Trading Plan : वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार में जोरदार तेजी, जानिए आगे के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Trading Plan : IT शेयरों के दम पर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। वीकली एक्सपायरी पर निफ्टी करीब 190 प्वाइंट उछलकर 22550 के करीब कारोबार कर रहा है। हालांकि बैंक निफ्टी में 20 DEMA पर रजिस्टेंस दिखा है। फिर भी यह 200 प्वाइंट ऊपर है। वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ऊपरी स्तरों से दबाव है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 7% से ज्यादा फिसलकर ठंडा पड़ा है।

आज सबसे दमदार और सुपरहिट प्ले साबित हुआ IT सेक्टर। अच्छे नतीजे और कमेंट्री के बाद HCL टेक 4 परसेंट चढ़कर निफ्टी का टॉप गेनर बना है। उधर TCS, एम्फैसिस, LTM, कोफोर्ज, पर्सिस्टेंट में भी जोश है। AI ट्रेड में रिवर्सल से सपोर्ट मिला है।

MDR चार्ज लागू होने की तारीख बढ़ा दी गई है। अब यह 15 अक्टूबर की बजाए दिवाली के तुरंत बाद लागू होगा। तारीख का एलान जल्द होगा। NPCI के बयान के बाद फिनटेक शेयरों में निचले स्तरों से रिकवरी दिखीहै।

अमेरिका में AI शेयरों में रिवर्सल से GE वर्नोवा, हिताची और CG पावर का सेंटीमेंट बिगड़ा है। तीनों शेयर वायदा के टॉप लूजर्स में शामिल है। वहीं जनवरी सीरीज में वायदा से बाहर होने से पॉलिकैब में मिनी एक्सिडेंट हुआ है। उधर नतीजों के बाद RBL बैंक में तेज गिरावट है, यह करीब 7 परसेंट टूटा है।

IT के साथ साथ FMCG और PSU बैंकों में ज्यादा खरीदारी आई है। ये दोनों सेक्टर इंडेक्स करीब एक परसेंट मजबूत दिख रहे हैं। फाइनेंशियल और रियल्टी में भी तेजी है। लेकिन फार्मा और डिफेंस में हल्का दबाव है।

बंधन बैंक में आज जोरजदार तेजी है। यह शेयर 8 परसेंट उछलकर वायदा का टॉप गेनर बना है। न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक IHC और दूसरे निवेशक बंधन फाइनेंशियल होल्डिंग्स में हिस्सा खरीद सकते हैं। हालांकि खबर पर बैंक ने सफाई जारी करते हुए कहा है कि उसे ऐसी कोई जानकारी नहीं है।

उधर कल वायदा में शामिल केनरा बैंक, BHEL और ICICI लोम्बार्ड के नतीजे आएंगे। दूसरी तिमाही में केनरा बैंक की ब्याज से कमाई यानी NII 17% से ज्यादा बढ़ सकती है। वहीं मुनाफा फ्लैट रह सकता है। असेट क्वॉलिटी में भी सुधार दिख सकता है। वहीं BHEL का प्रॉफिट 78% बढ़ सकता है।

एक्सपायरी के दिन उठापटक

बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आज उतार-चढ़ाव भरा दिन रहा,लेकिन ज्यादातर बढ़त के साथ कारोबार हुआ। निफ्टी का हाई एक बार फिर 10 DEMA पर थमा। इसी तरह बैंक निफ्टी का हाई भी एक बार फिर 20 DEMA पर थमता दिखा। बड़ी तेजी IT में आई। आज सुबह के शो की शुरुआत हमने IT के साथ की थी। सिर्फ आवाज ने बताया,आज IT क्यों चलेगा और पावर शेयर क्यों गिरेंगे। HCL Tech की अगुवाई में IT में बड़ी रैली देखने को मिली। वहीं, GVT&D, हिताची जैसे शेयरों में गिरावट दिखी। कॉस्पी की बड़ी गिरावट का सीधा असर दिखा। आज स्मॉल कैप ने काफी खराब प्रदर्शन किया।

बाजार: अब क्या?

अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में अभी भी रिस्क वही है। 10 और 20 DEMA पर रुकावट है। आज एक्सपायरी है,आखिरी घंटे में बड़े मूव आ सकते हैं। आज पूरे बाजार को IT ने संभाला है। सुबह गैप अप खुलने के बाद भी IT में बड़ा ट्रेड मिला और रोज आपको एक बड़ी थीम पर फोकस करना है। आज सुबह हमने सिर्फ इसी ट्रेड पर फोकस किया। निफ्टी को चलने के लिए 3-4 और सेक्टर्स को चलना होगा। बैंक निफ्टी 20 DEMA के पास आकर रुक रहा है। रुपये में दूसरे दिन भी मजबूती है,जो पॉजिटिव है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर स्ट्रटैटेजी

अनुज सिंघल के मुताबिक निफ्टी के लिए 22,550-22,600 और फिर 22,650 पर रेजिस्टेंस है। इसके लिए 22,400-22,450 पर सपोर्ट है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 55,050-55,250, फिर 55,500 पर रेजिस्टेंस है। इसके लिए 54,800-55,000 पर सपोर्ट है।

 

 

Market View : बाजार का ओवरऑल ट्रेंड अभी भी नेगेटिव, डिफेंस और आईटी के इन शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HCL Tech shares Price: Q2 नतीजों के बाद शेयर बना रॉकेट, 5% से ज्यादा चढ़कर बना निफ्टी का टॉप गेनर, एक्सपर्ट्स से जानें अब खरीदें , बेचें या रहे बनें

HCL Tech shares Price: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी एचसीएल टेक (HCLTech) के शेयर में 13 अक्टूबर को जोरदार बढत देखने को मिली। शेयर इंट्राडे में 5 फीसदी से ज्यादा की छलांग लगाते हुए निफ्टी का टॉप गेनर बन गया । IT सर्विस देने वाली इस बड़ी कंपनी के शेयरों में बढ़त की वजह कंपनी द्वारा दूसरी तिमाही में अच्छी कमाई, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ और बड़ी डील जीतने के बाद आई है।

कंपनी ने FY27 में रेवेन्यू ग्रोथ के अपने अनुमान को भी बढ़ा दिया, हालांकि ब्रोकरेज अभी भी स्टॉक के ऊपर जाने की संभावना को लेकर बंटे हुए हैं। HCLTech के शेयर सोमवार के 1,223 रुपये के क्लोजिंग प्राइस के मुकाबले 5.55 फीसदी चढ़कर 1,288 रुपये पर पहुंच गया। मंगलवार की तेजी के बावजूद, 2026 में अब तक स्टॉक 22.2 फीसदी नीचे है, जबकि निफ्टी 50 में 14.2 फीसदी की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 3.45 लाख करोड़ रुपये रहा।

कैसे रहे तिमाही नतीजे

HCLTech ने सोमवार को सितंबर तिमाही के लिए 5,132 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफ़िट बताया, जो साल-दर-साल 21.2 परसेंट ज़्यादा है, जबकि रेवेन्यू 11.5 परसेंट बढ़कर 35,620 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेटिंग मार्जिन लगातार 131 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 18.2 परसेंट हो गया।

क्या है शेयर पर ब्रोकरेज फर्मों की राय

नतीजों के बाद ब्रोकरेज ने HCLTech के आउटलुक के बारे में मिली-जुली राय दी। नोमुरा ने 1,330 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ अपनी Buy रेटिंग बनाए रखी, जिसमें मजबूत सर्विस परफॉर्मेंस, बढ़ते AI रेवेन्यू और कंपनी की AI स्ट्रैटेजी में प्रोग्रेस का हवाला दिया गया।

जेफरीज ने HCLTech को अपनी पिछली “अंडरपरफॉर्म” रेटिंग से अपग्रेड करके “होल्ड” कर दिया है, और इसका प्राइस टारगेट पहले के ₹1,070 से बढ़ाकर ₹1,150 कर दिया है।

HSBC ने भी HCLTech पर अपनी “होल्ड” रेटिंग बनाए रखी है और प्राइस टारगेट ₹1,225 रखा है। इसने कंपनी के आउटलुक कमेंट्री को पॉजिटिव बताया क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों में डिमांड में सुधार हुआ है, हालांकि फर्म ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि इसका सस्टेनेबिलिटी एक चिंता का विषय है।HSBC ने बताया कि HCLTech अपने कॉम्पिटिटर के मुकाबले मीडियम आउटपरफॉर्मेंस और कम मार्जिन के लिए प्रीमियम वैल्यूएशन मल्टीपल पर ट्रेड कर रही है।

सिटी ने HCLTech पर ₹1,050 के प्राइस टारगेट के साथ “सेल” करने की सलाह दी है। फर्म ने मार्जिन बीट के बाद अपने फाइनेंशियल ईयर 2027-2029 EPS अनुमानों को भी 1% से 3% तक बढ़ा दिया है। हालांकि, सिटी ने कहा है कि मार्जिन का सस्टेनेबिलिटी अहम होगा क्योंकि HCLTech पहले से ही आम सहमति के अनुमानों के आधार पर TCS और इंफोसिस जैसे अपने कॉम्पिटिटर के मुकाबले 20% से 25% प्रीमियम पर ट्रेड कर रही है।

HCLTech पर 45 एनालिस्ट की कवरेज है, जिनमें से 18 ने स्टॉक को “बाय” रेटिंग दी है, 16 ने “होल्ड” कहा है, और 11 ने स्टॉक को “सेल” रेटिंग दी है। प्राइस टारगेट के आम अनुमानों से पता चलता है कि मौजूदा लेवल से सिर्फ़ 2.1% की बढ़त की संभावना है।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: 13 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 11 स्टॉक्स, IRCON से RBL बैंक तक शामिल

Stocks to Watch: मंगलवार, 13 अक्टूबर को शेयर बाजार में कई शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। इनसे तिमाही नतीजे, नए ऑर्डर और बड़े कारोबारी समझौतों तक कई अहम अपडेट सामने आए हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर इन 11 शेयरों पर रहने वाली है।

RBL Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक RBL Bank का सितंबर तिमाही में मुनाफा बढ़कर 481.7 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 179 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। नेट इंटरेस्ट इनकम 37.4% बढ़कर 2,131 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, ग्रॉस NPA पिछली तिमाही के 1.30% से घटकर 1.02% पर आ गया।

HCL Tech

आईटी कंपनी HCL Tech ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान 2.5% से 4% रखा है। सितंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा पिछली तिमाही के 4,624 करोड़ रुपये से बढ़कर 5,132 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 3% बढ़कर 35,620 करोड़ रुपये रहा। वहीं, EBIT मार्जिन 18.2% दर्ज किया गया।

Karur Vysya Bank

प्राइवेट बैंक Karur Vysya Bank ने Zurich Kotak General Insurance के साथ समझौता किया है। इसके तहत बैंक अपने ग्राहकों को जनरल इंश्योरेंस प्रोडक्ट उपलब्ध कराएगा। इस साझेदारी का मकसद ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से बीमा सेवाएं देना है।

ICICI Prudential AMC

म्यूचुअल फंड कंपनी ICICI Prudential AMC का सितंबर तिमाही में मुनाफा पिछली तिमाही के मुकाबले 7.8% घटकर 888.9 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, इस दौरान रेवेन्यू 7% बढ़कर 1,676.7 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के बोर्ड ने हर शेयर पर 30 रुपये के अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है।

Can Fin Homes

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी Can Fin Homes का सितंबर तिमाही में मुनाफा सालाना आधार पर 9.2% बढ़कर 274.61 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी की ऑपरेशंस से नेट इनकम 7.8% बढ़कर 1,131.18 करोड़ रुपये रही। वहीं, प्रति शेयर कमाई (EPS) पिछले साल के 18.88 रुपये से बढ़कर 20.62 रुपये हो गई।

Azad Engineering

प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी Azad Engineering को सरकारी कंपनी BHEL से 52.68 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसके तहत कंपनी भारी गैस टर्बाइन के लिए जरूरी ब्लेड की सप्लाई करेगी। यह कॉन्ट्रैक्ट 9 अक्टूबर 2028 तक चलेगा।

IRCON International

सरकारी रेल कंपनी IRCON International को ईस्ट सेंट्रल रेलवे से 862.46 करोड़ रुपये का EPC कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसके तहत सोन नगर-आंडाल प्रोजेक्ट की तीसरी और चौथी रेल लाइन के लिए ट्रैक बिछाने और जोड़ने का काम करना है। कंपनी रेलवे ट्रैक की गिट्टी और दूसरी जरूरी सामग्री की सप्लाई भी करेगी।

Indian Hotels Company

होटल कंपनी Indian Hotels Company Ltd (IHCL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में 47 नए होटल साइन किए और 20 होटल शुरू किए। इसके साथ ही कंपनी के पोर्टफोलियो में कुल 670 होटल हो गए हैं।

Vikran Engineering

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Vikran Engineering की सब्सिडियरी NOPL Solar Projects ने IREDA के साथ 2,941.19 करोड़ रुपये का लोन एग्रीमेंट किया है। इस रकम का इस्तेमाल महाराष्ट्र में सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत 152 जगहों पर 969 MWac क्षमता का सोलर प्लांट लगाया जाएगा। इसकी कुल अनुमानित लागत 4,201.70 करोड़ रुपये है।

Bank of India

सरकारी बैंक Bank of India ने Future Enterprises के 575.40 करोड़ रुपये के बकाया खाते को फ्रॉड घोषित कर दिया है। बैंक ने इस मामले की जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को दे दी है। बैंक के मुताबिक, यह खाता पहले से ही NPA था। बैंक ने बकाया रकम के बराबर 575.40 करोड़ रुपये का प्रोविजन भी किया है।

Nazara Technologies

गेमिंग कंपनी Nazara Technologies ने मिथुन पदम सचेटी को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर से एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और होल-टाइम डायरेक्टर बनाया है। यह नियुक्ति 12 अक्टूबर 2026 से प्रभावी है, लेकिन इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी है। कंपनी के CFO राकेश शाह ने भी इस्तीफा दे दिया है, जो 15 अक्टूबर से प्रभावी होगा।

Q2 नतीजे घोषित करने वाली कंपनियां

कई कंपनियां 13 अक्टूबर को दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें Anand Rathi Share and Stock Brokers, Hero Motors, ICICI Prudential Life Insurance Company और Tata Elxsi शामिल हैं। इसके अलावा, GTPL Hathway भी अपने नतीजे घोषित करेगी।

Q2 Results: हर शेयर पर ₹30 डिविडेंड देगी म्यूचुअल फंड कंपनी, दूसरी तिमाही में ₹889 करोड़ का मुनाफा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q2 Results: प्राइवेट बैंक का मुनाफा 169% बढ़ा, NII में भी तगड़ा उछाल; बैड लोन में कमी आई

RBL Bank Q2 Results: प्राइवेट सेक्टर के RBL Bank ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में बैंक का मुनाफा बढ़कर 481.7 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 179 करोड़ रुपये था। यानी मुनाफे में करीब 169% की बढ़ोतरी हुई है। बैंक की कमाई बढ़ी है। साथ ही, खराब कर्ज के आंकड़ों में भी सुधार हुआ है।

NII में 37.4% की बढ़ोतरी

बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी तेजी से बढ़ी है। सितंबर तिमाही में यह सालाना आधार पर 37.4% बढ़कर 2,131 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल इसी तिमाही में यह 1,551 करोड़ रुपये थी।

खराब कर्ज घटा, लेकिन प्रोविजन बढ़ा

RBL Bank के बैड लोन यानी खराब कर्ज में कमी आई है। सितंबर तिमाही में ग्रॉस NPA घटकर 1.02% रह गया। जून तिमाही में यह 1.3% था। इसी तरह, नेट NPA भी 0.37% से घटकर 0.29% पर आ गया। यानी बैंक के फंसे हुए कर्ज का स्तर कम हुआ है।

हालांकि, बैंक को खराब कर्ज के लिए ज्यादा रकम अलग रखनी पड़ी। सितंबर तिमाही में प्रोविजन बढ़कर 766.5 करोड़ रुपये हो गया। जून तिमाही में यह 599.2 करोड़ रुपये था। एक साल पहले सितंबर तिमाही में यह रकम 499.7 करोड़ रुपये थी।

लोन देने में बढ़ोतरी

बैंक का नेट एडवांस यानी दिया गया कर्ज सालाना आधार पर 42% बढ़कर 1,42,314 करोड़ रुपये हो गया। इसमें रिटेल कर्ज 32% बढ़कर 79,465 करोड़ रुपये रहा। वहीं, कंपनियों को दिए जाने वाले होलसेल कर्ज में 56% की बढ़ोतरी हुई। यह 62,849 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

रिटेल लोन में सिक्योर्ड लोन की बढ़ोतरी ज्यादा रही। इसमें 52% का इजाफा हुआ। वहीं, अनसिक्योर्ड लोन सिर्फ 6% बढ़ा। बैंक में जमा रकम भी बढ़ी है।

डिपॉजिट भी बढ़ा

सितंबर तिमाही में RBL Bank का कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 34% बढ़कर 1,56,272 करोड़ रुपये हो गया। करंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट यानी CASA रेशियो 27.2% रहा।

बैंक में 3 करोड़ रुपये से कम के डिपॉजिट को ग्रैन्युलर डिपॉजिट कहा जाता है। सितंबर तिमाही में इस तरह की जमा रकम 16% बढ़कर 68,877 करोड़ रुपये हो गई। यह बैंक के कुल डिपॉजिट का 44% है।

कैपिटल रेशियो में आई कमी

30 सितंबर 2026 तक बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 30.1% था। जून के आखिर में यह 33.3% था। वहीं, कॉमन इक्विटी टियर-1 यानी CET1 रेशियो भी घटा है। जून तिमाही के 32.2% के मुकाबले सितंबर तिमाही में यह 29% रहा।

बैंक का औसत लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) 148% रहा। यह वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही का आंकड़ा है।

CEO ने क्या कहा?

RBL Bank के MD और CEO आर सुब्रमण्यकुमार ने कहा कि सितंबर तिमाही में बैंक का प्रदर्शन मजबूत रहा। कर्ज देने और जमा जुटाने, दोनों मोर्चों पर अच्छी बढ़ोतरी हुई।

उन्होंने बताया कि बैंक ने विदेशी मुद्रा में FCNR डिपॉजिट भी जुटाए हैं। इससे बैंक की फंडिंग मजबूत हुई है। साथ ही, भविष्य में कारोबार बढ़ाने के लिए ज्यादा गुंजाइश मिली है।

बैंक का नेटवर्क बढ़ा

30 सितंबर तक RBL Bank के कुल 1,954 टचपॉइंट थे। इनमें 628 बैंक शाखाएं और 1,326 बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट शाखाएं शामिल थीं।

इन बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट शाखाओं में 248 बैंकिंग आउटलेट थे। वहीं, बैंक की सब्सिडियरी RBL Finserve के पास 1,076 बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट शाखाएं थीं।

RBL Bank के शेयरों का हाल

बैंक ने बाजार बंद होने के बाद सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। 12 अक्टूबर को RBL Bank का शेयर NSE पर 0.07% गिरकर 417.70 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 32.14% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 44.03% का रिटर्न दिया है। बैंक का मार्केट कैप 64.84 हजार करोड़ रुपये है।

HCL Tech Q2 results: आईटी कंपनी का मुनाफा 11% उछला, रेवेन्यू गाइडेंस बढ़ाया; ₹12 के डिविडेंड का ऐलान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HCL Tech Q2 results: आईटी कंपनी का मुनाफा 11% उछला, रेवेन्यू गाइडेंस बढ़ाया; ₹12 के डिविडेंड का ऐलान

HCL Tech Q2 results: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी HCL टेक्नोलॉजीज ने 12 अक्टूबर को सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट तिमाही आधार पर 11% बढ़कर 5,132 करोड़ रुपये हो गया।

इससे पिछली तिमाही यानी अप्रैल-जून में कंपनी ने 4,626 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। सालाना आधार पर नेट प्रॉफिट में 21.2% की बढ़ोतरी हुई। प्रॉफिट का आंकड़ा CNBC-TV18 पोल के ₹4,963 करोड़ के अनुमान से ज्यादा है।

कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 3% बढ़कर 35,620 करोड़ रुपये रहा। पहली तिमाही में यह 34,579 करोड़ रुपये था। वहीं, सालाना आधार पर रेवेन्यू में 11.5% की बढ़ोतरी हुई।

ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार

HCL टेक्नोलॉजीज का ऑपरेटिंग मार्जिन दूसरी तिमाही में बढ़कर 18.2% हो गया। इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 131 बेसिस पॉइंट और सालाना आधार पर 71 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ।

नोएडा मुख्यालय वाली इस कंपनी का एडवांस्ड AI से रेवेन्यू 219 मिलियन डॉलर रहा। इसमें तिमाही आधार पर 28.4% और सालाना आधार पर 78% की बढ़ोतरी हुई।

FY27 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस बढ़ाया

HCLTech ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया है। कंपनी ने इसे पहले के 1-4% से बढ़ाकर 2.5-4% कर दिया है। यानी कंपनी ने अनुमान की निचली सीमा बढ़ाई है। हालांकि, पूरे वित्त वर्ष के लिए ऑपरेटिंग मार्जिन का अनुमान 17.5-18.5% पर बरकरार रखा गया है।

दूसरी तिमाही में कंपनी को नए सौदों से 3.24 अरब डॉलर का कारोबार मिला। इसमें मर्सिडीज-बेंज से मिला 1.14 अरब डॉलर का बड़ा AI सौदा भी शामिल है।

CEO ने क्या कहा?

HCLTech के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर सी विजयकुमार ने कहा कि कंपनी ने दूसरी तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। नई बुकिंग सालाना आधार पर 27% बढ़कर 3.3 अरब डॉलर रही। इसके साथ ही पहली छमाही की बुकिंग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।

उन्होंने बताया कि कंपनी का EBIT मार्जिन पिछली तिमाही के मुकाबले 131 बेसिस पॉइंट बढ़कर 18.2% हो गया। सर्विसेज बिजनेस में तिमाही आधार पर 3% की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान अलग-अलग सेक्टर और भौगोलिक क्षेत्रों में कारोबार बढ़ा। कंपनी का कुल रेवेन्यू तिमाही आधार पर 2.3% बढ़ा।

विजयकुमार के मुताबिक, कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर एडवांस्ड AI से रेवेन्यू तिमाही आधार पर 28.4% और सालाना आधार पर 78% बढ़ा। उन्होंने कहा कि कंपनी के AI प्रोडक्ट और सेवाओं को ग्राहकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इससे कंपनी को भविष्य में ग्रोथ की उम्मीद है।

Anthropic के साथ AI पार्टनरशिप

HCLTech ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी Anthropic के साथ ग्लोबल प्रीमियर पार्टनरशिप का भी ऐलान किया है। इसका मकसद दुनिया भर की कंपनियों में एजेंटिक AI को अपनाने की रफ्तार बढ़ाना है। इस साझेदारी में सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी और गवर्नेंस पर खास ध्यान दिया जाएगा।

HCLTech की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा ने कहा कि एडवांस्ड AI से रेवेन्यू में तेजी कंपनी की रणनीति को सही साबित करती है। उनके मुताबिक, रणनीतिक साझेदारियों और AI टेक्नोलॉजी में निवेश के दम पर कंपनी दुनिया भर की कंपनियों और सरकारों के लिए भरोसेमंद टेक्नोलॉजी पार्टनर बनने की स्थिति में है।

कर्मचारियों की संख्या बढ़ी

30 सितंबर 2026 तक HCLTech में कुल 2,30,339 कर्मचारी थे। सितंबर तिमाही के दौरान कंपनी ने 6,450 नए कर्मचारियों को जोड़ा। इनमें 6,136 फ्रेशर्स शामिल थे। वहीं, पिछले 12 महीनों के दौरान कर्मचारियों के कंपनी छोड़ने की दर (एट्रिशन रेट) 12.8% रही। इससे पिछली तिमाही में यह दर 12.7% थी।

हर शेयर पर 12 रुपये का अंतरिम डिविडेंड

HCLTech ने 2 रुपये फेस वैल्यू वाले हर इक्विटी शेयर पर 12 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

12 अक्टूबर को HCL टेक्नोलॉजीज के शेयर 0.5% की बढ़त के साथ 1,223 रुपये पर बंद हुए। कंपनी ने बाजार बंद होने के बाद तिमाही नतीजों का ऐलान किया।

Rupee vs Dollar: रुपये को संभालने के लिए RBI के 5 बड़े कदम, क्या अब गिरावट पर लगेगी लगाम?

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

इस आईटी कंपनी ने प्रति शेयर ₹8 अंतरिम डिविडेंड का किया ऐलान, जानिए रिकॉर्ड डेट सहित दूसरी जरूरी जानकारियां

आर सिस्टम्स इंटरनेशनल ने दूसरे अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। कंपनी प्रति शेयर 8 रुपये का अंतरिम डिविडेंड शेयरहोल्डर्स को देगी। कंपनी ने इस बारे में स्टॉक एक्सचेंजों को शुक्रवार यानी 25 सितंबर को बताया। शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.18 फीसदी गिरकर 237 रुपये पर बंद हुआ।

24 अक्टूबर को या इससे पहले डिविडेंड का पेमेंट हो जाएगा

R Systems International के एक शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। इसका मतलब है कि अंतरिम डिविडेंड फेस वैल्यू का 800 फीसदी होगा। कंपनी ने कहा है कि शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड का पेमेंट 24 अक्तूबर, 2026 को या इससे पहले कर दिया जाएगा। कंपनी ने कहा है कि डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 1 अक्तूबर होगी। इसका मतलब है कि 1 अक्तूबर तक जिन शेयरहोल्डर्स के डीमैट अकाउंट में कंपनी के शेयर होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

कंपनी ने मार्च में प्रति शेयर 6 रुपये डिविडेंड का ऐलान किया था

यह डिविडेंड साल 2026 के लिए होगा। इससे पहले कंपनी ने 6 मार्च को प्रति शेयर 6 रुपये अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया था। इसके लिए कंपनी ने 12 मार्च रिकॉर्ड डेट तय की थी। दोनों डिविडेंड को मिलाकर कंपनी का कुल अंतरिम डिविडेंड 2026 में 14 रुपये पहुंच गया है।

दुनियाभर में कंपनी के 18 डिलीवरी सेंटर

आर सिस्टम्स इंटरनेशनल ने गुरप्रीत सिंह को कंपनी सेक्रेटरी एवं कंप्लायंस अफसर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 25 सितंबर से प्रभावी हो गई है। आर सिस्टम्स इंटरनेशनल की शुरुआत 1993 में हुई थी। कंपनी आईटी सर्विसेज ऑफर करती है। इसका फोकस प्रोडक्ट इंजीनियरिंग पर है। इसके क्लाइंट्स में कई बड़ी कंपनियां शामिल हैं, जिनमें Amazon Web Services, Microsoft और Google Cloud शामिल हैं। इसके नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, एशिया पैसेफिक और भारत में 18 डिलीवरी सेंटर हैं।

आर सिस्टम्स इंटरनेशनल का शेयर इस साल 42% गिरा

आर सिस्टम्स इंटरनेशनल के शेयरों पर आईटी सेक्टर पर दबाव का असर पड़ा है। यह शेयर 2026 में अब तक करीब 42 फीसदी गिरा है। इस दौरान दूसरी आईटी कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट आई है। TCS का शेयर इस दौरान 35 फीसदी से ज्यादा फिसला है। Infosys का शेयर करीब 39 फीसदी गिरा है। HCL Tech का शेयर 23 फीसदी और विप्रो का शेयर करीब 39 फीसदी टूटा है।

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शेयर बाजारों का सेंटिमेंट लगातार कमजोर 

शेयर बाजारों में सेंटीमेंट लगातार कमजोर बना हुआ है। इसकी बड़ी वजह मध्यपूर्व क्राइसिस है। इसकी वजह से क्रूड की कीमतों में उछाल आया है। इससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का डर बढ़ा है। हालांकि, 25 सितंबर को भारतीय शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में रिकवरी देखने को मिली। इनवेस्टर्स की नजरें अब अगले हफ्ते बाजार की चाल पर हैं।

राजीव ठक्कर के पोर्टफोलियो में बड़ा फेरबदल! इन सेक्टर्स की कंपनियों में बढ़ाई हिस्सेदारी, जानिए किससे लिया एग्जिट

Parag Parikh Flexi Cap Fund Portfolio Changes: देश की सबसे बड़ी फ्लेक्सी-कैप स्कीम पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड (PPFAS) में नए पैसों का आवक बीते पांच महीनों में काफी सुस्त पड़ा है। मार्च 2026 के मुकाबले अगस्त तक फंड में नया निवेश लगभग 72% तक घट चुका है।

वैसे, राहत की बात यह है कि इनफ्लो में सुस्ती के बावजूद फंड का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) मार्च के ₹1.32 लाख करोड़ से बढ़कर अगस्त 2026 तक ₹1.47 लाख करोड़ पहुंच चुका है।

फंड के मुख्य निवेश अधिकारी (CIO) राजीव ठक्कर और उनकी टीम ने ₹1.47 लाख करोड़ के इस विशाल पोर्टफोलियो में कई बड़े री-एलोकेशन और रणनीतिक बदलाव किए हैं।

इनफ्लो में 72% की बड़ी गिरावट और शॉर्ट-टर्म रिटर्न का हाल

ACE MF के आंकड़ों के अनुसार, फंड में हर महीने आने वाला नया निवेश तेजी से कम हुआ है:

मार्च 2026: ₹3,949.93 करोड़

अप्रैल 2026: ₹3,613.57 करोड़

जून 2026: ₹2,360.52 करोड़

जुलाई 2026: ₹1,583.47 करोड़

अगस्त 2026: ₹1,098.94 करोड़

रिटर्न का हाल: हालिया महीनों में सुस्त रिटर्न के चलते नए निवेशकों की रफ्तार धीमी हुई है। अगस्त अंत तक यह फंड YTD आधार पर 6.38% नीचे और पिछले 1 साल में 4.46% की गिरावट में था। हालांकि, 3 साल का सालाना रिटर्न 11.56% रहा है।

कैश पूल में से निकाले पैसे, कोर इक्विटी में बढ़ाई हिस्सेदारी

राजीव ठक्कर ने बाजार के मौकों का फायदा उठाने के लिए रिजर्व रखे गए कैश को बाजार में लगाना शुरू कर दिया है। मार्च में फंड के पास 18.94% पैसा कैश, डेट और आर्बिट्राज में रखा था, जो अगस्त में घटकर 11.58% रह गया। इसमें केवल कैश का आवंटन घटकर 3.42% बचा है। भारतीय शेयरों में कोर इक्विटी एलोकेशन मार्च के 66.75% से बढ़ाकर अगस्त में 71.2% कर दिया गया। वहीं विदेशी इक्विटी में हिस्सेदारी 11% के आसपास स्टेबल बनी हुई है।

रियल एस्टेट और REITs पर बढ़ाया दांव

पोर्टफोलियो में सबसे चौंकाने वाला बदलाव रियल एस्टेट और रीयल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट( REITs) में देखने को मिला है। मार्च में REITs का हिस्सा पूरे पोर्टफोलियो में महज 1.51% था। अगस्त तक यह बढ़कर 6.2% पहुंच गया।

कौन-से शेयर आए, कौन से बाहर?

फंड ने Mindspace Business Parks REIT से पूरी तरह एग्जिट कर लिया है। अब इसके पास Knowledge Realty Trust (2.09%), Embassy Office Parks REIT (2.48%) और Brookfield India REIT (1.60%) में हिस्सेदारी है। जुलाई में रियल एस्टेट दिग्गज DLF में फंड का दांव महज 0.03% था, जो अगस्त में बढ़कर 0.64% हो गया।

IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी

राजीव ठक्कर ने दिग्गज आईटी और बैंकिंग कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी मजबूत की है, जबकि पीएसयू कंपनियों में से फंड निकाला है:

IT सेक्टर्स में खरीदारी: मार्च से अगस्त के बीच HCL Tech (3.11% से बढ़कर 4.15%), Infosys (2.61% से बढ़कर 3.29%) और TCS (2.27% से बढ़कर 2.88%) में हिस्सेदारी बढ़ाई गई है। तीनों बड़ी आईटी कंपनियों की कुल हिस्सेदारी अब 10% से ऊपर है।

बैंकिंग व ऑटो: ICICI Bank का वेटेज 5.03% से बढ़कर 5.67%, Bajaj Holdings का 4.09% से 5.14% और Mahindra & Mahindra का 3.36% से बढ़कर 3.97% हो गया।

किसे दिया झटका?

Power Grid की हिस्सेदारी 7.16% से घटाकर 5.58% और Coal India की 6.11% से घटाकर 5.02% कर दी गई। HDFC Bank हल्का घटकर 7.63% रहने के बावजूद पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा होल्डिंग बना हुआ है।

पोर्टफोलियो में बढ़े शेयर, पर टॉप-10 का दबदबा कायम

अप्रैल में फंड के पोर्टफोलियो में केवल 38 शेयर थे, जो अगस्त तक बढ़कर 59 शेयर हो गए। नए शेयर जुड़ने के बावजूद टॉप-10 शेयरों की कुल हिस्सेदारी 52.27% पर केंद्रित है जो अप्रैल में 51.52% थी। फंड का बड़ा हिस्सा लार्ज कैप (65.29%) में ही बना हुआ है। मिड-कैप में हिस्सेदारी 3.44% और स्मॉल-कैप में 4.35% है। पोर्टफोलियो टर्नओवर करीब 43% पर स्थिर है, जो दर्शाता है कि फंड मैनेजर अपने लॉन्ग-टर्म बाय-एंड-होल्ड फिलॉसफी पर ही कायम हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty Outlook: क्या 7 सितंबर को 24000 का लेवल टच कर पाएगा निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: निफ्टी शुक्रवार को चार दिन की लगातार गिरावट के बाद संभला। इंडेक्स 24 अंक चढ़कर 23,897 पर बंद हुआ। हालांकि, पूरे हफ्ते की तस्वीर कमजोर रही। निफ्टी में 1.15% की गिरावट आई। यह लगातार चौथा हफ्ता है, जब इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ।

पूरे हफ्ते बिकवाली हावी रही

हफ्ते की शुरुआत ही कमजोर रही। ज्यादातर कारोबारी सत्रों में बिकवाली देखने को मिली। हफ्ते के बीच में बाजार तेज गैप-डाउन के साथ खुला। इसके बाद खरीदारों ने गिरावट रोकने की कोशिश की। लेकिन ऊंचे स्तरों पर खरीदारी ज्यादा देर नहीं टिक पाई। नतीजा यह रहा कि मुनाफावसूली जारी रही और निफ्टी पूरे हफ्ते दबाव में रहा।

किन शेयरों में बड़ी हलचल दिखी

निफ्टी 50 में SBI Life, Tata Steel और HDFC Life सबसे ज्यादा चढ़े। दूसरी तरफ HCL Tech, Bharti Airtel और Maruti सबसे ज्यादा टूटे। सेक्टोरल प्रदर्शन भी मिला-जुला रहा। Metals, Financial Services और Cement सेक्टर में तेजी रही। वहीं रियल्टी, हेल्थकेयर और केमिकल्स में दबाव देखने को मिला।

ब्रॉडर मार्केट में भी तस्वीर साफ नहीं रही। Nifty Midcap 100 में 0.25% की गिरावट आई। Nifty Smallcap 100 में 0.22% की बढ़त रही।

रुपया भी मजबूत हुआ

डॉलर के मुकाबले रुपये में भी मजबूती रही। यह सिलसिला पूरे हफ्ते जारी रहा। हफ्ते के दौरान रुपया करीब 1% मजबूत हुआ। शुक्रवार को यह लगभग 94.50 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

अब इन संकेतों पर रहेगी नजर

आने वाले दिनों में बाजार को थोड़ी राहत मिल सकती है। अमेरिका में फेड की ओर से ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीद कम हुई है। ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में भी नरमी आई है। लेकिन बाजार के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहला, ब्रेंट क्रूड करीब 95 डॉलर प्रति बैरल पर है। दूसरा, वेस्ट एशिया में तनाव बना हुआ है।

निवेशकों की नजर क्रूड की कीमतों पर रहेगी। वेस्ट एशिया के घटनाक्रम भी अहम होंगे। इसके अलावा ग्लोबल रेट आउटलुक और घरेलू लिक्विडिटी पर भी नजर रहेगी। शुक्रवार को जारी अमेरिकी रोजगार आंकड़े भी महत्वपूर्ण हैं। इनसे फेड के अगले फैसले को लेकर संकेत मिल सकते हैं।

Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, अगले हफ्ते US ISM Services PMI, ECB की पॉलिसी, OPEC की मंथली ऑयल मार्केट रिपोर्ट और भारत के फॉरेक्स रिजर्व के आंकड़े बाजार के लिए अहम रहेंगे।

24,000 के ऊपर जाना जरूरी

HDFC Securities के विनय राजानी के मुताबिक, 24,000-24,200 का जोन निफ्टी के लिए बड़ा रेजिस्टेंस है। 23,800 के नीचे जाने पर निफ्टी 23,600 तक गिर सकता है। वहीं, 23,800 के ऊपर टिकने पर कुछ समय के लिए बाजार दायरे में रह सकता है। हालांकि, बड़ी तस्वीर में ट्रेंड अभी कमजोर है।

Angel One के हितेश राठी के मुताबिक, 23,750-23,600 का जोन अहम सपोर्ट है। इसके नीचे डेली क्लोज मिलने पर निफ्टी 23,450-23,400 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ 24,000-24,050 पहला रेजिस्टेंस है। इसके बाद 24,150-24,200 का स्तर आएगा।

50-EMA से नीचे निफ्टी

LKP Securities के रूपक डे ने कहा कि अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी के आंकड़ों से पहले ट्रेडर्स सतर्क रहे। इन आंकड़ों का असर फेड के ब्याज दर के फैसले पर पड़ सकता है।

उनके मुताबिक, निफ्टी प्रति घंटे के चार्ट पर 50-EMA से नीचे है। इससे शॉर्ट टर्म ट्रेंड कमजोर दिख रहा है। जब तक निफ्टी 24,000-24,200 के नीचे है, तेजी पर बिकवाली की रणनीति काम कर सकती है। नीचे 23,830 और 23,700 पर सपोर्ट है।

Banking Index में भी लंबे समय से ठहराव

बैंकिंग इंडेक्स करीब 24 सत्रों से एक दायरे में घूम रहा है। यानी इसमें भी कोई साफ दिशा नहीं दिख रही। शुक्रवार को इंडेक्स 0.02% की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, 56,900-56,800 का जोन अहम सपोर्ट है। इसके ऊपर टिके रहने पर कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। ऊपर 57,800-57,900 का स्तर रेजिस्टेंस है।

अगर इंडेक्स 57,900 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट देता है या 56,800 के नीचे टूटता है, तो कंसोलिडेशन खत्म हो सकता है। इसके बाद बाजार में किसी एक दिशा में बड़ी चाल देखने को मिल सकती है।

अगले हफ्ते IPO की भी धूम

प्राइमरी मार्केट में गतिविधियां तेज हैं। अगले हफ्ते 11 मेनबोर्ड IPO खुलने वाले हैं। ये कंपनियां मिलकर 7,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने की तैयारी में हैं। कई कंपनियों की लिस्टिंग भी अगले हफ्ते होगी। यानी शेयर बाजार के मुख्य इंडेक्स में भले ही सावधानी है, लेकिन IPO बाजार में हलचल बनी हुई है।

नए हफ्ते में निफ्टी 50 के 23600-23500 के नीचे जाने की संभावना ज्यादा, ये शेयर करा सकते हैं अच्छी कमाई

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मिड कैप आईटी के अंदर में ज्यादा पॉजिटिव संकेत, ऑटो और ऑटो एंसिलरी कंपनियों में भी है दम

भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने शुरुआती बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया है। लेकिन निफ्टी 24100 के आसपास अब भी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। फिलहाल सेंसेक्स 105.25 अंक या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 77,038.84 पर और निफ्टी 3.15 अंक या 0.01 प्रतिशत गिरकर 24,087.70 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में TCS, HCL Tech, Infosys, Tech Mahindra और Wipro शामिल हैं।

टेक्नो फंडा नजरिए के साथ बाजार पर बात करते हुए JM Financial Services के PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने कहा कि आईटी शेयरों में पिछले कुछ दिनों में एक अच्छी रैली देखने को नजर आई है। खासतौर पर ब्लूमबर्ग एआई वैल्यू चेन इंडेक्स में, जो सारे एआई डेटा सेंटर स्टोरी का कॉम्बीनेशन है, में करेक्शन के दौरान हमें आईटी में रिकवरी देखने को मिली है। एआई से हुए स्विच ट्रेड के चलते हमें आईटी में स्ट्रेंथ देखने को नजर आ रही है। डॉलर के मुकाबले रुपए में भी स्टेबिलिटी देखने को नजर आ रही है। ऐसे में लगता है कि मिड टियर आईटी कंपनीज में और ग्रोथ आएगी। यहां पर हमारी टॉप पिक कोफर्ज और परसिस्टेंस हैं। इनमें आगे हमें 23 से 24% की ग्रोथ देखने को नजर आ सकती है।

खासतौर पर कोफोर्स- एनकोरा की डील के बाद हमें एनकोरा में अच्छा टर्म एराउंड देखने को मिल सकता है। इसका बेनिफिट कोफोर्ट के मार्जिन के साथ ही साथ इसके ओवरऑल ग्रोथ में देखने को नजर आएगी। इस समय मिड कैप आईटी के अंदर में ज्यादा पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं। लार्ज कैप आईटी में इस समय भी अंडरवेट पोजीशन है। हालांकि बड़ी आईटी कंपनियों में यहां से किसी बड़े डाउन साइड का डर नहीं है। लेकिन इनमें रिकवरी आने में शायद थोड़ा समय लगे। इनमें कंसोलिडेशन फेज देखने को नजर आ सकता है।

ऑटो और ऑटो एंजिलरी स्पेस पर बात करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि एथर एनर्जी और TVS Motors ये दो ऐसे स्टॉक है जो उनको बहुत ज्यादा पसंद है। इन दोनों कंपनियों ने ईवी के अंदर में अपना अच्छा पेनिट्रेशन किया है। TVS Motors ने बहुत ही अच्छी बढ़त बनाए रखी है और अपना मार्केट शेयर लगातार बढ़ाया है। इसकी वजह से लगता है ये कंपनी आने वाले समय में भी बहुत अच्छी ग्रोथ दिखाएगी। इनका ईवी सेगमेंट भी काफी अच्छा ग्रोथ कर रहा है। एथर इंडस्ट्रीज में अभी एक टर्न अराउंड दिखना शुरू हो गया है। डिमांड साइड पर काफी बड़ी ग्रोथ देखने को नजर आई है। कंपनी अपनी क्षमता में बहुत बड़ा विस्तार कर रही है। कंपनी की करंट कैपेसिटी पर इसकी आर्डर बुक पोजीशन काफी अच्छी बनी हुई है। कंपनी बड़ी तेजी से टर्न अराउंड हो रही है। कंपनी जल्द ही मुनाफे में आ सकती है। इसके चलते आगे एथर एनर्जी में बढ़िया रीटिंग देखने को नजर आ सकती है।

आशीष चतुरमोहता ने कहा कि ऑटो एंसिलरी कंपनियों में वे उन कंपनियों पर फोकस कर रहे हैं जो ऑटो के साथ साथ डिफेंस या एरोस्पेस इंडस्ट्री के अंदर में भी अपनी जगह बना रही हैं। इस तरह की पहली कंपनी सनसेरा इंजीनियरिंग है जिसकी टॉप लाइन आज 30 से 35%। एडीएस सेगमेंट से भी योगदान आना शुरू हो गया है। एरोस्पेस डिफेंस और सेमीकंडक्टर में भी कंपनी के लिए मौके बन रहे हैं। इसके चलते आगे कंपनी के मार्जिन और एबिटा में भी काफी अच्छा ग्रोथ होता हुआ नजर आएगा।

सोना बीएलडबल्यू भी काफी अच्छी लग रही है। जापानी कंपनी के साथ अब इनस दो जेबी हो चुके है। फ्यूचर ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए यह कंपनी लॉन्ग टर्म नजरिए से काफी पसंद आ रही है।

आज लिस्ट हुए टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स (Tempsens) के शेयरों पर बात करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि उन्होंने इसके आईपीओ में अप्लाई तो नहीं किया था लेकिन यह शेयर काफी अच्छा लग रहा है। आने वाले पांच साल में जो कंपनी की टॉप लाइन ग्रोथ ऑलमोस्ट 30% सालाना की दर से ग्रो कर सकती है। इसकी मार्जिन भी 24% पर जाती हुई नजर आएगी जिसके चलते एबिटा ग्रोथ 35% की देखने को नजर आएगी। अगर से हम मल्टीपल देखें तो उसको देखते हुए लगता है कि करंट करंट लेवल से भी शायद आपको इसमें 20 से 25% की अपसाइड देखने को नजर आ सकती है। यह बहुत ही इंटरेस्टिंग कंपनी है। यहां पर करंट लेवल से भी इसमें काफी तेजी देखने को मिल सकती है।

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