Stock in Focus: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को ₹258 करोड़ के नए ऑर्डर, सोलर और रेलवे सेक्टर से मिला बड़ा कारोबार

Stock in Focus: इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की KP Green Engineering को कुल ₹258.02 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। ये ऑर्डर सोलर, रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, प्री इंजीनियर्ड बिल्डिंग और पावर ट्रांसमिशन कारोबार से जुड़े हैं। कंपनी ने शुक्रवार, 28 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी।

सोलर से मिले ₹114.53 करोड़ के ऑर्डर

नए ऑर्डर्स में सबसे बड़ा हिस्सा सोलर का है। कंपनी को ₹114.53 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। इनमें फिक्स्ड टिल्ट मॉड्यूल माउंटिंग स्ट्रक्चर शामिल हैं। ट्रैकर टाइप मॉड्यूल माउंटिंग स्ट्रक्चर भी हैं। इसके अलावा दूसरे स्ट्रक्चरल कंपोनेंट्स की सप्लाई भी होगी।

रेलवे के लिए ₹92.38 करोड़ का काम

कंपनी को ₹92.38 करोड़ के क्रैश बैरियर के ऑर्डर मिले हैं। इनमें रेलवे ट्रैक फेंसिंग से जुड़े काम भी शामिल हैं।

सोलर और क्रैश बैरियर के ऑर्डर मिलाकर करीब ₹207 करोड़ के हैं। यानी नए ऑर्डर्स का करीब 80% कारोबार इन्हीं दो सेगमेंट से आया है।

बिल्डिंग और पावर ट्रांसमिशन से भी ऑर्डर

KP Green Engineering को ₹33.76 करोड़ के प्री इंजीनियर्ड बिल्डिंग स्ट्रक्चर के ऑर्डर मिले हैं। पावर ट्रांसमिशन कारोबार से कंपनी को ₹15.42 करोड़ के ऑर्डर मिले।

इसके अलावा पोल और हाईमास्ट प्रोडक्ट्स के लिए ₹0.97 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। 220 kV, 66 kV और 33 kV नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाले आइसोलेटर्स के लिए ₹0.96 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

FY27 में अब तक ₹497.64 करोड़ के ऑर्डर

नए ऑर्डर के बाद चालू वित्त वर्ष में कंपनी का कुल कन्फर्म्ड ऑर्डर इनटेक ₹497.64 करोड़ हो गया है।

कंपनी के मुताबिक, इन ऑर्डर्स से कैपेसिटी का इस्तेमाल बढ़ेगा। इससे आने वाले समय के रेवेन्यू की विजिबिलिटी भी बेहतर होगी। हालांकि, कंपनी ने अलग-अलग ऑर्डर के ग्राहकों और उन्हें पूरा करने की समयसीमा नहीं बताई है।

KP Green के शेयरों का हाल

KP Green Engineering का शेयर शुक्रवार को 0.33% गिरकर ₹260.05 पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 20.67% गिरा है। वहीं, 1 साल में यह 53% क्रैश हो चुका है। कंपनी का मार्केट कैप

1.31 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q1 Results: बिगब्लॉक कंस्ट्रक्शन का घाटा कम हुआ, रेवेन्यू 40% बढ़ा; नया प्लांट लगाने का प्लान

BigBloc Construction Q1 Results: AAC ब्लॉक और ग्रीन बिल्डिंग मटेरियल बनाने वाली कंपनी BigBloc Construction ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू 40.5% बढ़कर 79.14 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल की समान तिमाही में 56.35 करोड़ रुपये थी।

कंपनी के घाटे में बड़ी कमी

कंपनी का नेट लॉस घटकर 71.95 लाख रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 4.96 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA 386% बढ़कर 6.28 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन भी 2.29% से बढ़कर 7.93% पर पहुंच गया। कंपनी ने इसका श्रेय बेहतर ऑपरेशनल, लागत नियंत्रण और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स को दिया है।

क्षमता विस्तार पर जोर

तिमाही के दौरान BigBloc Construction ने उमरगांव प्लांट में कंस्ट्रक्शन केमिकल्स का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू किया। इसमें ब्लॉक जॉइंटिंग मोर्टार, रेडी मिक्स प्लास्टर और टाइल एडहेसिव्स शामिल हैं। कंपनी का कुल क्षमता उपयोग बढ़कर 69% हो गया, जो पिछले साल 53% था। इसके अलावा समूह की रूफटॉप सोलर क्षमता बढ़कर 3.34 मेगावाट हो गई।

इंदौर में बनेगा सबसे बड़ा AAC प्लांट

BigBloc ने हाल ही में इंदौर के पास 56,950 वर्ग मीटर जमीन खरीदी है। यहां भारत का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड AAC ब्लॉक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाया जाएगा। मानसून के बाद इसका निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी को L&T से बुलेट ट्रेन स्टेशन परियोजना का ऑर्डर भी मिला है, जिससे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में उसकी मौजूदगी और मजबूत हुई है।

कंपनी के CFO मोहित साबू ने कहा कि BigBloc अब सिर्फ AAC ब्लॉक निर्माता नहीं, बल्कि एक इंटीग्रेटेड ग्रीन बिल्डिंग सॉल्यूशंस कंपनी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी का फोकस क्षमता विस्तार, नए प्रोडक्ट्स, वितरण नेटवर्क और लंबी अवधि में शेयरधारकों के लिए वैल्यू बढ़ाने पर रहेगा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Chavda Infra: बोनस शेयर और डिविडेंड की सिफारिश, विस्तार के लिए निवेश बढ़ाने का प्लान

Chavda Infra: इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन कंपनी चावड़ा इंफ्रा लिमिटेड के बोर्ड ने बोनस शेयर जारी करने और डिविडेंड देने की सिफारिश की है। यह फैसला 3 अगस्त की बोर्ड मीटिंग में हुआ।

कंपनी ने बताया कि यह प्रस्ताव जरूरी रेगुलेटरी और शेयरधारकों की मंजूरी के बाद लागू होगा। कंपनी का कहना है कि यह फैसला शेयरधारकों को बेहतर रिटर्न देने और लंबी अवधि में वैल्यू क्रिएशन की रणनीति का हिस्सा है।

₹89.45 करोड़ का नया प्रोजेक्ट मिला

चावड़ा इंफ्रा को हाल ही में ADI Shantigram Abode LLP से ₹89.45 करोड़ का लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LOA) मिला है। इसके तहत अहमदाबाद के अदाणी शांतिग्राम टाउनशिप में प्रस्तावित हाई-राइज रेजिडेंशियल बिल्डिंग का कोर और शेल निर्माण किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट अगले 24 महीनों में पूरा किया जाना है। कंपनी का दावा है कि इससे उसके प्रीमियम प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो को और मजबूती मिलेगी।

FY26 में मजबूत रही ग्रोथ

वित्त वर्ष 2025-26 में चावड़ा इंफ्रा का ऑपरेशन्स से रेवेन्यू 22.6% बढ़कर ₹320.6 करोड़ पहुंच गया। वहीं, मार्च तिमाही (Q4 FY26) में रेवेन्यू 49.8% की सालाना बढ़त के साथ ₹167.6 करोड़ रहा। कंपनी ने बताया कि रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में मजबूत कामकाज की वजह से यह ग्रोथ हासिल हुई।

विस्तार पर फोकस

चावड़ा इंफ्रा का बड़े और हाई-राइज प्रोजेक्ट्स के लिए अपनी क्षमता बढ़ाने का प्लान है। इसके लिए एडवांस्ड एल्युमीनियम फॉर्मवर्क सिस्टम में निवेश किया है। कंपनी का कहना है कि इससे निर्माण की रफ्तार बढ़ेगी और गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

कंपनी ने यह भी बताया कि उसने वित्त वर्ष 2026 में अवनी आयाम, अभिषेक, राजश्री रेगलिया, मोंडील वन, राजुल ग्रीन्स और मनाली रीडेवलपमेंट जैसे कई प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। इसके अलावा कंपनी AA+ कॉन्ट्रैक्टर क्लासिफिकेशन हासिल करने की प्रक्रिया में भी है। इससे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और संस्थागत प्रोजेक्ट्स के लिए उसकी पात्रता बढ़ेगी।

कंपनी ने क्या कहा?

मैनेजिंग डायरेक्टर महेशकुमार चावड़ा ने कहा कि कंपनी का फोकस ऑपरेशनल एक्सीलेंस, मजबूत प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और लॉन्ग टर्म ग्रोथ पर है।

उन्होंने कहा कि हालिया प्रोजेक्ट के साथ बोनस शेयर और डिविडेंड का प्रस्ताव कंपनी की मजबूत कारोबारी स्थिति और शेयरधारकों के साथ ग्रोथ का लाभ साझा करने की प्रतिबद्धता को दिखाता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।