CBSE 12वीं के नतीजे घोषित, 85.20% स्‍टूडेंट हुए पास, लड़कियों ने फिर मारी बाजी

CBSE 12वीं के नतीजे घोषित, 85.20% स्‍टूडेंट हुए पास, लड़कियों ने फिर मारी बाजी

CBSE Class 12 Results Declared

CBSE Board 12th Results : CBSE बोर्ड 12वीं के परिणाम आ गए हैं। लंबे समय से परिणाम का इंतजार कर रहे छात्रों को आज राहत मिली। इस साल 85.20% स्टूडेंट्स पास हुए। इस बार लड़कियों ने फिर बाजी मारी। सीबीएसई के अनुसार, इस साल कुल 18,57,517 स्टूडेंट्स ने एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। इसमें से 1768986 स्टूडेंट्स शामिल हुए और कुल 1507109 स्टूडेंट्स पास हुए हैं।

इस बार भी लड़कियों का पास प्रतिशत 88.86% दर्ज किया गया है, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 82.13% दर्ज किया गया है। सीबीएसई 12वीं परीक्षा में एक बार फिर तिरुवनंतपुरम रीजन ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया है, वहीं प्रयागराज और पटना जैसे रीजन का रिजल्ट सबसे लो रहा। 

स्‍टूडेंट आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। वेबसाइट के अलावा स्मार्टफोन यूजर्स के लिए उमंग (UMANG) ऐप और डिजिलॉकर एक बेहतरीन विकल्प हैं। इन ऐप्स के जरिए छात्र अपनी डिजिटल हस्ताक्षरित मार्कशीट तुरंत डाउनलोड कर सकते हैं।

उमंग ऐप पर ‘CBSE’ सर्च करके अपनी डिटेल्स भरने से परिणाम बहुत ही कम समय में और सुरक्षित तरीके से स्क्रीन पर आ जाएगा। अगर इंटरनेट की समस्या है तो आप बिना ऑनलाइन जाए भी अपने अंक जान सकते हैं। इसके लिए एसएमएस सेवा का उपयोग करना होगा। मोबाइल में CBSE12 <रोल नंबर> <जन्म तिथि> <स्कूल नंबर> <सेंटर नंबर> टाइप करके 7738299899 पर भेज दें।

2026 के लिए क्लास 12th की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल के बीच आयोजित की गई थीं। पिछले साल, CBSE क्लास 10th और 12th के रिजल्ट एक साथ 13 मई 2025 को जारी किए गए थे लेकिन इस बार अलग-अलग दिनों पर जारी किए गए।
Edited By : Chetan Gour

CBSE 12th Result 2026: 18.5 लाख छात्रों का इंतजार खत्म होने वाला, DigiLocker-UMANG पर जल्द जारी हो सकता है रिजल्ट

CBSE 12वीं के नतीजे घोषित, 85.20% स्‍टूडेंट हुए पास, लड़कियों ने फिर मारी बाजी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) जल्द ही 18.5 लाख से अधिक छात्रों के लिए कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम 2026 जारी कर सकता है। हालांकि बोर्ड ने अभी तक रिजल्ट जारी होने की आधिकारिक तारीख और समय की घोषणा नहीं की है, लेकिन DigiLocker और UMANG ऐप पर हालिया अपडेट्स के बाद यह उम्मीद बढ़ गई है कि स्कोरकार्ड जल्द जारी किए जा सकते हैं।

ALSO READ: NEET 2026 रद्द होने पर फूटा राहुल गांधी का गुस्सा; बोले- '22 लाख छात्रों के सपनों को भ्रष्ट व्यवस्था ने कुचला'

CBSE 12वीं रिजल्ट 2026 से जुड़ी हर ताजा जानकारी, आधिकारिक घोषणा, डायरेक्ट रिजल्ट लिंक एक्टिवेशन, DigiLocker एक्सेस, पास प्रतिशत, री-इवैल्यूएशन और कंपार्टमेंट परीक्षा रजिस्ट्रेशन से जुड़े अपडेट यहां उपलब्ध रहेंगे। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष CBSE कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 18,59,551 छात्रों ने हिस्सा लिया। इनमें 10,27,552 छात्र और 8,31,999 छात्राएं शामिल थीं।

रिजल्ट घोषित होने के बाद क्या करें

CBSE कक्षा 12वीं रिजल्ट 2026 घोषित होने के बाद बोर्ड उन छात्रों के लिए कई पोस्ट-रिजल्ट सेवाएं शुरू कर सकता है, जो अपने अंकों में स्पष्टीकरण या सुधार चाहते हैं। इन सेवाओं में अंक सत्यापन (Verification of Marks), मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी प्राप्त करने का विकल्प, री-इवैल्यूएशन आवेदन और कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन शामिल हो सकते हैं। मूल मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट बाद में स्कूलों के माध्यम से वितरित किए जाएंगे, जबकि रिजल्ट घोषित होने के तुरंत बाद अस्थायी डिजिटल दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध करा दिए जाएंगे। Edited by : Sudhir Sharma

छत्तीसगढ़ बोर्ड ने जारी किया 10वीं और 12वीं का रिजल्ट, जानिए कितने फीसदी विद्यार्थी हुए उत्‍तीर्ण?

छत्तीसगढ़ बोर्ड ने जारी किया 10वीं और 12वीं का रिजल्ट, जानिए कितने फीसदी विद्यार्थी हुए उत्‍तीर्ण?

Chhattisgarh Board Class 10 and 12 Results Released

Chhattisgarh Board Exam Result 2026 : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने आज कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित कर दिए हैं। छात्र अपना परीक्षा परिणाम आधिकारिक वेबसाइट cgbse.nic.in और डिजीलॉकर के माध्यम से देख और डाउनलोड कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 में इस बार 3 विद्यार्थियों ने संयुक्त रूप से टॉप किया है। संध्या नायक, परी रानी प्रधान और अंशुल शर्मा ने 594 अंक (99.00 फीसदी) हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं दूसरे स्थान पर पांच छात्राएं रहीं, जिनमें रिया केशवानी, रानु सिद्धमयी साहू, रेणुका प्रधान, दीपांशी बौद्ध और नंदिता देवगन शामिल हैं, जिन्होंने 593 अंक (98.83%) प्राप्त किए हैं।

ALSO READ: यूपी बोर्ड का परीक्षा परिणाम घोषित, छात्राओं का दबदबा कायम

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने आज कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित कर दिए हैं। छात्र अपना परीक्षा परिणाम आधिकारिक वेबसाइट cgbse.nic.in और डिजीलॉकर के माध्यम से देख और डाउनलोड कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 में इस बार 3 विद्यार्थियों ने संयुक्त रूप से टॉप किया है। संध्या नायक, परी रानी प्रधान और अंशुल शर्मा ने 594 अंक (99.00 फीसदी) हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया है।

ALSO READ: छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, 14 नक्सली ढेर

वहीं दूसरे स्थान पर पांच छात्राएं रहीं, जिनमें रिया केशवानी, रानु सिद्धमयी साहू, रेणुका प्रधान, दीपांशी बौद्ध और नंदिता देवगन शामिल हैं, जिन्होंने 593 अंक (98.83%) प्राप्त किए हैं। कुल मिलाकर मेधा सूची में 8 विद्यार्थियों ने जगह बनाई है, जिनमें अधिकतर छात्राएं हैं। इस वर्ष कक्षा 10वीं की वार्षिक परीक्षा 21 फरवरी 2026 से शुरू होकर और 13 मार्च 2026 तक पूरी हुई। वहीं कक्षा 12वीं की परीक्षा 20 फरवरी 2026 से शुरू होकर 18 मार्च 2026 को खत्म हुई।

 

छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा 2026 में कुल 5,66,320 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी है। इसमें 10वीं कक्षा में 3,20,535 छात्रों ने परीक्षा दी, जबकि 12वीं कक्षा में 2,45,785 विद्यार्थियों ने भाग लिया। पिछली बार से 5 प्रतिशत अधिक रिजल्ट रहा। इस बार लड़कियों का प्रदर्शन बेहतर रहा और उनका पास प्रतिशत 81% रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 72 फीसदी दर्ज किया गया। लाखों छात्रों को अपने छत्तीसगढ़ बोर्ड हाईस्कूल रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार था।

ALSO READ: उत्तराखंड बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा परिणाम घोषित, लड़कियों ने मारी बाजी

मुख्‍यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से नतीजे घोषित किए। इस मौके पर राज्य शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे। शिक्षा मंत्री ने कहा जिन विद्यार्थियों का परिणाम मनमुताबिक न हो, वे बिलकुल निराश न हों, हर चुनौती एक नया अवसर लेकर आती है। ठहरना नहीं है, बस सीखते हुए आगे बढ़ते रहना है।
Edited By : Chetan Gour

इंजीनियरिंग के लिए यदि जेईई की परीक्षा नहीं देंगे तो क्या होगा?

इंजीनियरिंग के लिए यदि जेईई की परीक्षा नहीं देंगे तो क्या होगा?

In the picture, male and female students are taking the JEE exam.

अगर आप JEE (Joint Entrance Examination) की परीक्षा नहीं देने का फैसला करते हैं, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपके करियर के रास्ते बंद हो गए हैं। हाँ, कुछ खास दरवाजे जरूर बंद हो जाते हैं, लेकिन कई नए विकल्प भी खुलते हैं। यहाँ विस्तार से बताया गया है कि JEE न देने के क्या परिणाम होंगे और आपके पास क्या विकल्प बचेंगे।

 

1. किन संस्थानों में प्रवेश नहीं मिलेगा?

JEE मुख्य रूप से भारत के शीर्ष इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए एक “गेटवे” है। इसे न देने पर आप यहाँ एडमिशन नहीं ले पाएंगे:-

  • IITs (Indian Institutes of Technology): इसके लिए JEE Advanced जरूरी है, जिसमें बैठने के लिए JEE Main पास करना अनिवार्य है।
  • NITs (National Institutes of Technology)
  • IIITs (Indian Institutes of Information Technology)
  • CFTIs (Centrally Funded Technical Institutes)

 

2. आपके पास अन्य क्या विकल्प हैं?

JEE के बिना भी आप एक सफल इंजीनियर या प्रोफेशनल बन सकते हैं। आपके पास ये रास्ते खुले रहेंगे:-

राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षाएँ (State Entrance Exams): कई राज्यों की अपनी परीक्षाएं होती हैं (जैसे WBJEE, MHT-CET, COMEDK), जिनसे आप राज्य के बेहतरीन सरकारी और निजी कॉलेजों में जा सकते हैं।

निजी विश्वविद्यालय (Private Universities): BITS Pilani (BITSAT), VIT (VITEEE), SRM, और Manipal जैसे संस्थान अपनी खुद की परीक्षा लेते हैं। इनकी रैंकिंग कई NITs से भी बेहतर मानी जाती है।

Direct Admission: कई अच्छे प्राइवेट कॉलेज 12वीं के मार्क्स के आधार पर भी एडमिशन देते हैं।

अन्य कोर्सेज: अगर आपकी रुचि केवल इंजीनियरिंग में नहीं है, तो आप B.Sc, BCA, B.Design, BBA, या NDA (रक्षा सेवा) जैसे क्षेत्रों में जा सकते हैं।

3. क्या करियर पर बुरा असर पड़ेगा?

नहीं, यह एक गलतफहमी है।

 

स्किल की वैल्यू: कॉर्पोरेट जगत में आपकी डिग्री से ज्यादा आपके Skills (कोडिंग, प्रॉब्लम सॉल्विंग, कम्युनिकेशन) मायने रखते हैं।

ऑफ-कैंपस प्लेसमेंट: अगर आप किसी साधारण कॉलेज से भी पढ़ते हैं लेकिन मेहनत करके अच्छी स्किल सीख लेते हैं, तो आप Google, Microsoft या Amazon जैसी कंपनियों में “Off-Campus” आवेदन करके करोड़ों का पैकेज पा सकते हैं।

 

निष्कर्ष: अगर आपको लगता है कि आपकी तैयारी अच्छी नहीं है या आपका इंटरेस्ट इंजीनियरिंग में नहीं है, तो JEE छोड़ना कोई बड़ा नुकसान नहीं है। बस आपके पास एक Plan B तैयार होना चाहिए।

 

सुझाव: अगर आपने फॉर्म भरा है, तो परीक्षा में बैठना एक अच्छा अनुभव हो सकता है। इससे आपको अपनी स्थिति और प्रतिस्पर्धा का अंदाजा मिलता है।

 

MP Board Result 2026 : 10वीं-12वीं के नतीजे 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे, ऐसे करें चेक

MP Board Result 2026 : 10वीं-12वीं के नतीजे 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे, ऐसे करें चेक

rajasthan board 10th results

मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) 15 अप्रैल 2026 दिन बुधवार को एमपी बोर्ड कक्षा 10 और कक्षा 12 के 2026 के नतीजे घोषित करेगा। छात्र अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट mpbse.mponline.gov.in पर जाकर आसानी से चेक कर सकते हैं। एमपी बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं परीक्षा में पास होने के लिए छात्रों को हर विषय में कम से कम 33% अंक प्राप्त करना आवश्यक है। 

इस वर्ष एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में 16 लाख से अधिक छात्रों ने भाग लिया था। अब सभी छात्र मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) द्वारा MP Board 10th, 12th Result 2026 Date and Time का इंतजार कर रहे हैं।

ALSO READ: Hormuz Crisis : US Navy की नाकेबंदी के बीच क्या सुरक्षित हैं भारतीय जहाज? ईरान का बड़ा बयान

इसमें थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों में अलग-अलग पास होना अनिवार्य है। माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश (MPBSE) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक वर्ष 2026 की हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) और हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) परीक्षाओं के परिणाम 15 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे घोषित किए जाएंगे।

ALSO READ: Hormuz Crisis : US Navy की नाकेबंदी के बीच क्या सुरक्षित हैं भारतीय जहाज? ईरान का बड़ा बयान

यह घोषणा डॉ. मोहन यादव द्वारा मुख्यमंत्री निवास से की जाएगी। छात्र अपने परिणाम आधिकारिक वेबसाइट्स के साथ-साथ विभिन्न पोर्टल्स और मोबाइल ऐप्स पर भी देख सकेंगे। Edited by : Sudhir Sharma

CBSE Exam 2026: प्रश्नपत्रों पर छपे QR कोड्स को लेकर बोर्ड की बड़ी सफाई, छात्र और अभिभावक न हों भ्रमित

CBSE Exam 2026: प्रश्नपत्रों पर छपे QR कोड्स को लेकर बोर्ड की बड़ी सफाई, छात्र और अभिभावक न हों भ्रमित

cbse exam

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों पर छपे QR कोड्स के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, ये QR कोड्स कोई 'वेब लिंक' नहीं हैं। यह स्पष्टीकरण उन हालिया घटनाओं के बाद आया है, जिनमें परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्रों के QR कोड्स सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे और उन्हें लेकर कई तरह की अफवाहें फैल रही थीं।

ALSO READ: अबू धाबी में गिरा मलबे का टुकड़ा, 5 भारतीय सहित 12 लोग घायल, एयर डिफेंस ने नाकाम किया हमला

क्या है इन QR कोड्स का असली काम?

CBSE के परीक्षा नियंत्रक (Examination Controller) संयम भारद्वाज ने बताया कि इन कोड्स का इस्तेमाल इंटरनेट हाइपरलिंक के रूप में नहीं किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया- “प्रश्नपत्रों पर छपे QR कोड बोर्ड की आंतरिक प्रणाली (Internal System) का हिस्सा हैं। इनका उपयोग प्रश्नपत्रों के प्रमाणीकरण (Authentication), ट्रैकिंग और परीक्षा की शुचिता (Integrity) बनाए रखने के लिए किया जाता है। इन्हें स्कैन करने पर कोई वेबसाइट नहीं खुलती, बल्कि इनमें केवल निर्धारित टेक्स्ट (Text) दिखाई देता है।”

ALSO READ: Gemma 4: गूगल ने पेश किया अब तक का सबसे शक्तिशाली ओपन AI मॉडल; जानें इसकी खासियतें और इस्तेमाल का तरीका

गूगल सर्च को लेकर भी दी चेतावनी

संयम भारद्वाज ने आगे बताया कि यदि कोई उपयोगकर्ता इन कोड्स से प्राप्त टेक्स्ट को गूगल पर सर्च करता है, तो गूगल का एल्गोरिदम कुछ अन्य सुझाव (Suggestions) दिखा सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि गूगल क्रोम (Chrome) जैसे मानक ब्राउज़रों का उपयोग करने पर ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती है। बोर्ड ने जोर देकर कहा है कि गूगल सर्च के दौरान दिखने वाले किसी भी असंबद्ध वेब परिणाम या सुझाव से CBSE या उसकी परीक्षा प्रक्रिया का कोई लेना-देना नहीं है। ये परिणाम पूरी तरह से सर्च इंजन के एल्गोरिदम पर आधारित होते हैं। Edited by : Sudhir Sharma

शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने किया बड़ा बदलाव, NCERT को मिला ‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ का दर्जा, कैंपस खोलने और कोर्स चलाने की मिली मंजूरी

शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने किया बड़ा बदलाव, NCERT को मिला ‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ का दर्जा, कैंपस खोलने और कोर्स चलाने की मिली मंजूरी

Central Government's big Decision Regarding NCERT

Government's big Decision Regarding NCERT : देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में केंद्र सरकार ने एक बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) को आधिकारिक रूप से डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी का दर्जा दे दिया है। एनसीईआरटी को 'डीम्ड यूनिवर्सिटी' का दर्जा मिलना भारतीय शिक्षा प्रणाली में एक बड़ा और निर्णायक बदलाव माना जा रहा है। इस फैसले के साथ ही एनसीईआरटी की भूमिका अब केवल स्कूलों के लिए पाठ्यक्रम और किताबें तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा सकेगी। यह कदम देश में शिक्षक, शिक्षा और रिसर्च को नई दिशा दे सकता है। इससे देशभर के शिक्षकों और छात्रों को आधुनिक और प्रासंगिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। 

 

किन शर्तों के साथ मिला दर्जा?

सरकार ने एनसीईआरटी को कुछ सख्त शर्तों के साथ यह दर्जा दिया है। संस्थान अपनी संपत्ति या फंड बिना सरकार और यूजीसी की अनुमति के ट्रांसफर नहीं कर सकता। साथ ही, वह किसी भी तरह की मुनाफा कमाने वाली गतिविधि में शामिल नहीं होगा।

ALSO READ: सुप्रीम कोर्ट की NCERT को कड़ी फटकार, ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ अध्याय पर कारण बताओ नोटिस

शिक्षक, शिक्षा और रिसर्च को नई दिशा

देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में केंद्र सरकार ने एक बड़ा बदलाव कर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) को आधिकारिक रूप से डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी का दर्जा दे दिया है। इस फैसले के साथ ही एनसीईआरटी की भूमिका अब केवल स्कूलों के लिए पाठ्यक्रम और किताबें तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा सकेगी। यह कदम देश में शिक्षक, शिक्षा और रिसर्च को नई दिशा दे सकता है।

 

इससे देशभर के शिक्षकों और छात्रों को आधुनिक और प्रासंगिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। करीब 3 साल पहले केंद्र सरकार ने एनसीईआरटी के कार्यक्षेत्र को बढ़ाने का संकेत दिया था। इस नए दर्जे के तहत एनसीईआरटी अब अपने खुद के डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स चला सकेगा।  

ALSO READ: NCERT का बड़ा फैसला! कक्षा 8वीं की किताब से हटेगा 'न्यायिक भ्रष्टाचार' का चैप्टर, सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद मंचा हड़कंप

6 प्रमुख संस्थानों को भी किया शामिल 

इस फैसले के तहत एनसीईआरटी के 6 प्रमुख संस्थानों को भी शामिल किया गया है। इनमें अजमेर (राजस्थान), भोपाल (मध्य प्रदेश), भुवनेश्वर (ओडिशा), मैसूर (कर्नाटक), शिलांग (मेघालय) और भोपाल का पंडित सुंदरलाल शर्मा व्यावसायिक शिक्षा संस्थान शामिल हैं। इन सभी संस्थानों को मिलाकर एनसीईआरटी को एक विशेष श्रेणी में विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है।

 

UGC के दायरे में आया NCERT 

सरकार के इस निर्णय के बाद एनसीईआरटी अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियामक दायरे में भी आ गया है यानी इसके सभी शैक्षणिक कार्यक्रम UGC के नियमों और गुणवत्ता मानकों के अनुसार संचालित होंगे, जिससे इसकी विश्वसनीयता और भी मजबूत होगी। यह कदम देश में शिक्षक, शिक्षा और रिसर्च को नई दिशा दे सकता है, लेकिन इसके साथ कई जरूरी शर्तें भी लागू की गई हैं।

ALSO READ: NCERT के क्षमता निर्माण प्रशिक्षण में झारखंड के शिक्षक

NCERT सिर्फ किताबें नहीं, डिग्री भी देगा 

देश के स्कूलों से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण संस्था एनसीईआरटी को यह दर्जा मिलने के बाद उसका काम सिर्फ किताबें तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अब वह उच्च शिक्षा में भी अपनी भूमिका अच्छे से निभा पाएगा। इससे जहां एक तरफ नए अवसर खुलेंगे, वहीं दूसरी तरफ संस्थान की भूमिका और जिम्मेदारी भी बढ़ जाएगी। नई व्यवस्था के तहत एनसीईआरटी को अब राष्ट्रीय रैंकिंग में हिस्सा लेना होगा और NAAC जैसे संस्थानों से मान्यता भी लेनी होगी।
Edited By : Chetan Gour

Bihar Board 10th Result 2026 : बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी: 81.79% छात्र पास, यहां देखें पूरी डिटेल और ऐसे करें चेक

Bihar Board 10th Result 2026 : बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी: 81.79% छात्र पास, यहां देखें पूरी डिटेल और ऐसे करें चेक

Bihar Board 10th Result 2026

Bihar School Examination Board ने आज मैट्रिक (10वीं) परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस परिणाम का लंबे समय से इंतजार कर रहे लाखों छात्रों को राहत मिली है। इस वर्ष कुल 81.79% छात्र सफल घोषित हुए हैं, जो पिछले वर्षों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है। इस साल बिहार बोर्ड की 10वीं परीक्षा में करीब 15 लाख 12 हजार छात्रों ने हिस्सा लिया था। सभी छात्र अब अपना रिजल्ट ऑनलाइन माध्यम से आसानी से चेक कर सकते हैं। रिजल्ट जारी होते ही आधिकारिक वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ गया, लेकिन बोर्ड ने व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पर्याप्त तकनीकी तैयारी की थी।

ALSO READ: US-Israel-Iran War : अमेरिकी-इजराइली हमले तेज, बंदरगाह पर 5 की मौत; जमीनी कार्रवाई की तैयारी, कई मोर्चों पर बढ़ा तनाव

 टॉपर्स लिस्ट भी जारी

 

रिजल्ट के साथ ही बोर्ड ने टॉपर्स लिस्ट भी जारी कर दी है। राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल करने वाले मेधावी छात्रों को बिहार सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा। टॉपर्स को पुरस्कार और स्कॉलरशिप भी दी जाएगी, जिससे उन्हें आगे की पढ़ाई में मदद मिल सके। बिहार के शिक्षा मंत्री Sunil Kumar ने औपचारिक रूप से रिजल्ट की घोषणा की। उन्होंने सफल छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह उनकी मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है।

 

ऐसे करें अपना रिजल्ट चेक

  • छात्र अपना रिजल्ट नीचे दिए गए आसान स्टेप्स से चेक कर सकते हैं:
  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
  • “Bihar Board 10th Result 2026” लिंक पर क्लिक करें
  • अपना रोल नंबर और रोल कोड दर्ज करें
  • सबमिट करते ही स्क्रीन पर आपका रिजल्ट दिखाई देगा
  • मार्कशीट डाउनलोड करके भविष्य के लिए सुरक्षित रखें

 रिजल्ट चेक करने की वेबसाइट्स

biharboardonline.org

matricbiharboard.com

 मार्कशीट डाउनलोड जरूरी

छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड कर लें। यह अस्थायी होती है, जबकि मूल मार्कशीट बाद में स्कूलों से प्राप्त की जा सकेगी। Edited by : Sudhir Sharma

10th के बाद PCM के साथ और कौन-से सब्जेक्ट ले सकते हैं?

10th के बाद PCM के साथ और कौन-से सब्जेक्ट ले सकते हैं?

after 10th courses list

10th के बाद PCM (Physics, Chemistry, Maths) चुनना एक बहुत ही लोकप्रिय और करियर के लिहाज से बेहतरीन फैसला है। PCM के साथ आपको एक Optional (5th Subject) चुनना होता है, जो न केवल आपके बोर्ड एग्जाम के परसेंटेज बढ़ा सकता है, बल्कि भविष्य के करियर की दिशा भी तय करता है। यहाँ PCM के साथ लिए जाने वाले प्रमुख विषयों की सूची दी गई है।

 

1. कंप्यूटर साइंस (Computer Science / IT)

सीएस: यह PCM के साथ सबसे ज्यादा लिया जाने वाला विषय है।

किसे लेना चाहिए: जो आगे चलकर Software Engineering, AI, या Data Science में जाना चाहते हैं।

फायदा: कोडिंग और प्रोग्रामिंग की बेसिक समझ स्कूल में ही मिल जाती है।

 

2. फिजिकल एजुकेशन (Physical Education)

पीई: यह सबसे आसान और 'स्कोरिंग' विषय माना जाता है।

किसे लेना चाहिए: जो छात्र अपना मुख्य ध्यान JEE या Competitive एग्जाम्स पर लगाना चाहते हैं और बोर्ड में अच्छे मार्क्स चाहते हैं। डिफेंस में जाना चाहते हैं।

फायदा: पढ़ाई का बोझ कम होता है और खेलकूद व स्वास्थ्य की जानकारी मिलती है।

 

3. इकोनॉमिक्स (Economics)

किसे लेना चाहिए: जो छात्र इंजीनियरिंग के बजाय आगे चलकर Management, Finance, या Data Analysis में रुचि रखते हैं।

फायदा: इंजीनियरिंग के बाद MBA करने वालों के लिए यह विषय नींव का काम करता है।

 

4. इंफॉर्मेशन प्रैक्टिस (Informatics Practices – IP)

आईपी: यह कंप्यूटर साइंस का थोड़ा आसान वर्जन है। इसमें डेटाबेस और नेटवर्किंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है।

किसे लेना चाहिए: जो कंप्यूटर में रुचि रखते हैं लेकिन बहुत ज्यादा कठिन कोडिंग नहीं चाहते।

 

5. फाइन आर्ट्स / पेंटिंग (Fine Arts / Painting)

किसे लेना चाहिए: जिनकी रुचि क्रिएटिविटी में है।

फायदा: यह एक बहुत ही रिलैक्सिंग और हाई-स्कोरिंग सब्जेक्ट है।

 

6. साइकोलॉजी (Psychology)

किसे लेना चाहिए: जो मानव व्यवहार (Human Behavior) को समझना चाहते हैं।

फायदा: आजकल AI और यूजर एक्सपीरियंस (UX) डिजाइनिंग में साइकोलॉजी की बहुत मांग है।

 

7. विषय चुनते समय इन 3 बातों का ध्यान रखें:

करियर लक्ष्य: अगर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना है तो 'Computer Science' लें। अगर स्पोर्ट्स या आर्मी में जाना है तो 'Physical Education' बेहतर है।

मार्क्स का प्रेशर: अगर आप PCM को ही बहुत कठिन पा रहे हैं, तो फिजिकल एजुकेशन जैसा आसान विषय लें ताकि परसेंटेज न गिरे।

रुचि (Interest): अगर आपको पेंटिंग या म्यूजिक पसंद है, तो उसे ही चुनें क्योंकि इससे पढ़ाई का तनाव कम होता है।

 

विशेष: कुछ छात्र PCM के साथ बायोलॉजी (PCMB) भी लेते हैं, जिसे 'Double Stream' कहा जाता है। यह डॉक्टर और इंजीनियर दोनों के विकल्प खुले रखता है, लेकिन इसका पढ़ाई का बोझ बहुत ज्यादा होता है।

1. Computer Science (CS)

अगर आपको प्रोग्रामिंग, टेक्नोलॉजी, AI, सॉफ्टवेयर में रुचि है तो यह सबसे अच्छा विकल्प है।

आगे जाकर करियर:

Software Engineer

Data Scientist

AI/ML Engineer

App Developer

 

2. Informatics Practices (IP)

इसमें Python, Database, Data Handling सिखाया जाता है।

CS से थोड़ा आसान माना जाता है।

अगर कोडिंग में शुरुआती रुचि है तो अच्छा विकल्प।

 

3. Physical Education

अगर आप PCM को थोड़ा आसान बनाना चाहते हैं तो यह अच्छा विकल्प है।

स्कोरिंग सब्जेक्ट माना जाता है और बोर्ड में अच्छे नंबर आ सकते हैं।

 

4. Engineering Graphics

अगर आगे Engineering, Architecture, Design में जाना चाहते हैं तो यह सब्जेक्ट उपयोगी है।

इसमें तकनीकी ड्राइंग और डिजाइन सिखाया जाता है।

 

5. Economics

अगर आगे Management, Data Analysis, Finance में जाना चाहते हैं तो यह भी अच्छा विकल्प हो सकता है।

 

सबसे ज्यादा छात्र यह कॉम्बिनेशन लेते हैं:

PCM + Computer Science + English

या

PCM + Physical Education + English (अगर बोर्ड में अच्छे नंबर चाहिए)

 

सुझाव:

अगर आप JEE, Engineering, Tech Field में जाना चाहते हैं- Computer Science लें।

अगर पढ़ाई का दबाव कम रखना चाहते हैं- Physical Education लें।

डिग्री नहीं, दक्षता चाहिए — राष्ट्र निर्माण की निर्णायक दिशा

डिग्री नहीं, दक्षता चाहिए — राष्ट्र निर्माण की निर्णायक दिशा

'अंक परिणाम बताते हैं, पर कौशल भविष्य गढ़ता है'

 

यदि डिग्री ही सफलता की गारंटी होती, तो बेरोजगारी क्यों होती?

यदि प्रमाण-पत्र ही पर्याप्त होते, तो उद्योगों में कौशल की कमी की चर्चा क्यों होती?

 

स्पष्ट है कि समय बदल चुका है। अब शिक्षा को नए दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता है। यह दौर केवल प्रतिस्पर्धा का नहीं, बल्कि आत्ममंथन का है। हमें स्वयं से पूछना होगा — क्या हमारी शिक्षा युवाओं को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार कर रही है, या केवल परीक्षाओं के अंकों तक सीमित कर रही है?

 

किसी भी राष्ट्र की सच्ची संपन्नता उसके प्राकृतिक संसाधनों से नहीं, बल्कि उसके नागरिकों की कार्यक्षमता से मापी जाती है। वही देश आगे बढ़ता है जिसकी युवा शक्ति आत्मविश्वासी, सक्षम और व्यावहारिक ज्ञान से संपन्न हो। अवसर का द्वार डिग्री खोलती है, पर उस द्वार पर टिके रहने की योग्यता कौशल ही प्रदान

करता है। इसी संदर्भ में एक छोटी-सी घटना याद आती है।

 

एक ही शहर के दो युवा थे। दोनों ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। पहले ने चार वर्ष केवल परीक्षा की तैयारी में लगाए। अच्छे अंक आए, डिग्री मिल गई। दूसरे ने भी पढ़ाई की, लेकिन साथ ही छोटी-छोटी कार्यशालाओं में काम किया, मशीनें खोलीं, जोड़ीं, असफल हुआ, फिर सीखा। जब नौकरी का समय आया, तो साक्षात्कार में पहले युवक ने सिद्धांत बताए, पर व्यावहारिक प्रश्नों पर ठिठक गया। दूसरे युवक ने मशीन की आवाज़ से ही समस्या पहचान ली। चयन किसका हुआ — यह बताने की आवश्यकता नहीं। 

 

यही अंतर है — पढ़ाई और तैयारी में। डिग्री और दक्षता में।

 

आज उद्योगों को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो समस्याओं को समझ सकें, समाधान खोज सकें और परिणाम दे सकें। वास्तविक कार्यस्थल पर केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं होता; वहां अभ्यास, अनुभव और निर्णय क्षमता काम आती है। ज्ञान दिशा देता है, पर कौशल गति देता है। और बिना गति के दिशा भी ठहर जाती है।

 

आज की शिक्षा व्यवस्था का सबसे बड़ा संकट यह है कि उसका केंद्र अंक बन गए हैं। विद्यार्थी वर्षों तक परीक्षा की तैयारी करते हैं, पर जीवन की तैयारी अधूरी रह जाती है। अक्सर व्यक्ति पढ़ता कुछ और है और काम कुछ और करता है। तब वह डिग्री कितनी उपयोगी सिद्ध होती है, जो व्यवहारिक जीवन में मार्गदर्शक भी न बन सके?

शिक्षा का उद्देश्य प्रमाण-पत्र इकट्ठा करना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का निर्माण होना चाहिए। ऐसी पीढ़ी तैयार करनी होगी जो सोच सके, निर्णय ले सके, जोखिम उठा सके और आत्मनिर्भर बन सके।

 

यदि राष्ट्र को सशक्त बनाना है, तो शिक्षा को उद्योग और समाज की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना होगा। तकनीकी प्रशिक्षण, व्यावसायिक शिक्षा, इंटर्नशिप और प्रायोगिक अनुभव को प्राथमिकता देनी होगी।

एक इंजीनियरिंग स्नातक जिसने मशीन को केवल पुस्तक में देखा हो, और एक प्रशिक्षित तकनीशियन जिसने वर्षों तक मशीन पर काम किया हो — उद्योग किसे प्राथमिकता देगा? 

उत्तर स्पष्ट है। यही अंतर सिद्धांत और दक्षता के बीच का है।

 

जब युवा कौशल के साथ आगे बढ़ते हैं, तो वे केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं रहते। वे अवसर निर्माण करने वाले बनते हैं। वे नवाचार करते हैं, उद्यमिता अपनाते हैं और समाज को नई दिशा देते हैं। कौशल अभ्यास से आता है। जैसे तैरना पढ़कर नहीं सीखा जा सकता, वैसे ही जीवन के कौशल केवल कक्षा में बैठकर नहीं सीखे जा सकते। अनुभव आत्मविश्वास देता है, निर्णय की स्पष्टता देता है और परिस्थितियों को समझने की दृष्टि देता है।

 

समृद्ध राष्ट्र वही है जहां नागरिक उत्पादक और आत्मनिर्भर हों। कुशल श्रमिक, प्रशिक्षित तकनीशियन, सक्षम प्रबंधक और नवाचारी उद्यमी — यही देश की वास्तविक पूंजी हैं। जब कार्यकुशलता बढ़ती है, तब उत्पादन बढ़ता है, गुणवत्ता सुधरती है और राष्ट्र वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सशक्त बनता है। इसके विपरीत, यदि डिग्री तो हो पर दक्षता न हो, तो बेरोजगारी और निराशा बढ़ती है।

 

अब समय आ गया है कि हम शिक्षा को केवल प्रतिष्ठा का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रगति का साधन मानें। अभिभावकों को समझना होगा कि केवल डिग्री की दौड़ समाधान नहीं है। बच्चों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार दिशा देना अधिक आवश्यक है।

 

सरकार, शिक्षण संस्थान और उद्योग — सभी को मिलकर ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जहाँ शिक्षा और रोजगार के बीच सशक्त संबंध स्थापित हो। अंततः सत्य यही है — डिग्री अवसर दिला सकती है, पर दक्षता अवसर टिकाती है।

 

अंक क्षणिक हैं, पर कौशल स्थायी है। यदि हम सचमुच परिवर्तन चाहते हैं, तो शिक्षा की सोच बदलनी होगी। हमें अपने बच्चों को केवल डिग्री नहीं, दिशा देनी होगी; केवल अंक नहीं, आत्मविश्वास भी देना होगा। क्योंकि राष्ट्र का भविष्य कागज पर नहीं लिखा जाता — वह कर्मभूमि पर गढ़ा जाता है। और जब शिक्षा जीवन से जुड़ती है, तभी राष्ट्र इतिहास रचता है।