Premier Energies Q1 Results: सोलर कंपनी का मुनाफा 50% बढ़ा, ₹5000 करोड़ जुटाने की तैयारी

Premier Energies Q1 Results: सोलर इक्विपमेंट बनाने वाली Premier Energies ने गुरुवार, 6 अगस्त को जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 50.4% बढ़कर 463.1 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 307.8 करोड़ रुपये था।

कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू 35.3% बढ़कर 2,462.6 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 1,820.7 करोड़ रुपये थी। वहीं, EBITDA 30.3% बढ़कर 714.4 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन 30.1% से घटकर 29% रह गया।

₹5,000 करोड़ जुटाने की तैयारी

Premier Energies ने कहा कि वह 5,000 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मांगेगी। कंपनी यह रकम क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), इक्विटी शेयर, नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD), वारंट या अन्य इक्विटी में बदलने योग्य सिक्योरिटीज जारी करके जुटा सकती है।

मैनेजमेंट में फिर भरोसा

कंपनी सुरेंद्रपाल सिंह सलूजा को 19 दिसंबर 2026 से 18 दिसंबर 2031 तक फिर से चेयरमैन और होल-टाइम डायरेक्टर नियुक्त करने के लिए भी शेयरधारकों की मंजूरी मांगेगी।

इसके अलावा, चिरंजीव सिंह सलूजा को भी अगले पांच साल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर दोबारा नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। यह फैसला कंपनी की नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी की सिफारिश पर लिया गया है।

Premier Energies के शेयर

Premier Energies का शेयर गुरुवार को 1.01% की बढ़त के साथ 1,045 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 30.85% चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 47.08 हजार करोड़ रुपये है।

Premier Energies का बिजनेस

यह देश की प्रमुख सोलर कंपनियों में से एक है। कंपनी सोलर सेल और सोलर मॉड्यूल बनाती है, जिनका इस्तेमाल घरों, उद्योगों और बड़े सोलर पावर प्रोजेक्ट्स में होता है।

इसके अलावा, कंपनी EPC सेवाएं भी देती है, यानी सोलर प्लांट लगाने से लेकर उसे चालू करने तक का काम करती है। भारत में बढ़ती रिन्यूएबल एनर्जी की मांग और सरकारी सोलर योजनाओं से कंपनी के कारोबार को लगातार फायदा मिल रहा है।

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PM Surya Ghar Yojana: रूफटॉप सोलर योजना 50 लाख घरों तक पहुंची, टाटा पावर समेत इन 3 शेयरों पर रखें नजर

PM Surya Ghar Yojana: प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत देश में अब तक 50.06 लाख घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इससे रूफटॉप सोलर लगाने, फाइनेंसिंग करने और सोलर मॉड्यूल बनाने वाली कंपनियों के लिए बड़ा बाजार तैयार हो रहा है। इस वजह से Tata Power, Waaree Energies और Premier Energies जैसे शेयर निवेशकों के रडार पर हैं।

Tata Power

टाटा ग्रुप की Tata Power सोलर वैल्यू चेन के लगभग हर हिस्से में मौजूद है। कंपनी सोलर सेल और मॉड्यूल बनाती है, रूफटॉप सोलर इंस्टॉल करती है और फाइनेंसिंग की सुविधा भी देती है। टाटा पावर को लेकर अधिकांश ब्रोकरेज हाउस भी बुलिश हैं। मोतीलाल ओसवाल, इलारा कैपिटल और एम्बिट ने टाटा पावर को खरीदने की सलाह दी है।

वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने 1.7 गीगावॉट पीक (GWp) रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित की। 2.2 लाख से ज्यादा घरों तक पहुंच बनाई और कुल रेजिडेंशियल ग्राहकों की संख्या 3 लाख के पार पहुंच गई। हालांकि, रूफटॉप सोलर कंपनी के कुल कारोबार का सिर्फ एक हिस्सा है। इसलिए इसका असर पूरे बिजनेस में बंट जाता है।

Waaree Energies

सोलर मॉड्यूल निर्माता Waaree Energies सोलर सेक्टर की सबसे बड़ी खिलाड़ी है। इसने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी की रेवेन्यू 79.2% बढ़कर 7,932 करोड़ रुपये रही। EBITDA 44.4% बढ़कर 1,440 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 15.4% बढ़कर 892 करोड़ रुपये हो गया। 28 जुलाई 2026 तक कंपनी की ऑर्डर बुक 61,500 करोड़ रुपये पर पहुंच गई थी।

Premier Energies

प्रीमियर एनर्जीज ने भी PM Surya Ghar Yojana को अपने लिए बड़ा ग्रोथ ड्राइवर बताया है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की ऑर्डर बुक 14,010 करोड़ रुपये थी। पहली तिमाही में उसे 3,011 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले। कंपनी 6 अगस्त को जून तिमाही के नतीजे जारी करेगी।

निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?

Tata Power के लिए रिन्यूएबल क्षमता में बढ़ोतरी, रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन, बैटरी स्टोरेज और मुंद्रा प्रोजेक्ट से जुड़े घटनाक्रम अहम रहेंगे। वहीं, Waaree Energies और Premier Energies जैसी कंपनियों के लिए ऑर्डर बुक, मांग, क्षमता उपयोग और प्राइसिंग आने वाले समय में सबसे बड़े ट्रिगर होंगे।

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महंगा वैल्यूशन, फिर भी 8 बार मिला Nifty से ज्यादा रिटर्न, अब इन स्टॉक्स पर फिदा जेफरीज

Expensive Valuations but Attractive to Invest: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का मानना है कि महंगा वैल्यूएशन होने का मतलब ये नहीं कि निवेश पर अच्छा रिटर्न नहीं मिलेगा। यह बात पिछले 15 वर्षों में आठ बार सही साबित हुई है। जेफरीज ने 18 जून को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आठ बार ऐसा हुआ, जब किसी सेक्टर के शेयर महंगे यानी एक्सपेंसिव वैल्यूएशन वाले दिखने लगे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अगले दो से तीन वर्षों में शानदार रिटर्न दिए। जेफरीज का मानना है कि अब पावर सेक्टर भी ऐसे चरण में प्रवेश कर रहा है, खासतौर से प्राइवेट पावर कंपनियों के मामले में।

15 साल में 8 बार Expensive Valuations के बावजूद तगड़ा रिटर्न

Defence- सितंबर 2022 से जुलाई 2024

स्वदेशी मुहिम पर जोर के बाद डिफेंस स्टॉक्स की वैल्यू सितंबर 2022 तक 10 साल के औसत वैल्यूएशन से 40% अधिक हो गए थे।

इसके बावजूद जुलाई 2024 तक इस सेक्टर ने निफ्टी की तुलना में 229 पर्सेंटेज प्वाइंट्स अधिक रिटर्न दिया।

मजबूत ऑर्डर बुक, इंपोर्ट सब्सटीट्यूशन और 33% EPS CAGR से ऊंचे वैल्यूएशन को सपोर्ट मिला।

NBFCs-अक्टूबर 2021 से फरवरी 2026

जेफरीज की रिपोर्ट्स के मुताबिक अक्टूबर 2021 तक एनबीएफसी स्टॉक्स की वैल्यू 10 साल के औसत वैल्यू से करीब 78% अधिक हो गई।

फिर भी क्रेडिट सर्किल में विस्तार, एसेट क्वालिटी में सुधार और डिजिटल मॉडल में विस्तार से 23% EPS CAGR से इसे सपोर्ट मिला और निफ्टी की तुलना में 40 पर्सेंटेज प्वाइंट्स बेहतर परफॉर्म किया।

Cement-जून 2014 से मई 2017

जून 2014 तक सीमेंट स्ट़ॉक्स अपने 10 साल के औसत से 74% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे थे।

इसके बावजूद मई 2017 तक इसने निफ्टी के मुकाबले 47 पर्सेंटेज प्वाइंट्स बेहतर रिटर्न दिया।

कंस्ट्रक्शन और इंफ्रा साइकिल में तेजी की उम्मीदों से इस रैली को सपोर्ट मिला।

FMCG-दिसंबर 2014 से दिसंबर 2019

दिसंबर 2024 तक एफएमसीजी कंपनियां अपने 10 साल के औसत से 44% प्रीमियम पर थे लेकिन इसके बावजूद इस सेक्टर ने दिसंबर 2019 तक 96 पर्सेंटेज प्वाइंट्स अधिक रिटर्न दिया।

इसे इकॉनमी के फॉर्मलाइजेशन यानी औपचारिकीकरण, जीएसटी और 12% EPS CAGR से सपोर्ट मिला।

Retail-दिसंबर 2014 से सितंबर 2019

दिसंबर 2014 तक रिटेल सेक्टर का वैल्यूएशन अपने 10 साल के औसत से 41% प्रीमियम पर पहुंच गया।

इसके बावजूद सेक्टर ने सितंबर 2019 तक निफ्टी की तुलना में 159 पर्सेंटेज प्वाइंट्स अधिक रिटर्न दिया।

इस दौरान फॉर्मलाइजेशन, प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मजबूत मांग और उपभोक्ता खर्च में बढ़ोतरी से 20% EPS CAGR को सपोर्ट मिला।

Capital Goods- सितंबर 2022 से जून 2024

सितंबर 2022 तक 10 साल के औसत की तुलना में 28% प्रीमियम पर होने के बावजूद जून 2024 तक इसने 90 पर्सेंटेज प्वाइंट्स अधिक रिटर्न दिया।

इसे कोविड के बाद इंवेस्टमेंट साइकिल में रिकवरी से सपोर्ट मिला।

मजबूत ऑर्डर इनफ्लो और बेहतर मार्जिन पर इस दौरान EPS CAGR 26% रहा।

Hospital Stocks- दिसंबर 2021 से अक्टूबर 2025

कोविड के बाद अस्पताल दिसंबर 2021 तक हॉस्पिटल्स के वैल्यूएशन 10 साल के औसत के मुकाबले 44% प्रीमियम पर पहुंच गए थे।

इसके बावजूद हॉस्पिटल सेक्टर ने अक्टूबर 2025 तक 85 पर्सेंटेज प्वाइंट्स का आउटपरफॉरमेंस किया।

इंश्योरेंस कवरेज के विस्तार, ऑपरेटिंग लीवरेज में बढ़ोतरी और प्रति बेड आय (एवरेज रेवेन्यू पर ऑपरेटिंग बेड- ARPOB) में सुधार से EPS CAGR 23% रहा।

Hotel Stocks- दिसंबर 2021 से दिसंबर 2024

दिसंबर 2021 तक होटल स्टॉक्स अपने 10 साल के औसत से करीब 20% महंगे हो गए।

इसके बावजूद दिसंबर 2024 तक निफ्टी की तुलना में इसने करीब 290 पर्सेंटेज प्वाइंट्स अधिक रिटर्न दिया।

इसे कोविड के मांग में रिकवरी, प्रीमियमाइजेशन और विस्तार के मजबूत संभावनाओं से सपोर्ट मिला।

अब पावर स्टॉक्स पर दांव क्यों?

अब ऐसा ही रुझान ब्रोकरेज फर्म को पावर सेक्टर पर भी दिख रहा है और इस सेक्टर में जेएसडब्ल्यू एनर्जी, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, प्रीमियर एनर्जीज और सीमेंस एनर्जी को अपनी टॉप पसंद बताया है। जेफरीज के मुताबिक इसे बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की घटती लागत, स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड की बेहतर होती बैलेंस शीट, डेटा सेंटर के विस्तार, प्राइवेट सेक्टर की बढ़ती भागीदारी और ईवी के तेज विस्तार से सपोर्ट मिलेगा।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।