आस्था स्पिनटेक्स को 25 करोड़ रुपये का ग्रेज फैब्रिक ऑर्डर, 2 साल में करनी होगी सप्लाई

आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड को करीब 25 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर JSK टेक्सटाइल LLP ने दिया है। इसके तहत करीब 750 MT ग्रेज फैब्रिक का निर्माण और सप्लाई करनी है।

कंपनी के मुताबिक, यह लॉन्ग टर्म और नॉन-कैंसिलेबल ऑर्डर है। इस ऑर्डर को दो साल में पूरा करना है।

दो महीने में शुरू होगी सप्लाई

आस्था स्पिनटेक्स इस ऑर्डर पर अगले दो महीनों में काम शुरू करेगी। शुरुआत में करीब 30 MT ग्रेज फैब्रिक की सप्लाई की जाएगी।

इसके बाद क्वालिटी अप्रूवल मिलने पर बाकी ऑर्डर की सप्लाई शुरू होगी। कंपनी को उम्मीद है कि इस ऑर्डर से उसके रेवेन्यू और ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस को फायदा होगा।

चेयरमैन ने क्या कहा?

आस्था स्पिनटेक्स के चेयरमैन और डायरेक्टर दिव्यांग जसवंतभाई पटेल ने कहा कि कंपनी को ग्रेज फैब्रिक की सप्लाई के लिए यह लॉन्ग टर्म ऑर्डर मिलने की खुशी है।

उन्होंने कहा कि इससे मौजूदा टेक्सटाइल ऑपरेशन्स और मजबूत होंगे। साथ ही, ऑर्डर पूरा होने की अवधि में बिजनेस की विजिबिलिटी बढ़ेगी। उनके मुताबिक, यह ऑर्डर कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं पर ग्राहकों के भरोसे को भी दिखाता है।

तीन स्तंभों पर ग्रोथ की रणनीति

कंपनी ने ग्रोथ के अगले चरण के लिए ‘थ्री-पिलर ग्रोथ स्ट्रेटेजी’ पेश की है। इसमें फाइनेंशियल एक्सीलेंस, शेयरहोल्डर रिवॉर्ड्स और यार्न से फैब्रिक तक वर्टिकल इंटीग्रेशन पर फोकस है।

इसी रणनीति के तहत बोर्ड ने 1:1 बोनस इश्यू को मंजूरी दी है। इसके साथ ही कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी बढ़ाने का भी फैसला हुआ है। इसे 45 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये किया जाएगा।

यार्न से फैब्रिक तक बढ़ेगी मौजूदगी

आस्था स्पिनटेक्स ने अपने ब्रांड के तहत ग्रे फैब्रिक और दूसरे वैल्यू-एडेड फैब्रिक प्रोडक्ट्स में विस्तार को भी मंजूरी दी है। इसका मकसद टेक्सटाइल वैल्यू चेन में आगे बढ़ना है।

ये फैसले फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड के हालिया अधिग्रहण के बाद लिए गए हैं। इस अधिग्रहण से कंपनी की स्पिनिंग क्षमता 7,700 MT से बढ़कर 17,457 MT हो जाएगी।

वहीं, स्पिंडल क्षमता 25,920 से बढ़कर 61,824 हो जाएगी। इससे कंपनी के पास विस्तार के अगले चरण के लिए बड़ा मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म तैयार होगा।

लंबी और मध्यम अवधि के लिहाज से यह शेयरों में निवेश का शानदार मौका, एक्सपर्ट ने बताई इसकी खास वजह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tuni Textile Mills को ₹30.17 करोड़ तक के ऑर्डर मिले, 19.75 लाख मीटर फैब्रिक की सप्लाई

टुनी टेक्सटाइल मिल्स लिमिटेड को घरेलू बाजार से तीन नए परचेज ऑर्डर मिले हैं। कंपनी ने बताया कि ये सभी ऑर्डर्स सितंबर 2026 में मिले। इन ऑर्डर्स की कुल वैल्यू करीब 29.51 करोड़ रुपये से 30.17 करोड़ रुपये के बीच है। इनमें करीब 19.75 लाख मीटर बुने हुए शर्टिंग और फिनिश्ड फैब्रिक की सप्लाई शामिल है।

कंपनी के मुताबिक, इन ऑर्डर्स में पॉली-कॉटन, ज्यादा कॉटन वाले शर्टिंग फैब्रिक और दूसरे तैयार कपड़े शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि इससे आने वाले महीनों के लिए उसकी ऑर्डर विजिबिलिटी मजबूत होगी।

तीन कंपनियों से मिले ऑर्डर

इन तीन ऑर्डर्स में सबसे बड़ा ऑर्डर Northcross Syntex ने दिया है। इसमें 10 लाख मीटर फिनिश्ड फैब्रिक की सप्लाई शामिल है।

वहीं, Sharda Corporation ने 5.75 लाख मीटर फैब्रिक का ऑर्डर दिया है। इसमें पॉली-कॉटन शर्टिंग और ज्यादा कॉटन वाले फैब्रिक शामिल हैं। Disha Clothings ने करीब 4 लाख मीटर वोवन शर्टिंग का ऑर्डर दिया है, जिसमें अलग-अलग पॉली-कॉटन स्पेसिफिकेशन हैं।

120 दिनों तक में करनी होगी डिलीवरी

कंपनी के मुताबिक, इन ऑर्डर्स की डिलीवरी अगले 60 से 120 दिनों में करनी है। Northcross Syntex के ऑर्डर की डिलीवरी 5 जनवरी 2027 तक पूरी करनी है।

कुल ऑर्डर वॉल्यूम करीब 19.75 लाख मीटर है। यह कंपनी की बताई गई सालाना 20 लाख मीटर की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का करीब 98.75% है। कंपनी के मुताबिक, ऑर्डर्स को पूरा करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग के साथ जॉब वर्क, सोर्सिंग और ट्रेडिंग का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

1987 से टेक्सटाइल कारोबार में कंपनी

टुनी टेक्सटाइल मिल्स 1987 से टेक्सटाइल कारोबार में है। कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग सुविधा महाराष्ट्र के MIDC मुरबाड में है। यहां यूरोप में बने रैपियर लूम और दूसरी बुनाई सुविधाएं मौजूद हैं।

कंपनी पॉलीएस्टर, कॉटन, पॉलीएस्टर-कॉटन, पॉलीएस्टर विस्कोस और दूसरे ब्लेंडेड फैब्रिक बनाती है। इसके अलावा प्लेन, ट्विल, ऑक्सफोर्ड, साटन, हेरिंगबोन और पॉपलिन जैसी अलग-अलग बुनाई संरचनाओं में भी फैब्रिक तैयार किया जाता है।

मैनेजिंग डायरेक्टर ने क्या कहा?

टुनी टेक्सटाइल मिल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर नरेंद्र कुमार सुरेका ने कहा कि नए ऑर्डर कंपनी के शर्टिंग और ब्लेंडेड फैब्रिक की मांग को दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि तीनों ऑर्डर कंपनी की बुनाई क्षमता और मौजूदा प्रोडक्ट रेंज के अनुरूप हैं।

उन्होंने कहा कि कंपनी का फोकस फैब्रिक की क्वालिटी बनाए रखने, ग्राहकों की जरूरत पूरी करने और समय पर डिलीवरी पर रहेगा। कंपनी ग्राहकों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने पर भी काम कर रही है।

राइट्स इश्यू को भी मिली मंजूरी

टुनी टेक्सटाइल मिल्स ने हाल में राइट्स इश्यू को भी मंजूरी दी है। कंपनी 48,98,66,250 पूरी तरह पेड-अप इक्विटी शेयर जारी करेगी। इस इश्यू की कुल वैल्यू 48.99 करोड़ रुपये है और इश्यू प्राइस 1 रुपये प्रति शेयर रखा गया है।

यह राइट्स इश्यू 16 सितंबर 2026 तक पात्र शेयरधारकों के पास मौजूद हर 4 शेयर पर 15 राइट्स शेयर के अनुपात में होगा। कंपनी की राइट्स इश्यू कमिटी ने इसके लिए लेटर ऑफ ऑफर को भी मंजूरी दे दी है।

कंपनी महाराष्ट्र के MIDC मुरबाड में अपने मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए कारोबार कर रही है। इसके पोर्टफोलियो में शर्टिंग, सूट, यूनिफॉर्म और दूसरे कपड़ों के लिए पॉलीएस्टर, कॉटन और ब्लेंडेड फैब्रिक शामिल हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aastha Spintex Bonus Share: 1:1 बोनस इश्यू की रिकॉर्ड डेट तय, 30 सितंबर से शुरू होगी ट्रेडिंग

Aastha Spintex Bonus Share: गुजरात की टेक्सटाइल कंपनी आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड ने 1:1 बोनस इश्यू की रिकॉर्ड डेट तय कर दी है। कंपनी ने सोमवार, 28 सितंबर 2026 को रिकॉर्ड डेट रखा है। इस दिन कंपनी के शेयर रखने वाले पात्र शेयरधारकों को बोनस शेयर मिलेंगे।

कंपनी के बोर्ड ने 22 सितंबर को हुई बैठक में इससे जुड़े फैसलों को अंतिम रूप दिया। बोनस इश्यू के तहत कुल 4,41,42,190 बोनस इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। बोनस शेयरों की ट्रेडिंग 30 सितंबर 2026 से शुरू होगी।

हर एक शेयर पर मिलेगा एक बोनस शेयर

1:1 बोनस इश्यू का मतलब है कि रिकॉर्ड डेट पर आपके पास कंपनी का एक शेयर है तो आपको एक और बोनस शेयर मिलेगा। इसके लिए अलग से कोई पैसा नहीं देना होगा।

उदाहरण के लिए आपके पास 100 शेयर हैं। बोनस इश्यू के बाद आपके पास कुल 200 शेयर हो जाएंगे। बोनस शेयर भी मौजूदा शेयरों की तरह ही पूरी तरह पेड-अप होंगे और उन्हें समान अधिकार मिलेंगे।

₹44.14 करोड़ के रिजर्व का होगा इस्तेमाल

कंपनी ने बोनस शेयर जारी करने के लिए 31 मार्च 2026 तक उपलब्ध फ्री रिजर्व, सिक्योरिटीज प्रीमियम और कैपिटल रिडेम्पशन रिजर्व का इस्तेमाल करने को मंजूरी दी है। इसके लिए अधिकतम ₹44.14 करोड़ की राशि इस्तेमाल की जाएगी।

इसके अलावा कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी बढ़ाने को भी मंजूरी दी गई है। इसे ₹45 करोड़ से बढ़ाकर ₹100 करोड़ किया जाएगा। इससे बोनस इश्यू के साथ कंपनी के आगे के विस्तार के लिए भी पूंजी ढांचा मजबूत होगा।

टेक्सटाइल कारोबार में आगे बढ़ने की तैयारी

आस्था स्पिनटेक्स ने अपने ब्रांड के तहत ग्रे फैब्रिक और दूसरे वैल्यू-एडेड फैब्रिक प्रोडक्ट्स में विस्तार की योजना को भी मंजूरी दी है। कंपनी का लक्ष्य टेक्सटाइल वैल्यू चेन में स्पिनिंग से आगे बढ़कर ज्यादा वैल्यू वाले प्रोडक्ट्स पर फोकस करना है।

यह योजना फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड के हालिया अधिग्रहण के बाद सामने आई है। इससे कंपनी की स्पिनिंग क्षमता 7,700 MT से बढ़कर 17,457 MT हो जाएगी। वहीं स्पिंडल क्षमता 25,920 से बढ़कर 61,824 हो जाएगी।

दो साल में रेवेन्यू और मुनाफा बढ़ा

कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में भी पिछले दो वित्त वर्षों में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। आस्था स्पिनटेक्स का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2022-23 में ₹240 करोड़ था। यह वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर ₹352 करोड़ हो गया।

इसी अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1.1 करोड़ से बढ़कर ₹23 करोड़ हो गया। कंपनी के मुताबिक रेवेन्यू का CAGR 21.2% और नेट प्रॉफिट का CAGR 356% रहा।

बोनस इश्यू के साथ कंपनी अब टेक्सटाइल कारोबार में आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है। रिकॉर्ड डेट 28 सितंबर है, जबकि बोनस शेयरों में ट्रेडिंग 30 सितंबर से शुरू होगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

आस्था स्पिनटेक्स का नया प्लान, फाल्कन यार्न्स यूनिट में 1.35 MW रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट

आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड ने फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में लगाए जा रहे 1.35 MW के रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट पर काम आगे बढ़ाया है। कंपनी ने बताया कि प्रोजेक्ट अब साइट पर काम शुरू होने के चरण में पहुंच गया है। आस्था स्पिनटेक्स पहले ही फाल्कन यार्न्स के अधिग्रहण की जानकारी दे चुकी है।

GEDA से मिला रजिस्ट्रेशन

फाल्कन यार्न्स की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट गुजरात के राजकोट जिले के गोंडल में भरुडी में स्थित है। यहां 1,000 kW AC और 1,350 kW DC क्षमता का रूफटॉप सोलर PV सिस्टम लगाया जाएगा।

इसके लिए कंपनी को Gujarat Energy Development Agency (GEDA) से रजिस्ट्रेशन मिल गया है। यह रजिस्ट्रेशन 16 सितंबर 2026 को जारी हुआ। प्रोजेक्ट को इंडस्ट्रियल और कमर्शियल कैटेगरी में ‘गुजरात इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी-2025’ के तहत रजिस्टर किया गया है।

साइट पर शुरू हुआ काम

कंपनी के मुताबिक, अब प्रोजेक्ट का काम साइट पर शुरू हो गया है। 16 सितंबर की डेली प्रोग्रेस रिपोर्ट के अनुसार, वहां 13 कर्मचारी तैनात थे।

मॉड्यूल माउंटिंग स्ट्रक्चर यानी MMS की मार्किंग का करीब 70% काम पूरा हो चुका है। वहीं, MMS लगाने का करीब 40% काम पूरा हो गया है। रेगुलेटरी रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद यह प्रोजेक्ट के अगले चरण की शुरुआत है।

अधिग्रहण के बाद ऑपरेशन पर फोकस

आस्था स्पिनटेक्स फाल्कन यार्न्स के अधिग्रहण के बाद उसके मैन्युफैक्चरिंग परिसर में कई ऑपरेशनल पहल आगे बढ़ा रही है। रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट भी इसी योजना का हिस्सा है।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर दिव्यांग जसवंत पटेल ने कहा कि GEDA रजिस्ट्रेशन पूरा होना और साइट पर काम शुरू होना प्रोजेक्ट के लिए अहम पड़ाव है। उन्होंने कहा कि मॉड्यूल माउंटिंग स्ट्रक्चर का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और प्रोजेक्ट तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ रहा है।

कंपनी की थ्री-पिलर ग्रोथ स्ट्रेटेजी

आस्था स्पिनटेक्स ने अपनी ग्रोथ के अगले चरण के लिए ‘थ्री-पिलर ग्रोथ स्ट्रेटेजी’ पेश की है। इसमें तीन चीजों पर फोकस है। पहला, फाइनेंशियल एक्सीलेंस। दूसरा, शेयरहोल्डर रिवॉर्ड्स। तीसरा, यार्न से फैब्रिक तक वर्टिकल इंटीग्रेशन।

कंपनी के मुताबिक, फाल्कन यार्न्स की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में सोलर प्रोजेक्ट भी उसके बढ़े हुए मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म के ऑपरेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की पहल का हिस्सा है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

आस्था स्पिनटेक्स की फाल्कन यार्न्स को ₹51 करोड़ के ऑर्डर, बोनस शेयर और डिविडेंड का भी किया है ऐलान

Aastha Spintex: गुजरात की इंटीग्रेटेड कॉटन यार्न निर्माता कंपनी आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड ने अपनी सहायक कंपनी Falcon Yarns Pvt. Ltd. के लिए ₹51.46 करोड़ की ऑर्डर बुक का ऐलान किया है। ये ऑर्डर अगस्त से अक्टूबर 2026 के बीच पूरे किए जाएंगे। कंपनी का कहना है कि इससे आने वाली तिमाहियों के रेवेन्यू को मजबूती मिलेगी।

10 से ज्यादा ग्राहकों से मिले ऑर्डर

कंपनी को 10 से अधिक ग्राहकों से 38 कन्फर्म ऑर्डर मिले हैं। इनके तहत 17.35 लाख किलोग्राम कॉटन यार्न की सप्लाई की जाएगी। यह ऑर्डर बुक कंपनी के वित्त वर्ष 2025-26 के कुल रेवेन्यू का करीब 20.62% है।

ऑर्डर देने वाले प्रमुख ग्राहकों में Fair Deal, Elkins TradeLinks, ACME Textile जैसी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी ने इस दौरान A M Trading को नए ग्राहक के रूप में भी जोड़ा है।

बोनस शेयर और विस्तार की तैयारी

बोर्ड ने Aastha Spintexकी थ्री-पिलर ग्रोथ स्ट्रैटेजी को मंजूरी दी है। इसके तहत 1:1 बोनस शेयर, डिविडेंड और फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग में फॉरवर्ड इंटीग्रेशन शामिल है। कंपनी के मुताबिक, वो अब केवल यार्न निर्माता नहीं रहना चाहती, बल्कि इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल कंपनी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

23 जुलाई को हुई बोर्ड बैठक में 1:1 बोनस इश्यू को मंजूरी दी गई। साथ ही अधिकृत शेयर पूंजी ₹45 करोड़ से बढ़ाकर ₹100 करोड़ करने का प्रस्ताव भी रखा गया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹0.10 के फाइनल डिविडेंड की भी सिफारिश की है। इसे AGM में शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है।

पिछले साल कैसा रहा प्रदर्शन?

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹352 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹23.8 करोड़ रहा। कंपनी के मुताबिक, पिछले चार वर्षों में उसका मुनाफा करीब 2,200% बढ़ा है। यह लगभग ₹1 करोड़ से बढ़कर ₹23.8 करोड़ हो गया।

मैनेजमेंट का कहना है कि मजबूत ऑर्डर बुक, ग्राहकों का भरोसा और वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल कारोबार में विस्तार की रणनीति आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ को नई रफ्तार दे सकती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aastha Spintex ने 1:1 बोनस शेयर का ऐलान किया, वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल कारोबार में करेगी विस्तार

कॉटन यार्न निर्माता कंपनी Aastha Spintex ने अपने शेयरधारकों के लिए 1:1 बोनस शेयर जारी करने का ऐलान किया है। इसका मतलब है कि निवेशकों को उनके पास मौजूद हर एक शेयर पर एक अतिरिक्त बोनस शेयर मिलेगा। कंपनी के बोर्ड ने 23 जुलाई 2026 को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।

बोनस इश्यू को पूरा करने के लिए कंपनी ने अपनी अधिकृत शेयर पूंजी 45 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये करने का भी फैसला किया है। इसके अलावा बोर्ड ने FY26 के लिए 10 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 0.10 रुपये के अंतिम डिविडेंड की भी सिफारिश की है। हालांकि, डिविडेंड और बोनस इश्यू दोनों पर अंतिम मुहर शेयरधारकों की मंजूरी के बाद लगेगी।

वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल कारोबार में उतरेगी कंपनी

गुजरात की कॉटन यार्न निर्माता कंपनी Aastha Spintex अब अपने कारोबार का विस्तार करते हुए ग्रे फैब्रिक और अन्य वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल उत्पादों के क्षेत्र में भी प्रवेश करेगी। कंपनी का कहना है कि यह कदम उसे टेक्सटाइल वैल्यू चेन में आगे बढ़ने और नए ग्रोथ अवसरों का फायदा उठाने में मदद करेगा।

हाल ही में बढ़ाई है उत्पादन क्षमता

कंपनी ने हाल ही में Falcon Yarns Pvt. Ltd. का अधिग्रहण पूरा किया है। इसके बाद उसकी सालाना स्पिनिंग क्षमता 7,700 मीट्रिक टन से बढ़कर 17,457 मीट्रिक टन हो गई है। वहीं स्पिंडल क्षमता 25,920 से बढ़कर 61,824 तक पहुंच गई है। कंपनी का मानना है कि नई उत्पादन क्षमता के साथ वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल सेगमेंट में विस्तार उसकी अगली ग्रोथ का आधार बनेगा।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

Aastha Spintex के मैनेजिंग डायरेक्टर दिव्यांग जसवंत पटेल ने कहा कि बोनस इश्यू और अधिकृत शेयर पूंजी बढ़ाने का फैसला कंपनी के भविष्य को लेकर उसके भरोसे और शेयरधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने की रणनीति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कंपनी अब टेक्सटाइल वैल्यू चेन में आगे बढ़ते हुए अपने ब्रांड के तहत वैल्यू-एडेड उत्पादों पर फोकस करेगी।

पिछले दो साल में मजबूत रही ग्रोथ

कंपनी का प्रदर्शन भी लगातार मजबूत रहा है। FY23 में 240 करोड़ रुपये रहा रेवेन्यू FY25 में बढ़कर 352 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट 1.1 करोड़ रुपये से बढ़कर 23 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो उसकी प्रॉफिटेबिलिटी में तेज सुधार को दिखाता है।

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Aastha Spintex: 23 जुलाई को बोर्ड मीटिंग होगी, 1:1 बोनस शेयर के साथ डिविडेंड देने के प्रस्ताव पर विचार करेगा बोर्ड

Aastha Spintex: गुजरात की इंटीग्रेटेड कॉटन यार्न निर्माता Aastha Spintex Ltd अपने कारोबार के अगले चरण की तैयारी में जुट गई है। कंपनी का बोर्ड 23 जुलाई 2026 को होने वाली बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर विचार करेगा। इनमें 1:1 बोनस शेयर, 100% तक फाइनल डिविडेंड और वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स में विस्तार शामिल है।

बोनस शेयर और डिविडेंड पर फैसला

Aastha Spintex के बोर्ड के सामने 1:1 बोनस इश्यू का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके तहत हर एक इक्विटी शेयर पर एक अतिरिक्त बोनस शेयर मिलेगा। इसके अलावा, ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹10 तक के फाइनल डिविडेंड पर भी विचार किया जाएगा। हालांकि, इन प्रस्तावों को शेयरधारकों की मंजूरी मिलना जरूरी होगा।

टेक्सटाइल वैल्यू चेन में आगे बढ़ने की तैयारी

Aastha Spintex के मुताबिक, वह अब सिर्फ कॉटन यार्न तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी अपने ब्रांड के तहत ग्रे फैब्रिक और दूसरे वैल्यू-एडेड फैब्रिक प्रोडक्ट्स के कारोबार में उतरने की योजना बना रही है। इस कदम से कंपनी टेक्सटाइल वैल्यू चेन में अपनी मौजूदगी और मजबूत करना चाहती है। साथ ही मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का बेहतर इस्तेमाल भी हो सकेगा।

मैनेजिंग डायरेक्टर क्या बोले?

Aastha Spintex के मैनेजिंग डायरेक्टर दिव्यांग जसवंत पटेल ने कहा कि कंपनी लंबे समय से एक मजबूत और इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल बिजनेस बनाने की दिशा में काम कर रही है। उनके मुताबिक, अब टेक्सटाइल वैल्यू चेन में आगे बढ़ने का सही समय है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बोनस इश्यू और डिविडेंड शेयरधारकों के साथ कंपनी की बनाई गई वैल्यू साझा करने की प्रतिबद्धता को भी दिखाते हैं।

हाल में बढ़ी उत्पादन क्षमता

हाल ही में NSE और BSE के मेन बोर्ड पर लिस्टिंग के बाद कंपनी ने Falcon Yarns Pvt Ltd का अधिग्रहण पूरा किया है। कंपनी का दावा है कि अब उसकी सालाना स्पिनिंग क्षमता 7,700 मीट्रिक टन से बढ़कर 17,457 मीट्रिक टन हो गई। वहीं, स्पिंडल क्षमता 25,920 से बढ़कर 61,824 तक पहुंच गई। कंपनी का मानना है कि वैल्यू-एडेड फैब्रिक सेगमेंट में विस्तार इस बढ़ी क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद करेगा।

वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा

पिछले दो वित्त वर्षों में कंपनी की वित्तीय स्थिति में भी सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023 में ₹240 करोड़ रहा रेवेन्यू बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में ₹352 करोड़ हो गया। इस दौरान कंपनी ने 21.2% की CAGR दर्ज की। ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 5.87% से बढ़कर 14.16% हो गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 6.05% से बढ़कर 14.45% पहुंच गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trident Q1 Results: टेक्सटाइल कंपनी का मुनाफा 13% बढ़ा, शेयरधारकों को मिला डिविडेंड

Trident Q1 Results: टेक्सटाइल और पेपर सेक्टर की कंपनी Trident Ltd ने जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का मुनाफा दोहरे अंक में बढ़ा है। रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, EBITDA मार्जिन पिछले साल के स्तर पर ही स्थिर रहा।

मुनाफा और रेवेन्यू दोनों बढ़े

अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 12.9% बढ़कर ₹158 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹140 करोड़ था। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 4.7% बढ़कर ₹1,786.8 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹1,706.8 करोड़ था।

इस दौरान EBITDA 2.7% बढ़कर ₹299.6 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹291.7 करोड़ था। हालांकि, EBITDA मार्जिन 17% पर स्थिर रहा।

किस कारोबार का कैसा प्रदर्शन रहा?

जून तिमाही में यार्न बिजनेस कंपनी का सबसे बड़ा रेवेन्यू देने वाला कारोबार रहा। इस सेगमेंट का रेवेन्यू ₹902 करोड़ से बढ़कर ₹954.2 करोड़ हो गया। पेपर और केमिकल्स कारोबार का रेवेन्यू ₹259.8 करोड़ से बढ़कर ₹297.4 करोड़ पहुंच गया, जो सबसे तेज ग्रोथ वाला सेगमेंट रहा।

वहीं, टॉवल बिजनेस का रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा। यह ₹638.9 करोड़ से मामूली घटकर ₹638.5 करोड़ रह गया। दूसरी ओर, बेडशीट कारोबार का रेवेन्यू ₹309.4 करोड़ से घटकर ₹302.8 करोड़ हो गया।

मुनाफे में किसका सबसे ज्यादा योगदान?

यार्न कारोबार का प्री-टैक्स प्रॉफिट ₹70.1 करोड़ से बढ़कर ₹145.8 करोड़ हो गया। यानी इस सेगमेंट का मुनाफा दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा। बेडशीट बिजनेस का प्री-टैक्स प्रॉफिट ₹44.8 करोड़ से बढ़कर ₹49.3 करोड़ रहा।

हालांकि, पेपर और केमिकल्स सेगमेंट का प्री-टैक्स प्रॉफिट ₹73.3 करोड़ से घटकर ₹52.4 करोड़ रह गया। वहीं, टॉवल कारोबार का प्री-टैक्स प्रॉफिट ₹47.6 करोड़ से घटकर ₹33.7 करोड़ हो गया।

अंतरिम डिविडेंड और नई सब्सिडियरी

कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही के दौरान ₹1 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹0.50 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड दिया।

इसके अलावा, बोर्ड ने ब्रांड की मौजूदगी मजबूत करने और सेल्स, मार्केटिंग, बिजनेस डेवलपमेंट एक्टिविटीज को बढ़ाने के लिए नई सब्सिडियरी बनाने को मंजूरी दी है। यह सब्सिडियरी विदेशी बाजारों में भी Trident के प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग का काम करेगी।

Trident के शेयरों का हाल

Trident का शेयर 21 जुलाई को NSE पर 0.28% गिरकर ₹25.24 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 19.97% नीचे आया है। कंपनी का मार्केट कैप 12.67 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aastha Spintex: आस्था स्पिनटेक्स को ₹76.78 करोड़ के ऑर्डर मिले, कॉटन यार्न की करेगी सप्लाई

Aastha Spintex Order Book: कॉटन यार्न बनाने वाली कंपनी आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड को जुलाई से अक्टूबर 2026 के बीच डिलीवरी के लिए ₹76.78 करोड़ के कन्फर्म ऑर्डर मिले हैं। कंपनी का कहना है कि मजबूत ऑर्डर बुक से आने वाले महीनों में प्रोडक्शन और कमाई को सहारा मिलेगा।

चार महीनों के लिए 55 कन्फर्म ऑर्डर

कंपनी को कुल 55 कन्फर्म ऑर्डर मिले हैं। इनके तहत करीब 26.46 लाख किलोग्राम कॉटन यार्न की सप्लाई की जाएगी। ऑर्डर बुक में जुलाई के लिए ₹24.45 करोड़, अगस्त के लिए ₹20.78 करोड़, सितंबर के लिए ₹22.83 करोड़ और अक्टूबर के लिए ₹8.72 करोड़ के ऑर्डर शामिल हैं।

पुराने ग्राहकों से लगातार मिल रहे ऑर्डर

कंपनी ने बताया कि मौजूदा ऑर्डर बुक वित्त वर्ष 2024-25 के ₹352 करोड़ के रेवेन्यू का 21% से ज्यादा है। 7 Seas Impex, Texpert India, Elkins Trade Links और Niva Export जैसे पुराने ग्राहक लगातार ऑर्डर दे रहे हैं। वहीं, Sharvay Agronics LLP नए ग्राहक के रूप में जुड़ा है, जिससे कंपनी का ग्राहक आधार और मजबूत हुआ है।

Falcon Texotube के अधिग्रहण से फायदा

आस्था स्पिनटेक्स ने हाल ही में Falcon Texotube का अधिग्रहण किया था। कंपनी का दावा है कि इसके बाद स्पिनिंग क्षमता 7,700 MT से बढ़कर 17,457 MT हो गई है। वहीं, स्पिंडल क्षमता 25,920 से बढ़कर 61,824 तक पहुंच गई है। इससे कंपनी अब बड़े और ज्यादा ऑर्डर पूरे करने की स्थिति में है।

वित्तीय प्रदर्शन भी रहा मजबूत

आस्था स्पिनटेक्स के मैनेजमेंट का कहना है कि ₹76.78 करोड़ की ऑर्डर बुक उसकी पोस्ट-एक्विजिशन ग्रोथ रणनीति की सफलता दिखाती है। वित्तीय प्रदर्शन भी मजबूत रहा है। कंपनी का रेवेन्यू FY23 के ₹240 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹352 करोड़ हो गया। वहीं, शुद्ध मुनाफा ₹1.1 करोड़ से बढ़कर ₹23 करोड़ पहुंच गया। ऑपरेटिंग और EBITDA मार्जिन में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

आस्था स्पिनटेक्स का फॉल्कन यॉर्न्स को खरीदने का ऐलान, कॉटन यार्न कारोबार को मिलेगी मजबूत

गुजरात की इंटीग्रेटेड कॉटन यार्न निर्माता कंपनी आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड ने Falcon Yarns Private Limited के अधिग्रहण का ऐलान किया है। कंपनी का कहना है कि इस सौदे से उसकी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता दोगुनी से भी ज्यादा हो जाएगी। साथ ही घरेलू और निर्यात बाजार में बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

क्षमता में होगी बड़ी बढ़ोतरी

आस्था स्पिनटेक्स का दावा है कि अधिग्रहण पूरा होने के बाद उसकी सालाना स्पिनिंग कैपेसिटी 7,700 मीट्रिक टन (MT) से बढ़कर 17,457 MT हो जाएगी। वहीं, स्पिंडल कैपेसिटी 25,920 से बढ़कर 61,824 हो जाएगी।

Falcon Yarns गुजरात में स्पिनिंग यूनिट चलाती है। कंपनी के पास 35,904 स्पिंडल और 9,757 MT सालाना उत्पादन क्षमता है। इस अधिग्रहण से आस्था स्पिनटेक्स को प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ने के साथ ग्राहकों तक पहुंच मजबूत होने की उम्मीद है।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

आस्था स्पिनटेक्स के मैनेजिंग डायरेक्टर दिव्यांग जसवंत पटेल ने कहा कि यह अधिग्रहण कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ स्ट्रैटेजी का अहम हिस्सा है। उनके मुताबिक, Falcon Yarns की आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग सुविधा से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और गुणवत्ता से समझौता किए बिना बड़े स्तर पर ग्राहकों की जरूरतें पूरी की जा सकेंगी।

वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा

पिछले दो वित्त वर्षों में कंपनी की वित्तीय स्थिति में भी सुधार देखने को मिला है। FY23 में कंपनी का रेवेन्यू 240 करोड़ रुपये था, जो FY25 में बढ़कर 352 करोड़ रुपये हो गया। इसी अवधि में नेट प्रॉफिट 1.1 करोड़ रुपये से बढ़कर 23 करोड़ रुपये पहुंच गया।

ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन FY23 के 5.87% से बढ़कर FY25 में 14.16% हो गया। वहीं EBITDA मार्जिन 6.05% से बढ़कर 14.45% पर पहुंच गया।

हाल ही में हुई है लिस्टिंग

आस्था स्पिनटेक्स का 170 करोड़ रुपये का IPO हाल ही में पूरा हुआ था। कंपनी 6 जुलाई 2026 को NSE और BSE के मेन बोर्ड पर लिस्ट हुई। IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल Falcon Yarns के अधिग्रहण, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और सामान्य कॉर्पोरेट कामकाज के लिए किया जाएगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।