Market cues : मंदड़ियों के कमजोर पड़ने के मिल रहे संकेत, 22800–22900 के पार जाने पर निफ्टी में आएगी तेजी

Trade setup for today : एक दिन की गिरावट के बाद निफ्टी 50 ने जबरदस्त रिकवरी की। IT शेयरों के दम पर 13 अक्टूबर को इसमें 1.6 प्रतिशत की तेजी आई और यह पिछले दिन के उच्चतम स्तर से ऊपर बंद हुआ। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने ‘बुलिश एनगल्फिंग’ जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया। यह बुल्स की मज़बूत वापसी का संकेत है। पिछले तीन ट्रेडिंग सेशन में और खासकर 8 अक्टूबर को 18 महीने के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद,निफ्टी ने 22,200 के लेवल को बचाए रखा जो आगे भी एक अहम सपोर्ट का काम कर सकता है। वहीं,22,500–22,600 का जोन तत्काल सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। वहीं ऊपर की तरफ मोमेंटम बनाए रखने और अपने अपट्रेंड को 23,000 के पार ले जाने के लिए इंडेक्स को 22,800–22,900 के तत्काल रेजिस्टेंस जोन के ऊपर मजबूती से निकलना होगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (22,722) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 22,743, 22,845 और 23,011

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 22,412, 22,309 और 22,144

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनाई जो ‘बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न’ जैसी दिखती है। यह पिछले दिन के हाई से ऊपर बंद हुआ जो बुल्स की जबरदस्त वापसी का संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज (20, 50, 100 और 200 दिन के EMA) से नीचे ट्रेड करता रहा,हालांकि यह 10-दिन के EMA से ऊपर वापस आने में कामयाब रहा। मोमेंटम इंडिकेटर्स से पता चला कि बेयरिश मोमेंटम धीरे-धीरे कम हो रहा है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) बढ़कर 43.43 हो गया और अपनी सिग्नल लाइन से ऊपर बना रहा। जबकि MACD ने बुलिश क्रॉसओवर दिखाया और इसका हिस्टोग्राम लगभग दो महीनों में पहली बार हरा हो गया। इन सभी टेक्निकल संकेतों से पता चलता है कि निकट भविष्य में मोमेंटम में सुधार हो रहा है,हालांकि इंडेक्स अभी भी अपने मुख्य मूविंग एवरेज से नीचे है। इससे संकेत मिलता है कि बड़ा ट्रेंड अभी तक पूरी तरह से बुलिश नहीं हुआ है।

बैंक निफ्टी (55,481) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,568, 55,760 और 56,072

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 54,945, 54,752 और 54,440

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,897, 57,285

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,049, 54,053

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

एक दिन बिकवाली के दबाव के बाद बैंक निफ्टी में भी जोरदार रिकवरी आई। इसने डेली चार्ट पर ‘बुलिश एनगल्फिंग’ जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न (पूरी तरह से क्लासिकल नहीं) बनाया,जो तेजी का संकेत है। इंडेक्स में 1 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 55,200 के रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर मजबूती से बंद हुआ। सितंबर के बाद पहली बार यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बंद हुआ,जो निकट भविष्य में तेजी की गति (मोमेंटम) में सुधार का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर्स में RSI बढ़कर 48.22 पर पहुंच गया और इसने पॉजिटिव क्रॉसओवर दिखाया। जबकि MACD अपनी सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा। इसके अलावा,MACD हिस्टोग्राम की हरी बार्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़ीं। ये बुलिश मोमेंटम के मज़बूत होने का संकेत है। ये टेक्निकल संकेत बुलिश मोमेंटम में सुधार और आगे और बढ़त की संभावना की ओर इशारा करते हैं। हालांकि रिकवरी की पुष्टि के लिए अहम रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर लगातार मजबूती बनाए रखना जरूरी होगा।

Asian Market: टेक शेयरों में गिरावट के बाद रिकवरी से एशियाई बाजारों में उछाल, Kospi 1% से ज़्यादा चढ़ा

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडेक्स ‘इंडिया VIX’ (जिसे ‘फियर गेज’ भी कहा जाता है) पिछले सेशन में 6.1% बढ़ने के बाद 7.43% गिरकर 14.12 पर आ गया,जिससे तेजड़ियों को कुछ राहत मिली। हालांकि,उतार-चढ़ाव का यह इंडेक्स अभी भी काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। अगर यह 12 के स्तर से नीचे आता है तो बुल्स को और ज्यादा राहत मिलेगी और इक्विटी मार्केट के लिए हालात और बेहतर होने के संकेत मिलेंगे।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 13 अक्टूबर को बढ़कर 1.16 हो गया, जबकि पिछले सेशन में यह 0.73 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: अंबुजा सीमेंट्स,केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: बंधन बैंक, LIC हाउसिंग फाइनेंस

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : बाजार में दिखी जोरदार तेजी, जानिए 12 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : शुक्रवार को भारतीय शेयर बाज़ार में ज़बरदस्त तेज़ी देखने को मिली है। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद सेंसेक्स 879 अंक यानी 1.23%) बढ़कर 72,472 पर और निफ्टी 289 अंक यानी 1.30% बढ़कर 22,520 पर बंद हुआ। बाज़ार का रुख पॉजिटिव रहा। 2,344 शेयरों में बढ़त हुई जबकि 1,686 शेयरों में गिरावट आई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो IT सेक्टर में सबसे ज़्यादा 3.02% की तेज़ी रही, जबकि FMCG में 2.25% और PSU बैंकों में 1.62% की बढ़त दर्ज की गई। मिडकैप शेयरों में 1.46% और स्मॉलकैप शेयरों में 0.55% की बढ़त हुई, वहीं इंडिया VIX में 6.09% की गिरावट आई। TCS, ITC और अपोलो हॉस्पिटल्स में से हर एक में 4% से ज़्यादा की बढ़त हुई और ये निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि हाल ही में आई भारी गिरावट के बाद, वैल्यू बाइंग और शॉर्ट कवरिंग के दम पर घरेलू इक्विटी मार्केट में राहत भरी रैली देखने को मिली। Q2 अर्निंग्स सीज़न की मज़बूत शुरुआत और AI-आधारित रेवेन्यू के मौकों पर बढ़ते भरोसे के कारण IT शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। ईरान के ख़िलाफ़ किसी भी संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के मिड-टर्म चुनावों से पहले होने की संभावना कम होने के संकेतों से भू-राजनीतिक चिंताएं कम हुईं। इससे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई और बाज़ार के सेंटीमेंट में सुधार हुआ। हालांकि, लगातार हो रही FII की बिकवाली और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में तेजी, रिकवरी की उम्मीदों पर दबाव बनाए हुए है। RBI के ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ (सोच-समझकर सख्ती) के रुख के बाद, निवेशक अब ब्याज दरों की चाल के बारे में और संकेतों के लिए सोमवार को आने वाले घरेलू CPI डेटा का इंतज़ार कर रहे हैं। आगे चलकर, Q2 के नतीजे (जिसके सालाना आधार पर अच्छा रहने का अनुमान है) बाज़ार में आई तेज़ी के बने रहने के लिहाज़ से अहम होंगे।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि आज शुक्रवार को निफ्टी में अच्छी रिकवरी दिखी और इसमें 1% से ज़्यादा की बढ़त हुई। हालांकि, यह 22,600 के आसपास बने 50EMA के लेवल को पार नहीं कर पाया। अगर इंडेक्स 22,600–22,650 के रेजिस्टेंस ज़ोन के ऊपर जाता है तो शॉर्ट-टर्म ट्रेंड में सुधार हो सकता है और रिकवरी जारी रह सकती है। लेकिन, अगर यह इस ज़ोन को पार नहीं कर पाता है, तो बाज़ार में फिर से कमज़ोरी आ सकती है। निचले स्तर पर इसके लिए 22,450, 22,350 और 22,100 पर सपोर्ट हैं।

360 ONE वेल्थ की प्रेसिडेंट अनु जैन ने एक अहम टेक्निकल गड़बड़ी की ओर इशारा करते हुए कहा कि मार्केट अपने 200 वीक के मूविंग एवरेज (जो एक लॉन्ग-टर्म सपोर्ट लेवल है) से नीचे आ गया है। इससे पता चलता है कि एडजस्टमेंट का दौर अभी और चल सकता है। या तो कीमतें और गिर सकती हैं या फिर लंबे समय तक कंसोलिडेशन का दौर रह सकता है। इससे पता चलता है कि अभी और मुश्किल दौर आ सकता है। टेक्निकल इंडीकेटर बताते हैं कि बाजार में अभी और गिरावट की गुंजाइश है।

बजाज ऑल्ट्स की ग्रुप प्रेसिडेंट (इन्वेस्टमेंट्स) और मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO लक्ष्मी अय्यर ने हाल में आई गिरावट को मार्केट में बनी अस्वाभाविक तेजी ज़रूरी सफ़ाई बताते हुए कहा है कि मोमेंटम इंडिकेटर कमज़ोर हुए हैं और मार्केट के मज़बूत स्थिति में आने से पहले निवेशकों को और उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए। अय्यर ने मौजूदा दौर की तुलना समुद्र मंथन से करते हुए कहा क पहले ज़हर मिलेगा, लेकिन आपको अमृत का इंतज़ार करना होगा। यानी असल वैल्यू सामने आने से पहले उथल-पुथल का दौर देखने को मिलेगा।

अभी हर जगह वैल्यूएशन की स्थिति सही नहीं है। अय्यर ने कहा कि वैल्यूएशन अब धीरे-धीरे सही स्तर की ओर बढ़ रहे हैं और बाज़ार के कुछ हिस्सों में ये लंबे समय के औसत से नीचे आ गए हैं। लार्ज-कैप की वैल्यूएशन ठीक लग रही है, लेकिन कई सालों की ज़बरदस्त री-रेटिंग के बाद मिड-कैप और स्मॉल-कैप में अभी भी बहुत ज़्यादा राहत की गुंजाइश नहीं दिख रही है।

उन्होंने आगे कहा कि मिड कैप स्टॉक लार्जकैप के मुकाबले 55-60% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं और स्मॉल-कैप में भी लगभग इतना ही प्रीमियम मिल रहा है। फिर भी, उनका कहना है कि कई मिड साइज़ कंपनियों की अर्निंग में मज़बूती बनी हुई है, इसलिए यह बिना सोचे-समझे खरीदारी करने के बजाय सोच-समझकर निवेश करने वालों का बाज़ार है। यह स्टॉक पिकर्स) का बाज़ार है।

नुवामा एसेट मैनेजमेंट के प्रेसिडेंट और हेड, अंशु कपूर की राय है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स के लिए भारत अभी भी पसंदीदा मार्केट नहीं है, क्योंकि दूसरे मार्केट में तुलनात्मक रूप से बेहतर मौके मिल रहे हैं। उनका कहना यह नहीं है कि भारत का स्ट्रक्चरल आकर्षण खत्म हो गया है, बल्कि यह है कि मार्केट में उतार-चढ़ाव की वजह से निकट भविष्य में कुछ और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Strategy: बाजार में बढ़त के साथ हो रहा कारोबार, इंट्राडे में बंपर कमाई के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

Trading Strategy : शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स में बढ़त देखने को मिल रही है। सुबह करीब 10 बजे के आसपास सेंसेक्स 601 अंक यानी 0.84% चढ़कर 72,194 पर और निफ्टी 197 अंक यानी 0.88% बढ़कर 22,428 पर पहुंच गया था। IT इंडेक्स में सबसे ज्यादा 2.86% की तेजी दिख रही है। जबकि प्राइवेट बैंक, बैंक निफ्टी और मीडिया इंडेक्स में 1% से ज़्यादा की बढ़त देखने को मिल रही है। मिडकैप शेयरों में लगभग 1% की बढ़त हुई है। हालांकि स्मॉलकैप शेयरों में मामूली गिरावट आई है। एनर्जी,ऑयल एंड गैस और फार्मा सेक्टर के शेयरों में गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। जबकि, वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX 4.06% गिर गया है। यह तेजड़ियों के लिए राहत की बात है।

निफ्टी पर रणनीति

आज बाजार में क्या हो ट्रेडिंग रणनीति इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 22361-22440 पर और बड़ा रजिस्टेंस 22513-22571/22610 पर है। इसके लिए पहला बेस 22110-22080 पर और बड़ा बेस 21866/21945-22010 पर है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 54921-55080 पर और बड़ा रजिस्टेंस 55304-55434/55610 पर है। इसके लिए पहला बेस 54330-54431 पर और बड़ा बेस 54040-54212 पर है।

सीएनबीसी-आवाज के अनुज सिंघल की निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 22,150-22,200 पर और बड़ा सपोर्ट 22,000-22,050 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 22,350-22,400 पर और बड़ा रजिस्टेंस 22,450-22,500 पर है। 22,400-22,450 के रिजेक्शन पर बेचें, 22,500 का सख्त SL लगाएं। अगर निफ्टी 22,150-22,200 होल्ड करे तभी खरीदें, 22,100 का सख्त SL लगाएं।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 54,300-54,500 पर और बड़ा सपोर्ट 54,000-54,200 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 54,800-55,000 पर और बड़ा रजिस्टेंस 55,200-55,500 पर है। 54,800-55,000 के रिजेक्शन पर बेचें, 55,100 का सख्त SL लगाएं। अगर निफ्टी 54,300-54,500 होल्ड करे तभी खरीदें, 54,100 का सख्त SL लगाएं।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं www.rajeshsatpute.com के राजेश सातपुते। इनकी बैंक ऑफ महाराष्ट्र के फ्यूचर्स में 80 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 88 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, नेस्ले के फ्यूचर्स में इनकी 1290 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 1360 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Trading Ideas: 9 अक्टूबर को भारती हेक्साकॉम, NTPC ग्रीन एनर्जी, लेमन ट्री होटल्स, हेक्सावेयर और V-मार्ट रिटेल में कैसे करें ट्रेड?

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : JM फाइनेंशियल के जय मेहता से जानें, क्या भारी बिकवाली के बाद निफ्टी और बैंक निफ्टी में हो सकती है रिकवरी

Trading Plan : कल के सेशन में सभी सेक्टर में आई गिरावट और जबरदस्त बिकवाली के बाद,मार्केट में रिकवरी की कोशिश हो सकती है। हालांकि,मार्केट को लेकर सतर्क या नेगेटिव नजरिया दिख रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि रिकवरी कितनी देर तक टिक पाती है। निफ्टी को 22,350-22,500 के जोन में पहले और उसके बाद 22600-22800 की रेंज में बड़े रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। नीचे की तरफ,गुरुवार का निचला स्तर सबसे नजदीकी सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह स्तर टूटता है तो निफ्टी की गिरावट 22000 की ओर बढ़ सकती है।

बैंक निफ्टी की बात करें तो यह 55,000-55,600 के जोन की ओर वापसी कर सकता है। अगर यह लगातार 55,600 के ऊपर लगातार बना रहता है,तो बुल्स फिर से एक्टिव हो सकते हैं। बाजार जानकारों की राय है कि तब तक इंडेक्स एक दायरे में रह सकता है। इसे गुरुवार के निचले स्तर पर पहला सपोर्ट मिल सकता है और उसके बाद 54,000 और 53,700 पर बड़े सपोर्ट मिल सकते हैं।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

JM फाइनेंशियल सर्विसेज़ में टेक्निकल रिसर्च हेड जय मेहता का कहना है कि 1 अक्टूबर को निफ़्टी को 22,217 के आसपास सपोर्ट मिला। इस हफ्ते की शुरुआत में कुछ सकारात्मक संकेत दिखे थे,लेकिन हाल के सेशन में भारी बिकवाली का दबाव देखा गया और इंट्राडे में 400 से ज्यादा अंकों की गिरावट आई। कुल मिलाकर स्थिति मंदी वाली बनी हुई है। अगस्त सीरीज़ की शुरुआत से ही ‘लोअर लो’ और ‘लोअर हाई’ का ट्रेंड जारी है। निफ्टी ने 22,179 के आसपास नया 52-हफ्ते का निचला स्तर (लो) बनाया है।

निफ्टी अहम मूविंग एवरेज से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है। इंडिया VIX तेजी से (लगभग 10 प्रतिशत) बढ़कर 15.27 पर पहुंच गया। निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 22180–22000 के जोन में है। RSI नए निचले स्तर (lower lows) नहीं बना रहा है,जिससे संकेत मिलता है कि 22000 ±50 पॉइंट्स के आसपास सबसे नजदीकी सपोर्ट मिल सकता है। अगर यह जोन निर्णायक रूप से टूटता है तो गिरावट 21700 और आगे 21560 तक बढ़ सकती है।

ऊपर की तरफ 22,500 पर पहला रेजिस्टेंस है और उसके बाद 22,800 पर एक मज़बूत रेजिस्टेंस है। जब तक ये लेवल नहीं टूटते तब तक मार्केट का रुख मंदी वाला रहेगा।

अहम रेजिस्टेंस: 22,500, 22,800, 23,200

अहम सपोर्ट: 22,180, 22,000, 21,560

रणनीति:जब तक निफ्टी 22,800 के नीचे बना हुआ है,तब तक उछाल पर बेचें। अगर निफ्टी फ्यूचर्स लगातार 22,000 के नीचे बना रहता है तो नई शॉर्ट पोजीशन बनाई जा सकती है,जिसमें 21,700 और 21,560 का लक्ष्य रखा जा सकता है।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय मेहता का कहना है कि Nifty 50 के मुकाबले Bank Nifty ने ज्यादा मजबूती दिखाई है। इसने 29 सितंबर को 53,800 के आसपास एक निचला स्तर बनाया और तब से ज्यादातर एक ही दायरे में बना हुआ है। यहां तक कि 1 अक्टूबर को,जब Nifty में तेज गिरावट आई, तब भी Bank Nifty मजबूती से टिका रहा। हाल के सेशन में जहां निफ्टी ने 52-वीक का नया निचला स्तर छुआ,वहीं बैंक निफ्टी अपने हालिया स्विंग लो से ऊपर बना रहा जो पॉज़िटिव रिलेटिव स्ट्रेंथ दिखाता है। कुल मिलाकर स्थिति अभी भी मंदी वाली (bearish) है,लेकिन जब तक इंडेक्स 53,750 के ऊपर बना रहता है, तब तक और कंसोलिडेशन की संभावना है।

बैंक निफ्टी के लिए 55,700 पर मजबूत रेजिस्टेंस है। अगर यह लगातार 55,700 के ऊपर बना रहता है तो 56,200 और 56,700 तक जाने का रास्ता खुल सकता है। वहीं,अगर यह 53,750 के नीचे जाता है तो इंडेक्स 53,000 तक गिर सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 55,700, 56,200, 56,700

अहम सपोर्ट: 54,120, 53,750, 53,000

स्ट्रेटेजी: बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में 53,750 और 55,700 के बीच रेंज ट्रेडिंग। किसी भी तरफ ब्रेकआउट होने पर,उस दिशा में 700–900 पॉइंट की चाल देखने को मिल सकती है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : 22000 के मनोवैज्ञानिक लेवल पर भी मंडरा रहा खतरा, 21700 तक फिसल सकता है निफ्टी

Trade setup for today : 8 अक्टूबर को निफ्टी पर मदड़ियों का दबदबा बना रहा। यह 1.64 प्रतिशत गिरा और लगातार एक और सेशन में इसमें गिरावट जारी रही। मोमेंटम इंडिकेटर ‘बेयरिश’ जोन में बने रहे। जबकि इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी नीचे ट्रेड करता रहा। तेल की ऊंची कीमतें, रुपये में कमजोरी, FII की लगातार बिकवाली और इंडिया VIX का 15 के स्तर से ऊपर जाना भी मार्केट सेंटीमेंट पर भारी पड़ा। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी गुरुवार के 22,180 के निचले स्तर को साफ तौर पर तोड़ता है तो मंदड़िए 22,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को टारगेट कर सकते हैं और उसके बाद निफ्टी अप्रैल 2025 के निचले स्तर 21,700 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ,22,400 एक शुरुआती रेजिस्टेंस बन सकता है और उसके बाद 22,600-22,700 का जोन बड़े रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (22,232) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस : 22,497, 22,596 और 22,756

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 22,177, 22,078 और 21,918

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी 50 पिछले 18 महीनों के सबसे निचले क्लोजिंग स्तर पर पहुंच गया और डेली टाइमफ्रेम पर एक लंबी लाल कैंडल बनाई,जो बाजार में भारी गिरावट के दबाव का संकेत है। 10, 20, 50, 100 और 200-दिन के EMA सभी नीचे की ओर झुके हुए थे। RSI सुपर-बेयरिश जोन में बना रहा और 30 से गिरकर 27.55 पर आ गया, जबकि MACD सिग्नल लाइन के नीचे रहा और हिस्टोग्राम में एक बढ़ती हुई लाल पट्टी दिखाई दी। कुल मिलाकर ये संकेत लगातार मंदी के रुझान की ओर इशारा करते हैं और बताते हैं कि इंडेक्स पर निकट भविष्य में दबाव बना रह सकता है।

बैंक निफ्टी (54,515) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 54,899, 55,055 और 55,307

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 54,395, 54,239 और 53,987

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,897, 57,285

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 54,053, 52,784

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

गुरुवार को 1 प्रतिशत की गिरावट के बाद बैंक निफ्टी पिछले हफ़्ते के क्लोजिंग लेवल के करीब आ गया। बैंकिंग इंडेक्स ने डेली चार्ट पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनाई और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा,जो लगातार बनी कमजोरी को दिखाता है। RSI गिरकर 40 के ज़ोन से नीचे 36.45 पर आ गया,जबकि MACD जो अपनी सिग्नल लाइन की ओर ऊपर की तरफ बढ़ रहा था,सिग्नल लाइन से नीचे ही बना रहा। हालांकि,MACD हिस्टोग्राम लगातार छठे सेशन में भी मंदी के रुझान (बेयरिश मोमेंटम) में कमी दिखाता रहा। कुल मिलाकर ये इंडिकेटर बताते हैं कि मंदी का दबाव बना हुआ है,भले ही यह दबाव धीरे-धीरे कम हो रहा हो।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

मार्केट में संभावित उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया VIX कल 10.01% बढ़कर 15.275 पर पहुंच गया। यह 11 जून, 2026 के बाद इसका सबसे ऊंचा क्लोजिंग लेवल है। यह सभी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है, जो बुल्स के बीच बढ़ती बेचैनी का संकेत है। 15 के लेवल से ऊपर बने रहने पर बुल्स पर दबाव बना रह सकता है।

Market Trend : बाजार में और बढ़ सकती है गिरावट, इस डिफेंस स्टॉक में बिकवाली करके बनाए जा सकते हैं पैसे

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 8 अक्टूबर को गिरकर 0.73 पर आ गया, जबकि पिछले सेशन में यह 0.89 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: अंबुजा सीमेंट्स, बंधन बैंक, LIC हाउसिंग फाइनेंस

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: SAIL

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan: क्या RBI पॉलिसी के नतीजों से पहले निफ्टी फिर से 22,800 का लेवल हासिल कर सकता है ?

Trading Plan:पिछले दो सेशन में तेज़ी के बाद (खासकर मोमेंटम इंडिकेटर्स के ‘ओवरसोल्ड’ ज़ोन में जाने और इंडिया VIX के ठंडा पड़ने के बाद)बुल्स को अपनी पकड़ मज़बूत बनाने के लिए निफ्टी में 22,800-23,000 के रेजिस्टेंस जोन की ओर और खरीदारी (फॉलो अप बाइंग) की जरूरत है। अगर ऐसा नहीं होता है तो इंडेक्स कंसोलिडेशन के दौर में जा सकता है,जिसमें तत्काल सपोर्ट 22,700 पर होगा और उसके बाद 22,550 और 22,400 पर बड़े सपोर्ट होंगे।

निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

रेनेसां के फंड मैनेजर एडवाइजरी, राजेश दशरथ भोसले का कहना है कि सितंबर सीरीज़ में भारी बिकवाली के बाद,अक्टूबर के शुरुआती कुछ सेशन में बाजार में रिकवरी के संकेत दिखे हैं। गुरुवार को 22,200 के आसपास बने ‘स्विंग लो’ से निफ़्टी में रिकवरी आई है और RBI की पॉलिसी घोषणा से पहले यह 22,800 के आस-पास बंद हुआ है।

यह उछाल अप्रैल के ‘स्विंग लो’ से आया है और इसकी उम्मीद भी थी,क्योंकि RSI रीडिंग बहुत ज़्यादा ‘ओवरसोल्ड’ (oversold) स्तर पर थी। इंडेक्स अपने 200-हफ़्ते के मूविंग एवरेज के पास भी बना हुआ है। यह एक लंबे समय का सपोर्ट लेवल है जो 2020 में कोविड-19 क्रैश के दौरान ही लंबे समय के लिए टूटा था।

हालांकि मार्केट सेंटीमेंट में सुधार हुआ है,लेकिन RBI की पॉलिसी का नतीजा बहुत अहम होगा। अगर हालिया बढ़त बनी रहती है और निफ्टी 23,000 के ऊपर जाता है तो और तेजी आ सकती है। नीचे की तरफ,22,400 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम करेगा,जबकि 22,200 एक अहम डिमांड जोन बना रहेगा।

RSI को एक लीडिंग इंडिकेटर के तौर पर देखना भी फायदेमंद हो सकता है। हाल ही में इसने पॉजिटिव डाइवर्जेंस के साथ एक ‘डबल बॉटम’ बनाया है। मंदी के दौर में 40 का लेवल आमतौर पर एक रुकावट का काम करता है और RSI का हालिया माइनर हाई भी 40 के आसपास ही है। इस लेवल के ऊपर कोई भी निर्णायक चाल मोमेंटम में सुधार का शुरुआती संकेत देगी।

अहम रेजिस्टेंस: 22,800, 23,000

अहम सपोर्ट: 22,400, 22,200

स्ट्रैटेजी: 22,700 के आसपास निफ्टी अक्टूबर फ्यूचर्स खरीदें, जिसमें 22,570 का स्टॉप-लॉस और 23,000 व 23,100 का टारगेट रखें।

 

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर्स से मंदी के रुझान में कुछ कमी आने के संकेत, 22800 के ऊपर टिकने पर आएगी तेजी

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : बाजार का टेक्निकल स्ट्रक्चर सभी पैमानों पर कमजोर, 22570 के नीचे जाने पर निफ्टी में बढ़ेगी गिरावट

Trade setup for today : बाजार जानकारों का कहना है कि बाजार का टेक्निकल स्ट्रक्चर सभी पैमानों पर कमजोर नजर आ रहा है। इसके अलावा US ट्रेजरी यील्ड्स भी दो दशक के हाई के आसपास दिख रही है। ऐसे में निफ्टी के आसानी से मंदड़ियों के पकड़ से बाहर निकलने की उम्मीद बहुत कम है। दिन के लो से तेज रिकवरी के बावजूद,29 सितंबर को मंथली F&O एक्सपायरी सेशन में इंडेक्स एक तिहाई परसेंट गिर गया। सितंबर में अब तक इसमें 5.67 परसेंट की गिरावट आई है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी का मंगलवार का 22,570 का निचला स्तर काफी अहम लेवल हो सकता है। अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स और नीचे जा सकता है और 22,380 पर मौजूद 200-वीक EMA और फिर अप्रैल के निचले स्तर 22,182 तक गिर सकता है। दूसरी ओर अगर निफ्टी 22,570 के ऊपर बना रहता है तो यह 22,800–23,000 के जोन की ओर बढ़ सकता है। एक्सपर्ट्स अभी भी ‘सेल-ऑन-रैली'(तेज़ी आने पर बेचने)की रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (22,716) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 22,750, 22,793 और 22,863

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 22,610, 22,566 और 22,496

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

डेली चार्ट पर गिरावट के दौरान निफ्टी ने एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसकी निचली विक (wick) लंबी थी। यह’हैमर’जैसे कैंडलस्टिक पैटर्न जैसा दिखता है,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है। हालांकि इसे आमतौर पर ट्रेंड-रिवर्सल का संभावित पैटर्न माना जाता है,लेकिन इसकी पुष्टि के लिए आने वाले सेशन में मजबूत खरीदारी की जरूरत होती है। निफ्टी सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है और ये एवरेज नीचे की ओर झुके हुए हैं। जबकि RSI नेगेटिव क्रॉसओवर के साथ गिरकर 26.71 पर आ गया है। MACD सिग्नल लाइन से नीचे बना हुआ है और रेड हिस्टोग्राम बार एक और सेशन में बढ़ता दिखा है। ये सभी इंडिकेटर अंडरलाइंग मोमेंटम में लगातार बनी कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं।

बैंक निफ्टी (54,260) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 54,387, 54,533 और 54,770

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 53,914, 53,767 और 53,531

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 54,509, 55,897

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 53,300, 51,830

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

बैंक निफ्टी ने एक पतली बॉडी वाली कैंडल बनाई,जिसकी निचली विक (wick) लंबी थी। यह निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है। डाउनट्रेंड के दौरान डेली चार्ट पर यह बनावट’डोजि'(doji) जैसे कैंडलस्टिक पैटर्न जैसी दिख रही थी। ऐसी बनावट ट्रेंड में संभावित बदलाव का संकेत दे सकती है,लेकिन इसके लिए अगले सेशन में पुष्टि की जरूरत होती है। दिन के निचले स्तर से जबरदस्त रिकवरी के बावजूद इंडेक्स 0.39 प्रतिशत गिरा। यह सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है और इसके शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज नीचे की ओर जा रहे हैं। RSI गिरकर 29.04 पर आ गया है,जबकि MACD सिग्नल लाइन के नीचे अपने डाउनट्रेंड में बना हुआ है और रेड हिस्टोग्राम बार लगातार चौथे सेशन में बढ़ रहा है। ये सभी इंडिकेटर लगातार बने दबाव का संकेत दे रहे हैं।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव का अनुमान लगाने वाला इंडिया VIX पिछले दिन की तेज़ी के बाद इंट्राडे में 14.77 के ऊंचे स्तर तक पहुंचने के बाद 1.65 प्रतिशत गिरकर 13.41 पर आ गया। हालांकि,यह ऊंचे स्तर पर बना रहा,जिससे तेजड़ियों के बीच कुछ सावधानी का संकेत मिला। 12 के स्तर से नीचे आने पर ‘बुल्स’को ज़्यादा राहत मिल सकती है,जबकि 14 के स्तर से ऊपर जाने पर मार्केट में बेचैनी बढ़ सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 29 सितंबर को बढ़कर 0.91 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.71 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: SAIL

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस

 

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 30 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Ideas: कल की भारी गिरावट के बाद आज फिर बिकवाली का तूफान, जानिए कमजोर बाजार में भी कहां हो सकती है कमाई

Stock Market Crash : कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच,भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। सभी सेक्टर में बिकवाली के कारण निफ्टी 22600 के करीब आ गया है। फिलहाल सेंसेक्स 506 अंक या 0.70 प्रतिशत गिरकर 72,265 के आसपास और निफ्टी 146 अंक यानी 0.64 प्रतिशत गिरकर 22,634 के आसपास कारोबार कर रहा है। निफ्टी 5 महीने के निचले लेवल पर पहुंच गया है। बैंक निफ्टी ने 54000 का लेवल तोड़ दिया है। मिडकैप-स्मॉलकैप में भी प्रेशर है। महाराष्ट्र में सूखे के बाद दरें बढ़ने की आशंका के साथ-साथ US ट्रेजरी यील्ड और कच्चे तेल में उछाल ने सेंटिमेंट खराब किए हैं। इंडिया VIX 200 DEMA के ऊपर है।

अमेरिका में टैरिफ राहत से फार्मा में जोश है। डॉ रेड्डीज करीब 2 परसेंट मजबूत हुआ है। वहीं सिप्ला भी चढ़ा है। दोनों निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल हैं। भारत समेत 20 देशों के लिए स्पेसियलिटी ट्रग्स, इंग्रीडिएंट्स और ड्रग कंपोनेंट पर अब जीरो टैरिफ लगेगा। फार्मा और हेल्थ केयर को छोड़कर सभी सेक्टर लाल निशान में हैं। बैंक और फाइनेंस शेयरों में भारी गिरावट आई है। IT,एनर्जी और FMCG में भी बिकवाली है।

दिग्गज रिलायंस 52 हफ्तों के निचले लेवल पर पहुंच गया है। HDFC बैंक भी 52 वीक LOW के करीब है। इसके अलावा HUL, TATA कंज्यूमर, जियो फाइनेंस, टाटा मोटर्स PV में भी कमजोरी गहराई है।

ऐसे में जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वी के विजयकुमार का कहना है कि ब्रेंट क्रूड के भाव $106 से ऊपर और US 10-साल के बॉन्ड यील्ड के 5.23% पर होने के कारण ग्लोबल मैक्रो हालात इक्विटी मार्केट के लिए अभी भी अच्छे नहीं हैं। US में उभरते मैक्रो हालात तेज ग्रोथ और बढ़ती महंगाई की ओर इशारा कर रहे हैं। AI पर भारी खर्च से ग्रोथ बढ़ रही है और उम्मीद से बेहतर ग्रोथ के कारण महंगाई भी ऊंची बनी रहेगी,जिससे फेड को एक और बार ब्याज दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं। इसके चलते US बॉन्ड यील्ड भी बढ़ रहे हैं।

चूंकि क्रूड की बढ़ी हुई कीमतें ग्राहकों पर नहीं डाली गई हैं,इसलिए FY27 में भारत पर फिस्कल दबाव बढ़ेगा। इसलिए,अगर क्रूड की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं,तो फिस्कल दबाव का असर FY27 में भारत की GDP ग्रोथ और कॉर्पोरेट अर्निंग्स ग्रोथ पर पड़ सकता है। यह चिंता भी मार्केट पर असर डाल रही है।

लार्ज-कैप ग्रोथ स्टॉक्स के आकर्षक वैल्यूएशन लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स के लिए खरीदारी के मौके दे रहे हैं

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि ग्लोबल बाजार में सावधानी का माहौल है। वॉल स्ट्रीट में कमज़ोर कारोबार के बाद एशियाई बाज़ार भी ज़्यादातर सुस्त हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और US बॉन्ड यील्ड बाजार के मूड पर दबाव बना रहे हैं। निवेशक इस हफ्ते आने वाले आर्थिक डेटा और कॉर्पोरेट गतिविधियों पर नजर रखे हुए है।

आज के लिए इंडेक्स में ट्रेडिंग रणनीति

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 22941-23022 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 23117-23178-23267 पर है। इसके लिए पहला बेस 22698-22731 पर और बड़ा बेस 22610-22666 पर है। ग्लोबल हैंडओवर कमजोर है,कच्चा तेल और बॉन्ड यील्ड अभी ऊंचे स्तरों पर हैं। FIIs की कैश में जोरदार बिकवाली जारी है, नेट शॉर्ट 3.2 लाख पर हैं। आज एक्सपायरी के दिन FII का नेट शॉर्ट सबसे ऊंचे स्तर पर है। रेजिस्टेंस-1 के नीचे उछाल पर बिकवाली की रणनीति की सलाह होगी। रेजिस्टेंस-1 पार कर टिकने पर रेजिस्टेंस-2 तक तेजी की गुंजाइश है। एक्सपायरी को देखते उछाल पर बिकवाली में शुरुआती लक्ष्य बेस-1 होगा बेस-1 पर शॉर्ट को चेक करें,अगर पुट राइटर्स दिखें तो मुनाफा बांधे। अगर बेस-1 टिका तो एक्सपायरी 22750-22850 के बीच रह सकती है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 54789-55040 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 55289-55517 पर है। इसके लिए पहला बेस 54010-54188 पर और बड़ा बेस 53710-53881 पर है। कल बैंक निफ्टी में जोरदार गिरावट रही। अब 54000 पर पुट राइटर्स हावी हैं। 54800-55000 जोन में कॉल सेलर एक्टिव हैं। रेजिस्टेंस-1 के नीचे बिकवाली और उछाल में बिकवाली की रणनीति होगी। बेस-1 अहम है,अगर टिका तो पिछले क्लोज की ओर हल्का पुलबैक संभव है। सिर्फ 55040 के ऊपर ही शॉर्ट कवरिंग की उम्मीद है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Finberg Management की मधु बंसल। इनकी SPLPETRO में 865 रुपए के आसपास, 852 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 957 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं,Supriya Lifescience में इनकी 984 रुपए के आसपास, 959 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 1078 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : नियर टर्म में कंसोलिडेशन जारी रहने की उम्मीद, 23500 की दीवार पार होने पर ही आएगी तेजी

Trade setup for today : एक दिन की गिरावट के बाद कल निफ्टी में 0.50 फीसदी की रिकवरी हुई। बाजार में मंदी का दबाव कुछ कम हुआ। हालांकि,कुल मिलाकर बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर बना हुआ है और इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है। US 10-ईयर बॉन्ड यील्ड बढ़कर 5.1 फीसदी पर पहुंच गया, जो जुलाई 2007 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं कच्चे तेल की कीमतें फिर से $100 प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गईं। इसकी वजह से कल बाजार में सावधानी का माहौल देखने को मिला।

जब तक निफ्टी 23,500–23,600 के अहम रेजिस्टेंस जोन के नीचे ट्रेड करता रहेगा,तब तक नियर टर्म में नेगेटिव रुझान के साथ कंसोलिडेशन का दौर बने रहने की संभावना है। बाजार जानकारों का कहना है कि निफ्टी के लिए 23,300 पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है। इसके बाद 23,100–23,000 एक अहम सपोर्ट ज़ोन हो सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23,447) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,466, 23,494 और 23,538

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,376, 23,349 और 23,304

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

डेली टाइमफ्रेम पर,निफ्टी ने पिछले दिन की रेड कैंडल के अंदर ही एक बुलिश कैंडल बनाई। यह सीमित दायरे में हो रही ट्रेडिंग के बीच पॉजिटिव ट्रेंड का संकेत है। हालांकि,इंडेक्स अभी भी अपने 20, 50, 100 और 200-डे EMA से नीचे बना हुआ है,जो इसके कमजोर स्ट्रक्चर का संकेत है। इस बीच, RSI बढ़कर 40.25 हो गया। यह सिग्नल लाइन से ऊपर तो है,लेकिन अभी भी 50 के स्तर से नीचे है। MACD थोड़ा ऊपर चढ़कर अपनी सिग्नल लाइन के करीब पहुंच गया,जबकि लाल हिस्टोग्राम बार लगातार छठे सेशन में नीचे आया। यह एक बड़े कंसोलिडेशन फेज के दौरान मंदी के मोमेंटम में कमी का संकेत है।

बैंक निफ्टी (56,549) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,619, 56,717 और 56,875

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,303, 56,205 और 56,047

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,285, 59,261

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,749, 55,050

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

बैंक निफ्टी में भी 0.6 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। डेली चार्ट पर पिछले दिन की रेड कैंडल के साथ एक बुलिश कैंडल बनी। यह रेंज बाउंड ट्रेडिंग के बीच पॉजिटिव मूवमेंट का संकेत है। इंडेक्स अपने 10-डे EMA के ऊपर बंद हुआ,लेकिन 20, 50, 100 और 200 डे EMA से नीचे ही रहा। इससे पता चलता है कि बाजार पर अभी भी बेयर्स का कंट्रोल है। हालांकि मोमेंटम इंडिकेटर मंदी के दबाव में कमी आने का संकेत दे रहे हैं। लेकिन इस बदलाव की पुष्टि आज के सेशन में होनी चाहिए। पॉजिटिव क्रॉसओवर के बाद RSI बढ़कर 46.25 हो गया और MACD अपनी सिग्नल लाइन के करीब पहुंच गया,क्योंकि लगातार छठे सेशन में रेड हिस्टोग्राम बार छोटे होते गए।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

मार्केट में संभावित उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया VIX, कल 5.93 प्रतिशत गिरकर 10.34 पर आ गया। यह 7 जनवरी, 2026 के बाद से इसका सबसे निचला क्लोजिंग लेवल है। वोलैटिलिटी मापने वाला यह इंडेक्स लगातार छठे सेशन में नीचे की ओर गया। यह बुल्स के बीच बढ़ते भरोसे और मार्केट में बेहतर स्थिरता का संकेत है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 23 सितंबर को बढ़कर 1.03 हो गया, जबकि पिछले सेशन में यह 0.94 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, LIC हाउसिंग फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस, SAIL

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

Market Technicals : मोमेंटम में सुधार आने के संकेत, निफ्टी-बैंक निफ्टी में इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

क्रूड, बॉन्ड यील्ड की डबल राहत से क्या होगी आज निफ्टी वीकली एक्सपायरी परफेक्ट, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी एक पॉजिटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि एशियाई बाजारों में टेक्नोलॉजी-आधारित तेजी और वॉल स्ट्रीट पर रात भर हुई जबरदस्त बढ़त से बाजार का मूड बेहतर हुआ है। अमेरिका-ईरान के बीच संभावित बातचीत में प्रगति की उम्मीदों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी हालिया ऊंचे स्तरों से भारी गिरावट आई है, हालांकि ब्रेंट क्रूड अभी भी $100 प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

सुबह करीब 8 बजे GIFT निफ्टी 23,499 पर ट्रेड कर रहा था, जो 59 अंक या 0.25 प्रतिशत की बढ़त दिखाता है। भारतीय बाज़ार लगातार चौथे दिन रिकवरी जारी रखने के बाद मंगलवार के सेशन में प्रवेश कर रहे हैं। सोमवार को सेंसेक्स 564.03 अंक या 0.76 प्रतिशत बढ़कर 74,858.99 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 67.90 अंक या 0.29 प्रतिशत बढ़कर 23,414.30 पर पहुंच गया।

ग्लोबल माहौल में भी सुधार हुआ है; अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में ज़बरदस्त तेज़ी आई है, ट्रेजरी यील्ड हालिया ऊंचे स्तरों से नीचे आई है और कच्चे तेल की कीमतें इस महीने की शुरुआत में देखे गए स्तरों से काफी नीचे हैं।

सोमवार को कैसी रही सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

सोमवार को बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए।  सेंसेक्स में 564 अंकों की बढ़त हुई और निफ्टी ने लगातार चौथे सेशन में अपनी बढ़त का सिलसिला जारी रखा। इस तेज़ी को कच्चे तेल की कीमतों में कमी, विदेशी फंड के नए इनफ्लो और ग्लोबल इक्विटी बाज़ारों में बढ़त का समर्थन मिला।

30-शेयर वाला BSE सेंसेक्स 564.03 अंक या 0.76% बढ़कर 74,858.99 पर बंद हुआ, जो एक हफ़्ते से ज़्यादा समय में इसका सबसे ऊंचा स्तर है। सेशन के दौरान, इंडेक्स 692.44 अंक या 0.93% तक चढ़कर 74,987.40 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया।

50-शेयर वाला NSE निफ्टी भी लगातार चौथे सेशन में बढ़ा और 67.90 अंक या 0.29% की बढ़त के साथ 23,414.30 पर बंद हुआ।

एशियाई बाज़ारों में तेज़ी, टेक शेयरों ने बढ़त को आगे बढ़ाया

मंगलवार को एशियाई शेयरों में तेज़ी आई, जिसमें टेक्नोलॉजी शेयरों ने मुख्य भूमिका निभाई। तेल की कम कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित बातचीत की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। एशिया में टेक्नोलॉजी शेयरों में यह तेज़ी, अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शेयरों में रात भर हुई ज़बरदस्त खरीदारी के बाद देखी गई।

शुरुआती कारोबार में जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 1 प्रतिशत से ज़्यादा चढ़ा। दक्षिण कोरिया का टेक-हैवी बाज़ार लगभग 2 प्रतिशत उछला, जबकि ताइवान के शेयरों में 1.3 प्रतिशत की बढ़त हुई। चीन का ब्लू-चिप इंडेक्स 0.75 प्रतिशत और हांगकांग का हैंग सेंग 0.4 प्रतिशत बढ़ा। छुट्टी के कारण जापानी बाज़ार बंद रहे।

ब्रेंट क्रूड $100 के करीब

कई दिनों की गिरावट के बाद मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में मामूली बढ़त हुई, लेकिन यह अपने हालिया उच्चतम स्तर से काफी नीचे बना रहा। निवेशक इस हफ़्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत से जुड़ी गतिविधियों का इंतज़ार कर रहे थे। नवंबर के लिए ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स 0.22 प्रतिशत बढ़कर $100.57 प्रति बैरल हो गया, जबकि WTI का नवंबर कॉन्ट्रैक्ट 0.14 प्रतिशत बढ़कर $92.49 पर पहुंच गया।

इंडेक्स पर क्या होगी रणनीति

सेंसेक्स के आउटलुक पर बात करते हुए चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड में टेक्निकल रिसर्च के VP सचिन गुप्ता ने कहा, “सेंसेक्स के साइडवेज रहने की संभावना है, जिसमें 74,000–74,450 का लेवल मुख्य सपोर्ट ज़ोन और 75,000–75,500 का लेवल मुख्य रेजिस्टेंस एरिया होगा। 75,000 के ऊपर लगातार खरीदारी से शॉर्ट-टर्म प्राइस स्ट्रक्चर में सुधार हो सकता है, जबकि 74,000 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ट्रेडर्स को मुख्य OI लेवल पर नज़र रखनी चाहिए और नई डायरेक्शनल पोजीशन लेने से पहले किसी निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन का इंतजार करना चाहिए।”

चॉइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर के अनुसार, डेली कैंडल एक बुलिश कैंडल बनी है, जिसमें नीचे की तरफ छोटी शैडो और ऊपर की तरफ औसत शैडो है। यह पूरे सेशन के दौरान लगातार खरीदारी की दिलचस्पी को दिखाता है, हालांकि दिन के हाई के पास कुछ प्रॉफिट बुकिंग भी देखी गई।

टेलर ने आगे कहा, “टेक्निकल नज़रिए से देखें तो रिकवरी से शॉर्ट-टर्म स्टेबिलिटी बनी हुई है और निफ्टी 23,250–23,320 के इमीडिएट सपोर्ट ज़ोन के ऊपर बना हुआ है। RSI सुधरकर 37.54 हो गया है, जबकि RSI एवरेज 32.54 है, जो ओवरसोल्ड लेवल से मोमेंटम में सुधार का संकेत देता है, हालांकि इंडिकेटर अभी भी 50 के मार्क से नीचे है। 23,000 का लेवल बड़े स्ट्रक्चर के लिए अहम/निर्णायक लेवल बना हुआ है। इमीडिएट रेजिस्टेंस 23,480–23,550 पर है। ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि पुट OI का कंसंट्रेशन 23,300–23,400 के आसपास है, जबकि कॉल OI का कंसंट्रेशन 23,400–23,500 के आसपास है। 0.94 का PCR एक तरह से बैलेंस्ड ऑप्शन सेटअप का संकेत देता है, जबकि इंडिया VIX गिरकर 11.22 हो गया है, जो कम वोलैटिलिटी को दिखाता है।”

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