₹82 हजार करोड़ की बारिश, 25 सितंबर के बाद Nifty आज 23100 के पार बंद, लगातार दूसरे दिन Sensex ग्रीन

Share Market Rally: वैल्यू बाइंग और आईटी सेक्टर में खरीदारी के दम पर शुरुआती उठा-पटक से उबरते हुए सेंसेक्स और निफ्टी ने निचले स्तर से शानदार रिकवरी की। दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स 766 प्वाइंट्स ऊपर चढ़ा तो निफ्टी भी 23100 के पार पहुंच गया। इससे पहले निफ्टी ने आखिरी बार 25 सितंबर को 23100 का लेवल छुआ था और इसी के पार बंद भी हुआ था। हालांकि ब्रोडर लेवल की रिकवरी फेल हो गई। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 रेड से ग्रीन हुए और फिर लाल हो गए और रेड जोन में ही बंद हुए। इस मिले-जुले माहौल में बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज ₹82 हजार करोड़ से अधिक बढ़ गई।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज आईटी सेक्टर से मजबूत सपोर्ट मिला, जिसका निफ्टी इंडेक्स करीब 4% मजबूत हुआ। साथ ही बैंकिंग शेयरों ने भी शानदार वापसी की और मार्केट को सपोर्ट किया। निफ्टी पीएसयू बैंक शुरुआती गिरावट से उबरते हुए आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुआ और निफ्टी प्राइवेट बैंक में भी बढ़त रही। निफ्टी मेटल तो करीब 1% मजबूत हुआ। वहीं दूसरी तरफ एफएमसीजी और फार्मा सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स लाल बंद हुए।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 16 अक्टूबर को सेंसेक्स (Sensex) 413.66 प्वाइंट्स यानी 0.56% की बढ़त के साथ 74,729.27 और निफ्टी भी 148.80 प्वाइंट्स यानी 0.65% की मजबूती के साथ 23,146.15 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 765.79 प्वाइंट्स रिकवर होकर 74,778.78 और निफ्टी दिन के निचले स्तर से 236.05 प्वाइंट्स उबरते हुए 23,149.85 तक पहुंच गया। इससे पहले सेंसेक्स 302.62 प्वाइंट्स गिरकर 74,012.99 और निफ्टी 83.55 प्वाइंट्स फिसलकर 22,913.80 तक आया था।

₹82 हजार करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 15 अक्टूबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,71,83,561.46 करोड़ था। आज यानी 16 अक्टूबर 2026 को यह बढ़कर ₹4,72,66,122.04 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹82,560.57 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है।

Sensex के 18 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 18 आज ग्रीन रहे। सबसे अधिक तेजी आज टेक महिंद्रा, टीसीएस और इंफोसिस में रही तो दूसरी तरफ इंडिगो में आज सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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126 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4616 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2404 शेयर आज मजबूत हुए तो 1962 में गिरावट रही जबकि 250 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 126 शेयर एक साल के हाई और 127 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 8 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 40 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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इन चार वजहों से आज सेंसेक्स-निफ्टी में हुई तेज रिकवरी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bajaj Finance-M&M के चलते Sensex लाल, Nifty कमजोर, ₹43 हजार करोड़ घटी निवेशकों की दौलत

Sensex-Nifty closed red: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच घरेलू स्टॉक मार्केट में भी आज शुरुआती हल्की उठा-पटक के बाद तेज गिरावट दिखी। सेंसेक्स डे-हाई से 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया और निफ्टी भी 22600 के नीचे आ गया और रेड जोन में बंद भी हुए। ब्रोडर लेवल पर भी रौनक गायब हो गई और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 रेड जोन में बंद हुए। इस दबाव में आज बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹43 हजार करोड़ से अधिक कम हो गया यानी कि निवेशकों की दौलत ₹43 हजार करोड़ से अधिक घट गई।

सेक्टरवाइज मार्केट को आईटी और एफएमसीजी सेक्टर ने ऊपर ले जाने की कोशिश की और इनके निफ्टी इंडेक्स 1-1% से अधिक ऊपर चढ़े। हालांकि फार्मा और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर ने मार्केट पर काफी दबाव बनाया। निफ्टी फार्मा 1% से अधिक तो निफ्टी प्राइवेट बैंकों आधे फीसदी से अधिक कमजोर हुआ। निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑटो भी करीब 1% कमजोर हुआ।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें आज 14 अक्टूबर को सेंसेक्स (Sensex) 251.89 प्वाइंट्स यानी 0.34% की गिरावट के साथ 72,781.89 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.25 प्वाइंट्स यानी 0.44% की फिसलन के साथ 22,622.70 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में बात करें तो सेंसेक्स 161.48 प्वाइंट्स चढ़कर 73,195.26 तक पहुंचा था जिससे फिर यह 616.51 प्वाइंट्स फिसलकर 72,578.75 तक आ गया और निफ्टी भी पहले 36.00 प्वाइंट्स चढ़कर 22,757.95 तक पहुंचा, जहां से यह 199.00 प्वाइंट्स टूटकर 22,558.95 तक आ गया था।

डूबे निवेशकों के ₹43 हजार करोड़

एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 अक्टूबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,70,91,742.63 करोड़ था। आज यानी 14 अक्टूबर 2026 को यह घटकर ₹4,70,47,768.69 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹43,973.94 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 11 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 11 आज बढ़त के साथ बंद हुए। सबसे अधिक तेजी आज इंफोसिस, टेक महिंद्रा और टीसीएस में रही। वहीं दूसरी तरफ बजाज फाइनेंस, एमएंडएम और बजाज फिनसर्व में आज सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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126 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4578 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2563 शेयर आज मजबूत हुए तो 1810 में गिरावट रही जबकि 205 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 126 शेयर एक साल के हाई और 103 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 5 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 43 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

12 अक्टूबर से शुरू हफ्ते में SBI Funds Management समेत 14 कंपनियों का लॉक इन खत्म, ₹2931 करोड़ के शेयर होंगे फ्री

12 अक्टूबर से शुरू हफ्ते में 14 कंपनियों का शेयरहोल्डर लॉक-इन खत्म हो रहा है। ट्रेड के लिए फ्री होने वाले शेयरों की कुल वैल्यू शुक्रवार, 9 अक्टूबर के क्लोजिंग प्राइस के आधार पर 2,931 करोड़ रुपये है। नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च के अनुसार, जिन कंपनियों की लिस्टिंग पिछले एक से तीन महीनों में हुई है, उनमें से ज्यादातर का लॉक-इन इस मौजूदा हफ्ते में खत्म हो रहा है। 14 कंपनियों में से 6 कंपनियों का लॉक-इन सोमवार, 12 अक्टूबर को और 6 का गुरुवार, 15 अक्टूबर को खत्म होगा। बाकी दो कंपनियों का लॉक-इन शुक्रवार, 16 अक्टूबर को खत्म होगा।

ध्यान रहे कि शेयरहोल्डर लॉक-इन पीरियड खत्म होने का मतलब यह नहीं है कि फ्री होने वाले सभी शेयर ओपन मार्केट में बेच ही दिए जाएंगे। वे बस ट्रेडिंग के लिए पात्र हो जाते हैं।

12 अक्टूबर को खत्म होने रहे लॉक-इन्स

सोमवार को कनोहर इलेक्ट्रिकल्स, प्रसोल केमिकल्स, ग्लास वॉल सिस्टम्स, प्रणव कंस्ट्रक्शन्स, लेजर पावर एंड इंफ्रा और कुसुमगर का लॉक-इन खत्म हो रहा है। इसके बाद इन कंपनियों के 779.5 करोड़ रुपये के शेयर ट्रेड के लिए फ्री हो जाएंगे।

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15 अक्टूबर को खत्म होने रहे लॉक-इन्स

15 अक्टूबर को रेंटोमोजो, करमतारा इंजीनियरिंग, एलसीसी प्रोजेक्ट्स, स्टीमहाउस इंडिया, मणिपाल पेमेंट्स और एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी के शेयरहोल्डर्स के लिए लॉक-इन खत्म होने वाला है। इसके बाद 900 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर ट्रेड के लिए पात्र हो जाएंगे।

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Stocks to Watch: DMart, Infosys, Meesho और Lenskart समेत 30 स्टॉक्स फोकस में; दो शेयरों का पहला दिन आज

16 अक्टूबर

SBI फंड्स मैनेजमेंट का 3 महीने का शेयरहोल्डर लॉक-इन 16 अक्टूबर को खत्म हो रहा है। नुवामा अल्टरनेटिव के अनुसार, इसके बाद कंपनी के 2.32 करोड़ शेयर ट्रेड किए जाने के लिए पात्र हो जाएंगे। शुक्रवार के क्लोजिंग प्राइस के आधार पर, इन शेयरों की वैल्यू 1,160 करोड़ रुपये है। SBI फंड्स मैनेजमेंट के अलावा 16 अक्टूबर को वीगालैंड डेवलपर्स के 30 करोड़ रुपये के शेयरों का भी एक महीने का लॉक इन खत्म होगा।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Gain: बाजार में तेजी लौटी, सेंसेक्स 438 अंक तक उछला, निवेशकों की दौलत ₹66563 करोड़ बढ़ी

गुरुवार को भारी बिकवाली के बाद भारतीय शेयर बाजारों में शुक्रवार, 9 अक्टूबर को तेजी ने फिर दस्तक दी। सेंसेक्स हरे निशान में खुला और चंद पलों में पिछली क्लोजिंग से 438.43 अंक तक चढ़कर 72,036.03 के हाई तक गया। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 66,563 करोड़ रुपये बढ़ गया। इसी तरह निफ्टी भी बढ़त में खुलने के बाद पिछली क्लोजिंग से 151.65 अंक तक चढ़कर 22,383.45 के हाई तक गया।

गुरुवार को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,62,33,248.126 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट खुलने के कुछ ही देर में यह 4,62,99,811.44 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 66,563.314 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी।

एक दिन पहले कैसी रही थी चाल

गुरुवार, 8 अक्टूबर को घरेलू शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट रही थी। यह काफी तगड़ी थी। सेंसेक्स 1,045.46 अंक या 1.44 प्रतिशत का गोता लगाकर ढाई साल से अधिक के निचले स्तर 71,593.24 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,310.95 अंक तक लुढ़क गया था। निफ्टी 371.25 अंक या 1.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 21 महीने के निचले स्तर 22,231.80 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी 423.15 अंक तक लुढ़का था।

कच्चे तेल के दाम में तेजी और घरेलू व वैश्विक स्तर पर मौद्रिक नीति के और सख्त होने की आशंका के चलते ऐसा हुआ। भारतीय रिजर्व बैंक ने अक्टूबर की मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू मीटिंग में रेपो रेट को 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया है।

Stocks to Watch: 9 अक्टूबर को TCS, Wipro, Infosys, JSW Steel, NCC समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर, दिख सकती है बड़ी उठापटक

रुपये की चाल

शुक्रवार को भारतीय करेंसी रुपये में तेजी है। यह शुरुआती कारोबार में 23 पैसे मजबूत होकर 96.65 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। एक दिन पहले रुपया, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 13 पैसे की गिरावट के साथ 96.88 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों समेत लगातार बने व्यापक आर्थिक दबाव के कारण रुपये में गिरावट आई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 9 अक्टूबर को TCS, Wipro, Infosys, JSW Steel, NCC समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर, दिख सकती है बड़ी उठापटक

शुक्रवार, 9 अक्टूबर को कई शेयर फोकस में रहने वाले हैं। लिस्ट में TCS, JSW स्टील, P N गाडगिल ज्वेलर्स, NCC, पेस डिजिटेक, ITC जैसे कई नाम शामिल हैं। इन शेयरों में बड़ी उठापटक दिख सकती है। वजह हैं- तिमाही नतीजे, तिमाही बिजनेस अपडेट, कारोबार से जुड़े डेवलपमेंट्स, नई डील या कॉन्ट्रैक्ट, आदि। इसके अलावा शुक्रवार को SME सेगमेंट में 3 कंपनियों की लिस्टिंग होने वाली है। साथ ही कुछ शेयर एक्स-डिविडेंड और एक्स-बोनस ट्रेड करने वाले हैं। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के नतीजे

पूनावाला फिनकॉर्प, केनरा HSBC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी, आनंद राठी वेल्थ, कैन फिन होम्स, वॉटरवेज लीजर टूरिज्म, हैथवे भवानी केबलटेल एंड डेटाकॉम

10 अक्टूबर को इन कंपनियों के आएंगे नतीजे

एवेन्यू सुपरमार्ट्स, LCC इन्फोटेक, प्रीमियर पॉलीफिल्म

शुक्रवार को इन शेयरों पर रहेगी नजर

IT कंपनियों के शेयर: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने माइक्रोसॉफ्ट, TCS, HCL Technologies और इंफोसिस समेत कई टेक कंपनियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। अमेरिका ने इन कंपनियों को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड कर दिया है। प्रशासन का आरोप है कि इन कंपनियों ने H-1B वर्कर वीजा सिस्टम का बड़े पैमाने पर गलत इस्तेमाल किया।

TCS: जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही (Q2) में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 15% बढ़कर 13,884 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 11.2% बढ़कर 73,188 करोड़ रुपये रहा। EBIT 6% बढ़कर 17,553 करोड़ रुपये और EBIT मार्जिन घटकर 23.98% रहा। कंपनी ने प्रति शेयर 12 रुपये के दूसरे अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है।

P N Gadgil Jewellers: Q2 में रेवेन्यू सालाना आधार पर 22.4% बढ़ा। रिटेल सेगमेंट में 31.1% की बढ़ोतरी हुई, जिसमें सेम-स्टोर सेल्स में 25.5% की अच्छी बढ़ोतरी शामिल है। फ्रैंचाइजी बिजनेस में 34.7% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं ई-कॉमर्स सेगमेंट में 83.6% की गिरावट आई।

JSW Steel: Q2 में कंसोलिडेटेड क्रूड स्टील प्रोडक्शन सालाना आधार पर 5% बढ़कर 7.27 मिलियन टन हो गया। भारत में क्रूड स्टील प्रोडक्शन 5% बढ़कर 7.07 मिलियन टन रहा।

IRB Infrastructure Developers: सितंबर महीने में टोल से होने वाली कमाई सालाना आधार पर 24.1% बढ़कर ₹772.5 करोड़ हो गई।

SML Mahindra: सितंबर महीने में कमर्शियल वाहनों का प्रोडक्शन सालाना आधार पर 19.83% बढ़कर 1,257 यूनिट रहा। कमर्शियल वाहनों की बिक्री 31.90% बढ़कर 1,071 यूनिट पर पहुंच गई। कमर्शियल वाहनों का एक्सपोर्ट 61.59% घटकर 53 यूनिट रह गया।

Waaree Renewable Technologies: कंपनी को एक पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) से 5 MWp ग्रिड-कनेक्टेड सोलर फोटोवोल्टिक (PV) प्रोजेक्ट के लिए टर्नकी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) काम का लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LoA) मिला है। इसमें 10 साल के लिए ऑपरेशन और मेंटेनेंस सर्विस भी शामिल है।

NCC: कंपनी को हैदराबाद ग्रोथ कॉरिडोर से ₹1,286.03 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट के लिए लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LoA) मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट तेलंगाना में NH-167N पर बडवेल के पास आउटर रिंग रोड (ORR) से नचाराम तक रेडियल रोड-2 के निर्माण के लिए है (पैकेज 1: बडवेल से शबाद)।

Hexaware Technologies: कंपनी ने एंथ्रोपिक (Anthropic) के साथ कई सालों की पार्टनरशिप की घोषणा की है और एंथ्रोपिक के ‘Claude पार्टनर नेटवर्क’ में एक पसंदीदा पार्टनर बन गई है। इस पार्टनरशिप के तहत Claude को हेक्सावेयर के दो प्लेटफॉर्म्स में शामिल किया जाएगा: AI-नेटिव इंजीनियरिंग प्लेटफॉर्म- Zerovity और एजेंट-बिल्डिंग और गवर्नेंस प्लेटफॉर्म- AgentVerse।

KEC International: कंपनी को अपने ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन, रिन्यूएबल्स, और केबल्स व कंडक्टर्स बिजनेस में ₹1,030 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। इन ऑर्डर्स के साथ, इस साल अब तक मिले ऑर्डर्स की कुल वैल्यू ₹8,600 करोड़ से ज्यादा हो गई है।

Pace Digitek: कंपनी को BSES राजधानी पावर (BSES) से दिल्ली में 57.5 MW/115 MWh स्टैंडअलोन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के डेवलपमेंट के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) मिला है। यह प्रोजेक्ट 12 साल के ‘बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर’ (BOOT) मॉडल के तहत डेवलप किया जाएगा, जिसमें लगभग ₹179.4 करोड़ का खर्च आएगा।

Trading Plan : JM फाइनेंशियल के जय मेहता से जानें, क्या भारी बिकवाली के बाद निफ्टी और बैंक निफ्टी में हो सकती है रिकवरी

बल्क और ब्लॉक डील्स

One Mobikwik Systems: बैंक ऑफ इंडिया स्मॉल कैप फंड ने 10.78 करोड़ रुपये में 4.48 लाख इक्विटी शेयर खरीदे हैं।

Eimco Elecon: एनिग्मा स्मॉल अपॉर्चुनिटीज फंड ने 10.47 करोड़ रुपये में 47,141 शेयर खरीदे हैं।

ITC: GQG पार्टनर्स इमर्जिंग मार्केट्स इक्विटी फंड ने 36.5 करोड़ इक्विटी शेयर 9,395.44 करोड़ रुपये में बेचे हैं। इसके अलावा, एलायंस विटन PLC ने कंपनी में 16.11 लाख शेयर 41.46 करोड़ रुपये में बेचे हैं। खबरों के मुताबिक, GQG पार्टनर्स और एलायंस विटन ने कुल 2.92 प्रतिशत हिस्सेदारी 14 ग्लोबल और घरेलू इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स को बेची।

AAA Technologies: संस्थागत निवेशक नॉटिलस प्राइवेट कैपिटल ने 4.19 करोड़ रुपये में 4.05 लाख शेयर बेचे हैं।

SME लिस्टिंग

पैरामाउंट सिंटेक्स

एक्मे इंडिया इंडस्ट्रीज

TNA सॉल्यूशंस

ये शेयर करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

एक्सेलिया सॉल्यूशंस इंडिया

स्काईवेज एयर सर्विसेज

कैस्पियन कॉर्पोरेट सर्विसेज

अमेरिका ने माइक्रोसॉफ्ट, TCS, विप्रो, इंफोसिस को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड किया, H-1B के दुरुपयोग का आरोप

बोनस के लिए ये स्टॉक्स करेंगे एक्स-ट्रेड

मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज

मोल्ड-टेक पैकेजिंग

बाय-बैक के लिए ये शेयर करेंगे एक्स-ट्रेड

ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया

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अमेरिका ने माइक्रोसॉफ्ट, TCS, विप्रो, इंफोसिस को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड किया, H-1B के दुरुपयोग का आरोप

ट्रंप प्रशासन ने माइक्रोसॉफ्ट, TCS और इंफोसिस समेत कई टेक कंपनियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। अमेरिका ने इन कंपनियों को एक इमिग्रेशन प्रोग्राम से सस्पेंड कर दिया है। प्रशासन का आरोप है कि इन कंपनियों ने वर्कर वीजा सिस्टम का बड़े पैमाने पर गलत इस्तेमाल किया।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार को वॉशिंगटन में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से अमेरिका में किसी कंपनी ने इस सिस्टम का माइक्रोसॉफ्ट से ज्यादा गलत इस्तेमाल नहीं किया है।

Infosys, Wipro और HCL भी कार्रवाई के दायरे में

अमेरिकी श्रम सचिव Keith Sonderling ने बताया कि Microsoft के अलावा कई दूसरी टेक कंपनियों पर भी कार्रवाई हुई है। इनमें Cognizant Technology Solutions, Infosys, TCS, Wipro, HCL Technologies और Capgemini शामिल हैं।

Sonderling ने कहा कि इस मामले में कई संघीय जांच चल रही हैं। जिस प्रोग्राम पर कार्रवाई हुई है, वह अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों के लिए स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड स्पॉन्सर करने में मदद करता है।

ट्रंप प्रशासन क्यों सख्त हुआ?

ट्रंप प्रशासन लंबे समय से इमिग्रेशन सिस्टम पर सख्ती की बात करता रहा है। अब कानूनी और गैर-कानूनी दोनों रास्तों से होने वाले प्रवासन पर कार्रवाई बढ़ाई जा रही है।

H-1B वीजा प्रोग्राम भी लंबे समय से ट्रंप के समर्थकों के निशाने पर है। उनका कहना है कि इस प्रोग्राम से अमेरिकी कर्मचारियों के रोजगार के अवसर प्रभावित होते हैं।

ट्रंप समर्थक यह भी आरोप लगाते रहे हैं कि H-1B सिस्टम में बड़े पैमाने पर गलत इस्तेमाल होता है। इसी वजह से यह प्रोग्राम अमेरिकी इमिग्रेशन पॉलिसी की बहस में लगातार बना हुआ है।

कंपनियों के लिए क्या मतलब है?

इस फैसले से सबसे बड़ी चिंता विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका में लंबे समय तक रखने की प्रक्रिया को लेकर है। ग्रीन कार्ड स्पॉन्सरिंग पर असर पड़ने से कंपनियों के लिए विदेशी कर्मचारियों की लॉन्ग टर्म प्लानिंग मुश्किल हो सकती है।

इसका असर खासकर उन भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ सकता है, जिनका अमेरिकी कारोबार बड़ा है और जो बड़ी संख्या में भारतीय टेक प्रोफेशनल्स को अमेरिका में भेजती हैं। हालांकि, इस फैसले का वास्तविक वित्तीय असर कितना होगा, यह आगे होने वाली संघीय जांच और सरकार के अगले कदमों पर निर्भर करेगा।

ऑनलाइन शॉपिंग की डिलीवरी महंगी होगी? GST काउंसिल ने 5% टैक्स का प्रस्ताव दिया

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Market View : 500-700 अंक और गिर सकता है निफ्टी, सोमवार को इन दो शेयरों पर रहे नजर

Market View : शुरुआती गिरावट के बाद बाजार ने कल गुरुवार को निचले स्तरों से रिकवरी तो की,लेकिन दबाव कम नहीं हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स-निफ्टी निचले स्तरों से सुधरकर बंद हुए,मगर सेंसेक्स 31 महीने के निचले स्तर पर क्लोज हुआ। कल इसमें 14 फरवरी 2024 के बाद की सबसे निचली क्लोजिंग देखने को मिली। वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट का दबाव रहा। IT को छोड़ सभी सेक्टर इंडेक्स में दबाव में रहे। ऑटो,मेटल और FMCG शेयरों में दबाव देखने को मिला। FIIs की बिकवाली जारी रही। इन्होंने 10,041.84 करोड़ रुपए की बिकवाली की। वहीं, DIIs की तरफ से बाजार को सपोर्ट जारी रहा। इन्होंने 9484.22 करोड़ रुपए की खरीदारी की।

बाजार अगले हफ्ते

अब सवाल ये है कि जब लॉन्ग वीकेंड के बाद अगले हफ्ते बाजार खुलेगा तो किस तरह का एक्शन देखने को मिल सकता है? क्या ट्रेंड है जो आप ध्यान में रख सकते हैं? इसका जवाब देते हुए त्रिशक्ति एसोसिएट्स (Trishakti associates)के पवन माहेश्वरी ने कहा कि मार्केट ने इस पूरे वीक में एक अच्छी लाल कैंडल बनाई है। इसके अलावा 8 हफ्ते से बैंक टू बैक रेड कैंडल्स ही बन रही हैं। लेकिन कल जो मार्केट में हुआ वह एक ध्यान में रखने वाली बात है। 2:30 बजे के आसपास में बाजार ने 22200 पर सपोर्ट लिया जो मल्टीपल टाइम टेस्ट हो चुका है। वहां से एक सपोर्ट लेकर निफ्टी 22400 के आसपास टिका रहा। तो ऐसा लगता है कि 22200-22180 के आसपास निफ्टी की लोअर रेंज रह सकती है जिसको स्टॉप लॉस रखते हुए बाजार में लॉन्ग के ट्रेड्स लिए जा सकते हैं और इंडेक्स में खरीदारी की जा सकता है। अगर सोमवार को निफ्टी इन लेवल्स को बचाए नहीं रख पाता तो फिर बाजार और टूट सकता है। इसके चलते निफ्टी में 500-700 अंक तक की और गिरावट दिखाई दे सकती है।

पवन माहेश्वरी की टॉप पिक्स

अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए पवन माहेश्वरी ने कहा कि कल के क्लोजिंग सेशन में बैंक और आईटी सेक्टर ने जिस तरह का मूवमेंट दिया है उसको देखते हुए इन सेक्टरों पर फोकस रहना चाहिए। Infosys ने कल गुरुवार को काफी स्ट्रांग कैंडल बनाई है जिसमें वॉल्यूम्स भी अच्छे रहे हैं। इसको देखते हुए इंफोसिस में खरीदारी की सलाह है। Infosys में ₹980 के स्टॉप लॉस के साथ, ₹1250 तक के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।

दूसरा अगर आप देखें तो कल के मार्केट में लास्ट के एक घंटे के अंदर IDBI बैंक ने भी काफी अच्छा मूव दिया है। पिछले तीन-चार महीने से यह शेयर धीरे-धीरे ऊपर की तरफ ही बढ़ता रहा है। इस शेयर में भी ₹80 के स्टॉप लॉस के साथ, ₹105 तक के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।

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Stocks to Watch: 1 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 10 स्टॉक्स, IRFC से वारी एनर्जीज तक शामिल

Stocks to Watch: गुरुवार 1 अक्टूबर को कुछ स्टॉक्स में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। Infosys, IRFC, Waaree Energies और Jio Financial Services समेत 10 कंपनियों से जुड़े अहम अपडेट सामने आए हैं। किसी को नया कॉन्ट्रैक्ट मिला है, तो किसी ने कारोबार से जुड़ा बड़ा फैसला लिया है।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank ने वी एन श्रीवत्सन को नया चीफ कंप्लायंस ऑफिसर नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल तीन साल का होगा और यह बैंक में जॉइन करने की तारीख से शुरू होगा। श्रीवत्सन के 4 जनवरी 2027 को बैंक जॉइन करने की उम्मीद है और वह फुल-टाइम कर्मचारी होंगे।

Infosys

आईटी कंपनी Infosys और Dutch बैंक ABN AMRO ने अपनी स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप बढ़ाई है। दोनों मिलकर बैंक के कारोबार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल बढ़ाने पर काम करेंगे। इसका मकसद बैंक के अलग-अलग कामों में AI का इस्तेमाल बढ़ाना है।

Highway Infrastructure

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Highway Infrastructure ने ₹220.66 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। यह कॉन्ट्रैक्ट UPEIDA से मिला है। इसके तहत कंपनी गोरख Gorakhpur Link Expressway पर यूजर फीस कलेक्शन और टोल प्लाजा का ऑपरेशन करेगी।

Jio Financial Services

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Jio Financial Services और Allianz Europe ने Jio Allianz General Insurance में ₹320.05 करोड़-₹320.05 करोड़ निवेश किया है। दोनों कंपनियों ने राइट्स इश्यू के जरिए ₹10 के 32,00,50,000 इक्विटी शेयर खरीदे हैं। इस जॉइंट वेंचर में दोनों की 50:50 हिस्सेदारी है और कुल निवेश ₹640.10 करोड़ है।

Blue Dart Express

लॉजिस्टिक्स कंपनी Blue Dart Express घरेलू शिपिंग की कीमतें बढ़ाएगी। 1 जनवरी 2027 से अलग-अलग प्रोडक्ट और ग्राहक प्रोफाइल के हिसाब से चार्ज 9% से 12% तक बढ़ेंगे। कंपनी ने बढ़ती ऑपरेटिंग लागत के बीच यह फैसला लिया है।

IRFC

सरकारी रेलवे फाइनेंस कंपनी IRFC को बिहार टैक्स अथॉरिटी से ₹396.91 करोड़ का शो-कॉज नोटिस मिला है। यह नोटिस वित्त वर्ष 2022-23 के GST से जुड़े मामलों में जारी हुआ है। कंपनी को इस मामले में अपना जवाब देना होगा।

Waaree Energies

सोलर और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Waaree Energies की सब्सिडियरी Waaree Power ने 1.10 GW क्षमता वाली नई सोलर इन्वर्टर मैन्युफैक्चरिंग लाइन शुरू की है। यह लाइन गुजरात के वलसाड स्थित सरोधी प्लांट में लगी है। इसके शुरू होने के बाद कंपनी की कुल सोलर इन्वर्टर क्षमता 3.05 GW से बढ़कर 4.15 GW हो गई है।

Bata India

फुटवियर कंपनी Bata India में मैनेजमेंट बदलाव हुआ है। Gunjan Shah ने 30 सितंबर 2026 को Managing Director और CEO के पद से कार्यकाल पूरा कर लिया। अब Sanjay S. Rao 1 अक्टूबर 2026 से MD और CEO की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका कार्यकाल 23 अगस्त 2031 तक रहेगा।

NCC

इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन कंपनी NCC को सितंबर 2026 में दो नए ऑर्डर मिले हैं। इनकी कुल वैल्यू ₹500.22 करोड़ है। यह रकम GST को छोड़कर है।

Kalyan Jewellers India

ज्वेलरी कंपनी Kalyan Jewellers India ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में 783.25 सेंट की प्रॉपर्टी ₹86.16 करोड़ में बेची है। यह प्रॉपर्टी थुडियालुर, सरवनमपट्टी रोड, चिन्नावेदमपट्टी में है। कंपनी ने 30 सितंबर 2026 को बिक्री डीड पूरी की और प्रॉपर्टी चेन्नई की Shivasakthi Real Estates को बेची है।

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Promoter Selling Stock: 6 महीने में 150% चढ़ा EMS कंपनी का स्टॉक, अब प्रमोटर्स बेच सकते हैं 6% हिस्सेदारी

Promoter Selling Stock: इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज यानी EMS कंपनी Avalon Technologies में बड़ी ब्लॉक डील हो सकती है। प्रमोटर ग्रुप के Bhaskar Srinivasan, BBS Family Trust और KBS Family Trust कंपनी में 6% तक हिस्सेदारी बेच सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक इस डील की वैल्यू करीब ₹861.9 करोड़ हो सकती है।

₹2,150 से ₹2,302 हो सकता है भाव

डील के लिए ₹2,150 से ₹2,302 प्रति शेयर का प्राइस बैंड बताया गया है। यह कंपनी के मौजूदा बाजार भाव से अधिकतम करीब 6.6% डिस्काउंट पर हो सकता है। डील में विक्रेताओं के लिए 180 दिन का लॉक-अप पीरियड भी रहेगा। यानी इस दौरान वे आगे शेयर नहीं बेच सकेंगे।

Nomura ने बढ़ाया टारगेट

इसी महीने ब्रोकरेज फर्म Nomura ने Avalon Technologies पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹2,211.24 से बढ़ाकर ₹2,767.32 कर दिया है।

यह शुक्रवार के ₹2,196.60 के क्लोजिंग भाव से करीब 26% ज्यादा है। ये टारगेट शेयर को कवर करने वाले सभी ब्रोकरेज में सबसे ज्यादा है।

Zollner के साथ जॉइंट वेंचर

Nomura के मुताबिक Avalon का यूरोप की Zollner के साथ प्रस्तावितजॉइंट वेंचर कंपनी के लिए अहम हो सकता है। इससे यूरोप में एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज के कारोबार में कंपनी की पहुंच बढ़ेगी। साथ ही नए ग्लोबल ग्राहक जुड़ सकते हैं।

ब्रोकरेज के मुताबिक इस साझेदारी से Avalon को यूरोप में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का मौका मिलेगा। कंपनी हेल्थकेयर, लाइफ साइंसेज और टेस्ट एंड मेजरमेंट जैसे सेगमेंट में भी प्रवेश कर सकती है।

एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई

Bloomberg के आंकड़ों के मुताबिक Avalon Technologies को कवर करने वाले 19 एनालिस्ट्स में 9 ने Buy रेटिंग दी है। वहीं 4 एनालिस्ट्स ने Hold और 6 ने Sell रेटिंग दी है।

यानी शेयर को लेकर ब्रोकरेज की राय एक जैसी नहीं है। कुछ एनालिस्ट्स कंपनी के विस्तार और जॉइंट वेंचर को लेकर पॉजिटिव हैं, जबकि कुछ शेयर पर अलग नजरिया रखते हैं।

Avalon के शेयरों का हाल

Avalon Technologies का शेयर मंगलवार को BSE पर 1.37% की तेजी के साथ ₹2,340 पर बंद हुआ। पिछले महीने में स्टॉक ने करीब 150% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। वहीं बीते 5 साल में यह 479% बढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 15.66 हजार करोड़ रुपये है।

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