Coal India Production Update: सरकारी कंपनी का कोयला प्रोडक्शन 8% बढ़ा, फोकस में रहेगा स्टॉक

Coal India Production Update: सरकारी कोयला कंपनी कोल इंडिया (CIL) ने जुलाई 2026 के प्रोडक्शन और ऑफटेक के शुरुआती आंकड़े जारी किए हैं। कंपनी का जुलाई में कोयला उत्पादन 8.4% बढ़कर 5.04 करोड़ टन (50.4 मिलियन टन) रहा। पिछले साल जुलाई में यह 4.64 करोड़ टन था। वहीं, ऑफटेक यानी ग्राहकों को कोयले की सप्लाई 17.4% बढ़कर 6.37 करोड़ टन रही, जो एक साल पहले 5.42 करोड़ टन थी।

हालांकि, अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान कंपनी का कुल उत्पादन 4.3% घटकर 22 करोड़ टन रह गया। पिछले साल इसी अवधि में यह 22.98 करोड़ टन था। इसके बावजूद चार महीनों में ऑफटेक 6.8% बढ़कर 26.19 करोड़ टन पहुंच गया, जो एक साल पहले 24.52 करोड़ टन था। इससे पता चलता है कि उत्पादन में कमी के बावजूद कंपनी की सप्लाई मजबूत बनी हुई है।

अलग-अलग कंपनियों का प्रदर्शन

कोल इंडिया की अलग-अलग सहायक कंपनियों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।

  • Central Coalfields Limited (CCL) ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। जुलाई में इसका उत्पादन 56.9% बढ़कर 59 लाख टन हो गया। वहीं, ऑफटेक 66.1% बढ़कर 74 लाख टन रहा।
  • Eastern Coalfields Limited (ECL) का उत्पादन 34.1% बढ़कर 36 लाख टन और ऑफटेक 38.4% बढ़कर 45 लाख टन पहुंच गया।
  • South Eastern Coalfields Limited (SECL), जो कोल इंडिया की सबसे बड़ी सहायक कंपनी है, उसका उत्पादन 17.5% बढ़कर 1.15 करोड़ टन रहा। वहीं, ऑफटेक 11.1% बढ़कर 1.44 करोड़ टन हो गया।
  • Western Coalfields Limited (WCL) का उत्पादन 15.5% बढ़कर 29 लाख टन रहा। ऑफटेक 36.2% बढ़कर 54 लाख टन पहुंच गया।

MCL और BCCL रहे कमजोर

Mahanadi Coalfields Limited (MCL) का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। जुलाई में इसका उत्पादन 10.7% घटकर 1.31 करोड़ टन रह गया। हालांकि, ऑफटेक 10.4% बढ़कर 1.82 करोड़ टन हो गया। अप्रैल-जुलाई के दौरान MCL का उत्पादन 16% घटा।

Bharat Coking Coal Limited (BCCL) का जुलाई उत्पादन 3.4% बढ़कर 25 लाख टन रहा। लेकिन अप्रैल-जुलाई के दौरान इसका ऑफटेक 21.1% घट गया, जो प्रमुख सहायक कंपनियों में सबसे बड़ी गिरावट रही। सबसे छोटी इकाई North Eastern Coalfields (NEC) का उत्पादन और ऑफटेक बेहद कम रहा। जुलाई में इसका ऑफटेक 100% घट गया।

कोल इंडिया के शेयरों का हाल

कोल इंडिया का शेयर शुक्रवार को 0.67% की गिरावट के साथ 414.40 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, साल 2026 में अब तक यह शेयर 3.48% की बढ़त दर्ज कर चुका है। वहीं बीते 1 साल में इसने 10.60% का रिटर्न दिया है।

कोल इंडिया भारत की सबसे बड़ी सरकारी कोयला खनन कंपनी है। यह देश के बिजली संयंत्रों, स्टील, सीमेंट और अन्य उद्योगों को कोयले की सप्लाई करती है। भारत के कुल घरेलू कोयला उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान इसी कंपनी का है।

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सरकारी कंपनी को मिला ₹2831 करोड़ का प्रोजेक्ट, यूपी में बनेगा बड़ा सोलर पावर प्लांट

Coal India Update: सरकारी कोयला कंपनी Coal India को उत्तर प्रदेश में 600 मेगावाट का बड़ा सोलर पावर प्रोजेक्ट मिला है। इसके साथ ही कंपनी ने जून महीने के Single Window Mode Agnostic (SWMA) ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के आंकड़े भी जारी किए हैं। कंपनी ने बताया कि जून में इस प्लेटफॉर्म के जरिए 108.76 लाख टन कोयले का आवंटन किया गया। इस दौरान उसे नोटिफाइड कीमत के मुकाबले औसतन 42% ज्यादा कीमत मिली।

प्रोजेक्ट पर 2,831 करोड़ रुपये खर्च होंगे

Coal India ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि उसे Bundelkhand Saur Urja Ltd. से लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) मिला है। इसके तहत उत्तर प्रदेश के जालौन सोलर पार्क में 600 मेगावाट का सोलर प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट 300-300 मेगावाट की दो यूनिट में बनेगा। इससे बनने वाली बिजली 2.73 रुपये प्रति यूनिट की दर से सप्लाई की जाएगी।

कंपनी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट पर करीब 2,831.11 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) साइन होने के बाद इसे 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

जून में ई-ऑक्शन से कितना कोयला बिका?

जून के दौरान Coal India ने SWMA ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म पर 266.23 लाख टन कोयला बिक्री के लिए ऑफर किया था। इनमें से 108.76 लाख टन कोयले का आवंटन हुआ। यानी कंपनी करीब 41% कोयला आवंटित करने में सफल रही।

इन आवंटित मात्रा पर Coal India को अधिसूचित कीमत के मुकाबले औसतन 42% प्रीमियम मिला।

किस सहायक कंपनी का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा?

Coal India की अलग-अलग सहायक कंपनियों के प्रदर्शन में काफी अंतर देखने को मिला।

  • Northern Coalfields Ltd. और North Eastern Coalfields ने ऑफर किए गए कोयले का 100% आवंटन किया।
  • South Eastern Coalfields Ltd. का आवंटन 75% रहा।
  • Western Coalfields Ltd. ने 52% कोयला आवंटित किया।
  • Central Coalfields Ltd. का आंकड़ा 42% रहा।
  • Mahanadi Coalfields Ltd. ने 30% आवंटन किया।
  • Eastern Coalfields Ltd. का आवंटन 25% रहा।
  • Bharat Coking Coal Ltd. (BCCL) सबसे पीछे रही और उसका आवंटन सिर्फ 9% रहा।

पहली तिमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में Coal India ने SWMA प्लेटफॉर्म के जरिए 829.15 लाख टन कोयला ऑफर किया। इनमें से 310.69 लाख टन का आवंटन हुआ। यानी तिमाही के दौरान आवंटन दर 37% रही।

इस दौरान कंपनी को अधिसूचित कीमत के मुकाबले औसतन 44% प्रीमियम मिला।

SWMA प्लेटफॉर्म क्या है?

SWMA एक ऑनलाइन ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए Coal India अलग-अलग सेक्टरों के खरीदारों को नॉन-लिंकेज कोयला एक ही प्लेटफॉर्म से बेचती है। पहले अलग-अलग सेक्टरों के लिए अलग ई-ऑक्शन व्यवस्था थी। SWMA आने के बाद पूरी प्रक्रिया आसान और ज्यादा पारदर्शी हो गई है।

Coal India का शेयर बुधवार को NSE पर 0.89% गिरकर 435.15 रुपये पर बंद हुआ। एक साल में स्टॉक ने 11.65% का रिटर्न दिया है।

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