यमंत्री का प्यार-दुलार पाने के लिए नन्ही बालिकाओं व बटुकों की आतुरता देखते ही बन रही थी। सत्कार और स्नेह के भाव से मुख्यमंत्री ने एक-एक कर नौ कन्याओं व बटुक भैरव के पांव पखारे और पूजन किया। इसके बाद कन्याओं व बटुकों को स्वयं अपने हाथों से भोजन परोसते समय सीएम योगी निरंतर उनसे आत्मीय संवाद भी करते रहे। यह भी ख्याल रखते रहे कि किसी भी कन्या या बटुक की थाली में प्रसाद की कोई कमी न रहे। इसे लेकर वह मंदिर की व्यवस्था से जुड़े लोगों को भी निर्देशित करते रहे। 

 

कन्या पूजन के दौरान गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास सहित कई साधु-संत उपस्थित रहे। सीएम योगी ने कन्या पूजन से पूर्व सोमवार प्रातःकाल के पूजन सत्र में मंदिर के शक्तिपीठ में मां सिद्धिदात्री की विधि-विधान से आराधना भी की।

Tiger Shroff Firing Case में मुंबई पुलिस का बड़ा खुलासा, प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा

Tiger Shroff Firing Case में मुंबई पुलिस का बड़ा खुलासा, प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा

Tiger Shroff Firing Case

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच कर रही है।

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पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद आरोपी नेपाल भागने की फिराक में थे। हालांकि, आरोपियों की उम्र को लेकर सामने आई जानकारी में बाद में बदलाव हुआ है। मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी नाबालिग नहीं हैं।

 

यह घटना 18 अक्टूबर 2026 की शाम को हुई थी। टाइगर श्रॉफ एक फुटबॉल ग्राउंड से निकल रहे थे, तभी बाइक सवार तीन लोग वहां पहुंचे। इनमें से दो लोगों ने अभिनेता की कार पर कथित तौर पर गोलीबारी की और इसके बाद मौके से फरार हो गए। घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए। शुरुआती रिपोर्टों में उनके ड्राइवर और एक ऑटो रिक्शा चालक के घायल होने की जानकारी भी सामने आई थी।

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कोटा रेलवे स्टेशन से पकड़े गए तीन आरोपी

 

मुंबई पुलिस और राजस्थान पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कोटा रेलवे स्टेशन से तीन संदिग्धों को पकड़ा। इस ऑपरेशन में राजस्थान पुलिस के साथ एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने भी सहयोग किया।

 

पुलिस के अनुसार, आरोपियों को पकड़ने के लिए कई विशेष टीमें गठित की गई थीं। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और जमीनी स्तर पर की गई पड़ताल की मदद ली। जांच में आरोपियों की गतिविधियों का पता अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन से लेकर मुंबई के उत्तरी हिस्से और फिर सूरत तक लगाया गया। इसके बाद उनके पुणे-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होने की जानकारी मिली। आगे की कार्रवाई में कोटा पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

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कौन हैं पकड़े गए आरोपी?

 

शुरुआती जानकारी में तीन संदिग्धों में से एक की उम्र 17 साल बताई गई थी। वहीं, अन्य दो की पहचान बिहार के बेगूसराय निवासी 22 वर्षीय ऋतिक कुमार उर्फ रोशन और हरियाणा के सोनीपत निवासी 18 वर्षीय रेहान के रूप में बताई गई। हालांकि, मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बाद में स्पष्ट किया कि इस मामले में पकड़े गए तीनों आरोपी नाबालिग नहीं हैं। पुलिस के मुताबिक, एक आरोपी की उम्र 18 साल और बाकी दो की उम्र 22 साल है। इस तरह आरोपियों की उम्र को लेकर शुरुआती रिपोर्टों और पुलिस के बाद के बयान में अंतर सामने आया है।

 

नेपाल भागने की फिराक में थे आरोपी

 

मुंबई पुलिस ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि फायरिंग के बाद आरोपी नेपाल भागने की योजना बना रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात के पीछे किसका हाथ था और आरोपियों को किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह से निर्देश मिले थे या नहीं। मुंबई पुलिस ने कहा कि आरोपियों को मुंबई लाने की प्रक्रिया जारी है। इस कार्रवाई में दिल्ली, गुजरात और राजस्थान पुलिस भी सहयोग कर रही हैं।

 

जांच के लिए बनाई गईं करीब 20 विशेष टीमें

 

मुंबई पुलिस के डीसीपी राज तिलक रौशन के मुताबिक, रविवार शाम करीब सात बजे बाइक पर तीन लोग आए थे। इनमें से दो ने टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की और इसके बाद फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आरोपियों का पता लगाने के लिए करीब 20 विशेष टीमें बनाई थीं।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जानकारी और स्थानीय स्तर पर जुटाए गए सुरागों की मदद से उनकी आवाजाही का पता लगाया। पुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से संबंधित धाराएं लगाई हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

 

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिया कार्रवाई का भरोसा

 

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने टाइगर श्रॉफ से बात कर मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को ढूंढ निकाला जाएगा और इस तरह की वारदातों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फडणवीस के मुताबिक, आरोपियों के महाराष्ट्र के बाहर से, संभवतः विदेश से, काम करने की आशंका की भी जांच की जा रही है। इसके लिए अन्य राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय किया जाएगा।

 

अब आगे क्या करेगी पुलिस?

 

फिलहाल पुलिस आरोपियों को मुंबई लाने, फायरिंग के पीछे की वजह का पता लगाने और संभावित साजिश की जांच में जुटी है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक और हथियार कहां से आए तथा आरोपियों को किसने मदद पहुंचाई। पुलिस की जांच पूरी होने और आधिकारिक तौर पर अधिक जानकारी सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

Electric Scooter : सस्ते स्कूटर की होने वाली है धमाकेदार इंट्री, जान लीजिए फीचर्स, और क्या हो सकती है कीमत

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aprila scooter

इटली की वाहन निर्माता कंपनी पियाजियो ग्रुप (Piaggio Group) भारतीय बाजार में अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटर रेंज का विस्तार करने की तैयारी कर रही है। कंपनी भारत के लिए एक नया स्कूटर प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है, जिस पर पेट्रोल और इलेक्ट्रिक दोनों तरह के स्कूटर तैयार किए जाएंगे। कंपनी की योजना इस नई रेंज को 2027 में अप्रिलिया (Aprilia) ब्रांड के तहत लॉन्च करने की है। इसकी शुरुआती कीमत करीब 85,000 रुपये (एक्स-शोरूम) हो सकती है।

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पियाजियो व्हीकल्स के चेयरमैन, सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर डिएगो ग्राफी ने नई स्कूटर रेंज की योजनाओं की पुष्टि की है। कंपनी के मुताबिक, इस रेंज में इलेक्ट्रिक स्कूटर के साथ 125cc पेट्रोल इंजन वाला मॉडल भी शामिल होगा। इनकी कीमत 85,000 रुपये से लेकर 1.30 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच रखी जा सकती है। इस रेंज के ऊंचे कीमत वाले मॉडल प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर होंगे।

 

₹85,000 से ₹1.30 लाख के बीच होगी कीमत

 

कंपनी का लक्ष्य भारतीय बाजार में उन ग्राहकों को आकर्षित करना है, जो किफायती कीमत पर नया पेट्रोल या इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना चाहते हैं। डिएगो ग्राफी के मुताबिक, कंपनी 85,000-90,000 रुपये की शुरुआती कीमत से लेकर 1.20-1.30 लाख रुपये तक के सेगमेंट को ध्यान में रखकर उत्पाद पेश करेगी। इस रेंज में अधिक कीमत वाले प्रीमियम इलेक्ट्रिक वेरिएंट भी शामिल होंगे।

 

कंपनी पिछले कुछ वर्षों से भारत के लिए इस नए प्लेटफॉर्म पर काम कर रही है। यह प्लेटफॉर्म भारत में पियाजियो की विस्तार योजनाओं का अहम हिस्सा है। इसके जरिए कंपनी पेट्रोल स्कूटर के साथ इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के बाजार में भी अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है।

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इलेक्ट्रिक और पेट्रोल दोनों स्कूटर के लिए बनेगा नया प्लेटफॉर्म

 

पियाजियो का नया प्लेटफॉर्म खासतौर पर भारतीय बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। कंपनी ने इसे शुरुआत से ही इलेक्ट्रिक और पेट्रोल, दोनों तरह के स्कूटरों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है।

 

आमतौर पर कंपनियां अपने मौजूदा पेट्रोल स्कूटर प्लेटफॉर्म में बदलाव करके इलेक्ट्रिक मॉडल तैयार करती हैं। हालांकि, पियाजियो का कहना है कि उसका नया प्लेटफॉर्म शुरुआत से ही इलेक्ट्रिक पावरट्रेन को समायोजित करने के लिए तैयार किया गया है। इससे लागत, परफॉर्मेंस और ड्राइविंग रेंज के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद मिल सकती है।

 

कंपनी भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन उद्योग से जुड़े नए घटनाक्रमों पर भी नजर रख रही है। इनमें दिल्ली की घोषित ईवी पॉलिसी 2026 भी शामिल है। हालांकि, पियाजियो की रणनीति किसी एक राज्य तक सीमित रहने के बजाय पूरे भारतीय बाजार को ध्यान में रखकर स्कूटर लॉन्च करने की है।

 

Vespa ब्रांड के तहत फिलहाल नहीं आएगा इलेक्ट्रिक स्कूटर

 

पियाजियो ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल वेस्पा (Vespa) ब्रांड के तहत इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च करने की उसकी योजना नहीं है। कंपनी के मुताबिक, मौजूदा कॉन्फिगरेशन में किफायती कीमत के साथ अपेक्षित रेंज और परफॉर्मेंस हासिल करना चुनौतीपूर्ण है।

 

इसी वजह से कंपनी नए प्लेटफॉर्म पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसे इलेक्ट्रिक स्कूटर की जरूरतों के मुताबिक तैयार किया जा रहा है। कंपनी का उद्देश्य लागत को नियंत्रित रखते हुए बेहतर परफॉर्मेंस, पर्याप्त रेंज और ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप उत्पाद तैयार करना है।

 

भारत से दूसरे देशों में भी निर्यात करेगी कंपनी

 

पियाजियो भारत को सिर्फ घरेलू बिक्री का बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक उत्पादन और निर्यात केंद्र के रूप में भी विकसित करना चाहती है। कंपनी के महाराष्ट्र स्थित बारामती प्लांट में बनने वाले कुल दोपहिया वाहनों में से फिलहाल लगभग 10-20 प्रतिशत का निर्यात विभिन्न देशों में किया जाता है।

 

कंपनी का लक्ष्य इस हिस्सेदारी को बढ़ाकर कम से कम 50 प्रतिशत तक पहुंचाना है। यानी भारत में बनने वाले उसके कुल दोपहिया वाहनों का आधा हिस्सा घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात के लिए तैयार करने की योजना है।

 

भारत में निर्मित अप्रिलिया RS 457 और Tuono 457 पहले से ही कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात किए जाते हैं। कंपनी भविष्य में आने वाले मॉडलों के साथ भी इसी रणनीति को अपनाना चाहती है।

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यूरोप में भी बिकेंगे नए स्कूटर

 

डिएगो ग्राफी के मुताबिक, विकास के चरण में मौजूद नए इलेक्ट्रिक और पेट्रोल स्कूटर सिर्फ भारत के लिए नहीं होंगे। इनके समान वेरिएंट यूरोप के बाजारों में भी निर्यात किए जाएंगे।

 

इस तरह पियाजियो की आगामी स्कूटर रेंज भारतीय ग्राहकों के लिए किफायती विकल्प उपलब्ध कराने के साथ-साथ कंपनी की वैश्विक विस्तार रणनीति का भी हिस्सा होगी। हालांकि, इन स्कूटरों के अंतिम डिजाइन, फीचर्स, बैटरी क्षमता, वास्तविक रेंज और लॉन्च की सटीक तारीख की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

 

कानपुर में नकली सीमेंट का कारोबार! तीन वर्षों में 11 लाख बोरी नकली सीमेंट की सप्लाई

कानपुर में नकली सीमेंट का कारोबार! तीन वर्षों में 11 लाख बोरी नकली सीमेंट की सप्लाई

Kanpur fake cement factory

Kanpur fake cement factory: औद्योगिक नगरी कानपुर के पनकी में नकली सीमेंट फैक्ट्री के खुलासे ने प्रदेश भर के निर्माण तंत्र और प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। नामी कंपनियों की साख की आड़ में पिछले तीन सालों से चल रहे इस अवैध खेल में न सिर्फ 10 लाख से अधिक बोरियां खपाए जाने का संगीन आरोप है, बल्कि इसके तार मेरठ से लेकर सीएम ग्रिड और लखनऊ एयरपोर्ट जैसे हाई-प्रोफाइल निर्माण कार्यों तक जुड़ने के दावे सामने आ रहे है। अब योगी सरकार के एक्शन का इंतजार है।

 

यूपी के कानपुर में SOG और स्थानीय पुलिस ने पनकी थाना क्षेत्र के इस्पात नगर में छापेमारी कर नामी ब्रांडों (ACC और अंबुजा) के नाम पर नकली सीमेंट बनाने वाली एक विशाल अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। जांच में सामने आया है कि इस सिंडिकेट ने पिछले 3 वर्षों में करीब 10.80 लाख बोरी नकली सीमेंट उत्तर प्रदेश के कई जिलों और बड़े सरकारी व निजी प्रोजेक्ट्स में सप्लाई की है। इस पूरे मामले में एक स्थानीय भाजपा नेता द्वारा आरोपियों को संरक्षण देने के भी गंभीर आरोप लग रहे हैं। 

कैसे हुआ इस बड़े खेल का खुलासा?

अडानी ग्रुप की कानपुर शाखा के सीनियर सेल्स मैनेजर मुमताजुल हक को जब अचानक अपने ब्रांड्स की बिक्री में भारी गिरावट महसूस हुई, तो कंपनी की विजिलेंस टीम ने पिछले 15 दिनों से निजी स्तर पर खुफिया जांच शुरू की। कंपनी की पुख्ता शिकायत मिलने पर कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के निर्देश पर SOG और स्थानीय पुलिस की टीम ने पनकी के इस्पात नगर स्थित गोदाम पर अचानक छापेमारी कर इस अवैध सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर दिया। छापेमारी के दौरान मौके से 1000 से अधिक भरी हुई नकली बोरियां, 3000 खाली बोरियां, अत्याधुनिक पैकिंग मशीनें और नकली सीमेंट से लदे दो ट्रक जब्त किए गए। 

​महज 30 रुपए की लागत और मुनाफा… 

​पुलिस जांच में सामने आया है कि यह सिंडिकेट बेहद शातिर तरीके से लोगों की जान और सरकारी संपत्ति के साथ खिलवाड़ कर रहा था। यह गैंग बुंदेलखंड इलाके से खराब और एक्सपायर्ड हो चुकी सीमेंट को महज ₹10 से ₹20 प्रति बोरी की दर से खरीदता था। मेरठ के सप्लायरों (सुनील मित्तल और निशांत मित्तल) की मदद से इस पुराने माल को मशीनों में दोबारा पीसकर, उसमें हानिकारक केमिकल्स और थोड़ी असली सीमेंट मिलाकर नामी कंपनियों के ब्रांडेड बैगों में पैक किया जाता था।

 

​मोटा मुनाफा : महज ₹30 की लागत में तैयार होने वाली इस जानलेवा नकली सीमेंट की बोरी को बाजार में असली बताकर ₹250 से ₹280 में बेचा जा रहा था। गिरोह हर महीने करीब 30,000 से ज्यादा बोरियां बाजार में खपा रहा था। 

Kanpur fake cement factory

​बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स पर मंडराया खतरा!

​इस खुलासे के बाद सबसे बड़ा सवाल प्रदेश के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर उठ रहा है। जांच में सामने आया है कि ​CM ग्रिड सड़क योजना के तहत बन रही महत्वपूर्ण सड़कों में भी इसी घटिया सीमेंट का इस्तेमाल किया गया है। ​लखनऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नए टर्मिनल के निर्माण कार्यों में भी इस नकली सीमेंट की भारी सप्लाई किए जाने का गंभीर दावा किया गया है।

​पुलिसिया कार्रवाई और गरमाई सियासत

​पुलिस ने फैक्ट्री के मुंशी/सुपरवाइजर राहुल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, मुख्य संचालक भाई नीरज गुप्ता और धीरज गुप्ता अपने दो अन्य साझेदारों के साथ फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है, इंतजार योगी सरकार के बड़े एक्शन का है।

 

​इस खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार को घेरते हुए कड़ा तंज कसा है कि भाजपा का भ्रष्टाचार देश और प्रदेश की नींव को कमजोर कर रहा है। साथ ही, कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे जैसे प्रोजेक्ट्स में भी इस सीमेंट के इस्तेमाल की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है।

Weather Update : उत्तर भारत में हल्की ठंडक, दक्षिण में भारी बारिश का अलर्ट, कैसा है मुंबई का मौसम?

Weather Update : उत्तर भारत में हल्की ठंडक, दक्षिण में भारी बारिश का अलर्ट, कैसा है मुंबई का मौसम?

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Weather Update 19 October: देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। उत्तर भारत में जहां सुबह-शाम गुलाबी ठंडक ने दस्तक दे दी है, वहीं पश्चिमी भारत (विशेषकर मुंबई) में गर्मी और उमस परेशान कर रही है। इसके साथ ही, दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। आइए जानते हैं देश भर के प्रमुख शहरों और क्षेत्रों के मौसम का ताजा हाल:

 

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु के तटों पर चक्रवाती परिसंचरण का क्षेत्र बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, 19 से 25 अक्तूबर तक हिमाचल प्रदेश में बारिश या बर्फबारी का पूर्वानुमान नहीं है। अगले 4-5 दिनों में कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।

 

दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में हल्की ठंडक

राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में मौसम सुहाना बना हुआ है। राजधानी में आज आसमान साफ है। अधिकतम तापमान 31°C से 33°C और न्यूनतम तापमान 18°C से 20°C के बीच रहने का अनुमान है। सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस हो सकती है, जबकि दिन में खिली हुई धूप निकलेगी। बारिश की संभावना फिलहाल बहुत कम है।

 

मुंबई और पश्चिमी भारत में गर्मी के तेवर तीखे

गर्मी और उमस से लोग परेशान पश्चिमी भारत और खासकर मुंबई में गर्मी के तेवर अभी भी तीखे बने हुए हैं। अधिकतम तापमान 35°C से 36°C के आसपास दर्ज किया जा सकता है, जिससे गर्मी और उमस अधिक रहेगी। न्यूनतम तापमान लगभग 27°C के आसपास रह सकता है।

 

दक्षिण भारत: भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

दक्षिण भारत के राज्यों में मानसूनी गतिविधियां या मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं, जिसके चलते मौसम विभाग ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने की सलाह दी गई है।

 

मध्य प्रदेश में कैसा है मौसम?

मौसम विभाग (IMD) द्वारा मध्य प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई थी। इसके चलते इंदौर समेत कुछ जगहों पर छिटपुट गतिविधियां देखने को मिलीं।

महानिशा पूजन कर सीएम योगी ने की जगत कल्याण की प्रार्थना

महानिशा पूजन कर सीएम योगी ने की जगत कल्याण की प्रार्थना

CM Yogi Mahanisha Pujan Mahashtami

शारदीय नवरात्र की पावन महाष्टमी तिथि पर रविवार रात गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरक्षपीठ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से महानिशा पूजन व हवन किया। महानिशा पूजन अनुष्ठान से पूर्व उन्होंने जगतजननी मां आदिशक्ति के अष्टम स्वरूप मां महागौरी की आराधना की। दो घंटे से अधिक समय तक चले अनुष्ठान में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और चराचर जगत के कल्याण की प्रार्थना की।

 

​रविवार को गोरखपुर आगमन के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। परंपरा का निर्वहन करते हुए उन्होंने सबसे पहले शिवावतार बाबा गोरखनाथ के मुख्य मंदिर में जाकर विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर शीश नवाकर उनका आशीर्वाद लिया। देर शाम से रात तक वह महानिशा पूजा में लीन रहे।

CM Yogi Mahanisha Pujan Mahashtami

गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में महानिशा पूजा का अनुष्ठान गोरक्षपीठाधीश्वर के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ। उनके गर्भगृह में प्रवेश करते ही शक्तिपीठ वैदिक मंत्रोच्चार और मां भगवती के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। दो घंटे से अधिक चले अनुष्ठान में गोरक्षपीठाधीश्वर ने गौरी गणेश पूजन, वरुण पूजन, पीठ पूजन, यंत्र पूजन, मां दुर्गा का विधिवत् पूजन, भगवान राम-माता सीता-लक्ष्मण जी का षोडशोपचार पूजन, भगवान कृष्ण एवं गोमाता का पूजन, नवग्रह पूजन, विल्व पूजन,अधिष्ठात्री देवता पूजन, शस्त्र पूजन, द्वादश ज्योर्तिलिंग-अर्धनारीश्वर एवं शिव-शक्ति पूजन, बटुक भैरव, काल भैरव तथा त्रिशूल पर्वत पूजन किया। साथ ही हवन की वेदी पर ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र और अग्नि देवता का आह्वान कर पूजन किया और शक्तिपीठ में स्थापित वेदी पर उगे जौ के पौधों को काटकर आदिशक्ति मां दुर्गा से समस्त नागरिकों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। 

 

गोरक्षपीठाधीश्वर ने हवन के साथ महानिशा पूजा का अनुष्ठान पूर्ण किया। सम्पूर्ण अनुष्ठान श्रीदुर्गासप्तसती के पाठ एवं वैदिक मंत्रों के साथ संपन्न हुआ। अंत में आरती एवं क्षमा याचना के बाद प्रसाद वितरित हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गोरखनाथ मंदिर में भक्तगण भी उपस्थित रहे।

Gwalior Accident: CM मोहन यादव ने किया मुआवजे का ऐलान, मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख और घायलों को ₹2 लाख

Gwalior Accident: CM मोहन यादव ने किया मुआवजे का ऐलान, मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख और घायलों को ₹2 लाख

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्वालियर में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात हुए ट्रक हादसे में श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत ही हृदयविदारक है। दुःख की इस घड़ी में राज्य सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ है। मुख्यमंत्री ने सभी मृतकों के परिजनों के प्रति आत्मीय संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘एक्स’ पर कहा कि राज्य शासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 2-2 लाख रूपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। सभी घायलों का नि:शुल्क उपचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवार ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर से हैं। मंत्रीद्वय एदल सिंह कंषाना और राकेश शुक्ला को यथाशीघ्र ग्वालियर पहुंचने के निर्देश भी दिए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगतों को अपने श्रीचरणों में स्थान देने एवं शोकाकुल परिजनों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति देने एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने की प्रार्थना की है।

राहुल गांधी के खिलाफ महिला पत्रकार ने दर्ज कराई शिकायत, जानें सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे इस पूरे मामले की असल वजह

राहुल गांधी के खिलाफ महिला पत्रकार ने दर्ज कराई शिकायत, जानें सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे इस पूरे मामले की असल वजह

Rahul Gandhi Female Journalist Complaint

Rahul Gandhi Female Journalist Complaint: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के विरोध मार्च की कवरेज कर रही एक महिला पत्रकार के साथ अभद्रता और धक्का-मुक्की का मामला अब कानूनी रूप से तूल पकड़ता जा रहा है। पत्रकार ऋचा पाराशर ने नई दिल्ली के डीसीपी कार्यालय पहुंचकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, दूसरी ओर यह मामला कोर्ट के दरवाजे तक पहुंच गया है।

क्या हैं महिला पत्रकार के आरोप?

पत्रकार ऋचा पाराशर ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि 12 अक्तूबर 2026 को जब वह इंडिया ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट मार्च को कवर कर रही थीं, तब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उनका हाथ या कंधा पकड़कर पीछे की तरफ खींचा। इसके तुरंत बाद उनके सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें धक्का दे दिया, जिससे वह सड़क पर गिर गईं और उनका मोबाइल फोन भी क्षतिग्रस्त हो गया। पत्रकार ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि वह तीन महीने की गर्भवती हैं। अचानक गिर जाने के कारण उन्हें पेट में गंभीर दर्द उठा और शरीर पर अन्य चोटें आईं, जिसके चलते उन्हें इलाज के लिए तत्काल अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। ALSO READ: गर्भवती पत्रकार ने राहुल गांधी पर लगाए गंभीर आरोप, मेरा हाथ पकड़ा, मुझे धक्का दिया

क्या कहना है कांग्रेस का?

दूसरी तरफ, कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी के समर्थकों ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बताया है। कांग्रेस का कहना है कि विरोध मार्च के दौरान किसी भी वीडियो फुटेज में यह साबित नहीं होता कि पत्रकार को राहुल गांधी या उनके सुरक्षाकर्मियों द्वारा जानबूझकर निशाना बनाया गया या धक्का दिया गया। पार्टी के अनुसार, शिकायतकर्ता द्वारा किए जा रहे दावों और उपलब्ध तथ्यों में कई तकनीकी विसंगतियां साफ नजर आती हैं। ALSO READ: राहुल गांधी के घर चाय पर चर्चा की इनसाइड स्टोरी? CJP से नेहा बोरा तक कौन किसके साथ, कौन किसके खिलाफ?

अब हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने पीड़ित महिला पत्रकार की ओर से इस मुद्दे को देश की शीर्ष अदालत के समक्ष उठाया। गौरव भाटिया ने CJI जस्टिस सूर्यकांत के सामने मामले की त्वरित सुनवाई की मांग रखी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इस याचिका पर 26 अक्टूबर को हाईकोर्ट में सुनवाई तय की गई है।

पूरा मामला क्या है?

12 अक्तूबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ विपक्षी गठबंधन (इंडिया ब्लॉक) ने दिल्ली में संसद से सुप्रीम कोर्ट की ओर विरोध मार्च निकाला था। इस मार्च की कवरेज के दौरान एक निजी चैनल की महिला पत्रकार ऋचा पाराशर के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और अभद्रता हुई। पत्रकार का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उनका हाथ या कंधा पकड़कर खींचा और उनके सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें जोर से धक्का दिया, जिससे वह जमीन पर गिर गईं और उनका फोन टूट गया। यह मामला अब कोर्ट तक पहुंच गया है।

CJP नेता अभिजीत दिपके को सशर्त जमानत, बॉन्ड की शर्त के बाद अब आंदोलन का क्या होगा?

CJP नेता अभिजीत दिपके को सशर्त जमानत, बॉन्ड की शर्त के बाद अब आंदोलन का क्या होगा?

Abhijit Dipke Cockroach Janata Party

Abhijeet Dipke Conditional Bail: कनॉट प्लेस में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SME) कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। दिल्ली पुलिस द्वारा शांति भंग करने के आरोप में की गई कार्रवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें शांति बनाए रखने का बॉन्ड भरने की शर्त पर जमानत दे दी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दिपके द्वारा बॉन्ड भरने के बाद सीजेपी का आंदोलन ठंडा पड़ जाएगा। 

 

शर्त के मुताबिक, दिपके को एक बॉन्ड भरना होगा जिसमें उल्लेख है कि वे ऐसी कोई गतिविधि नहीं करेंगे जिससे शांति भंग होने की आशंका हो। दिपके को 50 हजार रुपए का मुचलका भी भरना होगा। जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। इससे पहले सीजेपी ने दिपके की गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाए थे। दिपके की हिरासत से पहले सीजेपी के दो सह-संयोजकों सौरव दास और आशुतोष रांका को भी गिरफ्तार किया गया था।  ALSO READ: Abhijeet Dipke : दिल्ली में तिरंगा यात्रा पर अड़े CJP प्रमुख अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

कानूनी प्रक्रिया और गिरफ्तारी का आधार

दिल्ली पुलिस के अनुसार, दिपके को पहले कनॉट प्लेस में मार्च से पूर्व एहतियातन हिरासत में लिया गया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत प्राथमिक औपचारिकताएं पूरी की गईं। तत्पश्चात, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 और 170 के तहत शांति भंग करने का नया मामला दर्ज कर उन्हें आधिकारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। शनिवार को एसईएम कोर्ट में पेशी के बाद अदालत ने उन्हें सशर्त जमानत पर रिहा करने का फैसला सुनाया। ALSO READ: CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामा, अभिजीत दीपके बोले- 50-100 रुपए देकर बाहर कीजिए, लहरा दो तिरंगा को लेकर बताया प्लान

पहले भी लिया गया था हिरासत में

उल्लेखनीय है कि 10 अक्टूबर को भी दिल्ली एयरपोर्ट पर दिपके को हिरासत में लिया गया था और शांति भंग करने का मामला दर्ज किया गया था। उस दौरान उनसे एक साल की अवधि तक शांति बनाए रखने के मुचलके (Bond) पर हस्ताक्षर कराए गए थे। शुक्रवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अभिजीत दीपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा समेत करीब 150 प्रदर्शनकारियों को एहतियातन हिरासत में लिया था। दीपके को जाफरपुर कलां थाने ले जाया गया था।

कनॉट प्लेस और मंडी हाउस में भारी विरोध-प्रदर्शन

पुलिस की कार्रवाई के बावजूद कनॉट प्लेस के इनर सर्कल और मंडी हाउस में छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का भारी जमावड़ा देखा गया। प्रदर्शनकारियों ने कनॉट प्लेस में मार्च निकाला, बीच-बीच में ‘जय हिंद’ के नारे लगाए और राष्ट्रगान गाया। आइसा (AISA) और एसएफआई (SFI) के सदस्यों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने तथा निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित नए अधिनियम को वापस लेने की मांग की।