Stocks to Watch: PC Jeweller, Wipro और Angel One समेत 15 स्टॉक्स; खास वजहों से आज फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों में रौनक के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में भी बढ़त के साथ शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 100.50 प्वाइंट्स यानी 0.44% की मजबूती के साथ 23,088.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 15 अक्टूबर को सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 1533.72 प्वाइंट्स यानी 2.11% की बढ़त के साथ 74,315.61 और निफ्टी भी 374.65 प्वाइंट्स यानी 1.66% की मजबूती के साथ 22,997.35 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Tech Mahindra Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टेक महिंद्रा का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 32.7% बढ़कर ₹1,585.6 करोड़ और रेवेन्यू 15.6% उछलकर ₹16,180.2 करोड़ पर पहुंच गया। डॉलर टर्म में कंपनी का रेवेन्यू इस दौरान 6.7% बढ़कर $169.3 करोड़ हो गया। इसके अलावा कंपनी के बोर्ड ने ₹15 के डिविडेंड और 1:1 के रेश्यो में यानी एक पर एक शेयर बोनस में देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

Wipro Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर विप्रो का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 1.4% घटकर ₹3,200.6 करोड़ रह गया लेकिन कंसालिडेटेड रेवेन्यू 9.06% उछलकर ₹24,752.7 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का आईटी सर्विसेज रेवेन्यू 8.95% बढ़कर ₹24,667 करोड़ और आईटी सर्विसेज डॉलर रेवेन्यू 0.3% बढ़कर $261.15 करोड़ हो गया लेकिन आईटी सर्विसेज ईबीआईटी मार्जिन 20 बीपीएस घटकर 16.5% रह गया। दिसंबर तिमाही के लिए कंपनी का अनुमान है कि आईटी सर्विसेज रेवेन्यू $2,57.1-$262.5 करोड़ के बीच रह सकता है।

Jio Financial Services Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ₹340.44 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट में रही। सालाना आधार पर कंपनी की टोटल इनकम (एक्स-डिविडेंडः 132% बढ़कर ₹1,699 करोड़ पर पहुंच गई तो प्री-प्रोविजनिंग ऑपरेटिंग प्रॉफिट (एक्स-डिविडेंड) 85% बढ़कर ₹574 करोड़ और एयूएम 154% उछलकर ₹37,320 करोड़ पर पहुंच गया।

IIFL Finance Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आईआईएफएल फाइनेंस का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 103.7% बढ़कर ₹766.4 करोड़ और नेट इंटेरेस्ट इनकम (NII) 50.2% उछलकर ₹2,160.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Persistent Systems Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पर्सिस्टेंट सिस्टम्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 25.4% गिरकर ₹351.5 करोड़ पर आ गया, लेकिन रेवेन्यू 30.3% उछलकर ₹4,663.9 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का ईबीआईटी 19.5% बढ़कर ₹697.7 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन ईबीआईटी मार्जिन 130 बीपीएस फिसलकर 15% पर आ गया।

Angel One Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एंजेल वन का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 58.2% बढ़कर ₹335 करोड़ और रेवेन्यू 18.7% उछलकर ₹1,427 करोड़ पर पहुंच गया।

Sri Lotus Developers and Realty Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर श्री लोटस डेवलपर्स एंड रियल्टी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 77.9% बढ़कर ₹82.1 करोड़ और रेवेन्यू 52.5% उछलकर ₹268.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Solar Industries India

सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया की सब्सिडियरी सोलर एक्सप्लोकेम ने शिवशक्ति इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव्स के साथ एक शेयर पर्चेज एग्रीमेंट किया है। इसके तहत सोलर एक्सप्लोकेम ₹115.02 करोड़ में शिवशक्ति में 100% हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी।

Mankind Pharma

मैनकाइंड फार्मा बेल्जियम की बायोटेक्नोलॉजी कंपनी आर्म्ड सेल थेरेप्यूटिक्स में मेजॉरिटी हिस्सेदारी 4.8 करोड़ यूरो में खरीदेगी। यह कंपनी कैंसर के इलाज के लिए अगली पीढ़ी की CAR-T (काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर टी-सेल) थेरेपी डेवलप कर रही है।

Agastya Energy & Infrastructure

अगस्त्य एनर्जी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनी सब्सिडियरी आईएमसी सोलर बीडीएन से एक सोलर पावर प्लांट प्रोजेक्ट के लिए ₹106.04 करोड़ का EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) और O&M (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) कॉन्ट्रैक्ट मिला है।

Premier Energies

प्रीमियर एनर्जीज की सब्सिडियरी प्रीमियर बैटरी टेक्नोलॉजीज ने जर्मनी के आरसीटी ग्रुप की कंपनी आरसीटी एनर्जी इंडिया के साथ एक शेयर अलॉटमेंट और शेयरहोल्डर एग्रीमेंट किया है। इसके तहत प्रीमियर एनर्जीज स्टोरेज सॉल्यूशंस नाम से एक रणनीतिक जॉइंट वेंचर बनेगा। यह जॉइंट वेंचर 12 GWh की कुल क्षमता वाला BESS (बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम) मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी। पहला चरण 6 GWh का होगा, जो वित्त वर्ष 2027-28 में तेलंगाना के सीतारामपुर में सेटअप हो सकता है।

Eternal

बोफा (BofA) सिक्योरिटीज यूरोप ने गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप SE ODI से प्रति शेयर ₹316 के भाव पर ₹168.67 करोड़ में जोमैटो की एटर्नल के 53.37 लाख शेयर खरीदे।

Vardhman Polytex

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक पाइन ओक ग्लोबल फंड ने प्रति शेयर ₹5.55 के भाव पर ₹1.38 करोड़ में वर्धमान पॉलीटेक्स के 25 लाख शेयर और खरीदे हैं, जो कंपनी में 0.49% हिस्सेदारी के बराबर है। ये सभी शेयर अनुपमा कोठारी ने बेचे हैं। सितंबर 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार वर्धमान पॉलीटेक्स में पाइन ओक ग्लोबल फंड की 5.34% हिस्सेदारी थी, जबकि हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल इन्वेस्टर अनुपमा कोठारी की 9.83% हिस्सेदारी थी।

LCC Projects

नियोमाइल कॉर्पोरेट एडवाइजरी और इसके फाउंडर-डायरेक्टर कीर्तन मानेकलाल रूपारेलिया ने मिलकर ₹55.11 करोड़ में एलसीसी प्रोजेक्ट्स में 1.4% हिस्सेदारी हासिल की है।

PC Jeweller

निवेशक आदित्य कुमार हलवासिया ने प्रति शेयर ₹14.43 के भाव पर ₹73.59 करोड़ में पीसी ज्वेलर के 5.1 करोड़ इक्विटी शेयर (0.52% हिस्सेदारी) खरीदी है।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: पंजाब नेशनल बैंक, एलटीएम, बजाज हाउसिंग फाइनेंस, क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स, डीएलएफ, फेडरल बैंक, जिंदल सॉ, ओबेरॉय रियल्टी, शॉपर्स स्टॉप, तेजस नेटवर्क्स, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक, अर्बन कंपनी

कल 17 अक्टूबर को इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, आईडीबीआई बैंक, येस बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब एंड सिंध बैंक, बजाज हेल्थकेयर, इंडिया सीमेंट्स, ले ट्रैवेन्यूज टेक्नोलॉजी (इक्सिगो), क्रॉस, रोजरी बायोटेक

एक्स-डिविडेंड: एचसीएल टेक्नोलॉजीज, केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी, हिंदुस्तान कंपोजिट्स

एक्स-स्प्लिट: बंसल वायर इंडस्ट्रीज

एक्स-शेयर कंसालिडेशन: नोबल पॉलिमर्स

F&O बैन: अंबुजा सीमेंट्स, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, सेल (SAIL)

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 3 लिस्टिंग्स; Hero Motors, IRB Infra और Lemon Tree समेत ये 11 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 47.00 प्वाइंट्स यानी 0.20% की गिरावट के साथ 23,353.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 22 सितंबर को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 329.91 प्वाइंट्स यानी 0.44% की गिरावट के साथ 74,529.08 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 85.30 प्वाइंट्स यानी 0.36% की फिसलन के साथ 23,329.00 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Persistent Systems

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने एक वॉलंटरी पब्लिक टेकओवर ऑफर के ज़रिए नागरो एसई की कुल शेयर कैपिटल का लगभग 61.15% हिस्सा यानी 75.68 लाख इक्विटी शेयर हासिल कर लिए हैं। कंपनी ने पहले ही Lantano Beteiligungen GmbH के साथ शेयर खरीद समझौते के तहत नागरो (Nagarro) में लगभग 22.10% हिस्सेदारी हासिल कर ली थी। ऐसे में 17 सितंबर तक ट्रेजरी शेयरों को छोड़कर नागरो में पर्सिस्टेंट सिस्टम्स की कुल हिस्सेदारी 83.25% हो गई है। पर्सिस्टेंट सिस्टम्स की योजना नागरो को फ्रैंकफर्ट स्टॉक एक्सचेंज से डीलिस्ट करने की है।

IRB Infrastructure Developers

आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स के बोर्ड ने कंपनी को अपने नॉन-कोर एसेट्स से पैसे कमाने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इसके तहत यह पुणे जिले के ताजे और पिंपलोली गांवों में आर्यन इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट्स के मालिकाना हक वाली कुल 1,100 एकड़ जमीन में से लगभग 350 एकड़ जमीन को चरणबद्ध तरीके से डेवलप करेगी। इसमें मुंबई के चांदीवली में आइडियल रोड बिल्डर्स के मालिकाना हक वाली लगभग 3,500 स्क्वेयर मीटर जमीन के कुछ हिस्सों के रीडेवलपमेंट और रीहैबिलिटेशन का काम भी शामिल है। कंपनी के कॉरपोरेट सीईओ सतिंदर एस राणा का कहना है कि इससे कंपनी को बिना किसी अतिरिक्त लागत के कैश फ्लो में काफी मदद मिलेगी।

360 ONE WAM

360 वन डब्ल्यूएएम के बोर्ड ने 15 फरवरी 2027 से आशीष अग्रवाल को कंपनी का सीईओ बनाने की मंजूरी दे दी है। वहीं करण भगत कंपनी के एमडी बने रहेंगे और 26 जुलाई 2030 तक उनके मौजूदा कार्यकाल में कोई बदलाव नहीं होगा और इसके बाद उनकी नियुक्ति पर फिर से विचार किया जा सकता है। इसके अलावा बोर्ड ने 15 फरवरी, 2027 से करण भगत को वाइस चेयरमैन और एमडी के तौर पर भी नियुक्त किया है।

Lemon Tree Hotels

लेमन ट्री होटल्स ने नासिक में ‘कीज प्राइमा बाय लेमन ट्री होटल्स’ खोलने का ऐलान किया है। नासिक में यह ग्रुप का पहला होटल है। इसका मैनेजमेंट लेमन ट्री होटल्स के पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी कार्नेशन होटल्स के पास है।

Pine Labs

अमेरिकी कंपनी मास्टरकार्ड इनकॉर्पोरेटेड की सब्सिडियरी मास्टरकार्ड एशिया/पैसिफिक प्राइवेट लिमिटेड ने पाइन लैब्स में अपनी पूरी 4.31% हिस्सेदारी (4.97 करोड़ शेयर) ₹933.57 करोड़ में बेच दी। 13 घरेलू और ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स- ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, सोसिएट जेनरल, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स सिंगापुर, घिसालो मास्टर फंड, BNP परिबास आर्बिट्रेज, NRSGVCC, गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप, सस्क्वेहाना पैसिफिक, कोटक महिंद्रा AMC, मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर, एडलवाइस MF, RAMS इक्विटीज पोर्टफोलियो फंड और फ्रैंकलिन टेम्पलटन MF ने इसे प्रति शेयर ₹187.75 के भाव पर खरीदा है।

RHI Magnesita India

डालमिया भारत रिफ्रैक्टरीज ने RHI मैग्नेसाइट इंडिया में अपनी 11.1% हिस्सेदारी (2.29 करोड़ इक्विटी शेयर) ₹825.88 करोड़ में बेच दी। जून 2026 तक कंपनी में इसकी 12.54% हिस्सेदारी थी। यह हिस्सेदारी चार इन्वेस्टर्स – SBI म्यूचुअल फंड, बंधन म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड और क्लारस कैपिटल 1 ने प्रति शेयर ₹360 प्रति शेयर के भाव पर खरीदी है।

Veegaland Developers

प्रमोटर और फाउंडर चिट्टिलापिल्ली थॉमस कोचुओसेफ ने ₹3.7 करोड़ में प्रति शेयर ₹138.46 के भाव पर वीगालैंड डेवलपर्स के अतिरिक्त 2.69 लाख शेयर (0.55% हिस्सेदारी) खरीद ली है।

Mazda

क्रॉल रेनॉल्ड्स इंटरनेशनल इंक ने मजदा में अपनी 1.21% हिस्सेदारी (2.42 लाख शेयर) ₹5.91 करोड़ में प्रति शेयर ₹243.51 के भाव पर बेच दिए। वहीं शर्मिन नासेर ने प्रति शेयर ₹243.23 के भाव पर ₹3.89 करोड़ में 1.6 लाख शेयर खरीदे हैं। जून 2026 तक मजदा में क्राल रेनॉल्ड्ल इंटरनेशनल की 7.23% हिस्सेदारी थी, जिसमें से इसने पिछले तीन सेशन में 2.52% हिस्सेदारी, यानी 5.05 लाख शेयर बेच दिए हैं।

Hero Motors, SS Retail, Jindal Supreme

आज हीरो मोटर्स, एसएस रिटेल और जिंदल सुप्रीम के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: अन्नू प्रोजेक्ट्स, विनसम यार्न्स

एक्स-डिविडेंड: अपोलो माइक्रो सिस्टम्स, AAA टेक्नोलॉजीज, AGI इंफ्रा, एग्रीबायो स्पिरिट्स, एलाक्रिटी सिक्योरिटीज, अर्चित ऑर्गेनोसिस, असाही सोंगवोन कलर्स, ऑस्टियर सिस्टम्स, बसंत एग्रो टेक इंडिया, कॉन्फिडेंस फ्यूचुरिस्टिक एनर्जेटेक, क्रिएटिव न्यूटेक, कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया, धनश्री इलेक्ट्रॉनिक्स, देव इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, ढाबरिया पॉलीवुड, एमराल्ड फाइनेंस, गैलेंट इस्पात, गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, गुडलक इंडिया, गुजरात थेमिस बायोसिन, हेलियोस लैब्स, हरिओम पाइप इंडस्ट्रीज, हिम टेक्नोफोर्ज, HLE ग्लासकोट, इनानी मार्बल्स एंड इंडस्ट्रीज, जेजी केमिकल्स, केमिस्टार कॉर्पोरेशन, KMS मेडिसर्गी, KP ग्रीन इंजीनियरिंग, लास्ट माइल एंटरप्राइजेज, मिश्रा धातु निगम, ओडिसी कॉर्पोरेशन, पशुपति कॉटस्पिन, PNC इंफ्राटेक, प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स, रिकोड स्टूडियोज, रेम्सन्स इंडस्ट्रीज, रिथविक फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज, आरएम ड्रिप एंड स्प्रिंकलर सिस्टम्स, शालिभद्र फाइनेंस, सतिया इंडस्ट्रीज, सेरा इन्वेस्टमेंट्स एंड फाइनेंस इंडिया, सिग्नेट इंडस्ट्रीज, स्काईवेज एयर सर्विसेज, श्री केपीआर इंडस्ट्रीज, स्टील स्ट्रिप्स व्हील्स, न्यू स्वान मल्टीटेक, सिनकॉम फॉर्मूलेशन इंडिया, टालब्रोस इंजीनियरिंग, तनधन इंडस्ट्रीज, थेमिस मेडिकेयर, टीटागढ़ रेल सिस्टम्स, त्रिशक्ति इंडस्ट्रीज, टाइचे इंडस्ट्रीज,विंटेज कॉफी एंड बेवरेजेज, विपुल ऑर्गेनिक्स, Xtglobal इन्फोटेक,

एक्स-इनकम डिस्ट्रीब्यूशन: डिजिटल फाइबर इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट, इंटेलिजेंट सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट

F&O बैन: आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, SAIL

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 23 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 7 शेयर, अदाणी और टाटा ग्रुप के स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Stocks to Watch:  बुधवार 23 सितंबर को शेयर बाजार में कई कंपनियां अहम खबरों के चलते फोकस में रह सकती हैं। अदाणी और टाटा ग्रुप की कंपनियों से जुड़े अहम अपडेट आए हैं। साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर भी कुछ शेयरों पर दिख सकता है। वहीं, हिस्सेदारी बढ़ाने, प्रमोटर सेल और नए स्टोर से जुड़े अपडेट भी हैं।

Adani Group Stocks

अडानी ग्रुप की कंपनियां फोकस में रहेंगी। SEBI ने Adani Enterprises, Adani Total Gas, AWL Agri Business, Adani Green Energy और Adani Energy Solutions से जुड़े मामलों को ₹1.51 करोड़ के सेटलमेंट के साथ निपटाया है। मामला हिंडनबर्ग रिपोर्ट में उठाए गए RPT और कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े सवालों से जुड़ा था।

OMCs Stocks

सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां यानी OMCs फोकस में रहेंगी। कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। Brent क्रूड 98 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की खबरों से तेल बाजार पर असर पड़ा है।

Tata Group Stocks

टाटा ग्रुप की कंपनियों के शेयरों पर भी नजर रहेगी। Tata Sons के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर विवाद जारी है। NCP (SP) प्रमुख शरद पवार ने Tata Trusts की भूमिका और ग्रुप की मौजूदा ट्रस्ट-आधारित व्यवस्था को बनाए रखने की बात कही है।

Persistent Systems

आईटी सेक्टर की कंपनी Persistent Systems ने Nagarro में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। कंपनी ने 61.15% अतिरिक्त हिस्सेदारी हासिल की है। इसके साथ Nagarro में उसकी कुल हिस्सेदारी 83.25% हो गई है। अतिरिक्त शेयरों के लिए स्वीकृति अवधि 23 सितंबर से 6 अक्टूबर तक चलेगी।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक HDFC Bank में नए MD और CEO के फैसले पर नजर रहेगी। बैंक के बोर्ड ने RBI को दो नाम भेजे हैं। दोनों नाम तीन साल के कार्यकाल के लिए मंजूरी के लिए भेजे गए हैं। बैंक ने अभी आधिकारिक तौर पर नामों का खुलासा नहीं किया है।

Allied Blenders & Distillers

शराब बनाने वाली कंपनी Allied Blenders & Distillers के प्रमोटर बीना किशोर छाबड़िया 55 लाख तक शेयर बेच सकती हैं। यह कंपनी की करीब 1.97% हिस्सेदारी है। बिक्री का मकसद न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग की जरूरत पूरी करना है।

Allcargo Terminals

लॉजिस्टिक्स सेक्टर की कंपनी Allcargo Terminals के अगस्त के कुल वॉल्यूम में बढ़ोतरी हुई है। कंपनी का कुल वॉल्यूम 65.6 हजार TEUs रहा। यह पिछले साल के मुकाबले 6% और जुलाई के मुकाबले 5% ज्यादा है।

360 ONE WAM

वेल्थ मैनेजमेंट सेक्टर की कंपनी 360 ONE WAM ने Aashish Agarwal को CEO नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 15 फरवरी 2027 से प्रभावी होगी। इसी तारीख से MD Karan Bhagat को Vice Chairman की जिम्मेदारी भी दी जाएगी।

IRB Infrastructure Developers

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी IRB Infrastructure Developers के बोर्ड ने कुछ संपत्तियों को बेचकर रकम जुटाने की मंजूरी दी है। बोर्ड ने इस प्रक्रिया के लिए कंपनी को अधिकृत भी किया है। अब कंपनी इन एसेट्स के मॉनेटाइजेशन की दिशा में आगे बढ़ सकती है।

Shoppers Stop

रिटेल सेक्टर की कंपनी Shoppers Stop ने अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। कंपनी ने अहमदाबाद के Sindhu Bhavan और जबलपुर के Mall 11 में नए स्टोर खोले हैं। इसके साथ 31 अगस्त 2026 तक कंपनी के डिपार्टमेंट स्टोर्स की कुल संख्या 117 हो गई है।

अदाणी और GMR के लिए खुल सकता है एयरलाइन कारोबार का रास्ता, सरकार नियम बदलने पर कर रही विचार

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

मिड कैप आईटी के अंदर में ज्यादा पॉजिटिव संकेत, ऑटो और ऑटो एंसिलरी कंपनियों में भी है दम

भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने शुरुआती बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया है। लेकिन निफ्टी 24100 के आसपास अब भी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। फिलहाल सेंसेक्स 105.25 अंक या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 77,038.84 पर और निफ्टी 3.15 अंक या 0.01 प्रतिशत गिरकर 24,087.70 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में TCS, HCL Tech, Infosys, Tech Mahindra और Wipro शामिल हैं।

टेक्नो फंडा नजरिए के साथ बाजार पर बात करते हुए JM Financial Services के PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने कहा कि आईटी शेयरों में पिछले कुछ दिनों में एक अच्छी रैली देखने को नजर आई है। खासतौर पर ब्लूमबर्ग एआई वैल्यू चेन इंडेक्स में, जो सारे एआई डेटा सेंटर स्टोरी का कॉम्बीनेशन है, में करेक्शन के दौरान हमें आईटी में रिकवरी देखने को मिली है। एआई से हुए स्विच ट्रेड के चलते हमें आईटी में स्ट्रेंथ देखने को नजर आ रही है। डॉलर के मुकाबले रुपए में भी स्टेबिलिटी देखने को नजर आ रही है। ऐसे में लगता है कि मिड टियर आईटी कंपनीज में और ग्रोथ आएगी। यहां पर हमारी टॉप पिक कोफर्ज और परसिस्टेंस हैं। इनमें आगे हमें 23 से 24% की ग्रोथ देखने को नजर आ सकती है।

खासतौर पर कोफोर्स- एनकोरा की डील के बाद हमें एनकोरा में अच्छा टर्म एराउंड देखने को मिल सकता है। इसका बेनिफिट कोफोर्ट के मार्जिन के साथ ही साथ इसके ओवरऑल ग्रोथ में देखने को नजर आएगी। इस समय मिड कैप आईटी के अंदर में ज्यादा पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं। लार्ज कैप आईटी में इस समय भी अंडरवेट पोजीशन है। हालांकि बड़ी आईटी कंपनियों में यहां से किसी बड़े डाउन साइड का डर नहीं है। लेकिन इनमें रिकवरी आने में शायद थोड़ा समय लगे। इनमें कंसोलिडेशन फेज देखने को नजर आ सकता है।

ऑटो और ऑटो एंजिलरी स्पेस पर बात करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि एथर एनर्जी और TVS Motors ये दो ऐसे स्टॉक है जो उनको बहुत ज्यादा पसंद है। इन दोनों कंपनियों ने ईवी के अंदर में अपना अच्छा पेनिट्रेशन किया है। TVS Motors ने बहुत ही अच्छी बढ़त बनाए रखी है और अपना मार्केट शेयर लगातार बढ़ाया है। इसकी वजह से लगता है ये कंपनी आने वाले समय में भी बहुत अच्छी ग्रोथ दिखाएगी। इनका ईवी सेगमेंट भी काफी अच्छा ग्रोथ कर रहा है। एथर इंडस्ट्रीज में अभी एक टर्न अराउंड दिखना शुरू हो गया है। डिमांड साइड पर काफी बड़ी ग्रोथ देखने को नजर आई है। कंपनी अपनी क्षमता में बहुत बड़ा विस्तार कर रही है। कंपनी की करंट कैपेसिटी पर इसकी आर्डर बुक पोजीशन काफी अच्छी बनी हुई है। कंपनी बड़ी तेजी से टर्न अराउंड हो रही है। कंपनी जल्द ही मुनाफे में आ सकती है। इसके चलते आगे एथर एनर्जी में बढ़िया रीटिंग देखने को नजर आ सकती है।

आशीष चतुरमोहता ने कहा कि ऑटो एंसिलरी कंपनियों में वे उन कंपनियों पर फोकस कर रहे हैं जो ऑटो के साथ साथ डिफेंस या एरोस्पेस इंडस्ट्री के अंदर में भी अपनी जगह बना रही हैं। इस तरह की पहली कंपनी सनसेरा इंजीनियरिंग है जिसकी टॉप लाइन आज 30 से 35%। एडीएस सेगमेंट से भी योगदान आना शुरू हो गया है। एरोस्पेस डिफेंस और सेमीकंडक्टर में भी कंपनी के लिए मौके बन रहे हैं। इसके चलते आगे कंपनी के मार्जिन और एबिटा में भी काफी अच्छा ग्रोथ होता हुआ नजर आएगा।

सोना बीएलडबल्यू भी काफी अच्छी लग रही है। जापानी कंपनी के साथ अब इनस दो जेबी हो चुके है। फ्यूचर ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए यह कंपनी लॉन्ग टर्म नजरिए से काफी पसंद आ रही है।

आज लिस्ट हुए टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स (Tempsens) के शेयरों पर बात करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि उन्होंने इसके आईपीओ में अप्लाई तो नहीं किया था लेकिन यह शेयर काफी अच्छा लग रहा है। आने वाले पांच साल में जो कंपनी की टॉप लाइन ग्रोथ ऑलमोस्ट 30% सालाना की दर से ग्रो कर सकती है। इसकी मार्जिन भी 24% पर जाती हुई नजर आएगी जिसके चलते एबिटा ग्रोथ 35% की देखने को नजर आएगी। अगर से हम मल्टीपल देखें तो उसको देखते हुए लगता है कि करंट करंट लेवल से भी शायद आपको इसमें 20 से 25% की अपसाइड देखने को नजर आ सकती है। यह बहुत ही इंटरेस्टिंग कंपनी है। यहां पर करंट लेवल से भी इसमें काफी तेजी देखने को मिल सकती है।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से दिया इस्तीफा, क्या आप जानते हैं कि उनकी 5 साल की कमाई कितनी थी?

N Chandrasekaran Remuneration: टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ये भी बात सामने आ रही है कि उन्होंने एक और कार्यकाल के लिए कोई डिमांड नहीं की है। इन खबरों के बीच अब उनकी सैलरी और कम्पेनसेशन के आंकड़े चर्चा में आ गए हैं। मनीकंट्रोल के आंकड़ों के मुताबिक, ‘चंद्रा’ के नाम से मशहूर चंद्रशेखरन को पिछले 5 सालों में टाटा संस से कुल ₹685 करोड़ का कम्पेनसेशन मिला है।

वित्त वर्ष 2025-26 में उन्हें कुल ₹158.6 करोड़ का रेमुनरेशन मिला। यह FY22 के बाद से अब तक का सबसे ज्यादा पैकेज है, जब से कंपनी ने अपने शीर्ष अधिकारियों की सैलरी के आंकड़े सार्वजनिक करना शुरू किया था।

सैलरी का 88% हिस्सा सिर्फ कमीशन!

चंद्रशेखरन की भारी-भरकम कमाई में सबसे बड़ा हिस्सा उनकी फिक्स्ड सैलरी का नहीं, बल्कि कंपनी के प्रदर्शन से मिलने वाले कमीशन का है। FY26 की उनकी कुल कमाई ₹158.6 करोड़ रही जिसमें ₹140.7 करोड़ कमीशन रहा जो कुल पैकेज का लगभग 88.7% है। उनकी फिक्स्ड सैलरी ₹17.9 करोड़ थी। चंद्रशेखरन को मिला यह पैकेज टाटा संस द्वारा अपने सभी डायरेक्टर्स को दी गई कुल सैलरी का 80 प्रतिशत हिस्सा है। FY25 में उनका कुल कम्पेनसेशन ₹155 करोड़ और FY24 में ₹134.8 करोड़ रहा था।

देश के सबसे टॉप कॉर्पोरेट दिग्गजों में शामिल थे चंद्रशेखरन

भारत के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव्स से अगर तुलना करें, तो चंद्रशेखरन टॉप पायदान पर खड़े नजर आते हैं:

सी विजयकुमार (HCL Tech CEO): वित्त वर्ष 2026 में ₹176 करोड़ के पैकेज के साथ देश के सबसे महंगे एग्जीक्यूटिव माने जाते हैं।

एन चंद्रशेखरन (Tata Sons Chairman): FY26 में ₹158.6 करोड़ के पैकेज के साथ दूसरे बड़े स्थान पर हैं।

संदीप कालरा (Persistent Systems CEO): FY25 में इनका पैकेज ₹148 करोड़ था, जो चंद्रशेखरन की FY26 की कमाई से कम है।

पवन मुंजाल (Hero MotoCorp): FY26 में ₹122 करोड़ के पैकेज के साथ ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले अधिकारी रहे।

AGM में डायरेक्ट्रिशिप पर वोटिंग से पहले बड़ा घटनाक्रम

चंद्रशेखरन की सैलरी और इस्तीफे के ये आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं जब अगस्त के मध्य में टाटा संस की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) आयोजित होने वाली है। वैसे चेयरमैन के रूप में उनका 5 साल का कार्यकाल फरवरी 2027 तक है, लेकिन रोटेशन नियमों के तहत उन्हें बोर्ड में अपनी डायरेक्टर की सीट बरकरार रखने के लिए शेयरधारकों के बहुमत की मंजूरी की आवश्यकता थी। इसी बीच उनके इस्तीफे और कार्यकाल पूरा कर हटने के फैसले ने सबको चौंका दिया है।

CFO सौरभ अग्रवाल दूसरे सबसे महंगे अधिकारी

टाटा संस के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सौरभ अग्रवाल कंपनी में दूसरे सबसे ज्यादा कमाई करने वाले टॉप मैनेजर रहे। उनकी FY26 में कुल आय ₹34 करोड़ रही जिसमें कमीशन का हिस्सा ₹26 करोड़ था।

चंद्रशेखरन और सौरभ अग्रवाल के अलावा बोर्ड के अन्य 7 सदस्यों में से किसी को भी रेगुलर रेमुनरेशन नहीं मिला। हालांकि, 6 सदस्यों को ₹1 से ₹3 करोड़ का कमीशन मिला, जबकि TVS मोटर्स के चेयरमैन एमेरिटस वेणु श्रीनिवासन इकलौते ऐसे बोर्ड मेंबर रहे जिन्होंने न तो कोई सैलरी ली और न ही कमीशन।

Persistent Systems Share Price: Q1 नतीजों के बाद IT कंपनी का शेयर 4% तक फिसला, HSBC को आगे और गिरावट की आशंका

सोमवार, 3 अगस्त को IT कंपनी Persistent Systems Ltd. के शेयरों में दिन में 4 प्रतिशत तक की गिरावट दिखाई दी। बीएसई पर शेयर 5319.75 रुपये के लो तक गया। कंपनी का मुनाफा बढ़ने के बावजूद शेयर में बिकवाली का दबाव है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 13.67 प्रतिशत बढ़कर 483.04 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 424.93 करोड़ रुपये था।

ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 4,303.22 करोड़ रुपये हो गया, जो जून 2025 तिमाही में 3,333.58 करोड़ रुपये था। सॉफ्टवेयर, हाई-टेक और उभरते उद्योग क्षेत्र कंपनी के रेवेन्यू में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले बने रहे। इसकी हिस्सेदारी 40.7 प्रतिशत रही। बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (BFSI) क्षेत्र की हिस्सेदारी कुल रेवेन्यू में 34 प्रतिशत रही। हेल्थकेयर और लाइफसाइंसेज सेक्टर का योगदान 25.3 प्रतिशत रहा।

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के कर्मचारियों की संख्या 30 जून 2026 तक बढ़कर 28,640 हो गई। खर्च 3750.76 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 2832.84 करोड़ रुपये के थे। जून तिमाही में कंपनी ने अब तक की सबसे ज्यादा तिमाही बुकिंग दर्ज कीं। एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ 65 करोड़ डॉलर से ज्यादा की डील के कारण कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) लगभग दोगुनी होकर 1.15 अरब डॉलर हो गई। सालाना कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (ACV) पिछली तिमाही के मुकाबले 20.6 प्रतिशत बढ़कर 53.68 करोड़ डॉलर हो गई।

Persistent Systems पर HSBC ने ‘होल्ड’ रेटिंग रखी बरकरार

जून तिमाही की कमाई सामने आने के बाद ब्रोकरेज फर्म HSBC ने पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयर के लिए ₹4,610 के टारगेट प्राइस के साथ ‘होल्ड’ रेटिंग को दोहराया है। यह टारगेट शेयर के पिछले बंद भाव से 17 प्रतिशत कम है। HSBC ने कहा कि कंपनी ने जून 2026 तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान से बेहतर रही और रिकॉर्ड डील हासिल की गईं। मजबूत ऑर्डर इनफ्लो काफी हद तक उम्मीदों के मुताबिक था। लेकिन शुद्ध मुनाफा उम्मीदों से कम रहा। ज्यादा डायरेक्ट कॉस्ट और अधिक सेल्स व मार्केटिंग खर्चों ने मुनाफे पर असर डाला। EBIT मार्जिन गिरकर 16% हो गया, जबकि अनुमान लगभग 16.5% का था।

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मार्जिन के दबाव के बावजूद, ब्रोकरेज ने कहा कि Persistent अपने सेक्टर में सबसे तेजी से बढ़ने वाली IT सर्विसेज कंपनियों में से एक बनी हुई है। इसकी 4.1% की कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ TCS, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, Mphasis, Zensar, LTTS और हेक्सावेयर जैसी प्रतिस्पर्धी कंपनियों से बेहतर रही।

शेयर एक महीने में 18 प्रतिशत चढ़ा

Persistent Systems का मार्केट कैप 86700 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है। यह BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक महीने में 18 प्रतिशत की तेजी देख चुका है। बीएसई पर 52 सपताह का एडजस्टेड हाई 6,597 रुपये और एडजस्टेड लो 4,242.65 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 30.29 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: 3 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। निफ्टी 66 अंक चढ़कर 24,383 पर बंद हुआ। कारोबार की शुरुआत 44 अंकों की बढ़त के साथ हुई और पहले हाफ में निफ्टी 24,429 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। हालांकि, दिन के आखिर में मुनाफावसूली से कुछ बढ़त कम हो गई।

पिछले सप्ताह के पांच में से चार कारोबारी सत्रों में बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। इसके चलते निफ्टी ने पूरे हफ्ते में 2.59% की मजबूती दर्ज की।

अब सोमवार, 3 अगस्त से शुरू हो रहे कारोबारी हफ्ते में निफ्टी की चाल कैसी रहेगी। कौन कौन से लेवल अहम रहेंगे, इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, उससे पहले जान लेते हैं कि पिछले कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन यानी शुक्रवार को क्या हुआ था।

इन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा तेजी

निफ्टी 50 में Bajaj Finance, Bajaj Finserv और Jio Financial Services सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं TCS, Eternal और Infosys ने सबसे कमजोर प्रदर्शन किया।

आईटी, FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। सबसे ज्यादा तेजी मीडिया, ऑटो और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में रही। ब्रॉडर मार्केट भी मजबूत रहा। Nifty Midcap 100 और Nifty Smallcap 100 दोनों में 0.44% की बढ़त दर्ज की गई।

इस हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

इस सप्ताह बाजार की नजर कई अहम घटनाओं पर रहेगी। इनमें RBI की मौद्रिक नीति (MPC) बैठक, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI के आंकड़े, कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति शामिल हैं।

इसके अलावा जून तिमाही के नतीजों का सीजन भी जारी रहेगा। Divi’s Laboratories, APL Apollo Tubes, CDSL, AU Small Finance Bank और Persistent Systems जैसी कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

FCNR जमा से बाजार को मिल सकता है सहारा

8 जून से 31 जुलाई के बीच बैंकों ने RBI की विशेष स्वैप सुविधा के तहत FCNR(B) डिपॉजिट्स के जरिए 36.7 अरब डॉलर जुटाए हैं। बेहतर ब्याज दरों और एनआरआई निवेशकों की दिलचस्पी से मिले इन फंड्स से बाजार में लिक्विडिटी बढ़ने की उम्मीद है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट्स की राय

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि निफ्टी का ट्रेंड अभी भी मजबूत बना हुआ है। अगर इंडेक्स 24,400 के ऊपर टिकता है, तो यह 24,600-24,700 तक जा सकता है। वहीं 24,200 पर मजबूत सपोर्ट है।

HDFC Securities के ही नंदीश शाह के मुताबिक निफ्टी ने 200-Day DEMA और अहम रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर वापसी की है। उनके अनुसार 24,530 और 24,778 पर रेजिस्टेंस है, जबकि 24,100 पर सपोर्ट है।

LKP Securities के रूपक डे का कहना है कि निफ्टी अभी भी सकारात्मक रुख बनाए हुए है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के तनाव की वजह से बाजार में कुछ सतर्कता बनी हुई है। उनके मुताबिक 24,200 सपोर्ट और 24,500 रेजिस्टेंस का स्तर रहेगा।

Angel One के हितेश राठी का मानना है कि निफ्टी में मजबूत तेजी तभी आएगी, जब यह 24,550-24,600 के ऊपर टिकेगा। अगर इंडेक्स 24,650-24,700 के ऊपर निकलता है, तो बाजार में बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। नीचे की तरफ 24,250-24,200 पहला सपोर्ट और 23,980-23,950 मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।

बैंक निफ्टी का क्या रहा हाल?

बैंक निफ्टी का प्रदर्शन निफ्टी से कमजोर रहा। इंडेक्स 0.10% की मामूली गिरावट के साथ 57,148 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 56,769 तक फिसला था, लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी से इसमें रिकवरी आई।

पिछले चार सत्रों से बैंक निफ्टी 56,672 से 57,330 के दायरे में कारोबार कर रहा है, जिससे साफ है कि फिलहाल इसमें सीमित दायरे में कारोबार हो रहा है।

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक बैंक निफ्टी के लिए 57,500-57,600 का स्तर अहम रेजिस्टेंस है। अगर यह इसके ऊपर निकलता है, तो 58,000 और फिर 58,400 तक तेजी आ सकती है। वहीं 56,700-56,600 का दायरा मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।

Stocks to Buy: ये 7 शेयर दे सकते हैं 60% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Coal India Production Update: सरकारी कंपनी का कोयला प्रोडक्शन 8% बढ़ा, फोकस में रहेगा स्टॉक

Coal India Production Update: सरकारी कोयला कंपनी कोल इंडिया (CIL) ने जुलाई 2026 के प्रोडक्शन और ऑफटेक के शुरुआती आंकड़े जारी किए हैं। कंपनी का जुलाई में कोयला उत्पादन 8.4% बढ़कर 5.04 करोड़ टन (50.4 मिलियन टन) रहा। पिछले साल जुलाई में यह 4.64 करोड़ टन था। वहीं, ऑफटेक यानी ग्राहकों को कोयले की सप्लाई 17.4% बढ़कर 6.37 करोड़ टन रही, जो एक साल पहले 5.42 करोड़ टन थी।

हालांकि, अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान कंपनी का कुल उत्पादन 4.3% घटकर 22 करोड़ टन रह गया। पिछले साल इसी अवधि में यह 22.98 करोड़ टन था। इसके बावजूद चार महीनों में ऑफटेक 6.8% बढ़कर 26.19 करोड़ टन पहुंच गया, जो एक साल पहले 24.52 करोड़ टन था। इससे पता चलता है कि उत्पादन में कमी के बावजूद कंपनी की सप्लाई मजबूत बनी हुई है।

अलग-अलग कंपनियों का प्रदर्शन

कोल इंडिया की अलग-अलग सहायक कंपनियों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।

  • Central Coalfields Limited (CCL) ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। जुलाई में इसका उत्पादन 56.9% बढ़कर 59 लाख टन हो गया। वहीं, ऑफटेक 66.1% बढ़कर 74 लाख टन रहा।
  • Eastern Coalfields Limited (ECL) का उत्पादन 34.1% बढ़कर 36 लाख टन और ऑफटेक 38.4% बढ़कर 45 लाख टन पहुंच गया।
  • South Eastern Coalfields Limited (SECL), जो कोल इंडिया की सबसे बड़ी सहायक कंपनी है, उसका उत्पादन 17.5% बढ़कर 1.15 करोड़ टन रहा। वहीं, ऑफटेक 11.1% बढ़कर 1.44 करोड़ टन हो गया।
  • Western Coalfields Limited (WCL) का उत्पादन 15.5% बढ़कर 29 लाख टन रहा। ऑफटेक 36.2% बढ़कर 54 लाख टन पहुंच गया।

MCL और BCCL रहे कमजोर

Mahanadi Coalfields Limited (MCL) का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। जुलाई में इसका उत्पादन 10.7% घटकर 1.31 करोड़ टन रह गया। हालांकि, ऑफटेक 10.4% बढ़कर 1.82 करोड़ टन हो गया। अप्रैल-जुलाई के दौरान MCL का उत्पादन 16% घटा।

Bharat Coking Coal Limited (BCCL) का जुलाई उत्पादन 3.4% बढ़कर 25 लाख टन रहा। लेकिन अप्रैल-जुलाई के दौरान इसका ऑफटेक 21.1% घट गया, जो प्रमुख सहायक कंपनियों में सबसे बड़ी गिरावट रही। सबसे छोटी इकाई North Eastern Coalfields (NEC) का उत्पादन और ऑफटेक बेहद कम रहा। जुलाई में इसका ऑफटेक 100% घट गया।

कोल इंडिया के शेयरों का हाल

कोल इंडिया का शेयर शुक्रवार को 0.67% की गिरावट के साथ 414.40 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, साल 2026 में अब तक यह शेयर 3.48% की बढ़त दर्ज कर चुका है। वहीं बीते 1 साल में इसने 10.60% का रिटर्न दिया है।

कोल इंडिया भारत की सबसे बड़ी सरकारी कोयला खनन कंपनी है। यह देश के बिजली संयंत्रों, स्टील, सीमेंट और अन्य उद्योगों को कोयले की सप्लाई करती है। भारत के कुल घरेलू कोयला उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान इसी कंपनी का है।

Persistent Systems Q1 Results: मुनाफा घटा, लेकिन AI और रिकॉर्ड डील्स से कमाई बढ़ी; शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

BASIC Home Loan: 2029 तक 500 नए फाइनेंस सेंटर खोलेगी, हर साल ₹60,000 करोड़ तक होम लोन का टारगेट

BASIC Home Loan: फिनटेक कंपनी BASIC Home Loan ने 2029 तक देशभर में 500 BASIC Finance Centres खोलने की योजना बनाई है। कंपनी का मकसद होम लोन को ज्यादा आसान और तेज बनाना है। इसके लिए टेक्नोलॉजी के साथ स्थानीय एक्सपर्ट्स की मदद ली जाएगी। कंपनी का लक्ष्य इन सेंटरों के जरिए हर साल ₹50,000-60,000 करोड़ के होम लोन डिस्बर्स करना है।

पहले इन राज्यों पर रहेगा फोकस

बेसिक होम लोन के मुताबिक, शुरुआत में कंपनी उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत में विस्तार करेगी। इसके बाद पूरे देश में नेटवर्क बढ़ाया जाएगा। खास फोकस टियर-2 और टियर-3 शहरों पर रहेगा। कंपनी अफोर्डेबल और मिड-इनकम हाउसिंग सेगमेंट में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है।

क्यों जरूरी हैं नए फाइनेंस सेंटर?

कंपनी का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म आने के बाद भी लोग होम लोन लेते समय सलाह चाहते हैं। उन्हें सही बैंक चुनने, पात्रता समझने और दस्तावेज तैयार करने में मदद की जरूरत पड़ती है। नए BASIC Finance Centres यही काम करेंगे। यहां AI टेक्नोलॉजी और स्थानीय सलाहकार मिलकर ग्राहकों को बेहतर और तेज सेवा देंगे।

2027 तक 200 सेंटर खोलने का लक्ष्य

BASIC Home Loan के को-फाउंडर और CEO अतुल मोंगा ने कहा कि टेक्नोलॉजी ने होम लोन आसान बनाया है, लेकिन भरोसा और सही सलाह आज भी उतनी ही जरूरी है। वहीं, कंपनी के सीनियर डायरेक्टर अमरदीप शर्मा ने बताया कि 2027 के आखिर तक 200 फाइनेंस सेंटर शुरू करने का लक्ष्य है। इनके जरिए हर साल ₹15,000-20,000 करोड़ के होम लोन डिस्बर्स करने की योजना है।

स्थानीय कारोबारियों को भी मिलेगा मौका

बेसिक होम लोन का इस विस्तार के साथ 400-500 नए फाइनेंस सेंटर पार्टनर्स भी जोड़ेगी। इसमें स्थानीय उद्यमियों और फाइनेंशियल एडवाइजर्स को शामिल किया जाएगा। उन्हें कंपनी का टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म, लेंडर्स का नेटवर्क और ऑपरेशनल सपोर्ट मिलेगा। साथ ही लगातार ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

अब तक कैसा रहा सफर?

BASIC Home Loan अब तक 4 लाख से ज्यादा परिवारों को होम लोन दिलाने में मदद कर चुकी है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी ₹50,000 करोड़ से ज्यादा के होम लोन डिस्बर्स करा चुकी है। उसके पास 30,000 से ज्यादा एजेंट्स का नेटवर्क और देशभर में 120 से ज्यादा BASIC Finance Centres हैं।

Persistent Systems Q1 Results: मुनाफा घटा, लेकिन AI और रिकॉर्ड डील्स से कमाई बढ़ी; शेयरों पर रहेगी नजर

Persistent Systems Q1 Results: मुनाफा घटा, लेकिन AI और रिकॉर्ड डील्स से कमाई बढ़ी; शेयरों पर रहेगी नजर

Persistent Systems Q1 Results: आईटी सर्विसेज कंपनी पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा पिछली तिमाही के मुकाबले 8.7% घटकर ₹483 करोड़ रह गया। मार्च तिमाही में यह ₹529 करोड़ था। हालांकि, कारोबार की रफ्तार बनी रही। कंपनी का रेवेन्यू 6% बढ़कर ₹4,303 करोड़ पहुंच गया, जो पिछली तिमाही में ₹4,056 करोड़ था।

डॉलर के हिसाब से भी कंपनी की कमाई बढ़ी। जून तिमाही में रेवेन्यू 3.8% बढ़कर 452.4 मिलियन डॉलर रहा। मार्च तिमाही में यह 436 मिलियन डॉलर था।

ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव

इस तिमाही में पर्सिस्टेंट सिस्टम्स की ऑपरेटिंग कमाई पर थोड़ा दबाव दिखा। EBIT 12% घटकर ₹581.5 करोड़ रह गया। पिछली तिमाही में यह ₹659 करोड़ था। वहीं, EBIT मार्जिन भी 16.2% से घटकर 13.5% पर आ गया। यानी रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद ऑपरेटिंग स्तर पर मुनाफे का मार्जिन कम हुआ।

लगातार 25वीं तिमाही में बढ़ा कारोबार

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के CEO और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संदीप कालरा ने कहा कि पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने लगातार 25वीं तिमाही में रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। सालाना आधार पर कंपनी का रेवेन्यू 16.1% बढ़ा है। उनके मुताबिक, यह लगातार मजबूत डील जीतने और ग्राहकों से बढ़ते कारोबार का नतीजा है।

रिकॉर्ड TCV हासिल किया

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने इस तिमाही में 1.15 बिलियन डॉलर का रिकॉर्ड Total Contract Value (TCV) हासिल किया। यह अब तक का सबसे बड़ा तिमाही TCV है। इसमें एक बड़ी वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ 6.5 साल का रणनीतिक सर्विस एग्रीमेंट भी शामिल है, जिसकी वैल्यू 650 मिलियन डॉलर से ज्यादा है। इससे आने वाले वर्षों में कंपनी की कमाई को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

Nagarro के साथ बड़ी डील

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने यूरोप की डिजिटल इंजीनियरिंग कंपनी Nagarro के साथ बिजनेस कॉम्बिनेशन एग्रीमेंट भी साइन किया है। इस डील का मकसद कंपनी की तकनीकी क्षमता बढ़ाना, नए देशों में कारोबार फैलाना और अलग-अलग इंडस्ट्री में अपनी मौजूदगी मजबूत करना है।

कंपनी ने बताया कि ओपन ऑफर से जुड़े दस्तावेज जर्मनी के वित्तीय नियामक BaFin को भेज दिए गए हैं। वहीं, भारत में RBI से भी मंजूरी मांगी गई है। दूसरे देशों में भी जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल की प्रक्रिया चल रही है।

AI पर रहेगा बड़ा दांव

संदीप कालरा का कहना है कि दुनिया भर की कंपनियां अब तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अपना रही हैं। इसे देखते हुए पर्सिस्टेंट सिस्टम्स भी AI बेस्ड प्लेटफॉर्म और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस में निवेश बढ़ाती रहेगी। कंपनी का लक्ष्य ग्राहकों को AI की मदद से बेहतर तकनीक, तेज कामकाज और ज्यादा बिजनेस वैल्यू देना है।

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयर

आईटी कंपनी पर्सिस्टेंट सिस्टम्स का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 0.35% बढ़कर 5,534 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 20.81% चढ़ा है। इसने एक साल में 6.89% का रिटर्न दिया है। वहीं बीते पांच साल में इससे 254.93% का मल्टीबैगर रिटर्न मिला है। कंपनी का मार्केट कैप 86.96 हजार करोड़ रुपये है।

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