Trading Strategy : निफ्टी-बैंक निफ्टी के लॉन्ग सौदों में बने रहें, सपोर्ट के पास आने पर और पोजीशन जोड़ें

Trading Strategy : बैंकिंग शेयरों के दम पर बाजार में लगातार पांचवें दिन तेजी का मोमेंटम बना हुआ। निफ्टी हल्की बढ़त के साथ 24100 के ऊपर टिका हुआ है। HDFC BANK, ICICI BANK ने बाजार में जोश भरा है। बैंक निफ्टी में 300 अंकों से ज्यादा का उछाल देखने को मिला है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी रौनक है। वहीं, वोलैटीलिटी इंडेक्स INDIA VIX 3% फिसलकर 13 पर आ गया है।

आज सरकारी बैंक,रियल्टी और कैपिटल मार्केट शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी है। तीनों सेक्टर इंडेक्स करीब एक फीसदी चढ़े हैं। कैपिटल मार्केट इंडेक्स में 5% से ज्यादा की तेजी के साथ CDSL वायदा के टॉप गेनर्स में शामिल है। हालांकि एक्सेंचर के नतीजों से पहले IT शेयरों में आज तेज बिकवाली आई है। साथ ही मेटल और तेल-गैस शेयरों में हल्का दबाव है।

बाजार: रेंज वाला दिन

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी रेंज में है,लेकिन सपोर्ट और रजिस्टेंस के बीच ही घूम रहा है। ठीक खरीदारी के जोन से आज फिर रिकवरी आई। बैंक निफ्टी में पहला एग्रेसिव टारगेट 58,000 लगभग हिट हुआ है। इसके बाद अगला एग्रेसिव टारगेट 60,000 का है। मिडकैप और स्मॉलकैप में फिर अच्छी तेजी आई है। सिर्फ लार्जकैप IT शेयरों में एक बार फिर रैली फेल होती दिखी है। चुनिंदा कैपिटल मार्केट शेयरों में तेजी है।

बाजार: अब आगे क्या?

हमारी रणनीति वही रहेगी जो कुछ समय से है। निफ्टी और बैंक निफ्टी के लॉन्ग सौदों में बने रहें। मंथ एंड कॉल्स में बने रहें और सपोर्ट में पोजीशन जोड़ें। हर रैली पर अपना SL ऊपर लेते रहें। जरूरी नहीं कि आपको दोनों तरफ के हर मूव पकड़ने हैं। धीरे-धीरे करेंसी भी सुधर रही है। इंडिया VIX भी अब कम्फर्ट जोन में आ चुका है। PCR अभी भी ओवरबॉट नहीं है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अब भी काफी मौके हैं।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,000-24,050 पर सपोर्ट और 24,200-24,250 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी पर रणनीति साझा करते हुए अनुज सिंघल ने कहा कि अब अपने ट्रेलिंग SL को 57,500 पर ले आएं। 58,000 के ऊपर टिका तो 58,500 और 59,000 अगले लक्ष्य होंगे। पूरी सीरीज के लिए 60,000 का एग्रेसिव लक्ष्य बरकरार है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

RBI ने एचडीएफसी बैंक को नया चेयरमैन जल्द नियुक्त करने को कहा

अंतरिम चेयरमैन के रूप में केकी मिस्त्री का कार्यकाल खत्म होने से एक दिन पहले आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक के बोर्ड से नॉन-एग्जिक्यूटिव पार्ट-टाइम चैयरमैन की तलाश में तेजी लाने को कहा है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि आरबीआई की मानना है कि चेयरमैन की जगह खाली होने से बड़े फैसलों में देरी हो सकती है।

नए चेयरमैन की नियुक्ति तक मिस्त्री अपने पोजीशन पर बने रह सकते हैं

सूत्र ने बताया, “मिस्री की पोजीशन अंतरिम है और कुछ ऐसे मसले हैं जिनमें फैसले लेने के लिए उनके पास सीमित गुजाइश है। बैंक के लिए एक नॉन-अंतरिम चेयरमैन की नियुक्ति करना जरूरी है।” सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी। अनुमान है कि जब तक बैंक नॉन-अंतरिम चेयरमैन की नियुक्ति नहीं कर देता है, मिस्त्री अपनी पोजीशन पर बने रह सकते हैं। लेकिन, इस बारे में आरबीआई से औपचारिक कम्युनिकेशन का इंतजार है।

आरबीआई नए चेयरमैन की नियुक्ति के बारे में जानने के लिए बैंक के संपर्क में रहा है

माना जाता है कि आरबीआई इस जानकारी के लिए एचडीएफसी बैंक के बोर्ड के निरंतर संपर्क है कि चेयरमैन की नियुक्ति की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ रही है। इस बारे में एचडीएफसी बैंक को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी (NRC) ने चेयरमैन पोजीशन के लिए बोर्ड को कुछ नाम बताए हैं।

आरबीआई का नियम कहता है चेयरमैन नॉन-एग्जिक्यूटिव और इंडिपेंडेंट होना चाहिए

कुछ सीनियर अधिकारियों और पूर्व बैंकर्स के साथ कुछ बातचीत हुई है। लेकिन, अब तक किसी नाम पर सहमति नहीं बनी है। आरबीआई का नियम कहता है कि बैंक के बोर्ड का चेयरमैन पक्के तौर पर एक नॉन-एग्जिक्यूटिव, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर होना चाहिए।

अंतरिम चेयरमैन का कार्यकाल ज्यादा से ज्यादा तीन महीने के लिए बढ़ सकता है

अनुमान है कि एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन की तलाश की प्रक्रिया शुरू करने में कुछ देर हुई थी। सूत्रों ने बताया कि यह प्रक्रिया औपचारिक रूप से अप्रैल के आखिर में शुरू हुई। तब 17 मार्च, 2026 के अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के एक महीने पूरे हो गए थे। इसकी वजह यह है कि आरबीआई का यह रुख रहा है कि अंतरिम चेयरमैन का कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा उनका कार्यकाल तीन महीने यानी सितंबर के मध्य तक बढ़ाया जा सकता है या तब तक बढ़ाया जा सकता है जब तक नया चेयरमैन नहीं मिल जाता है।

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केकी मिस्त्री बैंक और उसकी सब्सिडियरीज से लंबे समय से जुड़े रहे हैं

चूंकि मिस्त्री लंबे समय से एचडीएफसी बैंक और इसकी सब्सिडियरीज कंपनियों से जुड़े रहे हैं, जिससे उन्हें चेयरमैन पोजीशन के लिए इंडिपेंडेंट नहीं माना गया। इसलिए वह तब तक अपनी पोजीशन पर बने रह सकते हैं, जब तक नया चेयरमैन नहीं मिल जाता है। इस बीच, आबीआई ने एचडीएफसी बैंक के बोर्ड को नए चेयरमैन की तलाश का काम तेज करने को कहा है।