AI Stocks: एआई शेयरों में कमाई की रफ्तार घटने का अनुमान, Jefferies ने निवेशकों को दी बड़ी सलाह

AI Stocks: दुनिया भर के शेयर बाजारों में इस हफ्ते भारी बिकवाली देखने को मिली। AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों के कारोबार पर सवाल उठने और बढ़ते कर्ज की चिंता ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया। इसका असर खास तौर पर चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों पर पड़ा। अब ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने निवेशकों को AI से आगे दूसरे क्षेत्रों में भी अवसर तलाशने की सलाह दी है।

Jefferies की ताजा Greed and Fear रिपोर्ट के मुताबिक, अगले दो साल में AI कंपनियों की कमाई बढ़ने की रफ्तार काफी धीमी हो सकती है। रिपोर्ट का शीर्षक Diversifying Beyond AI है। इसका मतलब है कि पोर्टफोलियो में AI के परे जाकर विविधता लाना।

AI कंपनियों की कमाई में कितनी बढ़ोतरी का अनुमान?

जेफरीज की रिपोर्ट के मुताबिक, MSCI AC World Index में शामिल AI से जुड़ी कंपनियों की कमाई में बढ़ोतरी का अनुमान 2026 में करीब 100% है। हालांकि, 2027 में यह घटकर 30% और 2028 में 22% रह सकता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इन कंपनियों की कमाई उनके महंगे शेयरों की कीमत को सही ठहरा पाएगी।

Jefferies के ग्लोबल हेड ऑफ क्वांटिटेटिव स्ट्रैटेजी देश पेरामुनेतिलके (Desh Peramunetilleke) ने कहा कि अब निवेशकों के लिए AI से आगे दूसरे क्षेत्रों में निवेश फैलाने का समय है।

AI शेयरों का वैल्यूएशन दूसरी कंपनियों से ज्यादा

Jefferies के मुताबिक, वैश्विक AI शेयरों का फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग (PE) रेशियो 23 गुना है। वहीं, AI से बाहर की कंपनियों का यह रेशियो करीब 13 गुना है। यानी निवेशक AI कंपनियों के शेयरों के लिए ज्यादा कीमत चुका रहे हैं, जबकि उनकी कमाई बढ़ने की रफ्तार धीमी पड़ने का अनुमान है।

उभरते बाजारों में भी AI शेयरों की तेजी कमजोर हुई है। जून 2026 तक के एक साल में इन शेयरों में 81% की बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन साल की दूसरी छमाही में इनसे मिलने वाले रिटर्न की रफ्तार घटी। इस दौरान AI से बाहर के कई क्षेत्रों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।

सेमीकंडक्टर शेयरों पर नजर

Jefferies के पोर्टफोलियो में TSMC, Samsung Electronics और SK Hynix जैसी कंपनियां शामिल हैं। हालांकि, इनका जॉइंट वेटेज पोर्टफोलियो में 16% है, जबकि MSCI AC Asia ex-Japan Index में यह 32.1% है।

Jefferies का मानना है कि AI पर खर्च जारी रहा तो Samsung Electronics और SK Hynix के शेयर जून के उच्च स्तर को दोबारा छू सकते हैं। फिर भी रिपोर्ट ने चेताया है कि सेमीकंडक्टर शेयरों में आसान कमाई का दौर काफी हद तक पीछे छूट सकता है। इसलिए निवेशकों के लिए AI के अलावा दूसरे क्षेत्रों में भी निवेश के अवसर तलाशना जरूरी हो गया है।

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क्या बाजार मनाएगा आज गुड फ्राइडे का जश्न या मिलेगी निराशा, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की संभावना है। गुरुवार की जोरदार तेजी के बाद, GIFT निफ्टी एक सकारात्मक शुरुआत का संकेत दे रहा है। हाल ही में टेक्नोलॉजी शेयरों में हुई बिकवाली के बाद एशियाई बाजारों में सुधार, वॉल स्ट्रीट में तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट बाजार के सेंटिमेंट को सहारा दे सकती है। हालांकि, ऊर्जा की ऊंची कीमतें, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली बाजार में सुधार के लिए मुख्य जोखिम बने हुए हैं।

सुबह करीब 8 बजे GIFT निफ्टी 84 अंक या 0.37 फीसदी की बढ़त के साथ 23,072 पर कारोबार कर रहा था। यह गुरुवार को निफ्टी के 23,000 के स्तर के करीब बंद होने के बाद एक सकारात्मक शुरुआत का संकेत है। पिछले सत्र में भारतीय बाजारों में जोरदार तेजी देखी गई थी। सेंसेक्स 1,533.72 अंक (2.11 प्रतिशत) उछलकर 74,315.61 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 374.65 अंक (1.66 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 22,997.35 पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगभग 5,285 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3,319 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

शुक्रवार को एशियाई बाजारों में तेजी रही

सप्ताह की शुरुआत में सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई थी, जिसके बाद निवेशकों ने फिर से खरीदारी की। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 1.1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जिसमें गिरने वाले शेयरों की तुलना में बढ़ने वाले शेयरों की संख्या लगभग तीन गुना अधिक रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) सूचकांक 2.5 प्रतिशत चढ़ा। इसने गुरुवार की उस गिरावट से उबरने में मदद की, जिसने सूचकांक को अप्रैल के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया था।

जापान का टॉपिक्स (Topix) 1.7 प्रतिशत, हांगकांग का हैंग सेंग 0.9 प्रतिशत और शंघाई कंपोजिट 0.4 ​​प्रतिशत ऊपर रहे। इसके विपरीत, इंडोनेशिया के बाजार में 8 प्रतिशत की भारी गिरावट आई। इसका कारण यह चिंता है कि इंडोनेशिया को वैश्विक स्टॉक सूचकांकों से बाहर किया जा सकता है। अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं दिखा; S&P 500 फ्यूचर्स लगभग स्थिर स्तर पर कारोबार कर रहे थे।

निवेशकों के AI शेयरों से हटने के बीच वॉल स्ट्रीट में तेजी

गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। शुरुआती नुकसान से उबरते हुए, निवेशकों ने अपना ध्यान हेल्थकेयर और कंज्यूमर शेयरों की ओर मोड़ा। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के वैल्यूएशन और कर्ज के स्तर को लेकर चिंताएं बनी हुई थीं। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.08 प्रतिशत बढ़कर 52,177.69 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 में 0.33 प्रतिशत की तेजी आई और यह 7,744.06 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 0.08 प्रतिशत बढ़कर 26,713.03 पर पहुंच गया।

हेल्थकेयर शेयरों (जैसे एली लिली और यूनाइटेडहेल्थ) में खरीदारी देखने को मिली, जबकि कई टेक्नोलॉजी शेयरों पर दबाव बना रहा, क्योंकि निवेशक बढ़ती उधारी लागत (borrowing costs) के बीच अपने निवेश पर पड़ने वाले असर का आकलन कर रहे थे।

ब्रेंट क्रूड की कीमतों में नरमी, लेकिन अभी भी $105 के ऊपर

शुक्रवार को कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई। निवेशक एक तरफ मध्य पूर्व से होने वाली सप्लाई के जोखिमों पर विचार कर रहे थे, तो दूसरी तरफ इस बात पर भी नजर रखे हुए थे कि क्या अमेरिका वैश्विक ‘शैडो फ्लीट’ (अघोषित टैंकर बेड़े) पर लगी पाबंदियों को कम करने के लिए कोई कदम उठा सकता है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.39 प्रतिशत गिरकर $105.51 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ $97.43 प्रति बैरल पर आ गया।

इंडेक्स पर क्या हो रणनीति

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय शेयर बाजारों के लिए निकट भविष्य का नजरिया ‘सावधानी के साथ सकारात्मक’ (cautiously positive) बना हुआ है। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बाजार में लगातार तेजी की गुंजाइश को सीमित कर सकती हैं। उन्होंने भू-राजनीतिक अनिश्चितता, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और विदेशी संस्थागत निवेश (FII) प्रवाह को ऐसे महत्वपूर्ण कारक बताया, जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

पोनमुडी के अनुसार, निवेशक विदेशी निवेश प्रवाह पर बारीकी से नजर रखेंगे, ताकि यह पता चल सके कि जोखिम लेने की क्षमता (risk appetite) में कोई टिकाऊ सुधार हो रहा है या नहीं। वहीं, बाजार में आई यह रिकवरी कितनी टिकाऊ होगी, यह काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगा।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : महंगाई के आंकड़ों के बाद अमेरिका में रेट-हाइक की आशंका से ग्लोबल मार्केट का मूड खराब है। कल अमेरिकी बाजार गिरकर बंद हुए, S&P500 इंडेक्स 1% तो नैस्डेक 2% से ज्यादा लुढ़का। एशिया में भी दबाव देखने को मिल रहा है। हालांकि गिफ्ट निफ्टी में निचले स्तरों से रिकवरी दिख रही है। इधर ब्रेंट क्रूड फिसलकर 105 डॉलर के नीचे पहुंचने से सेंटिमेंट में थोड़ा सुधार हुआ है।

यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

14 अक्टूबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव डाला। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 251.89 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 72,781.89 पर और निफ्टी 99.25 अंक या 0.44 प्रतिशत गिरकर 22,622.70 पर बंद हुआ।

अमेरिका में AI शेयरों में भारी गिरावट, कॉस्पी करीब 8% फिसला

भारतीय IT कंपनियों के लिए पॉजिटिव संकेत हैं। कल अमेरिका में चिप और AI शेयरों में तगड़ी बिकवाली दिखी। AMD, माइक्रॉन, सैनडिस्क और ऑरेकल तीन से नौ परसेंट फिसले। Philadelphia सेमीकंडक्टर इंडेक्स में लगातार छठे दिन दबाव रहा। दूसरी ओर AI शेयरों की बिकवाली से कॉस्पी में 8 परसेंट की भारी गिरावट आई है। वहीं अमेरिका में सॉफ्टवेयर कंपनियों में रौनक दिखी।

सोने-चांदी में भारी गिरावट

अमेरिका में अनुमान से ज्यादा रिटेल महंगाई आंकड़ों से सोने-चांदी में भारी गिरावट आई है। गोल्ड 4100 डॉलर के नीचे फिसल गया है। चांदी में 6 परसेंट की गिरावट आई है।

21 अक्टूबर को खुलेगा JIO का IPO, प्राइस बैंड 1065-1119 रुपए तय

देश का सबसे बड़ा IPO, 21 अक्टूबर को खुलेगा। JIO PLATFORMS के IPO का प्राइस बैंड 1065 से 1119 रुपए प्रति शेयर के बीच है। इस आईपीओ से 30,000 करोड़ रुपए रुपए से ज्यादा जुटाने की योजना है। इसके तहत फ्रेश इश्यू के जरिए 27 करोड़ शेयर जारी होंगे। कंपनी के कर्मचारियों और शेयर होल्डरों के लिए अलग से कोटा रखा गया है।

IDBI बैंक स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी

IDBI बैंक डील पर कैबिनेट का बड़ा फैसला आया है। IDBI बैंक की स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी मिल गई है। कुल 60.72% हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया गया है। Fairfax सरकार और LIC की हिस्सेदारी खरीदेगी। इससे 52 हजार करोड़ से ज्यादा की FDI आने की उम्मीद है।

15% बढ़ा ICICI लोम्बार्ड का मुनाफा, टाटा टेक का मुनाफा और मार्जिन घटा

दूसरी तिमाही में ICICI लोम्बार्ड के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे। कंपनी मुनाफा 15% बढ़कर 946 करोड़ पर रहा है। Net Earned Premium में 18% की बढ़त हुई है। हालांकि अंडराइटिंग घाटे में बढ़त दिखी है। वहीं दूसरी ओर टाटा टेक का प्रॉफिट पांच परसेंट घटा है। मार्जिन पर भी दबाव दिखा है।

निफ्टी की चार कंपनियों के नतीजे आज

नतीजों के लिहाज से आज बड़ा दिन है। निफ्टी की चार कंपनियां टेक महिंद्रा, नेस्ले, जियो फाइनेंशियल और HDFC LIFE आज अपने रिजल्ट जारी करेंगी। टेक महिंद्रा की CONSTANT CURRENCY रेवेन्यू ग्रोथ डेढ़ परसेंट रह सकती है। मार्जिन फ्लैट रह सकते हैं। साथ ही इंडियन बैंक, पॉलीकैब, परसिस्टेंट समेत वायदा के नतीजों की भी लंबी लिस्ट है।

नवंबर सीरीज से वायदा में 6 नई कंपनियां

नवंबर सीरीज से वायदा में 6 नई कंपनियां शामिल होंगी। कोरोमंडल, सिटी यूनियन बैंक, डाटा पैटर्न, Karur Vysya Bank, नवीन फ्लूराइन और सिरमा SGS में 28 अक्टूबर से वायदा ट्रेडिंग शुरू होगी। वायदा में शामिल शेयरों की संख्या 218 से बढ़कर 224 हो जाएगी।

SEBI ने बुलाई SMAC की बैठक

CAS को लेकर MONEYCONTROL की बड़ी खबर आई है। सेबी ने आज सेकेंडरी मार्केट एडवाइजरी कमेटी बैठक बुलाई है। इसमें CAS पर मिले फीडबैक पर मंथन होगा।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

14 अक्टूबर को, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगभग 1,857 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस दौरान 2,670 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

 

Market cues : मंदड़ियों का दबाव कम होने के बावजूद ओवरऑल टेक्निकल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर, रहें सतर्क

Trading Plan : वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार में जोरदार तेजी, जानिए आगे के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Trading Plan : IT शेयरों के दम पर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। वीकली एक्सपायरी पर निफ्टी करीब 190 प्वाइंट उछलकर 22550 के करीब कारोबार कर रहा है। हालांकि बैंक निफ्टी में 20 DEMA पर रजिस्टेंस दिखा है। फिर भी यह 200 प्वाइंट ऊपर है। वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ऊपरी स्तरों से दबाव है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 7% से ज्यादा फिसलकर ठंडा पड़ा है।

आज सबसे दमदार और सुपरहिट प्ले साबित हुआ IT सेक्टर। अच्छे नतीजे और कमेंट्री के बाद HCL टेक 4 परसेंट चढ़कर निफ्टी का टॉप गेनर बना है। उधर TCS, एम्फैसिस, LTM, कोफोर्ज, पर्सिस्टेंट में भी जोश है। AI ट्रेड में रिवर्सल से सपोर्ट मिला है।

MDR चार्ज लागू होने की तारीख बढ़ा दी गई है। अब यह 15 अक्टूबर की बजाए दिवाली के तुरंत बाद लागू होगा। तारीख का एलान जल्द होगा। NPCI के बयान के बाद फिनटेक शेयरों में निचले स्तरों से रिकवरी दिखीहै।

अमेरिका में AI शेयरों में रिवर्सल से GE वर्नोवा, हिताची और CG पावर का सेंटीमेंट बिगड़ा है। तीनों शेयर वायदा के टॉप लूजर्स में शामिल है। वहीं जनवरी सीरीज में वायदा से बाहर होने से पॉलिकैब में मिनी एक्सिडेंट हुआ है। उधर नतीजों के बाद RBL बैंक में तेज गिरावट है, यह करीब 7 परसेंट टूटा है।

IT के साथ साथ FMCG और PSU बैंकों में ज्यादा खरीदारी आई है। ये दोनों सेक्टर इंडेक्स करीब एक परसेंट मजबूत दिख रहे हैं। फाइनेंशियल और रियल्टी में भी तेजी है। लेकिन फार्मा और डिफेंस में हल्का दबाव है।

बंधन बैंक में आज जोरजदार तेजी है। यह शेयर 8 परसेंट उछलकर वायदा का टॉप गेनर बना है। न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक IHC और दूसरे निवेशक बंधन फाइनेंशियल होल्डिंग्स में हिस्सा खरीद सकते हैं। हालांकि खबर पर बैंक ने सफाई जारी करते हुए कहा है कि उसे ऐसी कोई जानकारी नहीं है।

उधर कल वायदा में शामिल केनरा बैंक, BHEL और ICICI लोम्बार्ड के नतीजे आएंगे। दूसरी तिमाही में केनरा बैंक की ब्याज से कमाई यानी NII 17% से ज्यादा बढ़ सकती है। वहीं मुनाफा फ्लैट रह सकता है। असेट क्वॉलिटी में भी सुधार दिख सकता है। वहीं BHEL का प्रॉफिट 78% बढ़ सकता है।

एक्सपायरी के दिन उठापटक

बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आज उतार-चढ़ाव भरा दिन रहा,लेकिन ज्यादातर बढ़त के साथ कारोबार हुआ। निफ्टी का हाई एक बार फिर 10 DEMA पर थमा। इसी तरह बैंक निफ्टी का हाई भी एक बार फिर 20 DEMA पर थमता दिखा। बड़ी तेजी IT में आई। आज सुबह के शो की शुरुआत हमने IT के साथ की थी। सिर्फ आवाज ने बताया,आज IT क्यों चलेगा और पावर शेयर क्यों गिरेंगे। HCL Tech की अगुवाई में IT में बड़ी रैली देखने को मिली। वहीं, GVT&D, हिताची जैसे शेयरों में गिरावट दिखी। कॉस्पी की बड़ी गिरावट का सीधा असर दिखा। आज स्मॉल कैप ने काफी खराब प्रदर्शन किया।

बाजार: अब क्या?

अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में अभी भी रिस्क वही है। 10 और 20 DEMA पर रुकावट है। आज एक्सपायरी है,आखिरी घंटे में बड़े मूव आ सकते हैं। आज पूरे बाजार को IT ने संभाला है। सुबह गैप अप खुलने के बाद भी IT में बड़ा ट्रेड मिला और रोज आपको एक बड़ी थीम पर फोकस करना है। आज सुबह हमने सिर्फ इसी ट्रेड पर फोकस किया। निफ्टी को चलने के लिए 3-4 और सेक्टर्स को चलना होगा। बैंक निफ्टी 20 DEMA के पास आकर रुक रहा है। रुपये में दूसरे दिन भी मजबूती है,जो पॉजिटिव है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर स्ट्रटैटेजी

अनुज सिंघल के मुताबिक निफ्टी के लिए 22,550-22,600 और फिर 22,650 पर रेजिस्टेंस है। इसके लिए 22,400-22,450 पर सपोर्ट है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 55,050-55,250, फिर 55,500 पर रेजिस्टेंस है। इसके लिए 54,800-55,000 पर सपोर्ट है।

 

 

Market View : बाजार का ओवरऑल ट्रेंड अभी भी नेगेटिव, डिफेंस और आईटी के इन शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : बाजार में आज फैसले का दिन, आज कोई ट्रेड कैरी ना करें, कल नया नजरिया लेंगे

Market Insight : बाजार की आगे की दशा और दिशा पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में आज फैसले का दिन है। ग्लोबल बाजारों के लिए आज की रात फैसले की घड़ी है। आज रात को US फेड का फैसला आएगा। US में दरों में बढ़ोतरी की संभावना अब 94% पर है। इसका मतलब बाजार में दरों में बढ़ोतरी 94% भाव में शामिल है। अगर दरों में बढ़ोतरी हुई तो शायद कल एक बॉटम भी बने। लेकिन अगर दरों में बढ़ोतरी नहीं आई तो काफी दिलचस्प होगा। निफ्टी हमारे सारे टार्गेट हासिल कर चुका है। जैक्सन होल के बाद हमने CNBC-आवाज़ पर एक शॉर्ट का नजरिया लिया था। 23,100-23,300 के हमारे सारे टार्गेट स्क्रीन पर हासिल हुए। कल सुबह भी खुलते ही 23,650 के SL के साथ शॉर्ट का नजरिया था। कल क्लोजिंग में फिर शॉर्ट में मुनाफावसूली का नजरिया रहा। आज भी वही नजरिया है, इंट्राडे भले शॉर्ट करें, लेकिन निपटा कर जाएं। आज कुछ हिम्मत दिखाने वाले लोग शायद लॉन्ग भी लेकर जाएंगे।

फेड के फैसले से पहले ग्लोबल बाजार में घबराहट

अमेरिका में 10-साल की बॉन्ड यील्ड 5.041% के इंट्राडे हाई पर है। 2007 के बाद 10-साल की यील्ड सबसे ऊंचे स्तर पर है। ब्रेंट क्रूड $108 प्रति बैरल के ऊपर है। आज रात फेड के दरों में बढ़ोतरी की 94% संभावना है।

क्यों उबल रहा है कच्चा तेल?

रॉयटर्स के मुताबिक सऊदी अरब ने सितंबर की कुछ डिलीवरी रद्द की है। यूरोपीय ग्राहकों की सितंबर की डिलीवरी रद्द की गई है। सऊदी ने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद की है। सऊदी ने एहतियातन पाइपलाइन बंद की है। हूतियों के हमले में पाइपलाइन को नुकसान हुआ है। पाइपलाइन की मरम्मत कबतक होगी ये साफ नहीं है।

ईरान युद्ध की कीमत

अमेरिकी कांग्रेस बजट ऑफिस स्टडी में कहा गया है कि ईरान युद्ध से अमेरिकी टैक्सपेयर्स पर बोझ बढ़ा है। पहले 5 महीनों में टैक्सपेयर्स पर 38 अरब डॉलर का बोझ पड़ा है। अगले साल की शुरुआत तक महंगाई 0.5% बढ़ सकती है। युद्ध का हर अतिरिक्त महीना 2-3 अरब डॉलर महंगा पड़ रहा है। तनाव बढ़ने पर युद्ध की लागत और बढ़ सकती है। कोर महंगाई पुराने अनुमान से 0.3% ज्यादा रह सकती है।

US डिफेंस सिस्टम पर असर

कांग्रेस बजट ऑफिस स्टडी में आगे कहा गया है कि इस युद्ध में US बेस पर सैकड़ों इमारतें और स्ट्रक्चर तबाह हो गए हैं।कुवैत, बहरीन, कतर में US बेस स्ट्रक्चर तबाह हो गए हैं। UAE, सऊदी अरब, इराक, ओमान, जॉर्डन में भी स्ट्रक्चर तबाह हुए हैं।’Operation Epic Fury’ में विमान नष्ट हुए या क्षतिग्रस्त हुए हैं।

इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का बड़ा बयान आया है। इसमें कहा गया है कि ये तो सिर्फ शुरुआत है।

फेड का फैसला: हमारे लिए क्यों अहम?

पुरी दुनिया की नजर इस समय यूएस फेड पर है। बाजार के मुताबिक 25 Bps दरें बढ़ेंगी। एनालिस्ट का कहना है कि होल्ड या dovish hike के लिए बाजार तैयार नहीं है। BoA का कहना है कि इस स्तर पर रेट होल्ड करना “अभूतपूर्व” होगा। केविन वॉर्श की कोई भी टिप्पणी अहम होगी।

फेड की दर बढ़ोतरी का असर?

इससे इमर्जिंग मार्केट्स में आने वाले निवेश फ्लो पर सीधा असर पड़ता है। सोने और चांदी में रेट हाइक से गिरावट आती है। डॉलर की मांग बढ़ने से डॉलर मजबूत होता है। बेस मेटल्स पर भी दबाव आ सकता है। लोग खर्च कम करते हैं, जिससे मंदी का खतरा बढ़ता है। FCNR डिपॉजिट्स जो हमने जुटाए हैं,उनकी देनदारी भी बढ़ेगी। दर बढ़ोतरी किस मैक्रो हालात में होती है,ये सबसे अहम होता है। अगर इकोनॉमी मजबूत हो तो दर बढ़ोतरी हमेशा निगेटिव नहीं होती। पिछले 2-3 साल में भारत में ETF निवेश नहीं हुआ बल्कि पैसा बाहर ही गया है। ऐसे में काफी लोग कहेंगे कि हमें क्या फर्क पड़ता है? लेकिन अगर ग्लोबल बाजार में मंदी का खतरा बढ़े तो फर्क पड़ता है।

बाजार: आज का दांव

ब्रेंट $108/बैरल के ऊपर है। इसमें 4 महीने के शिखर के करीब कारोबार हो रहा है। कच्चे तेल से जुड़े शेयरों में एक्शन जारी रह सकता है। ONGC, OIL इंडिया के लिए पॉजिटिव है। वहीं, OMCs, एशियन पेंट्स और इंडिगो के लिए निगेटिव है। फेड के फैसले से पहले सोने-चांदी की कीमती में कमजोरी है। सोना 6 हफ्तों के और चांदी 5 हफ्तों के निचले स्तर पर है। यह टाइटन और कल्याण के लिए पॉजिटिव है। वहीं, मणप्पुरम, मुथूट फाइनेंस और हिंद जिंक के लिए निगेटिव है। डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर के करीब पहुंच रहा है। यह फार्मा और IT के लिए पॉजिटिव है लेकिन बैंकों के लिए निगेटिव है।

मेटल्स पर रखें नजर

डॉलर की मजबूती से मेटल्स में गिरावट आ सकती है। Nickel 10 हफ्तों के निचले स्तर पर है। कॉपर फ्यूचर्स 7 हफ्तों के निचले स्तर पर है। यह मेटल शेयरों के लिए निगेटिव है। खास तौर पर हिंद कॉपर,नाल्को और हिंडाल्को पर खराब असर पड़ सकता है।

रबर पर रखें नजर

रबर की कीमतें 1 हफ्ते के निचले स्तर पर हैं। यह अपोलो टायर्स,सिएट और MRF जैसे टायर शेयरों के लिए पॉजिटिव है।

AI और IT: अब आगे क्या?

एंथ्रोपिक के सीईओ अमोदेई (Amodei) ने कहा है कि AI डेवलपमेंट की रफ्तार धीमा करना जरूरी है। यही इंडस्ट्री को आगे लेकर जाने का सबसे अच्छा तरीका है। वहीं, एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग ने कहा है कि बाजार की ताकतें पहले से मौजूद हैं, नए रेगुलेशन की जरूरत नहीं है। जब तक वो ऐसी चीज जारी ना करें जो बाजार पसंद करेगा,कंपनियों को सावधानी से आगे बढ़ना चाहिए।

इस बीच खबर आई है कि OpenAI नई फंडिंग जुटाने की तैयारी में है। कंपनी $1.2 ट्रिलियन वैल्यूएशन पर फंडिंग जुटाने की तैयारी में है। अनुज सिंघल ने कहा कि अभी ये कहना जल्दबाजी होगा कि AI ट्रेड खत्म हो गई है। किसी भी बड़ी बुल मार्केट में बड़े करेक्शन सामान्य होते हैं। पहले भी हमने AI के टॉप की बात की है और हर बार AI शेयरों ने नया हाई लगाया। AI अब यहां रहने और आगे बढ़ने के लिए आया है। हर गिरावट में पावर और डाटा सेंटर शेयर खरीदें। IT में अब आपको सावधान और स्टॉक स्पेसिफिक रहना होगा।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए आखिरी सपोर्ट 23,000-23,100 पर है। इसके नीचे बंद हुए तो 200 WMA यानी 22,500 का रास्ता खुलेगा। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,300-23,350 पर है और बड़ा रजिस्टेंस 23,400-23,500 पर है। आज हम निफ्टी पर न्यूट्रल रहेंगे और कल नया नजरिया लेंगे। कल सारे शॉर्ट्स क्लोजिंग में निपटाने का नजरिया था। आज शायद आपको 1 शॉर्ट और 1 लॉन्ग ट्रेड दोनों मिलेंगे।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी का मेक ऑर ब्रेक जोन 55,100-55,500 है। अगर 55,100 के नीचे बंद हुए तो 53,500-54,000 का रिस्क है। लेकिन अगर 55,100-55,500 बचा रहा तो शॉर्ट कवरिंग संभव है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 56,000-56,200 पर और बड़ा रजिस्टेंस 56,500-56,700 पर है। आज कोई ट्रेड कैरी ना करें, कल नया नजरिया लेंगे।

 

Trading Ideas :उतार-चढ़ाव भरे सेशन में बेंचमार्क इंडेक्स में तेजी, जानिए आज किन शेयरों में हो सकती है कमाई

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

चिप स्टॉक्स क्रैश होंगे? अल्टमैन और मस्क की बात से निवेशकों की चिंता बढ़ी

AI की रफ्तार थोड़ी धीमी करने की बात ने टेक कंपनियों के निवेशकों को चिंता में डाल दिया है। इसका असर खासकर चिप कंपनियों और AI से जुड़े शेयरों पर दिख सकता है। हालांकि, बाजार के जानकारों को नहीं लगता कि यह दबाव बहुत लंबा चलेगा।

चिप, बिजली और कंप्यूटिंग पावर की मांग अभी भी काफी मजबूत है। कई जगह मांग सप्लाई से ज्यादा है। ऐसे में शेयरों में कमजोरी आती भी है तो वह थोड़े समय की हो सकती है।

AI कंपनियां क्यों मांग रही सावधानी?

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, Anthropic के CEO Dario Amodei ने शनिवार को AI डेवलपमेंट की रफ्तार थोड़ी धीमी करने की अपील की। उन्होंने ज्यादा सुरक्षा उपायों की जरूरत बताई। कंपनी स्वतंत्र थर्ड पार्टी से अपने AI मॉडल की जांच भी कराएगी। OpenAI के CEO सैम अल्टमैन ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया। xAI के एलन मस्क ने भी कहा कि Dario सही कह रहे हैं।

इस खबर के बाद निवेशकों की नजर अब AI कंपनियों के खर्च और कमाई पर है। सवाल है कि अगर नए AI मॉडल धीरे बनेंगे तो चिप कंपनियों की कमाई पर असर पड़ेगा या नहीं।

टेक शेयर पहले से दबाव में

AI पर कंपनियां अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं। निवेशकों को अब चिंता है कि क्या इतनी बड़ी रकम से उतनी कमाई होगी। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, जून के रिकॉर्ड स्तर से Nasdaq 100 करीब 4% नीचे आ चुका है। अमेरिकी चिप शेयरों का इंडेक्स करीब 14% गिरा है। एशियाई टेक शेयर भी करीब 8% नीचे हैं। यानी AI से जुड़े शेयरों पर दबाव पहले से बना हुआ है।

AI की रफ्तार धीमी हुई तो फायदा भी

कुछ निवेशक इसे बुरी खबर नहीं मान रहे। उनका कहना है कि AI मॉडल धीरे विकसित होंगे तो कंपनियों को पहले से बनाए इंफ्रास्ट्रक्चर से कमाई करने का ज्यादा समय मिलेगा। Global X Management के Billy Leung के मुताबिक, AI की रफ्तार कम होने का मतलब यह नहीं है कि चिप और पावर पर खर्च रुक जाएगा। बल्कि कंपनियां पहले से तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर का ज्यादा इस्तेमाल कर सकती हैं।

चिप कंपनियों को क्यों राहत मिल सकती है?

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, AI का इस्तेमाल कम नहीं हो रहा है। कंप्यूटिंग पावर की जरूरत भी बनी हुई है। इसके अलावा AI की सुरक्षा के लिए साइबर सिक्योरिटी और मॉनिटरिंग पर खर्च बढ़ सकता है। Saxo Markets की Charu Chanana के मुताबिक, मेमोरी, नेटवर्किंग, कूलिंग और पावर इक्विपमेंट कंपनियों को पहले से चल रहे प्रोजेक्ट से सहारा मिल सकता है।

इसलिए AI डेवलपमेंट की रफ्तार पर बहस जरूर बढ़ी है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग खत्म होने वाली है। उल्टा, ज्यादा सुरक्षित और जिम्मेदार AI के लिए नया खर्च भी शुरू हो सकता है।

NSE IPO में पैसा लगाएं या नहीं? जानिए ब्रोकरेज की राय, जोखिम और लेटेस्ट GMP

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nvidia के धमाकेदार रिजल्ट, बदला निवेशकों का सवाल, भारतीय आईटी कंपनियों के लिए ये है मतलब

Nvidia Q2 Result and IT Stocks: दुनिया की सबसे बड़ी चिप कंपनियों में शुमार एनविडिया के धमाकेदार तिमाही नतीजों ने ग्लोबल एआई ट्रेड को एक और मजबूती दी है। यह ऐसे समय में आया है जब निवेशक सवाल उठाने लगे थे कि एआई शेयरों की तेज रफ्तार आगे भी जारी रह पाएगी या नहीं। चिप कंपनी एनवीडिया ने रेवेन्यू, कमाई और गाइडेंस को लेकर बाजार के अनुमान को पछाड़ दिया। वहीं कंपनी का डेटा-सेंटर बिजनेस भी शानदार स्पीड से बढ़ता रहा। इससे एशियाई बाजारों में सेंटीमेंट मजबूत हुआ और शुरुआती कारोबार में MSCI का एशिया पैसेफिक इंडेक्स और दक्षिण कोरिया का टेक-हैवी इंडेक्स कोस्पी उछल पड़ा। हालांकि निवेशकों के लिए बड़ा सवाल ये है कि एआई पर खर्च और कमाई में बढ़ोतरी की रफ्तार इतनी मजबूत है या नहीं कि पूरे एआई इकोसिस्टम में मौजूदा ऊंचे वैल्यूएशन को सही ठहरा सके।

Nvidia ने दूर की AI की मांग से जुड़ी चिंता

एनविडिया के लिए इस वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही यानी 26 जुलाई को समाप्त होने वाली तिमाही में इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर दोगुने से अधिक बढ़कर $9622 करोड़ पर पहुंच गया जोकि एनालिस्ट्स के $9217 करोड़ के अनुमान से अधिक रहा। कंपनी का EPS भी $2.10 के अनुमान की तुलना में $2.22 पर रहा। सबसे मजबूत परफॉरमेंस तो कंपनी के डेटा-सेंटर बिजनेस का रहा, जिसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 117% बढ़कर $8900 करोड़ हो गया, जबकि अनुमान $8633 करोड़ का था।

अब आगे की बात करें तो करीब 2% के कम या ज्यादा के साथ इस तिमाही में कंपनी को करीब $10.8 करोड़ के रेवेन्यू की उम्मीद है। साथ ही कंपनी ने अगले वित्त वर्ष 2028 में लगभग 70% रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद जताई है। इससे AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार मजबूत खर्च की उम्मीद बनी हुई है।

रेमंड जेम्स इंवेस्टमेंट के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट मैट ओर्टोन (Matt Orton) के मुताबिक इन आंकड़ों से AI ट्रेड के बने रहने के संकेत मिल रहे हैं। उनका कहना है कि इससे चिप की मजबूत कंज्यूमर डिमांड, एआई को तेजी से अपनाने और पूरी सप्लाई चेन में लगातार बढ़ते ऑर्डर बैकलॉग का संकेत मिल रहा है। यह उन चिप कंपनियों के लिए पॉजिटिव है, जिनके शेयरों में हाल में तेज गिरावट आई थी।

लेकिन बनी हुई है वैल्यूएशन की चिंता

धमाकेदार कारोबार नतीजे से एआई की मांग को लेकर कुछ चिंता जरूर कम हुई है लेकिन हाई वैल्यूएशन को लेकर चिंता अभी खत्म नहीं हुई है। मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा का कहना है कि एनविडिया के ऐसे नतीजे एक-दो साल पहले आते शेयर रॉकेट बन जाते लेकिन इस बार मार्केट का रिस्पांस सीमित रहा। नतीजे के बाद इसके शेयरों में हल्की तेजी आई। हालांकि बाद में कंपनी के सीईओ जेनसेन हुआंग (Jensen Huang) के आउटलुक और एक नए AWS सौदे के बाद शेयर तेजी से ऊपर चढ़े।

अजय का कहना है कि अब निवेशकों का सवाल बदला है और अब वे एआई के डिमांड की बजाय यह पूछ रहे हैं कि AI शेयरों की कीमतों में पहले से कितनी ग्रोथ शामिल हो चुकी है। ट्रे़डिंगडॉटकॉम के सीईओ Peter McGuire का भी कहना है कि कंपनी पिछले दो वर्षों से लगातार कमाई के अनुमान को पीछे छोड़ रही है, लेकिन साल 2024 के आखिरी से शेयर पर इसका असर पहले जैसा मजबूत नहीं दिख रहा। हालांकि पीटर के मुताबिक 2023-24 के AI तेजी की तुलना में वैल्यूएशन अब थोड़े नीचे आए हैं।

AI Stocks और Indian IT Stocks के लिए क्या है मतलब

एनविडिया के नतीजे ऐसे समय आए हैं जब कई वैश्विक चिप कंपनियों के शेयर हाल ही में धड़ाम हो गए थे। अमेरिका में माइक्रोन टेक (Micron Tech) और सैनडिस्क (SanDisk) जैसी चिप कंपनियों के शेयर दो महीनों में करीब 28% तक टूट चुके हैं तो दक्षिण कोरिया की सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और एसके हीनिक्स में भी लगभग 25-30% की गिरावट आई। एलारा की एक रिपोर्ट के मुताबिक ताइवान-फोकस्ड फंड से इस साल पहली बार लगातार दो हफ्तों तक पैसा निकला। वहीं दक्षिण कोरिया से $75.8 करोड़ की निकासी हुई, जो तीन महीनों में सबसे अधिक रही। ऐसे में एनविडिया के धमाकेदार नतीजे काफी अहम हैं और संकेत मिल रहा कि चिप स्टॉक्स की कमजोरी एआई की मांग कम होने का संकेत नहीं है।

भारतीय आईटी कंपनियों पर असर की बात करें तो इसका रुझान मिला-जुला है। चिप स्टॉक्स की गिरावट से भारतीय आईटी स्टॉक्स को फायदा मिला क्योंकि वैश्विक निवेशक महंगे हार्डवेयर शेयरों का विकल्प खोज रहे थे। एक तरफ चिप स्टॉक्स में तेज गिरावट आई तो दो महीने में निफ्टी आईटी करीब 20% चढ़ गया। इसे बेहतर वैल्यूएशन और मजबूत घरेलू लिक्विडिटी से भी सपोर्ट मिला। अब आगे की बात करें तो मार्केट एक्सपर्ट सुनील सुब्रमणियन के मुताबिक एनविडिया के धमाकेदार नतीजे से भारतीय आईटी स्टॉक्स को झटका लग सकता है क्योंकि एक बार फिर चिप कंपनियो में निवेश बढ़ सकता है।

Vedanta Resource ने दी सफाई, लाल हो गए वेदांता और वेदांता एलुमिनियम के शेयर

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

AI Bubble: क्या AI का बबल फूट रहा? इन 5 बड़े ‘क्रैश’ ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई

AI Bubble: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने पिछले कुछ सालों में शेयर बाजार को नई रफ्तार दी है। AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई। लेकिन अब तस्वीर बदलती दिख रही है। दुनिया भर के बाजारों में AI शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिल रही है। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या AI का बूम भी डॉट-कॉम बबल की तरह खत्म होने वाला है?

दक्षिण कोरिया का Kospi Index गुरुवार को 6% से ज्यादा टूट गया। AI चिप बनाने वाली SK Hynix के शेयर 11% और Samsung Electronics के शेयर 8% गिर गए। निवेशकों को अब कंपनियों की ऊंची वैल्यूएशन और भविष्य की कमाई की चिंता सता रही है।

आइए जानते हैं हाल के समय में AI थीम से जुड़े 5 बड़े झटकों के बारे में।

IBM

आईटी और कंसल्टिंग कंपनी IBM के शेयर जुलाई 2026 में करीब 25% टूट गए। इससे कंपनी का करीब 70 अरब डॉलर का मार्केट कैप साफ हो गया। कमजोर शुरुआती नतीजों के साथ यह चिंता भी बढ़ी कि AI कंपनी के पारंपरिक कंसल्टिंग कारोबार पर असर डाल सकता है।

SaaS सेक्टर

सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयर फरवरी 2026 में बुरी तरह टूटे। इसकी वजह Anthropic का नया Agentic AI प्लेटफॉर्म रहा। इसके बाद Salesforce, Adobe और ServiceNow जैसे शेयरों में तेज बिकवाली हुई। निवेशकों को लगा कि AI पारंपरिक सॉफ्टवेयर कंपनियों के बिजनेस मॉडल को बदल सकता है।

Nvidia

AI चिप बनाने वाली कंपनी Nvidia को जनवरी 2025 में बड़ा झटका लगा। कंपनी का मार्केट कैप एक ही दिन में करीब 600 अरब डॉलर घट गया। इसकी वजह चीन के AI स्टार्टअप DeepSeek का सस्ता AI मॉडल था। इसके बाद निवेशकों को डर सताने लगा कि महंगे AI चिप्स की मांग उम्मीद से कम हो सकती है।

Alphabet और Big Tech

टेक दिग्गज कंपनियों Alphabet, Amazon, Meta और Microsoft के शेयर जून 2026 में फिसल गए। Alphabet करीब 6% और Amazon लगभग 5% टूट गया। निवेशकों को चिंता थी कि AI पर हो रहा भारी खर्च कब मुनाफे में बदलेगा।

भारतीय आईटी सेक्टर

भारतीय आईटी कंपनियां भी इस दबाव से नहीं बचीं। IBM की गिरावट के बाद AI को लेकर चिंता बढ़ गई। Infosys, TCS, Wipro, HCLTech, Persistent Systems, Coforge और LTIMindtree जैसे शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। Nifty IT Index करीब 2% टूट गया। जबकि Nifty 50 और Sensex बढ़त के साथ बंद हुए।

फिलहाल AI सेक्टर की लंबी अवधि की कहानी मजबूत मानी जा रही है। लेकिन ऊंची वैल्यूएशन, मुनाफे को लेकर सवाल और AI से बदलते कारोबार की वजह से इस सेक्टर में आगे भी तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

Stocks to Watch : 17 जुलाई को इन 9 शेयरों पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 8 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 15 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: बुधवार, 8 जुलाई के कारोबार में कई शेयर खबरों के दम पर फोकस में रह सकते हैं। इनमें बड़े ऑर्डर, FPO, OFS, निवेश और मैनेजमेंट से जुड़े अहम ऐलान शामिल हैं। अगर आप ट्रेडिंग या निवेश की तैयारी कर रहे हैं, तो इन शेयरों पर नजर रखना फायदेमंद हो सकता है।

Rashtriya Chemicals and Fertilizers

सरकारी उर्वरक कंपनी Rashtriya Chemicals and Fertilizers Ltd के बोर्ड ने 1,500 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए फर्दर पब्लिक ऑफर (FPO) लाने को मंजूरी दे दी है। हालांकि, इसके लिए शेयरधारकों, डिपार्टमेंट ऑफ फर्टिलाइजर्स और DIPAM की मंजूरी अभी बाकी है।

Cochin Shipyard

सरकारी डिफेंस और शिपबिल्डिंग कंपनी Cochin Shipyard Ltd के ऑफर फॉर सेल (OFS) को पहले ही दिन निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। यह इश्यू 3.52 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसकी जानकारी DIPAM सचिव ने दी।

Uno Minda

ऑटो कंपोनेंट्स कंपनी Uno Minda Ltd ने पैसेंजर व्हीकल सीटिंग सिस्टम कारोबार में उतरने का ऐलान किया है। कंपनी महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी। इस पर करीब 320 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

Poonawalla Fincorp

NBFC कंपनी Poonawalla Fincorp Ltd ने 200 करोड़ रुपये तक के टियर-II नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करने को मंजूरी दी है। यह फंड प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जुटाया जाएगा।

Advait Energy Transitions

पावर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Advait Energy Transitions Ltd को दक्षिण गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (DGVCL) से 51.62 करोड़ रुपये का टर्नकी ऑर्डर मिला है। कंपनी 11KV मीडियम वोल्टेज कवर्ड कंडक्टर (MVCC) की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम करेगी।

EMS

वॉटर और सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी EMS Ltd को दिल्ली जल बोर्ड के 158.29 करोड़ रुपये के सीवरेज प्रोजेक्ट में L-1 (सबसे कम बोली लगाने वाला) घोषित किया गया है। यह प्रोजेक्ट दिल्ली के टिकरी कलां इलाके में सीवर नेटवर्क बिछाने से जुड़ा है।

Silver Touch Technologies

आईटी और डिजिटल सॉल्यूशंस कंपनी Silver Touch Technologies Ltd को RITES Ltd से बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी PARAKH नाम का AI बेस्ड प्लेटफॉर्म तैयार करेगी। यह रेलवे प्रोजेक्ट्स की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) की जांच में मदद करेगा।

Pondy Oxides and Chemicals

मेटल रीसाइक्लिंग कंपनी Pondy Oxides and Chemicals ने शेयर स्प्लिट की रिकॉर्ड डेट 21 जुलाई 2026 तय की है। कंपनी 5 रुपये फेस वैल्यू वाले 2 शेयरों को 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में बांटेगी। इस प्रस्ताव को 2 जुलाई को पोस्टल बैलेट के जरिए शेयरधारकों की मंजूरी मिल चुकी है।

Tribhovandas Bhimji Zaveri (TBZ)

ज्वेलरी कंपनी Tribhovandas Bhimji Zaveri (TBZ) के हेड-इन्वेंट्री (गोल्ड) संजय बिलिमोरिया ने इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 8 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा। कंपनी के मुताबिक, उन्होंने दूसरे करियर अवसरों के लिए यह फैसला लिया है।

PC Jeweller

ज्वेलरी कंपनी PC Jeweller ने कर्जमुक्त बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने बताया कि उसने 14 बैंकों के कंसोर्टियम में शामिल 2 बैंकों का पूरा कर्ज चुका दिया है। यह भुगतान 30 सितंबर 2024 के सेटलमेंट एग्रीमेंट के तहत किया गया है।

Titan

ज्वेलरी और लाइफस्टाइल कंपनी Titan Company की AAA (Stable) लॉन्ग टर्म क्रेडिट रेटिंग ICRA ने बरकरार रखी है। एजेंसी ने कंपनी के 3,000 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट प्रोग्राम, 14,750 करोड़ रुपये की वर्किंग कैपिटल सुविधाओं और 1,000 करोड़ रुपये के टर्म लोन की रेटिंग भी दोहराई है।

IndiGo

एयरलाइन कंपनी IndiGo के शेयरों पर नजर रहेगी। DGCA के मुताबिक, मई में घरेलू हवाई यात्री ट्रैफिक 9.5% बढ़कर 1.54 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, IndiGo की बाजार हिस्सेदारी 65% से घटकर 64.9% रह गई। इसके बावजूद कंपनी देश की सबसे बड़ी एयरलाइन बनी हुई है।

J.B. Chemicals & Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी J.B. Chemicals & Pharmaceuticals ने बताया कि NCLT की अहमदाबाद बेंच ने उसके Torrent Pharmaceuticals के साथ प्रस्तावित मर्जर को मंजूरी दे दी है। कंपनी को आदेश की प्रमाणित कॉपी भी मिल गई है। अब आगे की नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।

Sun Pharma

फार्मा कंपनी Sun Pharma ने कहा है कि वह इनोवेटिव और कॉम्प्लेक्स दवाओं पर फोकस बढ़ाएगी। कंपनी R&D, नए प्रोडक्ट, अधिग्रहण और लाइसेंसिंग के जरिए कारोबार का विस्तार करेगी। साथ ही लागत घटाने और प्रमुख बाजारों में मौजूदगी मजबूत करने पर भी काम जारी रहेगा।

Meesho

ई-कॉमर्स कंपनी Meesho की जनरल मैनेजर (बिजनेस) और सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल मेघा अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया है। कंपनी के मुताबिक, उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से पद छोड़ा है। 7 जुलाई 2026 से उन्हें आधिकारिक तौर पर कार्यमुक्त कर दिया गया है।

AI Stocks: AI शेयरों में मची बिकवाली, Netweb से Black Box तक 10% टूटे; जानिए क्या है वजह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: दो इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को मिले बड़े ऑर्डर, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: शेयर बाजार में बुधवार, 8 जुलाई को दो इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों पर निवेशकों की करीबी नजर रहेगी। एक कंपनी को पावर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा नया ऑर्डर मिला है। दूसरी कंपनी को 158 करोड़ रुपये से ज्यादा के सीवरेज प्रोजेक्ट में सबसे कम बोली लगाने वाला (L-1) घोषित किया गया है।

Advait Energy Transitions

पावर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Advait Energy Transitions Ltd को दक्षिण गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (DGVCL) से 51.62 करोड़ रुपये का टर्नकी ऑर्डर मिला है। कंपनी 11KV 55mm² AAAC मीडियम वोल्टेज कवर्ड कंडक्टर (MVCC) की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम करेगी।

इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन 15 महीने है। पिछले महीने कंपनी की सब्सिडियरी Advait BESS Bhesaan Pvt Ltd ने Gujarat Urja Vikas Nigam Ltd (GUVNL) के साथ 150 MW/300 MWh क्षमता वाले बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट के लिए समझौता किया था। यह प्रोजेक्ट गुजरात में बनेगा।

Advait Energy Transitions Ltd का शेयर मंगलवार को 1.59% की गिरावट के साथ 2,148 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक तकरीबन फ्लैट रहा। वहीं, 1 साल में इसने करीब 20.80% का रिटर्न दिया है।

EMS

वॉटर और सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी EMS Ltd को दिल्ली जल बोर्ड से करीब 158.29 करोड़ रुपये के सीवरेज प्रोजेक्ट के लिए L-1 घोषित किया गया है। यह प्रोजेक्ट दिल्ली के टिकरी कलां इलाके में सीवर नेटवर्क बिछाने का है। कंपनी को लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) मिलने के बाद ऑर्डर फाइनल होगा। इस प्रोजेक्ट को 15 महीने में पूरा किया जाएगा।

इससे पहले अप्रैल 2026 में भी EMS को UP Jal Nigam (Urban) से वाराणसी के दो सीवरेज प्रोजेक्ट मिले थे। इनकी कुल अनुमानित कीमत 208.6 करोड़ रुपये (GST छोड़कर) थी। इन प्रोजेक्ट्स में सीवर नेटवर्क, हाउस कनेक्शन, सर्वे, डिजाइन और टर्नकी आधार पर निर्माण का काम शामिल है।

EMS Ltd का शेयर मंगलवार को 3.84% गिरकर 402.70 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 24.87% चढ़ा है। हालांकि, 1 साल में इसमें करीब 34% की गिरावट आई है।

AI Stocks: AI शेयरों में मची बिकवाली, Netweb से Black Box तक 10% टूटे; जानिए क्या है वजह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।