Stocks to Watch: PC Jeweller, Wipro और Angel One समेत 15 स्टॉक्स; खास वजहों से आज फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों में रौनक के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में भी बढ़त के साथ शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 100.50 प्वाइंट्स यानी 0.44% की मजबूती के साथ 23,088.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 15 अक्टूबर को सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 1533.72 प्वाइंट्स यानी 2.11% की बढ़त के साथ 74,315.61 और निफ्टी भी 374.65 प्वाइंट्स यानी 1.66% की मजबूती के साथ 22,997.35 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Tech Mahindra Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टेक महिंद्रा का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 32.7% बढ़कर ₹1,585.6 करोड़ और रेवेन्यू 15.6% उछलकर ₹16,180.2 करोड़ पर पहुंच गया। डॉलर टर्म में कंपनी का रेवेन्यू इस दौरान 6.7% बढ़कर $169.3 करोड़ हो गया। इसके अलावा कंपनी के बोर्ड ने ₹15 के डिविडेंड और 1:1 के रेश्यो में यानी एक पर एक शेयर बोनस में देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

Wipro Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर विप्रो का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 1.4% घटकर ₹3,200.6 करोड़ रह गया लेकिन कंसालिडेटेड रेवेन्यू 9.06% उछलकर ₹24,752.7 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का आईटी सर्विसेज रेवेन्यू 8.95% बढ़कर ₹24,667 करोड़ और आईटी सर्विसेज डॉलर रेवेन्यू 0.3% बढ़कर $261.15 करोड़ हो गया लेकिन आईटी सर्विसेज ईबीआईटी मार्जिन 20 बीपीएस घटकर 16.5% रह गया। दिसंबर तिमाही के लिए कंपनी का अनुमान है कि आईटी सर्विसेज रेवेन्यू $2,57.1-$262.5 करोड़ के बीच रह सकता है।

Jio Financial Services Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ₹340.44 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट में रही। सालाना आधार पर कंपनी की टोटल इनकम (एक्स-डिविडेंडः 132% बढ़कर ₹1,699 करोड़ पर पहुंच गई तो प्री-प्रोविजनिंग ऑपरेटिंग प्रॉफिट (एक्स-डिविडेंड) 85% बढ़कर ₹574 करोड़ और एयूएम 154% उछलकर ₹37,320 करोड़ पर पहुंच गया।

IIFL Finance Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आईआईएफएल फाइनेंस का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 103.7% बढ़कर ₹766.4 करोड़ और नेट इंटेरेस्ट इनकम (NII) 50.2% उछलकर ₹2,160.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Persistent Systems Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पर्सिस्टेंट सिस्टम्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 25.4% गिरकर ₹351.5 करोड़ पर आ गया, लेकिन रेवेन्यू 30.3% उछलकर ₹4,663.9 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का ईबीआईटी 19.5% बढ़कर ₹697.7 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन ईबीआईटी मार्जिन 130 बीपीएस फिसलकर 15% पर आ गया।

Angel One Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एंजेल वन का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 58.2% बढ़कर ₹335 करोड़ और रेवेन्यू 18.7% उछलकर ₹1,427 करोड़ पर पहुंच गया।

Sri Lotus Developers and Realty Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर श्री लोटस डेवलपर्स एंड रियल्टी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 77.9% बढ़कर ₹82.1 करोड़ और रेवेन्यू 52.5% उछलकर ₹268.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Solar Industries India

सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया की सब्सिडियरी सोलर एक्सप्लोकेम ने शिवशक्ति इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव्स के साथ एक शेयर पर्चेज एग्रीमेंट किया है। इसके तहत सोलर एक्सप्लोकेम ₹115.02 करोड़ में शिवशक्ति में 100% हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी।

Mankind Pharma

मैनकाइंड फार्मा बेल्जियम की बायोटेक्नोलॉजी कंपनी आर्म्ड सेल थेरेप्यूटिक्स में मेजॉरिटी हिस्सेदारी 4.8 करोड़ यूरो में खरीदेगी। यह कंपनी कैंसर के इलाज के लिए अगली पीढ़ी की CAR-T (काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर टी-सेल) थेरेपी डेवलप कर रही है।

Agastya Energy & Infrastructure

अगस्त्य एनर्जी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनी सब्सिडियरी आईएमसी सोलर बीडीएन से एक सोलर पावर प्लांट प्रोजेक्ट के लिए ₹106.04 करोड़ का EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) और O&M (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) कॉन्ट्रैक्ट मिला है।

Premier Energies

प्रीमियर एनर्जीज की सब्सिडियरी प्रीमियर बैटरी टेक्नोलॉजीज ने जर्मनी के आरसीटी ग्रुप की कंपनी आरसीटी एनर्जी इंडिया के साथ एक शेयर अलॉटमेंट और शेयरहोल्डर एग्रीमेंट किया है। इसके तहत प्रीमियर एनर्जीज स्टोरेज सॉल्यूशंस नाम से एक रणनीतिक जॉइंट वेंचर बनेगा। यह जॉइंट वेंचर 12 GWh की कुल क्षमता वाला BESS (बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम) मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी। पहला चरण 6 GWh का होगा, जो वित्त वर्ष 2027-28 में तेलंगाना के सीतारामपुर में सेटअप हो सकता है।

Eternal

बोफा (BofA) सिक्योरिटीज यूरोप ने गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप SE ODI से प्रति शेयर ₹316 के भाव पर ₹168.67 करोड़ में जोमैटो की एटर्नल के 53.37 लाख शेयर खरीदे।

Vardhman Polytex

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक पाइन ओक ग्लोबल फंड ने प्रति शेयर ₹5.55 के भाव पर ₹1.38 करोड़ में वर्धमान पॉलीटेक्स के 25 लाख शेयर और खरीदे हैं, जो कंपनी में 0.49% हिस्सेदारी के बराबर है। ये सभी शेयर अनुपमा कोठारी ने बेचे हैं। सितंबर 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार वर्धमान पॉलीटेक्स में पाइन ओक ग्लोबल फंड की 5.34% हिस्सेदारी थी, जबकि हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल इन्वेस्टर अनुपमा कोठारी की 9.83% हिस्सेदारी थी।

LCC Projects

नियोमाइल कॉर्पोरेट एडवाइजरी और इसके फाउंडर-डायरेक्टर कीर्तन मानेकलाल रूपारेलिया ने मिलकर ₹55.11 करोड़ में एलसीसी प्रोजेक्ट्स में 1.4% हिस्सेदारी हासिल की है।

PC Jeweller

निवेशक आदित्य कुमार हलवासिया ने प्रति शेयर ₹14.43 के भाव पर ₹73.59 करोड़ में पीसी ज्वेलर के 5.1 करोड़ इक्विटी शेयर (0.52% हिस्सेदारी) खरीदी है।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: पंजाब नेशनल बैंक, एलटीएम, बजाज हाउसिंग फाइनेंस, क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स, डीएलएफ, फेडरल बैंक, जिंदल सॉ, ओबेरॉय रियल्टी, शॉपर्स स्टॉप, तेजस नेटवर्क्स, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक, अर्बन कंपनी

कल 17 अक्टूबर को इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, आईडीबीआई बैंक, येस बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब एंड सिंध बैंक, बजाज हेल्थकेयर, इंडिया सीमेंट्स, ले ट्रैवेन्यूज टेक्नोलॉजी (इक्सिगो), क्रॉस, रोजरी बायोटेक

एक्स-डिविडेंड: एचसीएल टेक्नोलॉजीज, केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी, हिंदुस्तान कंपोजिट्स

एक्स-स्प्लिट: बंसल वायर इंडस्ट्रीज

एक्स-शेयर कंसालिडेशन: नोबल पॉलिमर्स

F&O बैन: अंबुजा सीमेंट्स, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, सेल (SAIL)

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Drone Stocks: भारत अपनी सबसे बड़ी सैन्य ड्रोन खरीद करेगा, जानिए किन स्टॉक्स पर रखनी चाहिए नजर

Drone Stocks: 20 सितंबर को रूस के मॉस्को और दूसरे शहरों पर बड़ी संख्या में ड्रोन से हमले हुए। दुनिया भर के सैन्य विशेषज्ञों की नजर इन हमलों पर रही। वजह साफ है। छोटे और कम लागत वाले ड्रोन अब युद्ध का तरीका बदल रहे हैं।

भारत भी इस बदलाव को गंभीरता से देख रहा है। ऑपरेशन सिंदूर में ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी और दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए हुआ था। अब भारत अपने पास बड़ा घरेलू सैन्य ड्रोन बेड़ा तैयार करने में जुटा है।

₹20,000 करोड़ से ज्यादा की ड्रोन खरीद

भारत अब तक की सबसे बड़ी सैन्य ड्रोन खरीद करने वाला है। इसके तहत 2 अरब डॉलर यानी ₹20,000 करोड़ से ज्यादा के ऑर्डर दिए जा सकते हैं।

इनमें कई तरह के ड्रोन शामिल होंगे। इनमें निगरानी वाले टैक्टिकल ड्रोन, सामान पहुंचाने वाले ड्रोन, लोइटरिंग म्यूनिशन, ऑटोनॉमस सिस्टम और हमला करने की क्षमता वाले ड्रोन शामिल हो सकते हैं। इनकी डिलीवरी अगले 18 से 24 महीनों में होने की उम्मीद है।

यह खरीद हाल की करीब ₹3,000 करोड़ की टैक्टिकल ड्रोन खरीद से काफी बड़ी होगी। इससे भारतीय ड्रोन कंपनियों को आने वाले समय में बड़े ऑर्डर मिल सकते हैं।

भारत में 600 से ज्यादा ड्रोन कंपनियां

देश में ड्रोन का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। इस सेक्टर में अब 600 से ज्यादा कंपनियां हैं। इनमें 100 से ज्यादा कंपनियां डिफेंस ड्रोन पर काम कर रही हैं।

Tata Advanced Systems, Adani Defence & Aerospace और ideaForge Technology जैसे बड़े नाम इसमें शामिल हैं। इसके अलावा NewSpace Research & Technologies, Raphe mPhibr और Dhaksha Unmanned Systems जैसे स्टार्टअप भी तेजी से अपनी क्षमता बढ़ा रहे हैं।

ये कंपनियां सिर्फ सामान्य ड्रोन नहीं बना रही हैं। स्वॉर्म ड्रोन, लोइटरिंग म्यूनिशन और एंटी-ड्रोन सिस्टम पर भी काम हो रहा है।

Tata, Adani और ideaForge को बड़ा फायदा

ड्रोन की इतनी बड़ी खरीद से बड़ी डिफेंस कंपनियों के साथ घरेलू ड्रोन कंपनियों को भी फायदा हो सकता है। Tata Advanced Systems ने एयरोस्पेस और डिफेंस के साथ अनमैन्ड सिस्टम में अपनी क्षमता बढ़ाई है।

अगस्त में Tata Advanced Systems और NIBE को भारतीय सेना से ₹1,577 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला था। इसमें लोइटरिंग म्यूनिशन सिस्टम और 840 म्यूनिशन की सप्लाई शामिल है।

Adani Defence & Aerospace भी UAV और निगरानी सिस्टम में काम कर रहा है। वहीं, ideaForge Technology टैक्टिकल UAV बनाने वाली प्रमुख भारतीय कंपनियों में शामिल है।

Solar Industries भी ड्रोन वॉरफेयर में उतरी

डिफेंस और एक्सप्लोसिव्स सेक्टर की कंपनी Solar Industries India भी अनमैन्ड वॉरफेयर में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। कंपनी का डिफेंस कारोबार Nagastra लोइटरिंग म्यूनिशन से जुड़ा है।

Motilal Oswal के मुताबिक, जून 2026 तक कंपनी का डिफेंस ऑर्डर बुक करीब ₹18,000 करोड़ था। इसमें करीब ₹11,000 करोड़ के इंटरनेशनल कॉन्ट्रैक्ट और ₹6,000 करोड़ का Pinaka ऑर्डर शामिल था।

अब एंटी-ड्रोन सिस्टम पर भी जोर

ड्रोन की बात सिर्फ ड्रोन बनाने तक सीमित नहीं है। युद्ध में ड्रोन को रोकना भी उतना ही जरूरी हो गया है। इसलिए भारत में एंटी-ड्रोन सिस्टम का बाजार भी तेजी से बढ़ रहा है।

सितंबर में पोखरण में भारतीय वायुसेना ने Dronathon आयोजित किया। इसमें निगरानी, टोही, स्वॉर्म, ऑटोनॉमस ऑपरेशन और एंटी-ड्रोन सिस्टम का परीक्षण किया गया।

DRDO भी 30kW क्षमता वाले काउंटर-ड्रोन लेजर को उत्पादन की दिशा में ले जा रहा है। यह सिस्टम 5 किलोमीटर तक की दूरी पर ड्रोन को निष्क्रिय कर सकता है।

2031 तक 2.23 अरब डॉलर का हो सकता है बाजार

Spherical Insights के अनुमान के मुताबिक, भारत का मिलिट्री ड्रोन बाजार 2026 में करीब 81.14 करोड़ डॉलर का है। 2031 तक इसके 2.23 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यानी इस दौरान करीब 22.4% की सालाना ग्रोथ हो सकती है।

बॉर्डर पर निगरानी और सेना के आधुनिकीकरण से ड्रोन की मांग बढ़ रही है। इसके अलावा सरकार भी डिफेंस में आयात पर निर्भरता कम करना चाहती है।

मार्च में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत को स्वदेशी ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनाने की जरूरत बताई थी। इसके लिए सिर्फ ड्रोन नहीं, बल्कि उनके कंपोनेंट्स, सॉफ्टवेयर, इंजन और बैटरी का पूरा इकोसिस्टम देश में तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Solar Industries India में 25% तक उछाल का दम! ICICI Securities ने दी खरीद की सलाह

एक्सप्लोसिव बनाने वाली कंपनी सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया ने हाल ही में घोषणा की कि वह दक्षिण अफ्रीका की ओम्निया होल्डिंग्स को लगभग 1.36 अरब डॉलर की पूरी तरह कैश वाली डील में खरीदेगी। कंपनी की स्टेप डाउन सब्सिडियरी सोलर SA इनवेस्टमेंट्स प्रोपराइटरी लिमिटेड और सब्सिडियरी सोलर ओवरसीज मॉरीशस लिमिटेड ने इसके लिए ओम्निया होल्डिंग्स के साथ एक डेफिनिटिव एग्रीमेंट साइन किया है। इस डेवलपमेंट के बाद सोलर इंडस्ट्रीज के​ लिए ICICI Securities का व्यू सामने आया है।

ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 23,500 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है। यह बीएसई पर शेयर के मौजूदा भाव 18830 रुपये से करीब 25 प्रतिशत ज्यादा है। सोलर इंडस्ट्रीज की इस नई डील के लिए अभी रेगुलेटर्स और ओम्निया के शेयरधारकों की मंजूरी लिया जाना बाकी है।

सोलर इंडस्ट्रीज को उम्मीद है कि इस विस्तार से अफ्रीका में माइनिंग से होने वाली कमाई वित्त वर्ष 2028 से कई गुना बढ़ जाएगी। यह खरीद 2027 की शुरुआत या मध्य तक पूरी होने की उम्मीद है। सोलर इंडस्ट्रीज माइनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, कंस्ट्रक्शन, डिफेंस और स्पेस सेक्टर के लिए इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव और इनीशिएटिंग सिस्टम बनाती है। कंपनी की दुनिया भर में 40 से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट हैं।

Solar Industries India पर ब्रोकरेज के तर्क

ICICI Securities का कहना है कि ओम्निया होल्डिंग्स में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने से सोलर इंडस्ट्रीज को माइनिंग एक्सप्लोसिव्स और ब्लास्टिंग के लिए पहले से स्थापित इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म तक पहुंच मिलेगी। इससे कंपनी का एक्सप्लोसिव्स का मौजूदा मजबूत कारोबार और बढ़ेगा। सोलर इंडस्ट्रीज इस 1.36 अरब डॉलर के कैश बायआउट के लिए कर्ज और इंटरनल फंडिंग का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। कंपनी को उम्मीद है कि दोनों कंपनियों के मिलने से वित्त वर्ष 2027-28 में 330–340 अरब रुपये का रेवेन्यू और 65 अरब रुपये का EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) हासिल होगा।

ICICI Securities का अनुमान है कि डील पूरी होने पर सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया का कर्ज बढ़कर 110–120 अरब रुपये के पीक पर पहुंच जाएगा। ब्रोकरेज ने यह भी उम्मीद जताई कि यह डील वित्त वर्ष 2029 से ही सोलर इंडस्ट्रीज की प्रति शेयर अर्निंग बढ़ाने लगेगी।

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ओम्निया होल्डिंग्स के बारे में

ओम्निया होल्डिंग्स लिमिटेड एक ग्लोबल, डायवर्सिफाइड केमिकल कंपनी है जो माइनिंग, एग्रीकल्चर और केमिकल एप्लीकेशन इंडस्ट्रीज को केमिकल्स और स्पेशलाइज्ड सर्विस व सॉल्यूशंस की सप्लाई करती है। इसकी मौजूदगी 23 से ज्यादा देशों में है। यह 70 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स के जरिए 40 से ज्यादा देशों में कस्टमर्स को सर्विस देती है। कंपनी के शेयर जोहान्सबर्ग स्टॉक एक्सचेंज और A2X मार्केट्स सिक्योरिटीज एक्सचेंज पर लिस्टेड हैं। सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया के साथ ट्रांजेक्शन कंप्लीट होने के बाद ओम्निया, जोहान्सबर्ग स्टॉक एक्सचेंज और A2X मार्केट्स सिक्योरिटीज एक्सचेंज से डीलिस्ट हो जाएगी।

Solar Industries India का शेयर 2026 में अब तक 55 प्रतिशत मजबूत

कंपनी का मार्केट कैप 1.70 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 73.15 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर एक सप्ताह में 15 प्रतिशत नीचे आया है। वहीं 6 महीनों में 37 प्रतिशत और साल 2026 में अब तक 55 प्रतिशत उछला है। 2 साल में 75 प्रतिशत और 3 साल में 300 प्रतिशत की तेजी देख चुका है। 5 साल में करीब 870 प्रतिशत मजबूत हुआ है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: लंबे वीकेंड बाद Nifty की एक्सपायरी; HDFC Bank, Indiabulls, Raymond समेत ये 29 शेयर फोकस में

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों से कमजोर रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। इस तरह लगातार पांच हफ्ते की गिरावट और लंबे वीकेंड के बाद इस हफ्ते की शुरुआत ग्रीन हो सकती है। इस हफ्ते सोमवार 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के मौके पर स्टॉक मार्केट में कारोबार बंद था जिसके चलते मार्केट आज तीन दिनों की छुट्टियों के बाद खुल रहा है। चूंकि आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है।

एक कारोबारी दिन पहले 11 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 120.83 प्वाइंट्स यानी 0.16% की गिरावट के साथ 74,781.76 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 79.70 प्वाइंट्स यानी 0.34% की फिसलन के साथ 23,398.10 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Horizon Industrial Parks Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर होरिजोन इंडस्ट्रियल पार्क्स घाटा कंसालिडेटेड लेवल पर ₹64.3 करोड़ से घटकर ₹10.3 करोड़ रह गया तो रेवेन्यू 23.1% बढ़कर ₹200.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Lalithaa Jewellery Mart Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ललिता ज्वैलरी मार्ट का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 21.6% गिरकर ₹208.2 करोड़ पर आ गया लेकिन रेवेन्यू 26% बढ़कर ₹6,031.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Nova Iron & Steel Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर नोवा आयरन एंड स्टील का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 61.1% गिरकर ₹86 लाख और रेवेन्यू 40.3% फिसलकर ₹67.5 करोड़ पर आ गया।

HDFC Bank

एचडीएफसी बैंक के बोर्ड ने अगले एमडी और सीईओ के लिए आरबीआई के पास दो नाम सैलरी स्ट्रक्चर के साथ प्राथमिकता के क्रम में भेजे हैं। इसके अलावा बोर्ड ने एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स के तौर पर वी श्रीनिवास रंगन और जिम्मी टाटा को तीन साल के लिए फिर जिम्मेदारी दी है तो बोर्ड ने पूर्णकालिक निदेशक का एक और पद बनाने को मंजूरी दी है, जिससे एमडी और सीईओ के अलावा पूर्णकालिक निदेशकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।

Solar Industries India

सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया की सब्सिडियरी सोलर SA इन्वेस्टमेंट्स प्रोप्राइटरी ने ओमनिया होल्डिंग्स के सभी बकाया शेयर $135.5 करोड़ (₹12,951 करोड़) में खरीदने के लिए ओमनिया होल्डिंग्स के साथ डेफिनिटिव एग्रीमेंट किया है।

KEC International

केईसी इंटरनेशनल को भारत, मिडिल ईस्ट और अमेरिका में T&D (ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन) प्रोजेक्ट के लिए ₹1,303 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। इन ऑर्डरों के साथ इस साल अब तक कंपनी को ₹7,600 करोड़ से अधिक के ऑर्डर्स मिल चुके हैं।

Indiabulls

इंडियाबुल्स ने फिनटेक क्लाउड के साथ एक डेफिनिटिव एग्रीमेंट किया है। इसके तहत कंपनी एनसीएलटी स्कीम के जरिए ₹1,050 करोड़ में फिनटेक क्लाउड में 70% हिस्सेदारी खरीदेगी।

Cochin Shipyard

कोचीन शिपयार्ड ने नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट 2026 के दौरान ड्रायडॉक्स वर्ल्ड दुबई – FZCO (DDW) के साथ एक जॉइंट वेंचर एग्रीमेंट किया है।

Strides Pharma Science

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 2 सितंबर से 11 सितंबर, 2026 के दौरान चेन्नई के अलाथुर में स्ट्राइड्स फार्मा साइंस की फॉर्मूलेशन फैसिलिटी में रूटीन cGMP (करंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस) इंस्पेक्शन किया और इसके बाद तीन ऑब्ज़र्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी किया।

Dr Reddy’s Laboratories

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने मेक्सिको में डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज के एपीआई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के रिकॉर्ड्स का एसेसमेंट पूरा कर लिया है और दो ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म FDA 2953 जारी किया है। यह एसेसमेंट 17 जुलाई से 8 सितंबर, 2026 के बीच हुआ था।

Aurobindo Pharma

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 7 सितंबर से 11 सितंबर, 2026 के बीच आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में अरबिंदों फार्मा की सब्सिडियरी एपिटोरिया फार्मा की API मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (यूनिट-IV) का निरीक्षण किया, जिसमें कोई खामी नहीं मिली।

Sun Pharmaceutical Industries

सन फार्मा की तीन सब्सिडियरीज ने अमेरिका में जेनेरेकि दवाओं की प्राइसिंग से जुड़े एक कानूनी मामले में सेटलमेंट किया है। हालांकि सौदा कितने में हुआ, यह बात सामने नहीं आई है और कंपनी ने कोई गलती भी नहीं मानी है।

Jubilant Pharmova

जुबिलैंट फार्मोका की अमेरिकी यूनिट जुबिलैंट Jubilant HollisterStier LLC की वॉशिंगटन में स्थित सीएमओ फैसिलिटी की अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 8-17 जून के बीच जांच की, जिसमें फैसिलिटी को VAI (वालंटरी एक्शन इंडिकेटेड) कैटेगरी में रखा गया यानी कि कुछ रेगुलेटरी कंसर्न मिले हैं। Jubilant HollisterStier LLC की बात करें तो यह जुबिलैंट फार्मा होल्डिंग इंक की सब्सिडियरी है जोकि जुबिलैंट फार्मोवा के पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी जुबिलैंट फार्मा की सब्सिडियरी है।

Greenply Industries

ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज ने अपनी जॉइंट वेंचर ग्रीनप्लाई सैमेट के प्रस्तावित कैपिटल रीस्ट्रक्चरिंग का ऐलान किया है। इसकी शुरुआती शर्तों के तहत ज्वाइंच वेंचर पार्टनर सैमेट दो से तीन वर्षों में इसमें ₹3.0-4.0 करोड़ की अतिरिक्त पूंजी का निवेश करेगी।

Raymond

रेमंड की एयरोस्पेस सब्सिडियरी को एयरोस्पेस का एक बड़ा और नया काम मिला है। इसमें रेमंड की सब्सिडियरी को जहाज में इस्तेमाल होने वाले 300 से अधिक अलग-अलग तरह के पार्ट्स बनाने हैं और हर साल 37 हजार से अधिक पार्ट्स की जरूरत होगी। इससे कंपनी को सालाना करीब ₹33 करोड़ का रेवेन्यू मिल सकता है।

TVS Motor Company

टीवीएस मोटर कंपनी ने श्रीलंका में अपनी टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल रेंज को और बढ़ाया और इसमें फ्लैगशिप TVS अपाचे RR 310, TVS अपाचे RTR 310, TVS अपाचे RTR 200 4V TFT और TVS अपाचे RTR 160 4V TFT को शामिल किया।

Coforge

कोफोर्ज में डीके सिंह ने नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और NRC (नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमिटी) के चेयरपर्सन के पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। बोर्ड ने एनआरसी और एसआरसी (स्टेकहोल्डर्स रिलेशनशिप कमिटी) का फिर से गठन किया है और नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बेथ बाउचर को एनआरसी का चेयरपर्सन नियुक्त किया है।

Piramal Finance

मूडीज रेटिंग्स ने पिरामल फाइनेंस की लॉन्ग-टर्म कॉर्पोरेट फैमिली रेटिंग (CFR) और सीनियर सिक्योर्ड डेट रेटिंग को Ba3 से बढ़ाकर Ba2 कर दिया है।

Info Edge (India)

हिमांशु अग्रवाल 17 सितंबर से इन्फो एज (इंडिया) में सीएफओ और एडिशनल डायरेक्टर के तौर पर शामिल होंगे।

HDFC Life Insurance Company

एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को मुंबई में ब्याज और पेनल्टी समेत कुल ₹3,365.15 करोड़ के जीएसटी का डिमांड नोटिस मिला है। कंपनी का कहना है कि इसका कंपनी के बिजनेस पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा और वह जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल में इसे चुनौती देगी।

WeWork India Management

वीवर्क इंडिया मैनेजमेंट ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल, बेंगलुरु से फॉर्म RSC-1 के तहत शेयर कैपिटल में प्रस्तावित कटौती की मंजूरी मांगी है। प्रस्ताव के तहत कंपनी की योजना अपने सिक्योरिटीज प्रीमियम अकाउंट में मौजूद ₹2,158.9 करोड़ के बैलेंस में से ₹2,050.16 करोड़ का इस्तेमाल करके मार्च 2026 तक के ₹2,050.16 करोड़ के घाटे को पूरी तरह खत्म करने का है।

BlackBuck

दिग्गज निवेशक सुनील सिंघानिया की कंपनी एबेकस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स ने एक्सेल इंडिया IV (मॉरीशस) से प्रति शेयर ₹576.05 के भाव पर ₹155.5 करोड़ में ब्लैकबक के 27 लाख शेयर (1.48% हिस्सेदारी) खरीदे। जून 2026 तक एक्सेल इंडिया IV की ब्लैकबक में 7.17% हिस्सेदारी (1.3 करोड़ इक्विटी शेयर) थी।

Jamna Auto Industries

जमना ऑटो इंडस्ट्रीज के प्रमोटर रणदीप सिंह जौहर और प्रदीप सिंह जौहर ने 99.95 लाख-99.95 लाख शेयर (2.5% हिस्सेदारी) ₹255.87 करोड़ में प्रति शेयर ₹128 के भाव पर बेच दिए। इनमें से 360 वन म्यूचुअल फंड और 360 वन एसेट मैनेजमेंट ने ₹127.93 करोड़ में जमना ऑटो के 99.95 लाख शेयर (2.5% हिस्सेदारी) तो डीएसपी म्यूचुअल फंड ने ₹100 करोड़ में 78.12 लाख शेयर (1.95% हिस्सेदारी) और अबूधाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने ₹27.93 करोड़ में 21.82 लाख शेयर (0.54% हिस्सेदारी) खरीदे हैं।

Granules India

प्रमोटर कृष्णा प्रसाद चिगुरुपति ने ग्रैन्यूल्स इंडिया में 5.36% हिस्सेदारी वाले 1.33 करोड़ इक्विटी शेयर ₹1160 करोड़ में प्रति शेयर ₹872.50 के भाव और 39.04 लाख शेयर (1.57% हिस्सेदारी) भी ₹892.84 के भाव पर ₹348.64 करोड़ में बेच दिए। कुल मिलाकर प्रमोटर ने ₹1,508.64 करोड़ के शेयर बेचे, जिससे कंपनी में उनकी हिस्सेदारी 6.94% कम हो गई। वहीं दूसरी तरफ कैपिटल ग्रुप, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, 360 वन पाइप फंड, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, जगदीश नरेश मास्टर, मायरा वरुण रहेजा, सुंदरम म्यूचुअल फंड, बीएनपी पारिबास फाइनेंशियल मार्केट्स, बॉयंट अपॉर्चुनिटीज स्ट्रैटेजी-III, क्लैरस कैपिटल 1, एडलवाइज म्यूचुअल फंड, एमर्जिंग मार्केट्स इक्विटी फंड, फ्लोरिडा रिटायरमेंट सिस्टम, गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप और ऑप्टिमिक्स होलसेल ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट्स शेयर ट्रस्ट ने ग्रैन्यूल्स इंडिया में 5.36% हिस्सेदारी खरीदी।

Sri Lotus Developers and Realty

मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर ने मोहम्मद इरफान मोहम्मद लतीफ शेख से प्रति शेयर ₹201.75 के भाव पर ₹30.26 करोड़ श्री लोटस डेवलपर्स एंड रियल्टी के 15 लाख शेयर (0.3% हिस्सेदारी) हासिल की।

NRB Bearings

प्रमोटर एंटिटी त्रिलोचन सिंह साहनी ट्रस्ट 1 ने एनआरबी बेयरिंग्स में 0.51% हिस्सेदारी वाले 5 लाख शेयर ₹25.25 करोड़ में प्रति शेयर ₹505 के भाव पर बेचे। इनमें से 2.27 लाख शेयर ₹11.49 करोड़ में डीटी फंड ने खरीदे तो जीपी इमर्जिंग मार्केट्स स्ट्रैटेजीज एलपी ने ₹5.64 करोड़ में 1.11 लाख शेयर और यूनिवर्सिटी ऑफ नोट्रे डेम डू लैक ने ₹8.1 करोड़ में 1.6 लाख शेयर खरीदे।

Electrotherm India

रेडिएंट ग्लोबल फंड-क्लास B पार्टिसिपेटिंग शेयर्स ने 8 स्क्वायर कैपिटल से प्रति शेयर ₹951.83 के भाव पर इलेक्ट्रोथर्म (इंडिया) के अतिरिक्त 2.15 लाख (1.69% हिस्सेदारी) ₹20.53 करोड़ में खरीदे हैं। इससे पहले जून 2026 तक रेडिएंट ग्लोबल फंड-क्लास B पार्टिसिपेटिंग शेयर्स की इलेक्ट्रोथर्म में 1.41% तो 8 स्क्वायर कैपिटल की 2.32% हिस्सेदारी थी।

Pranav Constructions, Apana Logistics

प्रणव कंस्ट्रक्शंस के शेयर आज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे तो अपना लॉजिस्टिक्स के शेयरों की बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: सनशाइन पिक्चर्स

एक्स-डिविडेंड: कर्नाटक बैंक, मनकसिया एल्युमीनियम कंपनी, आरती फार्मालैब्स, एजी ग्रीनपैक, अक्षरकेम इंडिया, एरो ग्रीनटेक, बेलराइज इंडस्ट्रीज, ब्लू डार्ट एक्सप्रेस, कैरीसिल, दिलीप बिल्डकॉन, फिलाटेक्स इंडिया, फ्रंटियर स्प्रिंग्स, हेक्सागोन न्यूट्रिशन, द हाई-टेक गियर्स, एचपी एडहेसिव्स, इंडिया टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, आईटीएल इंडस्ट्रीज, IL&FS इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स, द इंडियन वुड प्रोडक्ट्स कंपनी, जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स, कांची कर्पूरम, केएनआर कंस्ट्रक्शन्स, एनडीएल वेंचर्स, निखिल एडहेसिव्स, पोंडी ऑक्साइड्स एंड केमिकल्स, समक्रग पिस्टन्स एंड रिंग्स, सिमंड्स मार्शल, सोलेक्स एनर्जी, सुपरहाउस, सुपर टैनरी, सुरक्षा डायग्नोस्टिक, सिस्टेमैटिक्स कॉरपोरेट सर्विसेज, तिलकनगर इंडस्ट्रीज, टाइम टेक्नोप्लास्ट, टीपीएल प्लास्टेक, वेबसोल एनर्जी सिस्टम

एक्स-राइट्स: सेंचुरी एक्स्ट्रूजन्स

F&O बैन: आज बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस, SAIL

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Solar Industries Share Price: शानदार तिमाही नतीजों के बाद 4% टूटा शेयर, ब्रोकरेज ने भी घटाई रेटिंग, आखिर क्या है वजह

Solar Industries Share Price: केमिकल सेक्टर की कंपनी सोलर इंडस्ट्रीज़ इंडिया लिमिटेड (Solar Industries) के शेयरों में 14 अगस्त को गिरावट देखने को मिली। अच्छे तिमाही नतीजों के बाद भी शेयर 4 फीसदी टूटा है। कंपनी के नतीजों के बाद शेयर पर ब्रोकरेज फर्मों की अलग-अलग प्रतिक्रिया आई है। एक तरफ मॉर्गन स्टेनली ने स्टॉक को ‘ओवरवेट’ रेटिंग दी है तो दूसरी तरफ कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने बिकवाली की राय दी है।

‘ओवरवेट’ रेटिंग की राय

मॉर्गन स्टेनली ने सोलर इंडस्ट्रीज़ पर अपनी ‘ओवरवेट’ रेटिंग बनाए रखी है और इसका प्राइस टारगेट ₹20,270 तय किया है। इसका मतलब है कि गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस ₹20,325 से इसमें किसी तरह के बढ़त की उम्मीद नहीं है। ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी की कमाई उम्मीद से बेहतर रही। रेवेन्यू, EBITDA और एडजस्टेड PAT में क्रमशः 70%, 88% और 93% की बढ़ोतरी हुई।

सभी प्रमुख सेगमेंट में रेवेन्यू ग्रोथ उम्मीद से ज़्यादा रही। डिफेंस रेवेन्यू में 123% की बढ़ोतरी हुई (जबकि मॉर्गन स्टेनली का अनुमान 70% था), इंटरनेशनल एक्सप्लोसिव्स में 65% की बढ़ोतरी हुई (अनुमान 35% था) और घरेलू एक्सप्लोसिव्स में 52% की बढ़ोतरी हुई (अनुमान 19% था)।

ग्रॉस मार्जिन 110 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 49.2% हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन 265 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 27.5% हो गया। मॉर्गन स्टेनली ने मार्जिन में सुधार का कारण डिफेंस मिक्स में अनुकूलता, इंटरनेशनल एक्सप्लोसिव्स में बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी और इन्वेंट्री से होने वाले फायदे को बताया।

कंपनी का ऑर्डर बुक लगभग ₹21,350 करोड़ का था, जिसमें डिफेंस बिज़नेस से ₹18,000 करोड़ से ज़्यादा का ऑर्डर शामिल था।FY27 के लिए, मॉर्गन स्टेनली को लगभग ₹14,000 करोड़ के रेवेन्यू और ₹2,050 करोड़ के नियोजित कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) की उम्मीद है। कंपनी Q1 के दौरान कैपेक्स पर पहले ही लगभग ₹450 करोड़ खर्च कर चुकी है।

45% की गिरावट संभव

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने सोलर इंडस्ट्रीज पर अपनी ‘Sell’ रेटिंग बनाए रखी है और इसका प्राइस टारगेट ₹11,200 तय किया है। इसका मतलब है कि गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस से इसमें लगभग 45% की गिरावट आ सकती है।

कोटक ने Q1 के शानदार प्रदर्शन को माना। बेहतर काम-काज और प्रॉफिटेबिलिटी के कारण PAT उनके अनुमान से 18% ज़्यादा रहा। डिफेंस, इंटरनेशनल एक्सप्लोसिव्स और घरेलू एक्सप्लोसिव्स में ज़बरदस्त ग्रोथ के कारण रेवेन्यू सालाना आधार पर 70% बढ़कर लगभग ₹3,670 करोड़ हो गया। ब्रोकरेज के अनुसार, EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर लगभग 170 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 27.9% हो गया।

हालांकि ₹21,400 करोड़ का ऑर्डर बुक खास तौर पर डिफेंस बिजनेस के लिए मीडियम-टर्म में अच्छी संभावना दिखाता है, लेकिन कोटक ने तिमाही के दौरान बेहतर काम-काज को देखते हुए FY27-29 के लिए EPS अनुमानों को 2-6% तक बढ़ा दिया है।

Solar Ind का Q1 परफॉर्मेंस

Solar Industries ने नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 92.7% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो ₹338.7 करोड़ से बढ़कर ₹652.6 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 71.2% बढ़कर ₹3,688.2 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA 93.6% बढ़कर ₹1,035.2 करोड़ हो गया।

EBITDA मार्जिन पिछले साल की इसी तिमाही के 24.8% से बढ़कर 28.1% हो गया।कंपनी ने FY27 के लिए ₹14,000 करोड़ का रेवेन्यू टारगेट तय किया है।

मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO मनीष नुवाल ने कहा कि कंपनी ने Q1FY27 में अब तक का सबसे ज़्यादा तिमाही रेवेन्यू, EBITDA, PBT और PAT हासिल किया।नुवाल ने कहा कि ₹21,350 करोड़ से ज़्यादा के ऑर्डर बुक के दम पर कंपनी FY27 के लिए ₹14,000 करोड़ के रेवेन्यू गाइडेंस को हासिल करने की राह पर है। कंपनी इस साल कैपेक्स (capex) में ₹2,050 करोड़ निवेश करने की योजना बना रही है, जिसमें से ₹450 करोड़ Q1 में पहले ही लगाए जा चुके हैं।

Solar Industries India के शेयर शुक्रवार को सुबह 10.33 बजे 3.17% गिरकर ₹19694 पर ट्रे़ड कर रहे है। 2026 में अब तक इनमें 67% से ज़्यादा की बढ़त हुई है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Solar Industries Q1 Results: डिफेंस कंपनी का मुनाफा 93% बढ़ा, रेवेन्यू भी तगड़ा उछाल

Solar Industries Q1 Results: डिफेंस और विस्फोटक बनाने वाली कंपनी Solar Industries India ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में शानदार नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 92.7% बढ़कर ₹652.6 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹338.7 करोड़ था।

कंपनी का रेवेन्यू भी 71.2% बढ़कर ₹3,688.2 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹2,154.5 करोड़ था।

EBITDA 94% बढ़ा

सोलर इंडस्ट्रीज का EBITDA 93.6% बढ़कर ₹1,035.2 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹534.9 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 24.8% से बढ़कर 28.1% हो गया।

मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO मनीष नुवाल ने कहा कि यह कंपनी का अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही रेवेन्यू, EBITDA, प्री-टैक्स प्रॉफिट और नेट प्रॉफिट है।

डिफेंस कारोबार में 123% की छलांग

सोलर इंडस्ट्रीज का डिफेंस कारोबार 123% बढ़ा। यही पहली तिमाही की सबसे बड़ी ग्रोथ का कारण रहा।

कंपनी ने कहा कि स्वदेशी डिफेंस प्रोडक्ट्स की बढ़ती रेंज और भारत के साथ विदेशी ग्राहकों से बढ़ते ऑर्डर का फायदा मिल रहा है। नुवाल ने कहा कि कंपनी को भारत और वैश्विक स्तर पर डिफेंस पार्टनर बनाने की रणनीति अब नतीजों में दिखने लगी है।

₹21,350 करोड़ का ऑर्डर बुक

सोलर इंडस्ट्रीज की कुल ऑर्डर बुक ₹21,350 करोड़ तक पहुंच गई है। कंपनी को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में और बड़े ऑर्डर मिल सकते हैं।

सोलर इंडस्ट्रीज का अंतरराष्ट्रीय विस्फोटक कारोबार भी 65% बढ़ा। कंपनी का कहना है कि बढ़ते ऑर्डर, नए बाजार और लगातार निवेश उसकी वैश्विक मौजूदगी को और मजबूत करेंगे।

FY27 का लक्ष्य बरकरार

सोलर इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2027 के लिए ₹14,000 करोड़ के रेवेन्यू लक्ष्य को बरकरार रखा है। मजबूत शुरुआत, बड़ा ऑर्डर बुक और निवेश योजनाओं के दम पर कंपनी को इस लक्ष्य पर भरोसा है।

कंपनी ने FY27 में ₹2,050 करोड़ के कैपेक्स की योजना बनाई है। इसमें से पहली तिमाही में करीब ₹450 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।

Solar Industries के शेयर

सोलर इंडस्ट्रीज का शेयर गुरुवार को 8.52% उछलकर ₹20,325 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 55.83% बढ़ा है। वहीं बीते 5 साल में इसने 1,054% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.84 लाख करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Defence Stock: 40% तक क्रैश हो सकता है ये डिफेंस स्टॉक, कोटक ने दी तुरंत बेचने की सलाह

Defence Stock: डिफेंस और इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव बनाने वाली कंपनी Solar Industries India के शेयर गुरुवार को शुरुआती बढ़त के बाद 3% ज्यादा गिरकर बंद हुए। कारोबार के दौरान यह दिन के हाई लेवल से 6% तक टूट गया था। इसकी वजह Kotak Institutional Equities की नई रिपोर्ट रही। ब्रोकरेज ने पहली बार कंपनी पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Sell’ रेटिंग दी है।

Kotak ने शेयर के लिए 10,300 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। यह गुरुवार के बंद भाव के मुकाबले करीब 40.8% की संभावित गिरावट दिखाता है।

कंपनी की खूबियां भी गिनाईं

Kotak ने माना कि Solar Industries देश की सबसे बड़ी निजी इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव बनाने वाली कंपनी है। साथ ही यह देश की सबसे तेजी से बढ़ती डिफेंस कंपनियों में भी शामिल है।

कंपनी सिर्फ विस्फोटक ही नहीं बनाती। इसके पोर्टफोलियो में इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव, हाई-एनर्जी मैटेरियल, पिनाका रॉकेट सिस्टम, लोइटरिंग म्यूनिशन और गोला-बारूद जैसे कई डिफेंस प्रोडक्ट भी शामिल हैं।

ग्रोथ को लेकर क्या है अनुमान?

ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2030 के बीच कंपनी का PAT (टैक्स के बाद मुनाफा) सालाना औसतन 28% (CAGR) की दर से बढ़ सकता है।

इसके पीछे कई वजहें हैं। डिफेंस कारोबार में करीब 35% CAGR की ग्रोथ का अनुमान है। वहीं, 10 देशों में फैले अंतरराष्ट्रीय कारोबार से 26% CAGR की उम्मीद है। इसके अलावा बिजनेस मिक्स बेहतर होने से कंपनी के मार्जिन में भी सुधार हो सकता है।

फिर ‘Sell’ रेटिंग क्यों दी?

इतनी मजबूत ग्रोथ का अनुमान होने के बावजूद Kotak ने शेयर खरीदने की सलाह नहीं दी। उनसे इसका कारण भी बताया है।

ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की मौजूदा कीमत में भविष्य की ग्रोथ पहले ही शामिल हो चुकी है। अभी Solar Industries का शेयर वित्त वर्ष 2028 के अनुमानित मुनाफे के करीब 55 गुना वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है। ऐसे में मौजूदा स्तर पर निवेशकों को जोखिम के मुकाबले आकर्षक रिटर्न मिलने की संभावना कम दिखती है।

कौन-कौन से जोखिम हैं?

Kotak ने कंपनी के सामने कुछ अहम चुनौतियों का भी जिक्र किया है। माइनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की मांग में उतार-चढ़ाव का असर कारोबार पर पड़ सकता है। सरकारी डिफेंस ऑर्डर एक साथ और अनियमित तरीके से मिलते हैं, इसलिए कमाई में भी उतार-चढ़ाव आ सकता है।

इसके अलावा एक्सप्लोसिव कारोबार से जुड़े नियामकीय नियम, MALE UAV और काउंटर-ड्रोन सिस्टम जैसी नई डिफेंस टेक्नोलॉजी में विस्तार से जुड़े जोखिम भी मौजूद हैं।

ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि कंपनी के करीब 35% रेवेन्यू विदेशी बाजारों से आते हैं। वहीं, डिफेंस ऑर्डर बुक का भी बड़ा हिस्सा निर्यात पर निर्भर है। ऐसे में किसी भी भू-राजनीतिक तनाव का असर कंपनी के कारोबार पर पड़ सकता है।

सोलर इंडस्ट्रीज के शेयरों का हाल

सोलर इंडस्ट्रीज के शेयर गुरुवार को 3.26% की गिरावट के साथ 17,385 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में इसने 31.79% का रिटर्न दिया है। वहीं, 5 साल के दौरान इसने 980% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.57 लाख करोड़ रुपये है।

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A-1 लिमिटेड बनी ईशान डाइज की प्राइमरी डीलर, 5 महीने में ₹40 करोड़ का कारोबार

लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल केमिकल सप्लाई करने वाली कंपनी A-1 लिमिटेड को ईशान डाइज एंड केमिकल्स लिमिटेड ने अपने सल्फर-बेस्ड इंडस्ट्रियल केमिकल्स का प्राइमरी ऑथराइज्ड डीलर बनाया है। कंपनी का कहना है कि इससे उसका प्रोडक्ट पोर्टफोलियो मजबूत होगा और इंडस्ट्रियल केमिकल बाजार में उसकी मौजूदगी बढ़ेगी। फरवरी 2026 से अब तक दोनों कंपनियों के बीच करीब 40 करोड़ रुपये का कारोबार हो चुका है।

कौन-कौन से प्रोडक्ट्स की होगी सप्लाई?

इस डील के तहत A-1 लिमिटेड अब सल्फ्यूरिक एसिड (98% और 70%), ओलियम (23% और 65%) और क्लोरो सल्फोनिक एसिड की सप्लाई करेगी। इन केमिकल्स का इस्तेमाल फर्टिलाइजर, फार्मा, डाइज, पेट्रोकेमिकल्स और वॉटर ट्रीटमेंट जैसे कई सेक्टर में होता है।

कंपनी के मुताबिक, इस साझेदारी से सल्फर-बेस्ड केमिकल्स की बढ़ती मांग पूरी करने में मदद मिलेगी। साथ ही, ग्राहकों को समय पर और लगातार सप्लाई मिल सकेगी। A-1 लिमिटेड के पास 100 से ज्यादा गाड़ियों का नेटवर्क है, जिससे वह अपनी सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन क्षमता को और मजबूत करेगी।

कंपनी ने क्या कहा?

A-1 लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर हर्षदकुमार पटेल ने कहा कि यह नियुक्ति कंपनी के मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और भरोसेमंद सेवाओं पर ग्राहकों के विश्वास को दिखाती है। उनके मुताबिक, इससे इंडस्ट्रियल केमिकल्स कारोबार में कंपनी की स्थिति और मजबूत होगी। साथ ही, आने वाले समय में ग्रोथ को भी रफ्तार मिलेगी।

हाल में मिले कई बड़े ऑर्डर

हाल के महीनों में A-1 लिमिटेड को सोलर इंडस्ट्रीज लिमिटेड, महाधन एग्रीटेक लिमिटेड और साईं बाबा पॉलीमर टेक्नोलॉजीज से करीब 35 करोड़ रुपये के सप्लाई ऑर्डर मिले हैं।

इसके अलावा कंपनी ने GNFC और सोलर इंडस्ट्रीज़ इंडिया लिमिटेड के साथ 10,000 मीट्रिक टन नाइट्रिक एसिड की सप्लाई का समझौता किया है। कंपनी को 127.50 करोड़ रुपये का इंडस्ट्रियल यूरिया सप्लाई ऑर्डर भी मिला है।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में भी रखा कदम

A-1 लिमिटेड ने हाल ही में A-1 सुरेजा इंडस्ट्रीज में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 51% कर ली है। इसके बाद यह कंपनी उसकी सब्सिडियरी बन गई है। इसके साथ ही A-1 लिमिटेड ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कारोबार में भी एंट्री कर ली है।

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