Q2 Results: सोलर कंपनी का मुनाफा 30% फिसला, मार्जिन में भी गिरावट; फोकस में रहेगा स्टॉक

Waaree Renewable Q2 Results: सोलर कंपनी Waaree Renewable Technologies के रेवेन्यू में सितंबर तिमाही के दौरान अच्छी बढ़त हुई। लेकिन कंपनी का मुनाफा घट गया। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 30% गिरकर ₹82 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹116 करोड़ था।

दूसरी ओर, कंपनी का रेवेन्यू 36.53% बढ़कर ₹1,057.84 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹775 करोड़ था। हालांकि, EBITDA सिर्फ 1.3% बढ़कर ₹160 करोड़ हुआ। इसका असर EBITDA मार्जिन पर भी पड़ा। यह 20% से घटकर 15% रह गया।

पहली छमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?

अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच वारी रिन्यूएबल का रेवेन्यू 43.84% बढ़कर ₹1,982.09 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹1,377.97 करोड़ था। EBITDA भी 21.04% बढ़कर ₹333.46 करोड़ पहुंच गया।

हालांकि, नेट प्रॉफिट में बढ़त नहीं हुई। यह पिछले साल के ₹202.75 करोड़ से घटकर ₹200.44 करोड़ रह गया। कंपनी के मुताबिक, अधिग्रहण से जुड़े खर्च और नए कारोबार के अलग-अलग प्रॉफिट मार्जिन का असर मुनाफे पर पड़ा है।

महाराष्ट्र में लगाएगी सोलर प्लांट

वारी रिन्यूएबल के बोर्ड ने महाराष्ट्र के वर्धा में 35 मेगावाट पीक क्षमता वाला सोलर प्लांट लगाने को मंजूरी दी है। इसकी AC क्षमता 25 मेगावाट होगी। कंपनी इस प्लांट से बिजली बनाएगी और बेचेगी।

कंपनी की अधूरी ऑर्डर बुक ₹5,500 करोड़ से ज्यादा है। यानी इतने मूल्य के प्रोजेक्ट अभी पूरे होने बाकी हैं। इसके अलावा, 34.6 GWp से ज्यादा के सोलर प्रोजेक्ट्स की बोली पाइपलाइन भी है। बैटरी स्टोरेज और बिजली ट्रांसमिशन कारोबार में भी कंपनी को अवसर दिख रहे हैं।

नए कारोबार पर भी नजर

Waaree Renewable अपने EPC और बिजली ट्रांसमिशन कारोबार को बढ़ाना चाहती है। कंपनी सोलर प्रोजेक्ट्स के रखरखाव से जुड़ी सेवाओं का भी विस्तार करेगी।

इसके लिए ड्रोन से सोलर पैनल की जांच, डेटा के जरिए खराबी का पहले पता लगाने और भूमिगत बिजली केबल में गड़बड़ी पहचानने जैसी तकनीकों पर काम किया जा रहा है।

नतीजों से पहले सोमवार, 19 अक्टूबर को NSE पर Waaree Renewable का शेयर 0.44% गिरकर ₹833.40 पर बंद हुआ।

IREDA Q2 Results: सरकारी कंपनी को ₹552 करोड़ मुनाफा, NPA में सुधार; शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IREDA Q2 Results: सरकारी कंपनी को ₹552 करोड़ मुनाफा, NPA में सुधार; शेयरों पर रहेगी नजर

IREDA Q2 Results: सरकारी कंपनी इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट लगभग स्थिर रहा। हालांकि, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में अच्छी बढ़त हुई। वहीं, पिछली तिमाही के मुकाबले खराब कर्ज के आंकड़ों में भी सुधार आया।

सितंबर तिमाही में IREDA का नेट प्रॉफिट 0.5% बढ़कर ₹552 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹549 करोड़ का मुनाफा कमाया था। दूसरी ओर, ऑपरेटिंग प्रॉफिट 16.5% बढ़कर ₹904 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹776 करोड़ था।

IREDA के खराब कर्ज में कितनी कमी आई?

सितंबर तिमाही में IREDA का ग्रॉस NPA घटकर 3.57% रह गया। जून तिमाही में यह 3.76% था। यानी बैंक और फाइनेंस कंपनियों के लिए परेशानी माने जाने वाले खराब कर्ज के इस आंकड़े में सुधार हुआ।

नेट NPA भी 1.23% से घटकर 1.08% पर आ गया। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में कंपनी का कर्ज कारोबार बढ़ रहा है। ऐसे में खराब कर्ज पर लगाम लगाए रखना उसके लिए अहम होगा।

FY26 में कंपनी ने बनाया था रिकॉर्ड

IREDA के लिए वित्त वर्ष 2025-26 अच्छा रहा था। कंपनी ने ₹1,873 करोड़ का रिकॉर्ड नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। वहीं, कुल ऑपरेटिंग इनकम 23% बढ़कर ₹8,337 करोड़ हो गई थी। इस दौरान ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 33% की बढ़ोतरी हुई थी।

कंपनी का बकाया लोन भी 22% बढ़कर ₹93,000 करोड़ के पार पहुंच गया था। इस दौरान IREDA ने ₹51,883 करोड़ के लोन मंजूर किए और ₹34,946 करोड़ का कर्ज बांटा। कंपनी की नेटवर्थ भी 34% बढ़कर ₹13,781 करोड़ हो गई थी।

पिछले साल बढ़ा था ग्रॉस NPA

मुनाफे और कारोबार में बढ़ोतरी के बावजूद खराब कर्ज कंपनी के लिए चिंता बना हुआ था। मार्च 2026 के अंत में ग्रॉस NPA 3.49% था। एक साल पहले यह 2.45% था। हालांकि, दिसंबर तिमाही के 3.75% के मुकाबले इसमें सुधार हुआ था। वहीं, नेट NPA घटकर 1.29% रह गया था। एक साल पहले यह 1.35% और पिछली तिमाही में 1.68% था।

नतीजों से पहले सोमवार को BSE पर IREDA का शेयर 1.48% गिरकर ₹106.50 पर बंद हुआ था। पिछले 1 साल में स्टॉक 30.48% क्रैश हुआ है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: सोलर कंपनी को ₹4001 करोड़ के नए ऑर्डर मिले, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: सोलर सेल और मॉड्यूल बनाने वाली कंपनी Premier Energies को 4,001 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले हैं। ये ऑर्डर वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में मिले।

इन ऑर्डर के तहत कंपनी 2,308 मेगावाट (MW) के सोलर सेल और मॉड्यूल की सप्लाई करेगी। इसके अलावा, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) प्रोजेक्ट्स पर भी काम करेगी। ये ऑर्डर बिजली, मॉड्यूल और EPC कंपनियों से मिले हैं। इसमें रिटेल मार्केट से मिले ऑर्डर शामिल नहीं हैं।

सोलर सेल और मॉड्यूल बनाने की क्षमता बढ़ी

Premier Energies ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाई है। कंपनी की सोलर मॉड्यूल बनाने की क्षमता लगभग दोगुनी होकर 11.1 गीगावाट (GW) हो गई है। वहीं, सोलर सेल की क्षमता 3.6 GW से बढ़कर 10.6 GW हो गई है।

यह बढ़ोतरी आंध्र प्रदेश के नायडुपेटा में नया प्लांट शुरू होने के बाद हुई है। कंपनी ने पिछले महीने यहां 7 GW की TOPCon सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चालू की थी।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर चिरंजीव सलूजा ने कहा कि बढ़ता ऑर्डर बुक कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी को दिखाता है। उनके मुताबिक, भारतीय सोलर बाजार में ग्राहक बड़े पैमाने पर सप्लाई, भरोसेमंद कंपनियों और नई तकनीक चाहते हैं। कंपनी इन जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है।

FY28 तक रेवेन्यू और मार्जिन का अनुमान

अगस्त में कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर विनय रुस्तगी ने कहा था कि 15,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर बुक से कंपनी को वित्त वर्ष 2027-28 (FY28) तक रेवेन्यू और मार्जिन का अनुमान लगाने में मदद मिल रही है।

कंपनी का ऑर्डर बुक वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के रेवेन्यू का करीब दोगुना है। इससे कंपनी को FY27 और FY28 तक कारोबार की स्थिति का अंदाजा मिल रहा है। रुस्तगी ने यूरोप में एक्सपोर्ट और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) को कंपनी के लिए ग्रोथ के दो नए मौके बताया।

Premier Energies का शेयर शुक्रवार को BSE पर 895 रुपये पर बंद हुआ। इसमें पिछले बंद भाव के मुकाबले 9 रुपये यानी 1.02% की बढ़त दर्ज की गई।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: सोलर कंपनी को ₹2025 करोड़ का ऑर्डर, राजस्थान में बनाएगी 500 MW का प्रोजेक्ट

Stock in Focus: रिन्यूएबल पावर कंपनी KPI Green Energy को बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी को NACOF Oorja Private Ltd से करीब ₹2,025 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। इसमें टैक्स और GST शामिल हैं। कंपनी राजस्थान में 500 MW/550 MWp का सोलर प्रोजेक्ट तैयार करेगी।

राजस्थान में बनेगा 500 MW का सोलर प्रोजेक्ट

यह प्रोजेक्ट राजस्थान के बीकानेर जिले में बनेगा। इसे NACOF की सब्सिडियरी NOPL विकसित कर रही है। यह 5,000 MW के बड़े Solar Power Park का हिस्सा है।

KPI Green Energy को इस प्रोजेक्ट का पूरा EPC काम करना है। इसमें डिजाइन से लेकर प्रोजेक्ट की कमीशनिंग तक की जिम्मेदारी कंपनी की होगी।

क्या-क्या काम करेगी कंपनी?

KPI Green Energy सोलर प्लांट का डिजाइन और इंजीनियरिंग करेगी। इसके बाद जरूरी उपकरणों की खरीद और सप्लाई भी कंपनी करेगी। इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम भी इसी के जिम्मे होगा।

प्रोजेक्ट में PV मॉड्यूल, माउंटिंग स्ट्रक्चर, इनवर्टर और ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। इसके अलावा हाई-टेंशन स्विचगियर और दूसरे इलेक्ट्रिकल सिस्टम भी शामिल हैं।

12 महीने में पूरा करना होगा काम

कंपनी को साइट मिलने के बाद 12 महीने में EPC का काम पूरा करना होगा। इसमें प्रोजेक्ट की कमीशनिंग भी शामिल है।

इसके अलावा 33 kV ट्रांसमिशन लाइन और एवैक्यूएशन बे भी बनाया जाएगा। प्लांट में SCADA और मॉनिटरिंग सिस्टम भी लगाए जाएंगे।

पहले भी मिला था 500 MW का काम

KPI Green Energy ने बताया कि इस साल की शुरुआत में उसे बीकानेर में NTPC Renewable Energy से 500 MW/550 MWp का Solar BOS पैकेज मिला था। नया ऑर्डर उसी क्षेत्र में कंपनी के काम को और बढ़ाता है।

कंपनी के मुताबिक, नए ऑर्डर से उसकी EPC ऑर्डर बुक बढ़ेगी। इससे आने वाले एक साल के लिए रेवेन्यू की विजिबिलिटी भी बेहतर होगी।

KPI Green के शेयर का हाल

KPI Green Energy का शेयर मंगलवार को 4.24% की बढ़त के साथ ₹372.50 पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 22.29% उछला है। कंपनी का मार्केट कैप 7.31 हजार करोड़ रुपये है।

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Stock in Focus: सोलर कंपनी को 400 MW का ऑर्डर, महाराष्ट्र के प्रोजेक्ट्स के लिए देगी मॉड्यूल

Stock in Focus: सोलर एनर्जी सॉल्यूशन कंपनी Vikram Solar को 400 MW का बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी ने सोमवार, 28 सितंबर को इसकी जानकारी दी। इस ऑर्डर के तहत महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर लगाए जाने वाले सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए मॉड्यूल की सप्लाई की जाएगी।

400 MW के मॉड्यूल की होगी सप्लाई

Vikram Solar इस ऑर्डर के तहत 620 Wp क्षमता वाले हाई-एफिशिएंसी N-Type TOPCon G12R मॉड्यूल देगी। इनमें ग्लास-टू-ग्लास और बाइफेशियल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा। मॉड्यूल में हाफ-कट सेल भी होंगे।

कंपनी के मुताबिक, मॉड्यूल की सप्लाई अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। पूरा ऑर्डर मार्च 2027 तक पूरा किया जाना है।

महाराष्ट्र के सोलर प्रोजेक्ट्स पर फोकस

यह ऑर्डर महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर लगाए जाने वाले सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए है। इससे कृषि फीडर सोलराइजेशन सेगमेंट में Vikram Solar की मौजूदगी और मजबूत होगी।

चेयरमैन ने क्या कहा?

Vikram Solar के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर ज्ञानेश चौधरी ने कहा कि MSKVY 2.0 जैसे प्रोग्राम किसानों और कृषि समुदायों तक सोलर पावर पहुंचाने में मदद कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में इतने बड़े और अलग-अलग जगहों पर लगाए जाने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए मॉड्यूल की सप्लाई कंपनी की G12R TOPCon टेक्नोलॉजी पर भरोसा दिखाती है।

₹1,250 करोड़ का एक और समझौता

सितंबर में Vikram Solar ने Avaada Electro के साथ ₹1,250 करोड़ का सोलर सेल सप्लाई एग्रीमेंट भी किया था। इसके तहत 1 GW N-Type G12R TOPCon सोलर सेल खरीदे जाएंगे।

इन सेल की सप्लाई घरेलू स्तर पर होगी। इनका इस्तेमाल Vikram Solar के मॉड्यूल बनाने में किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक, डिलीवरी सितंबर 2026 से शुरू होनी है।

Vikram Solar का शेयर सोमवार को BSE पर 0.19% की मामूली गिरावट के साथ ₹160.05 पर बंद हुआ।

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Stock in Focus: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी को ₹488 करोड़ का ऑर्डर मिला, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Pace Digitek की मटेरियल सब्सिडियरी Lineage Power को ₹488.46 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर NTPC GE Power Services ने दिया है। इसके तहत कंपनी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) कंटेनर्स की सप्लाई और कमीशनिंग करेगी।

ऑर्डर में 5.015 MWh क्षमता वाले BESS कंटेनर्स की सप्लाई, डिलीवरी, टेस्टिंग और कमीशनिंग शामिल है। इसके साथ बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) और एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम (EMS) भी लगाए जाएंगे। कंपनी को 12 साल का मेनटेंस कॉन्ट्रैक्ट भी मिला है।

दिसंबर 2026 तक पूरा होगा काम

यह कॉन्ट्रैक्ट घरेलू कंपनी NTPC GE Power Services ने दिया है। इसे 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करना है।

यह Lineage Power को हाल में मिला दूसरा बड़ा BESS ऑर्डर है। इससे पहले कंपनी को Kalpa Power से ₹92.9 करोड़ का ऑर्डर मिला था। इसमें 100 MWh BESS की सप्लाई और कमीशनिंग सपोर्ट शामिल है। यह काम भी दिसंबर 2026 तक पूरा होना है।

BESS क्षमता बढ़ा रही कंपनी

Pace Digitek तेजी से अपने एनर्जी स्टोरेज बिजनेस को बढ़ा रही है। कंपनी ने हाल ही में BESS मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 2.5 GWh से बढ़ाकर 5 GWh की है।

अब कंपनी FY27 के अंत तक इसे चरणबद्ध तरीके से 10 GWh तक ले जाने का लक्ष्य रखती है। पिछले एक साल में कंपनी 300 से ज्यादा यूटिलिटी-स्केल BESS कंटेनर बना चुकी है। इनकी कुल स्टोरेज क्षमता करीब 1.5 GWh है।

एनर्जी स्टोरेज बिजनेस में बढ़ रही पकड़

₹488.46 करोड़ का यह नया ऑर्डर Lineage Power की BESS ऑर्डर बुक को और मजबूत करता है। कंपनी मैन्युफैक्चरिंग के साथ सिस्टम इंटीग्रेशन और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन पर भी फोकस कर रही है।

Pace Digitek का शेयर सोमवार को 0.49% की गिरावट के साथ ₹155.40 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 28.71% टूटा है।

अपने सोलर प्रोजेक्ट्स को बेचेगी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी, ₹6829 करोड़ में होगी डील

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: रिन्यूएबल एनर्जी के लिए दो कंपनियों ने मिलाया हाथ, शेयरों पर दिख सकता है असर

Stock in Focus: सरकारी कंपनी NLC India Renewables और PTC India ने ग्रीन एनर्जी के कारोबार में साथ काम करने के लिए ज्वाइंट वेंचर बनाया है। दोनों कंपनियां मिलकर ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स विकसित करेंगी। इसके अलावा इस सेक्टर में कारोबार के नए मौके भी तलाशे जाएंगे।

16 सितंबर को बनी नई कंपनी

नई कंपनी का नाम NIRL PTC Renewables Ltd है। इसे भारत में 16 सितंबर को शामिल किया गया है। PTC India ने रेगुलेटरी फाइलिंग में इसकी जानकारी दी है।

इस ज्वाइंट वेंचर में NLC India Renewables की 74% हिस्सेदारी होगी। वहीं, PTC India के पास बाकी 26% हिस्सेदारी रहेगी।

PTC India ने लगाए ₹2.60 लाख

PTC India ने ज्वाइंट वेंचर में ₹10 फेस वैल्यू वाले 26,000 इक्विटी शेयर लिए हैं। इसके लिए कंपनी करीब ₹2.60 लाख का कैश निवेश करेगी।

कंपनी ने बताया कि ज्वाइंट वेंचर ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के विकास के मौके तलाशेगा। इसके लिए ज्वाइंट वेंचर एग्रीमेंट की शर्तें और जरूरी रेगुलेटरी मंजूरियां लागू होंगी।

DIPAM से भी ली मंजूरी

PTC India ने बताया कि ज्वाइंट वेंचर बनाने से पहले DIPAM से मंजूरी ली गई थी। DIPAM वित्त मंत्रालय के तहत आता है। इसके बाद ही नई कंपनी को शामिल किया गया।

दोनों कंपनियों का क्या है कारोबार?

PTC India बिजली की ट्रेडिंग का कारोबार करती है। कंपनी बिजली उत्पादकों और खरीदारों के बीच बिजली की खरीद-बिक्री से जुड़ी है।

वहीं NLC India Renewables सरकारी कंपनी NLC India की सब्सिडियरी है और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। अब दोनों कंपनियां अपने-अपने अनुभव का इस्तेमाल ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए करेंगी।

दोनों शेयरों में तेजी

गुरुवार को PTC India का शेयर NSE पर 4.04% की तेजी के साथ ₹156 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में ये स्टॉक 10.73% टूटा है। इसका मार्केट कैप 4.72 हजार करोड़ रुपये है।

वहीं, NLC India के शेयर में 2.76% की बढ़त दिखी और ये ₹262.40 पर बंद हुआ। ये स्टॉक बीते 1 साल में तकरीबन फ्लैट है। हालांकि, 5 साल में इसने 369.83% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।

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Waaree Renewable: डेटा सेंटर बिजनेस में उतरी सोलर कंपनी, नई सब्सिडियरी बनाई

Waaree Renewable: सोलर कंपनी Waaree Renewable Technologies ने डेटा सेंटर कारोबार में कदम बढ़ाया है। कंपनी ने सोमवार, 14 सितंबर को इसकी जानकारी दी। इसकी सब्सिडियरी Waaree Green Data Centers Private Ltd ने डेटा सेंटर बिजनेस के लिए नई कंपनी बनाई है। इसका नाम Aurovault Data Centers Private Ltd है।

नई कंपनी में 100% हिस्सेदारी

Aurovault Data Centers का गठन 14 सितंबर 2026 को हुआ है। इसमें Waaree Green Data Centers की 100% हिस्सेदारी है।

कंपनी भारत और विदेशों में डेटा सेंटर से जुड़ा कारोबार करेगी। इसमें डेटा सेंटर लगाना, डिजाइन करना, बनाना और चलाना शामिल है। कंपनी इन्हें खुद रख सकती है या लीज पर भी दे सकती है।

AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी फोकस

Aurovault हाइपरस्केल डेटा सेंटर और AI-ready डेटा सेंटर भी डेवलप करेगी। इसके अलावा एज डेटा सेंटर, डिजास्टर रिकवरी सेंटर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पार्क भी इसके कारोबार का हिस्सा होंगे।

कंपनी को-लोकेशन और मैनेज्ड होस्टिंग जैसी सेवाएं भी देगी। इसके अलावा क्लाउड कनेक्टिविटी, नेटवर्क सर्विसेज, डेटा स्टोरेज और साइबर सिक्योरिटी पर भी काम करेगी। AI से जुड़ी सेवाएं भी कंपनी के कारोबार में शामिल हैं। इसमें AI इंफ्रास्ट्रक्चर, GPU होस्टिंग और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग जैसी सेवाएं शामिल हैं।

नकद निवेश करेगी Waaree Green Data Centers

Waaree Green Data Centers, Aurovault Data Centers में नकद के जरिए निवेश करेगी। कंपनी ने बताया कि इसके गठन के लिए किसी सरकारी या नियामकीय मंजूरी की जरूरत नहीं है।

नई कंपनी भारत में ही स्थापित की गई है। इसका गठन 14 सितंबर 2026 को हुआ।

291 MWp सोलर प्रोजेक्ट का भी मिला ऑर्डर

इससे पहले पिछले महीने Waaree Renewable Technologies को एक बड़ा EPC प्रोजेक्ट मिला था। कंपनी को 291 MWp सोलर क्षमता और 280 MWh BESS वाले प्रोजेक्ट के लिए Letter of Award (LoA) मिला था।

यह ऑर्डर एक भारतीय थर्मल पावर जेनरेटिंग कंपनी ने दिया है। यह घरेलू कमर्शियल ऑर्डर है। कंपनी के मुताबिक, प्रोजेक्ट को FY28 के दौरान पूरा किया जाना है।

पिछले कारोबारी सत्र में Waaree Renewable Technologies का शेयर ₹837 पर बंद हुआ। शेयर में ₹2.90 यानी 0.35% की तेजी रही।

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