Market This Week :उतार-चढ़ाव के बीच बाजार लगातार चौथे हफ्ते गिरावट के साथ हुआ बंद, रुपये में जारी रही बढ़त

Market This Week : भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए। इस हफ्ते बाजार में काफ़ी उतार-चढ़ाव रहा। पश्चिम एशिया में फिर से बढ़ रहे तनाव,कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और FII की लगातार बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव दिखा। हालांकि,रुपये की मजबूती,DII की खरीदारी,अच्छे GST कलेक्शन और अगस्त में ऑटोमोबाइल की अच्छी बिक्री ने बाजार को सपोर्ट दिया। 4 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में BSE सेंसेक्स 749.08 अंक या 0.96% गिरकर 76,515.43 पर बंद हुआ। जबकि निफ़्टी 277.95 अंक या 1.14% की गिरावट के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ।

निफ़्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.5% की गिरावट

इस हफ्ते निफ़्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.5% की गिरावट आई। इस गिरावट में KEI इंडस्ट्रीज, पॉलीकैब इंडिया, हैवेल्स इंडिया, KPIT टेक्नोलॉजीज़, ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी, हीरो मोटोकॉर्प, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी, 360 ONE WAM, लॉरस लैब्स, हिताची एनर्जी इंडिया और ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ़ इंडिया जैसी कंपनियों का योगदान रहा। दूसरी ओर, लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस, LIC हाउसिंग फाइनेंस, IDFC फर्स्ट बैंक और टाटा कम्युनिकेशंस बढ़त वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल रहीं।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स सपाट हुआ बंद

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने हफ्ते के दौरान 20,187.80 का नया हाई छुआ, लेकिन आखिर में यह लगभग सपाट बंद हुआ। IFCI, वेल्सपन कॉर्प, कैप्रि ग्लोबल कैपिटल, RBL बैंक, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, अर्बन कंपनी और इंद्रप्रस्थ गैस उन कंपनियों में शामिल थीं जिनमें सबसे ज़्यादा बढ़त देखने को मिली। जबकि आरती इंडस्ट्रीज, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, अमारा राजा एनर्जी एंड मोबिलिटी, स्वान कॉर्प और दीपक फर्टिलाइजर्स एंड पेट्रोकेमिकल्स कॉर्पोरेशन में सबसे ज़्यादा गिरावट आई।

सेक्टोरल इंडेक्सों पर एक नजर

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी ऑटो इंडेक्स 4% और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स 2.6% नीचे रहा,जबकि निफ्टी मीडिया, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी FMCG में से हर एक में 2% की गिरावट आई। हालांकि,निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1% की बढ़त हुई।

FIIs की बिकवाली रही जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे हफ़्ते भी बिकवाली जारी रखी, हालांकि इसकी रफ़्तार धीमी रही। उन्होंने इस हफ़्ते 5,611.94 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को मज़बूत सपोर्ट देना जारी रखा और हफ़्ते के दौरान 23,156.38 करोड़ रुपये का निवेश किया।

मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 4.5 लाख करोड़ रुपये घटा

इस हफ़्ते BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 4.5 लाख करोड़ रुपये घट गया,जिसकी मुख्य वजह बड़ी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट थी। मार्केट वैल्यू में सबसे ज़्यादा कमी स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की वजह से आई, इसके बाद भारती एयरटेल, मारुति सुज़ुकी इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा का नंबर रहा। दूसरी ओर इस हफ़्ते रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील और एक्सिस बैंक ने सबसे ज़्यादा वेल्थ क्रिएट की।

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भारतीय रुपया लगातार दूसरे हफ्ते हुआ मजबूत

भारतीय रुपया लगातार दूसरे हफ्ते मजबूत हुआ और इस दौरान दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इस हफ्ते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 89 पैसे बढ़कर 94.49 रुपये पर बंद हुआ। जबकि, 21 अगस्त को रुपया 95.38 रुपये पर बंद हुआ था। इस हफ़्ते के दौरान,घरेलू मुद्रा 95.48 रुपये से 94.27 रुपये के दायरे में कारोबार करती रही।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, Network18 ग्रुप का हिस्सा है। Network18 को इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट कंट्रोल करता है, और रिलायंस इंडस्ट्रीज इसकी एकमात्र बेनिफिशियरी है।)

 

NSE IPO: SEBI से ग्रीन सिग्नल, सितंबर में ही लिस्टिंग; अब तक और क्या चला है पता

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को अपना IPO लाने के लिए के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI की मंजूरी मिल गई है। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है। इसका लंबे वक्त से इंतजार किया जा रहा है। NSE के बोर्ड ने इस साल फरवरी में IPO लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। पब्लिक इश्यू का ड्राफ्ट जून 2026 में SEBI के पास जमा किया था। NSE, बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका IPO लगभग 10 सालों से पेंडिंग है।

NSE ने सबसे पहले दिसंबर 2016 में अपना IPO प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था। उस वक्त इरादा OFS के जरिए करीब 10,000 करोड़ रुपये जुटाने का था। लेकिन नियामकीय खामियों और को-लोकेशन मामले से जुड़ी चिंताओं के चलते सेबी ने मंजूरी लंबे समय तक रोक दी थी। लेकिन अब रास्ता साफ है। आइए जानते हैं NSE IPO के बारे में अब तक क्या पता चला है…

साइज और नेचर

NSE IPO करीब 30,000 करोड़ रुपये का है। यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। इसलिए शेयर बिक्री से मिला पैसा, OFS में शेयर बेचने वालों के पास जाएगा। NSE को कुछ नहीं मिलेगा।

OFS में कौन बेचेगा शेयर

एक्सचेंज के मौजूदा शेयरधारक 14.89 करोड़ शेयर यानि लगभग 6% हिस्से को बिक्री के लिए रखेंगे। OFS में टेमासेक होल्डिंग्स पीटीई., LIC, SBI और SBI कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड शेयर बेच सकते हैं। SBI अपनी 0.65% हिस्सेदारी बेच सकता है। SBI कैपिटल मार्केट्स अपनी 0.35% हिस्सेदारी बेच सकती है। एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड 1.60 करोड़ शेयरों की बिक्री कर सकती है।

शेयर बेचने वाले अन्य प्रमुख शेयरधारकों में कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड, टेमासेक की सब्सिडियरी अरांदा इनवेस्टमेंट्स (मॉरिशस) प्राइवेट लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं।

ओपनिंग और लिस्टिंग की संभावित तारीख

इश्यू के 15 सितंबर को खुलने और 24 या 25 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने की संभावना है। शेयर BSE पर लिस्ट होंगे।

नए सप्ताह में तय हो सकता है प्राइस बैंड

कहा जा रहा है कि NSE अगले सप्ताह IPO के लिए प्राइस बैंड, लॉट साइज और अन्य डिटेल्स की घोषणा कर सकता है।

कैसे होगा देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO

भारत में अभी तक सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू Hyundai Motor India का रहा है। यह अक्टूबर 2024 में आया था और इसका साइज 27,858.75 करोड़ रुपये या 294.97 करोड़ डॉलर रहा था। अब NSE का 30,000 करोड़ रुपये का IPO आ रहा है। हालांकि, सबसे बड़े IPO के तमगे को लेकर इसकी टक्कर जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड से है। जियो लगभग 37,700 करोड़ रुपये का IPO लाने की तैयारी में है। लेकिन इसके आने का समय अभी घोषित नहीं हुआ है।

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IPO के बाद टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में हो सकती है NSE की एंट्री

यह IPO NSE को बाजार पूंजीकरण के लिहाज से भारत की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में शामिल कर सकता है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि IPO से NSE का मार्केट कैप 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।

NSE के प्रमुख शेयरहोल्डर

NSE के शेयरधारकों में घरेलू वित्तीय संस्थान, बीमा कंपनियां, विदेशी निवेशक और व्यक्तिगत निवेशक शामिल हैं। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ NSE की सबसे बड़ी शेयरधारक है। जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के पास भी हिस्सेदारी है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और उसकी सब्सिडियरी SBI कैपिटल मार्केट्स की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 7.5 प्रतिशत है। स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) की एक्सचेंज में 4.44 प्रतिशत हिस्सेदारी है। SHCIL में 50 प्रतिशत से ज्यादा ओनरशिप IFCI के पास है। विदेशी निवेशकों में टेमासेक की सब्सिडियरी अरांदा इन्वेस्टमेंट्स और कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB) की भी NSE में अच्छी खासी हिस्सेदारी है।

IPO के लिए 20 इनवेस्टमेंट बैंक किए गए थे शॉर्टलिस्ट

NSE ने मार्च 2026 की शुरुआत में IPO पर काम करने के लिए 20 इनवेस्टमेंट बैंकों को शॉर्टलिस्ट किया था। इनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी, JM फाइनेंशियल, जेपी मॉर्गन, HSBC सिक्योरिटीज, मॉर्गन स्टेनली भी शामिल हैं। इस मेगा इश्यू के लिए करीब 7 से 9 लॉ फर्म्स को भी शॉर्टलिस्ट किया गया, जिनमें सिरिल अमरचंद मंगलदास, Trilegal, और अमेरिका की Latham and Watkins भी शामिल हैं।

NSE की वित्तीय सेहत

NSE के लगभग 1.8 लाख शेयरहोल्डर हैं। अप्रैल-जून 2026 के दौरान एक्सचेंज का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर 3,120 करोड़ रुपये हो गया। कुल आय 9 प्रतिशत बढ़कर 5,252 करोड़ रुपये हो गई। वित्त वर्ष 2025-26 में NSE का शुद्ध मुनाफा 15 प्रतिशत घटकर 10,302 करोड़ रुपये रह गया। कुल आय भी कम होकर 18,713 करोड़ रुपये पर आ गई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Silver Price Today: 5 सितंबर को चांदी का ताजा भाव जारी, दिल्ली-नोएडा समेत इन शहरों में जानें कीमत

चांदी की कीमतों में आज हल्की गिरावट देखने को मिली है। MCX पर चांदी का वायदा भाव 0.37 फीसदी यानी ₹884 टूटकर ₹2,35,170 प्रति किलो रह गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह ₹2,36,054 प्रति किलो पर बंद हुआ था। वहीं, बुलियन मार्केट में चांदी ₹2,40,710 प्रति किलो दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की कीमत 67.38 डॉलर प्रति औंस के आसपास रही। दूसरी ओर, Goodreturns के अनुसार, चांदी का भाव ₹2,50,000 प्रति किलो है। ऐसे में अगर आप चांदी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आज के शहरवार रेट पर नजर डालना जरूरी है। यहां जानें प्रमुख शहरों में चांदी कितने रुपये किलो बिक रही है।

दिल्ली समेत इन बड़े शहरों में चांदी का रेट

देश के अलग-अलग शहरों में चांदी की कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। प्रमुख शहरों में 1 किलो चांदी का भाव इस तरह है:

  • दिल्ली: ₹2,50,000 प्रति किलो
  • मुंबई: ₹2,50,000 प्रति किलो
  • कोलकाता: ₹2,50,000 प्रति किलो
  • चेन्नई: ₹2,55,000 प्रति किलो
  • लखनऊ: ₹2,50,000 प्रति किलो
  • जयपुर: ₹2,50,000 प्रति किलो
  • हैदराबाद: ₹2,55,000 प्रति किलो
  • अहमदाबाद: ₹2,50,000 प्रति किलो

पिछले कारोबारी दिन चांदी का भाव

इससे पिछले कारोबारी दिन दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत ₹5,000 बढ़कर ₹2,40,500 प्रति किलोग्राम हो गई थी। यह कीमत सभी टैक्स सहित थी। इससे पहले चांदी ₹2,35,500 प्रति किलो पर बंद हुई थी। वैश्विक बाजार में भी चांदी की कीमत में तेजी देखने को मिली और यह करीब 65.77 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई थी।

वायदा बाजार में भी दिखी तेजी

पिछले कारोबारी सत्र में चांदी के वायदा भाव में भी बढ़त दर्ज की गई थी। कारोबारियों की ओर से खरीदारी बढ़ने के चलते MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी ₹1,862 यानी 0.79 फीसदी बढ़कर ₹2,38,128 प्रति किलो हो गई थी।

बाजार जानकारों के मुताबिक, घरेलू बाजार में मजबूत रुख और ताजा खरीदारी के कारण चांदी के वायदा भाव में तेजी देखने को मिली थी।

खरीदारी से पहले क्या देखें?

अगर आप निवेश या गहने बनाने के लिए चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ आज का बाजार भाव देखकर फैसला न लें। चांदी की शुद्धता, स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज और दुकानदार द्वारा लगाए जाने वाले अन्य शुल्कों की जानकारी जरूर लें। अलग-अलग शहरों और विक्रेताओं के बीच अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है।

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IPOs This Week: 7 सितंबर से शुरू हफ्ते में प्राइमरी मार्केट में सुनामी, खुलेंगे 15 नए इश्यू; साथ में 9 लिस्टिंग

7 सितंबर से शुरू हो रहे हफ्ते में IPO मार्केट में जबरदस्त एक्शन देखने को मिलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 15 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 11 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। अकेले 9 सितंबर को 9 IPO खुलने वाले हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले एक IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। जहां तक स्टॉक मार्केट में नई लिस्ट होने वाली कंपनियों की बात है तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 9 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए खुल रहे IPO

Pranav Constructions IPO: ₹351.03 करोड़ का इश्यू 7 सितंबर को खुलेगा और 9 सितंबर को बंद होगा। इसमें ₹118-₹124 प्रति शेयर के भाव पर बोली लगा सकते हैं। लॉट साइज 120 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 15 सितंबर को हो सकती है।

Apana Logistics IPO: ₹34.14 करोड़ का इश्यू 7 सितंबर को खुल रहा है। फाइनल इश्यू प्राइस ₹60 प्रति शेयर है। लॉट साइज 2000 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 9 सितंबर को होगी। कंपनी के शेयर BSE SME पर 15 सितंबर को लिस्ट होंगे।

Kanohar Electricals IPO: कंपनी ₹1,055.74 करोड़ जुटाना चाहती है। IPO 8 सितंबर को ओपन होगा। इसमें 10 सितंबर तक ₹601-₹632 प्रति शेयर के भाव पर और 23 शेयरों के लॉट में 10 सितंबर तक पैसे लगा सकेंगे। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Prasol Chemicals IPO: यह 8 सितंबर को खुलेगा और 10 सितंबर को बंद होगा। कंपनी का इरादा ₹500 करोड़ जुटाने का है। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹643-₹676 प्रति शेयर और लॉट साइज 22 शेयर है। शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

Glass Wall Systems IPO: ₹427.89 करोड़ का यह इश्यू भी 8 सितंबर को खुल रहा है। क्लोजिंग 10 सितंबर को होगी। इसमें ₹172-₹182 प्रति शेयर के भाव पर और 82 शेयरों के लॉट में निवेश कर सकते हैं। कंपनी NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट हो सकती है।

Rentomojo IPO: ₹1,255.57 करोड़ का पब्लिक इश्यू 9 सितंबर को खुलेगा और 11 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹384-₹404 प्रति शेयर और लॉट साइज 37 शेयर है। कंपनी NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होने वाली है।

Asset Reconstruction Company IPO: यह 9 सितंबर को ओपन होगा। प्राइस बैंड ₹132-₹139 प्रति शेयर है। लॉट साइज 107 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होने वाली है। कंपनी ₹732.97 करोड़ जुटाना चाहती है। शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Manipal Payment & Identity Solutions IPO: कंपनी ₹805 करोड़ जुटाना चाहती है। यह इश्यू भी 9 सितंबर को खुल रहा है और 11 सितंबर को बंद होगा। बोली ₹322-₹339 प्रति शेयर के भाव पर और 44 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

LCC Projects IPO: यह इश्यू 9 सितंबर को खुल रहा है। साइज ₹427.14 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹139-₹146 प्रति शेयर और लॉट साइज 102 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 सितंबर को होने वाली है।

Karamtara Engineering IPO: ₹875 करोड़ के इश्यू में 9 सितंबर से लेकर 11 सितंबर तक पैसे लगाए जा सकेंगे। निवेश ₹241-₹254 प्रति शेयर के भाव पर और 59 शेयरों के लॉट में कर सकते हैं। कंनी NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होगी।

Infrax Renewable IPO: यह 9 सितंबर को खुलेगा। फाइनल इश्यू प्राइस ₹104 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। इश्यू का साइज ₹40.88 करोड़ रुपये है। 11 सितंबर को IPO बंद होने के बाद शेयर BSE SME पर 17 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं।

Amtech Esters IPO: कंपनी ₹17.88 करोड़ जुटाना चाहती है। यह IPO भी 9 सितंबर को खुलेगा और 11 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹71-₹75 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,600 शेयर है। BSE SME पर कंपनी की लिस्टिंग की तारीख 17 सितंबर है।

Vinod Texworld IPO: इश्यू ₹42.83 करोड़ का है। ओपनिंग 9 सितंबर को और क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी। फाइनल इश्यू प्राइस ₹94 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1,200 शेयर है। लिस्टिंग NSE SME पर होगी, जिसके लिए तारीख 17 सितंबर है।

Steamhouse IPO: 9 सितंबर को खुलने जा रहा यह इश्यू ₹414 करोड़ का है। इसके लिए अभी प्राइस बैंड तय नहीं हुआ है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 सितंबर को होगी।

Veegaland Developers IPO: यह 10 सितंबर को खुलेगा। साइज ₹210 करोड़ है। 15 सितंबर तक ₹130-₹140 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में निवेश कर सकेंगे। लॉट साइज 107 शेयर है। शेयर NSE और BSE पर 18 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

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पहले से खुला IPO

Qualiance International IPO: ₹45.11 करोड़ का पब्लिक इश्यू 4 सितंबर को खुला था। इसमें 8 सितंबर तक पैसे लगाने का मौका है। IPO अभी तक 13.78 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹120-₹127 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,000 शेयर है। कंपनी NSE SME पर 11 सितंबर को लिस्ट हो सकती है।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 7 सितंबर को NSE और BSE पर Purple Style Labs के शेयर लिस्ट होंगे। इसी दिन NSE SME पर Ashutosh Fibre, Shanti Inorganics और BSE SME पर Phychem Technologies की लिस्टिंग हो सकती है। 8 सितंबर को NSE और BSE पर Deepa Jewellers, Rays of Belief के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे। इसी दिन BSE SME पर Fly-Hi Maritime Travels और Farm Peace के शेयरों की लिस्टिंग होने की उम्मीद है। 11 सितंबर को NSE SME पर Qualiance International लिस्ट हो सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल खरीदने से पहले जान लें आज की कीमत, दिल्ली-NCR समेत प्रमुख शहरों के ताजा रेट यहां देखें

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 05 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

नेपाल के दार्चुला में भारी लैंडस्लाइड, निचले इलाकों में अलर्ट:त्रिशूली से 3 और भारतीयों का रेस्क्यू; बाढ़ में अबतक 1300 की मौत, 5 हजार लापता

नेपाल के दार्चुला जिले में शुक्रवार को भारी भूस्खलन के बाद चौलानी नदी का रास्ता बंद हो गया। निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 26 अगस्त की बाढ़-लैंडस्लाइड के बाद से राहत-बचाव कार्य जारी है। त्रिशूली बाजार इलाके से 5 साल का बच्चे समेत तीन भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को बताया कि अब तक 169 भारतीयों को सुरक्षित निकाला है, जबकि 275 अब भी लापता हैं। वहीं, शुक्रवार को बाढ़ के 9 दिन बाद त्रिशूली-3 ‘A’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से 2 मजदूर जिंदा निकाले गए हैं। 40 लोग अब भी फंसे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ से प्रभावित जलविद्युत परियोजनाओं में करीब 900 मजदूर लापता हैं। इनमें लगभग 500 के सुरंगों में फंसे होने की आशंका है। नेपाल में अब तक करीब 1300 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि राहत और बचाव दलों ने 12 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला है। फिलहाल 5300 से ज्यादा लोग लापता हैं। खबर को अपडेट किया जा रहा है।

नेपाल के दार्चुला में लैंडस्लाइड, निचले इलाकों में अलर्ट:त्रिशूली से 3 और भारतीयों का रेस्क्यू; बाढ़ में अबतक 1300 की मौत, 5 हजार लापता

नेपाल के दार्चुला जिले में शुक्रवार को भारी भूस्खलन के बाद चौलानी नदी का रास्ता बंद हो गया। निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। नदी का प्रवाह प्रभावित होने से आसपास के इलाकों में खतरा बढ़ गया है। वहीं, 26 अगस्त की बाढ़-लैंडस्लाइड के बाद से राहत-बचाव कार्य जारी है। त्रिशूली बाजार इलाके से 5 साल का बच्चे समेत तीन भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को बताया कि अब तक 169 भारतीयों को सुरक्षित निकाला है, जबकि 275 अब भी लापता हैं। इससे पहले शुक्रवार को बाढ़ के 9 दिन बाद त्रिशूली-3 ‘A’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से 2 मजदूर जिंदा निकाले गए हैं। 40 लोग अब भी फंसे हैं। बाढ़ से प्रभावित जलविद्युत परियोजनाओं में करीब 900 मजदूर लापता हैं। इनमें लगभग 500 के सुरंगों में फंसे होने की आशंका है। नेपाल में अब तक करीब 1300 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि राहत और बचाव दलों ने 12 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला है। फिलहाल 5300 से ज्यादा लोग लापता हैं। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ से 32,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। नेपाल आपदा से जुड़ी 3 तस्वीरें… चीन से 1,907 भारतीय सुरक्षित नेपाल पहुंचे विदेश मंत्रालय ने बताया कि चीन से 1,907 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। चीन के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में अब कोई भारतीय यात्री फंसा नहीं है। भारत ने 7 विमानों से भेजी 95 टन राहत सामग्री विदेश मंत्रालय के अनुसार, 26 अगस्त को बाढ़ आने के बाद से भारत ने नेपाल को करीब 95 टन राहत सामग्री भेजी है। यह सामग्री 7 विमानों के जरिए पहुंचाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अगस्त को नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से बात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया था। इसके कुछ घंटे बाद भारत ने राहत सामग्री की पहली खेप भेज दी थी। भारत ने राहत-बचाव के लिए 54 विशेषज्ञों को भी नेपाल भेजा है। इनमें 30 सुरंग बचाव विशेषज्ञ, 19 फोरेंसिक विशेषज्ञ और 5 सदस्यीय मेडिकल टीम शामिल है। भारतीय टीमें नेपाल के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। नेपाल में 35 मोटरेबल और 45 सस्पेंशन ब्रिज क्षतिग्रस्त स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ से मुख्य रूप से मध्य नेपाल में 35 मोटरेबल ब्रिज, 45 सस्पेंशन ब्रिज और करीब 40 किलोमीटर पक्की सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इससे कई इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है। भारत ने कहा है कि वह नेपाल सरकार की जरूरत के अनुसार आगे भी मदद जारी रखेगा। इसके तहत फोरेंसिक किट, बेली ब्रिज और अन्य जरूरी सामग्री भेजने की योजना है।

Poco X8 और X8 Power भारत में लॉन्च, 10,000mAh बैटरी और 100W चार्जिंग ने खींचा ध्यान

Poco X8 Power को आखिरकार भारतीय बाजार में इसके बेस वेरिएंट, Poco X8 के साथ लॉन्च कर दिया गया है। Power वेरिएंट में दो कलर ऑप्शन और एक बड़ी 10000mAh की बैटरी मिलती है। दोनों फोन में लेदर फिनिश वाला बैक पैनल और चौकोर आकार का कैमरा मॉड्यूल दिया गया है। अब आइए, हाल ही में लॉन्च हुए इन दोनों फोन के बारे में वे सभी बातें जानते हैं जो आपको पता होनी चाहिए।

Poco X8 Power, Poco X8 की भारत में कीमत

Poco X8 भारतीय बाजार में ₹29,999 की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध है, जबकि Poco X8 Power ₹35,999 की शुरुआती कीमत पर मिल रहा है। कंपनी फिलहाल दोनों फोन पर ₹2,000 का डिस्काउंट दे रही है। इसके अलावा ₹1,000 का एक्सचेंज बोनस भी मिलेगा। इन ऑफर्स के बाद Poco X8 की प्रभावी कीमत ₹26,999 और Poco X8 Power की ₹32,999 हो जाएगी।

बता दें कि दोनों फोन की बिक्री 11 सितंबर 2026 से शुरू होगी। कलर ऑप्शन की बात करें तो, Poco X8 Power को Black और Yellow कलर में खरीदा जा सकेगा। वहीं, Poco X8 को Fiery Orange, Frost White और Black में उपलब्ध होगा।

Poco X8 Power, Poco X8 के स्पेसिफिकेशन्स और कैमरा

दोनों डिवाइस में 6.83-इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और 3500 निट्स की पीक ब्राइटनेस मिलती है। Poco X8 में Snapdragon 6s Gen 4 प्रोसेसर है, जबकि X8 Power में Snapdragon 6 Gen 5 प्रोसेसर दिया गया है। इनके पैनल Gorilla Glass Victus 2 से सुरक्षित हैं। बैटरी की बात करें तो, Poco X8 में 9000mAh की बैटरी है, जो 67W वायर्ड और 22.5W चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इसके अलावा, Poco X8 Power में 10000mAh की बैटरी है, जो 100W वायर्ड और 27W रिवर्स चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है। दोनों फोन Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलते हैं और इनमें HyperOS 3 स्किन दी गई है।

कैमरे की बात करें तो, Poco X8 में डुअल रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) वाला 50MP का प्राइमरी कैमरा और 2MP का कैमरा शामिल है। वहीं, X8 Power में ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) वाला 50MP का प्राइमरी सेंसर और 8MP का अल्ट्रा-वाइड-एंगल कैमरा दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए, X8 में 16MP का फ्रंट कैमरा है, जबकि X8 Power में 32MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है।

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Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोना लगातार दूसरे दिन चढ़ा, चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 4 सितंबर को सोने में लगातार दूसरे दिन तेजी आई। यह 1,400 रुपये चढ़कर 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट देखने को मिली।

चांदी की कीमत 2,40,500 रुपये पर स्थिर

दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतें 2,40,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी रहीं। ट्रेडर्स का कहना है कि सोने में तेजी की वजह घरेलू बाजार में इसकी अच्छी खरीदारी है। हालांकि, अमेरिका में नॉन-फॉर्म पेरोल्स डेटा आने से पहले इनवेस्टर्स सावधानी बरत रहे हैं। इस डेटा का असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है।

रिकॉर्ड ऊंचाई से 40 फीसदी गिरी है चांदी

सोने और चांदी की कीमतें इस साल जनवरी के आखिर में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद दोनों में तेज गिरावट दिखी। चांदी की कीमत जनवरी में 4 लाख रुपये के पार हो गई थी। तब से यह करीब 40 फीसदी गिर चुकी है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा, “इनवेस्टमेंट डिमांड कमजोर है, जिससे डीलर इनवेंट्रीज को लेकर चिंता पैदा होती है।”

कमजोर डिमांड से चांदी पर बढ़ सकता है दबाव 

उन्होंने कहा कि अगर डिमांड नहीं बढ़ती है तो भारतीय डीलरों की तरफ से दिए गए करीब 2,000 टन सिल्वर के आने से इनवेंट्री पर दबाव और बढ़ सकता है। सिल्वर का इस्तेमाल कई इंडस्ट्रीज में भी होता है। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल शामिल हैं। इसके अलावा इसमें इनवेस्टमेंट डिमांड भी होती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में गिरावट 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में गिरावट आई। सोना हल्की गिरावट के साथ 4,465 डॉलर प्रति औंस था, जबकि चांदी 0.38 फीसदी गिरकर 66.72 डॉलर प्रति औंस थी। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अगस्त की नॉन-फॉर्म पेरोल रिपोर्ट से पहले ट्रेडर्स सावधानी बरत रहे हैं। इससे सोने और चांदी की कीमतें सीमित दायरे में बनी हुई हैं।

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अमेरिका में इनफ्लेशन के डेटा पर करीबी नजर

अगले हफ्ते अमेरिका में इनफ्लेशन के डेटा आने वाले हैं। इसका असर अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर पड़ेगा। फेड 16 सितंबर को अपनी पॉलिसी पेश करेगा। अगर इनफ्लेशन में इजाफा होता है तो वह इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का ऐलान कर सकता है। फेड चेयरमैन केविन वॉर्श पहले ही संकेत दे चुके हैं कि उनका फोकस इनफ्लेशन को काबू करने पर है। अगर अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ता है तो इसका खराब असर सोने पर पड़ेगा।

बेल्जियम PM बोले- मोदी ने हमें पहले ही चेताया था:तब हमने नहीं सुनी, अमेरिका-चीन के भरोसे रहने का खतरा अब समझ आ रहा

बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने गुरुवार को कहा कि यूरोप को अब आर्थिक निर्भरता का खतरा समझ आ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोप को इस बारे में काफी पहले चेताया था। दिल्ली में CII के कार्यक्रम में उन्होंने कहा- दुनिया तेजी से बदल रही है, लेकिन यूरोप इस बदलाव के साथ कदम नहीं मिला पा रहा। वह बूढ़ा हो चुका है। वेबर के मुताबिक, चीन और अमेरिक यूरोप से बहुत आगे निकल चुके हैं। इनोवेशन और प्रोडक्टिविटी में यूरोप बहुत पीछे चला गया है, इसलिए उसे हर तरफ से झटके लग रहे हैं। ‘हम अपनी रक्षा करने में सक्षम नहीं’ डी वेवर ने कहा कि यूरोप की कमजोरी सिर्फ अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं है। यूरोपीय देश अपनी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी खुद उठाने की स्थिति में भी नहीं हैं। यूरोप को हर समय अपमानित होना पड़ता है। वेबर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब यूरोपीय देशों पर रक्षा के लिए ज्यादा खर्च करने और अपनी सुरक्षा में ज्यादा जिम्मेदारी लेने का दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, आप इस इतिहास से गुजर चुके हैं। आपके प्रधानमंत्री ने यूरोप को बहुत पहले चेताया था, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। अब हम सुन रहे हैं। यूरोप को यह समझ थोड़ी देर से आई है, लेकिन अब यह बदलाव हो रहा है। डी वेवर ने यूरोप की इस स्थिति को ‘रूड अवेकनिंग’ यानी कड़वी हकीकत से जागना बताया।
सस्ते आयात से कमजोर हुई यूरोप की इंडस्ट्री वेवर ने कहा कि यूरोप ने लंबे समय तक विदेशी कंपनियों को बड़े पैमाने पर अपने बाजार में जगह दी। कम कीमत पर आने वाले सामान ने यूरोप की स्थानीय कंपनियों के लिए मुश्किलें बढ़ाईं और धीरे-धीरे वहां की इंडस्ट्री कमजोर होती गई। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का सबसे ज्यादा फायदा जिस देश को हुआ, वह यूरोप का करीबी पड़ोसी है और उसे सभी जानते हैं। डी वेवर ने देश का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके इस बयान को चीन की ओर इशारा माना जा रहा है। भारत को बताया ‘नंबर-1’ रणनीतिक पार्टनर डी वेवर ने भारत को यूरोप के लिए सबसे अहम रणनीतिक साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि यूरोप को ऐसे देशों के साथ रिश्ते मजबूत करने चाहिए, जो सहयोग और बहुपक्षीय व्यवस्था में भरोसा रखते हों और ताकत के बजाय आपसी सम्मान के आधार पर संबंध बनाते हों। उन्होंने कहा, “अगर भारत उस सूची में नहीं है तो आपने कुछ बहुत बुनियादी बात मिस कर दी है। भारत उस सूची में है। नंबर-1।” डी वेवर ने भारत की तेज आर्थिक growth, बड़ी टैलेंट पूल और टेक्नोलॉजी क्षमता को दोनों पक्षों के लिए बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोप के बीच व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। बेल्जियम खुद भी बजट के दबाव में डी वेवर की ये चिंताएं ऐसे समय सामने आई हैं, जब बेल्जियम सरकार खुद बड़े बजट कटौती के फैसलों की तैयारी कर रही है। सरकार का लक्ष्य 2029 तक करीब 10 अरब यूरो यानी 11.7 अरब डॉलर की बचत करना है। प्रधानमंत्री ने माना कि इन फैसलों का असर देश के लगभग हर वर्ग पर पड़ेगा। उन्होंने कहा, “मैं अच्छी नींद नहीं ले पा रहा हूं और इस बारे में बहुत सोचता हूं।” डी वेवर ने कहा कि बजट का घाटा सिर्फ अमीरों पर ज्यादा टैक्स लगाकर पूरा नहीं किया जा सकता। वहीं, खर्च में कटौती को लेकर उन्होंने कहा कि आम तौर पर हर कोई चाहता है कि बचत का असर किसी और पर पड़े, उस पर नहीं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “हर कोई सोचता है कि अगर बचत करनी है तो उसका खर्च मेरे पड़ोसी पर पड़े, मुझ पर नहीं।”