Max Healthcare Share Price: 6% उछलकर निफ्टी का टॉप गेनर बना शेयर, सिटी हुआ बुलिश, दिया ‌₹1,240 का टारगेट प्राइस

Max Healthcare Share Price: हेल्थकेयर सेक्टर की दिग्गज कंपनी मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट (Max Healthcare) के शेयर गुरुवार 18 जून को 6 फीसदी की तेजी देखने को मिली और यह निफ्टी 50 पर टॉप गेनर बना। दोपहर के ट्रेड में मैक्स हेल्थकेयर का स्टॉक 1,088 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जिससे हॉस्पिटल ऑपरेटर की वैल्यू लगभग 1.05 लाख करोड़ रुपये हो गई। यह रैली बड़े मार्केट से काफी आगे निकल गई, उस समय निफ्टी 50 0.12 फीसदी की तेजी दिखा रहा था।

बता दें कि सिटी ने पिछले साल स्टॉक में करेक्शन के बाद एक फेवरेबल रिस्क-रिवॉर्ड प्रोफाइल पर जोर दिया और अगले कई सालों में मजबूत अर्निंग्स ग्रोथ का अनुमान लगाया। सिटी ने मैक्स हेल्थकेयर स्टॉक पर 1,240 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखी। ब्रोकरेज ने कहा कि पिछले साल स्टॉक में लगभग 18 फीसदी की गिरावट आई है, जिससे वैल्यूएशन हिस्टोरिकल एवरेज पर वापस आ गए हैं।

सिटी के मुताबिक, वैल्यूएशन करेक्शन से स्टॉक का अट्रैक्शन बेहतर हुआ है, ऐसे समय में जब कंपनी मीडियम-टर्म में मज़बूत ग्रोथ प्रोफाइल दे रही है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि मैक्स हेल्थकेयर FY26 और FY30 के बीच 20 परसेंट EBITDA कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देगी, जिसे कैपेसिटी बढ़ाने और इसके हॉस्पिटल नेटवर्क में ग्रोथ से सपोर्ट मिलेगा।

सिटी को FY27 में लगभग 15 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है और कहा कि FY28 में ग्रोथ और तेज़ हो सकती है क्योंकि एक्सपेंशन के काम ज़्यादा असरदार तरीके से होने लगेंगे। हालांकि, ब्रोकरेज ने एग्ज़िक्यूशन में देरी को एक बड़ा रिस्क बताया है जो ग्रोथ की रफ़्तार पर असर डाल सकता है।

मैक्स हेल्थकेयर के अपने फिस्कल चौथी तिमाही के रिज़ल्ट बताने के कुछ हफ़्ते बाद ब्रोकरेज की यह पॉज़िटिव कमेंट्री आई है। कंपनी ने Q4 FY26 के लिए नेट प्रॉफ़िट में साल-दर-साल 3 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 387 करोड़ रुपये पोस्ट किया, जबकि रेवेन्यू 10 फीसदी बढ़कर 2,664 करोड़ रुपये हो गया।

रेवेन्यू ग्रोथ मुख्य रूप से ज़्यादा पेशेंट थ्रूपुट की वजह से हुई, जिसमें एक साल पहले की तुलना में ऑक्यूपाइड बेड डेज़ में 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। पूरे नेटवर्क में बेड ऑक्यूपेंसी 75 फीसदी पर स्थिर रही, जो हेल्थकेयर सर्विसेज़ की लगातार डिमांड को दिखाता है।

हालांकि, एनालिस्ट्स ने अर्निंग्स परफॉर्मेंस को मिला-जुला माना। वॉल्यूम ग्रोथ अच्छी रही, लेकिन एग्रेसिव हायरिंग और चल रही कैपेसिटी बढ़ाने की वजह से मार्जिन पर दबाव आया। नतीजों के बाद स्टॉक में गिरावट आई थी क्योंकि अर्निंग्स एनालिस्ट्स के अनुमान से कम रही थीं।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ के एनालिस्ट्स ने अर्निंग्स मिस का कारण ज़्यादातर ज़्यादा टैक्स रेट बताया था, हालांकि ब्रोकरेज ने कहा कि ऑपरेटिंग ट्रेंड्स मोटे तौर पर स्थिर रहे।

NSE IPO: दमानी, मुंजाल, गोपालकृष्णन की जेब में आ सकते हैं करोड़ों रुपये, यहां देखें शेयरहोल्डर्स की पूरी लिस्ट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

India-UK FTA : यूनाइटेड स्पिरिट्स,तिलकनगर और शराब बनाने वाली दूसरी कंपनियों के शेयरों को लगे पंख, USL पर जेपी मॉर्गन भी बुलिश

India-UK FTA : UK के साथ FTA लागू होने की खबर से यूनाइटेड स्पिरिट्स बाजार के फोकस में बना हुआ है। आज यह शेयर करीब 4 फीसदी चढ़कर वायदा के टाप गेनर्स में शामिल है। कंपनी पर आज जेपी मॉर्गन ने भी रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट से भी स्टॉक को सपोर्ट मिला है। इस बीच ISWAI (इंटरनेशनल स्पिरिट्स एंड वाइन्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) ने कहा कि UK से स्कॉच व्हिस्की के इंपोर्ट पर टैरिफ घटने (जिसमें भारत में ब्लेंडिंग और बॉटलिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली बल्क स्कॉच भी शामिल है) से स्पिरिट्स सप्लाई चेन में वैल्यू ग्रोथ और प्रीमियम इंटरनेशनल ब्रांड्स तक कंज्यूमर्स की पहुंच बढ़ने की उम्मीद है।

इस खबर के चलते 18 जून को शराब बनाने वाली सभी बड़ी कंपनियों के शेयरों में बढ़त देखने को मिली। इंडस्ट्री बॉडी ने भी भारत-UK फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) लागू होने का स्वागत किया है। इस इंडस्ट्री की जानकारी रखने वाले लोगों के उम्मीद है कि इस समझौते से स्कॉच व्हिस्की के इंपोर्ट पर टैरिफ कम होगा और घरेलू स्पिरिट्स मार्केट में प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ेगी।

आज के कारोबारी सेशन में तेजी दिखाने वाली कंपनियों में यूनाइटेड स्पिरिट्स 3.98% बढ़कर ₹1,361.50 पर,तिलकनगर इंडस्ट्रीज 3.3% बढ़कर ₹443 पर, एसोसिएटेड अल्कोहल्स एंड ब्रुअरीज 2.1% बढ़कर ₹843.95 पर,पिकाडिली एग्रो 1.5% बढ़कर ₹588 पर और रैडिको खेतान 1.3% बढ़कर ₹3,619 पर जाते दिखे हैं।

JPMorgan की एक पॉजिटिव टिप्पणी से यूनाइटेड स्पिरिट्स को लेकर निवेशकों का भरोसा और बढ़ा है। ब्रोकरेज ने इस स्टॉक पर “ओवरवेट” रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस 1,510 रुपये तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी का FY27 का ग्रोथ आउटलुक काफी अ्चछा बना हुआ है। ब्रोकरेज को डबल-डिजिट P&A ग्रोथ की उम्मीद है। उसका मानना है कि मैकडॉवेल्स रिफ्रेश जैसे प्रोडक्ट को नया रूप देने की पहल का कंपनी को फायदा मिलेगा। वोदका में इनोवेशन,टकीला में नई कैटेगरी बनाने और UK FTA से कंपनी का फायदा होगा।

Redington Share Price : महंगे होंगे iPhone, MacBook और iPad, रेडिंगटन के शेयरों ने लगाई छलांग

जेपी मॉर्गन ने यह भी कहा कि कंपनी के लिए साल की दूसरी छमाही बेहतर रह सकती है, क्योंकि महाराष्ट्र का असर अब खत्म हो रहा है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि धीरे-धीरे मार्जिन में सुधार आएगा,इससे कंपनी की कमाई बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स की बढ़ी लागत की वजह से ग्रॉस मार्जिन पर कुछ समय के लिए दबाव बना रह रह सकता। ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि ब्रांड की पहचान मजबूत करने की कोशिशों को बढ़ावा देने के लिए विज्ञापन और प्रमोशन पर ज्यादा खर्च हो सकता है।

उधर भारत-UK ट्रेड एग्रीमेंट लागू होने पर इंडस्ट्री बॉडीज़ की अच्छी प्रतिक्रिया के बाद इस सेक्टर को लेकर अच्छा माहौल बना है। इंटरनेशनल स्पिरिट्स एंड वाइन्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ISWAI) ने कहा कि यह एग्रीमेंट दोनों देशों के बीच व्यापार को मज़बूत करेगा,इंडस्ट्री की ग्रोथ में मदद करेगा और भारत के अल्कोहलिक बेवरेज सेक्टर के लिए नए मौके पैदा करेगा।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Cotton Production: USDA ने जारी की रिपोर्ट, 2026-27 के ग्लोबल उत्पादन अनुमान पर है कायम

यूएसडीए (USDA) ने अपनी जून की वर्ल्ड एग्रीकल्चर सप्लाई एंड डिमांड एस्टीमेट (WASDE) रिपोर्ट में वर्ष 2026-27 के लिए वैश्विक कपास उत्पादन लगभग 116 मिलियन गांठ अनुमानित है। इसके मुकाबले खपत में बढ़ोतरी (लगभग 121.7 मिलियन गांठ) होने के आसार हैं, जो इसे 6 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा सकती है। मांग में वृद्धि और कम शुरुआती स्टॉक के कारण वैश्विक अंतिम स्टॉक में गिरावट का अनुमान लगाया गया है।

USDA को चीन में मांग बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि कॉटन की मांग बांग्लादेश, पाकिस्तान में गिरी। साउथ कोरिया में कॉटन की मांग गिरी। कॉटन की ग्लोबल खपत मई में 121.69 मिलियन बेल्स (अनुमान) रहा जबकि जून में 121.76 मिलियन बेल्स (अनुमान) रहा।

कॉटन के ओपनिंग स्टॉक पर USDA ने कहा कि मई 2026-27 में 77.27 मिलियन बेल्स (अनुमान) रखा है। जबकि जून के लिए 76.63मिलियन बेल्स (अनुमान) रखा है। जबकि कॉटन के क्लोजिंग स्टॉक पर USDA ने जून के लिए 71.13 मिलियन बेल्स (अनुमान) रखा है।

भारत में कॉटन उत्पादन अनुमान

USDA ने मई का उत्पादन अनुमान कायम रखा है। 2026-27 में 24 मिलियन बेल्स उत्पादन संभव है। 2026-27 में 26 मिलियन बेल्स की खपत संभव है। 1.50 मिलियन बेल्स के एक्सपोर्ट की भी उम्मीद है। 2026-27 में 2.50 मिलियन इंपोर्ट की संभावना है।

15 जुलाई से UK FTA लागू

भारत-UK के बीच FTA 15 जुलाई से लागू होगा । भारत के 99% सामान पर UK में कोई टैक्स नहीं लगेगा । टेक्सटाइल, गारमेंट, केमिकल और बेस मेटल पर जीरो ड्यूटी होगी। अभी टेक्सटाइल, गारमेंट पर करीब 12% ड्यूटी लगती है। केमिकल पर 8% और बेस मेटल पर 10% ड्यूटी है। प्रोसेस फूड पर इंपोर्ट ड्यूटी 70% से घटकर जीरो होगी। मरीन प्रोडक्ट पर UK में इपोर्ट डूयटी 20% से घटकर जीरो होगी। UK के 91% एक्सपोर्ट पर भारत में ड्यूटी में रियायत मिलेगी। UK की व्हीस्की पर भारत में इंपोर्ट ड्यूटी 150% से घटकर 40% पर रहा। UK कार पर भारत में इंपोर्ट ड्यूटी 100% से घटकर 10% तक आएगी। कई चरणों में UK कार पर इंपोर्ट ड्यूटी में कमी आएगी।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

BitCoin Crash: 8 ही महीने में 50% टूटा बिटकॉइन, इन 4 वजहों से क्रिप्टो मार्केट में हाहाकार

BitCoin Crash: क्रिप्टो मार्केट में हाहाकार अब भी मचा हुआ है। मार्केट कैप के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टो बिटकॉइन रिकॉर्ड हाई से करीब 50% नीचे आ चुका है। बाकी भी क्रिप्टो की हालत अच्छी नहीं है और अधिकतर क्रिप्टो अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। बिटकॉइन की बात करें तो 7 अक्टूबर 2025 को $1.26 लाख के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के करीब आठ महीने में यह करीब 50% टूटकर $64 हजार के नीचे आ गया। सिर्फ यही नहीं, इस महीने तो यह $60 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर को भी नीचे की तरफ तोड़ दिया था जो इसके लिए पिछले डेढ़ साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

BitCoin Crash: इन 4 वजहों से मचा हाहाकार

अमेरिकी नीतियों के सपोर्ट से बदलकर झटका देने वाले में बदलाव

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की क्रिप्टो समर्थक नीतियों ने बिटकॉइन समेत अन्य क्रिप्टोकरेंसीज की चमक बढ़ा दी थी और संस्थागत निवेशकों ने जमकर पैसा डाला। हालांकि टैरिफ वार और अमेरिका की ईरान से जंग ने निवेशकों को डरा दिया और वे क्रिप्टो जैसे रिस्की एसेट्स से पैसे निकालकर सेफ एसेट्स में पैसे डालने लगे।

बिटकॉइन के सबसे बड़े निवेशकों में शुमार माइकल का बेयरेश रुझान

माइकल सायलर (Michael Saylor) ने साल 2020 में अपनी कंपनी स्ट्रैटेजी की नकदी का बड़ा हिस्सा बिटकॉइन में निवेश करना शुरू किया और स्ट्रैटेजी ने इसके बाद लगातार बिटकॉइन खरीदना जारी रखा और यह दुनिया के सबसे बड़े कॉरपोरेट बिटकॉइन होल्डर कंपनियों में शामिल हो गई। हालांकि ‘स्ट्रैटेजी’ ने साल 2022 के बाद से पहली बार अपनी होल्डिंग का कुछ हिस्सा बेचा तो हड़कंप मच गया। कुछ हफ्ते पहले उन्होंने $25 लाख के 32 बिटकॉइन बेचे तो बिटकॉइन टूटकर $72 हजार के नीचे आ गया था। इससे पहले स्ट्रैटेजी ने साल 2022 में 704 बिटकॉइन %$18 हजार के भाव पर बेचे थे।

SpaceX का जादू

हाल ही में स्पेसएक्स ने दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ पेश किया था। एआई पर इसकी आक्रामक स्ट्रैटेजी ने निवेशकों को आकर्षित किया और इसके चलते अनुमान लगाया जा रहा है कि क्रिप्टो मार्केट का भी कुछ पैसा इसमें आया। स्पेसएक्स ने दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलॉन मस्क (Elon Musk) को और अमीर बनाया और दुनिया के पहले और इकलौते ट्रिलेनियर बन गए।

BitCoin ETF से ताबड़तोड़ निकासी

पिछले महीने बिटकॉइन ईटीएफ से $200 करोड़ से अधिक यानी करीब ₹16 हजार करोड़ की निकासी ने क्रिप्टो मार्केट पर दबाव डाला।

SpaceX ने Elon Musk को बनाया ट्रिलेनियर, लेकिन अब लटकी यह तलवार

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि क्रिप्टो मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

महंगा वैल्यूशन, फिर भी 8 बार मिला Nifty से ज्यादा रिटर्न, अब इन स्टॉक्स पर फिदा जेफरीज

Expensive Valuations but Attractive to Invest: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का मानना है कि महंगा वैल्यूएशन होने का मतलब ये नहीं कि निवेश पर अच्छा रिटर्न नहीं मिलेगा। यह बात पिछले 15 वर्षों में आठ बार सही साबित हुई है। जेफरीज ने 18 जून को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आठ बार ऐसा हुआ, जब किसी सेक्टर के शेयर महंगे यानी एक्सपेंसिव वैल्यूएशन वाले दिखने लगे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अगले दो से तीन वर्षों में शानदार रिटर्न दिए। जेफरीज का मानना है कि अब पावर सेक्टर भी ऐसे चरण में प्रवेश कर रहा है, खासतौर से प्राइवेट पावर कंपनियों के मामले में।

15 साल में 8 बार Expensive Valuations के बावजूद तगड़ा रिटर्न

Defence- सितंबर 2022 से जुलाई 2024

स्वदेशी मुहिम पर जोर के बाद डिफेंस स्टॉक्स की वैल्यू सितंबर 2022 तक 10 साल के औसत वैल्यूएशन से 40% अधिक हो गए थे।

इसके बावजूद जुलाई 2024 तक इस सेक्टर ने निफ्टी की तुलना में 229 पर्सेंटेज प्वाइंट्स अधिक रिटर्न दिया।

मजबूत ऑर्डर बुक, इंपोर्ट सब्सटीट्यूशन और 33% EPS CAGR से ऊंचे वैल्यूएशन को सपोर्ट मिला।

NBFCs-अक्टूबर 2021 से फरवरी 2026

जेफरीज की रिपोर्ट्स के मुताबिक अक्टूबर 2021 तक एनबीएफसी स्टॉक्स की वैल्यू 10 साल के औसत वैल्यू से करीब 78% अधिक हो गई।

फिर भी क्रेडिट सर्किल में विस्तार, एसेट क्वालिटी में सुधार और डिजिटल मॉडल में विस्तार से 23% EPS CAGR से इसे सपोर्ट मिला और निफ्टी की तुलना में 40 पर्सेंटेज प्वाइंट्स बेहतर परफॉर्म किया।

Cement-जून 2014 से मई 2017

जून 2014 तक सीमेंट स्ट़ॉक्स अपने 10 साल के औसत से 74% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे थे।

इसके बावजूद मई 2017 तक इसने निफ्टी के मुकाबले 47 पर्सेंटेज प्वाइंट्स बेहतर रिटर्न दिया।

कंस्ट्रक्शन और इंफ्रा साइकिल में तेजी की उम्मीदों से इस रैली को सपोर्ट मिला।

FMCG-दिसंबर 2014 से दिसंबर 2019

दिसंबर 2024 तक एफएमसीजी कंपनियां अपने 10 साल के औसत से 44% प्रीमियम पर थे लेकिन इसके बावजूद इस सेक्टर ने दिसंबर 2019 तक 96 पर्सेंटेज प्वाइंट्स अधिक रिटर्न दिया।

इसे इकॉनमी के फॉर्मलाइजेशन यानी औपचारिकीकरण, जीएसटी और 12% EPS CAGR से सपोर्ट मिला।

Retail-दिसंबर 2014 से सितंबर 2019

दिसंबर 2014 तक रिटेल सेक्टर का वैल्यूएशन अपने 10 साल के औसत से 41% प्रीमियम पर पहुंच गया।

इसके बावजूद सेक्टर ने सितंबर 2019 तक निफ्टी की तुलना में 159 पर्सेंटेज प्वाइंट्स अधिक रिटर्न दिया।

इस दौरान फॉर्मलाइजेशन, प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मजबूत मांग और उपभोक्ता खर्च में बढ़ोतरी से 20% EPS CAGR को सपोर्ट मिला।

Capital Goods- सितंबर 2022 से जून 2024

सितंबर 2022 तक 10 साल के औसत की तुलना में 28% प्रीमियम पर होने के बावजूद जून 2024 तक इसने 90 पर्सेंटेज प्वाइंट्स अधिक रिटर्न दिया।

इसे कोविड के बाद इंवेस्टमेंट साइकिल में रिकवरी से सपोर्ट मिला।

मजबूत ऑर्डर इनफ्लो और बेहतर मार्जिन पर इस दौरान EPS CAGR 26% रहा।

Hospital Stocks- दिसंबर 2021 से अक्टूबर 2025

कोविड के बाद अस्पताल दिसंबर 2021 तक हॉस्पिटल्स के वैल्यूएशन 10 साल के औसत के मुकाबले 44% प्रीमियम पर पहुंच गए थे।

इसके बावजूद हॉस्पिटल सेक्टर ने अक्टूबर 2025 तक 85 पर्सेंटेज प्वाइंट्स का आउटपरफॉरमेंस किया।

इंश्योरेंस कवरेज के विस्तार, ऑपरेटिंग लीवरेज में बढ़ोतरी और प्रति बेड आय (एवरेज रेवेन्यू पर ऑपरेटिंग बेड- ARPOB) में सुधार से EPS CAGR 23% रहा।

Hotel Stocks- दिसंबर 2021 से दिसंबर 2024

दिसंबर 2021 तक होटल स्टॉक्स अपने 10 साल के औसत से करीब 20% महंगे हो गए।

इसके बावजूद दिसंबर 2024 तक निफ्टी की तुलना में इसने करीब 290 पर्सेंटेज प्वाइंट्स अधिक रिटर्न दिया।

इसे कोविड के मांग में रिकवरी, प्रीमियमाइजेशन और विस्तार के मजबूत संभावनाओं से सपोर्ट मिला।

अब पावर स्टॉक्स पर दांव क्यों?

अब ऐसा ही रुझान ब्रोकरेज फर्म को पावर सेक्टर पर भी दिख रहा है और इस सेक्टर में जेएसडब्ल्यू एनर्जी, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, प्रीमियर एनर्जीज और सीमेंस एनर्जी को अपनी टॉप पसंद बताया है। जेफरीज के मुताबिक इसे बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की घटती लागत, स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड की बेहतर होती बैलेंस शीट, डेटा सेंटर के विस्तार, प्राइवेट सेक्टर की बढ़ती भागीदारी और ईवी के तेज विस्तार से सपोर्ट मिलेगा।

US Fed ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव, लेकिन एक खास सिग्नल पर ट्रंप ने कहा- यकीन करना मुश्किल

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : बाजार अब नई तेजी के लिए तैयार, PSU बैंक,ऑटो,रियल एस्टेट और NBFCs अभी भी सबसे मजबूत सेक्टर

Market Insight : बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि पिछले सोमवार के निचले स्तर से हम निफ्टी में 1000 अंक ऊपर हैं। बैंक निफ्टी में करीब 3500-4000 अंक की रैली आ चुकी है। बैंक निफ्टी पर 52,800 से हमारा लॉन्ग नजरिया रहा है। पिछले सोमवार भी पैनिक ना करने की सलाह थी। अब यहां से 2 बड़े सवाल हैं। पहला– अगर लॉन्ग पोजिशन है तो क्या करें? दूसरा– अगर मैंने रैली मिस कर दी तो क्या करूं?

पहले सवाल का जवाब आसान है, अपने SL को ट्रेल कर लीजिए। अगर आप शुरू से लॉन्ग हैं तो पिछले सोमवार के निचले स्तर का ही SL रखें। लेकिन अगर आप स्विंग लॉन्ग में हैं तो 23,950 और 57,200 का SL रखें। बाजार में शायद एक नई और बड़ी वाली तेजी की शुरुआत हुई है। बाजार ने बहुत कुछ झेला और काफी मजबूती दिखाई है। सिर्फ मानसून का एक निगेटिव फैक्टर बचा है,शायद उसे भी हम पचा लें।

US-ईरान डील साइन

US और ईरान ने अलग-अलग जगह से डील पर साइन कर दिए हैं। डॉनल्ड ट्रंप ने साइन करके कहा, ये आसान नहीं था। US अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि MoU अब प्रभावी हो गया है। मीडिया के पास मौजूद MoU ड्राफ्ट के मुताबिक होर्मूज ‘तेजी से’फिर से खुलेगा। ईरान के न्यूक्लियर मुद्दे और आगे के फाइनेंशियल फायदे की आगे बातचीत होगी। अभी ये साफ नहीं है कि होर्मूज पूरी तरह खुल गया है या नहीं। JD वेंस और ईरान संसद स्पीकर गालिबाफ शुक्रवार को औपचारिक रूप से डील पर साइन करेंगे।

फेड का फैसला

US फेड ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। US फेड ने दर 3.50%-3.75% की रेंज में बरकरार रखी है। फेड ने लगातार चौथी बार दरों को स्थिर रखा है। केविन वार्श की पहली फेड बैठक मीटिंग में साफ हॉकिश बदलाव दिखा है। फेड ने महंगाई का अनुमान बढ़ाया और ईजिंग बॉयस को हटा दिया है। फेड का डॉट प्लॉट सीमित हुआ है। अब 9 सदस्यों ने 2026 में रेट हाइक का अनुमान लगाया है।

बाजार ने दिया जोरदार रिएक्शन

2 साल की US बॉन्ड यील्ड्स 13 Bps उछली है। मनी मार्केट अब अक्टूबर तक रेट हाइक को पूरी तरह से पचा चुके हैं। फेड के बाद US डॉलर में उछाल आया, यह 100.40 पर पहुंच गया। US बाजारों में गिरावट आई,नैस्डेक 1.3% और S&P 1.2% गिरा। मगर US फ्यूचर्स में वापस रैली हुई है। सोने-चांदी में दबाव दिखा है। सोना $4250 और सिल्वर $68 के नीचे फिसली है। कच्चे तेल में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। ब्रेंट $78 पर है।

आज के संकेत

आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी का दिन है। बाजार में मोमेंटम काफी मजबूत है। कल हम दिन के हाई पर बंद हुए और बैंक निफ्टी ने लीड किया।

बाजार: क्या ये नई तेजी की शुरुआत है?

निफ्टी ने 26,300 पर डबल टॉप बनाया था। सितंबर 2024 और जनवरी 2026 में हम करीब 26,300 तक गए थे। मगर मजे की बात ये कि दोनों बार करेक्शन में बॉटम एक ही रहा। मार्च 2025 में भी और मार्च 2026 में भी बॉटम बना। यहां से वापस 26,300 का रास्ता खुला है। बाजार ने इतनी बड़ी FII बिकवाली के बावजूद अपने लो नहीं तोड़े हैं। अब यहां से बाजार को अर्निंग्स में फेवरेबल बेस इफेक्ट मिलेगा। हो सकता है Q1 में कुछ दिक्कत आए क्योंकि ब्रेंट $100 के ऊपर रहा। मगर बाजार अब इस फैक्टर को पचा चुका है।

Q2 से नतीजों में तेज रिकवरी की उम्मीद रहेगी, क्योंकि बेस इफेक्ट अब हमारे फेवर में काम करेगा। FIIs की बिकवाली भी काफी हद तक हो चुकी है। अगर बाजार में मोमेंटम आया तो खरीदारी भी आ सकती है। ऐसा नहीं है कि इन 2 सालों में बाजार पूरा निगेटिव रहा। इन 2 सालों में भी चुनिंदा शेयरों में 50-200% रिटर्न मिले हैं। यहां से शायद वापस एक ब्रॉड बेस्ड रैली की भी शुरुआत हो सकती है।

निफ्टी में जल्द हासिल हो सकते हैं 24250-24400 के टारगेट, इस शेयर में दिख रहा दमदार कमाई का मौका

बाजार: क्या हो रणनीति?

बाजार में अपनी रणनीति को अब थोड़ा बदलना होगा। यह बाजार डे ट्रेडर से ज्यादा पोजिशनल ट्रेडर को रिवॉर्ड कर रहा है। हर घंटे के हर 100 अंक के मूव पकड़ने का लालच मत रखिए। बड़ा ट्रेंड पकड़िए और उसके साथ बने रहिए। पूरे मार्च में हमने निगेटिव नजरिया रखा और प्ले भी किया। पूरे अप्रैल में पॉजिटिव नजरिया लिया और स्टॉक स्पेसिफिक नजरिया रखा। मई में लगातार दोनों तरफ के मौके ढूंढे गए और जून में लगातार सिर्फ पॉजिटिव नजरिया रहा है। अपने फायदे वाले सौदों को पकड़ के रखिए और SL के साथ कैरी कीजिए। हर 5% के मूव पर अपने ट्रेलिंग SL को ऊपर ले आएं।

PSU बैंक,ऑटो,रियल एस्टेट,NBFCs अभी भी सबसे मजबूत हैं। इसके अलावा IT में भी अब डबल बॉटम के संकेत मिले हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप में एक अलग ही बुल मार्केट चल रही है। अभी भी काफी अच्छे शेयर 200 DMA के आसपास मिल जाएंगे। पोर्टफोलियो में से अपने बड़े अंडरपरफॉर्मर्स को अब हटाइए।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट जोन 23,950-24,000 पर और बड़ा सपोर्ट जोन 23,800-23,850 पर है। मौजूदा लॉन्ग सौदों के लिए 23,950 का क्लोजिंग और 23,850 का इंट्राडे SL रखें। नए लॉन्ग सौदों के लिए खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 23,950-24,050 है। SL 23,850 पर रखें। निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,100-24,150 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24,200-24,250 पर है। अगर निफ्टी 24,250 पार हो तो SL ट्रेल करके 24,100 पर लाएं। फिलहाल निफ्टी में कोई बिकवाली का ट्रेड नहीं है।

बैंक निफ्टी पर स्ट्रैटेजी

बैंक निफ्टी में हमारा एकतरफा पॉजिटिव नजरिया रहा है। 52,800 से सिर्फ लॉन्ग रहने की सलाह रही है और हर रैली पर स्टॉप लॉस को ऊपर लाया गया है। कल तक ट्रेलिंग स्टॉप लॉस 56,800 पर था। अब क्लोजिंग बेसिस पर 57,200 और इंट्राडे में 57,000 का SL रखें। 57,200-57,400 तक की कोई भी गिरावट में खरीदारी करें,SL 57,000 पर रखें।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

8th Pay Commission: चपरासी से लेकर टीचर तक… सबकी चमकेगी किस्मत! जानिए 8वें वेतन आयोग में किसकी कितनी बढ़ेगी सैलरी?

8th Pay Commission: चपरासी से लेकर टीचर तक… सबकी चमकेगी किस्मत! जानिए 8वें वेतन आयोग में किसकी कितनी बढ़ेगी सैलरी?

8th Pay Commission Expected Salary Hike: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी आ रही है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर सुगबुगाहट तेज है। नए वेतन आयोग के लागू होने से चपरासी से लेकर सरकारी स्कूल के टीचरों की बेसिक सैलरी और भत्तों में बंपर उछाल आने की उम्मीद है।

अगर आप भी जानना चाहते हैं कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद आपकी इन-हैंड सैलरी कितनी बढ़कर आएगी, तो यहां समझिए इसका पूरा गणित और संभावित सैलरी कैलकुलेटर।

क्या होता है फिटमेंट फैक्टर और कितनी बढ़ेगी बेसिक सैलरी?

वेतन आयोग में सैलरी बढ़ाने का सबसे मुख्य फॉर्मूला फिटमेंट फैक्टर होता है। 7वें वेतन आयोग में इसे 2.57 गुना रखा गया था। एक्सपर्ट्स और कर्मचारी यूनियनों की मांगों के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.83 से लेकर 2.86 गुना या उससे भी अधिक होने की उम्मीद जताई जा रही है। अगर सरकार न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर को भी मंजूरी देती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में 20% से 30% तक की सीधी बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

चपरासी (Level 1) की सैलरी: ₹18,000 से बढ़कर कितनी होगी?

सरकारी विभागों में एंट्री-लेवल या चपरासी जैसे पद पे मैट्रिक्स लेवल 1 में आते हैं।

वर्तमान बेसिक सैलरी (7th CPC): ₹18000

संभावित फिटमेंट फैक्टर: अगर 2.28 से 2.57 का फिटमेंट फैक्टर बैठता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी सीधे ₹41000 से ₹46260 के बीच पहुंच सकती है।

कुल इन-हैंड सैलरी: बेसिक सैलरी बढ़ने के साथ ही इस पर मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) भी बढ़ जाएगा, जिससे ग्रॉस सैलरी में बड़ा इजाफा होगा।

सरकारी स्कूल के टीचर (Level 6 और Level 7): कितनी बढ़ेगी सैलरी?

सरकारी स्कूलों में प्राइमरी टीचर्स (PRT) और ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर्स (TGT) की सैलरी लेवल 6 और लेवल 7 के तहत तय होती है। उनके लिए यह हाइक काफी बड़ा होने वाला है:

1. प्राइमरी टीचर (PRT – Level 6)

वर्तमान बेसिक सैलरी (7th CPC): ₹35400

संभावित 8th CPC बेसिक सैलरी: फिटमेंट फैक्टर (2.57x) के हिसाब से यह बढ़कर करीब ₹90978 हो सकती है। अगर फिटमेंट फैक्टर 2.86x रहा तो यह ₹101244 तक जा सकती है।

2. मिडिल/हाई स्कूल टीचर (TGT – Level 7)

वर्तमान बेसिक सैलरी (7th CPC): ₹44900

संभावित 8th CPC बेसिक सैलरी: 2.57 गुना के अनुमान से यह करीब ₹115393 और 2.86 गुना होने पर ₹128414 तक पहुंच सकती है।

8th CPC में किस लेवल पर कितनी होगी बेसिक सैलरी?

नीचे दिए गए अनुमानित कैलकुलेटर (2.57x के आधार पर) से समझिए अलग-अलग पदों की बेसिक सैलरी का अंतर:

8th CPC में किस लेवल पर कितनी होगी बेसिक सैलरी?

DA और HRA का क्या होगा?

जब भी नया वेतन आयोग लागू होता है, तब मौजूदा महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक सैलरी में मर्ज कर दिया जाता है और नए सिरे से DA की गणना 0% से शुरू होती है। इसके अलावा, शहरों की कैटेगरी (X, Y, Z) के हिसाब से मिलने वाला हाउस रेंट अलाउंस (HRA) भी नई बेसिक सैलरी के आधार पर दोबारा कैलकुलेट किया जाएगा, जिससे कुल सैलरी में भारी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

कब तक लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग?

आमतौर पर हर 10 साल में सरकार नया वेतन आयोग लाती है। 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था। नियमों के मुताबिक 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होनी हैं। हालांकि, अंतिम रिपोर्ट और सरकार की मंजूरी मिलने में कुछ महीनों का समय लग सकता है, लेकिन कर्मचारियों को इसका लाभ एरियर के साथ 1 जनवरी 2026 से ही मिलेगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।