Q2 Results: सोलर एनर्जी से जुड़ी कंपनी Sterling and Wilson Renewable Energy (SWREL) के लिए सितंबर तिमाही अच्छी रही। कंपनी घाटे से निकलकर मुनाफे में आ गई। जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी ने 19.2 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया। पिछले साल इसी तिमाही में उसे 473.2 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू घट गया। सितंबर तिमाही में यह 12.6% गिरकर 1,527.5 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी दौरान कंपनी का रेवेन्यू 1,748.6 करोड़ रुपये था।
ऑपरेटिंग मुनाफे में सुधार
कंपनी के कारोबार से होने वाली कमाई में सुधार दिखा। सितंबर तिमाही में EBITDA बढ़कर 56 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह सिर्फ 4 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन भी 0.2% से बढ़कर 3.7% हो गया।
वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कंपनी ने 70 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। पिछले साल इसी अवधि में उसे 439 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
ऑर्डर बुक 12,480 करोड़ रुपये पहुंची
SWREL के पास फिलहाल 12,480 करोड़ रुपये के ऐसे ऑर्डर हैं, जिन पर काम पूरा होना बाकी है। इससे आने वाले समय में कमाई की उम्मीद का अंदाजा मिलता है।
कंपनी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में उसकी ऑर्डर बुक सालाना आधार पर 34% बढ़ी है।
985 करोड़ रुपये से ज्यादा के नए ऑर्डर
Sterling and Wilson को हाल ही में भारत और विदेशों में 985 करोड़ रुपये से ज्यादा के नए ऑर्डर मिले हैं। इनमें राजस्थान में 534.3 मेगावाट-पीक क्षमता का सोलर प्रोजेक्ट शामिल है।
इसके अलावा, दक्षिण अफ्रीका में बैटरी स्टोरेज के दो प्रोजेक्ट मिले हैं। इनकी कुल क्षमता 616 मेगावाट-घंटे है। कंपनी को मिस्र में वेस्ट मिन्या सोलर पावर प्रोजेक्ट भी मिला है। इसे कंपनी ने Hassan Allam Construction के साथ जॉइंट वेंचर के जरिए हासिल किया है।
शेयर 3% से ज्यादा चढ़ा
गुरुवार को NSE पर Sterling and Wilson का शेयर 3.06% बढ़कर 177 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 27.31% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 4.09 हजार करोड़ रुपये है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Stock in Focus: रिन्यूएबल पावर कंपनी KPI Green Energy को बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी को NACOF Oorja Private Ltd से करीब ₹2,025 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। इसमें टैक्स और GST शामिल हैं। कंपनी राजस्थान में 500 MW/550 MWp का सोलर प्रोजेक्ट तैयार करेगी।
राजस्थान में बनेगा 500 MW का सोलर प्रोजेक्ट
यह प्रोजेक्ट राजस्थान के बीकानेर जिले में बनेगा। इसे NACOF की सब्सिडियरी NOPL विकसित कर रही है। यह 5,000 MW के बड़े Solar Power Park का हिस्सा है।
KPI Green Energy को इस प्रोजेक्ट का पूरा EPC काम करना है। इसमें डिजाइन से लेकर प्रोजेक्ट की कमीशनिंग तक की जिम्मेदारी कंपनी की होगी।
क्या-क्या काम करेगी कंपनी?
KPI Green Energy सोलर प्लांट का डिजाइन और इंजीनियरिंग करेगी। इसके बाद जरूरी उपकरणों की खरीद और सप्लाई भी कंपनी करेगी। इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम भी इसी के जिम्मे होगा।
प्रोजेक्ट में PV मॉड्यूल, माउंटिंग स्ट्रक्चर, इनवर्टर और ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। इसके अलावा हाई-टेंशन स्विचगियर और दूसरे इलेक्ट्रिकल सिस्टम भी शामिल हैं।
12 महीने में पूरा करना होगा काम
कंपनी को साइट मिलने के बाद 12 महीने में EPC का काम पूरा करना होगा। इसमें प्रोजेक्ट की कमीशनिंग भी शामिल है।
इसके अलावा 33 kV ट्रांसमिशन लाइन और एवैक्यूएशन बे भी बनाया जाएगा। प्लांट में SCADA और मॉनिटरिंग सिस्टम भी लगाए जाएंगे।
पहले भी मिला था 500 MW का काम
KPI Green Energy ने बताया कि इस साल की शुरुआत में उसे बीकानेर में NTPC Renewable Energy से 500 MW/550 MWp का Solar BOS पैकेज मिला था। नया ऑर्डर उसी क्षेत्र में कंपनी के काम को और बढ़ाता है।
कंपनी के मुताबिक, नए ऑर्डर से उसकी EPC ऑर्डर बुक बढ़ेगी। इससे आने वाले एक साल के लिए रेवेन्यू की विजिबिलिटी भी बेहतर होगी।
KPI Green के शेयर का हाल
KPI Green Energy का शेयर मंगलवार को 4.24% की बढ़त के साथ ₹372.50 पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 22.29% उछला है। कंपनी का मार्केट कैप 7.31 हजार करोड़ रुपये है।
सरकारी रेल कंपनी इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन यानी IRFC ने दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (DVC) के साथ ₹4,200 करोड़ का टर्म लोन समझौता किया है। इस पैसे का इस्तेमाल झारखंड और पश्चिम बंगाल में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए किया जाएगा। यह IRFC का रेलवे के अलावा दूसरे सेक्टर में विस्तार की कोशिश का हिस्सा है।
रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर होगा पैसा
इस फंडिंग से DVC कई तरह के सोलर और एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स पर काम करेगा। इसमें फ्लोटिंग सोलर, ग्राउंड-माउंटेड सोलर और रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट शामिल हैं।
इसके अलावा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम यानी BESS प्रोजेक्ट्स के लिए भी फंडिंग की जाएगी। इन प्रोजेक्ट्स में DVC की मौजूदा जमीन, जलाशयों और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल होगा।
रेलवे से आगे बढ़ रहा है IRFC
IRFC ने कहा कि DVC के साथ यह समझौता उसके कारोबार के विस्तार का हिस्सा है। कंपनी अब रेलवे से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ रिन्यूएबल एनर्जी और दूसरे सेक्टर में भी लॉन्ग टर्म फाइनेंसिंग कर रही है।
कंपनी के फाइनेंसिंग पोर्टफोलियो में अब रिन्यूएबल एनर्जी, पावर, मेट्रो रेल और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर भी शामिल हैं। हालांकि, इनका संबंध रेलवे इकोसिस्टम और देश की इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरतों से जुड़ा हुआ है।
चेयरमैन ने क्या कहा?
IRFC के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज कुमार दुबे ने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी, 2030 तक इंडियन रेलवे के नेट जीरो कार्बन एमिशन लक्ष्य के लिए अहम है।
उनके मुताबिक, DVC के साथ यह समझौता क्लीन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम है।
पहले भी मेट्रो प्रोजेक्ट को दिया फंड
IRFC ने इससे पहले L&T Metro Rail (Hyderabad) के साथ ₹13,527 करोड़ का टर्म लोन समझौता किया था। इस रकम का इस्तेमाल हैदराबाद मेट्रो प्रोजेक्ट के कर्ज को रिफाइनेंस करने के लिए किया जाएगा।
IRFC का शेयर 28 सितंबर को NSE पर 1.75% की गिरावट के साथ ₹78.55 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक ने 36.79% का नेगेटिव रिटर्न दिया है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Stocks to Watch: 18 सितंबर को शेयर बाजार में कई कंपनियों से जुड़े अहम अपडेट देखने को मिलेंगे। टाटा ग्रुप के स्टॉक्स में Tata Sons को लेकर चल रही खबरों का असर दिख सकता है। इसके अलावा डिफेंस, आईटी, पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनियां भी फोकस में रहेंगी। कई कंपनियों ने नए ऑर्डर, जॉइंट वेंचर और फंड जुटाने से जुड़े अपडेट दिए हैं।
Tata Group Stocks
टाटा ट्रस्ट ने टाटा संस के पब्लिक होने की बात खारिज कर दी है। उसने यह भी कहा कि एन चंद्रशेखरन का पद छोड़ना आखिरी फैसला था, अब उसे बदला नहीं जा सकता। टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा भी टाटा संस के शेयर मार्केट में लिस्ट होने के खिलाफ हैं। इन सभी फैक्टर का असर टाटा ग्रुप के शेयरों पर दिख सकता है।
Wipro
आईटी सर्विसेज कंपनी Wipro ने Aramco और SAP के साथ मिलकर Wipro STO360 नाम का नया क्लाउड बेस्ड प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसे प्लांट के शटडाउन, मेंटेनेंस और दूसरे जरूरी कामों की बेहतर प्लानिंग के लिए तैयार किया गया है।
Bharat Electronics
सरकारी डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी Bharat Electronics को 26 अगस्त 2026 से अब तक ₹648 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। BEL ने बताया कि 1 जुलाई 2026 तक उसकी ऑर्डर बुक ₹72,258 करोड़ थी।
HAL
सरकारी एयरोस्पेस और डिफेंस कंपनी HALबेंगलुरु में LCA Tejas Trainers, HTT-40 और Dhruv NG Helicopters को भारतीय वायुसेना और PHL को सौंपेगी।
PTC India
पावर ट्रेडिंग कंपनी PTC India ने सरकारी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी NLC India Renewables के साथ मिलकर NIRL PTC Renewables नाम की जॉइंट वेंचर कंपनी बनाई है। इसमें PTC India की 26% और NLC India Renewables की 74% हिस्सेदारी होगी।
NLC India
सरकारी पावर कंपनी NLC India ने प्रसन्न कुमार आचार्य को 17 सितंबर 2026 से पांच साल के लिए चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है।
PB Fintech
इंश्योरटेक और ऑनलाइन इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म कंपनी PB Fintech ने गुरुवार को बाजार में चल रही अटकलों को खारिज कर दिया। कंपनी ने साफ किया कि Yashish Dahiya चेयरमैन और ग्रुप सीईओ के पद पर बने रहेंगे।
HCC
कंस्ट्रक्शन कंपनी HCC की सब्सिडियरी HCC Infrastructure Company ने Ceigall India के साथ मिलकर एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। प्रस्तावित कंपनी में HCC Infrastructure की हिस्सेदारी 51% होगी।
Petronet LNG
गैस इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Petronet LNG ने Gruner Renewable Energy के साथ 50:50 जॉइंट वेंचर बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह JV पूरे भारत में 10 कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट लगाएगा। प्रोजेक्ट पर करीब ₹1,200 करोड़ का निवेश होने का अनुमान है।
ऑटो कंपोनेंट और डिफेंस कंपनी Bharat Forge ने 17 सितंबर को Qualified Institutions Placement यानी QIP लॉन्च किया है। कंपनी ने इसके लिए ₹1,947.70 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है।
GPT Infraprojects
रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी GPT Infraprojects को RVNL से करीब ₹484 करोड़ का रेलवे ब्रिज निर्माण प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी को इस प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी यानी L1 घोषित किया गया है। ओडिशा में महानदी नदी पर ब्रिज 544 का निर्माण इस प्रोजेक्ट का हिस्सा है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड ने फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में लगाए जा रहे 1.35 MW के रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट पर काम आगे बढ़ाया है। कंपनी ने बताया कि प्रोजेक्ट अब साइट पर काम शुरू होने के चरण में पहुंच गया है। आस्था स्पिनटेक्स पहले ही फाल्कन यार्न्स के अधिग्रहण की जानकारी दे चुकी है।
GEDA से मिला रजिस्ट्रेशन
फाल्कन यार्न्स की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट गुजरात के राजकोट जिले के गोंडल में भरुडी में स्थित है। यहां 1,000 kW AC और 1,350 kW DC क्षमता का रूफटॉप सोलर PV सिस्टम लगाया जाएगा।
इसके लिए कंपनी को Gujarat Energy Development Agency (GEDA) से रजिस्ट्रेशन मिल गया है। यह रजिस्ट्रेशन 16 सितंबर 2026 को जारी हुआ। प्रोजेक्ट को इंडस्ट्रियल और कमर्शियल कैटेगरी में ‘गुजरात इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी-2025’ के तहत रजिस्टर किया गया है।
साइट पर शुरू हुआ काम
कंपनी के मुताबिक, अब प्रोजेक्ट का काम साइट पर शुरू हो गया है। 16 सितंबर की डेली प्रोग्रेस रिपोर्ट के अनुसार, वहां 13 कर्मचारी तैनात थे।
मॉड्यूल माउंटिंग स्ट्रक्चर यानी MMS की मार्किंग का करीब 70% काम पूरा हो चुका है। वहीं, MMS लगाने का करीब 40% काम पूरा हो गया है। रेगुलेटरी रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद यह प्रोजेक्ट के अगले चरण की शुरुआत है।
अधिग्रहण के बाद ऑपरेशन पर फोकस
आस्था स्पिनटेक्स फाल्कन यार्न्स के अधिग्रहण के बाद उसके मैन्युफैक्चरिंग परिसर में कई ऑपरेशनल पहल आगे बढ़ा रही है। रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट भी इसी योजना का हिस्सा है।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर दिव्यांग जसवंत पटेल ने कहा कि GEDA रजिस्ट्रेशन पूरा होना और साइट पर काम शुरू होना प्रोजेक्ट के लिए अहम पड़ाव है। उन्होंने कहा कि मॉड्यूल माउंटिंग स्ट्रक्चर का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और प्रोजेक्ट तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ रहा है।
कंपनी की थ्री-पिलर ग्रोथ स्ट्रेटेजी
आस्था स्पिनटेक्स ने अपनी ग्रोथ के अगले चरण के लिए ‘थ्री-पिलर ग्रोथ स्ट्रेटेजी’ पेश की है। इसमें तीन चीजों पर फोकस है। पहला, फाइनेंशियल एक्सीलेंस। दूसरा, शेयरहोल्डर रिवॉर्ड्स। तीसरा, यार्न से फैब्रिक तक वर्टिकल इंटीग्रेशन।
कंपनी के मुताबिक, फाल्कन यार्न्स की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में सोलर प्रोजेक्ट भी उसके बढ़े हुए मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म के ऑपरेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की पहल का हिस्सा है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Vijay Kedia Multibagger Strategy: शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक और ‘सुपरस्टार इनवेस्टर’ विजय केडिया ने दलाल स्ट्रीट पर मल्टीबैगर शेयर ढूंढने का अपना सीक्रेट फॉर्मूला शेयर किया है। बाजार की भीड़ किसी शेयर के पीछे भागे, उससे पहले 10x या उससे ज्यादा रिटर्न देने वाले स्टॉक्स की पहचान करने के लिए वे एक खास ‘R.I.S.E.’ रणनीति का इस्तेमाल करते हैं।
विजय केडिया का मानना है कि मल्टीबैगर रिटर्न पाने का असली जरिया अगले 15-20 सालों के लंबे समय वाले मेगा-थीम्स पर सही समय पर दांव लगाना है। जानिए विजय केडिया की यह R.I.S.E. स्ट्रेटेजी क्या है और वे शेयर चुनते समय किस ‘गोल्डन रूल’ को फॉलो करते हैं।
क्या है विजय केडिया का ‘R.I.S.E.’ फॉर्मूला?
केडिया के अनुसार, निवेशकों को ऐसे सेक्टर्स और कंपनियों की तलाश करनी चाहिए जिनमें अगले एक-दो दशक तक लगातार ग्रोथ की क्षमता हो। R.I.S.E. का हर अक्षर एक बड़े और भविष्य के मेगा-थीम को दर्शाता है:
1. R – Renewable Energy & Energy Transition (अक्षय ऊर्जा और एनर्जी ट्रांजिशन)
दुनिया तेजी से पारंपरिक ईंधन से ग्रीन एनर्जी की तरफ शिफ्ट हो रही है। इसमें विंड एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, न्यूक्लियर पावर और बैटरी टेक्नोलॉजी/एनर्जी स्टोरेज आते है। विजय केडिया का मानना है कि इस थीम के पास अगले 15 से 20 साल का लंबा रनवे है, जहां कंपनियों के लिए ग्रोथ की अपार संभावनाएं हैं।
2. I – Infrastructure (इंफ्रास्ट्रक्चर और केपेक्स)
देश में बुनियादी ढांचे का विकास और कंपनियों द्वारा किया जाने वाला बड़ा पूंजीगत खर्च। टर्नअराउंड कंपनियां, जो अपने बुरे दौर से निकलकर नए केपेक्स के दम पर मजबूत वापसी कर रही हैं। भारत जैसे तेजी से बढ़ते देश में इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग ही देश की आर्थिक वृद्धि की रीढ़ बनते हैं।
3. S – Security (साइबर सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र)
साइबर थ्रेट्स के बढ़ते दौर में डिजिटल और राष्ट्रीय सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता बन चुकी है। साइबर सिक्योरिटी कंपनियां और डिफेंस यानी रक्षा उपकरण बनाने वाली कंपनियां। वैश्विक तनावों और डिजिटलाइजेशन के चलते सरकारों और कॉरपोरेट्स का सिक्योरिटी बजट हर साल तेजी से बढ़ रहा है।
4. E – Emerging Tech (उभरती हुई टेक्नोलॉजी)
आने वाला दौर पूरी तरह नई तकनीकों के नियंत्रण में होगा। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर्स। ये ऐसे सेक्टर्स हैं जो पुराने बिजनेस मॉडल को पूरी तरह से बदलकर रख रहे हैं। जो कंपनियां इनमें शुरुआती बढ़त बनाएंगी, वे भविष्य की दिग्गज बनेंगी।
अब जानिए विजय केडिया का ‘गोल्डन रूल’
अक्सर रिटेल निवेशक किसी अच्छे सेक्टर की कंपनी को किसी भी कीमत पर खरीद लेते हैं। इस पर चेतावनी देते हुए विजय केडिया ने एक महत्वपूर्ण गोल्डन रूल दिया है:
‘Buying a good sector at ANY price is a recipe for bad returns.’ यानी किसी भी अच्छे सेक्टर के शेयर को किसी भी भाव पर खरीद लेना खराब रिटर्न की गारंटी है।विजय केडिया के अनुसार शेयर चुनते समय हमेशा इस 3-स्टेप हायरार्की को फॉलो करना चाहिए:
1. सही सेक्टर की पहचान
2. कंपनी की गुणवत्ता और बैलेंस शीट
3. सही वैल्यूएशन और अनुशासन
इसका मतलब साफ है कि अगर सेक्टर बहुत शानदार है, लेकिन कंपनी पर भारी कर्ज है या उसकी बैलेंस शीट खराब है, तो वह मल्टीबैगर नहीं बनेगी। और अगर सेक्टर व कंपनी दोनों अच्छे हैं, लेकिन आपने शेयर बहुत महंगे वैल्यूएशन पर खरीद लिया है, तो भी आपको बाजार में अच्छा रिटर्न नहीं मिलेगा।
रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए टेकअवे
विजय केडिया का यह R.I.S.E. फॉर्मूला रिटेल निवेशकों को किसी भी फैंसी या ट्रेंडिंग शेयर में बिना सोचे-समझे पैसा लगाने से रोकता है। शेयर बाजार में लंबी अवधि में बड़ा पैसा बनाने के लिए सेक्टर की ग्रोथ के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और सही एंट्री प्राइस का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Electric vehicles have skyrocketed in significance over the past decade, particularly in light of global issues like climate change and pollution. EVs require no fossil fuels to run, and therefore emit zero harmful pollutants into the atmosphere. To promote the adoption of EVs, September 9 was designated ‘World EV Day’ six years ago by sustainability-focused companies Green.TV and ABB Group, and is recognised worldwide.
On the sixth iteration of World EV Day, let’s take a look at some of Autocar India’s most notable achievements in the all-electric mobility space.
1. Mercedes Benz EQC clean energy charging
Hydro, wind and solar energy were the only means of charging we used
In 2021, we set out on a journey in the Mercedes-Benz EQC to explore how truly “green” EVs can be when powered by renewable energy only; at present, coal is the primary source of energy production. We departed from the Mercedes-Benz facility in Chakan with a full charge, heading to Tata Power’s Khopoli hydroelectric plant, Agaswadi wind farm and Mulshi solar farm.
Along the way, we investigated clean power sources – hydro, wind and solar – that could sustainably fuel EVs in India. While the EQC couldn’t be charged directly from the hydro grid since it mixes with the main grid, we were able to charge the SUV via a 15A plug at Tata Power. However, we did tap charging power directly from wind turbines and solar panels for the EQC. Ultimately, this trip showed us that our EVs could soon be truly emissions-free – not just at the tailpipe, but across the entire power chain.
2. Green Mumbai Drive 2021
30 EVs quietly trundling through the Sanjay Gandhi National Park
We achieved a rare feat by bringing together every EV that was on sale in India at the time and driving them across Mumbai and through the protected Sanjay Gandhi National Park in Borivali. 30 EVs were part of the drive, including the Hyundai Kona, Tata Nexon EV, MG ZS EV, Mercedes-Benz EQC, Jaguar i-Pace, Audi e-tron GT, and even a Tesla Model X.
The Green Mumbai Drive was flagged off from the Mahalakshmi Racecourse by Aditya Thackeray, MoS for Tourism, Environment and Protocol, and Jeet Adani, director of Adani Electricity. Notable auto industry executives like Santosh Iyer (Mercedes-Benz India), Balbir Singh Dhillon (Audi India), Rohit Suri (JLR India), and Amit Suri (Volvo India) were also part of the event.
3. Debuting EVs in two different national parks
Tata Nexon EV in Satpura Tiger Reserve, Audi e-tron in Gir National Park
In 2021, we were the first to drive an electric car (specifically, the Tata Nexon EV) into Madhya Pradesh’s Satpura Tiger Reserve. The roughly 140km drive from Bhopal to Forsyth Lodge was completed with around 30km of range remaining, despite starting with the battery at 92 percent. With no fast-charging infrastructure nearby, the Nexon EV had to be charged overnight using a 15A socket. During the safari, the torquey and compact EV performed well on steep inclines and narrow forest trails, and its silent operation allowed it to approach wildlife like sambars, gaurs, wild pigs, and even a leopard without the noise of an idling engine – no tiger, though.
Then, in 2022, we were yet again the first to drive an EV into Gujarat’s Gir National Park, this time in an Audi e-tron. Reaching our accommodation induced a great deal of range anxiety due to faulty chargers along the way, but we managed to get there with around 20 percent of charge remaining. Once we reached, the e-tron was an excellent companion to tour the park with, helping us spot wildlife like chital, crocodiles, lions, and more.
4. Porsche Taycan Kashmir to Kanyakumari road trip
Nearly 4,500km in a performance EV
2022 saw us take one of our most ambitious roadtrips to date: 4,467km from Kashmir to Kanyakumari in a Porsche Taycan. Despite challenges like landslides in Jammu, flooded roads in Punjab, and power outages at certain charging spots, the Taycan handled the journey with ease. On one of the most efficient legs, the Porsche EV delivered 7.1km/kWh, working out to an indicated range of 475km.
Comfort mode was the default setting, but we did have lots of fun in some stretches courtesy of the Taycan’s Sport Plus drive mode. Up to 225kW of fast charging bolstered convenience, and total charging expenses tallied up to just Rs 15,422 – cheaper than fuel for an equivalent petrol car. More than just distance, the trip proved that combining sports car-like performance with electric efficiency works perfectly in real-world conditions, and that the Taycan is more durable than you may think.
5. Pininfarina Battista India top speed record
1900hp, quad-motor hypercar achieved a 358.03kph top speed
Back in early 2023, we set a new Indian top-speed record with the 1,900hp Pininfarina Battista electric hypercar at the NATRAX high-speed oval near Indore. Achieving an impressive v-max of 358.03kph, the Battista blitzed past the previous record of 332.20kph, which was also set by us in 2016 in an Audi R8 V10 Plus.
The Battista top-speed run also ended up establishing new world records for a production car: 0-300kph in 10.49 seconds and a quarter-mile time of 8.55 seconds, all verified by the Federation of Motor Sports Clubs of India (FMSCI).
6. Hero Vida V1 Pro longest distance in 24 hours record
The e-scooter travelled just shy of a whopping 1,800km
The endurance challenge relied on swift battery swaps and flawless coordination, with the pit crew achieving 38 battery changes in under 20 seconds – quite impressive considering the extreme heat, rider fatigue, and complexity involved. Moreover, the Vida V1 Pro ran flawlessly throughout, handling the gruelling conditions with ease and maintaining performance consistently.
7. Volvo EC40 Jaisalmer to Mawsynram road trip
From India’s driest region to its wettest
In 2024, we took the Volvo EC40 (formerly known as the C40 Recharge) on a roughly 3,000km road trip from Jaisalmer in Rajasthan – one of India’s driest locations – to Mawsynram in Meghalaya, widely recognised as the country’s wettest. The route included a detour to Ghaziabad’s Volvo Reverse Project, a former dumping ground where around 10,000 trees had been planted as part of the company’s reforestation initiative.
Charging was carried out mainly overnight with DC fast chargers also used along the route, and the EC40 posed no issues during the journey. Ironically, we encountered heavy rain and waterlogging in Jaisalmer but surprisingly little rainfall in Mawsynram.
8. Mercedes Benz EQS sedan longest distance world record
Setting off from Bangalore on a full charge, the EQS 580 covered a distance of 949km when it reached its destination in Navi Mumbai, beating the previous Guinness World Record for the same by 32.26km. Impressively, the 949km real-world range exceeds EQS 580’s claimed range of 817km by just over 16 percent. It’s also worth mentioning that the two-day journey was completed under arduous conditions like heavy rainfall, lots of traffic, broken roads, and even a flat tyre.
9. Porsche Taycan BIC EV lap record
2:10.313 lap time makes the Taycan the fastest EV around BIC so far
At the Buddh International Circuit in Greater Noida, we lapped a Porsche Taycan Turbo S and clocked a time of 2:10.313 minutes – the first-ever EV lap record around the 5.125km track. Despite its rather portly kerb weight of 2,370kg, the Taycan delivered unexpectedly sharp performance at BIC thanks to 761hp and 1,050Nm, a low centre of gravity (aided by the heavy 93.4 kWh battery), precise steering, and superb balance.
Upon hitting the apex and pinning the throttle, the Taycan belied physics the way it propelled out of corners with explosive speed, and despite weighing 845kg more, the EV achieved nearly the same top speed as the 911 GT3 RS at the end of BIC’s main straight.
10. Ultraviolette F99 India top speed record
258kph around NATRAX and a 100-200kph run of 6.2 seconds
One of our more recent records entailed setting a new benchmark for made-in-India two-wheelers by hitting a top speed of 258kph on the Ultraviolette F99 at the NATRAX oval. Designed around a 400V architecture with a liquid-cooled powertrain, the purpose-built F99 packs 120hp and an astounding 972Nm (measured at the rear wheel).
The F99’s custom trellis frame, forged carbon-fibre bodywork, Brembo brakes, and Ohlins suspension helped the bike remain stable at high speeds, culminating in a clean record run captured via precision V-Box data. It also achieved a blistering 0-200kph run in under 10 seconds and 100-200kph in just 6.2 seconds, smashing previous Indian motorcycle speed records.
11. Mercedes Benz EQS SUV temperature change record
From the sweltering heat of Rajasthan to the sub-zero chill of Ladakh
Our 2025 Guinness World Record saw us achieving the greatest temperature change endured by a production EV. We accomplished this using the Mercedes-Benz EQS 450 SUV, driving from the scorching heat of 47.5 deg-C in Rajasthan to the below-freezing chill of -3.7 deg-C in Ladakh, for an impressive overall temperature swing of 51.2 deg-C.
The journey tested the limits of the EQS 450 SUV, especially its 122kWh battery’s thermal management system. Despite extreme variations in temperature, the climate control and battery systems kept the EQS 450 SUV performing smoothly and safely.
Stocks to Watch: बुधवार यानी 9 सितंबर को शेयर बाजार में कई स्टॉक्स पर नजर रहेगी। Raymond, TCS, Biocon और Bank of Baroda समेत 16 कंपनियों से जुड़े अहम अपडेट सामने आए हैं। इनमें बड़े ऑर्डर, हिस्सेदारी बिक्री, फंड जुटाने और डिविडेंड से जुड़े फैसले शामिल हैं। ऐसे में इन शेयरों में बाजार खुलने के बाद हलचल देखने को मिल सकती है।
Raymond
टेक्सटाइल और गारमेंट कंपनी Raymond ₹214.71 करोड़ तक जुटाएगी। इसके लिए 33,28,686 कन्वर्टिबल वारंट जारी किए जाएंगे। ये वारंट Minerva Ventures Fund को ₹645 प्रति वारंट की कीमत पर मिलेंगे। हर वारंट से ₹645 में एक इक्विटी शेयर लेने का अधिकार होगा।
Tata Consultancy Services
आईटी सर्विसेज कंपनी Tata Consultancy Services को ओडिशा सरकार से ₹122.6 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसके तहत OSWAS 3.0 लागू किया जाएगा। इसमें वर्कफ्लो ऑटोमेशन, एनालिटिक्स, सिक्योरिटी और AI को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा।
Biocon
बायोफार्मा कंपनी Biocon में Active Pine करीब 1.66 करोड़ शेयर बेच सकता है। यह कंपनी में करीब 1% हिस्सेदारी के बराबर है। करीब ₹638.4 करोड़ का ब्लॉक डील होने की संभावना है। शेयर का फ्लोर प्राइस ₹385 रखा गया है, जो मौजूदा बाजार भाव से करीब 1.9% कम है।
Enviro Infra Engineers
वाटर ट्रीटमेंट कंपनी Enviro Infra Engineers की स्टेप-डाउन सब्सिडियरी Suyog Urja को ₹189.99 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ऑर्डर Tata Power Renewable Energy ने दिया है। काम महाराष्ट्र के Parli में 180 MW के NTPC विंड पावर प्रोजेक्ट से जुड़ा है।
Laxmi Organic Industries
केमिकल कंपनी Laxmi Organic Industries के MD और CEO Rajan Venkatesh 13 नवंबर 2026 को पद छोड़ेंगे। इसके बाद 14 नवंबर से Harshvardhan Goenka MD और CEO की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका कार्यकाल पांच साल का होगा। कंपनी ने इस बदलाव की जानकारी दी है।
Bank of Baroda
सरकारी बैंक Bank of Baroda NSE में अपनी हिस्सेदारी का 35% हिस्सा बेचने की तैयारी कर रहा है। बैंक OFS के जरिए 76,90,375 तक NSE शेयर बेच सकता है। ये शेयर 8 सितंबर को एस्क्रो अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। बिक्री सितंबर के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है।
Innovision
सिक्योरिटी और मैनपावर सर्विसेज कंपनी Innovision को NHAI से कुल ₹243.60 करोड़ के दो वर्क ऑर्डर मिले हैं। इनमें मध्य प्रदेश के हाईवे फीस प्लाजा पर टोल कलेक्शन और सुविधाओं के रखरखाव का काम शामिल है।
Great Eastern Shipping Company
शिपिंग कंपनी Great Eastern Shipping Company ने एक सेकंडहैंड Kamsarmax ड्राई बल्क कैरियर खरीदने का करार किया है। इसका वजन उठाने की क्षमता 81,609 DWT है और यह जहाज 2019 में बना था। इसकी डिलीवरी वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही में होने की उम्मीद है।
Sanofi India
फार्मा कंपनी Sanofi India ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका खारिज कर दी है। यह याचिका BARC, Mysore को 2012 से 2015 के बीच फार्मास्युटिकल सप्लाई से जुड़े CBI मामले में आपराधिक कार्यवाही को चुनौती देने के लिए थी। कंपनी ने कहा कि 7 सितंबर के आदेश में किसी को दोषी नहीं ठहराया गया है। मामला इस बात से जुड़ा है कि किसी कर्मचारी को आरोपी बनाए बिना कंपनी के खिलाफ मुकदमा जारी रह सकता है या नहीं।
K.P. Energy
रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी K.P. Energy को Emmvee Energy से कर्नाटक में 42 MW का विंड-सोलर हाइब्रिड प्रोजेक्ट लगाने के लिए LOI मिला है। इसमें 21 MW विंड और 21 MWp सोलर क्षमता होगी। यह प्रोजेक्ट Emmvee Energy की कर्नाटक स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज की कैप्टिव पावर जरूरत पूरी करेगा।
PVR INOX
मल्टीप्लेक्स कंपनी PVR INOX ने बेंगलुरु के बेलंदूर स्थित Soul Space Spirit में 3 नए स्क्रीन शुरू किए हैं। इनमें एक 4DX और दो मेनस्ट्रीम स्क्रीन शामिल हैं। नए स्क्रीन जुड़ने के बाद यहां कुल 7 स्क्रीन हो गई हैं।
Ritco Logistics
लॉजिस्टिक्स सेक्टर की कंपनी Ritco Logistics को अगस्त में ₹388 करोड़ का ऑर्डर मिला है। यह कंपनी के लिए बड़ा कॉन्ट्रैक्ट है। इससे कारोबार और आने वाले रेवेन्यू को सपोर्ट मिल सकता है। इ
Bajaj Holdings
इन्वेस्टमेंट कंपनी Bajaj Holdings के बोर्ड की 15 सितंबर को बैठक होगी। इसमें वित्त वर्ष 2026-27 के अंतरिम डिविडेंड पर विचार किया जाएगा। डिविडेंड को लेकर बोर्ड का फैसला निवेशकों के लिए अहम हो सकता है।
Maharashtra Scooters
ऑटोमोबाइल से जुड़ी कंपनी Maharashtra Scooters के बोर्ड की 15 सितंबर को बैठक होगी। इसमें वित्त वर्ष 2026-27 के अंतरिम डिविडेंड पर विचार किया जाएगा। डिविडेंड को लेकर बोर्ड के फैसले पर निवेशकों की नजर रहेगी।
MosChip
सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी MosChip ने Vayavya Labs के 73% अधिग्रहण से जुड़े विवाद पर अपडेट दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने रिस्पॉन्डेंट्स को 15 सितंबर तक अतिरिक्त ₹200 करोड़ की सिक्योरिटी जमा करने को कहा है। कोर्ट ने कंपनी के खिलाफ आदेश में किसी उल्लंघन या दोष पर फैसला नहीं दिया है।
NLC India
सरकारी पावर कंपनी NLC India की सब्सिडियरी को SJVN से 200 MW के विंड पावर प्रोजेक्ट का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़ा है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Stock in Focus: वाटर ट्रीटमेंट कंपनी Enviro Infra Engineers Ltd को बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी की स्टेप-डाउन सब्सिडियरी Suyog Urja Limited को Tata Power Renewable Energy Ltd से ₹189.99 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है।
यह कॉन्ट्रैक्ट महाराष्ट्र के Parli में 180 MW के NTPC Wind Power Project से जुड़ा है। कॉन्ट्रैक्ट 7 सितंबर 2026 को मिला था। इसे 31 मार्च 2027 तक पूरा करना है।
कंपनी को क्या काम मिला है?
Suyog Urja को विंड टर्बाइन जनरेटर की फाउंडेशन तैयार करनी है। इसमें रिइनफोर्समेंट स्टील की सप्लाई और जियोटेक्निकल काम भी शामिल हैं।
कंपनी को Balance of Plant यानी BoP से जुड़े काम भी करने हैं। इसमें 39 एकड़ में सिक्योर स्टोरेज यार्ड बनाना शामिल है। सामान पहुंचाने के लिए राइट ऑफ वे का कोऑर्डिनेशन भी करना होगा। इसके अलावा स्थायी और अस्थायी सड़कें, रास्ते और क्रेन पैड बनाए जाएंगे। 33 किलोवोल्ट ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण और कमीशनिंग भी कंपनी के जिम्मे है।
पहले भी मिला था ₹207 करोड़ का ऑर्डर
मई 2026 में Suyog Urja को ₹207.47 करोड़ का एक और कॉन्ट्रैक्ट मिला था। यह हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट से जुड़ा था।
इसमें विंड और सोलर दोनों प्रोजेक्ट शामिल थे। काम में लैंड एग्रीगेशन, सिविल और इलेक्ट्रिकल काम, क्रेन की सप्लाई, विंड इक्विपमेंट की इंस्टॉलेशन और सोलर इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल था।
Enviro Infra के शेयर का हाल
Enviro Infra Engineers का शेयर मंगलवार को NSE पर 1% की गिरावट के साथ ₹196.35 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 43.17% ऊपर गया है। हालांकि, 1 साल में इसने 19.06% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 3.45 हजार करोड़ रुपये है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Stock in Focus: सरकारी कंपनी Power Grid Corporation of India Ltd ने राजस्थान के रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट से बिजली निकालने के लिए बड़ा ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट हासिल किया है। कंपनी को राजस्थान के बाड़मेर कॉम्प्लेक्स से 6 GW सोलर पावर ट्रांसमिशन के लिए सफल बोलीदाता चुना गया है।
यह प्रोजेक्ट टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग के तहत मिला है। कंपनी ने इसके लिए ₹3,244.33 करोड़ सालाना ट्रांसमिशन चार्ज की बोली लगाई है। POWERGRID को 2 सितंबर 2026 को लेटर ऑफ इंटेंट of Intent मिला है।
1,000 किमी लंबी HVDC लाइन बनेगी
प्रोजेक्ट के तहत राजस्थान के बाड़मेर-II में 6,000 MW की HVDC टर्मिनल स्थापित की जाएगी। महाराष्ट्र के साउथ कलांब में भी टर्मिनल बनेगी। दोनों जगहों पर ±800 kV HVDC सिस्टम लगाया जाएगा।
बाड़मेर-II से साउथ कलांब के बीच करीब 1,000 किमी लंबी ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जाएगी। यह राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगी।
इसके अलावा राजस्थान में 400 kV की ट्रांसमिशन लाइन, जरूरी बे और दूसरे उपकरण भी लगाए जाएंगे। बाड़मेर-II पावर स्टेशन पर दो SynCon यूनिट भी स्थापित की जाएंगी।
BOOT मॉडल पर बनेगा प्रोजेक्ट
यह प्रोजेक्ट Build, Own, Operate and Transfer यानी BOOT मॉडल पर विकसित होगा। इसके तहत कंपनी प्रोजेक्ट बनाएगी, चलाएगी और तय अवधि के बाद इसे ट्रांसफर किया जाएगा।
हाल में गुजरात का भी प्रोजेक्ट मिला
पिछले महीने भी POWERGRID को गुजरात में रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांसमिशन का बड़ा प्रोजेक्ट मिला था। इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने ₹822.91 करोड़ सालाना ट्रांसमिशन टैरिफ की बोली लगाई थी।
बुधवार को Power Grid Corporation का शेयर NSE पर 1.23% की तेजी के साथ ₹267.80 पर बंद हुआ।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।