महंगा वैल्यूशन, फिर भी 8 बार मिला Nifty से ज्यादा रिटर्न, अब इन स्टॉक्स पर फिदा जेफरीज

Expensive Valuations but Attractive to Invest: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का मानना है कि महंगा वैल्यूएशन होने का मतलब ये नहीं कि निवेश पर अच्छा रिटर्न नहीं मिलेगा। यह बात पिछले 15 वर्षों में आठ बार सही साबित हुई है। जेफरीज ने 18 जून को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आठ बार ऐसा हुआ, जब किसी सेक्टर के शेयर महंगे यानी एक्सपेंसिव वैल्यूएशन वाले दिखने लगे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अगले दो से तीन वर्षों में शानदार रिटर्न दिए। जेफरीज का मानना है कि अब पावर सेक्टर भी ऐसे चरण में प्रवेश कर रहा है, खासतौर से प्राइवेट पावर कंपनियों के मामले में।

15 साल में 8 बार Expensive Valuations के बावजूद तगड़ा रिटर्न

Defence- सितंबर 2022 से जुलाई 2024

स्वदेशी मुहिम पर जोर के बाद डिफेंस स्टॉक्स की वैल्यू सितंबर 2022 तक 10 साल के औसत वैल्यूएशन से 40% अधिक हो गए थे।

इसके बावजूद जुलाई 2024 तक इस सेक्टर ने निफ्टी की तुलना में 229 पर्सेंटेज प्वाइंट्स अधिक रिटर्न दिया।

मजबूत ऑर्डर बुक, इंपोर्ट सब्सटीट्यूशन और 33% EPS CAGR से ऊंचे वैल्यूएशन को सपोर्ट मिला।

NBFCs-अक्टूबर 2021 से फरवरी 2026

जेफरीज की रिपोर्ट्स के मुताबिक अक्टूबर 2021 तक एनबीएफसी स्टॉक्स की वैल्यू 10 साल के औसत वैल्यू से करीब 78% अधिक हो गई।

फिर भी क्रेडिट सर्किल में विस्तार, एसेट क्वालिटी में सुधार और डिजिटल मॉडल में विस्तार से 23% EPS CAGR से इसे सपोर्ट मिला और निफ्टी की तुलना में 40 पर्सेंटेज प्वाइंट्स बेहतर परफॉर्म किया।

Cement-जून 2014 से मई 2017

जून 2014 तक सीमेंट स्ट़ॉक्स अपने 10 साल के औसत से 74% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे थे।

इसके बावजूद मई 2017 तक इसने निफ्टी के मुकाबले 47 पर्सेंटेज प्वाइंट्स बेहतर रिटर्न दिया।

कंस्ट्रक्शन और इंफ्रा साइकिल में तेजी की उम्मीदों से इस रैली को सपोर्ट मिला।

FMCG-दिसंबर 2014 से दिसंबर 2019

दिसंबर 2024 तक एफएमसीजी कंपनियां अपने 10 साल के औसत से 44% प्रीमियम पर थे लेकिन इसके बावजूद इस सेक्टर ने दिसंबर 2019 तक 96 पर्सेंटेज प्वाइंट्स अधिक रिटर्न दिया।

इसे इकॉनमी के फॉर्मलाइजेशन यानी औपचारिकीकरण, जीएसटी और 12% EPS CAGR से सपोर्ट मिला।

Retail-दिसंबर 2014 से सितंबर 2019

दिसंबर 2014 तक रिटेल सेक्टर का वैल्यूएशन अपने 10 साल के औसत से 41% प्रीमियम पर पहुंच गया।

इसके बावजूद सेक्टर ने सितंबर 2019 तक निफ्टी की तुलना में 159 पर्सेंटेज प्वाइंट्स अधिक रिटर्न दिया।

इस दौरान फॉर्मलाइजेशन, प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मजबूत मांग और उपभोक्ता खर्च में बढ़ोतरी से 20% EPS CAGR को सपोर्ट मिला।

Capital Goods- सितंबर 2022 से जून 2024

सितंबर 2022 तक 10 साल के औसत की तुलना में 28% प्रीमियम पर होने के बावजूद जून 2024 तक इसने 90 पर्सेंटेज प्वाइंट्स अधिक रिटर्न दिया।

इसे कोविड के बाद इंवेस्टमेंट साइकिल में रिकवरी से सपोर्ट मिला।

मजबूत ऑर्डर इनफ्लो और बेहतर मार्जिन पर इस दौरान EPS CAGR 26% रहा।

Hospital Stocks- दिसंबर 2021 से अक्टूबर 2025

कोविड के बाद अस्पताल दिसंबर 2021 तक हॉस्पिटल्स के वैल्यूएशन 10 साल के औसत के मुकाबले 44% प्रीमियम पर पहुंच गए थे।

इसके बावजूद हॉस्पिटल सेक्टर ने अक्टूबर 2025 तक 85 पर्सेंटेज प्वाइंट्स का आउटपरफॉरमेंस किया।

इंश्योरेंस कवरेज के विस्तार, ऑपरेटिंग लीवरेज में बढ़ोतरी और प्रति बेड आय (एवरेज रेवेन्यू पर ऑपरेटिंग बेड- ARPOB) में सुधार से EPS CAGR 23% रहा।

Hotel Stocks- दिसंबर 2021 से दिसंबर 2024

दिसंबर 2021 तक होटल स्टॉक्स अपने 10 साल के औसत से करीब 20% महंगे हो गए।

इसके बावजूद दिसंबर 2024 तक निफ्टी की तुलना में इसने करीब 290 पर्सेंटेज प्वाइंट्स अधिक रिटर्न दिया।

इसे कोविड के मांग में रिकवरी, प्रीमियमाइजेशन और विस्तार के मजबूत संभावनाओं से सपोर्ट मिला।

अब पावर स्टॉक्स पर दांव क्यों?

अब ऐसा ही रुझान ब्रोकरेज फर्म को पावर सेक्टर पर भी दिख रहा है और इस सेक्टर में जेएसडब्ल्यू एनर्जी, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, प्रीमियर एनर्जीज और सीमेंस एनर्जी को अपनी टॉप पसंद बताया है। जेफरीज के मुताबिक इसे बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की घटती लागत, स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड की बेहतर होती बैलेंस शीट, डेटा सेंटर के विस्तार, प्राइवेट सेक्टर की बढ़ती भागीदारी और ईवी के तेज विस्तार से सपोर्ट मिलेगा।

US Fed ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव, लेकिन एक खास सिग्नल पर ट्रंप ने कहा- यकीन करना मुश्किल

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IT Sector का भारी दबाव, Sensex-Nifty कभी लाल तो कभी हरा, इन 5 वजहों से दोनों तरफ भाग रहा मार्केट

Stock Market moving up and down: कच्चे तेल की नरमी और अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते पर जियो-पॉलिटिकल टेंशन में कमी के बावजूद घरेलू स्टॉक मार्केट में खास जोश नहीं दिख रहा। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में ग्रीन और रेड जोन में झूल रहे। ब्रोडर लेवल पर भी मिला-जुला रुझान है और निफ्टी मिडकैप 100 में फिलहाल मामूली बढ़त है तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है। फिलहाल 10:14 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 120.12 प्वाइंट्स यानी 0.16% की बढ़त के साथ 77,275.74 और और निफ्टी (Nifty) भी 43.20 प्वाइंट्स यानी 0.18% के उछाल के साथ 24,128.90 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 111.23 प्वाइंट्स फिसलकर 77,044.39 और 164.70 की बढ़त के साथ 77,320.32 तक पहुंचा तो निफ्टी भी 26.85 प्वाइंट्स गिरकर 24,058.85 और 53.95 प्वाइंट्स चढ़कर 24,085.70 तक पहुंचा।

Stock Market in pressure: ये है वजह

अमेरिका में ब्याज दरें स्थिर लेकिन आगे बढ़ाने के संकेत

अमेरिकी फेड के नए चेयरमैन केविन वार्श ने अपनी अगुवाई में पहली बार तय हुई मौद्रिक नीतियों में दरों को स्थिर रखा है। हालांकि फेडरल रिजर्व ने इस साल दरों में बढ़ोतरी के संकेत भी दिए हैं। इसके चलते ही मार्केट में उठा-पटक दिख रही है।

IT Sector का दबाव

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी का संकेत दिया जिससे दुनिया भर में टेक स्टॉक्स को लेकर निवेशकों का रुझान फीका पड़ा। भारतीय मार्केट में भी इसने आईटी शेयरों को तोड़ दिया और निफ्टी आईटी डेढ़ फीसदी से अधिक फिसल गया। अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची होने पर आमतौर पर टेक्नोलॉजी स्टॉक्स पर दबाव आता है क्योंकि इससे भविष्य की कमाई का वर्तमान मूल्य घट जाता है और वैश्विक कंपनियों के खर्च में भी कमी आ सकती है और यही वैश्विक कंपनियां भारतीय आईटी सेवा कंपनियों की प्रमुख ग्राहक हैं। वहीं दूसरी तरफ मेटल, पीएसयू बैंक, फार्मा और एफएमसीजी जैसे अहम सेक्टर मार्केट को ऊपर खींचने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इनके निफ्टी इंडेक्स में करीब आधे फीसदी की बढ़त है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया वीआईएक्स में गिरावट से मार्केट को सपोर्ट मिला। फिलहाल यह 1.66% की गिरावट के साथ 12.97 पर है। इसके अधिक होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी का बढ़ना और नीचे आने का मतलब होता है वोलैटिलिटी का कम होना।

एशियाई बाजारों से मिला-जुला रुझान

घरेलू मार्केट पर आज एशियाई बाजारों के मिले-जुले रुझानों का भी असर दिख रहा है। एक तरफ जापान का निक्केई 225 करीब 2% उछल पड़ा तो दक्षिण कोरिया का कोस्पी तो 2% चढ़कर 9,040.52 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। ताइवान के ताइवान वेटेड में करीब 1% की बढ़त है। वहीं दूसरी तरफ इंडोनेशिया के जकार्ता कंपोजिट में 1% से अधिक और चीन के शंघाई कंपोजिट में आधे फीसदी की गिरावट है।

Sensex की एक्सपायरी

आज सेंसेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में दोनों तरफ मूवमेंट दिख रहा है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today Prediction: गिफ्ट निफ्टी ने दिए पॉजिटिव शुरुआत के संकेत, US-ईरान डील, फेड पॉलिसी से लेकर क्रूड ऑयल तक जानें बाजार को किन से मिलेगा सपोर्ट

Stock Market Today Prediction: गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के पॉजिटिव खुलने के संकेत मिल रहे है। मार्केट पार्टिसिपेंट्स नए साइन किए गए अंतरिम US-ईरान एग्रीमेंट और घरेलू इक्विटीज़ के लगातार चौथे सेशन में अपनी जीत का सिलसिला जारी रखने के बाद जारी विदेशी फंड फ्लो के असर का भी आकलन करेंगे।

GIFT निफ्टी सुबह करीब 8:31 बजे 24,100 पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले निफ्टी फ्यूचर्स क्लोज से 147.50 पॉइंट्स या 0.61 फीसदी ऊपर ट्रेड कर रहा था, जो घरेलू इक्विटीज़ के लिए पॉजिटिव शुरुआत का संकेत देता है।

यह सिग्नल बुधवार को सेंसेक्स के 347.14 पॉइंट्स और निफ्टी के 96.55 पॉइंट्स बढ़ने के बाद आया है, बेंचमार्क इंडेक्स ने अपनी हालिया रैली को जारी रखा क्योंकि जियोपॉलिटिकल चिंताएं कम होने और कच्चे तेल की गिरती कीमतों ने सेंटिमेंट को सपोर्ट करना जारी रखा। निफ्टी कई महीनों में पहली बार 24,050 के निशान से ऊपर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 77,150 के ऊपर सेटल हुआ।

गुरुवार सुबह ग्लोबल संकेत मिले-जुले थे, लेकिन ज्यादा एशियाई मार्केट में तेजी के साथ कारोबार होता दिखाई दिया। इन्वेस्टर्स US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी अधिकारियों के बीच साइन किए गए अंतरिम शांति समझौते के असर का अंदाजा लगा रहे थे। यह समझौता दोनों देशों के बीच सीजफायर को बढ़ाता है और उम्मीद है कि इससे होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने में मदद मिलेगी, जबकि परमानेंट सेटलमेंट पर बातचीत जारी रहेगी।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स थोड़ा बदला। जापान का निक्केई एक नए रिकॉर्ड हाई पर चढ़ गया और पहली बार 71,000 का आंकड़ा पार कर गया, जिसे सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े स्टॉक्स में बढ़त का सपोर्ट मिला, जबकि साउथ कोरिया का कोस्पी लगभग 1 फीसदी बढ़ा।

US Fed ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव

हालांकि, फेडरल रिजर्व द्वारा इंटरेस्ट रेट्स में कोई बदलाव नहीं करने के बाद वॉल स्ट्रीट रात भर नीचे बंद हुआ, लेकिन यह संकेत दिया कि पॉलिसीमेकर्स को इस साल के आखिर में रेट्स बढ़ने की संभावना अभी भी दिख रही है। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.98 परसेंट गिरा, S&P 500 1.21 परसेंट गिरा और नैस्डैक कंपोजिट 1.34 परसेंट गिरा।

फेड ने उम्मीद के मुताबिक रेट्स को 3.50-3.75 फीसदी की रेंज में बिना किसी बदलाव के रखा। हालांकि, अपडेटेड अनुमानों से पता चला है कि कई पॉलिसीमेकर्स 2026 के आखिर तक कम से कम एक बार रेट बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं। नए फेड चेयर केविन वार्श ने महंगाई पर फोकस बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।

US इक्विटीज़ में सतर्क रिएक्शन के बावजूद, तेल की कीमतों में तेज गिरावट से उभरते बाजारों में सेंटिमेंट को सपोर्ट मिला है। US और ईरान के बीच एक अंतरिम समझौते पर साइन करने के बाद ब्रेंट क्रूड 1.4 फीसदी और गिरकर लगभग $78.4 प्रति बैरल पर आ गया, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और ईरानी तेल एक्सपोर्ट पर US बैन हटाना शामिल है। US क्रूड $76 प्रति बैरल से नीचे ट्रेड कर रहा था।

पिछले हफ़्ते क्रूड की कीमतों में गिरावट भारतीय बाजारों के लिए एक बड़ी राहत रही है, जिससे महंगाई, करंट अकाउंट डेफिसिट और कॉर्पोरेट इनपुट कॉस्ट को लेकर चिंताएं कम हुई हैं। पिछले चार ट्रेडिंग सेशन में निफ्टी और सेंसेक्स में क्रमशः लगभग 4 परसेंट और 4.5 परसेंट की बढ़त हुई है।

24,100-24,200 ज़ोन में दिख सकता है निफ्टी

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक, फेड के कड़े रुख के बावजूद भारतीय बाजारों में सावधानी से पॉजिटिव रुझान बने रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “व्हाइट हाउस के यह कन्फर्म करने के बाद कि अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने पीस डील मेमोरेंडम पर फॉर्मल साइन कर दिए हैं, इन्वेस्टर का सेंटिमेंट मजबूत हुआ है, जो अमेरिका-ईरान शांति प्रक्रिया में एक बड़ा कदम है।”

पोनमुडी ने आगे कहा कि ब्रेंट क्रूड का $74-76 प्रति बैरल रेंज में बने रहना भारत के महंगाई के आउटलुक, इंपोर्ट बिल और बड़े मैक्रोइकोनॉमिक माहौल को अच्छी राहत दे रहा है।

टेक्निकल फ्रंट पर, पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी 24,000 के अहम निशान से ऊपर बने रहने के बाद पॉजिटिव स्ट्रक्चर बनाए हुए है। तुरंत रेजिस्टेंस 24,100-24,200 ज़ोन में दिख रहा है, जबकि सपोर्ट 24,000 और 23,900 के आसपास है। 24,200 से ऊपर लगातार बने रहने से 24,400 की ओर रैली का रास्ता खुल सकता है।

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी; RVNL, Lemon Tree और Lupin समेत इन स्टॉक्स पर खास वजहों से रहेगी नजर

Stocks to Watch: अमेरिकी फेड के ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले और अमेरिका-ईरान के शांति समझौते पर दुनिया के अधिकतर बाजारों से मजबूत रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 121.00 प्वाइंट्स यानी 0.51% की बढ़त के साथ 24,076.50 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 17 जून को सेंसेक्स (Sensex) 347.14 प्वाइंट्स यानी 0.45% के उछाल के साथ 77,155.62 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 96.55 प्वाइंट्स यानी 0.40% की बढ़त के साथ 24,085.70 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

Rail Vikas Nigam Ltd (RVNL)

रेल विकास निगम को ईस्ट कोस्ट रेलवे से भद्रक-विजयनगरम सेक्शन पर नेरगुंडी-बारंग और खुर्दा रोड-विजयनगरम के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के लिए EPC मोड पर पुल बनाने के लिए ₹967.92 करोड़ का काम मिला है।

HFCL

एचएफसीएल को उत्तर प्रदेश में भारतनेट फेज-III प्रोजेक्ट के लिए रेल विकास निगम से ₹2,666.09 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस कॉन्ट्रैक्ट में टेलीकॉम इक्विपमेंट और उससे जुड़े सामानों की सप्लाई, ऑप्टिकल फाइबर केबल टेलीकॉम नेटवर्क बनाना और 10 साल तक प्रोजेक्ट का रखरखाव करना शामिल है।

Bosch Home Comfort

प्रमोटर बॉश ग्लोबल सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज 18-19 जून को ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के जरिए बॉश होम कम्फर्ट में 7.97% तक हिस्सेदारी (21.7 लाख शेयर) बेचेगी। कुल ऑफर साइज में 0.75% का ग्रीनशू ऑप्शन भी शामिल है। फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹1,150 तय किया गया है।

Lemon Tree Hotels

लेमन ट्री होटल्स ने राजस्थान के श्री गंगानगर में लेमन ट्री होटल खोलने का ऐलान किया है जिसके बाद राजस्थान में इसके होटलों की संख्या 23 हो गई है। इस होटल का मैनेजमेंट कंपनी की सब्सिडियरी कार्नेशन होटल्स करेगी।

Balkrishna Industries

बालकृष्ण इंडस्ट्रीज के बोर्ड ने Saroj Kumar Khuntia को कंपनी का चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है, जो 18 जून से प्रभावी होगा। वहीं मधुसूदन बजाज रिटायरमेंट की उम्र पूरी होने पर कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर और KMP (की मैनेजेरियल पर्सनल) के पद से हट गए।

Lupin

लुपिन ने अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने ANDA (एब्रिविएटेड न्यू ड्रग एप्लीकेशन) को मंजूरी मिलने के बाद अमेरिका में 40mg और 80mg की एजिलसार्टन मेडोक्सोमिल टैबलेट लॉन्च करने का ऐलान किया है। यह एज़ुरिटी फार्मा की ‘एडार्बी’ (Edarbi) दवा का बायोइक्विवैलेंट है। इसका इस्तेमाल वयस्कों में हाई ब्लड प्रेशर के इलाज के लिए किया जाता है।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Corona Remedies

प्राइवेट इक्विटी फर्म क्रिसकैपिटल की सहयोगी कंपनी सेपिया इन्वेस्टमेंट्स ने कोरोना रेमेडीज के 43.28 लाख शेयर (7.07% हिस्सेदारी) ₹748.9 करोड़ में बेच दी। इसके अलावा एंकर पार्टनर्स (Anchor Partners) ने भी कंपनी के 1.61 लाख शेयर (0.26% हिस्सेदारी) ₹28 करोड़ में बेच दी। ये ब्लॉक डील प्रति शेयर ₹1,730 के भाव पर हुईं। मार्च 2026 तक सेपिया इन्वेस्टमेंट्स की इस फार्मा कंपनी में 19.76% हिस्सेदारी (1.2 करोड़ शेयर) थी।

कोरोना रेमेडीज की इस ब्लॉक डील में एबरडीन एशियन स्मॉलर कंपनीज इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट पीएलसी, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, फैक्ट्री म्यूचुअल इंश्योरेंस कंपनी, टीसीडब्ल्यू व्हाइट ओक इमर्जिंग मार्केट्स इक्विटी फंड, अशोका व्हाइटओक इमर्जिंग मार्केट्स इक्विटी एक्स-चाइना फंड, व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड, इनवेस्को म्यूचुअल फंड और कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड जैसे देशी-विदेशी निवेशकों ने हिस्सा लिया।

DOMS Industries

इटैलियन स्टेशनरी और विदेशी प्रमोटर FILA (Fabbrica Italiana Lapis ed Affini) ने डोम्स इंडस्ट्रीज में 7% इक्विटी हिस्सेदारी (42.48 लाख शेयर) ₹934.7 करोड़ में बेच दी। इनमें से 23.4 लाख शेयरों की बिक्री प्रति शेयर ₹2,200.55 और 19.08 लाख शेयरों की बिक्री प्रति शेयर ₹2,200.07 के भाव पर हुई। वहीं दूसरी तरफ एक्सिस म्यूचुअल फंड ने ₹79.56 करोड़ के अतिरिक्त 3.61 लाख शेयर और एसबीआई म्यूचुअल फंड ने ₹284.77 करोड़ के 12.94 लाख शेयर खरीदे। यह खरीदारी प्रति शेयर ₹2,200 के भाव पर हुई।

Finolex Industries

एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने पीवीसी पाइप बनाने वाली कंपनी फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज के प्रति शेयर ₹169.71 के भाव पर 42.7 लाख शेयर और ₹169.62 के भाव पर 37.77 लाख शेयर यानी 80.47 लाख शेयर (1.29% हिस्सेदारी) ₹136.54 करोड़ में बेच दी। मार्च 2026 तक एचडीएफसी लाइफ के पास कंपनी में 1.3% हिस्सेदारी (80.5 लाख शेयर) थी।

Baazar Style Retail

गर्ग ब्रदर्स ने बाजार स्टाइल रिटेल के 8.75 लाख शेयर (1.14% हिस्सेदारी) ₹28.76 करोड़ में प्रति शेयर ₹328.72 के भाव पर बेच दी। मार्च 2026 तक गर्ग ब्रदर्स के पास बाजार स्टाइल रिटेल में 1.38% हिस्सेदारी (10.51 लाख शेयर) थी।

लिस्टिंग

आज सुसान इलेक्ट्रिकल्स की बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

आज एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज, टाटा टेक्नोलॉजीज, जेएसडब्ल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर, कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक, ईमुद्रा, जीएचसीएल, मोनिका अल्कोबेव, स्वास्तिक इन्वेस्टस्मार्ट और विमटा लैब्स के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो ओएसिसि सिक्योरिटीज के राइट्स की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Price Today: ₹4800 सस्ता हुआ सोना, ₹5300 टूटी चांदी; जानिए क्यों आई बड़ी गिरावट

Gold Price Today: घरेलू बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। मजबूत रुपये और वैश्विक बाजार में कमजोरी के बीच कारोबारियों ने कीमती धातुओं से दूरी बनाई। इससे सोना और चांदी दोनों सस्ते हो गए।

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट वाला सोना 4,800 रुपये टूटकर 1,54,400 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स समेत) पर आ गया। एक दिन पहले सोना 1,59,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

चांदी में भी बड़ी गिरावट

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट आई। चांदी 5,300 रुपये टूटकर 2,55,400 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) पर आ गई।

मंगलवार को चांदी 2,60,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

क्यों गिरे सोने-चांदी के दाम?

एनालिस्टों के मुताबिक, लगातार दूसरे दिन घरेलू मांग कमजोर रही। वहीं शेयर बाजार में मजबूती के कारण निवेशकों का रुझान दूसरी एसेट की ओर बढ़ा है।

इसके अलावा निवेशक अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले समेत कई अहम आर्थिक घटनाओं से पहले सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। इसी वजह से सोने में खरीदारी कमजोर रही।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव

वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। स्पॉट गोल्ड मामूली गिरावट के साथ 4,327.54 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं स्पॉट सिल्वर 0.18% फिसलकर 69.89 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की मौद्रिक नीति बैठक के फैसले पर टिकी हुई है। इस वजह से फिलहाल सोने की कीमतें सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं।

अमेरिका-ईरान वार्ता पर भी नजर

बाजार की नजर शुक्रवार को होने वाली अमेरिका और ईरान की प्रस्तावित बैठक पर भी है। एनालिस्टों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत में प्रगति होती है तो भू-राजनीतिक तनाव कम हो सकता है। इससे सोने और चांदी जैसी सुरक्षित माने वाले निवेश की मांग घट सकती है।

वहीं अगर बातचीत में कोई बाधा आती है या तनाव बढ़ता है, तो निवेशक फिर से सोने और चांदी की ओर रुख कर सकते हैं।

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