BLS Polymers IPO: 27 अक्टूबर से खुलेगा ₹255 करोड़ का इश्यू, GMP दे रहा तगड़े मुनाफे का संकेत

BLS Polymers IPO: बीएलएस पॉलिमर्स का ₹255 करोड़ का IPO 27 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। इसका प्राइस बैंड ₹142 से ₹150 प्रति शेयर तय किया गया है। इस हिसाब से कंपनी की वैल्यू करीब ₹930.5 करोड़ होगी। IPO में 1.7 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। इश्यू 29 अक्टूबर को बंद होगा, जबकि एंकर निवेशक 26 अक्टूबर को बोली लगा सकेंगे।

शेयरों का अलॉटमेंट 30 अक्टूबर तक फाइनल होने की उम्मीद है। वहीं, स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टिंग 3 नवंबर को हो सकती है। कंपनी को दिसंबर 2025 में SEBI से IPO की मंजूरी मिली थी।

BLS Polymers IPO का GMP

ग्रे मार्केट में BLS पॉलिमर्स के आईपीओ को तगड़ा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका लेटेस्ट GMP ₹30 है। यह अपर प्राइस बैंड से 20% लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है। हालांकि, GMP सिर्फ आईपीओ की डिमांड का अंदाजा भर होता है। इसे लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं समझना चाहिए।

IPO से जुटाए पैसे कहां खर्च होंगे?

BLS पॉलिमर्स IPO से मिलने वाली रकम में से ₹77.56 करोड़ गोवा स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के विस्तार पर खर्च करेगी। इसके अलावा, ₹89.5 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए रखे जाएंगे। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों में होगा।

क्या करती है कंपनी?

नई दिल्ली स्थित BLS Polymers खास तरह के पॉलिमर कंपाउंड बनाती है। इनका इस्तेमाल बिजली, टेलीकॉम, रेलवे, पानी और तेल-गैस से जुड़े उद्योगों में होता है। कंपनी के प्रोडक्ट तारों, केबलों और पाइपलाइनों को सुरक्षा देने में काम आते हैं।

मुनाफा 27.8% बढ़ा

FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 27.8% बढ़कर ₹27 करोड़ हो गया, जो FY25 में ₹21.1 करोड़ था। इस दौरान रेवेन्यू भी 6.4% बढ़कर ₹349.4 करोड़ पहुंच गई। जून 2026 तिमाही में कंपनी ने ₹107.02 करोड़ की रेवेन्यू पर ₹10.2 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया।

‘बस कुछ हफ्तों की बात…’, भारत से ट्रेड डील पर US विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दे दिया बहुत बड़ा संकेत

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Neogen Chemicals Share Price: एनालिस्ट की पसंद बना ये केमिकल स्टॉक, दे सकता है 24% का रिटर्न

Neogen Chemicals Share Price: पिछले 6 महीनों में अच्छे रिटर्न के बाद घरेलू ब्रोकरेज फर्म ‘एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग’ ने Neogen Chemicals पर कवरेज शुरू किया है। उन्होंने इसे ‘Buy’ की रेटिंग दी है और ₹3,050 का टारगेट प्राइस तय किया है। इसका मतलब है कि ₹2,482 के मौजूदा मार्केट प्राइस से इसमें लगभग 23% की तेजी आ सकती है।

ब्रोकरेज का मानना ​​है कि स्पेशलिटी केमिकल्स बनाने वाली यह कंपनी अब कमाई में तेज बढ़ोतरी के दौर में प्रवेश करने वाली है। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि कंपनी का बैटरी केमिकल्स का कारोबार बढ़ रहा है, जिसे घरेलू बैटरी मैन्युफैक्चरिंग, ग्राहकों की मंजूरी और चीन के बाहर की सप्लाई चेन में मिल रहे मौकों का समर्थन मिल रहा है।

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने कहा Neogen Chemicals के पास एक मजबूत स्पेशलिटी केमिकल्स कारोबार है और साथ ही बैटरी के क्षेत्र में भी बड़े मौके हैं। चूंकि प्लांट काफी हद तक तैयार हो चुके हैं और ग्राहकों द्वारा मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है, इसलिए मुख्य रुकावटें अब पीछे छूट गई हैं। अब कमाई में तेजी आना बाकी है, जो विकास और री-रेटिंग का एक बेहतरीन मौका बनाता है।”

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY26 से FY30 के बीच Neogen का रेवेन्यू, EBITDA और टैक्स के बाद का एडजस्टेड प्रॉफिट (PAT) क्रमशः 45%, 49% और 87% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा। हालांकि, इस निवेश की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि नई सुविधाएं समय पर शुरू होती हैं या नहीं, ग्राहक कितना माल खरीदते हैं, और कंपनी अपने बढ़े हुए कर्ज को कैसे संभालती है।

ब्रोकरेज स्टॉक पर बुलिश क्यों

आने वाले वर्षों में बैटरी केमिकल्स, नियोजेन के विकास का सबसे बड़ा जरिया बनने की उम्मीद है। इसकी सब्सिडियरी कंपनी, ‘नियोजेन आयोनिक्स’, बैटरी इलेक्ट्रोलाइट और लिथियम हेक्साफ्लोरोफॉस्फेट (LiPF6) बनाती है। LiPF6 एक महत्वपूर्ण सॉल्ट है जिसका इस्तेमाल लिथियम-आयन बैटरी में किया जाता है। कंपनी इसके लिए ‘MU आयोनिक सॉल्यूशंस’ की जापानी मैन्युफैक्चरिंग तकनीक का इस्तेमाल करती है और जापान की ‘मोरिता’ के साथ एक जॉइंट वेंचर के जरिए अपना सॉल्ट कारोबार चलाती है।

एंटीक का अनुमान है कि नियोजेन के कुल रेवेन्यू में बैटरी केमिकल्स का हिस्सा FY26 के 4% से बढ़कर FY30 तक 62% हो जाएगा। FY26 तक यह सेगमेंट घाटे में था, क्योंकि उस दौरान इलेक्ट्रोलाइट और सॉल्ट बनाने की सुविधाएं तैयार हो रही थीं और ग्राहकों से मंजूरी लेने की प्रक्रिया चल रही थी। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY27 तक यह कारोबार EBITDA के स्तर पर ‘ब्रेक-ईवन’ (यानी बिना नुकसान या मुनाफे की स्थिति) तक पहुंच जाएगा। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग का कहना है कि, “कमीशनिंग में देरी के कारण काम की गति (रैंप-अप) कुछ आगे खिसक गई है, लेकिन इससे मध्यम अवधि की कमाई के अनुमानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि FY30E (वित्त वर्ष 2030) के हमारे अनुमान जिन क्षमताओं और ग्राहकों की मंजूरी पर आधारित हैं, वे पहले से ही मौजूद हैं।”

ब्रोकरेज का मानना ​​है कि ग्राहकों द्वारा दी जाने वाली योग्यता(क्वालिफिकेशन) कंपनी को एक प्रतिस्पर्धी बढ़त दिला सकती है। इस तरह की मंजूरी मिलने में 12-24 महीने लग सकते हैं, और एक बार किसी उत्पाद को मंजूरी मिल जाने के बाद, बैटरी निर्माता आमतौर पर अपने सप्लायर को बदलना नहीं चाहते। नियोजेन ने अमेरिका के तीन इलेक्ट्रोलाइट निर्माताओं के साथ अपने प्लांट का अंतिम ऑडिट पूरा कर लिया है। इससे कंपनी उन अमेरिकी टैक्स-क्रेडिट नियमों से जुड़ी मांग को पूरा करने की स्थिति में आ गई है, जो 2027 से कुछ चीनी सप्लायरों से सामान लेने पर रोक लगाते हैं।

भारत में बैटरी निर्माण क्षमता बढ़ने के साथ, घरेलू स्तर पर भी अवसर बढ़ सकते हैं। नियोजेन की दहेज और पाखाजन इकाइयां स्थानीय सेल निर्माताओं को सेवा देने के लिए तैयार हैं, जबकि इसकी लिथियम सॉल्ट क्षमता निर्यात के अतिरिक्त अवसर प्रदान करती है। बैटरी रसायनों के अलावा, कंपनी का स्पेशलिटी केमिकल्स का स्थापित कारोबार कमाई का एक स्थिर आधार देता है। इसे कॉन्ट्रैक्ट सिंथेसिस एंड मैन्युफैक्चरिंग (CSM), एडवांस्ड इंटरमीडिएट्स और दहेज प्लांट में आग लगने की घटना के बाद उत्पादन में हुए सुधार से भी मजबूती मिलती है।

स्टॉक का परफॉर्मेंस

इस केमिकल स्टॉक में पिछले 3 महीनों में 14%, 6 महीनों में 64% और पिछले 1 साल में 70% की तेजी आई है। हालांकि, हाल के समय में इसमें 1 हफ्ते में 2% और पिछले 1 महीने में 0.3% की गिरावट देखी गई है। अक्टूबर 2026 में यह स्टॉक अपने 52-हफ्तों के उच्चतम स्तर ₹2785 पर पहुंच गया था, जबकि दिसंबर 2025 में यह अपने 52-हफ्तों के निचले स्तर ₹978 पर था।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया ने एक्सप्रो इंडिया में लगभग 1% हिस्सेदारी बेची, ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिंग में बढ़ाई हिस्सेदार

जाने-माने निवेशक आशीष कचोलिया ने सोमवार को ओपन-मार्केट ट्रांजैक्शन के जरिए, बिड़ला समूह से जुड़ी पॉलीमर प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ‘एक्सप्रो इंडिया’ में अपनी लगभग 1 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) द्वारा 19 अक्टूबर को जारी बल्क डील डेटा के मुताबिक आशीष कचोलिया ने 21.53 करोड़ रुपये मूल्य के 2.22 लाख इक्विटी शेयर बेचे हैं जो कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल का 0.94 प्रतिशत है। ये शेयर 970.11 रुपये प्रति शेयर के औसत भाव पर बेचे गए हैं।

सितंबर 2026 तक,एक्सप्रो इंडिया  में कचोलिया की 2.01 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जो 4.71 लाख शेयरों के बराबर है। हिस्सेदारी बेचे जाने के बावजूद, सोमवार को एक्सप्रो इंडिया के शेयरों में 1.79 प्रतिशत की तेजी आई और ये 995 रुपये पर बंद हुए। इसके साथ ही इसमें लगातार पांच दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला भी थम गया।

हालांकि,बीच-बीच में आने वाली खरीदारी के बावजूद, सितंबर के अपने स्विंग हाई पर पहुंचने के बाद से ही यह स्टॉक दबाव में बना हुआ है। यह स्टॉक सितंबर 2026 में बने 1,408.70 रुपये के हाई से लगभग 31 प्रतिशत गिर चुका है।

ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिग में खरीदी 0.73% अतिरिक्त हिस्सेदारी

इस बीच एक दूसरे दिग्गज निवेशक ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिग में 0.73% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदी है। हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल (HNI) निवेशक ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिग में 1.94 लाख और इक्विटी शेयर खरीदे हैं, जो कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल का 0.73 प्रतिशत है। ये शेयर 6.29 करोड़ रुपये में खरीदे गए हैं, जिनकी औसत कीमत 323.38 रुपये प्रति शेयर रही। सितंबर 2026 तक, स्वराज सूटिग में कजारिया की 1.24 प्रतिशत हिस्सेदारी थी,जो 3.26 लाख शेयरों के बराबर है। बता दें कि स्वराज सूटिंग सूती और सिंथेटिक कपड़े बनाती है।

FIIs ने की बिकवाली, DIIs से मिला सपोर्ट

उधर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सोमवार को भारतीय बाजारों में 1,148.64 करोड़ रुपये की बिकवाली की। यह इस महीने की उनकी सबसे कम नेट सेलिंग रही थी। यह 15 अक्टूबर को हुई 5,285.37 करोड़ रुपये की बिक्री से कम है। एक्सचेंज के प्रोविजनल आंकड़ों के मुताबिक घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 3,201.19 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

कल के सेशन में FIIs ने 11,240.64 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 12,389.28 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। DIIs ने 14,781.31 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 11,580.12 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, शुक्रवार, 16 अक्टूबर को FIIs नेट बॉयर रहे थे और उन्होंने 1,165.92 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। यह इस महीने उनका एकमात्र ऐसा सत्र था जिसमें उन्होंने नेट बाइंग की। हालांकि, शुक्रवार DIIs ने 3,661.28 करोड़ रुपये की नेट सेलिंग की थी।

बाजार पर एक नजर

सोमवार को भारतीय बाजारों में गिरावट आई। निफ्टी257.20 अंक या 1.11% गिरकर 22,888.95 पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स 876.37 अंक या 1.17% की गिरावट के साथ 73,852.90 पर बंद हुआ। इस गिरावट में प्राइवेट बैंकों की अहम भूमिका रही। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 1.85% की गिरावट आई। FMCG में 1.44% और IT में 1.28% की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में लगभग 2.4% की तेजी आई।

निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.09% और 1.01% की गिरावट आई। सोमवार को FIIs ने अपनी बिकवाली काफी कम कर दी,लेकिन फिर भी बेंचमार्क सूचकांकों में 1% से ज़्यादा की गिरावट आई।

 

 

India-New Zealand FTA: न्यूजीलैंड के साथ भारत का ऐतिहासिक व्यापार समझौता लागू! जानिए सस्ते सेब, कीवी और आपके करियर पर क्या पड़ेगा असर

Stock in Focus: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को रेलवे से ₹134 करोड़ का ऑर्डर मिला, फोकस में रहेगा स्टॉक

Stock in Focus: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी GPT Infraprojects Limited को रेलवे से ₹134.11 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट कंपनी की सब्सिडियरी Alcon Builders and Engineers Private Limited को पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने दिया है।

रेलवे ट्रैक पर लगाया जाएगा सिग्नलिंग सिस्टम

इसके तहत रेलवे ट्रैक पर सिग्नलिंग सिस्टम लगाया जाएगा। यह सिस्टम ट्रेनों की आवाजाही को सुरक्षित और बेहतर बनाने में मदद करता है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और डिजिटल एक्सल काउंटर भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा, कुछ स्टेशनों पर पहले से लगे सिस्टम में जरूरी बदलाव किए जाएंगे।

इन चार रूट पर होगा काम

यह काम पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के चार रूट पर होगा। इनमें नागदा-उज्जैन-ताजपुर, फंदा-संत हिरदाराम नगर, उज्जैन-कर्च्छा और मांगलियागांव-इंदौर के बीच के डबल रेलवे ट्रैक शामिल हैं। कंपनी को यह काम शुरू होने की तय तारीख से 548 दिनों के भीतर पूरा करना है।

₹5,651 करोड़ की हुई ऑर्डर बुक

इस ऑर्डर के बाद GPT Infraprojects की बकाया ऑर्डर बुक ₹5,651 करोड़ पर पहुंच गई है। यानी कंपनी के पास अभी इतने रुपये के काम पूरे करने बाकी हैं। वहीं, वित्त वर्ष 2027 में अब तक उसे ₹1,478 करोड़ के नए ऑर्डर मिल चुके हैं।

शेयर में इस साल 15% की तेजी

GPT Infraprojects का शेयर शुक्रवार को करीब 1% की बढ़त के साथ 125.99 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में इसने 10.95% का रिटर्न दिया है। इस साल अब तक शेयर लगभग 15% चढ़ चुका है। कंपनी का मार्केट कैप 1.59 हजार करोड़ रुपये है।

पुल और रेलवे स्लीपर भी बनाती है कंपनी

GPT Infraprojects इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम करती है। इसमें पुल, रोड ओवरब्रिज और रेलवे सिग्नलिंग सिस्टम लगाने जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी रेलवे ट्रैक पर इस्तेमाल होने वाले कंक्रीट स्लीपर भी बनाती है। भारत के साथ-साथ अफ्रीका में भी इसका कारोबार है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पश्चिम बंगाल, दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और घाना में हैं।

Yes Bank Q2 Results: यस बैंक को ₹1080 करोड़ का नेट प्रॉफिट, NII में 22% का उछाल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: PC Jeweller, Wipro और Angel One समेत 15 स्टॉक्स; खास वजहों से आज फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों में रौनक के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में भी बढ़त के साथ शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 100.50 प्वाइंट्स यानी 0.44% की मजबूती के साथ 23,088.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 15 अक्टूबर को सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 1533.72 प्वाइंट्स यानी 2.11% की बढ़त के साथ 74,315.61 और निफ्टी भी 374.65 प्वाइंट्स यानी 1.66% की मजबूती के साथ 22,997.35 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Tech Mahindra Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टेक महिंद्रा का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 32.7% बढ़कर ₹1,585.6 करोड़ और रेवेन्यू 15.6% उछलकर ₹16,180.2 करोड़ पर पहुंच गया। डॉलर टर्म में कंपनी का रेवेन्यू इस दौरान 6.7% बढ़कर $169.3 करोड़ हो गया। इसके अलावा कंपनी के बोर्ड ने ₹15 के डिविडेंड और 1:1 के रेश्यो में यानी एक पर एक शेयर बोनस में देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

Wipro Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर विप्रो का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 1.4% घटकर ₹3,200.6 करोड़ रह गया लेकिन कंसालिडेटेड रेवेन्यू 9.06% उछलकर ₹24,752.7 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का आईटी सर्विसेज रेवेन्यू 8.95% बढ़कर ₹24,667 करोड़ और आईटी सर्विसेज डॉलर रेवेन्यू 0.3% बढ़कर $261.15 करोड़ हो गया लेकिन आईटी सर्विसेज ईबीआईटी मार्जिन 20 बीपीएस घटकर 16.5% रह गया। दिसंबर तिमाही के लिए कंपनी का अनुमान है कि आईटी सर्विसेज रेवेन्यू $2,57.1-$262.5 करोड़ के बीच रह सकता है।

Jio Financial Services Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ₹340.44 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट में रही। सालाना आधार पर कंपनी की टोटल इनकम (एक्स-डिविडेंडः 132% बढ़कर ₹1,699 करोड़ पर पहुंच गई तो प्री-प्रोविजनिंग ऑपरेटिंग प्रॉफिट (एक्स-डिविडेंड) 85% बढ़कर ₹574 करोड़ और एयूएम 154% उछलकर ₹37,320 करोड़ पर पहुंच गया।

IIFL Finance Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आईआईएफएल फाइनेंस का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 103.7% बढ़कर ₹766.4 करोड़ और नेट इंटेरेस्ट इनकम (NII) 50.2% उछलकर ₹2,160.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Persistent Systems Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पर्सिस्टेंट सिस्टम्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 25.4% गिरकर ₹351.5 करोड़ पर आ गया, लेकिन रेवेन्यू 30.3% उछलकर ₹4,663.9 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का ईबीआईटी 19.5% बढ़कर ₹697.7 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन ईबीआईटी मार्जिन 130 बीपीएस फिसलकर 15% पर आ गया।

Angel One Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एंजेल वन का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 58.2% बढ़कर ₹335 करोड़ और रेवेन्यू 18.7% उछलकर ₹1,427 करोड़ पर पहुंच गया।

Sri Lotus Developers and Realty Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर श्री लोटस डेवलपर्स एंड रियल्टी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 77.9% बढ़कर ₹82.1 करोड़ और रेवेन्यू 52.5% उछलकर ₹268.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Solar Industries India

सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया की सब्सिडियरी सोलर एक्सप्लोकेम ने शिवशक्ति इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव्स के साथ एक शेयर पर्चेज एग्रीमेंट किया है। इसके तहत सोलर एक्सप्लोकेम ₹115.02 करोड़ में शिवशक्ति में 100% हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी।

Mankind Pharma

मैनकाइंड फार्मा बेल्जियम की बायोटेक्नोलॉजी कंपनी आर्म्ड सेल थेरेप्यूटिक्स में मेजॉरिटी हिस्सेदारी 4.8 करोड़ यूरो में खरीदेगी। यह कंपनी कैंसर के इलाज के लिए अगली पीढ़ी की CAR-T (काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर टी-सेल) थेरेपी डेवलप कर रही है।

Agastya Energy & Infrastructure

अगस्त्य एनर्जी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनी सब्सिडियरी आईएमसी सोलर बीडीएन से एक सोलर पावर प्लांट प्रोजेक्ट के लिए ₹106.04 करोड़ का EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) और O&M (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) कॉन्ट्रैक्ट मिला है।

Premier Energies

प्रीमियर एनर्जीज की सब्सिडियरी प्रीमियर बैटरी टेक्नोलॉजीज ने जर्मनी के आरसीटी ग्रुप की कंपनी आरसीटी एनर्जी इंडिया के साथ एक शेयर अलॉटमेंट और शेयरहोल्डर एग्रीमेंट किया है। इसके तहत प्रीमियर एनर्जीज स्टोरेज सॉल्यूशंस नाम से एक रणनीतिक जॉइंट वेंचर बनेगा। यह जॉइंट वेंचर 12 GWh की कुल क्षमता वाला BESS (बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम) मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी। पहला चरण 6 GWh का होगा, जो वित्त वर्ष 2027-28 में तेलंगाना के सीतारामपुर में सेटअप हो सकता है।

Eternal

बोफा (BofA) सिक्योरिटीज यूरोप ने गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप SE ODI से प्रति शेयर ₹316 के भाव पर ₹168.67 करोड़ में जोमैटो की एटर्नल के 53.37 लाख शेयर खरीदे।

Vardhman Polytex

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक पाइन ओक ग्लोबल फंड ने प्रति शेयर ₹5.55 के भाव पर ₹1.38 करोड़ में वर्धमान पॉलीटेक्स के 25 लाख शेयर और खरीदे हैं, जो कंपनी में 0.49% हिस्सेदारी के बराबर है। ये सभी शेयर अनुपमा कोठारी ने बेचे हैं। सितंबर 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार वर्धमान पॉलीटेक्स में पाइन ओक ग्लोबल फंड की 5.34% हिस्सेदारी थी, जबकि हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल इन्वेस्टर अनुपमा कोठारी की 9.83% हिस्सेदारी थी।

LCC Projects

नियोमाइल कॉर्पोरेट एडवाइजरी और इसके फाउंडर-डायरेक्टर कीर्तन मानेकलाल रूपारेलिया ने मिलकर ₹55.11 करोड़ में एलसीसी प्रोजेक्ट्स में 1.4% हिस्सेदारी हासिल की है।

PC Jeweller

निवेशक आदित्य कुमार हलवासिया ने प्रति शेयर ₹14.43 के भाव पर ₹73.59 करोड़ में पीसी ज्वेलर के 5.1 करोड़ इक्विटी शेयर (0.52% हिस्सेदारी) खरीदी है।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: पंजाब नेशनल बैंक, एलटीएम, बजाज हाउसिंग फाइनेंस, क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स, डीएलएफ, फेडरल बैंक, जिंदल सॉ, ओबेरॉय रियल्टी, शॉपर्स स्टॉप, तेजस नेटवर्क्स, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक, अर्बन कंपनी

कल 17 अक्टूबर को इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, आईडीबीआई बैंक, येस बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब एंड सिंध बैंक, बजाज हेल्थकेयर, इंडिया सीमेंट्स, ले ट्रैवेन्यूज टेक्नोलॉजी (इक्सिगो), क्रॉस, रोजरी बायोटेक

एक्स-डिविडेंड: एचसीएल टेक्नोलॉजीज, केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी, हिंदुस्तान कंपोजिट्स

एक्स-स्प्लिट: बंसल वायर इंडस्ट्रीज

एक्स-शेयर कंसालिडेशन: नोबल पॉलिमर्स

F&O बैन: अंबुजा सीमेंट्स, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, सेल (SAIL)

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Outlook: ‘शेयर बाजार में निवेश का सही मौका’, राजेश कोठारी ने कहा- 3 साल में मिल सकता है तगड़ा रिटर्न

Stock Market Outlook: AlfAccurate Advisors के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश कोठारी का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार अगले 3 से 5 साल में अच्छा रिटर्न दे सकता है। इसके पीछे कंपनियों की कमाई में सुधार, अर्थव्यवस्था की मजबूती और शेयरों की वाजिब वैल्यूएशन जैसे कारण हैं।

CNBC-TV18 को दिए इंटरव्यू में कोठारी ने कहा कि अब इक्विटी में निवेश बढ़ाने का समय है। निवेशकों को लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप, तीनों तरह के शेयरों में मौके तलाशने चाहिए। पिछले दो साल में बाजार से खास रिटर्न नहीं मिला है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन भी कमजोर रहा है।

अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा

कोठारी के मुताबिक, महंगे कच्चे तेल और ऊंची ब्याज दरों की चिंताओं के बावजूद भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है। नॉन-फूड क्रेडिट ग्रोथ 17-18%, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 20% और पर्सनल लोन में 16% की बढ़ोतरी इसका संकेत है। उनके मुताबिक, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 2011 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंची है।

खपत, सरकार का कैपिटल एक्सपेंडिचर और निर्यात में सुधार भी अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहे हैं। कंपनियों की कमाई में भी सुधार दिख रहा है। साथ ही, बाजार की वैल्यूएशन अपने 10 साल के औसत P/E रेशियो से नीचे है।

FII की बिकवाली हर कंपनी के लिए खतरे का संकेत नहीं

कोठारी ने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली को सिर्फ भारत से उनकी नाराजगी के तौर पर नहीं देखना चाहिए। निवेशकों को नेट खरीद-बिक्री के बजाय कुल खरीद और बिक्री पर भी नजर डालनी चाहिए।

उनके मुताबिक, विदेशी निवेशक उन कंपनियों से पैसा निकाल रहे हैं, जो उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं। इसलिए बिकवाली का कारण कई बार देश के बजाय किसी खास कंपनी का कमजोर प्रदर्शन होता है।

इन सेक्टरों में दिख रहे हैं मौके

कोठारी को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS), एयरोस्पेस, कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग (CDMO) और ऑटो एंसिलरी कंपनियों में संभावनाएं दिख रही हैं। EMS सेक्टर को सरकार की PLI स्कीम और भारतीय कंपनियों की बढ़ती उत्पादन क्षमता से मदद मिल रही है।

बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज भी उनकी पसंद में शामिल हैं। मजबूत क्रेडिट ग्रोथ, बेहतर एसेट क्वालिटी और नियंत्रित क्रेडिट लागत से इस सेक्टर को फायदा मिल सकता है। उन्हें स्पेशियलिटी केमिकल्स, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और ट्रैवल, मीडिया व डिजिटल एडवर्टाइजिंग प्लेटफॉर्म कारोबार में भी अवसर दिखते हैं।

हर शेयर में तेजी की उम्मीद न करें

कोठारी ने स्टॉक चुनते समय सावधानी बरतने की सलाह दी। उनके मुताबिक, पिछले पांच साल में कोई भी लार्जकैप कंपनी हर साल 20% की ग्रोथ दर्ज नहीं कर पाई। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी करीब 8% ही लगातार इतनी ग्रोथ हासिल कर पाईं।

उन्होंने कहा कि कई प्लेटफॉर्म कंपनियां अब कर्ज-मुक्त हो चुकी हैं। इससे कारोबार को लंबे समय तक आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

Reliance Jio Origin Story: ईशा अंबानी ने सुनाया जियो की शुरुआत का दिलचस्प किस्सा, वो घटना जिसने भारत में ला दी डिजिटल क्रांति

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

भारत पर 100% टैरिफ का फैसला 10 दिन में संभव:अमेरिकी राजदूत बोले- रूस से तेल खरीदने पर प्रतिबंध लगाएं या नहीं, ट्रम्प तय करेंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर करीब 10 दिन में फैसला ले सकते हैं। यह बात अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कही। गोर ने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, यह भी ट्रम्प ही तय करेंगे। अमेरिकी संसद ने 18 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने का बिल पास किया था। ट्रम्प ने भी इस कानून को मंजूरी दे दी है, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध नहीं लगाया है। हालांकि कानून पारित होने के 30 दिनों के भीतर फैसला लेना जरूरी है। गोर ने कहा कि इस कानून का मकसद किसी देश को सजा देना नहीं, बल्कि रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है। अमेरिका दूसरे देशों के साथ मिलकर रूस को युद्ध के लिए मिलने वाले पैसे को धीरे-धीरे कम करना चाहता है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि संसद ने प्रतिबंधों के तीन विकल्प दिए हैं। इनमें तेल, गैस और प्रतिबंधों से बचने में मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा, “इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश पर नहीं है। कांग्रेस ने तीन अलग-अलग श्रेणियां तय की हैं। पहली तेल, दूसरी गैस और तीसरी प्रतिबंधों से बचने में मदद करना है।” गोर ने कहा कि इन श्रेणियों में शामिल लोगों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। उन्होंने कहा कि भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। ट्रम्प अब खुद रूस से डीजल खरीद रहे ट्रम्प अब खुद रूस से डीजल खरीदने जा रहे हैं। उन्होंने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक 7 अप्रैल 2027 तक हटा दी है। अमेरिका में ईरान जंग के बाद डीजल की कीमतें बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन हो गई हैं। माना जा रहा है कि कीमतें कम करने के लिए ट्रम्प ने यह फैसला लिया है। अमेरिका में जंग से पहले डीजल करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन बिक रहा था। अब इसकी कीमत 6.28 डॉलर हो गई है। 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की बढ़ती कीमतें ट्रम्प प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। ट्रम्प के मुताबिक, रूस तुरंत 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर यह मात्रा 30 लाख टन तक पहुंच सकती है। भारत से ट्रेड डील पर भी बातचीत जारी गोर ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच करीब डेढ़ साल से बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ डिफेंस, आईटी, डेटा सेंटर और चिप मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को AI डेवलपमेंट का बड़ा केंद्र बनने के लिए उपयुक्त बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों की साझेदारी से दोनों देशों को फायदा होगा।

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी; IDBI Bank, HDB Financial और OM Power समेत 15 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में भी हल्की गिरावट के साथ शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 10.50 प्वाइंट्स यानी 0.05% की फिसलन के साथ 22,612.00 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 14 अक्टूबर को सेंसेक्स (Sensex) 251.89 प्वाइंट्स यानी 0.34% की गिरावट के साथ 72,781.89 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.25 प्वाइंट्स यानी 0.44% की फिसलन के साथ 22,622.70 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

ICICI Lombard General Insurance Company Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आईसीआईसीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी का मुनाफा 15.47% बढ़कर ₹946.4 करोड़, प्रीमियम से नेट कमाई 17.7% उछलकर ₹6,651.87 करोड़ और टोटल इनकम 19.2% बढ़कर ₹7,843.7 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान बीमा कंपनी का अंडरराइटिंग लॉस भी ₹178.36 करोड़ से ₹318.38 करोड़ पर पहुंच गया। साथ ही बोर्ड ने हर शेयर पर ₹7 के अंतरिम डिविडेंड को भी मंजूरी दी है।

HDB Financial Services Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज का मुनाफा 34.2% बढ़कर ₹780.2 करोड़ और प्रीमियम से नेट कमाई 15.6% उछलकर ₹2,533.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Bajaj Consumer Care Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर बजाज कंज्यूमर केयर का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 65.9% बढ़कर ₹70.2 करोड़ और रेवेन्यू 25.5% उछलकर ₹332.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Tata Technologies Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टाटा टेक्नोलॉजीज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 3.6% बढ़कर ₹171.44 करोड़ और रेवेन्यू 28.4% उछलकर ₹1698.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Ceat Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर सिएट का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 39.8% फिसलकर ₹112 करोड़ पर आ गया लेकिन रेवेन्यू 26.2% उछलकर ₹4,762 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी जीरो से ₹13 करोड़ के एक्सपेश्नल लॉस में आ गई, जो कि वालंटरी रिटायरमेंट स्कीम से जुड़ा है।

Mangalore Refinery and Petrochemicals Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 203% बढ़कर ₹1900.8 करोड़ और रेवेन्यू (एक्साइज ड्यूटी छोड़कर) 43.6% उछलकर ₹32,516.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Hathway Cable and Datacom Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर हाथवे केबल एंड डेटाकॉम का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 44.3% बढ़कर ₹10.16 करोड़ और रेवेन्यू 5.7% उछलकर ₹567.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Reliance Industries

रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी जियो प्लेटफॉर्म्स का ₹30,187.6 करोड़ का आईपीओ पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। इस आईपीओ के लिए प्राइस बैंड प्रति शेयक ₹1,065–₹1,119 फिक्स किया है। इस इश्यू के तहत 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। इसमें ₹500 करोड़ के शेयर तो जियो प्लेटफॉर्म्स के एलिजिबल एंप्लॉयीज और ₹2500 करोड़ के शेयर रिलायंस इंडस्ट्रीज के एलिजिबल शेयरहोल्डर्स के लिए आरक्षित हैं।

IDBI Bank

फेयरफैक्स फाइेंशियल होल्डिंग्स की कनाडा इंक को आईडीबीआई बैंक खरीदने की मंजूरी मिल गई है। सरकार और एलआईसी इसमें कुल मिलाकर 60.72% हिस्सेदारी ₹52,878 करोड़ में बेच रही है। सरकार बैंक में अपनी 30.48% और एलआईसी 30.24% हिस्सेदारी बेच रही है। कनाडा इंक इसे प्रति शेयर ₹81 के भाव पर खरीद रही है। सौदे के बाद सरकार की बैंक में 15% और एलआईसी के पास 19% हिस्सेदारी रह जाएगी।

Dr Reddy’s Laboratories

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में डॉ रेड्डीज की एफटीओ-9 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की PAI (प्री-अप्रूवल इंस्पेक्शन) पूरी कर ली है। 8-9 अक्टूबर की जां के बाद तीन ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी हुआ है।

Enviro Infra Engineers

एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स की सब्सिडियरी सुयोग ऊर्जा को एरी एनर्जी एलएलपी से ₹228 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए LoI (लेटर ऑफ इंटेंट) मिला है। इस प्रोजेक्ट में महाराष्ट्र के लातूर में 100 MW के अजनी विंड पावर प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट के लिए EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) टर्न्की काम शामिल हैं।

Om Power Transmission

ओम पावर ट्रांसमिशन को उत्तर गुजरात विज कंपनी से ₹101.56 करोड़ के टर्न्की कॉन्ट्रैक्ट के लिए LoA (लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस) मिला है। इस कॉन्ट्रैक्ट में अंबाजी में मौजूदा इलेक्ट्रिकल लाइन नेटवर्क को अंडरग्राउंड केबल नेटवर्क में बदलने और उससे जुड़े अन्य काम हैं।

AceVector

ICICI सिक्योरिटीज प्राइमरी डीलरशिप ने ऐसवेक्टर के 32.91 लाख शेयर (0.6% हिस्सेदारी) ₹8.6 करोड़ में प्रति शेयर ₹26.27 के भाव पर बेच दिए।

Devson Catalyst

इंडिया मैक्स इन्वेस्टमेंट फंड ने डेवसन कैटलिस्ट के 72,000 इक्विटी शेयर (0.53% हिस्सेदारी) ₹2.75 करोड़ में प्रति शेयर ₹382.50 के भाव पर बेच दिए। 15 जुलाई, 2026 तक डेवसन कैटलिस्ट में इंडिया मैक्स इन्वेस्टमेंट फंड की 2.41% हिस्सेदारी (3.27 लाख शेयर) थी।

Fine Line Circuits

वॉलफोर्ट फाइनेंशियल सर्विसेज ने फाइन लाइन सर्किट्स के 25,000 शेयर (0.52% हिस्सेदारी) ₹20.71 लाख में प्रति शेयर ₹82.87 के भाव पर खरीदे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

India exam reforms 2026: देश में बदलेगा प्रवेश परीक्षाओं का पैटर्न, पेपर लीक के बाद कंप्यूटर आधारित परीक्षा ढांचा तैयार करने पर जोर

India exam reforms 2026: केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रलहाद जोशी ने कहा कि भारत प्रौद्योगिकी और बड़े क्वेश्चन बैंक का इस्तेमाल करके अपनी परीक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव करेगा। सरकार पेपर लीक और नकल के आरोपों से सामने आई कमियों को दूर कर रही है, जिनकी वजह से हाल के समय में बड़े पैमाने पर छात्रों ने प्रदर्शन किया था। बुधवार को नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के मौके पर अपने विचार व्यक्त किए।

जोशी ने एक इंटरव्यू में जोशी ने कहा, “हम इसे और ज्यादा टेक्नोलॉजी पर आधारित बना रहे हैं, इसे अधिक निष्पक्ष बना रहे हैं, उन सभी कमियों को हम अभी दूर कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि सरकार जल्द से जल्द कंप्यूटर-बेस्ड एग्जाम सहित “सिस्टम में पूरा बदलाव” चाहती है। जोशी ने कहा कि भारत के सबसे जाने-माने टेक फाउंडर, इंफोसिस लिमिटेड के सह संस्थापक और अध्यक्ष नंदन नीलेकणी की अगुवाई वाला एक पैनल सिस्टम में सुधारों की जांच कर रहा है और उसने सरकार के साथ अपने प्लान पर चर्चा की है।

उन्होंने कहा कि पैनल को अभी अपनी रिपोर्ट देनी है, लेकिन उसकी सिफारिशों पर “बहुत, बहुत सकारात्मक और गंभीरता से” विचार किया जाएगा। हाल के वर्षों में भारत में परीक्षा पेपर लीक और दूसरी गड़बड़ियों की बाढ़ आ गई है, जिसमें मेडिकल स्कूलों के लिए अत्यंत प्रतियोगी प्रवेश परीक्षा से जुड़ी दिक्कतें भी शामिल हैं। इन नाकामियों की वजह से जुलाई में बड़े पैमाने पर छात्रों के प्रदर्शन हुए और दुनिया की कुछ सबसे बड़ी परीक्षाएं कराने वाली व्यवस्था की कमियां सामने आईं। इस अशांति के बीच पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।

जोशी ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 को कुशल कर्मियों के कौशल और नियोक्ताओं की जरूरत के बीच के अंतर को कम करने के लिए जरूरी बताया। साथ ही कहा कि स्कूल वोकेशनल ट्रेनिंग, इनोवेशन, क्रिटिकल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत को अपनी बड़ी युवा आबादी को एक स्किल्ड वर्कफोर्स में बदलने की जरूरत है जो उसके मैन्युफैक्चरिंग के लक्ष्यों को पूरा कर सके।

Tripura Civic Polls: स्थानीय निकाय चुनाव के लिए त्रिपुरा SEC ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, नवंबर में होंगे अगरतला सहित 21 नगरपालिकाओं में चुनाव

Tata Technologies Q2 Results: टाटा ग्रुप की कंपनी का मुनाफा घटा, शेयरों पर रहेगी नजर

Tata Technologies Q2 Results: टाटा ग्रुप की कपंनी Tata Technologies के लिए सितंबर तिमाही में तस्वीर मिली-जुली रही। कंपनी का मुनाफा घटा, लेकिन रेवेन्यू में अच्छी बढ़ोतरी हुई। बुधवार 14 अक्टूबर को जारी नतीजों के मुताबिक, कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 5.2% गिरकर 171.4 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 180.8 करोड़ रुपये था।

दूसरी ओर, कंपनी का रेवेन्यू 28.4% बढ़कर 1,698.8 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल यह 1,323.3 करोड़ रुपये था। ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस भी बेहतर रही। EBIT 25.3% बढ़कर 238.7 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, EBIT मार्जिन 14.4% से घटकर 14.1% रह गया।

EBITDA बढ़ा, लेकिन मुनाफा अनुमान से कम

टाटा टेक्नोलॉजीज का EBITDA सालाना आधार पर 31.5% बढ़कर 273.3 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन भी 15.7% से बढ़कर 16.1% पहुंच गया। रेवेन्यू और ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस तीन ब्रोकरेज के अनुमान से बेहतर रहे। हालांकि, नेट प्रॉफिट 200 करोड़ रुपये के अनुमान से काफी कम रहा।

कंपनी के सर्विस सेगमेंट का रेवेन्यू 33.9% बढ़कर 1,355.7 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस से रेवेन्यू 10.5% बढ़कर 343.1 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के CEO वॉरेन हैरिस ने कहा कि मजबूत मांग और नए प्रोग्राम शुरू होने से पूरे वित्त वर्ष में दोहरे अंकों की ग्रोथ की उम्मीद है।

टाटा टेक्नोलॉजीज को नए ऑटोमोटिव प्रोजेक्ट

तिमाही के दौरान Tata Technologies को एक बड़ी यूरोपीय लग्जरी कार कंपनी से 138 मिलियन डॉलर का प्रोजेक्ट मिला। इसके तहत कंपनी दो व्हीकल प्लेटफॉर्म के डेवलपमेंट और इंजीनियरिंग से जुड़े काम करेगी।

इसके अलावा, उत्तर अमेरिका की एक कमर्शियल गाड़ी बनाने वाली कंपनी ने नए व्हीकल प्लेटफॉर्म के डेवलपमेंट की जिम्मेदारी दी है। कंपनी को ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े दूसरे प्रोजेक्ट भी मिले।

कर्मचारियों की संख्या बढ़ी, शेयर में तेजी

सितंबर के अंत में Tata Technologies में 12,895 कर्मचारी थे। एक साल पहले इनकी संख्या 12,402 थी। तिमाही में कंपनी का फ्री कैश फ्लो 223.5 करोड़ रुपये रहा। सितंबर के अंत में कंपनी के पास 107.8 मिलियन डॉलर का कैश और कैश इक्विवेलेंट्स था।

नतीजों से पहले बुधवार को कंपनी का शेयर 0.5% बढ़कर 747.25 रुपये पर बंद हुआ। साल 2026 में अब तक शेयर करीब 16% चढ़ चुका है।

HDB Financial Q2 Results: मुनाफा 34% बढ़ा, NPA में भी सुधार; डिविडेंड का ऐलान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।