Promoter Selling Stock: 6 महीने में 150% चढ़ा EMS कंपनी का स्टॉक, अब प्रमोटर्स बेच सकते हैं 6% हिस्सेदारी

Promoter Selling Stock: इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज यानी EMS कंपनी Avalon Technologies में बड़ी ब्लॉक डील हो सकती है। प्रमोटर ग्रुप के Bhaskar Srinivasan, BBS Family Trust और KBS Family Trust कंपनी में 6% तक हिस्सेदारी बेच सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक इस डील की वैल्यू करीब ₹861.9 करोड़ हो सकती है।

₹2,150 से ₹2,302 हो सकता है भाव

डील के लिए ₹2,150 से ₹2,302 प्रति शेयर का प्राइस बैंड बताया गया है। यह कंपनी के मौजूदा बाजार भाव से अधिकतम करीब 6.6% डिस्काउंट पर हो सकता है। डील में विक्रेताओं के लिए 180 दिन का लॉक-अप पीरियड भी रहेगा। यानी इस दौरान वे आगे शेयर नहीं बेच सकेंगे।

Nomura ने बढ़ाया टारगेट

इसी महीने ब्रोकरेज फर्म Nomura ने Avalon Technologies पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹2,211.24 से बढ़ाकर ₹2,767.32 कर दिया है।

यह शुक्रवार के ₹2,196.60 के क्लोजिंग भाव से करीब 26% ज्यादा है। ये टारगेट शेयर को कवर करने वाले सभी ब्रोकरेज में सबसे ज्यादा है।

Zollner के साथ जॉइंट वेंचर

Nomura के मुताबिक Avalon का यूरोप की Zollner के साथ प्रस्तावितजॉइंट वेंचर कंपनी के लिए अहम हो सकता है। इससे यूरोप में एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज के कारोबार में कंपनी की पहुंच बढ़ेगी। साथ ही नए ग्लोबल ग्राहक जुड़ सकते हैं।

ब्रोकरेज के मुताबिक इस साझेदारी से Avalon को यूरोप में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का मौका मिलेगा। कंपनी हेल्थकेयर, लाइफ साइंसेज और टेस्ट एंड मेजरमेंट जैसे सेगमेंट में भी प्रवेश कर सकती है।

एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई

Bloomberg के आंकड़ों के मुताबिक Avalon Technologies को कवर करने वाले 19 एनालिस्ट्स में 9 ने Buy रेटिंग दी है। वहीं 4 एनालिस्ट्स ने Hold और 6 ने Sell रेटिंग दी है।

यानी शेयर को लेकर ब्रोकरेज की राय एक जैसी नहीं है। कुछ एनालिस्ट्स कंपनी के विस्तार और जॉइंट वेंचर को लेकर पॉजिटिव हैं, जबकि कुछ शेयर पर अलग नजरिया रखते हैं।

Avalon के शेयरों का हाल

Avalon Technologies का शेयर मंगलवार को BSE पर 1.37% की तेजी के साथ ₹2,340 पर बंद हुआ। पिछले महीने में स्टॉक ने करीब 150% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। वहीं बीते 5 साल में यह 479% बढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 15.66 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

विजय केडिया कैसे चुनते हैं 10x रिटर्न देने वाले शेयर? जानिए उनकी सुपरहिट ‘R.I.S.E.’ स्ट्रेटेजी

Vijay Kedia Multibagger Strategy: शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक और ‘सुपरस्टार इनवेस्टर’ विजय केडिया ने दलाल स्ट्रीट पर मल्टीबैगर शेयर ढूंढने का अपना सीक्रेट फॉर्मूला शेयर किया है। बाजार की भीड़ किसी शेयर के पीछे भागे, उससे पहले 10x या उससे ज्यादा रिटर्न देने वाले स्टॉक्स की पहचान करने के लिए वे एक खास ‘R.I.S.E.’ रणनीति का इस्तेमाल करते हैं।

विजय केडिया का मानना है कि मल्टीबैगर रिटर्न पाने का असली जरिया अगले 15-20 सालों के लंबे समय वाले मेगा-थीम्स पर सही समय पर दांव लगाना है। जानिए विजय केडिया की यह R.I.S.E. स्ट्रेटेजी क्या है और वे शेयर चुनते समय किस ‘गोल्डन रूल’ को फॉलो करते हैं।

क्या है विजय केडिया का ‘R.I.S.E.’ फॉर्मूला?

केडिया के अनुसार, निवेशकों को ऐसे सेक्टर्स और कंपनियों की तलाश करनी चाहिए जिनमें अगले एक-दो दशक तक लगातार ग्रोथ की क्षमता हो। R.I.S.E. का हर अक्षर एक बड़े और भविष्य के मेगा-थीम को दर्शाता है:

1. R – Renewable Energy & Energy Transition (अक्षय ऊर्जा और एनर्जी ट्रांजिशन)

दुनिया तेजी से पारंपरिक ईंधन से ग्रीन एनर्जी की तरफ शिफ्ट हो रही है। इसमें विंड एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, न्यूक्लियर पावर और बैटरी टेक्नोलॉजी/एनर्जी स्टोरेज आते है। विजय केडिया का मानना है कि इस थीम के पास अगले 15 से 20 साल का लंबा रनवे है, जहां कंपनियों के लिए ग्रोथ की अपार संभावनाएं हैं।

2. I – Infrastructure (इंफ्रास्ट्रक्चर और केपेक्स)

देश में बुनियादी ढांचे का विकास और कंपनियों द्वारा किया जाने वाला बड़ा पूंजीगत खर्च। टर्नअराउंड कंपनियां, जो अपने बुरे दौर से निकलकर नए केपेक्स के दम पर मजबूत वापसी कर रही हैं। भारत जैसे तेजी से बढ़ते देश में इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग ही देश की आर्थिक वृद्धि की रीढ़ बनते हैं।

3. S – Security (साइबर सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र)

साइबर थ्रेट्स के बढ़ते दौर में डिजिटल और राष्ट्रीय सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता बन चुकी है। साइबर सिक्योरिटी कंपनियां और डिफेंस यानी रक्षा उपकरण बनाने वाली कंपनियां। वैश्विक तनावों और डिजिटलाइजेशन के चलते सरकारों और कॉरपोरेट्स का सिक्योरिटी बजट हर साल तेजी से बढ़ रहा है।

4. E – Emerging Tech (उभरती हुई टेक्नोलॉजी)

आने वाला दौर पूरी तरह नई तकनीकों के नियंत्रण में होगा। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर्स। ये ऐसे सेक्टर्स हैं जो पुराने बिजनेस मॉडल को पूरी तरह से बदलकर रख रहे हैं। जो कंपनियां इनमें शुरुआती बढ़त बनाएंगी, वे भविष्य की दिग्गज बनेंगी।

अब जानिए विजय केडिया का ‘गोल्डन रूल’

अक्सर रिटेल निवेशक किसी अच्छे सेक्टर की कंपनी को किसी भी कीमत पर खरीद लेते हैं। इस पर चेतावनी देते हुए विजय केडिया ने एक महत्वपूर्ण गोल्डन रूल दिया है:

‘Buying a good sector at ANY price is a recipe for bad returns.’ यानी किसी भी अच्छे सेक्टर के शेयर को किसी भी भाव पर खरीद लेना खराब रिटर्न की गारंटी है।विजय केडिया के अनुसार शेयर चुनते समय हमेशा इस 3-स्टेप हायरार्की को फॉलो करना चाहिए:

1. सही सेक्टर की पहचान

2. कंपनी की गुणवत्ता और बैलेंस शीट

3. सही वैल्यूएशन और अनुशासन

इसका मतलब साफ है कि अगर सेक्टर बहुत शानदार है, लेकिन कंपनी पर भारी कर्ज है या उसकी बैलेंस शीट खराब है, तो वह मल्टीबैगर नहीं बनेगी। और अगर सेक्टर व कंपनी दोनों अच्छे हैं, लेकिन आपने शेयर बहुत महंगे वैल्यूएशन पर खरीद लिया है, तो भी आपको बाजार में अच्छा रिटर्न नहीं मिलेगा।

रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए टेकअवे

विजय केडिया का यह R.I.S.E. फॉर्मूला रिटेल निवेशकों को किसी भी फैंसी या ट्रेंडिंग शेयर में बिना सोचे-समझे पैसा लगाने से रोकता है। शेयर बाजार में लंबी अवधि में बड़ा पैसा बनाने के लिए सेक्टर की ग्रोथ के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और सही एंट्री प्राइस का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है। 

Stocks to Buy: ये 5 स्टॉक्स 61% रिटर्न दे सकते हैं, ब्रोकरेज ने खरीदने की सलाह दी

Stocks to Buy: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कई बड़ी ब्रोकरेज कंपनियां चुनिंदा शेयरों पर बुलिश बनी हुई हैं। Jefferies और Macquarie समेत कई फर्मों ने इन स्टॉक्स पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है। इनमें सबसे ज्यादा अपसाइड Patanjali Foods में दिख रहा है, जहां करीब 61% तक रिटर्न की उम्मीद जताई गई है।

Divi’s Laboratories

ब्रोकरेज Macquarie ने फार्मा कंपनी Divi’s Laboratories पर 10,200 रुपये का टारगेट दिया है। इसमें मौजूदा स्तर से करीब 19% तेजी आ सकती है। ब्रोकरेज का मानना है कि कैपेक्स से कमाई बढ़ने और ऑपरेटिंग लीवरेज में सुधार से ग्रोथ तेज हो सकती है।

Larsen & Toubro

ब्रोकरेज Jefferies ने इंजीनियरिंग कंपनी Larsen & Toubro पर Buy रेटिंग के साथ 5,000 रुपये का टारगेट दिया है। यह करीब 23% का संभावित उछाल दिखाता है। मजबूत ऑर्डर बुक और भारत के कैपेक्स साइकल से कंपनी को फायदा मिलने की उम्मीद है।

TVS Motor Company

ब्रोकरेज Jefferies ने ऑटो कंपनी TVS Motor Company पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है। इसके लिए 5,425 रुपये का टारगेट दिया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 24% रिटर्न दे सकता है। ब्रोकरेज को वॉल्यूम ग्रोथ और कमाई में मजबूत बढ़त की उम्मीद है।

Emmvee Photovoltaic Power

ब्रोकरेज Jefferies ने सोलर कंपनी Emmvee Photovoltaic Power पर Buy रेटिंग कायम रखी है। 440 रुपये का टारगेट मौजूदा स्तर से करीब 31% ऊपर है। मजबूत ऑर्डर बुक, TOPCon टेक्नोलॉजी और विस्तार योजनाओं को इसकी बड़ी ताकत माना गया है।

Patanjali Foods

ब्रोकरेज Jefferies ने FMCG कंपनी Patanjali Foods पर Buy कॉल देते हुए 560 रुपये का टारगेट दिया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 61% की तेजी का संकेत है। ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले वर्षों में कंपनी की कमाई और पूंजी पर रिटर्न में मजबूत सुधार देखने को मिल सकता है।

Stocks to Watch: सुजलॉन, लेंसकार्ट से मीशो तक… 24 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 15 स्टॉक्स

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Vijay Kedia : ₹80 का शेयर बना ₹16400, विजय केडिया ने बताया मल्टीबैगर स्टॉक का सीक्रेट

Vijay Kedia Investment Tips: कई निवेशक हमेशा सिर्फ मल्टीबैगर स्टॉक खोजने की कोशिश करते हैं। इसके चक्कर में कई बार ऐसे शेयरों में भी पैसे लगा बैठते हैं, जहां भारी नुकसान हो जाता है। दिग्गज निवेशक विजय केडिया का कहना है कि बड़ी कमाई करने का राज अगला मल्टीबैगर शेयर ढूंढने में नहीं, बल्कि अच्छे बिजनेस में लंबे समय तक टिके रहने में है।

उन्होंने कहा, “जब लोग 10, 20 या 50 गुना रिटर्न देने वाले शेयरों की बात करते हैं, तो मैं कभी यह सोचकर शेयर नहीं खरीदता कि यह मल्टीबैगर बनेगा। मुझे पहले से ये पता नहीं होता।”

टॉर्च की रोशनी जैसा है निवेश

केडिया निवेश की तुलना रात में टॉर्च लेकर चलने से करते हैं। उनका कहना है, ‘टॉर्च सिर्फ 25 मीटर आगे तक रास्ता दिखाती है। आप पहले उतना चलते हैं, फिर अगले 25 मीटर दिखाई देते हैं। निवेश भी बिल्कुल ऐसा ही है।’

उनके मुताबिक, निवेश से पहले वह सिर्फ एक सवाल पूछते हैं, ‘क्या मैं इस कंपनी के शेयर को अगले 10 साल तक अपने पास रख सकता हूं?’

एक निवेश की कहानी

केडिया ने अपने एक सफल निवेश का उदाहरण भी दिया। उन्होंने 2005 में करीब ₹80 के भाव पर एक कंपनी के शेयर खरीदे। अगले कई सालों में शेयर कभी ₹250 पहुंचा, फिर ₹50-60 तक गिर गया। इसके बाद यह ₹600, ₹1,000 और ₹1,500 तक गया और फिर गिरा।

कोविड-19 के दौरान भी शेयर करीब ₹4,200 से गिरकर ₹1,700 तक आ गया। लेकिन उन्होंने अपने शेयर नहीं बेचे।

सिर्फ डिविडेंड से निकल गई लागत

केडिया के मुताबिक, 16 साल में कंपनी ने करीब ₹250 प्रति शेयर का कुल डिविडेंड दिया। यानी उन्हें खरीद कीमत से तीन गुना ज्यादा डिविडेंड मिल चुका था। उन्होंने कहा, “एक तरह से मेरे शेयर मुफ्त हो गए थे।”

बाद में कंपनी ने 1:1 बोनस शेयर भी दिया। बोनस को शामिल करने के बाद केडिया ने करीब ₹16,400 प्रति शेयर के एडजस्टेड भाव पर अपना निवेश बेचा। यह उनके सबसे सफल निवेशों में शामिल रहा।

50-60% गिरावट भी झेली

केडिया का कहना है कि असली चुनौती मल्टीबैगर ढूंढना नहीं, बल्कि 50-60% की गिरावट के दौरान भी निवेश बनाए रखना है। उनके मुताबिक, “यही सबसे बड़ी समस्या है। ज्यादातर निवेशक गिरावट देखकर घबरा जाते हैं।”

ट्रेन यात्रा से समझाया निवेश

केडिया ने निवेश की तुलना मुंबई से अहमदाबाद जाने वाली ट्रेन से की। उन्होंने कहा, “अगर ट्रेन मुंबई से देर से निकले या दादर स्टेशन पर ज्यादा देर रुक जाए, तो मुझे फर्क नहीं पड़ता। मेरी नजर मंजिल पर होती है, हर स्टेशन पर नहीं।”

उनका कहना है कि शेयर अगर 50% भी गिर जाए, लेकिन बिजनेस पर भरोसा कायम हो, तो घबराने की जरूरत नहीं है। बल्कि जब शेयर फिर से खरीद कीमत तक लौटता है, तो उनका भरोसा और मजबूत हो जाता है।

केडिया के मुताबिक, मल्टीबैगर बनने का राज पहले से उसकी पहचान करना नहीं है, बल्कि सही बिजनेस में इतना लंबा टिके रहना है कि कंपाउंडिंग अपना कमाल दिखा सके।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Defence Stock: 40% तक क्रैश हो सकता है ये डिफेंस स्टॉक, कोटक ने दी तुरंत बेचने की सलाह

Defence Stock: डिफेंस और इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव बनाने वाली कंपनी Solar Industries India के शेयर गुरुवार को शुरुआती बढ़त के बाद 3% ज्यादा गिरकर बंद हुए। कारोबार के दौरान यह दिन के हाई लेवल से 6% तक टूट गया था। इसकी वजह Kotak Institutional Equities की नई रिपोर्ट रही। ब्रोकरेज ने पहली बार कंपनी पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Sell’ रेटिंग दी है।

Kotak ने शेयर के लिए 10,300 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। यह गुरुवार के बंद भाव के मुकाबले करीब 40.8% की संभावित गिरावट दिखाता है।

कंपनी की खूबियां भी गिनाईं

Kotak ने माना कि Solar Industries देश की सबसे बड़ी निजी इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव बनाने वाली कंपनी है। साथ ही यह देश की सबसे तेजी से बढ़ती डिफेंस कंपनियों में भी शामिल है।

कंपनी सिर्फ विस्फोटक ही नहीं बनाती। इसके पोर्टफोलियो में इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव, हाई-एनर्जी मैटेरियल, पिनाका रॉकेट सिस्टम, लोइटरिंग म्यूनिशन और गोला-बारूद जैसे कई डिफेंस प्रोडक्ट भी शामिल हैं।

ग्रोथ को लेकर क्या है अनुमान?

ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2030 के बीच कंपनी का PAT (टैक्स के बाद मुनाफा) सालाना औसतन 28% (CAGR) की दर से बढ़ सकता है।

इसके पीछे कई वजहें हैं। डिफेंस कारोबार में करीब 35% CAGR की ग्रोथ का अनुमान है। वहीं, 10 देशों में फैले अंतरराष्ट्रीय कारोबार से 26% CAGR की उम्मीद है। इसके अलावा बिजनेस मिक्स बेहतर होने से कंपनी के मार्जिन में भी सुधार हो सकता है।

फिर ‘Sell’ रेटिंग क्यों दी?

इतनी मजबूत ग्रोथ का अनुमान होने के बावजूद Kotak ने शेयर खरीदने की सलाह नहीं दी। उनसे इसका कारण भी बताया है।

ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की मौजूदा कीमत में भविष्य की ग्रोथ पहले ही शामिल हो चुकी है। अभी Solar Industries का शेयर वित्त वर्ष 2028 के अनुमानित मुनाफे के करीब 55 गुना वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है। ऐसे में मौजूदा स्तर पर निवेशकों को जोखिम के मुकाबले आकर्षक रिटर्न मिलने की संभावना कम दिखती है।

कौन-कौन से जोखिम हैं?

Kotak ने कंपनी के सामने कुछ अहम चुनौतियों का भी जिक्र किया है। माइनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की मांग में उतार-चढ़ाव का असर कारोबार पर पड़ सकता है। सरकारी डिफेंस ऑर्डर एक साथ और अनियमित तरीके से मिलते हैं, इसलिए कमाई में भी उतार-चढ़ाव आ सकता है।

इसके अलावा एक्सप्लोसिव कारोबार से जुड़े नियामकीय नियम, MALE UAV और काउंटर-ड्रोन सिस्टम जैसी नई डिफेंस टेक्नोलॉजी में विस्तार से जुड़े जोखिम भी मौजूद हैं।

ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि कंपनी के करीब 35% रेवेन्यू विदेशी बाजारों से आते हैं। वहीं, डिफेंस ऑर्डर बुक का भी बड़ा हिस्सा निर्यात पर निर्भर है। ऐसे में किसी भी भू-राजनीतिक तनाव का असर कंपनी के कारोबार पर पड़ सकता है।

सोलर इंडस्ट्रीज के शेयरों का हाल

सोलर इंडस्ट्रीज के शेयर गुरुवार को 3.26% की गिरावट के साथ 17,385 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में इसने 31.79% का रिटर्न दिया है। वहीं, 5 साल के दौरान इसने 980% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.57 लाख करोड़ रुपये है।

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