मनीकंट्रोल अगस्त में भारत का नंबर-1 बिजनेस न्यूज प्लेटफॉर्म रहा, 3.22 करोड़ यूनिक विजिटर्स आए : Comscore

अगस्त में मनीकंट्रोल देश का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला बिजनेस न्यूज प्लेटफॉर्म रहा। ग्लोबल ऑडियंस मेजरमेंट कंपनी Comscore के मुताबिक, मनीकंट्रोल पर इस दौरान किसी भी दूसरी बिजनेस न्यूज साइट से ज्यादा यूनिक विजिटर्स आए। इसमें द इकोनॉमिक टाइम्स भी शामिल है।

Comscore की MMX Multi-Platform India रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त में मनीकंट्रोल पर 3.22 करोड़ यूनिक विजिटर्स आए। वहीं, इकोनॉमिक टाइम्स पर 3.06 करोड़ यूनिक विजिटर्स पहुंचे। ये आंकड़े डेस्कटॉप, मोबाइल और सोशल समेत भारत की पूरी डिजिटल ऑडियंस के हैं।

पेज व्यू में भी बड़ी बढ़त

पेज व्यू के मामले में भी मनीकंट्रोल काफी आगे रहा। अगस्त में मनीकंट्रोल पर 25.75 करोड़ पेज व्यू दर्ज किए गए। इकोनॉमिक टाइम्स के पेज व्यू 7.85 करोड़ रहे।

यानी मनीकंट्रोल के पेज व्यू इकोनॉमिक टाइम्स के मुकाबले तीन गुने से भी ज्यादा रहे। इससे प्लेटफॉर्म पर आने वाले पाठकों की संख्या और उनकी एक्टिविटी का अंदाजा लगाया जा सकता है।

Moneycontrol पर ज्यादा समय बिताते हैं रीडर

रीडर्स ने मनीकंट्रोल पर ज्यादा समय भी बिताया। अगस्त में यूजर्स ने इस प्लेटफॉर्म पर कुल 49.91 करोड़ मिनट बिताए। वहीं, The Economic Times के लिए यह आंकड़ा 13.28 करोड़ मिनट रहा।

इस तरह रीडर एंगेजमेंट में भी मनीकंट्रोल की बढ़त काफी बड़ी रही। यानी पाठक सिर्फ प्लेटफॉर्म पर आ नहीं रहे, बल्कि वहां ज्यादा समय भी बिता रहे हैं।

मैनेजिंग एडिटर ने क्या कहा?

मैनेजिंग एडिटर के मैनेजिंग एडिटर नलिन मेहता ने कहा, ‘भू-राजनीतिक अनिश्चितता और बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक स्पष्ट और भरोसेमंद जानकारी चाहते हैं। रीडरशिप के आंकड़े Moneycontrol की रिपोर्टिंग और बाजार की गहरी कवरेज में रीडर्स के भरोसे को दिखाते हैं।’

उन्होंने कहा कि निवेशकों को बाजार और बिजनेस से जुड़ी जानकारी के साथ सही एनालिसिस भी चाहिए। Moneycontrol इसी जरूरत को पूरा करने पर फोकस करता है।

मार्केट से लेकर बिजनेस तक पूरी कवरेज

Moneycontrol पर रियल-टाइम मार्केट डेटा, ब्रेकिंग न्यूज और एनालिटिक्स मिलते हैं। इसके अलावा रिसर्च और बाजार से जुड़े एक्सपर्ट व्यू भी उपलब्ध हैं।

Comscore के ताजा आंकड़े प्लेटफॉर्म की पहुंच को दिखाते हैं। खासकर निवेशकों और बिजनेस लीडर्स के बीच इसकी रीडरशिप मजबूत बनी हुई है। बदलते आर्थिक माहौल में लोग समय पर जानकारी और गहरे विश्लेषण के लिए Moneycontrol का रुख कर रहे हैं।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Stocks to Watch: 9 लिस्टिंग्स और Sensex की एक्सपायरी; Groww, ITC और Fortis समेत 22 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की बढ़ोतरी और आगे भी इसमें हाइक के आसार के बाद अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक दिखी। वहीं गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 27.00 प्वाइंट्स यानी 0.12% की गिरावट के साथ 23,240.00 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज उठा-पटक दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 16 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 332.63 प्वाइंट्स यानी 0.45% की बढ़त के साथ 74,336.45 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.00 प्वाइंट्स यानी 0.43% के उछाल के साथ 23,217.60 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Tempsens Instruments India Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 14.2% बढ़कर ₹15.2 करोड़ और रेवेन्यू 33.4% उछलकर ₹118.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Infosys

इन्फोसिस ने मध्य भारत में अपनी स्थिति और मजबूत करने के लिए इंदौर डेवलपमेंट सेंटर (DC) के विस्तार का ऐलान किया है। इसमें एआई, क्लाउड, साइबर सिक्योरिटी और अगली पीढ़ी की डिजिटल सर्विसेज की बढ़ी हुई कैपिबिलिटीज होंगी।।

Alembic Pharmaceuticals

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने गुजरात के वडोदरा में एलेम्बिक फार्मा की बॉयोइक्विवैलेंस फैसिलिटी की जांच के बाद एक EIR (एस्टेब्लिशमेंट इंस्पेक्शन रिपोर्ट (EIR) जारी किया है।

Highway Infrastructure

हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी से ₹220.66 करोड़ का ऑर्डर मिला है। इसमें गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए यूजर फीस वसूलना, टोल प्लाजा को चलाने और चार पेट्रोल-कम-सेफ्टी गाड़ियां लगाने का काम है।

Mazagon Dock Shipbuilders

मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने महाराष्ट्र के दिघी में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग इंडस्ट्रियल क्लस्टर में एंकर शिपयार्ड के तौर पर शामिल होने के लिए नेशनल शिपबिल्डिंग एंड हेवी इंडस्ट्रीज पार्क महाराष्ट्र (NSHIPML) के साथ एक एमओयू किया है। इस शिपयार्ड की सालाना जहाज निर्माण क्षमता कम से कम 1.2 मिलियन ग्रॉस टनेज होने का अनुमान है।

GR Infraprojects

जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स ने एनटीपीसी के मौदा सुपर थर्मल पावर स्टेशन पर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) लगाने के ईपीसी पैकेज प्रोजेक्ट के लिए एनटीपीसी को कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने का नोटिस जारी किया है।

Fortis Healthcare

फोर्टिस हेल्थकेयर ने नई दिल्ली के अशोक विहार में 400 से अधिक बेड वाले सुपर-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में हेल्थकेयर सर्विसेज देने के लिए सेठ सुंदर लाल जैन चैरिटेबल आई हॉस्पिटल के साथ डेफिनिटिव एग्रीमेंट किए हैं। अस्पताल के तीन से चार साल में काम शुरू करने की उम्मीद है।

Venus Pipes and Tubes

वीनस पाइप्स एंड ट्यूब्स ने प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए 18 निवेशकों को प्रति शेयर ₹1,670 के भाव पर ₹372 करोड़ में 22.27 लाख इक्विटी शेयर जारी करने का फैसला किया है।

Gujarat Narmada Valley Fertilizers & Chemicals

गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स ने संजीव कुमार को 9 सितंबर से पांच साल के लिए कंपनी का एमडी नियुक्त किया है।

ITC

आईटीसी ने दो ब्रांड्स- क्लासिक कनेक्ट और गोल्ड फ्लेक सुपरस्टार की कीमतें बढ़ा दी हैं। सीएनबीसी-टीवी18 के सूत्रों के अनुसार क्लासिक कनेक्ट के 20 के पैक की कीमत ₹390 से बढ़ाकर ₹428 तो गोल्ड फ्लेक सुपरस्टार के 10 के पैक की कीमत ₹79 से बढ़ाकर ₹89 कर दी है।

Billionbrains Garage Ventures (Groww)

वेंचर कैपिटल फर्म पीक XV पार्टनर्स के इन्वेस्टमेंट फंड पीक XV पार्टनर्स इंवेस्टमेंट्स VI-1 ने ग्रो में अपनी 1.46% हिस्सेदारी (9.17 करोड़ इक्विटी शेयर) ₹1,756.2 करोड़ में प्रति शेयर ₹191.49 के भाव पर बेच दी। यह Groww की पैरेंट कंपनी में पीक XV पार्टनर्स की 15.68% हिस्सेदारी का एक हिस्सा था।

Kanohar Electricals

ग्रो म्यूचुअल फंड ने ₹35.2 करोड़ में प्रति शेयर ₹740.38 के भाव पर पावर ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कंपनी कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के 4.75 लाख शेयर (0.6% हिस्सेदारी) ₹35.2 करोड़ में खरीदे।

Glass Wall Systems India

प्राइवेट इक्विटी फर्म फर्स्ट ब्रिज इंडिया ग्रोथ फंड की प्रमोटेड फर्स्ट ब्रिज इंडिया ग्रोथ फंड ने लिस्टिंग के दिन ग्लास वाल सिस्टम्स के अतिरिक्त 6.03 लाख शेयर (0.68% हिस्सेदारी) ₹12 करोड़ में प्रति शेयर ₹198.75 के भाव पर खरीदे। लिस्टिंग के पहले इस फंड के पास कंपनी में 2.19% हिस्सेदारी थी। ऑथम इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर ने प्रति शेयर ₹193.12 के भाव पर पर ₹19.13 करोड़ में 10 लाख शेयर, सीएसआईएम इंडिया अपॉर्च्यूनिटीज फंड 1 ने ₹194.31 के भाव पर ₹10.2 करोड़ में 5.25 लाख शेयर और एसआई इंवेस्टमेंट्स ब्रोकिंग ने ₹203.81 के भाव पर ₹10.19 करोड़ में 5 लाख शेयर खरीदे।

मेनबोर्ड लिस्टिंग: 6 स्टॉक्स

मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस (Manipal Payment & Identity Solutions), रेंटोमोजो (Rentomojo), एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया (Asset Reconstruction Company India), स्टीम हाउस इंडिया (Steamhouse India), करमतारा इंजीनियरिंग (Karamtara Engineering) और एलसीसी प्रोजेक्ट्स (LCC Projects) के शेयर आज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।

एसएमई लिस्टिंग: 3 स्टॉक्स

आज विनोद टेक्सवर्ल्ड (Vinod Texworld) की एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी तो इंफ्राक्स रिन्यूएबल (Infrax Renewable) और एमटेक एस्टर्स (Amtech Esters) के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: स्काईवेज एयर सर्विसेज, ओडिशा मिनरल्स डेवलपमेंट कंपनी

एक्स-डिविडेंड: एक्यूटस केमिकल्स, अग्रवाल इंडस्ट्रियल कॉर्पोरेशन, एशियन एनर्जी सर्विसेज, ऑसम एंटरप्राइज, बाल फार्मा, भारत रसायन, क्राफ्टरूट रिटेल, एस्टर इंडस्ट्रीज, एक्सेल इंडस्ट्रीज, फिल्ट्रा कंसल्टेंट्स एंड इंजीनियर्स, गुजरात फ्लोरोकेमिकल्स, हिमतसिंगका साइड, एचपीएल इलेक्ट्रिक एंड पावर, इंडो एमाइन्स, इंटरनेशनल कन्वेयर्स, इरकॉन इंटरनेशनल, केसीपी शुगर एंड इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन, लैंडमार्क कार्स, मेघना इन्फ्राकॉन इंफ्रास्ट्रक्चर, एमएसटीसी, ओरिएंट सेराटेक, पटेल इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स, प्रीमियर पॉलीफिल्म, रॉसेल टेकसिस, रूबी मिल्स, सनसेरा इंजीनियरिंग, श्री जगदंबा पॉलिमर्स, स्टार पेपर मिल्स, सनटेक रियल्टी, तमिलनाडु पेट्रोप्रोडक्ट्स, तमिलनाडु न्यूज़प्रिंट एंड पेपर्स, वेल्थ फर्स्ट पोर्टफोलियो मैनेजर्स

F&O बैन: आज बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, SAIL

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GACM Technologies का ₹15 करोड़ का MoU, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पर बढ़ाएगी फोकस

GACM Technologies: टेक्नोलॉजी और डिजिटल सॉल्यूशंस कंपनी GACM Technologies ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए Meridian Intelligence Private Limited के साथ रणनीतिक समझौता ज्ञापन (MoU) किया है। इस साझेदारी की कुल संभावित वैल्यू ₹15 करोड़ है। कंपनी का कहना है कि इससे उसकी टेक्नोलॉजी क्षमताएं मजबूत होंगी और लंबे समय में नए रेवेन्यू के अवसर बनेंगे।

2028 तक रहेगा समझौता

कंपनी के मुताबिक, यह MoU 30 सितंबर 2028 तक प्रभावी रहेगा। इसके तहत दोनों कंपनियां भविष्य में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर साथ काम करेंगी। जरूरत के मुताबिक आगे अलग-अलग बाध्यकारी समझौते भी किए जाएंगे।

टेक्नोलॉजी पोर्टफोलियो होगा मजबूत

GACM Technologies का कहना है कि इस साझेदारी का मकसद कंपनी के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पोर्टफोलियो को मजबूत करना है। साथ ही नए टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस विकसित करना, ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देना और कारोबार का विस्तार करना भी कंपनी की रणनीति का हिस्सा है।

क्या बोले मैनेजिंग डायरेक्टर?

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर जे. वी. तिरुपति राव ने कहा कि Meridian Intelligence के साथ यह साझेदारी GACM Technologies की सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट क्षमताओं को नई मजबूती देगी। इससे कंपनी को स्केलेबल टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस विकसित करने, बाजार में मौजूदगी बढ़ाने और लंबी अवधि की ग्रोथ हासिल करने में मदद मिलेगी।

वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा?

वित्त वर्ष 2025-26 में GACM Technologies का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ₹22.94 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹14.58 करोड़ था। इसी दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा ₹4.12 करोड़ से बढ़कर ₹8.60 करोड़ पहुंच गया। कंपनी का कहना है कि यह बेहतर ऑपरेशनल और टिकाऊ ग्रोथ रणनीति का नतीजा है।

Q1 Results: सरकारी कंपनी घाटे से मुनाफे में लौटी, रेवेन्यू 46% बढ़ा; फोकस में रहेगा स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ये AI स्टार्टअप कर्मचारियों को दफ्तर के पास रहने के लिए दे रही 17 लाख का हाउसिंग स्टाइपेंड, 3 टाइम खाना, जिम-सॉना और न जाने क्या-क्या!

आज के समय में टेक कंपनियां अपने एम्प्लॉई को अट्रैक्ट करने के लिए कई तरह की फैसिलिटीज देती हैं, लेकिन न्यूयॉर्क की AI स्टार्टअप कंपनी रिला ने एक अलग पहल शुरू की है। कंपनी अपने एम्प्लॉई को ऑफिस के पास रहने के लिए लाखों रुपये का हाउसिंग स्टाइपेंड देती है। इसका मकसद एम्प्लॉई का आने-जाने का समय बचाना और उन्हें काम पर ज्यादा ध्यान फोकस करने में मदद करना है। हालांकि, इस सुविधा के साथ कंपनी का वर्क कल्चर भी काफी सख्त बताया जाता है:

एम्प्लॉई के रहने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती है कंपनी

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न्यूयॉर्क की AI स्टार्टअप कंपनी रिला अपने एम्प्लॉई के हाउसिंग अलाउंस पर हर साल करीब 1.7 मिलियन डॉलर (लगभग 16-17 करोड़ रुपये) खर्च करती है। कंपनी के CEO सेबेस्टियन जिमेनेज़ का मानना है कि एम्प्लॉई को ऑफिस के करीब रहने से समय की बचत होती है और उनकी प्रोडक्टिविटी बेहतर हो सकती है। यह फैसिलिटी कंपनी की खास रणनीति का हिस्सा है, जिससे एम्प्लॉई अपने काम पर ज्यादा ध्यान दे सकें।

ऑफिस के पास रहने पर मिलता है ₹17 लाख से ज्यादा का स्टाइपेंड

एआई परामर्श सेवाएं और समाधान | पीडब्ल्यूसी

रिला कंपनी अपने एम्प्लॉई को सालाना करीब 18,000 डॉलर (लगभग 17 लाख रुपये) का हाउसिंग स्टाइपेंड देती है। यह लाभ उन एम्प्लॉई को मिलता है, जो ब्रुकलिन के विलियम्सबर्ग इलाके में कंपनी के ऑफिस से करीब 10 मिनट की बाइक दूरी के अंदर रहना पसंद करते हैं। विलियम्सबर्ग न्यूयॉर्क के सबसे पॉपुलर और एक्सपेंसिव एरिया में शामिल है, जहां स्टूडियो अपार्टमेंट का किराया लगभग 4,000 डॉलर प्रति महीने तक हो सकता है।

ज्यादातर एम्प्लॉई उठा रहे हैं इस सुविधा का लाभ

A row of colorful houses with a blue sky and trees in the background | Premium AI-generated image

रिला में करीब 120 एम्प्लॉई काम करते हैं, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत एम्प्लॉई इस अल्टरनेटिव हाउसिंग फैसिलिटी का यूज कर रहे हैं। इसी वजह से कंपनी का सालाना खर्च करीब 1.7 मिलियन डॉलर तक पहुंच जाता है। CEO के अनुसार, यह एम्प्लॉई को आराम देने के बजाय उनके काम करने के तरीके को बेहतर बनाने की कोशिश है।

आने-जाने का समय बचाना है कंपनी का प्राइमरी ऑब्जेक्टिव

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रिला के CEO सेबेस्टियन जिमेनेज़ का कहना है कि रोजाना ऑफिस आने-जाने में लगने वाला समय लोगों के दिन का सबसे स्ट्रेस्फुल बन जाता है। कंपनी चाहती है कि एम्प्लॉई लॉन्ग कम्युटेस में समय गंवाने के बजाय फैमिली के साथ समय बिताएं, किताब पढ़ें, एक्सरसाइज करें या कोई अच्छा काम कर सकें। इस तरह हाउसिंग अलाउंस को एम्प्लॉई की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के तरीके के रूप में देखा जा रहा है।

हाउसिंग के अलावा भी मिलती हैं कई फैसिलिटीज

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रिला अपने एम्प्लॉई को हाउसिंग स्टाइपेंड के अलावा दिन में तीन बार खाने की सुविधा भी देती है। कंपनी एम्प्लॉई के लिए सॉना और कोल्ड प्लंज जैसी सुविधाओं वाली जिम भी तैयार कर रही है। हालांकि, इन सुविधाओं के साथ कंपनी का काम करने का माहौल काफी डिमांडिंग है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एम्प्लॉई अक्सर हफ्ते में छह दिन और रोजाना करीब 12 घंटे काम करते हैं, यानी लगभग 72 घंटे प्रति सप्ताह। CEO ने कंपनी के कल्चर को “बेहद सख्त” बताया है, जहां ज्यादा परफॉरमेंस और हार्ड रोक पर जोर दिया जाता है।

A-1 लिमिटेड बनी ईशान डाइज की प्राइमरी डीलर, 5 महीने में ₹40 करोड़ का कारोबार

लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल केमिकल सप्लाई करने वाली कंपनी A-1 लिमिटेड को ईशान डाइज एंड केमिकल्स लिमिटेड ने अपने सल्फर-बेस्ड इंडस्ट्रियल केमिकल्स का प्राइमरी ऑथराइज्ड डीलर बनाया है। कंपनी का कहना है कि इससे उसका प्रोडक्ट पोर्टफोलियो मजबूत होगा और इंडस्ट्रियल केमिकल बाजार में उसकी मौजूदगी बढ़ेगी। फरवरी 2026 से अब तक दोनों कंपनियों के बीच करीब 40 करोड़ रुपये का कारोबार हो चुका है।

कौन-कौन से प्रोडक्ट्स की होगी सप्लाई?

इस डील के तहत A-1 लिमिटेड अब सल्फ्यूरिक एसिड (98% और 70%), ओलियम (23% और 65%) और क्लोरो सल्फोनिक एसिड की सप्लाई करेगी। इन केमिकल्स का इस्तेमाल फर्टिलाइजर, फार्मा, डाइज, पेट्रोकेमिकल्स और वॉटर ट्रीटमेंट जैसे कई सेक्टर में होता है।

कंपनी के मुताबिक, इस साझेदारी से सल्फर-बेस्ड केमिकल्स की बढ़ती मांग पूरी करने में मदद मिलेगी। साथ ही, ग्राहकों को समय पर और लगातार सप्लाई मिल सकेगी। A-1 लिमिटेड के पास 100 से ज्यादा गाड़ियों का नेटवर्क है, जिससे वह अपनी सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन क्षमता को और मजबूत करेगी।

कंपनी ने क्या कहा?

A-1 लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर हर्षदकुमार पटेल ने कहा कि यह नियुक्ति कंपनी के मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और भरोसेमंद सेवाओं पर ग्राहकों के विश्वास को दिखाती है। उनके मुताबिक, इससे इंडस्ट्रियल केमिकल्स कारोबार में कंपनी की स्थिति और मजबूत होगी। साथ ही, आने वाले समय में ग्रोथ को भी रफ्तार मिलेगी।

हाल में मिले कई बड़े ऑर्डर

हाल के महीनों में A-1 लिमिटेड को सोलर इंडस्ट्रीज लिमिटेड, महाधन एग्रीटेक लिमिटेड और साईं बाबा पॉलीमर टेक्नोलॉजीज से करीब 35 करोड़ रुपये के सप्लाई ऑर्डर मिले हैं।

इसके अलावा कंपनी ने GNFC और सोलर इंडस्ट्रीज़ इंडिया लिमिटेड के साथ 10,000 मीट्रिक टन नाइट्रिक एसिड की सप्लाई का समझौता किया है। कंपनी को 127.50 करोड़ रुपये का इंडस्ट्रियल यूरिया सप्लाई ऑर्डर भी मिला है।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में भी रखा कदम

A-1 लिमिटेड ने हाल ही में A-1 सुरेजा इंडस्ट्रीज में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 51% कर ली है। इसके बाद यह कंपनी उसकी सब्सिडियरी बन गई है। इसके साथ ही A-1 लिमिटेड ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कारोबार में भी एंट्री कर ली है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

जना स्मॉल फाइनेंस बैंक की होल्डिंग कंपनी को मिल सकती है ‘डिफॉल्ट’ रेटिंग, कर्ज चुकाने में की देरी : सूत्र

जना स्मॉल फाइनेंस बैंक की होल्डिंग कंपनी Jana Holdings Limited (JHL) की क्रेडिट रेटिंग घटकर ‘डिफॉल्ट’ कैटेगरी में जा सकती है। CNBC-TV18 को मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि इसकी वजह नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) की रकम तय समय पर नहीं चुका पाना है।

NCD भुगतान में हुई देरी

सूत्रों के मुताबिक, JHL ने NCD की भुगतान अवधि 30 जून 2026 से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी है। यानी कंपनी को भुगतान के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय मिला है।

बताया जा रहा है कि यह फैसला डिबेंचर-होल्डर्स की सहमति से लिया गया है। इनमें प्रमुख निवेशक TPG Asia VI India Markets Pte भी शामिल है। ऐसे में इसे टेक्निकल डिफॉल्ट माना जा रहा है।

 Jana Holdings को क्यों आई दिक्कत?

सूत्रों के अनुसार, JHL को उम्मीद थी कि वह Jana Small Finance Bank में अपनी हिस्सेदारी बेचकर NCD का भुगतान कर देगी। लेकिन हिस्सेदारी का समय पर मोनेटाइजेशन नहीं हो पाया, जिससे भुगतान में देरी हुई।

JHL की हिस्सेदारी पहले 44% थी, जो TVS Venu Group को आंशिक हिस्सेदारी बेचने के बाद घटकर करीब 16.95% रह गई है। सूत्रों का कहना है कि अगर रीफाइनेंसिंग की जरूरत पड़ी, तो कंपनी अपनी बची हुई हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा भी बेच सकती है।

Jana Small Finance Bank पर कितना असर?

सूत्रों के मुताबिक, इस घटनाक्रम का Jana Small Finance Bank के कारोबार पर सीधा असर सीमित रहने की उम्मीद है। बैंक को जून 2022 के बाद से JHL की ओर से कोई नई पूंजी नहीं मिली है। फंडिंग के मामले में बैंक स्वतंत्र रूप से काम करता है।

इसके अलावा JHL और बैंक के बोर्ड में कोई साझा प्रतिनिधित्व नहीं है। दोनों के कर्ज भी आपस में जुड़े नहीं हैं। इसलिए होल्डिंग कंपनी की रेटिंग में गिरावट का सीधा वित्तीय असर बैंक पर पड़ने की संभावना कम मानी जा रही है।

हालांकि, अगर JHL आगे अपनी बची हुई हिस्सेदारी भी बेचती है, तो इससे Jana Small Finance Bank के शेयर पर शॉर्ट टर्म में दबाव बन सकता है। फिलहाल इस मामले पर Jana Holdings और Jana Small Finance Bank की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

Stocks to Watch: 1 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 9 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

RFBL Flexi Pack को मिला ₹20 करोड़ का ऑर्डर, 4 महीने में करेगी सप्लाई

पैकेजिंग कंपनी RFBL Flexi Pack को घरेलू बाजार से 20 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी 3B Films को ट्रांसपेरेंट और मेटलाइज्ड फिल्म्स की सप्लाई करेगी। इस ऑर्डर को अगले चार महीनों में पूरा किया जाएगा।

कंपनी ने साफ किया कि यह किसी रिलेटेड पार्टी (Related Party) के साथ हुआ सौदा नहीं है। इस ऑर्डर में कंपनी के प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप की भी कोई हिस्सेदारी नहीं है।

RFBL Flexi Pack को मिलेगी मजबूती

कंपनी का कहना है कि इस ऑर्डर से फ्लेक्सिबल पैकेजिंग कारोबार में उसकी स्थिति और मजबूत होगी। ट्रांसपेरेंट और मेटलाइज्ड फिल्म्स का इस्तेमाल फूड, FMCG, फार्मा और इंडस्ट्रियल पैकेजिंग में बड़े पैमाने पर होता है।

ये फिल्म्स पैकेजिंग को ज्यादा मजबूत बनाती हैं। साथ ही उत्पाद को सुरक्षित रखने और उसकी शेल्फ लाइफ बढ़ाने में भी मदद करती हैं। कंपनी का कहना है कि यह ऑर्डर अलग-अलग इंडस्ट्री की जरूरतों को पूरा करने की उसकी रणनीति को और मजबूत करेगा।

UAE में भी बढ़ाएगी कारोबार

हाल ही में RFBL Flexi ने UAE में अपनी सब्सिडियरी बनाने का फैसला किया है। इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कारोबार बढ़ाना और विदेशी बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत करना है।

मजबूत घरेलू कारोबार, बेहतर वित्तीय प्रदर्शन और विदेशों में विस्तार की योजना के साथ RFBL Flexi Pack फ्लेक्सिबल पैकेजिंग इंडस्ट्री में अपनी पकड़ लगातार मजबूत कर रही है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: 1 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 9 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Stocks to Watch: बुधवार, 1 जुलाई के कारोबार में कई शेयर खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। कहीं नए प्रोडक्ट और बड़ी डील का असर दिख सकता है, तो कहीं टैक्स विवाद और जून महीने के बिक्री आंकड़े निवेशकों की नजर में रहेंगे। ऐसे में इन शेयरों में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

KPIT Technologies

टेक्नोलॉजी कंपनी KPIT Technologies ने कहा है कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही उम्मीद से कमजोर रह सकती है। कंपनी को रेवेन्यू में सालाना आधार पर करीब 1% की गिरावट का अनुमान है। वहीं EBITDA और नेट मार्जिन भी पिछली तिमाही के मुकाबले घट सकते हैं। हालांकि, कंपनी को दूसरी छमाही में कारोबार में सुधार और चौथी तिमाही में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है।

L&T Technology Services

इंजीनियरिंग और टेक कंपनी L&T Technology Services ने AI बेस्ड प्लेटफॉर्म Ainfonix 4.0 लॉन्च किया है। इसकी मदद से इंजीनियरिंग डॉक्युमेंट्स और तकनीकी रिकॉर्ड को डिजिटल डेटा में बदला जा सकेगा।

HDFC Life Insurance

लाइफ इंश्योरेंस कंपनी HDFC Life Insurance को GST मामले में झटका लगा है। थाणे के कमिश्नर (अपील) ने ब्याज और जुर्माने समेत 132.7 करोड़ रुपये की GST डिमांड को बरकरार रखा है।

Kotak Mahindra Bank

प्राइवेट सेक्टर के Kotak Mahindra Bank ने Deutsche Bank के साथ डील की है। कोटक इसके तहत बैंक के भारत में रिटेल बैंकिंग, प्राइवेट बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार को करीब 281.7 करोड़ रुपये में खरीदेगा।

Paras Defence

डिफेंस कंपनी Paras Defence and Space Technologies ने Tandem Defense LLC के साथ Guardian-1 Interceptor तकनीक के लिए IP लाइसेंस एग्रीमेंट किया है।

Prestige Estates Projects

रियल एस्टेट कंपनी Prestige Estates Projects ने मुंबई के मुलुंड में Prestige Forest Hills प्रोजेक्ट का दूसरा चरण लॉन्च किया है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू 2,200 करोड़ रुपये है।

Auto Stocks

ऑटो सेक्टर की कंपनियां जून महीने के बिक्री आंकड़े जारी करेंगी। अनुमान है कि पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में 26% और दोपहिया वाहनों की बिक्री में 18% की सालाना बढ़ोतरी हो सकती है।

Hexaware Technologies

आईटी कंपनी Hexaware Technologies ने Tensai for Reasoning Ops नाम का नया AI प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसका मकसद एंटरप्राइज आईटी ऑपरेशंस में एजेंटिक AI का इस्तेमाल बढ़ाना है।

Zaggle Prepaid Ocean Services

फिनटेक कंपनी Zaggle Prepaid Ocean Services ने APAC Financial Services के साथ 5 साल का समझौता किया है। इसके तहत कंपनी अपने एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म की सेवाएं उपलब्ध कराएगी।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold-Silver Price Today: चांदी ने लगाई ₹6000 की छलांग, सोना हुआ सस्ता; जानिए आज का रेट

Gold-Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को सोने की कीमत में गिरावट दर्ज की गई। घरेलू बाजार में मांग कमजोर रहने की वजह से 24 कैरेट सोना 800 रुपये सस्ता होकर 1,45,800 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) पर आ गया। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सोमवार को सोने का भाव 1,46,600 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

चांदी में जोरदार वापसी

वहीं, चांदी ने लगातार चार कारोबारी सत्र की गिरावट के बाद जोरदार वापसी की। इसकी कीमत 6,000 रुपये बढ़कर 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,24,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

सोना क्यों टूटा, चांदी क्यों चमकी?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, घरेलू बाजार में सोने पर दबाव बना रहा। वहीं, हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने चांदी में निचले स्तर पर खरीदारी की, जिससे कीमतों में तेज उछाल आया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,021.15 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर में करीब 1% की तेजी रही और यह 58.81 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वीपी (रिसर्च एनालिस्ट- कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने गोल्ड में निचले स्तर पर खरीदारी की संभावना जताई है।

जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, अब बाजार की नजर अमेरिका के आर्थिक और रोजगार के आंकड़ों पर रहेगी। इन आंकड़ों से सोने और चांदी की कीमतों की अगली दिशा तय हो सकती है।

Gold Silver Buy or Sell: सोने-चांदी में रिकॉर्ड गिरावट, क्या यह खरीदारी का सबसे सही मौका है या फटाफट बेचने में ही भलाई? एक्सपर्ट्स से समझें

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