13 दिनों के बाद ट्रंप ने रोके ईरान पर अमेरिकी हमले, कूटनीति और मिसाइल भंडार का दिया हवालाः रिपोर्ट

कई अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लगातार 13 दिनों तक ईरान पर हमले करने के बाद उन्हें रोक दिया। अधिकारियों ने इसके पीछे कई वजहें बताईं, जैसे कूटनीतिक कोशिशों में तेजी, अमेरिका के मिसाइल-डिफेंस स्टॉक के कम होने की चिंता और इस बात का डर कि मा

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इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन रह सकता है दमदार

भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में शानदार रह सकता है। स्ट्रॉन्ग ग्रोथ, लगातार अच्छा कैपिटल एक्सपेंडिचर और क्रेडिट एक्सपैंशन इसकी वजह होगी। हालांकि, इनफ्लेशन बढ़ने से इंटरेस्ट रेट में इजाफा हो सकता है। एललामा की रिपोर्ट में यह कहा गया है।

चुनौतियों की बीच इकोनॉमिक ग्रोथ 7.8 फीसदी

इस रिपोर्ट में इनफ्लेशन बढ़ने की आशंका जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने ऑयल की दोगुनी कीमतों को बर्दाश्त किया है। महंगे ऑयल के बावजूद 7.8 फीसदी ग्रोथ बनाए रखी है। भारतीय इकोनॉमी ज्यादातर दूसरी बड़ी इकोनॉमीज के मुकाबले मजबूत है। 7.8 फीसदी जीडीपी ग्रोथ के साथ ही मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 59.3 है।

निफ्टी की वैल्यूएशन 10 साल के एवरेज के मुकाबले कम

इनफ्लेशन को चिंता की वजह बताते हुए इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इनफ्लेशन बढ़ने के 9-15 महीनों के दौरान मार्केट में तेजी दिखी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि निफ्टी अपने 10 साल के एवरेज 18.6 के पी/ई के मुकाबले 17.7 पी/ई पर आ गया है। इस हिसाब से महंगे बाजारों के मुकाबले भारतीय बाजार सस्ता है।

घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से बाजार को मिला सहारा

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने इस साल भारतीय शेयर बाजारों में अब तक 29 अरब डॉलर की बिकवाली की है। इसके मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 45.5 अरब डॉलर का निवेश किया है। इस रिपोर्ट में एनर्जी, मेटल्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, डिफेंस, फार्मास्युटिकल्स, ऑटोमोबाइल्स के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई गई है।

बाजार के लिए ये हैं कुछ बड़े रिस्क

रिपोर्ट में कहा गया है कि तेल की कीमतों में तेज उछाल, आरबीआई के उम्मीद से पहले इंटरेस्ट रेट में वृद्धि और जल्द डिसइनफ्लेशन जैसे रिस्क बने हुए हैं। ऐसे में रियल एस्टेट और साइक्लिकल्स में ओवरवेट बने रहना ठीक होगा। जुलाई में विदेशी संस्थागत निवेशकों का रुख भारत को लेकर बदला है। उन्होंने भारत में बिकवाली से ज्यादा खरीदारी की है।

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17 जुलाई को प्रमुख सूचकाकों में जोरदार तेजी

अमेरिका-ईरान के बीच फिर से लड़ाई शुरू होने और क्रूड में उछाल के बावजूद भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट नहीं दिखी है। 17 जुलाई को सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार तेजी दिखी। निफ्टी 1.09 फीसदी यानी 261.55 फीसदी चढ़कर 24,334 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.25 फीसदी यानी 964 अंक के उछाल के साथ 78,151 पर क्लोज हुआ।

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इस डिफेंस स्टॉक ने नागपुर की नुवाल फैमिली को बना दिया 1.2 लाख करोड़ रुपये का मालिक

सोलर इंडस्ट्रीज का शेयर इस साल अब तक 51 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इससे इस शेयर के निवेशक गदगद हैं। साथ ही नागपुर की नुवाल फैमिली की संपत्ति भी नई ऊंचाई पर पहुंच गई है। यह परिवार देश के सबसे अमीर प्रमोटर समूहों में शामिल हो गया है। सोलर इंडस्ट्रीज में नुवाल फैमिली की 73.1 फीसदी हिस्सेदारी है।

सोलर इंडस्ट्रीज का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.67 लाख करोड़ पहुंचा

सोलर इंडस्ट्रीज के शेयरों में आई तेजी से इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.67 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। इसमें कंपनी के एक्सप्लोसिव और डिफेंस बिजनेसेज की स्ट्रॉन्ग ग्रोथ का हाथ है। कंपनी के शेयरों में आई तेजी ने नुवाल परिवार को बीते कुछ सालों की देश में वेल्थ क्रिएशन की सबसे बड़ी स्टोरी बना दी है।

सबसे ज्यादा वैल्यूएशन वाली प्रमोटर ग्रुप कंपनियों में शामिल 

सोलर इंडस्ट्रीज सबसे ज्यादा वैल्यूएशन वाली प्रमोटर ग्रुप कंपनियों में से एक बन गई है। इससे नुवाल फैमिली भी भारत के कुछ बड़े बिजनेस घरानों में शामिल हो गया है। प्रमोटरी की हिस्सेदारी की वैल्यू के लिहाज से सोलर इंडस्ट्रीज डीएलएफ से आगे निकल गई है।

डिफेंस सेगेमेंट से कंपनी के कारोबार को मिला बूस्ट 

कंपनी की रीरेटिंग में उसके डिफेंस बिजनेस का बड़ा हाथ है। सोलर इंडस्ट्रीज की एंट्री डिफेंस सेक्टर में 2010 में हुई थी। इस बीच कंपनी के कुल रेवेन्यू में डिफेंस बिजनेस की हिस्सेदारी करीब 5 फीसदी से बढ़कर करीब 20 फीसदी हो गई है। इससे इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव्स सेगमेंट में कंपनी की स्थिति मजबूत हुई है।

FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 10000 करोड़ रुपये पहुंचा

सोलर इंडस्ट्रीज के लिए लंबी अवधि में ग्रोथ के बड़े मौके दिख रहे हैं। कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा है, जिसका असर इसके शेयरों पर दिखा है। FY26 में कंपनी का रेवेन्यू करीब 10,000 करोड़ रुपये पहुंच गया। टैक्स बाद प्रॉफिट करीब 1,800 करोड़ रुपये रहा। इसका रिटर्न ऑन इक्विटी करीब 29 फीसदी है। रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड करीब 37.5 फीसदी है।

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मनीष नुवाल कंपनी के सबसे बड़े शेयरहोल्डर 

मनीष नुवाल कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं चीफ एग्जिक्यूटिव अफसर हैं। वह कंपनी के सबसे बड़े शेयरहोल्डर हैं। उनकी कंपनी में 38.9 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी के फाउंडर सत्यनारायण नुवाल की करीब 3.5 फीसदी हिस्सेदारी है। प्रमोटर के ट्रस्ट की करीब 29 फीसदी हिस्सेदारी है। सीमा नुवाल की 1.37 फीसदी हिस्सेदारी है। इससे कंपनी में प्रमोटर की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 73.11 फीसदी है।

Defence Stock: 40% तक क्रैश हो सकता है ये डिफेंस स्टॉक, कोटक ने दी तुरंत बेचने की सलाह

Defence Stock: डिफेंस और इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव बनाने वाली कंपनी Solar Industries India के शेयर गुरुवार को शुरुआती बढ़त के बाद 3% ज्यादा गिरकर बंद हुए। कारोबार के दौरान यह दिन के हाई लेवल से 6% तक टूट गया था। इसकी वजह Kotak Institutional Equities की नई रिपोर्ट रही। ब्रोकरेज ने पहली बार कंपनी पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Sell’ रेटिंग दी है।

Kotak ने शेयर के लिए 10,300 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। यह गुरुवार के बंद भाव के मुकाबले करीब 40.8% की संभावित गिरावट दिखाता है।

कंपनी की खूबियां भी गिनाईं

Kotak ने माना कि Solar Industries देश की सबसे बड़ी निजी इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव बनाने वाली कंपनी है। साथ ही यह देश की सबसे तेजी से बढ़ती डिफेंस कंपनियों में भी शामिल है।

कंपनी सिर्फ विस्फोटक ही नहीं बनाती। इसके पोर्टफोलियो में इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव, हाई-एनर्जी मैटेरियल, पिनाका रॉकेट सिस्टम, लोइटरिंग म्यूनिशन और गोला-बारूद जैसे कई डिफेंस प्रोडक्ट भी शामिल हैं।

ग्रोथ को लेकर क्या है अनुमान?

ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2030 के बीच कंपनी का PAT (टैक्स के बाद मुनाफा) सालाना औसतन 28% (CAGR) की दर से बढ़ सकता है।

इसके पीछे कई वजहें हैं। डिफेंस कारोबार में करीब 35% CAGR की ग्रोथ का अनुमान है। वहीं, 10 देशों में फैले अंतरराष्ट्रीय कारोबार से 26% CAGR की उम्मीद है। इसके अलावा बिजनेस मिक्स बेहतर होने से कंपनी के मार्जिन में भी सुधार हो सकता है।

फिर ‘Sell’ रेटिंग क्यों दी?

इतनी मजबूत ग्रोथ का अनुमान होने के बावजूद Kotak ने शेयर खरीदने की सलाह नहीं दी। उनसे इसका कारण भी बताया है।

ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की मौजूदा कीमत में भविष्य की ग्रोथ पहले ही शामिल हो चुकी है। अभी Solar Industries का शेयर वित्त वर्ष 2028 के अनुमानित मुनाफे के करीब 55 गुना वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है। ऐसे में मौजूदा स्तर पर निवेशकों को जोखिम के मुकाबले आकर्षक रिटर्न मिलने की संभावना कम दिखती है।

कौन-कौन से जोखिम हैं?

Kotak ने कंपनी के सामने कुछ अहम चुनौतियों का भी जिक्र किया है। माइनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की मांग में उतार-चढ़ाव का असर कारोबार पर पड़ सकता है। सरकारी डिफेंस ऑर्डर एक साथ और अनियमित तरीके से मिलते हैं, इसलिए कमाई में भी उतार-चढ़ाव आ सकता है।

इसके अलावा एक्सप्लोसिव कारोबार से जुड़े नियामकीय नियम, MALE UAV और काउंटर-ड्रोन सिस्टम जैसी नई डिफेंस टेक्नोलॉजी में विस्तार से जुड़े जोखिम भी मौजूद हैं।

ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि कंपनी के करीब 35% रेवेन्यू विदेशी बाजारों से आते हैं। वहीं, डिफेंस ऑर्डर बुक का भी बड़ा हिस्सा निर्यात पर निर्भर है। ऐसे में किसी भी भू-राजनीतिक तनाव का असर कंपनी के कारोबार पर पड़ सकता है।

सोलर इंडस्ट्रीज के शेयरों का हाल

सोलर इंडस्ट्रीज के शेयर गुरुवार को 3.26% की गिरावट के साथ 17,385 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में इसने 31.79% का रिटर्न दिया है। वहीं, 5 साल के दौरान इसने 980% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.57 लाख करोड़ रुपये है।

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Bharat Dynamics Share Price: गोल्डमैन सैक्स ने दी बिकवाली की राय, लेकिन फिर भी स्टॉक में बढ़त, जानें क्या है इसकी वजह

Bharat Dynamics share Price: एयरोस्पेस और डिफेंस इंडस्ट्रीज की दिग्गज कंपनी भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (Bharat Dynamics) के शेयर गुरुवार को बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। लेकिन ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने डिफेंस PSU पर अपना मंदी का रुख बनाए रखा यह कहते हुए कि एग्ज़िक्यूशन की चुनौतियां और शॉर्ट-टर्म मार्जिन का दबाव बेहतर ऑर्डर बुक के फायदों से ज़्यादा हैं।

सुबह 10.48 बजे भारत डायनेमिक्स का स्टॉक 0.77 फीसदी बढ़कर 1,394.80 पर कारोबार करता नजर आया। गोल्डमैन सैक्स ने स्टॉक पर अपनी “Sell” रेटिंग बनाए रखी और 1,275 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस रखा, जिसका मतलब है कि पिछले सेशन के क्लोजिंग प्राइस से लगभग 8 फीसदी की गिरावट आई।

ब्रोकरेज ने कहा कि हाल ही में मिले ऑर्डर से कंपनी की रेवेन्यू विज़िबिलिटी में सुधार हुआ है, लेकिन चेतावनी दी कि एग्ज़िक्यूशन रिस्क एक बड़ी चिंता बनी हुई है। उसे उम्मीद है कि आने वाले प्रोजेक्ट्स में ज़्यादातर बाहरी खरीद शामिल होगी, जिससे प्रॉफिट पर असर पड़ सकता है और शॉर्ट टर्म में मार्जिन डिलीवरी ज़्यादा मुश्किल हो सकती है।

गोल्डमैन सैक्स ने हेलिना मिसाइल का ऑर्डर उम्मीद से पहले मिलने के बाद अपने अर्निंग्स पर शेयर अनुमान में 1.4 फीसदी की बढ़ोतरी की है। ब्रोकरेज ने कहा कि इस ऑर्डर से भारत डायनेमिक्स के FY29 रेवेन्यू और अर्निंग्स आउटलुक में सुधार होगा, क्योंकि इसकी लॉन्ग-टर्म ऑर्डर बुक मजबूत होगी।

हालांकि, उसने यह भी कहा कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स से ऑर्डर 24 से 60 महीनों में पूरे होने की उम्मीद है, जिसका मतलब है कि रेवेन्यू में कोई खास योगदान FY28 से ही होने की संभावना है। गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, मजबूत ऑर्डर इनफ्लो से रेवेन्यू विजिबिलिटी बढ़ती है, लेकिन यह एग्जीक्यूशन टाइमलाइन, प्रोजेक्ट मिक्स और मार्जिन से जुड़ी चिंताओं को पूरी तरह से दूर नहीं करता है।

ब्रोकरेज का यह सतर्क नजरिया तब आया है जब हाल के सेशन में डिफेंस स्टॉक्स को लेकर सेंटिमेंट बेहतर हुआ है। इस हफ्ते की शुरुआत में, भारत डायनेमिक्स में बढ़त तब हुई जब ऐसी खबरें आई कि भारत ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम और आकाशतीर एयर डिफेंस सिस्टम सहित डिफेंस सिस्टम के संभावित एक्सपोर्ट के लिए यूनाइटेड अरब अमीरात के साथ बातचीत कर रहा है।

भारत डायनेमिक्स, मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस के तहत ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम का मुख्य मैन्युफैक्चरर और इंटीग्रेटर है। रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि UAE के साथ बातचीत अभी शुरुआती स्टेज में है, लेकिन आगे बढ़ रही है। खाड़ी देश ने कई भारतीय डिफेंस प्लेटफॉर्म में दिलचस्पी दिखाई है।

हाल ही में आई तेजी के बावजूद, भारत डायनेमिक्स के शेयर पिछले साल लगभग 24 फीसदी नीचे रहे, जो निफ्टी 50 से काफी कम है, जिसमें इसी दौरान लगभग 5 फीसदी की गिरावट आई है। 1 हफ्ते में शेयर 6.16 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। जबकि 1 महीने में 4.98 फीसदी बढ़त दिखा। शेयर का 52 वीक हाई 2,013.50 रुपये पर है जबकि 52 वीक लो 1,086.00 रुपये पर है।

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Stocks to Watch: शुक्रवार 19 जून को फोकस में रहेंगे ये 12 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: शेयर बाजार में शुक्रवार 19 जून शुक्रवार कई कंपनियां खबरों के चलते फोकस में रह सकती हैं। कहीं नए CEO की नियुक्ति हुई है, तो कहीं फंड जुटाने और रणनीतिक साझेदारी जैसे फैसले लिए गए हैं। ऐसे में इन शेयरों में कारोबार के दौरान बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंकों में शामिल HDFC Bank को RBI से बड़ी मंजूरी मिली है। RBI ने केकी मिस्त्री का अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन के तौर पर कार्यकाल 18 सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया है। साथ ही बैंक ने 5 अगस्त 2026 को 32वीं AGM बुलाने की मंजूरी भी दी है।

IT Stocks

ग्लोबल IT कंपनी Accenture के ताजा नतीजों उम्मीद से कमजोर रहे। कंपनी की कमाई बढ़ी है, लेकिन रेवेन्यू मार्केट की उम्मीद से थोड़ा कम रहा। इसका असर भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ सकता है। ऐसे में टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो जैसे शेयरों में हलचल दिख सकती है।

Bharat Forge

डिफेंस कंपनी Bharat Forge की सहयोगी Kalyani Strategic Systems ने अमेरिकी डिफेंस कंपनी AM General के साथ साझेदारी की है। दोनों कंपनियां दुनिया भर की सेनाओं के लिए आधुनिक मोबाइल तोप सिस्टम विकसित करेंगी।

Wipro

IT कंपनी Wipro ने यूरोप की रिटेल कंपनी Metro AG का बड़ा डेटा सेंटर प्रोजेक्ट पूरा कर लिया है। कंपनी का कहना है कि इससे Metro AG को AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी का ज्यादा फायदा मिलेगा।

Quick Heal Technologies

साइबर सिक्योरिटी सॉल्यूशंस देने वाली Quick Heal Technologies ने हरीश कुमार जीएस को नया CEO नियुक्त किया है। उनके पास साइबर सिक्योरिटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है।

Bosch Home Comfort India

वॉटर हीटर और होम कम्फर्ट प्रोडक्ट्स बनाने वाली Bosch Home Comfort India के प्रमोटर ने OFS में ओवर-सब्सक्रिप्शन ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इसके बाद ऑफर का आकार बढ़ाकर 21.67 लाख शेयर कर दिया गया है। आमतौर पर ऐसा तब होता है जब निवेशकों की तरफ से अच्छी मांग देखने को मिलती है।

Manappuram Finance

गोल्ड लोन कंपनी Manappuram Finance का बोर्ड 23 जून को फंड जुटाने के प्रस्ताव पर विचार करेगा। कंपनी कर्ज के जरिए पूंजी जुटाने के विकल्पों पर चर्चा करेगी। इस रकम का इस्तेमाल कारोबार बढ़ाने, ज्यादा लोन देने और अन्य जरूरतों के लिए किया जा सकता है।

Diamond Power Infrastructure

पावर ट्रांसमिशन कंपनी Diamond Power Infrastructure के बोर्ड ने QIP के जरिए 2,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की मंजूरी दे दी है। कंपनी यह फंड क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) को इक्विटी शेयर जारी करके जुटाएगी।

MSP Steel & Power

स्टील और पावर सेक्टर में काम करने वाली MSP Steel & Power के प्रमोटर ग्रुप ने खुले बाजार से 38.25 लाख शेयर खरीदे हैं। प्रमोटर्स की तरफ से हिस्सेदारी बढ़ाना आमतौर पर कंपनी के भविष्य को लेकर भरोसे का संकेत माना जाता है।

Brigade Enterprises

रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी Brigade Enterprises को चेन्नई में अपने एक बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर झटका लगा है। प्रोजेक्ट की एनवायरमेंटल क्लीयरेंस रद्द कर दी गई है। कंपनी इस आदेश के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रही है।

Tata Capital

टाटा ग्रुप की NBFC Tata Capital ने अगले कुछ वर्षों के लिए अपने ग्रोथ टारगेट दोहराए हैं। कंपनी का लक्ष्य AuM और मुनाफे दोनों को मजबूत करना है। मैनेजमेंट का कहना है कि कारोबार में फिलहाल कोई बड़ी कमजोरी नहीं दिख रही। आने वाले समय में गोल्ड लोन, Micro LAP और किफायती होम लोन पर ज्यादा फोकस रहेगा।

Rajratan Global Wire

स्टील वायर बनाने वाली Rajratan Global Wire को ICRA से पॉजिटिव अपडेट मिला है। रेटिंग एजेंसी ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग बरकरार रखी है। यह इस बात का संकेत माना जाता है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति और कर्ज चुकाने की क्षमता को लेकर एजेंसी का भरोसा कायम है।

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Defence Stock: भारत फोर्ज की बड़ी डिफेंस डील, अमेरिका की AM General के साथ मिलकर बनाएगी घातक हथियार

Defence Stock: घरेलू डिफेंस भारत फोर्ज की डिफेंस यूनिट Kalyani Strategic Systems Ltd (KSSL) ने अमेरिकी आर्मी के लिए गाड़ियां बनाने वाली कंपनी AM General के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। इस समझौते पर फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित Eurosatory डिफेंस एक्सपो के दौरान हस्ताक्षर किए गए।

दोनों कंपनियों का लक्ष्य दुनिया भर की सेनाओं को मोबाइल आर्टिलरी गन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है। फोकस 155mm आर्टिलरी सिस्टम पर रहेगा। इन्हें अलग-अलग इलाकों और हर तरह के मौसम में आसानी से तैनात किया जा सकेगा।

क्या बनाएंगी दोनों कंपनियां?

इस साझेदारी के तहत AM General ने अमेरिकी सेना के Mobile Tactical Cannon (MTC) प्रोग्राम के लिए प्रस्ताव भी जमा किया है।

इस प्रस्ताव में KSSL के Mounted Artillery Gun (MArG) प्लेटफॉर्म पर आधारित 155mm Mobile Tactical Cannon सिस्टम विकसित करने की योजना है। अगर अमेरिकी सेना इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो इसकी डिलीवरी 2027 में शुरू हो सकती है।

MArG सिस्टम की खासियत क्या है?

दोनों कंपनियों के मुताबिक MArG प्लेटफॉर्म में 52-कैलिबर की 155mm तोप लगी है। इसमें रिकॉइल कम करने वाली तकनीक दी गई है। साथ ही ऑटोमेटेड लोड-असिस्ट सिस्टम और ऑल-वेदर फायर कंट्रोल सिस्टम भी मौजूद है।

यह सिस्टम 40 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक स्टैंडर्ड हाई-एक्सप्लोसिव गोले दाग सकता है। इसकी एक और बड़ी खासियत यह है कि यह 20 से ज्यादा प्रोजेक्टाइल और प्रोपेलेंट चार्ज अपने साथ ले जा सकता है।

Bharat Forge ने क्या कहा?

Bharat Forge के वाइस चेयरमैन और जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर अमित कल्याणी ने कहा कि AM General के साथ यह साझेदारी कंपनी की एडवांस्ड आर्टिलरी तकनीक और क्षमताओं पर भरोसे को दिखाती है।

उन्होंने कहा कि कंपनी आधुनिक युद्ध की जरूरतों के मुताबिक तकनीक विकसित करने और युद्ध में परखे गए समाधान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

AM General ने क्या कहा?

AM General के प्रेसिडेंट और CEO जॉन चैडबोर्न ने कहा कि KSSL के साथ यह साझेदारी मित्र देशों और उनके सैनिकों को बेहतर सैन्य क्षमताएं उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम है।

उन्होंने कहा कि कंपनी की पेटेंटेड सॉफ्ट रिकॉइल तकनीक और KSSL के आधुनिक प्लेटफॉर्म का मेल युद्धक्षेत्र में बड़ा फायदा दे सकता है। इससे सेनाओं को नई और अधिक प्रभावी क्षमता मिलेगी।

वैश्विक बाजार पर नजर

दोनों कंपनियों का कहना है कि इस साझेदारी का मकसद MArG प्लेटफॉर्म की वैश्विक पहुंच बढ़ाना है। साथ ही दुनिया भर में मोबाइल आर्टिलरी सिस्टम की बढ़ती मांग को पूरा करना भी इसका लक्ष्य है।

कंपनियों को उम्मीद है कि यह प्लेटफॉर्म मित्र देशों और साझेदार देशों की सेनाओं के बीच अच्छी मांग हासिल कर सकता है।

शेयर का क्या रहा हाल?

Bharat Forge का शेयर 18 जून को NSE पर 0.85% की गिरावट के साथ 2,017.20 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 43.32% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में करीब 55% रिटर्न दिया है। इसका मार्केट कैप 96.67 हजार करोड़ रुपये है।

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