Stock Market View: अगले 6 महीने तेजी में मुनाफावसूली की रणनीति करेगी काम, पावर और एक्सपोर्ट सेगमेंट में कमाई के मौके

Stock Market View : 13 अक्टूबर के शानदार सेशन के बाद मार्केट पर आज फिर दबाव देखने को मिल रहा है। निफ्टी 22,700 के लेवल से नीचे आ गया है। बुल्स मोमेंटम बनाए रखने के लिए संघर्ष रहे हैं। सेंसेक्स भी थोड़ा नीचे है और 73,000 के लेवल से नीचे फिसल गया है। निफ्टी बैंक इंडेक्स भी मंदडियों की पकड़ से जूझ रहा है और लगभग 100 अंक नीचे है। बाजार जानकारों का कहना है कि निफ्टी के लिए निचले स्तर पर 22,700 का लेवल बचाए रखना अहम होगा। वहीं, फिर से तेजी पकड़ने के लिए 23,000 के लेवल तक पहुंचना भी जरूरी होगा।

ऐसे माहौल में मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए डाइमेंशन्स कॉर्पोरेट फाइनेंस सर्विसेज़ ( Dimensions Corporate Finance Services) के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय श्रीवास्तव ने कहा कि रुपए में गिरावट और महंगाई बढ़ने के चलते बाजार पर दबाव देखने को मिल रहा है। बाजार की गिरावट से कोई सरप्राइज नहीं है। अगले 6 महीने तक बाजार में मुनाफावूसली की रणनीति काम करती दिखेगी।

मिडकैप में अच्छी तेजी रही है। प्राइमरी मार्केट पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि IPO का सबसे ज्यादा फायदा एंकर निवेशकों ने उठाया है। IPO से रिटेल निवेशकों को खास फायदा नहीं हुआ है। बाजार की तेजी में मुनाफावसूली की रणनीति रखें। मिडकैप में प्रॉफिट बुकिंग की रणनीति बेहतर काम करेगी।

उन्होंने आगे कहा कि इस समय इंजीनियरिंग में पावर और एक्सपोर्ट सेगमेंट में कमाई के मौके हैं। इन सेगमेंट में क्वालिटी शेयरों पर फोकस करें। नॉन-फेरस मेटल की थीम भी बेहतर है। NBFCs में गोल्ड लोन कंपनियां बेहतर लग रही हैं।

फार्मा शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि CDMO शेयर लंबी अवधि के नजरिए से अच्छे लग रहे हैं। इनमें एंट्री पर ध्यान दें। इसके अलावा इंडिया का होटल सेक्टर अच्छा कर सकता है। न्यू ऐज शेयर भी लंबी अवधि के लिहाज से अच्छे लग रहे हैं। आईटी शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि IT काफी ओवरसोल्ड है। इस सेक्टर को रुपए की गिरावट से फायदा होगा। फिर भी IT सेक्टर में अभी दम नहीं नजर आ रहा है। उनका यह भी मानना है कि स्टारलिंक से टेलीकॉम की तस्वीर बदलती नजर आएगी।

 

Market Insight : भारत का बाजार खराब नहीं है, सिर्फ टॉप 10 शेयर में हो रही है दिक्कत

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

अक्टूबर में IPO का मेला, Jio Platforms और Zetwerk समेत एक दर्जन कंपनियां कतार में

IPO Fair in October: जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms), जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस (Zetwerk Manufacturing Business), और एवांडा इलेक्ट्रो (Avaada Electro) समेत करीब एक दर्जन कंपनियों का इस महीने अक्टूबर में आईपीओ आने वाला है। मर्चेंट बैंकर्स के मुताबिक इनके अलावा और भी कई कंपनियां कतार में हैं। ये आईपीओ अलग-अलग सेक्टर्स से होंगे, जैसे कि टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, रिन्यूएबल एनर्जी, डिफेंस और प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग। इनमें से कुछ कंपनियां आईपीओ के जरिए सिर्फ नए शेयर जारी करेंगी तो कुछ में सिर्फ मौजूदा शेयरहोल्डर्स ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत शेयर बेचेंगे तो कुछ में दोनों का कॉम्बिनेशनल होगा।

इस महीने आने वाले आईपीओ

Jio Platforms IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज यूनिट जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21-23 अक्टूबर तक खुला रहेगा। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक यह देश में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है।

HD Fire Protect IPO: फायर प्रोटेक्शन उपकरण और सिस्टम बनाने वाली एचडी फायर प्रोटेक्ट के ₹712 करोड़ के आईपीओ का प्राइस बैंड फिक्स हो चुका है। निवेशक इसमें प्रति शेयर ₹258-₹271 के भाव पर बोली लगा सकेंगे। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर का सेल का होगा और यह 12-15 अक्टूबर तक खुला रहेगा।

Fusion CX: एआई से लैस कस्टमर एक्सपीरिएंस सॉल्यूशंस प्रोवाइडर फ्यूजन सीएक्स ने ₹702 करोड़ के आईपीओ का प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹275-₹289 पर फिक्स किया है। यह इश्यू 14-16 अक्टूबर के बीच खुला रहेगा।

Zetwerk IPO: टेक्नोलॉजी आधारित मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म जेटवर्कका ₹5000 करोड़ का आईपीओ 15-19 अक्टूबर तक खुला रहेगा। इस इश्यू के तहत ₹2600 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे।

Tonbo Imaging IPO: थर्मल इमेजिंग और डिफेंस सेक्टर से जुड़ी टेक्नोलॉजी सिस्टम बनाने वाली टोंबो इमेजिंग ने ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत अधिकतम 1.22 करोड़ इक्विटी शेयर बेचने का प्रस्ताव पेश किया है। ययह आईपीओ 15-19 अक्टूबर के बीच खुला रहेगा।

Bonfiglioli Transmissions IPO: इटली के बोनफिगलिओली ग्रुप की भारतीय सब्सिडियरी बोनफिगलिओली ट्रांसमिशन का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का होगा, जिसके तहत अधिकतम 4.32 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री होगी। यह इश्यू 15-19 अक्टूबर तक खुलेगा।

Sahajanand Medical Technologies IPO: पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल इश्यू ला रही मेडिकल डिवाइस बनाने वाली सहजानंद मेडिकल का आईपीओ 15-19 अक्टूबर को खुलेगा। इसके तहत 1.39 करोड़ शेयरों की बिक्री होगी।

और भी कंपनियां कतार में

एवांडा इलेक्ट्रो (Avaada Electro) की योजना ₹7600 करोड़, पारस हेल्थकेयर (Paras Healthcare) की ₹1800 करोड़ और एनडीआर इनविट ट्रस्ट (NDR InvIT Trust) की ₹750 करोड़ का आईपीओ लाने की है। इसके अलावा गुजरात विक्ट्री फॉर्जिंग्स (Gujarat Victory Forgings) ने अधिकतम 1.97 करोड़ शेयरों का आईपीओ लाने का प्रस्ताव रखा है। इन चारों आईपीओ के तहत नए शेयर जारी होंगे और ऑफर फॉर सेल विंडे के तहत भी शेयरों की बिक्री होगी। इसके अलावा एसएफसी एंवयार्नमेंटल टेक (SFC Environmental Tech) की भी योजना आईपीओ लाने की है, जिसके तहत ₹150 करोड़ के नए शेयर जारी हो सकते हैं और ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत 1.23 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री हो सकती है।

इस साल कैसा रहा आईपीओ मार्केट में हाल

जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बीच मार्केट में इस साल तेज उठा-पटक रही और हाहाकार का माहौल बना हुआ है। इन सबके बीच इस साल 2026 के नौ महीनों में कंपनियों ने 96 कंपनियों के जरिए ₹1.1 लाख करोड़ से अधिक जुटाए। इसमें से 35 आईपीओ तो अकेले पिछले महीने सितंबर में आए थे।

जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड में इक्विटी कैपिटल मार्केट्स की हेड और एमडी नेहा अग्रवाल का कहना है कि मार्केट की तेज उठा-पटक के बावजूद अच्छी क्वालिटी वाले शेयरों की मांग बनी हुई है। नेहा के मुताबिक सेकंडरी मार्केट में विदेशी निवेशकों का निवेश घटता-बढ़ता रहा लेकिन प्राइमरी मार्केट में देशी-विदेशी संस्थागत निवेशकों का सपोर्ट मिलता रहा।

नेहा का कहना है कि जिन कंपनियों की कमाई साफ तौर पर दिख रही है, जिनका कॉर्पोरेट गवर्नेंस अच्छा है और जो कैपिटल का सही इस्तेमाल कर रही हैं, उनमें निवेशकों की दिलचस्पी अधिक हो सकती है। वहीं साथ ही आगे उन्होंने यह भी कहा कि जिन कंपनियां का वैल्यूएशन सही रहेगी, उन्हें निवेशकों का शानदार रिस्पांस दिख सकता है और लिस्टिंग के बाद भी वे अच्छा परफॉर्म कर सकती हैं।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है। 

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

शेयर बाजारों में बीते 25 सालों की सबसे लंबी गिरावट, लगातार 8वें हफ्ते गिरे बाजार

शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांक 1 अक्तूबर को भी गिरकर बंद हुए। विदेशी फंडों की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया। क्रूड ऑयल की कीमतों में फिर से तेजी का असर भी बाजार के सेंटिमेंट पर पड़ा। लगातार 8वां हफ्ता है, जब सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट आई है। बीते 25 सालों में पहली बार ऐसा हुआ है। 1 अक्तूबर इस हफ्ते का अंतिम कारोबारी दिन है। 2 अक्तूबर को गांधी जयंती के मौके पर बाजार बंद हैं।

ऑटो इंडेक्स 3 फीसदी फिसला 

Sensex 0.8 फीसदी यानी 570 अंक गिरकर 71,909 पर बंद हुआ। Nifty 0.9 फीसदी यानी 198 अंक गिरकर 22,421 पर क्लोज हुआ। आईटी छोड़कर निफ्टी के सभी सेक्टर सूचकांकों में गिरावट आई। ऑटो इंडेक्स 3 फीसदी गिरा। इसमें बजाज ऑटो में 6 फीसदी गिरावट का बड़ा हाथ रहा। M&M का शेयर भी 2.4 फीसदी गिरकर बंद हुआ।

सिर्फ आईटी इंडेक्स में तेजी 

IT Index में 0.9 फीसदी तेजी आई। इसकी वजह अगस्त में अमेरिका में उम्मीद से कम इनफ्लेशन का डेटा है। इससे इस महीने के आखिर में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की उम्मीद घटी है। कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर 3 फीसदी चढ़ा। इसकी वजह यह है कि बैंक ने अनूप कुमार साहा को नया सीईओ नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल 3 साल के लिए होगा।

FIIs की बिकवाली ने बढ़ाया दबाव

बाजार में गिरावट में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली का बड़ा हाथ है। 30 सितंबर को लगातार पांचवें सत्र एफआईआई ने बिकवाली की। जियोजित इनवेस्टमार्ट्स के वीके विजय कुमार ने कहा कि बीते दो दिनों में एफआईआई की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया है। इस दौरान उन्होंने कुल 20,128 करोड़ रुपये की बिकवाली की है। हालांकि, प्राइमरी मार्केट में वे निवेश कर रहे हैं।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड रिकॉर्ड ऊंचाई पर

अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़कर 2002 के बाद के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गई है। इससे न सिर्फ अमेरिका में बल्कि दुनियाभर में लोन लेना महंगा होगा। 10 साल के अमेरिकी बॉन्ड्स की यील्ड बढ़कर 5.33 फीसदी पहुंच गई। यह 2007 के बाद के सबसे हाई लेवल पर है। 30 साल की बॉन्ड यील्ड भी 2002 के बाद सबसे हाई लेवल पर पहुंच गई है। इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी है।

क्रूड ऑयल में तेजी से महंगाई बढ़ने का डर 

क्रूड ऑयल की कीमतों ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाने का काम किया है। 98 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के बाद ब्रेंट क्रूड फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। इस साल फरवरी के आखिर में अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद से क्रूड की कीमतों में आग लगी हुई है। इससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का डर बढ़ा है। महंगाई को काबू करने के लिए फेडरल रिजर्व सहित दुनिया के दूसरे केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं। इससे लोन लेना महंगा हो जाएगा।

₹6 करोड़ बना ₹433 करोड़! इस IPO ने आशीष कचोलिया और मुकुल अग्रवाल को किया मालामाल

ESDS Software Solution Multibagger Returns: शेयर बाजार में 4 सितंबर को ESDS Software Solution के शेयरों की लिस्टिंग हुई। लिस्टिंग के बाद इसमें आई आतिशी तेजी ने दलाल स्ट्रीट में तहलका मचा दिया है। ब्लॉकबस्टर लिस्टिंग और रिकॉर्ड रैली से बाजार के दो सबसे दिग्गज बिग-बुल निवेशकों आशीष कचोलिया और मुकुल अग्रवाल को मल्टीबैगर रिटर्न मिला है।

अक्टूबर 2024 में कंपनी में बेहद मामूली रकम लगाने वाले आशीष कचोलिया का निवेश महज दो साल से भी कम समय में 70 गुना से ज्यादा बढ़ चुका है, जबकि मुकुल अग्रवाल के होल्डिंग की वैल्यू भी ₹1,100 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है।

आशीष कचोलिया का ₹6.14 करोड़ का निवेश बना ₹433 करोड़

स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों के पारखी माने जाने वाले दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया ने ESDS Software Solution में प्री-आईपीओ चरण के दौरान ही दांव लगा लिया था। कचोलिया ने अक्टूबर 2024 में इस कंपनी में ₹164 प्रति शेयर के भाव पर ₹6.14 करोड़ का शुरुआती निवेश किया था। कंपनी के आईपीओ तक उनके पास करीब 24.6 लाख शेयर थे। ₹429 प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर उनकी इस हिस्सेदारी की वैल्यू करीब ₹103 करोड़ तय हुई थी।

लिस्टिंग के बाद शेयर में आई तूफानी तेजी के चलते कछोलिया के इसी पोर्टफोलियो की वैल्यू अब बढ़कर ₹433 करोड़ हो चुकी है। यानी उन्हें अपने मूल निवेश पर 70 गुना से अधिक का रिटर्न मिला है।

मुकुल अग्रवाल का ₹302 करोड़ का दांव अब ₹1,176 करोड़ के पार

बाजार के एक और दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल की होल्डिंग में भी इस आईपीओ की लिस्टिंग के बाद जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है। ESDS के ऑफर डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, आईपीओ से पहले मुकुल अग्रवाल के पास कंपनी के 70.3 लाख शेयर थे, जो कुल इक्विटी का लगभग 7% हिस्सा था।

आईपीओ के ₹429 के अपर प्राइस बैंड पर उनके इस 7% शेयर की कुल वैल्यू करीब ₹302 करोड़ थी। शेयर में लिस्टिंग के बाद आए 240% के उछाल के बाद, मुकुल अग्रवाल के इस स्टेक की वैल्यू बढ़कर ₹1,176 करोड़ के स्तर पर पहुंच चुकी है।

136 गुना सब्सक्रिप्शन और 240% की गदर रैली

ESDS Software Solution का ₹720 करोड़ का आईपीओ प्राइमरी मार्केट में 28 अगस्त से 1 सितंबर 2026 के बीच खुला था। कंपनी ने इसके लिए ₹408 से ₹429 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था।

प्राइमरी मार्केट में बंपर मांग: निवेशकों की भारी मांग के चलते यह इश्यू ओवरऑल 136 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

240% का रिटर्न: 4 सितंबर को धमाकेदार डेब्यू करने के बाद से यह शेयर अपने इश्यू प्राइस ₹429 से करीब 240% चढ़ चुका है।

₹20,000 करोड़ का मार्केट कैप: शेयर में आई इस ऐतिहासिक तेजी से कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (M-Cap) ₹20,000 करोड़ के बेहद करीब पहुंच गया है।

टाटा और केपीआईटी को पछाड़ा: बाजार पूंजीकरण के इस आंकड़े के साथ ESDS Software ने अपनी सेक्टर की कई बड़ी लिस्टेड कंपनियों जैसे- Tata Elxsi, Firstsource Solutions और KPIT Technologies को पीछे छोड़ दिया है।

क्या करती है ESDS Software Solution?

ESDS Software Solution देश की अग्रणी एआई-इनेबल्ड क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस प्रोवाइडर कंपनी है। भारत में डेटा लोकलाइजेशन, क्लाउड अडॉप्शन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग के बीच कंपनी का बिजनेस मॉडल बेहद मजबूत स्थिति में माना जा रहा है, यही वजह है कि दलाल स्ट्रीट के दिग्गज निवेशकों ने इसमें भारी दांव लगाया था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market View : बाजार में चौतरफा बिकवाली, जानिए सुस्ती के इस माहौल में कहां और कैसे बन सकता है पैसा

Market View : सभी सेक्टरों में आई चौतरफा बिकवाली के कारण भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स शुरुआती कारोबार में कमजोर दिख रहे हैं और निफ्टी 22900 के नीचे आ गया है। सुबह 11 बजे के आसपास सेंसेक्स 1,030 अंक यानी 1.39 प्रतिशत गिरकर 72,865.57 पर और निफ्टी 320 अंक यानी 1.38 प्रतिशत गिरकर 22,820 पर कारोबार कर रहा था। NSE पर सबसे ज्यादा एक्टिव शेयरों में क्लीन मैक्स,एसएस रिटेल,हीरो मोटर्स, HDFC बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल थे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वी के विजयकुमार कुमार का कहना है कि जुलाई और अगस्त में FPI का पैसा आने के बाद,इस महीने की शुरुआत में ही इसके नेगेटिव होने का ट्रेंड साफ दिखने लगा था। यह ट्रेंड जारी रहा और 25 अगस्त तक एक्सचेंजों के ज़रिए कुल इक्विटी आउटफ्लो (विदेशी पैसे का बाहर जाना) 25,682 करोड़ रुपये तक पहुच गया। साथ ही,प्राइमरी मार्केट के ज़रिए FPI निवेश का ट्रेंड भी जारी है और इस महीने की 25 तारीख तक कुल निवेश 8,551 करोड़ रुपये रहा है।

एक्सचेंज के जरिए बेचने और प्राइमरी मार्केट के ज़रिए निवेश करने के इस ट्रेंड की वजह से इस साल एक्सचेंज के जरिए कुल FPI बिक्री 2,95,971 करोड़ रुपये और इसी दौरान प्राइमरी मार्केट के ज़रिए कुल निवेश 54,398 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

US बॉन्ड यील्ड ज्यादा होने और भारत के IPO मार्केट से बेहतर रिटर्न मिलने की वजह से इस ट्रेंड के जारी रहने की संभावना है। FPI निवेश में एक और अहम ट्रेंड यह है कि भले ही वे लार्ज-कैप शेयरों में बिकवाली कर रहे हैं,लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में लगातार खरीदारी कर रहे हैं। FPIs मार्केट के मोमेंटम (तेजी या मंदी के रुख) को भी फॉलो कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि इकोनॉमी और मार्केट में दो ऐसी बातें दिख रही हैं जो एक-दूसरे के विपरीत हैं और इन पर ध्यान देना जरूरी है। इकोनॉमी मजबूत बनी हुई है और कंपनियों की कमाई भी बढ़ रही है,लेकिन मार्केट लगातार नीचे जा रहा है। यह घरेलू सपोर्ट के मुकाबले बाहरी मुश्किलों के हावी होने का मामला है। ब्रेंट क्रूड का $106 पर होना और US 10-ईयर बॉन्ड यील्ड का 5.2% पर होना ऐसी बड़ी मुश्किलें हैं जो मार्केट पर दबाव डाल रही हैं। जुलाई और अगस्त में खरीदार आने के बाद,FPIs सितंबर में फिर से सेलर बन गए हैं। इस स्थिति की वजह से मार्केट पर कुछ समय तक दबाव बना रहेगा।

मार्केट के नजरिए से एक अहम ट्रेंड यह है कि भले ही FPIs लार्जकैप शेयरों में बिकवाली कर रहे हैं,लेकिन वे मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की ज्यादा कीमत (वैल्यूएशन)के बावजूद उन्हें लगातार खरीद रहे हैं। असल तेजी या मोमेंटम ब्रॉडर मार्केट में ही है। माना जा रहा है कि यह दौर कुछ समय के लिए ही रहेगा।

एक तरफ लार्जकैप और दूसरी तरफ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की वैल्यूएशन में जो अंतर है,वह ज़्यादा समय तक नहीं रहेगा। आखिरकार वैल्यूएशन का अपने औसत स्तर पर वापस आना तय है। ऐसा तभी होगा जब कच्चे तेल की कीमतें और US बॉन्ड यील्ड में नरमी आएगी।

आज के लिए निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

manasjaiswal.com के मानस जायसवाल का कहना है कि निफ्टी में 23250 के ऊपर जाने पर खरीदारी करें, 23175 के स्टॉप-लॉस के साथ 23400 पर टारगेट सेट करें। वहीं, कमजोरी आने की स्थिति में 23000 के नीचे जाने पर 23100 के स्टॉप-लॉस के साथ, 22800 के टारगेट के लिए बिकवाली करें।

बैंक निफ्टी में 56000 के ऊपर जाने पर खरीदारी करें, 55700 के स्टॉप-लॉस के साथ 56600 पर टारगेट सेट करें। वहीं, कमजोरी आने की स्थिति में 55300 के नीचे जाने पर 55550 के स्टॉप-लॉस के साथ, 54750 के टारगेट के लिए बिकवाली करें।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं manasjaiswal.com के मानस जायसवाल। इनकी बैंक ऑफ महाराष्ट्रा में 83 रुपए के स्टॉप-लास के साथ, 88 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, ब्लू स्टॉर में इनकी 1539 रुपए के स्टॉप-लास के साथ, 1625 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Top Trading Picks : कमजोर बाजार में भी शॉर्ट टर्म में करनी है बंपर कमाई, तो एक्सपर्ट्स के पसंदीदा इन शेयरों पर लगाएं दांव

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Upcoming IPOs: इस हफ्ते मेनबोर्ड सेगमेंट में 4 नए इश्यू, ₹595 करोड़ जुटाने की होगी कोशिश

28 सितंबर से शुरू हो रहे हफ्ते में धमाल मचने वाला है। प्राइमरी मार्केट में 5 या 6 नहीं बल्कि 20 नए IPO खुलने जा रहे हैं। इनमें से 4 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। ये 4 कंपनियां 594.92 करोड़ रुपये जुटाने की कोशिश करेंगी। लिस्ट में SRIT इंडिया, विशाल निर्मिती, शाह इनवेस्टर्स होम और नित्यास जेम्स एंड ज्वेलरी शामिल हैं। नए सप्ताह में पहले से खुले 18 IPO भी रहेंगे, जिनमें से 6 मेनबोर्ड सेगमेंट के हैं। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर शेयर बाजार बंद रहेगा। आइए जानते हैं डिटेल…

नए मेनबोर्ड IPO

SRIT India IPO: ₹218.40 करोड़ का IPO 28 सितंबर को खुलेगा और 30 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹123-₹130 प्रति शेयर और लॉट साइज 115 शेयर है। IPO की क्लोजिंग 30 सितंबर को होगी, जिसके बाद कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 6 अक्टूबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Shah Investor’s Home IPO: यह 28 सितंबर को खुलेगा और 30 सितंबर को बंद होगा। ₹90.17 करोड़ जुटाने की कोशिश की जाएगी। प्राइस बैंड ₹159-₹167 प्रति शेयर और लॉट साइज 85 शेयर है। कंपनी NSE और BSE पर 6 अक्टूबर को लिस्ट हो सकती है।

Vishal Nirmiti IPO: ₹178 करोड़ का यह पब्लिक इश्यू 30 सितंबर को खुलेगा और 5 अक्टूबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹208-₹220 प्रति शेयर और लॉट साइज 68 शेयर है। कंपनी के NSE और BSE पर 8 अक्टूबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Nityas Gems & Jewellery IPO: ₹108.35 करोड़ का इश्यू 30 सितंबर को खुलेगा और 5 अक्टूबर को बंद होगा। बोली ₹70-₹75 प्रति शेयर के भाव पर और 200 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी NSE और BSE पर 8 अक्टूबर को लिस्ट हो सकती है।

मेनबोर्ड सेगमेंट में 7 कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 29 सितंबर को NSE और BSE पर Varmora Granito की लिस्टिंग होने की उम्मीद है। 30 सितंबर को NSE और BSE पर Elevate Campuses, Adroit Industries, Swastika Infra, ArMee Infotech की लिस्टिंग हो सकती है। इसके बाद 1 अक्टूबर को NSE और BSE पर Moneyview, A-One Steels के शेयर लिस्ट हो सकते हैं।

IPOs This Week: मचेगा धमाल; 28 सितंबर से शुरू हफ्ते में 20 नए इश्यू, 19 कंपनियां होंगी लिस्ट

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Orient Cables IPO का GMP 25%, क्या दांव लगाने से होगी मोटी कमाई?

ओरिएंट केबल्स के आईपीओ को शानदार रिस्पॉन्स मिला है। 25 सितंबर को पहले दिन ही 1 बजे तक इश्यू 87 फीसदी सब्सक्राइब हो चुका था। यह इश्यू 552 करोड़ रुपये का है। कंपनी ने 258-272 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इस इश्यू में 29 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है।

24 सितंबर को जीएमपी 41 फीसदी था

इनवेस्टरगेन के मुताबिक, इस शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम 25 फीसदी चल रहा है। 24 सितंबर को जीएमपी 41 फीसदी से ज्यादा था। अगर शेयर की लिस्टिंग जीएमपी के मुताबिक होती है तो इनवेस्टर्स को अच्छा मुनाफा हो सकता है। हालांकि, जीएमपी से शेयरों की लिस्टिंग का सिर्फ एक संकेत मिलता है। यह शेयर की लिस्टिंग प्राइस की गांरटी नहीं है।

आईपीओ में ऑफर फॉर सेल भी शामिल 

ओरिएंट केबल्स गुरुग्राम की कंपनी है। कंपनी के आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल है। इसका मतलब है कि आईपीओ में नए शेयर एलॉट होने के साथ ही प्रमोटर फैमिली अपने कुछ शेयर बेचेगी। इस आईपीओ में कम से कम शेयरों के एक लाट के लिए बोली लगानी होगी। एक लॉट 55 शेयरों का है। इसका मतलब है कि प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर बोली लगाने के लिए कम से कम 14,960 रुपये की जरूरत पड़ेगी।

एंकर इनवेस्टर्स से 165 करोड़ जुटा चुकी है कंपनी

कंपनी ने आईपीओ खुलने से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 165.6 करोड़ रुपये जुटाए हैं। उसने 272 रुपये प्रति शेयर के भाव पर कुल 60.88 लाख शेयर एलॉट किए हैं। एंकर इनवेस्टर्स में कई बड़े म्यूचुअल फंड हाउस शामिल हैं।

कंपनी आईपीओ के पैसे से नई मशीन खरीदेगी

कंपनी इश्यू से जुटाए गए पैसे में से 91.5 करोड़ रुपये का इस्तेमाल नई मशीन और इक्विपमेंट खरीदने के लिए करेगी। साथ ही अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में कुछ सिविल वर्क कराएगी। वह 155.5 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। बाकी पैसे का इस्तेमाल सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए होगा।

कंपनी नेटवर्किंग सहित कई तरह के केबल्स बनाती है

ओरिएंट केबल्स नेटवर्किंग केबल्स और पैसिव नेटवर्किंग इक्विपमेंट बनाती है। साथ ही स्पेशियलिटी और ऑप्टिकल फाइबर केबल्स बनाती है। इसके ग्राहकों में ब्रॉडबैंड, टेलीकॉम, डेटा सेंटर्स, रिन्यूएबल एनर्जी और स्मार्ट बिल्डिंग ऑटोमेशन सेंगमेंट शामिल हैं। यह आईपीओ ऐसे वक्त आया है, जब प्राइमरी मार्केट में काफी हलचल है। एनएसई का आईपीओ 24 सितंबर को लिस्ट हुआ। यह देश का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ था। सबसे बड़ा आईपीओ ह्युंडई का था।

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 17 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 16 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,200 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 332.63 अंक या 0.45 प्रतिशत बढ़कर 74,336.45 पर और निफ्टी 99.00 अंक या 0.43 प्रतिशत बढ़कर 23,217.60 पर बंद हुआ। आज लगभग 1913 शेयरों में बढ़त हुई, 2241 शेयरों में गिरावट आई और 180 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में SBI लाइफ इंश्योरेंस,HDFC लाइफ,ITC,एक्सिस बैंक और SBI शामिल रहे। वहीं TCS,विप्रो,इंफोसिस,टेक महिंद्रा और बजाज फिनसर्व में गिरावट देखी गई।

IT और फार्मा को छोड़कर,बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। FMCG और PSU बैंक इंडेक्स में 1% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स बिना किसी बदलाव के बंद हुआ,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में मामूली गिरावट आई।

बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि भारतीय बाजार आज बढ़त के साथ बंद हुआ। पिछले सेशन में आई भारी गिरावट के बाद इसमें रिकवरी हुई। सेंसेक्स लगभग 74,336 पर बंद हुआ और इसमें करीब 333 अंकों की बढ़त हुई,जबकि निफ्टी भी बढ़त के साथ 99 अंक ऊपर बंद हुआ। US में कच्चे तेल का स्टॉक बढ़ने से सप्लाई से जुड़ी कुछ चिंताएं कम हुईं,जिसके बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत घटकर लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।

FMCG शेयरों में सबसे ज़्यादा तेजी रही और चार दिन से जारी इनकी गिरावट का सिलसिला थम गया। आने वाले त्योहारों के मौसम को देखते हुए निवेशकों के रुझान के कारण HUL,ITC,डाबर इंडिया,इमामी,गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और P&G हाइजीन के शेयरों में 2-4% की बढ़त हुई।

सरकार ने 2,000 रुपये से ज़्यादा के UPI मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर 0.4% MDR लागू किया है, जिसमें 75,000 रुपये और उससे ज़्यादा के ट्रांज़ैक्शन के लिए अधिकतम शुल्क 300 रुपये तय किया गया है। ये नए शुल्क 15 अक्टूबर से लागू होंगे। इससे 2020 में शुरू किया गया ज़ीरो MDR सिस्टम खत्म हो जाएगा। जिन छोटे व्यापारियों का मासिक UPI QR कलेक्शन 1 लाख रुपये तक है,उन्हें इससे छूट मिलेगी। P2P ट्रांज़ैक्शन पहले की तरह मुफ़्त रहेंगे। इस बदलाव से बैंकों,पेमेंट एग्रीगेटर्स और फिनटेक कंपनियों को अतिरिक्त रेवेन्यू मिल सकता है।

PhonePe के CEO समीर निगम ने कहा है कि नए MDR फ्रेमवर्क से कंपनी के IPO प्लान को मदद मिल सकती है और चालू वित्त वर्ष में इसकी लिस्टिंग हो सकती है। उम्मीद है कि यह IPO पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ होगा।

SEMICON India 2026 का आयोजन 17-19 सितंबर के बीच नई दिल्ली में किया जाएगा। इसमें 600 से ज्यादा एग्ज़िबिटर्स के शामिल होने की उम्मीद है,जिससे सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स शेयरों पर सबकी नजर रहेगी। सरकार ने 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी है, जिनमें से तीन में पहले से ही कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है।

NSE का IPO कल खुलने वाला है। बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहने की संभावना है। सेक्टर-स्पेसिफिक डेवलपमेंट,कच्चे तेल की कीमतो और विदेशी निवेश इसके मुख्य कारण होंगे। NSE का यह बड़ा IPO प्राइमरी मार्केट में निवेशकों की दिलचस्पी का भी एक बड़ा टेस्ट होगा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी और US फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीद (जिसका असर बाजार पहले ही पचा चुका है) से निवेशकों का भरोसा बढ़ा,जिससे भारतीय इक्विटी बाजार में भी तेजी आई। बैंक ऑफ जापान के पॉलिसी फैसले से पहले जापानी बॉन्ड यील्ड में नरमी आने से भी पॉजिटिव माहौल को और मजबूती मिली,जिससे पूरे एशिया में जोखिम लेने की इच्छा को सपोर्ट मिला।

घरेलू स्तर बाजार में बैंकिंग,FMCG और ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेजी के कारण लार्ज-कैप शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त रही,जबकि IT सेक्टर में हालिया शानदार प्रदर्शन के बाद कुछ चुनिंदा शेयरों में मुनाफा वसूली दिखी।

निवेशक अब भविष्य में ब्याज दरों की चाल के बारे में और जानकारी पाने के लिए फेड चेयरमैन के बयान का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद है कि इस गाइडेंस का असर ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थिति,कैपिटल फ़्लो और फ़ाइनेंशियल मार्केट की निकट भविष्य की दिशा पर पड़ेगा।

HST वेल्थ के फाउंडर और CEO हरिसेल्वन राधाकृष्णन का कहना है कि मंगलवार को आई भारी गिरावट के बाद बुधवार को बैंकिंग शेयरों और कुछ बड़े शेयरों में वैल्यू बाइंग के चलते भारतीय इक्विटी मार्केट में थोड़ी रिकवरी देखने को नजर आई।

इस रिकवरी में बैंक निफ्टी सबसे आगे रहा। इसने 56,000 का स्तर फिर से हासिल किया और बेंचमार्क इंडेक्स को सपोर्ट दिया। हालांकि, रिकवरी में बहुत अधिक तेजी नहीं थी क्योंकि ब्रेंट क्रूड की कीमतें $107-$108 प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर बनी रहीं और फेडरल रिजर्व की पॉलिसी घोषणा से पहले अमेरिकी 10-साल के ट्रेजरी यील्ड 5% के आसपास रही।

ग्लोबल मार्केट में निवेशकों का रुख सावधानी के साथ पॉजिटिव रहा। बाजार फेड के फैसले का इंतज़ार कर रहे हैं। इंडिया VIX घटकर 13.15 पर आ गया,जो बताता है कि निकट भविष्य की चिंता में थोड़ी कमी आई है,हालांकि उतार-चढ़ाव हाल के स्तरों से ऊपर बना हुआ है।

तकनीकी स्थिति में मामूली सुधार हुआ है लेकिन यह अभी भी कमजोर है। निफ्टी 23,200 के ऊपर बंद हुआ। लेकिन 23,300-23,500 के दायरे में उसे अभी भी रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 23,000 पर है और उसके बाद 22,800 पर अहम सपोर्ट है।

बैंक निफ्टी को 56,500-56,800 की ओर रिकवरी जारी रखने के लिए 56,000 के स्तर से ऊपर बने रहना होगा। अगर यह फिर से 56,000 के नीचे जाता है तो 55,500 का स्तर फिर से फोकस में आ सकता है।

फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों पर फैसला और उसके साथ दी जाने वाली पॉलिसी गाइडेंस ही बाजार की अगली चाल तय करेगी। फेड की संतुलित कमेंट्री से रिकवरी में मदद मिल सकती है,जबकि सख्त रुख (हॉकिश आउटलुक),बॉन्ड यील्ड में फिर से तेजी या ब्रेंट क्रूड का $110 की ओर बढ़ना बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ा सकता है और बाजार की रिकवरी को सीमित कर सकता है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड ऑफ रिसर्च, वेल्थ मैनेजमेंट,सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों,विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और US फेडरल रिज़र्व के पॉलिसी फैसले से पहले बनी अनिश्चितता के बीच भारतीय शेयर बाजार में सावधानी का माहौल बने रहने की संभावना है।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट ने कहा कि आज भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव वाला दिन रहा। पिछले सेशन में हुई भारी बिकवाली के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में रिकवरी देखने को मिली। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी,रुपये में कमजोरी और FII की लगातार बिकवाली निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आगे भी बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। ग्लोबल संकेत,कच्चे तेल की कीमतें,करेंसी में उतार-चढ़ाव और US फेड की पॉलिसी को लेकर उम्मीदें बाजार की दिशा तय करेंगी।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

NSE IPO: SEBI से ग्रीन सिग्नल, सितंबर में ही लिस्टिंग; अब तक और क्या चला है पता

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को अपना IPO लाने के लिए के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI की मंजूरी मिल गई है। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है। इसका लंबे वक्त से इंतजार किया जा रहा है। NSE के बोर्ड ने इस साल फरवरी में IPO लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। पब्लिक इश्यू का ड्राफ्ट जून 2026 में SEBI के पास जमा किया था। NSE, बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका IPO लगभग 10 सालों से पेंडिंग है।

NSE ने सबसे पहले दिसंबर 2016 में अपना IPO प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था। उस वक्त इरादा OFS के जरिए करीब 10,000 करोड़ रुपये जुटाने का था। लेकिन नियामकीय खामियों और को-लोकेशन मामले से जुड़ी चिंताओं के चलते सेबी ने मंजूरी लंबे समय तक रोक दी थी। लेकिन अब रास्ता साफ है। आइए जानते हैं NSE IPO के बारे में अब तक क्या पता चला है…

साइज और नेचर

NSE IPO करीब 30,000 करोड़ रुपये का है। यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। इसलिए शेयर बिक्री से मिला पैसा, OFS में शेयर बेचने वालों के पास जाएगा। NSE को कुछ नहीं मिलेगा।

OFS में कौन बेचेगा शेयर

एक्सचेंज के मौजूदा शेयरधारक 14.89 करोड़ शेयर यानि लगभग 6% हिस्से को बिक्री के लिए रखेंगे। OFS में टेमासेक होल्डिंग्स पीटीई., LIC, SBI और SBI कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड शेयर बेच सकते हैं। SBI अपनी 0.65% हिस्सेदारी बेच सकता है। SBI कैपिटल मार्केट्स अपनी 0.35% हिस्सेदारी बेच सकती है। एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड 1.60 करोड़ शेयरों की बिक्री कर सकती है।

शेयर बेचने वाले अन्य प्रमुख शेयरधारकों में कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड, टेमासेक की सब्सिडियरी अरांदा इनवेस्टमेंट्स (मॉरिशस) प्राइवेट लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं।

ओपनिंग और लिस्टिंग की संभावित तारीख

इश्यू के 15 सितंबर को खुलने और 24 या 25 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने की संभावना है। शेयर BSE पर लिस्ट होंगे।

नए सप्ताह में तय हो सकता है प्राइस बैंड

कहा जा रहा है कि NSE अगले सप्ताह IPO के लिए प्राइस बैंड, लॉट साइज और अन्य डिटेल्स की घोषणा कर सकता है।

कैसे होगा देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO

भारत में अभी तक सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू Hyundai Motor India का रहा है। यह अक्टूबर 2024 में आया था और इसका साइज 27,858.75 करोड़ रुपये या 294.97 करोड़ डॉलर रहा था। अब NSE का 30,000 करोड़ रुपये का IPO आ रहा है। हालांकि, सबसे बड़े IPO के तमगे को लेकर इसकी टक्कर जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड से है। जियो लगभग 37,700 करोड़ रुपये का IPO लाने की तैयारी में है। लेकिन इसके आने का समय अभी घोषित नहीं हुआ है।

IPOs This Week: 7 सितंबर से शुरू हफ्ते में प्राइमरी मार्केट में सुनामी, खुलेंगे 15 नए इश्यू; साथ में 9 लिस्टिंग

IPO के बाद टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में हो सकती है NSE की एंट्री

यह IPO NSE को बाजार पूंजीकरण के लिहाज से भारत की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में शामिल कर सकता है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि IPO से NSE का मार्केट कैप 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।

NSE के प्रमुख शेयरहोल्डर

NSE के शेयरधारकों में घरेलू वित्तीय संस्थान, बीमा कंपनियां, विदेशी निवेशक और व्यक्तिगत निवेशक शामिल हैं। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ NSE की सबसे बड़ी शेयरधारक है। जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के पास भी हिस्सेदारी है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और उसकी सब्सिडियरी SBI कैपिटल मार्केट्स की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 7.5 प्रतिशत है। स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) की एक्सचेंज में 4.44 प्रतिशत हिस्सेदारी है। SHCIL में 50 प्रतिशत से ज्यादा ओनरशिप IFCI के पास है। विदेशी निवेशकों में टेमासेक की सब्सिडियरी अरांदा इन्वेस्टमेंट्स और कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB) की भी NSE में अच्छी खासी हिस्सेदारी है।

IPO के लिए 20 इनवेस्टमेंट बैंक किए गए थे शॉर्टलिस्ट

NSE ने मार्च 2026 की शुरुआत में IPO पर काम करने के लिए 20 इनवेस्टमेंट बैंकों को शॉर्टलिस्ट किया था। इनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी, JM फाइनेंशियल, जेपी मॉर्गन, HSBC सिक्योरिटीज, मॉर्गन स्टेनली भी शामिल हैं। इस मेगा इश्यू के लिए करीब 7 से 9 लॉ फर्म्स को भी शॉर्टलिस्ट किया गया, जिनमें सिरिल अमरचंद मंगलदास, Trilegal, और अमेरिका की Latham and Watkins भी शामिल हैं।

NSE की वित्तीय सेहत

NSE के लगभग 1.8 लाख शेयरहोल्डर हैं। अप्रैल-जून 2026 के दौरान एक्सचेंज का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर 3,120 करोड़ रुपये हो गया। कुल आय 9 प्रतिशत बढ़कर 5,252 करोड़ रुपये हो गई। वित्त वर्ष 2025-26 में NSE का शुद्ध मुनाफा 15 प्रतिशत घटकर 10,302 करोड़ रुपये रह गया। कुल आय भी कम होकर 18,713 करोड़ रुपये पर आ गई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPOs This Week: 7 सितंबर से शुरू हफ्ते में प्राइमरी मार्केट में सुनामी, खुलेंगे 15 नए इश्यू; साथ में 9 लिस्टिंग

7 सितंबर से शुरू हो रहे हफ्ते में IPO मार्केट में जबरदस्त एक्शन देखने को मिलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 15 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 11 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। अकेले 9 सितंबर को 9 IPO खुलने वाले हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले एक IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। जहां तक स्टॉक मार्केट में नई लिस्ट होने वाली कंपनियों की बात है तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 9 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए खुल रहे IPO

Pranav Constructions IPO: ₹351.03 करोड़ का इश्यू 7 सितंबर को खुलेगा और 9 सितंबर को बंद होगा। इसमें ₹118-₹124 प्रति शेयर के भाव पर बोली लगा सकते हैं। लॉट साइज 120 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 15 सितंबर को हो सकती है।

Apana Logistics IPO: ₹34.14 करोड़ का इश्यू 7 सितंबर को खुल रहा है। फाइनल इश्यू प्राइस ₹60 प्रति शेयर है। लॉट साइज 2000 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 9 सितंबर को होगी। कंपनी के शेयर BSE SME पर 15 सितंबर को लिस्ट होंगे।

Kanohar Electricals IPO: कंपनी ₹1,055.74 करोड़ जुटाना चाहती है। IPO 8 सितंबर को ओपन होगा। इसमें 10 सितंबर तक ₹601-₹632 प्रति शेयर के भाव पर और 23 शेयरों के लॉट में 10 सितंबर तक पैसे लगा सकेंगे। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Prasol Chemicals IPO: यह 8 सितंबर को खुलेगा और 10 सितंबर को बंद होगा। कंपनी का इरादा ₹500 करोड़ जुटाने का है। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹643-₹676 प्रति शेयर और लॉट साइज 22 शेयर है। शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

Glass Wall Systems IPO: ₹427.89 करोड़ का यह इश्यू भी 8 सितंबर को खुल रहा है। क्लोजिंग 10 सितंबर को होगी। इसमें ₹172-₹182 प्रति शेयर के भाव पर और 82 शेयरों के लॉट में निवेश कर सकते हैं। कंपनी NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट हो सकती है।

Rentomojo IPO: ₹1,255.57 करोड़ का पब्लिक इश्यू 9 सितंबर को खुलेगा और 11 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹384-₹404 प्रति शेयर और लॉट साइज 37 शेयर है। कंपनी NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होने वाली है।

Asset Reconstruction Company IPO: यह 9 सितंबर को ओपन होगा। प्राइस बैंड ₹132-₹139 प्रति शेयर है। लॉट साइज 107 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होने वाली है। कंपनी ₹732.97 करोड़ जुटाना चाहती है। शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Manipal Payment & Identity Solutions IPO: कंपनी ₹805 करोड़ जुटाना चाहती है। यह इश्यू भी 9 सितंबर को खुल रहा है और 11 सितंबर को बंद होगा। बोली ₹322-₹339 प्रति शेयर के भाव पर और 44 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

LCC Projects IPO: यह इश्यू 9 सितंबर को खुल रहा है। साइज ₹427.14 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹139-₹146 प्रति शेयर और लॉट साइज 102 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 सितंबर को होने वाली है।

Karamtara Engineering IPO: ₹875 करोड़ के इश्यू में 9 सितंबर से लेकर 11 सितंबर तक पैसे लगाए जा सकेंगे। निवेश ₹241-₹254 प्रति शेयर के भाव पर और 59 शेयरों के लॉट में कर सकते हैं। कंनी NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होगी।

Infrax Renewable IPO: यह 9 सितंबर को खुलेगा। फाइनल इश्यू प्राइस ₹104 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। इश्यू का साइज ₹40.88 करोड़ रुपये है। 11 सितंबर को IPO बंद होने के बाद शेयर BSE SME पर 17 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं।

Amtech Esters IPO: कंपनी ₹17.88 करोड़ जुटाना चाहती है। यह IPO भी 9 सितंबर को खुलेगा और 11 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹71-₹75 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,600 शेयर है। BSE SME पर कंपनी की लिस्टिंग की तारीख 17 सितंबर है।

Vinod Texworld IPO: इश्यू ₹42.83 करोड़ का है। ओपनिंग 9 सितंबर को और क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी। फाइनल इश्यू प्राइस ₹94 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1,200 शेयर है। लिस्टिंग NSE SME पर होगी, जिसके लिए तारीख 17 सितंबर है।

Steamhouse IPO: 9 सितंबर को खुलने जा रहा यह इश्यू ₹414 करोड़ का है। इसके लिए अभी प्राइस बैंड तय नहीं हुआ है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 सितंबर को होगी।

Veegaland Developers IPO: यह 10 सितंबर को खुलेगा। साइज ₹210 करोड़ है। 15 सितंबर तक ₹130-₹140 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में निवेश कर सकेंगे। लॉट साइज 107 शेयर है। शेयर NSE और BSE पर 18 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

NSE के आईपीओ को सेबी की हरी झंडी, जानें किस तारीख को लिस्ट होंगे शेयर

पहले से खुला IPO

Qualiance International IPO: ₹45.11 करोड़ का पब्लिक इश्यू 4 सितंबर को खुला था। इसमें 8 सितंबर तक पैसे लगाने का मौका है। IPO अभी तक 13.78 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹120-₹127 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,000 शेयर है। कंपनी NSE SME पर 11 सितंबर को लिस्ट हो सकती है।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 7 सितंबर को NSE और BSE पर Purple Style Labs के शेयर लिस्ट होंगे। इसी दिन NSE SME पर Ashutosh Fibre, Shanti Inorganics और BSE SME पर Phychem Technologies की लिस्टिंग हो सकती है। 8 सितंबर को NSE और BSE पर Deepa Jewellers, Rays of Belief के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे। इसी दिन BSE SME पर Fly-Hi Maritime Travels और Farm Peace के शेयरों की लिस्टिंग होने की उम्मीद है। 11 सितंबर को NSE SME पर Qualiance International लिस्ट हो सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।