IREDA Q2 Results: सरकारी कंपनी को ₹552 करोड़ मुनाफा, NPA में सुधार; शेयरों पर रहेगी नजर

IREDA Q2 Results: सरकारी कंपनी इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट लगभग स्थिर रहा। हालांकि, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में अच्छी बढ़त हुई। वहीं, पिछली तिमाही के मुकाबले खराब कर्ज के आंकड़ों में भी सुधार आया।

सितंबर तिमाही में IREDA का नेट प्रॉफिट 0.5% बढ़कर ₹552 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹549 करोड़ का मुनाफा कमाया था। दूसरी ओर, ऑपरेटिंग प्रॉफिट 16.5% बढ़कर ₹904 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹776 करोड़ था।

IREDA के खराब कर्ज में कितनी कमी आई?

सितंबर तिमाही में IREDA का ग्रॉस NPA घटकर 3.57% रह गया। जून तिमाही में यह 3.76% था। यानी बैंक और फाइनेंस कंपनियों के लिए परेशानी माने जाने वाले खराब कर्ज के इस आंकड़े में सुधार हुआ।

नेट NPA भी 1.23% से घटकर 1.08% पर आ गया। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में कंपनी का कर्ज कारोबार बढ़ रहा है। ऐसे में खराब कर्ज पर लगाम लगाए रखना उसके लिए अहम होगा।

FY26 में कंपनी ने बनाया था रिकॉर्ड

IREDA के लिए वित्त वर्ष 2025-26 अच्छा रहा था। कंपनी ने ₹1,873 करोड़ का रिकॉर्ड नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। वहीं, कुल ऑपरेटिंग इनकम 23% बढ़कर ₹8,337 करोड़ हो गई थी। इस दौरान ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 33% की बढ़ोतरी हुई थी।

कंपनी का बकाया लोन भी 22% बढ़कर ₹93,000 करोड़ के पार पहुंच गया था। इस दौरान IREDA ने ₹51,883 करोड़ के लोन मंजूर किए और ₹34,946 करोड़ का कर्ज बांटा। कंपनी की नेटवर्थ भी 34% बढ़कर ₹13,781 करोड़ हो गई थी।

पिछले साल बढ़ा था ग्रॉस NPA

मुनाफे और कारोबार में बढ़ोतरी के बावजूद खराब कर्ज कंपनी के लिए चिंता बना हुआ था। मार्च 2026 के अंत में ग्रॉस NPA 3.49% था। एक साल पहले यह 2.45% था। हालांकि, दिसंबर तिमाही के 3.75% के मुकाबले इसमें सुधार हुआ था। वहीं, नेट NPA घटकर 1.29% रह गया था। एक साल पहले यह 1.35% और पिछली तिमाही में 1.68% था।

नतीजों से पहले सोमवार को BSE पर IREDA का शेयर 1.48% गिरकर ₹106.50 पर बंद हुआ था। पिछले 1 साल में स्टॉक 30.48% क्रैश हुआ है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HUDCO Share: सरकारी कंपनी ने बिहार को ₹25000 करोड़ की फंडिंग का दिया ऑफर, इंडस्ट्रियल पार्क पर होगा खर्च

HUDCO Share: सरकारी कंपनी Housing and Urban Development Corporation Ltd (HUDCO) ने बिहार सरकार के साथ एक बड़ा समझौता किया है। इसके तहत HUDCO राज्य में इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए ₹25,000 करोड़ तक की फाइनेंशियल मदद देगी।

पांच साल में मिलेगी फंडिंग

यह रकम एक साथ जारी नहीं होगी। अगले पांच साल में जरूरत के हिसाब से अलग-अलग चरणों में फंड दिया जाएगा।

इस पैसे का इस्तेमाल बिहार में इंडस्ट्रियल पार्क बनाने में होगा। इसमें जमीन खरीदना और उद्योगों के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना शामिल है।

25 साल तक के लिए मिल सकता है लोन

HUDCO राज्य सरकार की ओर से तय की गई एक संस्था को ₹25,000 करोड़ तक के टर्म लोन देगी। फंडिंग अलग-अलग चरणों में होगी।

लोन की शर्तें भी लचीली होंगी। मोरेटोरियम की सुविधा मिल सकती है। लोन चुकाने के लिए 25 साल तक का समय दिया जा सकता है। समय से पहले लोन चुकाने का विकल्प भी होगा।

IDA को जिम्मेदारी मिली

बिहार सरकार ने राज्य के Infrastructure Development Authority को इन प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी दी है। यह संस्था इंडस्ट्रियल पार्क के लिए जमीन खरीद और डेवलप कर सकती है।

यहां उद्योगों के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जाएगा। हर प्रोजेक्ट के लिए अलग समझौता होगा। उसमें फंडिंग की शर्तें और प्रोजेक्ट का दायरा तय किया जाएगा।

तुरंत नहीं मिलेंगे ₹25,000 करोड़

यह MoU ₹25,000 करोड़ तुरंत जारी करने का करार नहीं है। यह सिर्फ फंडिंग के लिए एक फ्रेमवर्क है। जरूरत के हिसाब से पांच साल में फंड जारी होगा। MoU तीन साल तक वैध रहेगा। इसकी हर साल समीक्षा की जाएगी।

बुधवार को HUDCO का शेयर 0.11% की मामूली गिरावट के साथ ₹178.38 पर बंद हुआ।

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हिंदुस्तान कॉपर के शेयर में OFS के बाद फिर आ सकती है तेजी, आनंद राठी ने ₹715 का टारगेट दिया

सरकारी कंपनी Hindustan Copper के शेयर में मंगलवार को काफी दबाव देखने को मिला है। इसकी बड़ी वजह सरकार की हिस्सेदारी बिक्री यानी OFS है। इसके बावजूद घरेलू ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने शेयर पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने ₹715 का टारगेट प्राइस दिया है। यह मंगलवार के बंद भाव से 34.65% अधिक है। OFS की वजह से स्टॉक 7.45% गिरकर 531.40 रुपये पर बंद हुआ।

Anand Rathi Institutional Equities के वाइस प्रेसिडेंट पार्थिव झोंसा का मानना है कि कंपनी के फंडामेंटल मजबूत हैं। बढ़ता प्रोडक्शन, कॉपर की ऊंची कीमत और कमाई में सुधार की उम्मीद शेयर को सपोर्ट कर सकती है।

OFS के बाद दबाव कम हो सकता है

झोंसा के मुताबिक, OFS के बाद कुछ समय तक शेयर में दबाव रह सकता है। लेकिन अगले कुछ महीनों में ₹490-500 के स्तर से रिकवरी देखने को मिल सकती है।

उनका कहना है कि सरकार की हिस्सेदारी बिक्री से कंपनी के फंडामेंटल नहीं बदले हैं। कारोबार की बुनियाद अब भी मजबूत है। इसलिए OFS को कंपनी की कमाई या ऑपरेशन में बदलाव के तौर पर नहीं देखना चाहिए।

कॉपर प्रोडक्शन-प्राइस बनेगा बड़ा ट्रिगर

Anand Rathi के मुताबिक, आगे शेयर के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर प्रोडक्शन वॉल्यूम होगा। Hindustan Copper की कमाई पर कॉपर की कीमत का सीधा असर पड़ता है। कॉपर की कीमत मजबूत रहने से कंपनी की कमाई को सपोर्ट मिल सकता है।

इसके अलावा रुपये में कमजोरी भी कंपनी के लिए फायदेमंद हो सकती है। यही वजह है कि ब्रोकरेज को आने वाले वर्षों में कंपनी की कमाई में अच्छी बढ़त की उम्मीद है।

वैल्यूएशन पर क्या कहना है?

Hindustan Copper अभी दो साल के फॉरवर्ड EV/EBITDA के आधार पर करीब 16-18 गुना पर ट्रेड कर रहा है। यह वैल्यूएशन पहली नजर में ज्यादा लग सकती है।

लेकिन Anand Rathi का कहना है कि दुनियाभर की कॉपर माइनिंग कंपनियां भी कॉपर के मजबूत लॉन्ग टर्म आउटलुक की वजह से ऊंची वैल्यूएशन पर कारोबार कर रही हैं।

सरकार की हिस्सेदारी बड़ी चिंता नहीं

झोंसा को सरकार की बची हुई हिस्सेदारी से ज्यादा परेशानी नहीं दिखती। पूरे OFS के बाद भी सरकार के पास Hindustan Copper की 60% से ज्यादा हिस्सेदारी रहेगी।

वहीं पब्लिक फ्लोट बढ़ने से शेयर में लिक्विडिटी बेहतर हो सकती है। ज्यादा निवेशकों के लिए शेयर में ट्रेडिंग और निवेश करना आसान होगा।

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Dividend Stocks: RVNL और HUDCO समेत 4 सरकारी कंपनियां दे रहीं डिविडेंड का तोहफा, जानिए रिकॉर्ड डेट समेत पूरी डिटेल

Dividend Stocks: अगले हफ्ते डिविडेंड पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। HUDCO, NBCC, RVNL और Mazagon Dock Shipbuilders समेत चार सरकारी कंपनियां 17 से 20 अगस्त के बीच एक्स-डिविडेंड होने जा रही हैं। इन चारों कंपनियों ने जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे भी जारी किए हैं। कहीं मुनाफे में मजबूत बढ़ोतरी हुई है तो कहीं रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रदर्शन ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।

HUDCO

सरकारी हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी HUDCO 17 अगस्त को एक्स-डिविडेंड होगी। कंपनी ने ₹1.50 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है।

इस सरकारी कंपनी का जून तिमाही में नेट प्रॉफिट 35% बढ़कर ₹851 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू 26.6% बढ़कर ₹3,717 करोड़ पहुंच गया। बेहतर लोन ग्रोथ और मजबूत एसेट क्वालिटी ने कंपनी के नतीजों को सहारा दिया।

NBCC

सरकारी कंस्ट्रक्शन कंपनी NBCC (India) भी 17 अगस्त को एक्स-डिविडेंड होगी। कंपनी ₹0.15 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड दे रही है।

NBCC का जून तिमाही में नेट प्रॉफिट 17.2% बढ़कर ₹154.83 करोड़ रहा। हालांकि, रेवेन्यू 5.6% घटकर ₹2,259.53 करोड़ पर आ गया। इसके बावजूद कंपनी का मजबूत ऑर्डर बुक आगे के कारोबार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

RVNL

सरकारी रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RVNL 18 अगस्त को एक्स-डिविडेंड होगी। कंपनी ने ₹0.71 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड घोषित किया है।

इस सरकारी कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 18.5% बढ़कर ₹159 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू 10.6% बढ़कर ₹4,321 करोड़ पहुंच गया। EBITDA में भी मजबूत बढ़त दर्ज हुई, जिससे ऑपरेटिंग प्रदर्शन बेहतर रहा।

Mazagon Dock Shipbuilders

सरकारी डिफेंस शिपबिल्डिंग कंपनी Mazagon Dock Shipbuilders 20 अगस्त को एक्स-डिविडेंड होगी। कंपनी अपने शेयरधारकों को ₹4.62 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड देगी।

जून तिमाही में मझगांव डॉक का नेट प्रॉफिट 21.5% बढ़कर ₹549.41 करोड़ रहा। वहीं, रेवेन्यू 12.1% बढ़कर ₹2,942.70 करोड़ हो गया। EBITDA में करीब 48% की बढ़त और बेहतर मार्जिन ने तिमाही प्रदर्शन को मजबूत बनाया।

एक नजर में पूरी लिस्ट

कंपनीडिविडेंडEx-Date
HUDCO₹1.5017 अगस्त
NBCC₹0.1517 अगस्त
RVNL₹0.7118 अगस्त
Mazagon Dock₹4.6220 अगस्त

डिविडेंड पाने के लिए क्या करना होगा?

डिविडेंड का फायदा लेने के लिए निवेशकों के पास Ex-Date से पहले संबंधित कंपनी के शेयर डीमैट खाते में होने चाहिए। भारत में T+1 सेटलमेंट नियम लागू है, इसलिए एक्स-डेट वाले दिन शेयर खरीदने पर डिविडेंड का लाभ नहीं मिलेगा। आपको एक दिन पहले ही शेयर खरीदना होगा।

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IRCON Q1 Results: सरकारी रेल कंपनी का मुनाफा 44% घटा, रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट बढ़ा

IRCON Q1 Results: रेलवे सेक्टर की सरकारी इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन कंपनी IRCON International Ltd ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 43.6% घटकर ₹92.74 करोड़ रह गया।

पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹164.5 करोड़ था। हालांकि, रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में बढ़ोतरी हुई।

IRCON का रेवेन्यू 9.5% बढ़ा

IRCON का कंसोलिडेटेड ऑपरेशंस से रेवेन्यू 9.5% बढ़कर ₹1,955.8 करोड़ हो गया। पिछले साल की जून तिमाही में यह ₹1,786.3 करोड़ था। EBITDA भी 2.6% बढ़कर ₹205.17 करोड़ रहा। एक साल पहले यह करीब ₹200 करोड़ था।

हालांकि, EBITDA मार्जिन में गिरावट आई। यह पिछले साल के 11.19% से घटकर 10.49% रह गया।

ISTPL का टोल कलेक्शन अधिकार खत्म

IRCON ने बताया कि उसकी ज्वाइंट वेंचर कंपनी Ircon-Soma Tollway Pvt. Ltd. (ISTPL) का टोल कलेक्शन अधिकार 14 मई को खत्म हो गया। यह अधिकार बढ़ाई गई कंसेशन अवधि पूरी होने के बाद खत्म हुआ। ISTPL में IRCON की 50% हिस्सेदारी है। अब हाईवे से जुड़े एसेट्स नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को सौंपे जा रहे हैं।

30 जून तक ISTPL की नेटवर्थ करीब ₹216.17 करोड़ थी। इसमें IRCON का हिस्सा करीब ₹108.09 करोड़ है। कंपनी ने कहा कि उसे ज्वाइंट वेंचर में अपने निवेश की वैल्यू में किसी तरह की कमी यानी इम्पेयरमेंट की उम्मीद नहीं है।

दूसरे प्रोजेक्ट्स पर भी अपडेट

रेल मंत्रालय ने Bastar Railway Pvt. Ltd. को बंद करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। कंपनी के मुताबिक, इससे जुड़ी कानूनी और दूसरी प्रक्रियाएं चल रही हैं। IRCON ने यह भी बताया कि उसने MCL प्रोजेक्ट के फेज I और फेज II को रेल मंत्रालय को सौंपने का फैसला किया है।

इसके अलावा, 23 जून को IRCON ने बताया था कि Badri Rai & Company के साथ उसके ज्वाइंट वेंचर को ₹763.1 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ऑर्डर त्रिपुरा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी कॉरपोरेशन ने अगरतला में स्मार्ट-ग्रिड प्रोजेक्ट के लिए दिया है।

शेयर में 1.32% की गिरावट

पिछले 6 महीने में स्टॉक 18.14% गिरा है। वहीं, 1 साल में यह 24.34% नीचे आया है। कंपनी का मार्केट कैप 11.87 हजार करोड़ रुपये है।

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BSNL Investment Plan: सरकारी टेलीकॉम कंपनी 5 साल में ₹77000 करोड़ निवेश करेगी, 2 लाख नए 4G टावर लगाएगी

BSNL Investment Plan: सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL अगले पांच साल में करीब 77,000 करोड़ रुपये निवेश करने की तैयारी कर रही है। इस योजना में 2 लाख नए 4G साइट, नेटवर्क को मजबूत करना और ज्यादा ट्रैफिक वाले इलाकों में 5G सेवा शुरू करना शामिल है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने यह जानकारी संचार और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी संसदीय समिति को दी है।

98% आबादी तक पहुंचाने का लक्ष्य

DoT के मुताबिक, इस निवेश में एक नया इंटीग्रेटेड कस्टमर सपोर्ट सिस्टम भी बनाया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि इस योजना के बाद FY29 तक BSNL अपने रोजमर्रा के कारोबार में नफा-नुकसान के बराबर पहुंच जाएगी। यानी कंपनी की ऑपरेशनल कमाई उसके ऑपरेशनल खर्च के बराबर हो जाएगी। साथ ही कंपनी की सेवाएं देश की 98% आबादी तक पहुंच जाएंगी।

₹21,588 करोड़ की अतिरिक्त मदद

DoT ने यह भी बताया कि FY27 के लिए BSNL को मिलने वाली पूंजी सहायता (Capital Infusion) में 21,588 करोड़ रुपये बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। यह रकम पहले से मंजूर BSNL रिवाइवल पैकेज के तहत मांगी गई है।

यह रकम 77,000 करोड़ रुपये की निवेश योजना से अलग है। 77,000 करोड़ रुपये अगले पांच साल के निवेश के लिए हैं, जबकि 21,588 करोड़ रुपये सरकार की अतिरिक्त पूंजी सहायता है।

1.05 लाख स्वदेशी 4G साइट लगीं

अप्रैल 2026 तक BSNL 1,05,290 स्वदेशी 4G साइट लगा चुकी है। DoT का कहना है कि इन्हें आगे चलकर 5G में अपग्रेड किया जा सकता है। कंपनी ने दिल्ली में 5G-as-a-Service की शुरुआत भी कर दी है।

सरकार को उम्मीद है कि इससे BSNL के ग्राहकों की संख्या, प्रति ग्राहक औसत कमाई (ARPU) और कुल रेवेन्यू बढ़ेगा।

घाटा अभी भी बना हुआ है

हालांकि BSNL की आमदनी बढ़ रही है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू FY23 के 19,131 करोड़ रुपये से बढ़कर FY26 में 23,259 करोड़ रुपये हो गया है। FY27 में इसके 26,407 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

इसके बावजूद कंपनी का घाटा FY27 में 5,946 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। कुल खर्च 34,853 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है।

खर्च घटाने और कमाई बढ़ाने पर फोकस

संसदीय समिति ने BSNL और DoT से खर्च कम करने और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग बढ़ाने को कहा है। साथ ही 4G, 5G, एंटरप्राइज सर्विसेज और फाइबर कनेक्टिविटी जैसे ज्यादा कमाई वाले कारोबार पर ध्यान देने को कहा है।

BSNL अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए टावर और डार्क फाइबर लीज पर भी दे रही है। मार्च 2026 तक कंपनी ने 11,398 टावर दूसरी टेलीकॉम कंपनियों को किराये पर दिए थे। इससे FY26 में 1,019 करोड़ रुपये की कमाई हुई।

वहीं, करीब 3 लाख रूट किलोमीटर डार्क फाइबर लीज पर देकर 410 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया। साथ ही, कंपनी ने FY25 के 9,460 करोड़ रुपये के मुकाबले FY26 में अपना ऑपरेशनल खर्च घटाकर 8,970 करोड़ रुपये कर लिया।

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