Cyient Share Price: इन्वेस्टर डे के बाद शेयर 4% उछला, जेपी मॉर्गन ने दिया ₹1,050 का टारगेट

Cyient Share Price: IT सर्विस कंपनी Cyient के शेयरों में 26 अगस्त को जोरदार तेजी देखने को मिली। शेयर 4 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। शेयर में तेजी कंपनी द्वारा’इन्वेस्टर डे’ पर कंपनी के ग्रोथ और मार्जिन से जुड़ी जानकारी और ब्रोकरेज फर्मों ने रिकवरी की रफ्तार को लेकर मिक्स राय के बाद आई है।

Cyient ने कहा कि ग्रोथ को फिर से तेज करना उसकी शॉर्ट टर्म की प्राथमिकता है। कंपनी का लक्ष्य FY28-29 तक सालाना आधार पर डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ और तिमाही-दर-तिमाही स्थिर ग्रोथ हासिल करना है।

शॉर्ट टर्म में, कंपनी का लक्ष्य 15% से अधिक EBIT मार्जिन हासिल करना है, जबकि मध्यम से लंबी अवधि में उसका लक्ष्य इंडस्ट्री में सबसे अच्छी ग्रोथ के साथ-साथ 16% से अधिक EBIT मार्जिन हासिल करना है।

कंपनी ने कहा कि उसकी ‘गो-टू-मार्केट’ (GTM) टीम अब बड़े सौदे करने और बिजनेस को प्रोजेक्ट-आधारित काम से हटाकर एन्युइटी-आधारित कॉन्ट्रैक्ट्स की ओर ले जाने के लिए तैयार है, जिनसे रेवेन्यू का बेहतर अनुमान लगाया जा सकता है। अभी प्रोजेक्ट-आधारित काम कंपनी के कुल बिजनेस का लगभग 40% है।

मैनेजमेंट ने बताया कि Cyient की ‘लार्ज-डील पाइपलाइन’ (बड़े सौदों की संभावित सूची) अभी रिकॉर्ड ऊंचाई पर है। इसमें 9 ऐसे सौदे शामिल हैं जिनकी कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू लगभग 300 मिलियन डॉलर है।कंपनी ने FY26 को कई रणनीतिक बदलावों के बाद स्थिरता का साल बताया है और उम्मीद है कि FY27 और FY28 में उसकी नई रणनीति से रिकवरी शुरू होगी।

मार्जिन के मामले में Cyient ने पहले ही प्रगति की है; Q1 FY27 में EBIT मार्जिन बढ़कर 13.2% हो गया, जो पहले लगभग 12.2% था। मैनेजमेंट का लक्ष्य AI-आधारित रेवेन्यू ग्रोथ और ऑपरेटिंग कॉस्ट में दक्षता के जरिए मध्यम अवधि में 15% का लक्ष्य हासिल करना है।

JPMorgan के अनुसार, मैनेजमेंट जिन मुख्य पैमानों पर नजर रखेगा, उनमें खास तौर पर बड़े सौदों से ऑर्डर आने में डबल-डिजिट ग्रोथ और मार्जिन का 15% तक बढ़ना शामिल है।

शेयर पर क्या है ब्रोकरेज की राय

JPMorgan ने Cyient के लिए ‘ओवरवेट’ रेटिंग दी है और इसके लिए ₹1,050 प्रति शेयर का प्राइस टारगेट तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि Cyient की नई रणनीति सही दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है, लेकिन स्टॉक की री-रेटिंग के लिए इसे सही ढंग से लागू करना अहम होगा। JPMorgan ने ‘इन्वेस्टर डे’ पर कंपनी के बड़े सौदों पर फोकस, एन्युइटी-आधारित रेवेन्यू की ओर बदलाव और मार्जिन बढ़ाने की योजनाओं को मुख्य सकारात्मक बातें बताया।

इस बीच, मोतीलाल ओसवाल ने Cyient पर अपनी ‘Sell’ रेटिंग को दोहराया है और इसका प्राइस टारगेट ₹740 रखा है। इसका मतलब है कि मंगलवार की क्लोजिंग कीमत से इसमें लगभग 24% की गिरावट आ सकती है।

ब्रोकरेज का कहना है कि वह कंपनी के काम करने के तरीके (एग्जीक्यूशन) के बारे में बेहतर सबूत मिलने का इंतज़ार करेगा, क्योंकि रिकवरी में अभी समय लगेगा और FY27 में ऑर्गेनिक ग्रोथ के मोटे तौर पर स्थिर रहने की उम्मीद है।

हालांकि मोतीलाल ओसवाल Cyient के सेमीकंडक्टर से जुड़े मौकों को लेकर पॉजिटिव है, लेकिन उसका कहना है कि इस बिज़नेस को बड़ी वैल्यूएशन देने से पहले वह ‘प्रूफ ऑफ़ कॉन्सेप्ट’ का इंतज़ार करेगा।

इधर Emkay Global ने Cyient पर अपनी ‘Reduce’ रेटिंग बनाए रखी है और इसका प्राइस टारगेट ₹900 तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि ऐसा लगता है कि मैनेजमेंट ने कंपनी की ग्रोथ में आने वाली मुख्य रुकावटों को दूर कर लिया है और अब उनके पास सही स्ट्रैटेजी और ज़रूरी साधन मौजूद हैं। हालांकि, उसने यह भी कहा कि उसकी राय और रेटिंग में बदलाव इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी अपनी योजनाओं को कितनी अच्छी तरह लागू करती है।

Cyient पारंपरिक इंजीनियरिंग रिसर्च एंड डेवलपमेंट (ER&D) सर्विसेज़ से हटकर ज़्यादा बड़े ‘लाइफसाइकिल इंजीनियरिंग सर्विसेज़’ मॉडल की ओर बढ़ रही है। कंपनी का अनुमान है कि उसका एड्रेसेबल मार्केट पारंपरिक ER&D के लगभग $80-100 बिलियन के मौके से बढ़कर $2.4-3.2 ट्रिलियन के पूरे इंजीनियरिंग लाइफसाइकिल मौके तक फैल सकता है।

मंगलवार को Cyient के शेयर 4.54% बढ़कर ₹1022.15 पर बंद हुए और पिछले एक महीने में इस स्टॉक में 18% से ज़्यादा की बढ़त हुई है।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Shadowfax में क्वालकॉम ने बेची ₹184 करोड़ की हिस्सेदारी, सोमवार को शेयर में दिख सकता है जबरदस्त एक्शन

अमेरिकी मल्टीनेशनल कंपनी क्वालकॉम इनकॉरपोरेटेड ने ओपन-मार्केट ट्रांजेक्शन के जरिए लॉजिस्टिक्स फर्म शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज में 184 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। स्टॉक एक्सचेंज पर उपलब्ध बल्क डील डेटा के अनुसार, क्वालकॉम की सब्सिडियरी क्वालकॉम एशिया पैसिफिक पीटीई ने शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज में 75 लाख शेयर बेचे। ये कंपनी की कुल हिस्सेदारी के 1.28 प्रतिशत के बराबर हैं। शेयर 245.13 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचे गए, जिससे इस ट्रांजेक्शन की कुल वैल्यू 183.8 करोड़ रुपये रही।

जून 2026 तक क्वालकॉम एशिया पैसिफिक पीटीई के पास शैडोफैक्स की 2.26 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इस डेवलपमेंट के बाद सोमवार, 24 अगस्त को शैडोफैक्स के शेयरों में तेज हलचल दिख सकती है। जुलाई-सितंबर तिमाही में अब तक कुछ और बड़े इनवेस्टर्स भी शैडोफैक्स में अपनी हिस्सेदारी कम कर चुके हैं। न्यूवेस्ट एशिया फंड IV (सिंगापुर) ने 6 अगस्त को 2.13 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची, जबकि फ्लिपकार्ट इंटरनेट ने 5.48 प्रतिशत और एट रोड्स इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस II ने 24 जुलाई को 7.67 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची।

शैडोफैक्स, फ्लिपकार्ट के मुख्य लास्ट-माइल डिलीवरी पार्टनर्स में से एक है। यह हाइपरलोकल और ई-कॉमर्स शिपमेंट संभालती है, खासकर पीक डिमांड के समय जब कंपनी का अपना लॉजिस्टिक्स नेटवर्क दबाव में होता है। शैडोफैक्स के प्रमोटर अभिषेक बंसल और वैभव खंडेलवाल हैं। अभिषेक मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हैं। वहीं वैभव होल टाइम डायरेक्टर और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर हैं।

जनवरी 2026 में लिस्ट हुई थी Shadowfax Technologies

शुक्रवार, 21 अगस्त को BSE पर शैडोफैक्स के शेयर 255.45 रुपये पर बंद हुए। शैडोफैक्स टेक्नोलोजिज जनवरी 2026 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,907.27 करोड़ रुपये का था। कंपनी का मार्केट कैप 14900 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर 6 महीनों में 120 प्रतिशत और 3 महीनों में 24 प्रतिशत बढ़ा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 16.51 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

क्या शेयर बाजार में तूफानी तेजी आने वाली है? JPMorgan ने दिया Nifty को 27000 का टारगेट, बुल केस और बीयर केस में ये है अनुमान

शैडोफैक्स कई तरह के एंटरप्राइज क्लाइंट्स को सर्विस देती है। इनमें हॉरिजॉन्टल और नॉन-हॉरिजॉन्टल ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, फूड मार्केटप्लेस और ऑन-डिमांड मोबिलिटी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी एक्सप्रेस फॉरवर्ड पार्सल डिलीवरी, रिवर्स पिकअप, ऑन-डिमांड हाइपरलोकल और क्रिटिकल लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन उपलब्ध कराती है।

कंपनी की वित्तीय सेहत

शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,323.85 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 66.20 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 4,080.35 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 115.18 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

क्या शेयर बाजार में तूफानी तेजी आने वाली है? JPMorgan ने दिया Nifty को 27000 का टारगेट, बुल केस और बीयर केस में ये है अनुमान

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन की हालिया इंडिया स्ट्रैटेजी रिपोर्ट में निफ्टी के लिए 27,000 का बेस-केस टारगेट बरकरार रखा गया है। ब्रोकरेज का कहना है के बेहतर होते अर्निंग आउटलुक और घरेलू मांग में मजबूती को वजह से निफ्टी को सपोर्ट मिलेगा। जेपी मॉर्गन को उम्मीद है कि साल 2026 में MSCI इंडिया की अर्निंग्स 11 फीसदी और साल 2027 में 13 फीसदी बढ़त देखने को मिल सकती है। इसका निफ्टी के लिए’बुल-केस’टारगेट 30,000 के लेवल का है। जबकि ‘बेयर-केस’टारगेट 20,500 के लेवल का है।

ANI के मुताबिक जेपी मॉर्गन ने कहा है कि उसका झुकाव मुख्य रूप से तेज ग्रोथ वाले घरेलू साइक्लिकल शेयरों की ओर है। निफ्टी-50 के लिए जेपी मॉर्गन के बेस/बुल/बेयर केस टारगेट 27,000/30,000/20,500 के हैं।

इस ब्रोकरेज फर्म का कहना है वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही का अर्निंग्स सीजन उम्मीद से बेहतर रहा। पहली तिमाही में MSCI इंडिया कंपनियों का रेवेन्यू सालाना आधार पर 19 फीसदी बढ़ा,जबकि टैक्स के बाद मुनाफा 16 फीसदी बढ़ा। अर्निंग्स भी उम्मीद से बेहतर रही। लगभग 58 प्रतिशत MSCI इंडिया कंपनियों की अर्निंग्स उम्मीद से बेहतर रहीं,जबकि 24 प्रतिशत कंपनियां अनुमानों पर खरी नहीं उतर पाईं।

मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियों के मुनाफे में मजबूत बढ़त

मार्केट-कैप के हिसाब से छोटी कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर रहा। जेपी मॉर्गन के अनुसार एनर्जी सेक्टर को छोड़कर देखें तो मिडकैप 100 कंपनियों का टैक्स के बाद का मुनाफा (PAT) सालाना आधार पर 42 फीसदी बढ़ा है। जबकि, निफ्टी स्मॉलकैप 100 कंपनियों का PAT 39 फीसदी बढ़ा है। इस तिमाही में मटीरियल्स,यूटिलिटीज,इंडस्ट्रियल्स और कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी सेक्टर में ज्यादा ग्रोथ देखने को मिली। ग्लोबल परेशानियों के बावजूद,मजबूत घरेलू मांग के चलते भारतीय कंपनियों को सहारा मिला।

पावर,ऑटो और डिफेंस सेक्टर में दिख रहा दम

जेपी मॉर्गन की राय है कि आगे बिजली की मांग,कैपिटल एक्सपेंडिचर और ग्रिड साइकल से जुड़े शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा डिफेंस, ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर स्टेपल्स जैसे सेक्टरों में तेजी आ सकती है।

पहली तिमाही में भारत में बिजली की पीक डिमांड लगभग 271 GW तक पहुंच गई। ऑटोमोबाइल सेक्टर में कंपनियों को वॉल्यूम में बढ़त और एक्सपोर्ट से फायदा हुआ जबकि कंज्यूमर स्टेपल्स में वॉल्यूम-आधारित रिकवरी के संकेत दिखे। आगे भी इनमें मजबूती काय रह सकती है।

ANI के मुताबिक जेपी मॉर्गन का भारत के इक्विटी को लेकर नजरिया मजबूत अर्निंग और घरेलू मांग की उम्मीदों पर टिका हुआ है। वहीं, जियोपॉलिटिकल घटनाएं और मौसम से जुड़ी अनिश्चितताएं जोखिम पैदा कर सकती हैं।

 

Market Outlook : दायरे में घूमने के बाद सपाट बंद हुआ बाजार, जानिए 24 अगस्त को कैसी रह सकती है इसकी चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।