Stock in Focus: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को रेलवे से ₹134 करोड़ का ऑर्डर मिला, फोकस में रहेगा स्टॉक

Stock in Focus: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी GPT Infraprojects Limited को रेलवे से ₹134.11 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट कंपनी की सब्सिडियरी Alcon Builders and Engineers Private Limited को पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने दिया है।

रेलवे ट्रैक पर लगाया जाएगा सिग्नलिंग सिस्टम

इसके तहत रेलवे ट्रैक पर सिग्नलिंग सिस्टम लगाया जाएगा। यह सिस्टम ट्रेनों की आवाजाही को सुरक्षित और बेहतर बनाने में मदद करता है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और डिजिटल एक्सल काउंटर भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा, कुछ स्टेशनों पर पहले से लगे सिस्टम में जरूरी बदलाव किए जाएंगे।

इन चार रूट पर होगा काम

यह काम पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के चार रूट पर होगा। इनमें नागदा-उज्जैन-ताजपुर, फंदा-संत हिरदाराम नगर, उज्जैन-कर्च्छा और मांगलियागांव-इंदौर के बीच के डबल रेलवे ट्रैक शामिल हैं। कंपनी को यह काम शुरू होने की तय तारीख से 548 दिनों के भीतर पूरा करना है।

₹5,651 करोड़ की हुई ऑर्डर बुक

इस ऑर्डर के बाद GPT Infraprojects की बकाया ऑर्डर बुक ₹5,651 करोड़ पर पहुंच गई है। यानी कंपनी के पास अभी इतने रुपये के काम पूरे करने बाकी हैं। वहीं, वित्त वर्ष 2027 में अब तक उसे ₹1,478 करोड़ के नए ऑर्डर मिल चुके हैं।

शेयर में इस साल 15% की तेजी

GPT Infraprojects का शेयर शुक्रवार को करीब 1% की बढ़त के साथ 125.99 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में इसने 10.95% का रिटर्न दिया है। इस साल अब तक शेयर लगभग 15% चढ़ चुका है। कंपनी का मार्केट कैप 1.59 हजार करोड़ रुपये है।

पुल और रेलवे स्लीपर भी बनाती है कंपनी

GPT Infraprojects इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम करती है। इसमें पुल, रोड ओवरब्रिज और रेलवे सिग्नलिंग सिस्टम लगाने जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी रेलवे ट्रैक पर इस्तेमाल होने वाले कंक्रीट स्लीपर भी बनाती है। भारत के साथ-साथ अफ्रीका में भी इसका कारोबार है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पश्चिम बंगाल, दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और घाना में हैं।

Yes Bank Q2 Results: यस बैंक को ₹1080 करोड़ का नेट प्रॉफिट, NII में 22% का उछाल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

शेयर बाजार में हेरफेर मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, 6 शहरों में 29 ठिकानों पर की छापेमारी

केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुंबई जोनल ऑफिस-I ने शेयर बाजार में कथित हेरफेर और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने 16 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र, गुजरात समेत 6 शहरों में 29 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मुंबई, नासिक, अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत और भावनगर में की गई।

ED के इस जांच का संबंध लिस्टेड कंपनियों M/s R M Drip and Sprinklers Systems Ltd और M/s R&B Denims Ltd के शेयरों में कथित हेरफेर से है। ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत यह कार्रवाई की है।

शेयरों के आवंटन से लेकर कीमत बढ़ाने तक की जांच

प्रवर्तन निदेशालय की जांच में सामने आया कि अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच दोनों कंपनियों ने चुनिंदा व्यक्तियों और संस्थाओं को 3.5 करोड़ से अधिक शेयर और कन्वर्टिबल वारंट जारी किए। जांच एजेंसी के मुताबिक, इन शेयरों के भुगतान में बड़ी रकम कुछ सीमित और आपस में जुड़े लोगों, कंपनियों और कर्जदाताओं के समूह से आई थी। इसके साथ ही आरोप है कि इसके बाद आने वाले महीनों में दोनों कंपनियों के शेयरों की कीमत लगातार बढ़ाई गई, जबकि अधिकांश शेयर उन्हीं लोगों के पास बने रहे।

‘Multibagger Stocks’ जैसे व्हाट्सऐप ग्रुप से निवेशकों को लुभाया

ED की जांच में यह भी सामने आया कि दिसंबर 2025 के अंत से फरवरी 2026 के बीच ‘Multibagger Stocks’ जैसे नामों वाले व्हाट्सऐप कम्युनिटी ग्रुप के जरिए इन दोनों शेयरों को खरीदने के लिए रोजाना टिप्स भेजे जा रहे थे। जांच एजेंसी के अनुसार, इन ग्रुपों के जरिए छोटे और खुदरा निवेशकों को शेयर खरीदने के लिए आकर्षित किया गया। इन ग्रुपों को चलाने के लिए हरियाणा और मुंबई में दूसरे लोगों के नाम पर लिए गए सिम कार्ड का इस्तेमाल किया गया, जबकि इनका संचालन गुजरात के भावनगर से किया जा रहा था।

ED के मुताबिक, इन संदेशों के बाद दोनों शेयरों में खरीदारों की संख्या करीब 3,400 से बढ़कर एक लाख से अधिक हो गई।

व्हाट्सऐप ग्रुप डिलीट होते ही शेयरों में भारी गिरावट

जांच के अनुसार, 25 फरवरी 2026 को इन व्हाट्सऐप ग्रुपों को अचानक डिलीट कर दिया गया। इसके बाद दोनों कंपनियों के शेयर लोअर सर्किट पर आ गए और कुछ ही दिनों में उनकी कीमत करीब 70 प्रतिशत तक गिर गई। इस घटनाक्रम के कारण एक लाख से अधिक छोटे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। कई निवेशक ऐसे शेयरों के साथ फंस गए, जिन्हें वे गिरती कीमतों के बीच बेच नहीं पा रहे थे।

कंपनियों के दफ्तर, प्रमोटरों के घर और ब्रोकिंग फर्मों पर छापे

ED ने जिन ठिकानों की तलाशी ली, उनमें दोनों कंपनियों के कार्यालय, उनके प्रमोटरों के आवास, कम कीमत पर शेयर पाने वाले लोगों के ठिकाने, स्टॉक-ब्रोकिंग और फाइनेंस कंपनियों के कार्यालय तथा कथित तौर पर प्रचार के लिए इस्तेमाल किए गए व्हाट्सऐप ग्रुपों के संचालन से जुड़े लोगों के परिसर शामिल हैं। छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, शेयर लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और संपत्तियों के दस्तावेज बरामद कर जब्त किए हैं।

ED मामले में मनी लॉन्ड्रिंग और शेयर बाजार में कथित हेरफेर से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।

यह भी पढ़ें: देश के इस हिस्से में 22 अक्टूबर तक जारी रहेगा भारी बारिश का दौर, दिल्ली-यूपी और उत्तराखंड के लिए IMD ने दिया ये अलर्ट

Stocks in Focus: विजय केडिया और सुनील सिंघानिया ने सितंबर में खरीदे ये 2 शेयर, एक ने 5 साल में दिया है 2600% का मल्टीबैगर रिटर्न

Stocks in Focus: बड़े निवेशकों के पोर्टफोलियो में नई एंट्री पर हमेशा नजर रहती है। सितंबर 2026 में सुनील सिंघानिया और विजय केडिया ने दो छोटे-मिडकैप शेयरों में खरीदारी की। खास बात यह है कि दोनों ने ये शेयर सीधे प्रमोटर से खरीदे।

Abakkus Asset Manager ने 29 सितंबर को Axiscades Technologies के 12.88 लाख शेयर खरीदे। वहीं, Kedia Securities ने Robokidz Eduventures के 5.57 लाख शेयर प्रमोटर से खरीदे। Robokidz की लिस्टिंग 28 सितंबर को हुई थी। वहीं, Axiscades ने पिछले 5 साल में 2600% से ज्यादा का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।

Axiscades Technologies

Axiscades Technologies एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है। इसकी सब्सिडियरी Mistral Solutions डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स बनाती है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹8,800 करोड़ है। प्रमोटर Jupiter Capital ने सितंबर में 46.2 लाख शेयर बेचे। इससे उसकी हिस्सेदारी 55.68% से घटकर 44.82% रह गई।

Abakkus ने इनमें से 12.88 लाख शेयर ₹1,824 के भाव पर खरीदे। इस सौदे की वैल्यू करीब ₹235 करोड़ रही। इस डील के बाद स्टॉक में अपर सर्किट लगा था। पिछले कारोबारी सत्र में यह स्टॉक 3.62% की बढ़त के साथ ₹2,311.90 पर बंद हुआ।

Axiscades अब इंजीनियरिंग सर्विसेज से आगे बढ़कर डिफेंस और मिसाइल मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस कर रही है। कंपनी ने 2026 में अपनी कुछ इंजीनियरिंग सर्विसेज बिजनेस यूनिट्स Akkodis को बेचने का समझौता किया।

कंपनी का Power 930 प्लान FY30 तक करीब ₹9,000 करोड़ का रेवेन्यू और ₹960 करोड़ का मुनाफा हासिल करने का है। FY26 में नेट प्रॉफिट ₹72 करोड़ था। हालांकि, कर्ज बढ़ना और निगेटिव फ्री कैश फ्लो चिंता की वजह हैं। FY26 में कंपनी का कर्ज ₹388 करोड़ था।

Robokidz Eduventures

Robokidz स्कूलों में रोबोटिक्स, कोडिंग, AI और इलेक्ट्रॉनिक्स लैब तैयार करती है। कंपनी लैब सेटअप के साथ किट, करिकुलम और टीचर ट्रेनिंग भी देती है।

दिग्गज निवेशक विजय केडिया की Kedia Securities ने प्रमोटर से 5.57 लाख शेयर ₹77.50 के भाव पर खरीदे। इस सौदे की वैल्यू करीब ₹4.3 करोड़ थी। यह IPO प्राइस ₹106 से करीब 27% कम था।

IPO को 580 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला था। शेयर ₹201.40 पर लिस्ट हुआ था। यह स्टॉक पिछले कारोबारी सत्र में 5% की गिरावट के साथ ₹221 पर बंद हुआ।

FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹93 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹10.1 करोड़ रहा। हालांकि, ग्राहकों से पेमेंट मिलने में औसतन 279 दिन लगे और ऑपरेशनल कैश फ्लो निगेटिव रहा।

Sensex और Nifty में गिरावट की ये हैं तीन बड़ी वजहें, अक्तूबर 2024 के बाद पहली बार लगातार दो महीने गिरा बाजार

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Promoter Selling Stock: 6 महीने में 150% चढ़ा EMS कंपनी का स्टॉक, अब प्रमोटर्स बेच सकते हैं 6% हिस्सेदारी

Promoter Selling Stock: इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज यानी EMS कंपनी Avalon Technologies में बड़ी ब्लॉक डील हो सकती है। प्रमोटर ग्रुप के Bhaskar Srinivasan, BBS Family Trust और KBS Family Trust कंपनी में 6% तक हिस्सेदारी बेच सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक इस डील की वैल्यू करीब ₹861.9 करोड़ हो सकती है।

₹2,150 से ₹2,302 हो सकता है भाव

डील के लिए ₹2,150 से ₹2,302 प्रति शेयर का प्राइस बैंड बताया गया है। यह कंपनी के मौजूदा बाजार भाव से अधिकतम करीब 6.6% डिस्काउंट पर हो सकता है। डील में विक्रेताओं के लिए 180 दिन का लॉक-अप पीरियड भी रहेगा। यानी इस दौरान वे आगे शेयर नहीं बेच सकेंगे।

Nomura ने बढ़ाया टारगेट

इसी महीने ब्रोकरेज फर्म Nomura ने Avalon Technologies पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹2,211.24 से बढ़ाकर ₹2,767.32 कर दिया है।

यह शुक्रवार के ₹2,196.60 के क्लोजिंग भाव से करीब 26% ज्यादा है। ये टारगेट शेयर को कवर करने वाले सभी ब्रोकरेज में सबसे ज्यादा है।

Zollner के साथ जॉइंट वेंचर

Nomura के मुताबिक Avalon का यूरोप की Zollner के साथ प्रस्तावितजॉइंट वेंचर कंपनी के लिए अहम हो सकता है। इससे यूरोप में एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज के कारोबार में कंपनी की पहुंच बढ़ेगी। साथ ही नए ग्लोबल ग्राहक जुड़ सकते हैं।

ब्रोकरेज के मुताबिक इस साझेदारी से Avalon को यूरोप में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का मौका मिलेगा। कंपनी हेल्थकेयर, लाइफ साइंसेज और टेस्ट एंड मेजरमेंट जैसे सेगमेंट में भी प्रवेश कर सकती है।

एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई

Bloomberg के आंकड़ों के मुताबिक Avalon Technologies को कवर करने वाले 19 एनालिस्ट्स में 9 ने Buy रेटिंग दी है। वहीं 4 एनालिस्ट्स ने Hold और 6 ने Sell रेटिंग दी है।

यानी शेयर को लेकर ब्रोकरेज की राय एक जैसी नहीं है। कुछ एनालिस्ट्स कंपनी के विस्तार और जॉइंट वेंचर को लेकर पॉजिटिव हैं, जबकि कुछ शेयर पर अलग नजरिया रखते हैं।

Avalon के शेयरों का हाल

Avalon Technologies का शेयर मंगलवार को BSE पर 1.37% की तेजी के साथ ₹2,340 पर बंद हुआ। पिछले महीने में स्टॉक ने करीब 150% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। वहीं बीते 5 साल में यह 479% बढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 15.66 हजार करोड़ रुपये है।

Infosys Share Price: इंट्राडे में छह साल के निचले स्तर पर आया इंफोसिस, अब खरीदें या बेचने में भलाई?

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q1 Results: ज्वेलरी कंपनी का मुनाफा 140% बढ़ा, रेवेन्यू 78% उछला; शेयरों पर नजर रहेगी

Sky Gold Q1 Results: मुंबई की B2B ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Sky Gold and Diamonds ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 78% बढ़कर 2,012.8 करोड़ रुपये रही। वहीं, टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) दोगुना से ज्यादा यानी 140% बढ़कर 104.9 करोड़ रुपये हो गया।

कंपनी ने कहा कि यह ग्रोथ संगठित ज्वेलरी रिटेलर्स से मजबूत मांग, हल्के वजन (Lightweight) और वैल्यू-एडेड ज्वेलरी की बढ़ती बिक्री और बेहतर मैन्युफैक्चरिंग एग्जीक्यूशन की वजह से आई है।

कैश फ्लो भी हुआ पॉजिटिव

Sky Gold ने बताया कि जून तिमाही में उसका ऑपरेटिंग कैश फ्लो पॉजिटिव रहा। इसका श्रेय एसेट-लाइट मैन्युफैक्चरिंग मॉडल, एडवांस गोल्ड बिजनेस की बढ़ती हिस्सेदारी और एक्सपोर्ट पेमेंट जल्दी मिलने को दिया गया है।

हल्की ज्वेलरी और एक्सपोर्ट पर फोकस

स्काई गोल्ड अब हल्के वजन की ज्वेलरी, कम कैरेट के गहने और डायमंड-स्टडेड ज्वेलरी पर ज्यादा ध्यान दे रही है। उसका मानना है कि इससे प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और मजबूत होगा। साथ ही, एक्सपोर्ट कारोबार बढ़ाने पर भी कंपनी का फोकस है।

हाल ही में कंपनी ने लंदन में आयोजित Asiana UK-India Jewellery Expo में अपने प्रोडक्ट्स पेश किए। कंपनी के मुताबिक, उसे ब्रिटेन और यूरोप के खरीदारों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला और 30-45 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक तैयार हुई।

₹8,100 करोड़ रेवेन्यू का टारगेट

स्काई गोल्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर मंगेश चौहान ने कहा कि संगठित ज्वेलरी बाजार और डिजाइन बेस्ड प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। उनका मानना है कि भारत डिजाइन-बेस्ड ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बन सकता है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 में 8,100 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, कंपनी का फोकस रेवेन्यू ग्रोथ, मुनाफे और मजबूत कैश फ्लो के बीच संतुलन बनाए रखने पर रहेगा।

स्काई गोल्ड के शेयरों का हाल

स्काई गोल्ड का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 4.61% बढ़कर 723 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 106.78% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 169.37% का रिटर्न दिया है। 5 साल में 3,114% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 11.20 हजार करोड़ रुपये है।

Nifty Outlook: 10 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, एक्सपर्ट्स से जानिए

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q1 Results: फार्मा कंपनी का प्रॉफिट 10 गुना बढ़ा, रेवेन्यू भी डबल; शेयरों पर रहेगी नजर

Q1 Results: फार्मा कंपनी न्यूलैंड लेबोरेटरीज ने जून तिमाही (Q1 FY27) में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 10 गुना से ज्यादा बढ़कर 148 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 14 करोड़ रुपये था।

कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू भी दोगुना से ज्यादा होकर 641.5 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 292.7 करोड़ रुपये थी।

EBITDA और मार्जिन में जबरदस्त सुधार

जून तिमाही में EBITDA बढ़कर 222.7 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 34.4 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA मार्जिन 11.8% से बढ़कर 34.7% पर पहुंच गया। इससे साफ है कि कंपनी की ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी में बड़ा सुधार हुआ है।

कंपनी की कुल आय भी बढ़कर 650.1 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल 300.6 करोड़ रुपये थी। टैक्स से पहले मुनाफा (PBT) 17.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 197.5 करोड़ रुपये रहा। वहीं, टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) 13.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 147.4 करोड़ रुपये हो गया।

CMS और GDS कारोबार ने दिखाई दमदार ग्रोथ

मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO सहर्ष दावुलुरी ने कहा कि तिमाही का प्रदर्शन कंपनी की उम्मीदों के मुताबिक रहा। कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (CMS) और जेनेरिक ड्रग सब्सटेंस (GDS) कारोबार ने मजबूत प्रदर्शन किया।

कंपनी ने बताया कि तिमाही के दौरान कमर्शियल प्रोडक्ट्स से सबसे ज्यादा रेवेन्यू आई। साथ ही प्रोजेक्ट पाइपलाइन मजबूत बनी हुई है। ग्राहकों की दिलचस्पी भी कंपनी की व्यापक क्षमताओं में बढ़ रही है।

विस्तार पर रहेगा फोकस

न्यूलैंड लेबोरेटरीज ने कहा कि वह API, जटिल मॉलिक्यूल्स और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग में अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए लगातार निवेश कर रही है। हालांकि, आने वाले समय में कंपनी का प्रदर्शन नए प्रोजेक्ट्स के समय पर पूरा होने, नए प्रोडक्ट्स के सफल कमर्शियल लॉन्च और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बनाए रखने पर निर्भर करेगा।

शेयरों का हाल

नतीजों से पहले बुधवार को NSE पर न्यूलैंड लेबोरेटरीज का शेयर 4.03% की बढ़त के साथ 20,049 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 51.86% चढ़ा है। वहीं, बीते 5 साल में इसने 1,081% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 25.72 हजार करोड़ रुपये है।

HDFC Bank AGM: आने वाली तिमाहियों में HDFC बैंक के CASA और NIM सुधरेंगे : चेयरमैन राजीव कुमार

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Vijay Kedia : ₹80 का शेयर बना ₹16400, विजय केडिया ने बताया मल्टीबैगर स्टॉक का सीक्रेट

Vijay Kedia Investment Tips: कई निवेशक हमेशा सिर्फ मल्टीबैगर स्टॉक खोजने की कोशिश करते हैं। इसके चक्कर में कई बार ऐसे शेयरों में भी पैसे लगा बैठते हैं, जहां भारी नुकसान हो जाता है। दिग्गज निवेशक विजय केडिया का कहना है कि बड़ी कमाई करने का राज अगला मल्टीबैगर शेयर ढूंढने में नहीं, बल्कि अच्छे बिजनेस में लंबे समय तक टिके रहने में है।

उन्होंने कहा, “जब लोग 10, 20 या 50 गुना रिटर्न देने वाले शेयरों की बात करते हैं, तो मैं कभी यह सोचकर शेयर नहीं खरीदता कि यह मल्टीबैगर बनेगा। मुझे पहले से ये पता नहीं होता।”

टॉर्च की रोशनी जैसा है निवेश

केडिया निवेश की तुलना रात में टॉर्च लेकर चलने से करते हैं। उनका कहना है, ‘टॉर्च सिर्फ 25 मीटर आगे तक रास्ता दिखाती है। आप पहले उतना चलते हैं, फिर अगले 25 मीटर दिखाई देते हैं। निवेश भी बिल्कुल ऐसा ही है।’

उनके मुताबिक, निवेश से पहले वह सिर्फ एक सवाल पूछते हैं, ‘क्या मैं इस कंपनी के शेयर को अगले 10 साल तक अपने पास रख सकता हूं?’

एक निवेश की कहानी

केडिया ने अपने एक सफल निवेश का उदाहरण भी दिया। उन्होंने 2005 में करीब ₹80 के भाव पर एक कंपनी के शेयर खरीदे। अगले कई सालों में शेयर कभी ₹250 पहुंचा, फिर ₹50-60 तक गिर गया। इसके बाद यह ₹600, ₹1,000 और ₹1,500 तक गया और फिर गिरा।

कोविड-19 के दौरान भी शेयर करीब ₹4,200 से गिरकर ₹1,700 तक आ गया। लेकिन उन्होंने अपने शेयर नहीं बेचे।

सिर्फ डिविडेंड से निकल गई लागत

केडिया के मुताबिक, 16 साल में कंपनी ने करीब ₹250 प्रति शेयर का कुल डिविडेंड दिया। यानी उन्हें खरीद कीमत से तीन गुना ज्यादा डिविडेंड मिल चुका था। उन्होंने कहा, “एक तरह से मेरे शेयर मुफ्त हो गए थे।”

बाद में कंपनी ने 1:1 बोनस शेयर भी दिया। बोनस को शामिल करने के बाद केडिया ने करीब ₹16,400 प्रति शेयर के एडजस्टेड भाव पर अपना निवेश बेचा। यह उनके सबसे सफल निवेशों में शामिल रहा।

50-60% गिरावट भी झेली

केडिया का कहना है कि असली चुनौती मल्टीबैगर ढूंढना नहीं, बल्कि 50-60% की गिरावट के दौरान भी निवेश बनाए रखना है। उनके मुताबिक, “यही सबसे बड़ी समस्या है। ज्यादातर निवेशक गिरावट देखकर घबरा जाते हैं।”

ट्रेन यात्रा से समझाया निवेश

केडिया ने निवेश की तुलना मुंबई से अहमदाबाद जाने वाली ट्रेन से की। उन्होंने कहा, “अगर ट्रेन मुंबई से देर से निकले या दादर स्टेशन पर ज्यादा देर रुक जाए, तो मुझे फर्क नहीं पड़ता। मेरी नजर मंजिल पर होती है, हर स्टेशन पर नहीं।”

उनका कहना है कि शेयर अगर 50% भी गिर जाए, लेकिन बिजनेस पर भरोसा कायम हो, तो घबराने की जरूरत नहीं है। बल्कि जब शेयर फिर से खरीद कीमत तक लौटता है, तो उनका भरोसा और मजबूत हो जाता है।

केडिया के मुताबिक, मल्टीबैगर बनने का राज पहले से उसकी पहचान करना नहीं है, बल्कि सही बिजनेस में इतना लंबा टिके रहना है कि कंपाउंडिंग अपना कमाल दिखा सके।

Ather Energy Q1 Results: घाटे में बड़ी कमी, रेवेन्यू 88% उछला; 1 साल में 223% चढ़ा स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस में 44% तक तेजी की उम्मीद, ICICI सिक्योरिटीज ने ₹125 का टारगेट दिया

Bajaj Housing Finance : बजाज ग्रुप की बजाज हाउसिंग फाइनेंस का शेयर पिछले कुछ महीनों से दबाव में है। गुरुवार को भी यह 1% गिरकर ₹86.69 पर बंद हुआ। लेकिन ब्रोकरेज हाउस ICICI Securities का मानना है कि मौजूदा स्तर से इसमें अच्छी तेजी आ सकती है। ब्रोकरेज ने शेयर पर ‘Buy’ की रेटिंग बरकरार रखी है। साथ ही ₹125 का टारगेट दिया है। यानी मौजूदा भाव से शेयर में करीब 44% की तेजी की गुंजाइश बनती है।

आखिर ब्रोकरेज इतना भरोसा क्यों जता रहा है?

ICICI Securities का कहना है कि जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने मजबूत प्रदर्शन किया। मुनाफा एक साल पहले के मुकाबले 23% बढ़ा। लोन बुक भी अच्छी रफ्तार से बढ़ी। सबसे बड़ी राहत यह रही कि खराब कर्ज पर होने वाला खर्च काफी कम रहा। यही वजह है कि ब्रोकरेज ने अपने टारगेट में कोई बदलाव नहीं किया।

रिकॉर्ड लोन बांटे, कारोबार तेजी से बढ़ा

जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने ₹19,500 करोड़ के लोन बांटे। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसी की बदौलत कंपनी का AUM बढ़कर करीब ₹1.50 लाख करोड़ पहुंच गया। यह पिछले साल के मुकाबले 24% ज्यादा है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी ने पूरे साल की ग्रोथ की अच्छी शुरुआत कर दी है।

लेकिन एक चिंता अभी भी बाकी है

हालांकि, बजाज हाउसिंग फाइनेंस में हर चीज अच्छी नहीं है। होम लोन मार्केट में मुकाबला लगातार बढ़ रहा है। इसका असर कंपनी के NIM पर दिख रहा है। जून तिमाही में मार्जिन 14 बेसिस प्वाइंट घटा। मैनेजमेंट को भी उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में थोड़ा और दबाव रह सकता है। हालांकि, कंपनी का मानना है कि कम क्रेडिट कॉस्ट और खर्च पर कंट्रोल इस कमी की भरपाई कर देंगे।

एसेट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है

ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत एसेट क्वालिटी है। जून तिमाही में GNPA सिर्फ 0.29% रहा। वहीं, क्रेडिट कॉस्ट भी घटकर 4-5 बेसिस प्वाइंट पर आ गया। इससे आने वाले समय में मुनाफे को सहारा मिल सकता है।

आगे क्या है उम्मीद?

मैनेजमेंट को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 में AUM 21-23% की दर से बढ़ेगा। साथ ही RoA 2.1-2.3% और RoE 12-13% के दायरे में रहने का अनुमान है। ब्रोकरेज का कहना है कि अगर लोन ग्रोथ मजबूत बनी रहती है और क्रेडिट कॉस्ट नियंत्रण में रहती है, तो शेयर में आगे भी अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।

Vedanta Demerger: वेदांता अब रियल एस्टेट कारोबार भी अलग करेगी, शेयरधारकों को मिलेगा नया शेयर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।