Stock Market Outlook: ‘शेयर बाजार में निवेश का सही मौका’, राजेश कोठारी ने कहा- 3 साल में मिल सकता है तगड़ा रिटर्न

Stock Market Outlook: AlfAccurate Advisors के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश कोठारी का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार अगले 3 से 5 साल में अच्छा रिटर्न दे सकता है। इसके पीछे कंपनियों की कमाई में सुधार, अर्थव्यवस्था की मजबूती और शेयरों की वाजिब वैल्यूएशन जैसे कारण हैं।

CNBC-TV18 को दिए इंटरव्यू में कोठारी ने कहा कि अब इक्विटी में निवेश बढ़ाने का समय है। निवेशकों को लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप, तीनों तरह के शेयरों में मौके तलाशने चाहिए। पिछले दो साल में बाजार से खास रिटर्न नहीं मिला है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन भी कमजोर रहा है।

अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा

कोठारी के मुताबिक, महंगे कच्चे तेल और ऊंची ब्याज दरों की चिंताओं के बावजूद भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है। नॉन-फूड क्रेडिट ग्रोथ 17-18%, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 20% और पर्सनल लोन में 16% की बढ़ोतरी इसका संकेत है। उनके मुताबिक, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 2011 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंची है।

खपत, सरकार का कैपिटल एक्सपेंडिचर और निर्यात में सुधार भी अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहे हैं। कंपनियों की कमाई में भी सुधार दिख रहा है। साथ ही, बाजार की वैल्यूएशन अपने 10 साल के औसत P/E रेशियो से नीचे है।

FII की बिकवाली हर कंपनी के लिए खतरे का संकेत नहीं

कोठारी ने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली को सिर्फ भारत से उनकी नाराजगी के तौर पर नहीं देखना चाहिए। निवेशकों को नेट खरीद-बिक्री के बजाय कुल खरीद और बिक्री पर भी नजर डालनी चाहिए।

उनके मुताबिक, विदेशी निवेशक उन कंपनियों से पैसा निकाल रहे हैं, जो उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं। इसलिए बिकवाली का कारण कई बार देश के बजाय किसी खास कंपनी का कमजोर प्रदर्शन होता है।

इन सेक्टरों में दिख रहे हैं मौके

कोठारी को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS), एयरोस्पेस, कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग (CDMO) और ऑटो एंसिलरी कंपनियों में संभावनाएं दिख रही हैं। EMS सेक्टर को सरकार की PLI स्कीम और भारतीय कंपनियों की बढ़ती उत्पादन क्षमता से मदद मिल रही है।

बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज भी उनकी पसंद में शामिल हैं। मजबूत क्रेडिट ग्रोथ, बेहतर एसेट क्वालिटी और नियंत्रित क्रेडिट लागत से इस सेक्टर को फायदा मिल सकता है। उन्हें स्पेशियलिटी केमिकल्स, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और ट्रैवल, मीडिया व डिजिटल एडवर्टाइजिंग प्लेटफॉर्म कारोबार में भी अवसर दिखते हैं।

हर शेयर में तेजी की उम्मीद न करें

कोठारी ने स्टॉक चुनते समय सावधानी बरतने की सलाह दी। उनके मुताबिक, पिछले पांच साल में कोई भी लार्जकैप कंपनी हर साल 20% की ग्रोथ दर्ज नहीं कर पाई। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी करीब 8% ही लगातार इतनी ग्रोथ हासिल कर पाईं।

उन्होंने कहा कि कई प्लेटफॉर्म कंपनियां अब कर्ज-मुक्त हो चुकी हैं। इससे कारोबार को लंबे समय तक आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

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Trading Plan : वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार में जोरदार तेजी, जानिए आगे के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Trading Plan : IT शेयरों के दम पर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। वीकली एक्सपायरी पर निफ्टी करीब 190 प्वाइंट उछलकर 22550 के करीब कारोबार कर रहा है। हालांकि बैंक निफ्टी में 20 DEMA पर रजिस्टेंस दिखा है। फिर भी यह 200 प्वाइंट ऊपर है। वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ऊपरी स्तरों से दबाव है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 7% से ज्यादा फिसलकर ठंडा पड़ा है।

आज सबसे दमदार और सुपरहिट प्ले साबित हुआ IT सेक्टर। अच्छे नतीजे और कमेंट्री के बाद HCL टेक 4 परसेंट चढ़कर निफ्टी का टॉप गेनर बना है। उधर TCS, एम्फैसिस, LTM, कोफोर्ज, पर्सिस्टेंट में भी जोश है। AI ट्रेड में रिवर्सल से सपोर्ट मिला है।

MDR चार्ज लागू होने की तारीख बढ़ा दी गई है। अब यह 15 अक्टूबर की बजाए दिवाली के तुरंत बाद लागू होगा। तारीख का एलान जल्द होगा। NPCI के बयान के बाद फिनटेक शेयरों में निचले स्तरों से रिकवरी दिखीहै।

अमेरिका में AI शेयरों में रिवर्सल से GE वर्नोवा, हिताची और CG पावर का सेंटीमेंट बिगड़ा है। तीनों शेयर वायदा के टॉप लूजर्स में शामिल है। वहीं जनवरी सीरीज में वायदा से बाहर होने से पॉलिकैब में मिनी एक्सिडेंट हुआ है। उधर नतीजों के बाद RBL बैंक में तेज गिरावट है, यह करीब 7 परसेंट टूटा है।

IT के साथ साथ FMCG और PSU बैंकों में ज्यादा खरीदारी आई है। ये दोनों सेक्टर इंडेक्स करीब एक परसेंट मजबूत दिख रहे हैं। फाइनेंशियल और रियल्टी में भी तेजी है। लेकिन फार्मा और डिफेंस में हल्का दबाव है।

बंधन बैंक में आज जोरजदार तेजी है। यह शेयर 8 परसेंट उछलकर वायदा का टॉप गेनर बना है। न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक IHC और दूसरे निवेशक बंधन फाइनेंशियल होल्डिंग्स में हिस्सा खरीद सकते हैं। हालांकि खबर पर बैंक ने सफाई जारी करते हुए कहा है कि उसे ऐसी कोई जानकारी नहीं है।

उधर कल वायदा में शामिल केनरा बैंक, BHEL और ICICI लोम्बार्ड के नतीजे आएंगे। दूसरी तिमाही में केनरा बैंक की ब्याज से कमाई यानी NII 17% से ज्यादा बढ़ सकती है। वहीं मुनाफा फ्लैट रह सकता है। असेट क्वॉलिटी में भी सुधार दिख सकता है। वहीं BHEL का प्रॉफिट 78% बढ़ सकता है।

एक्सपायरी के दिन उठापटक

बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आज उतार-चढ़ाव भरा दिन रहा,लेकिन ज्यादातर बढ़त के साथ कारोबार हुआ। निफ्टी का हाई एक बार फिर 10 DEMA पर थमा। इसी तरह बैंक निफ्टी का हाई भी एक बार फिर 20 DEMA पर थमता दिखा। बड़ी तेजी IT में आई। आज सुबह के शो की शुरुआत हमने IT के साथ की थी। सिर्फ आवाज ने बताया,आज IT क्यों चलेगा और पावर शेयर क्यों गिरेंगे। HCL Tech की अगुवाई में IT में बड़ी रैली देखने को मिली। वहीं, GVT&D, हिताची जैसे शेयरों में गिरावट दिखी। कॉस्पी की बड़ी गिरावट का सीधा असर दिखा। आज स्मॉल कैप ने काफी खराब प्रदर्शन किया।

बाजार: अब क्या?

अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में अभी भी रिस्क वही है। 10 और 20 DEMA पर रुकावट है। आज एक्सपायरी है,आखिरी घंटे में बड़े मूव आ सकते हैं। आज पूरे बाजार को IT ने संभाला है। सुबह गैप अप खुलने के बाद भी IT में बड़ा ट्रेड मिला और रोज आपको एक बड़ी थीम पर फोकस करना है। आज सुबह हमने सिर्फ इसी ट्रेड पर फोकस किया। निफ्टी को चलने के लिए 3-4 और सेक्टर्स को चलना होगा। बैंक निफ्टी 20 DEMA के पास आकर रुक रहा है। रुपये में दूसरे दिन भी मजबूती है,जो पॉजिटिव है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर स्ट्रटैटेजी

अनुज सिंघल के मुताबिक निफ्टी के लिए 22,550-22,600 और फिर 22,650 पर रेजिस्टेंस है। इसके लिए 22,400-22,450 पर सपोर्ट है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 55,050-55,250, फिर 55,500 पर रेजिस्टेंस है। इसके लिए 54,800-55,000 पर सपोर्ट है।

 

 

Market View : बाजार का ओवरऑल ट्रेंड अभी भी नेगेटिव, डिफेंस और आईटी के इन शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : बाजार में दिखी जोरदार तेजी, जानिए 12 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : शुक्रवार को भारतीय शेयर बाज़ार में ज़बरदस्त तेज़ी देखने को मिली है। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद सेंसेक्स 879 अंक यानी 1.23%) बढ़कर 72,472 पर और निफ्टी 289 अंक यानी 1.30% बढ़कर 22,520 पर बंद हुआ। बाज़ार का रुख पॉजिटिव रहा। 2,344 शेयरों में बढ़त हुई जबकि 1,686 शेयरों में गिरावट आई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो IT सेक्टर में सबसे ज़्यादा 3.02% की तेज़ी रही, जबकि FMCG में 2.25% और PSU बैंकों में 1.62% की बढ़त दर्ज की गई। मिडकैप शेयरों में 1.46% और स्मॉलकैप शेयरों में 0.55% की बढ़त हुई, वहीं इंडिया VIX में 6.09% की गिरावट आई। TCS, ITC और अपोलो हॉस्पिटल्स में से हर एक में 4% से ज़्यादा की बढ़त हुई और ये निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि हाल ही में आई भारी गिरावट के बाद, वैल्यू बाइंग और शॉर्ट कवरिंग के दम पर घरेलू इक्विटी मार्केट में राहत भरी रैली देखने को मिली। Q2 अर्निंग्स सीज़न की मज़बूत शुरुआत और AI-आधारित रेवेन्यू के मौकों पर बढ़ते भरोसे के कारण IT शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। ईरान के ख़िलाफ़ किसी भी संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के मिड-टर्म चुनावों से पहले होने की संभावना कम होने के संकेतों से भू-राजनीतिक चिंताएं कम हुईं। इससे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई और बाज़ार के सेंटीमेंट में सुधार हुआ। हालांकि, लगातार हो रही FII की बिकवाली और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में तेजी, रिकवरी की उम्मीदों पर दबाव बनाए हुए है। RBI के ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ (सोच-समझकर सख्ती) के रुख के बाद, निवेशक अब ब्याज दरों की चाल के बारे में और संकेतों के लिए सोमवार को आने वाले घरेलू CPI डेटा का इंतज़ार कर रहे हैं। आगे चलकर, Q2 के नतीजे (जिसके सालाना आधार पर अच्छा रहने का अनुमान है) बाज़ार में आई तेज़ी के बने रहने के लिहाज़ से अहम होंगे।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि आज शुक्रवार को निफ्टी में अच्छी रिकवरी दिखी और इसमें 1% से ज़्यादा की बढ़त हुई। हालांकि, यह 22,600 के आसपास बने 50EMA के लेवल को पार नहीं कर पाया। अगर इंडेक्स 22,600–22,650 के रेजिस्टेंस ज़ोन के ऊपर जाता है तो शॉर्ट-टर्म ट्रेंड में सुधार हो सकता है और रिकवरी जारी रह सकती है। लेकिन, अगर यह इस ज़ोन को पार नहीं कर पाता है, तो बाज़ार में फिर से कमज़ोरी आ सकती है। निचले स्तर पर इसके लिए 22,450, 22,350 और 22,100 पर सपोर्ट हैं।

360 ONE वेल्थ की प्रेसिडेंट अनु जैन ने एक अहम टेक्निकल गड़बड़ी की ओर इशारा करते हुए कहा कि मार्केट अपने 200 वीक के मूविंग एवरेज (जो एक लॉन्ग-टर्म सपोर्ट लेवल है) से नीचे आ गया है। इससे पता चलता है कि एडजस्टमेंट का दौर अभी और चल सकता है। या तो कीमतें और गिर सकती हैं या फिर लंबे समय तक कंसोलिडेशन का दौर रह सकता है। इससे पता चलता है कि अभी और मुश्किल दौर आ सकता है। टेक्निकल इंडीकेटर बताते हैं कि बाजार में अभी और गिरावट की गुंजाइश है।

बजाज ऑल्ट्स की ग्रुप प्रेसिडेंट (इन्वेस्टमेंट्स) और मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO लक्ष्मी अय्यर ने हाल में आई गिरावट को मार्केट में बनी अस्वाभाविक तेजी ज़रूरी सफ़ाई बताते हुए कहा है कि मोमेंटम इंडिकेटर कमज़ोर हुए हैं और मार्केट के मज़बूत स्थिति में आने से पहले निवेशकों को और उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए। अय्यर ने मौजूदा दौर की तुलना समुद्र मंथन से करते हुए कहा क पहले ज़हर मिलेगा, लेकिन आपको अमृत का इंतज़ार करना होगा। यानी असल वैल्यू सामने आने से पहले उथल-पुथल का दौर देखने को मिलेगा।

अभी हर जगह वैल्यूएशन की स्थिति सही नहीं है। अय्यर ने कहा कि वैल्यूएशन अब धीरे-धीरे सही स्तर की ओर बढ़ रहे हैं और बाज़ार के कुछ हिस्सों में ये लंबे समय के औसत से नीचे आ गए हैं। लार्ज-कैप की वैल्यूएशन ठीक लग रही है, लेकिन कई सालों की ज़बरदस्त री-रेटिंग के बाद मिड-कैप और स्मॉल-कैप में अभी भी बहुत ज़्यादा राहत की गुंजाइश नहीं दिख रही है।

उन्होंने आगे कहा कि मिड कैप स्टॉक लार्जकैप के मुकाबले 55-60% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं और स्मॉल-कैप में भी लगभग इतना ही प्रीमियम मिल रहा है। फिर भी, उनका कहना है कि कई मिड साइज़ कंपनियों की अर्निंग में मज़बूती बनी हुई है, इसलिए यह बिना सोचे-समझे खरीदारी करने के बजाय सोच-समझकर निवेश करने वालों का बाज़ार है। यह स्टॉक पिकर्स) का बाज़ार है।

नुवामा एसेट मैनेजमेंट के प्रेसिडेंट और हेड, अंशु कपूर की राय है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स के लिए भारत अभी भी पसंदीदा मार्केट नहीं है, क्योंकि दूसरे मार्केट में तुलनात्मक रूप से बेहतर मौके मिल रहे हैं। उनका कहना यह नहीं है कि भारत का स्ट्रक्चरल आकर्षण खत्म हो गया है, बल्कि यह है कि मार्केट में उतार-चढ़ाव की वजह से निकट भविष्य में कुछ और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

 

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Trading Strategy: बाजार में बढ़त के साथ हो रहा कारोबार, इंट्राडे में बंपर कमाई के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

Trading Strategy : शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स में बढ़त देखने को मिल रही है। सुबह करीब 10 बजे के आसपास सेंसेक्स 601 अंक यानी 0.84% चढ़कर 72,194 पर और निफ्टी 197 अंक यानी 0.88% बढ़कर 22,428 पर पहुंच गया था। IT इंडेक्स में सबसे ज्यादा 2.86% की तेजी दिख रही है। जबकि प्राइवेट बैंक, बैंक निफ्टी और मीडिया इंडेक्स में 1% से ज़्यादा की बढ़त देखने को मिल रही है। मिडकैप शेयरों में लगभग 1% की बढ़त हुई है। हालांकि स्मॉलकैप शेयरों में मामूली गिरावट आई है। एनर्जी,ऑयल एंड गैस और फार्मा सेक्टर के शेयरों में गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। जबकि, वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX 4.06% गिर गया है। यह तेजड़ियों के लिए राहत की बात है।

निफ्टी पर रणनीति

आज बाजार में क्या हो ट्रेडिंग रणनीति इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 22361-22440 पर और बड़ा रजिस्टेंस 22513-22571/22610 पर है। इसके लिए पहला बेस 22110-22080 पर और बड़ा बेस 21866/21945-22010 पर है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 54921-55080 पर और बड़ा रजिस्टेंस 55304-55434/55610 पर है। इसके लिए पहला बेस 54330-54431 पर और बड़ा बेस 54040-54212 पर है।

सीएनबीसी-आवाज के अनुज सिंघल की निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 22,150-22,200 पर और बड़ा सपोर्ट 22,000-22,050 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 22,350-22,400 पर और बड़ा रजिस्टेंस 22,450-22,500 पर है। 22,400-22,450 के रिजेक्शन पर बेचें, 22,500 का सख्त SL लगाएं। अगर निफ्टी 22,150-22,200 होल्ड करे तभी खरीदें, 22,100 का सख्त SL लगाएं।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 54,300-54,500 पर और बड़ा सपोर्ट 54,000-54,200 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 54,800-55,000 पर और बड़ा रजिस्टेंस 55,200-55,500 पर है। 54,800-55,000 के रिजेक्शन पर बेचें, 55,100 का सख्त SL लगाएं। अगर निफ्टी 54,300-54,500 होल्ड करे तभी खरीदें, 54,100 का सख्त SL लगाएं।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं www.rajeshsatpute.com के राजेश सातपुते। इनकी बैंक ऑफ महाराष्ट्र के फ्यूचर्स में 80 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 88 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, नेस्ले के फ्यूचर्स में इनकी 1290 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 1360 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Trading Ideas: 9 अक्टूबर को भारती हेक्साकॉम, NTPC ग्रीन एनर्जी, लेमन ट्री होटल्स, हेक्सावेयर और V-मार्ट रिटेल में कैसे करें ट्रेड?

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

इस म्यूचुअल फंड ने मंथली ₹10000 के SIP को 15 साल में ₹81 लाख बनाया

म्यूचुअल फंड की कुछ स्कीमें हैं, जिन्होंने निवेशकों को करोड़पति बनाया है। फ्रैंकलिन टेंपलटन इंडिया म्यूचुअल फंड की इस स्मॉलकैप स्कीम ने भी निवेशकों को मालामाल किया है। इसका नाम फ्रैंकलिन इंडिया स्मॉलकैप फंड है। इस फंड में अगर आपने हर महीने 10,000 रुपये का सिप इनवेस्टमेंट 15 साल तक किया होता तो आज आपका पैसा बढ़कर 81 लाख रुपये हो गया होता। फ्रैंकलिन टेंपलटन ने अपने इस फंड के प्रदर्शन के बारे में बताया है।

जनवरी 2006 में हुई थी इस फंड की शुरुआत

Franklin India Small Cap Fund का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 14,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। फ्रैंकलिन टेंपलटन के कैलकुलेशन के मुताबिक, अगर आपने इस फंड के शुरू होने के समय इसमें एकमुश्त 10,000 रुपये का निवेश किया होता तो आज आपका पैसा बढ़कर 1.79 लाख रुपये हो गया होता। इस फंड की शुरुआत जनवरी 2006 में हुई थी। फ्रैंकलिन टेंपलटन ने कहा है कि इस फंड ने शुरुआत से लेकर अब तक अपने बेंचमार्क निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स से ज्यादा रिटर्न दिया है।

15 साल में इस फंड का रिटर्न 19 फीसदी से ज्यादा रहा

5 साल, 15 साल और शुरुआत से अब तक इस फंड का प्रदर्शन बेंचमार्क के मुकाबले बेहतर रहा है। लेकिन, 3 साल में इसका रिटर्न बेंचमार्क से कम रहा है। इस दौरान बेंचमार्क का रिटर्न 16.15 फीसदी रहा, जबकि इस फंड का रिटर्न 12.82 फीसदी रहा। 10 साल में भी फंड का रिटर्न बेंचमार्क से कम रहा। लेकिन, 15 साल में फंड का रिटर्न 19.03 फीसदी रहा, जबकि बेंचमार्क का 15.75 फीसदी रहा।

मिनिमम 5000 रुपये से किया जा सकता है एकमुश्त निवेश

इस फंड के पोर्टफोलियो मैनेजर अखिल काल्लुरी ने कहा कि फंड का फोकस ऐसी कंपनियों के शेयरों पर होता है, जो बुनियादी रूप से मजबूत होती हैं और जिनकी ग्रोथ की संभावना ज्यादा होती है। इस फंड में निवेश के एक साल के अंदर पैसे निकालने पर 1 फीसदी का एग्जिट लोड लगता है। इस फंड में मिनिमम 5,000 रुपये से एकमुश्त निवेश किया जा सकता है। अतिरिक्त निवेश 1,000 रुपये के मल्टीपल में किया जा सकता है।

स्मॉलकैप फंड में निवेश में ज्यादा रिस्क

यह फंड स्मॉलकैप फंड की कैटेगरी में आता है। यह सिर्फ स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में निवेश करता है। स्मॉलकैप शेयरों में निवेश में रिस्क ज्यादा होता है। इनका रिटर्न ज्यादा होता है। लेकिन, मार्केट क्रैश करने पर इन शेयरों में गिरावट भी लार्जकैप और मिडकैप स्टॉक्स के मुकाबले ज्यादा आती है। इसलिए सिर्फ ज्यादा रिस्क लेने की क्षमता वाले इनवेस्टर्स को ही स्मॉलकैप फंड में निवेश करना चाहिए।

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फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह से ले निवेश का फैसला

दूसरा, किसी फंड के पिछले प्रदर्शन को देखकर उसमें निवेश करने का फैसला नहीं करना चाहिए। किसी फंड का अब तक का अच्छा प्रदर्शन भविष्य में उसके अच्छे प्रदर्शन की गारंटी नहीं होता। इनवेस्टर्स को अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह के बाद ही किसी फंड में निवेश का फैसला लेना चाहिए।

Market View : निफ्टी अगले 1-2 दिन 200 अंकों के दायरे में ही रहेगा, उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम

Market View : 5 अक्टूबर को कारोबारी हफ्ते के पहले दिन बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 473 अंक चढ़कर 72382 पर और निफ्टी 134 अंक बढ़कर 22556 पर बंद हुआ। बाजार में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी खरीदारी रही। कैपिटल मार्केट और FMCG शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। PSE और एनर्जी इंडेक्स भी बढ़त पर बंद हुए, तो वहीं फार्मा शेयरों में दबाव रहा और IT इंडेक्स ऊपरी स्तरों से फिसलकर फ्लैट बंद हुआ। बैंक निफ्टी 263 अंक चढ़कर 54,714 पर बंद हुआ। मिडकैप 392 अंक चढ़कर 59,124 पर बंद हुआ।

निफ्टी के 50 में से 31 शेयरों में खरीदारी रही। सेंसेक्स के 30 में से 20 शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। बैंक निफ्टी के 14 में 11 शेयरों में खरीदारी रही। डॉलर के मुकाबले रुपया 2 पैसे मजबूत होकर 96.29 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

बाजार की चाल पर बात करते हुए www.sethamit.com के अमित सेठ ने कहा कि बाजार में काफी ज्यादा वोलैटिलिटी है। कल के सत्र में हमें एक रिकवरी देखने को मिली लेकिन अभी भी हम ये नहीं कह सकते कि बाजार दबाव ले उबर चुका है। चार पांच दिनों की सेलिंग के बाद एक बाउंस जरूर दिखा है। निफ्टी अभी भी 10 डेमा के नीचे ट्रेड कर रहा है। ओवरसोल्ड लेवल्स से एक टेक्निकल बाउंस जरूर नजर आ रहा है। लेकिन 22650 के आसपास स्थित 10 डेमा अभी भी एक क्रूशियल रेजिस्टेंस रहेगा। हालांकि बाजार में एक बाउंस जरूर देखने को मिल सकता है। ऐसे में अगर निफ्टी 22,650-22700 के आसपास आए तो 50 अंकों के स्टॉप लॉस के साथ शॉर्ट करना चाहिए। बेसिकली हम दोनों तरफ खेल सकते हैं। लेकिन अभी के लिए लॉन्ग होने की सलाह होगी। अगर निफ्टी आज के सत्र में फ्लैट ओपनिंग करता है और 22,500 को होल्ड करता है तो 50 अंकों के स्टॉप लॉस के साथ हम लॉन्ग भी जा सकते हैं। निफ्टी अगले 1-2 दिन 22500 से लेकर 22650-22700 की रेंज में रह सकता है।

बैंक निफ्टी व्यू

बैंक निफ्टी में भी कमजोरी बनी हुई है। हालांकि पिछले तीन चार दिनों थोड़े से लेवल्स जरूर होल्ड हुए है। लेकिन जब तक बैंक निफ्टी 55000 के ऊपर नहीं जाता तब तक कन्विक्शन नहीं आएगा। ऐसे में बैंक निफ्टी को एवॉइड करें और स्टॉक स्पेसिफिक रहें।

अमित सेठ की टॉप पिक

अमित सेठ ने अपने पसंदीदा शेयर पर बात करते हुए कहा कि इस समय डीएलएफ का स्ट्रक्चर काफी पॉजिटिव लग रहा है। पिछले 4-5 दिनों की गिरावट में डीएलएफ ने अपने अहम लेवल्स को काफी अच्छे से होल्ड किया है। मूविंग एवरेज भी पॉजिटिवली अलाइन हैं। बाजार की दो-तीन दिनों की गिरावट में भी डीएलएफ ने अपना रिलेटिव स्ट्रेंथ और अपने अहम लेवल्स काफी अच्छे से होल्ड किए। कल के सत्र में हमें इसमें वापस पुलबैक दिखाा। अगर आज बाजार में थोड़ी बहुत भी स्टेबिलिटी आती है तो इस शेयर में शॉर्ट टर्म ट्रेड के नजरिए से 666 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 685 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की जानी चाहिए।

 

 

Market Outlook : बाजार ने लगातार 4 दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा, जानिए 6 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

 

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म्यूचुअल फंड्स की इन स्कीमों ने इस साल दिए 29% तक रिटर्न, जानिए लिस्ट में कौन-कौन स्कीम हैं शामिल

शेयर बाजारों में गिरावट का असर म्यूचुअल फंड्स के रिटर्न पर भी पड़ा है। इस साल ज्यादातर इक्विटी फंडों का प्रदर्शन खराब रहा है। इससे इनवेस्टर्स मायूस हैं। लेकिन, इस गिरावट के बीच भी कुछ फंडों ने निवेशकों को अच्छे रिटर्न दिए हैं। इनमें फार्मा फंड्स शामिल हैं। ऐसे फंड थिमैटिक फंड्स की कैटेगरी में आते हैं। इसका मतलब है कि ये फंड फार्मा कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं।

फार्मा कैटेगरी के फंड्स का औसत रिटर्न 14 फीसदी

फार्मा फंड्स के तहत ऐसी स्कीमें आती हैं, जो कम से कम 80 फीसदी पैसा फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी, हॉस्पिटल, डायग्नॉस्टिक्स और मेडिकल डिवाइसेज कंपनियों में लगाती हैं। इस कैटेगरी के फंडों का औसत रिटर्न इस साल सितंबर तक करीब 13.98 फीसदी रहा है। इसकी वजह फार्मा शेयरों का अच्छा प्रदर्शन है। इससे निफ्टी फार्मा इंडेक्स में इस साल अब तक करीब 16 फीसदी तेजी दिखी है।

कोटक हेल्थकेयर फंड ने दिया 29 फीसदी रिटर्न

फार्मा फंडों में सबसे ज्यादा रिटर्न कोटक हेल्थकेयर फंड ने दिया है। इसका रिटर्न इस साल 29 फीसदी रहा है। इस फंड ने सन फार्मा, डिवीज लैब, टोरेंट फार्मा, मैक्स हेल्थकेयर जैसी दिग्गज फार्मा कंपनियों और हॉस्पिटल चेंस में निवेश किया है। फार्मा सेक्टर को डिफेंसिव सेक्टर माना जाता है। इस साल फार्मा सेक्टर का प्रदर्शन दूसरे सेक्टर के मुकाबले बेहतर रहा है।

एचडीएफसी के फंड ने दिया 23 फीसदी रिटर्न

अच्छा रिटर्न देने के मामले में दूसरे नंबर पर एचडीएफसी फार्मा एंड हेल्थकेयर फंड है। इस फंड का रिटर्न इस साल 22.93 फीसदी रहा है। इस फंड ने भी डिवीज लैब, सन फार्मा, टोरेंट फार्मा, मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट के शेयरों में निवेश किया है। इसने सबसे ज्यादा 9.54 फीसदी का निवेश डिवीज लैब में किया है। इसने 34 फीसदी निवेश मिडकैप, 37 फीसदी स्मॉलकैप और 28 फीसदी लार्जकैप स्टॉक्स में निवेश किया है।

इस फंड ने भी निवेशकों को किया मालामाल

WhiteOak Capital Pharma and Healthcare Fund इस लिस्ट में तीसरे पायदान पर है। इस साल इसका रिटर्न 22.37 फीसदी रहा है। इस फंड ने भी सबसे ज्यादा निवेश डिवीज लैब में किया है। उसके बाद सन फार्मा, टोरेंट फार्मा, अपोलो हॉस्पिटल्स और लॉरस लैब्स में किया है। इसने सबसे ज्यादा 43 फीसदी निवेश स्मॉलकैप शेयरों में किया है।

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इस फार्मा फंड ने दिया है 21 फीसदी रिटर्न 

चौथे नंबर पर क्वांट हेल्थकेयर फंड है। इसने इस साल 21 फीसदी से ज्यादा रिटर्न है। इसने ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन फार्मा, ग्लोनमार्क फार्मा, डिवीज लैब और जायडस लाइफसाइसेंज के शेयरों में सबसे ज्यादा निवेश किया है। इसका 55 फीसदी निवेश स्मॉलकैप स्टॉक्स में है, जबकि 44 फीसदी निवेश मिडकैप में है। इस फंड में कमजोर बाजार में भी शानदार रिटर्न दिया है।

Market Crash: इन 3 वजहों से शेयर बाजार में हाहाकार! निवेशकों के डूबे ₹4 लाख करोड़

Stock Market Crash Today: भारतीय शेयर बाजार में आज आई तूफानी बिकवाली ने निवेशकों को भारी चपत लगाई है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से हो रही ताबड़तोड़ बिकवाली और ऑटो शेयरों में आई बड़ी गिरावट के चलते बाजार क्रैश हो गया। सेंसेक्स करीब 850 अंक टूटकर 71,650 के स्तर पर आ गया, वहीं एनएसई का निफ्टी 50 263 अंक (1.16%) फिसलकर 22,356.60 के पास कारोबार कर रहा है।

1 ही दिन में डूबे ₹4 लाख करोड़!

बाजार में मचे इस हाहाकार के कारण बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन भारी गिरावट के साथ नीचे आ गया है। इस चौतरफा बिकवाली के चलते निवेशकों की संपत्ति में से करीब 4 लाख करोड़ रुपये एक ही झटके में स्वाहा हो गए।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.36% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.07% तक टूट गया।

ऑटो इंडेक्स 3% गिरा: बजाज ऑटो और M&M के शेयर धड़ाम

बिक्री आंकड़ों में सुस्ती के कारण ऑटो शेयरों की सबसे ज्यादा पिटाई हुई है। बिक्री घटने की खबरों के बीच बजाज ऑटो का शेयर करीब 6% तक फिसल गया। घरेलू बिक्री के निराशाजनक आंकड़ों से एमएंडएम का शेयर भी 2.4% नीचे आ गया।

बाजार में तबाही के 3 मुख्य कारण

 1. FIIs की आक्रामक बिकवाली: विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली बाजार को नीचे खींच रही है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी के बाद बीते दो कारोबारी सत्रों में FIIs ने कुल ₹20,128 करोड़ के भारतीय शेयर बेचे हैं।

2. रुपये में बड़ी गिरावट: डॉलर इंडेक्स के 3 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचने से रुपया 0.16% गिरकर 95.9850 प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया।

3. India VIX में उछाल: बाजार में उतार-चढ़ाव और घबराहट को दर्शाने वाला ‘इंडिया विक्स’ 5% बढ़कर 14.13 के स्तर पर पहुंच गया, जो निवेशकों की बढ़ती अनिश्चितता को दिखाता है।

बाजार का मौजूदा हाल

दोपहर 1:30 बजे तक भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव और बढ़ गया है, जहां सेंसेक्स 837.38 अंक (1.15%) की बड़ी गिरावट के साथ 71,642.91 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, वहीं निफ्टी 50 भी 287.90 अंक (1.27%) फिसलकर 22,332.55 पर आ गया है। इसके अलावा, ब्रॉडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप 100 में 1.56% (930.45 अंक) की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जबकि निफ्टी बैंक 240.90 अंक (0.44%) गिरकर 54,392.15 पर और बैंकेक्स 361.82 अंक (0.58%) टूटकर 61,363.43 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

इस फंड हाउस ने 20% पैसा कैश में रखा है, मार्केट 5-7% गिरने पर इन शेयरों में लगाएगा

पीजीआईएम इंडिया एसेट मैनेजमेंट के सीआईओ अनिरुद्ध नाहा ने 15-20 फीसदी कैश में रखा है। उनका मानना है कि अभी देश और विदेश से आने वाली खबरों का असर मार्केट पर दिख रहा है। उन्हें मार्केट में तेज गिरावट का इंतजार है। ऐसा होने पर वह इस पैसे को इनवेस्ट करेंगे।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मौकों पर नजर

नाहा ने कहा कि निफ्टी में 5-7 फीसदी करेक्शन आने पर उनका फंड हाउस निवेश के मौकों को देखना शुरू करेगा। हालांकि, फंड हाउस की पसंद लार्जकैप शेयर नहीं होंगे। अगर अर्निंग्स ग्रोथ के हिसाब से वैल्यूएशन अट्रैक्टिव दिखती है तो फंड हाउस मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में भी निवेश करेगा।

बीते दो सालों में फंड हाउस ने कभी इतना कैश नहीं रखा

उन्होंने कहा कि कम से कम बीते दो सालों में फंड हाउस ने कभी इतना कैश अपने पास नहीं रखा था। उन्होंने बताया कि उनका फंड हाउस बॉटम-अप एप्रोच का इस्तेमाल करता है। यह इसके लिए PEG रेशियो का इस्तेमाल करता है। प्राइस-टू-अर्निंग्स को अर्निग्स ग्रोथ से डिवाइड करने पर PEG Ratio मिलता है।

कैपिटल गुड्स कंपनियों के शेयर पीक से 30-35% नीचे

नाहा ने कैपिटल गुड्स को ऐसा सेक्टर बताया जो, फंड हाउस की स्ट्रेटेजी में फिट बैठता है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि बाजार में बड़ी गिरावट के बाद कई कैपिटल गुड्स कंपनियों के शेयर अपने ऑल-टाइम हाई से 30-35 फीसदी तक नीचे हैं। इस सेगमेंट में उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) और बेयरिंग्स कंपनियों पर जोर दिया।

लंबी अवधि के निवेश के लिए हेल्थ केयर सेक्टर भी अट्रैक्टिव 

हेल्थकेयर दूसरा सेगमेंट है, जिस पर नाहा की नजर है। उन्होंने कहा कि इस सेक्टर के शेयरों में अगर और गिरावट आती है तो वे और अट्रैक्टिव हो जाएंगे। उनका मानना है कि लंबी अवधि के निवेश के लिए हेल्थकेयर कंपनियों के शेयरों में मौके दिख रहे हैं। इस सेक्टर की एक खास बात यह है कि इस पर मंदी का असर नहीं दिखता है।

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एसेट मैनेजमेंट कंपनियों का प्रदर्शन भी अच्छा रहेगा

नाहा की लिस्ट में एसेट मैनेजमेंट कंपनियां तीसरे पायदान पर हैं। उन्होंने कहा कि इस सेगमेंट में वैल्यूएशन काफी घटी है, जबकि अर्निंग्स में इम्प्रूवमेंट दिखा है। भारत में परिवारों की सेविंग्स अब फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स में जा रही है। इस वजह सेअगले पांच से सात सालों में इस सेक्टर का प्रदर्शन बेहतर रह सकता है। उन्होंने इंश्योरेंस सेक्टर के बारे में कहा कि लंबी अवधि के लिहाज से फंड हाउस की नजरें इस सेक्टर पर है।

Nifty Outlook: सितंबर में 1600 अंक से ज्यादा टूटा निफ्टी, क्या अब 22600 का अहम लेवल बचेगा?

Nifty Outlook: सितंबर एक्सपायरी के दिन शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव रहा। Nifty50 मंगलवार को 64 अंक गिरकर 22,716 पर बंद हुआ। पूरे सितंबर में इंडेक्स 1,600 अंक से ज्यादा यानी करीब 6.5% टूट चुका है।

मंगलवार को Nifty की शुरुआत गैप-डाउन हुई। शुरुआती कारोबार में बिकवाली तेज रही और इंडेक्स काफी नीचे चला गया। हालांकि, दिन के निचले स्तर से रिकवरी आई और Nifty ने शुरुआती नुकसान का बड़ा हिस्सा कम कर लिया।

एक्सपायरी के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहा। आखिर में Nifty 0.28% की गिरावट के साथ 22,716 पर बंद हुआ। सेक्टरों की बात करें तो IT, Realty और FMCG में गिरावट जारी रही। हालांकि, मेटल और फार्मा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।

200-वीक मूविंग एवरेज तक पहुंचा निफ्टी

गिरावट के साथ Nifty अपने 200-वीक मूविंग एवरेज के करीब पहुंच गया है। यह लेवल अभी करीब 22,600 है। कोविड के समय बाजार में आई बड़ी गिरावट के बाद पहली बार Nifty इस लंबे समय के टेक्निकल सपोर्ट तक पहुंचा है।

यही वजह है कि अब 30 सितंबर को 22,600 का स्तर बाजार के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इसके आसपास इंडेक्स का अगला रुख तय हो सकता है।

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी दबाव

बड़े शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में रहे। Nifty Midcap 100 इंडेक्स 0.99% गिरा। वहीं Nifty Smallcap 100 में 0.81% की गिरावट आई।

बाजार में कमजोरी का असर अब सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं है। व्यापक बाजार में भी बिकवाली का दबाव दिख रहा है।

लगातार आठवें हफ्ते बाजार गिरा

हाल की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। Nifty में करीब 6.8% की गिरावट दर्ज हुई है। इसके साथ ही इंडेक्स लगातार आठवें हफ्ते गिरा है।

2020 के बाद यह Nifty की सबसे लंबी साप्ताहिक गिरावट है। हालांकि, घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े कुछ आंकड़े अभी राहत दे रहे हैं।

इकोनॉमी से मिले कुछ अच्छे संकेत

अगस्त में भारत की इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन ग्रोथ 8% रही। यह दो महीने में सबसे तेज बढ़त है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की मांग में भी सुधार के संकेत मिले हैं। इससे शहरी इलाकों में लोगों के खर्च में सुधार की उम्मीद बढ़ी है। GDP ग्रोथ भी बाजार के लिए एक सपोर्टिव फैक्टर बनी हुई है।

कच्चे तेल की कीमत, रुपये की चाल और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड भी महत्वपूर्ण रहेंगी। होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े घटनाक्रम पर अमेरिका की प्रतिक्रिया भी बाजार के लिए अहम होगी।

22,550 के नीचे गिरावट पर दबाव

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक निफ्टी का ट्रेंड अभी कमजोर है। उनका कहना है कि 22,900 से 23,000 के बीच आने वाली तेजी ज्यादा टिक नहीं सकती। इस स्तर पर बिकवाली देखने को मिल सकती है।

उनके मुताबिक, अगर निफ्टी 22,550 के नीचे जाता है तो 22,200 तक गिरावट बढ़ सकती है।

22,570-22,550 का जोन अहम

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक 22,570 से 22,550 का जोन Nifty के लिए तत्काल सपोर्ट है। इसके नीचे गिरावट आने पर 22,400 तक दबाव बढ़ सकता है।

ऊपर की तरफ 22,900 से 22,930 का स्तर अहम रेजिस्टेंस रहेगा। अगर Nifty इस रेंज के ऊपर टिकता है तो रिकवरी 23,050 तक जा सकती है।

22,600 के ऊपर टिकना जरूरी

LKP Securities के रूपक डे के मुताबिक 22,600 के नीचे निर्णायक गिरावट आने पर बिकवाली तेज हो सकती है। वहीं, अगर Nifty इस स्तर के ऊपर बना रहता है तो रिकवरी की गुंजाइश रहेगी।

उनके मुताबिक 22,600 फिलहाल अहम सपोर्ट है। वहीं 22,800 तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

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