पाकिस्तान- 200 साल पुराने हिंदू मंदिर को तोड़ने की कोशिश:कमर्शियल प्लाजा बनाने के लिए राम लीला मंदिर को गिराने का आरोप

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में करीब 200 साल पुराने रामलीला मंदिर को तोड़ने की कोशिश की गई। आरोप है कि मंदिर की जगह कमर्शियल प्लाजा बनाने के लिए यह कदम उठाया गया। हिंदू समुदाय और सामाजिक कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद स्थानीय प्रशासन ने शनिवार को मंदिर को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) ने इसे सील कर दिया। यह मंदिर डेरा इस्माइल खान शहर के रहीम बाजार इलाके में स्थित है। डेरा सिविल सोसाइटी और स्थानीय व्यापार संघ के अध्यक्ष सोहेल अहमद अजमी के मुताबिक, उन्हें मंदिर गिराने की जानकारी मिली तो वे दूसरे लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और काम रुकवाया। मंदिर की जमीन के मालिकाना हक की जांच की मांग घटना के बाद हिंदू समुदाय के सदस्यों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मंदिर की जमीन के मालिकाना हक और वहां व्यावसायिक निर्माण की वैधता की जांच कराने की मांग की। उन्होंने निर्वाचित प्रतिनिधियों से यह मामला पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में उठाने की अपील भी की। रामलीला मंदिर को डेरा इस्माइल खान की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत का हिस्सा माना जाता है। ETPB ने जिले की करीब 400 इमारतों को सांस्कृतिक विरासत के रूप में चिह्नित किया है। यह सरकारी संस्था बंटवारे के बाद भारत चले गए लोगों की छोड़ी संपत्तियों और अल्पसंख्यक समुदायों के धार्मिक स्थलों का प्रबंधन करती है। धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर उठे सवाल ऑल पाकिस्तान हिंदू राइट्स मूवमेंट के अध्यक्ष हारून सरब डायल ने धार्मिक स्थलों को विशेष सुरक्षा देने की मांग की है। उन्होंने 2013 से 2026 के बीच धार्मिक संपत्तियों पर कथित अवैध कब्जे और उनकी बिक्री की जांच कराने की भी अपील की। पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने भी धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर चिंता जताई है। आयोग की हालिया रिपोर्ट में हिंदू और ईसाई लड़कियों के अपहरण, जबरन शादी और धर्म परिवर्तन के मामलों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार का जिक्र किया गया है। आयोग ने धार्मिक संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की सिफारिश भी की है।

Stocks to Watch: फटाफट चेक करें पूरी लिस्ट; Hero Motors, Lemon Tree, BoB और Hyundai समेत 17 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों में रौनक के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 83.00 प्वाइंट्स यानी 0.36% की फिसलन के साथ 22,767.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 13 अक्टूबर को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स 1109.10 प्वाइंट्स यानी 1.54% की बढ़त के साथ 73,073.88 और निफ्टी भी 358.60 प्वाइंट्स यानी 1.60% की मजबूती के साथ 22,721.95 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Hero Motors Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर हीरो मोटर्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 115.3% बढ़कर ₹10.2 करोड़ और रेवेन्यू 24.9% उछलकर ₹319.3 करोड़ पर पहुंच गया।

Tata Elxsi Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टाटा एलेक्सी का प्रॉफिट 10% बढ़कर ₹170.3 करोड़ और रेवेन्यू 15% उछलकर ₹1,055.7 करोड़ पर पहुंच गया।

SS Retail Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एसएस रिटेल का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 59.4% बढ़कर ₹23.7 करोड़ और रेवेन्यू 58.6% उछलकर ₹789 करोड़ पर पहुंच गया।

Anand Rathi Share and Stock Brokers Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 50.3% बढ़कर ₹41.9 करोड़ और रेवेन्यू 20.3% उछलकर ₹273.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Transformers and Rectifiers India Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 135.3% बढ़कर ₹79.8 करोड़ और रेवेन्यू 60.7% उछलकर ₹739.4 करोड़ पर पहुंच गया।

GTPL Hathway Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जीटीपीएल हाथवे ₹9.2 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट से ₹90 लाख के घाटे में आ गई तो लेकिन रेवेन्यू 19.2% उछलकर ₹1,143.1 करोड़ पर पहुंच गया।

Den Networks Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर डेन नेटवर्क्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 3.7% बढ़कर ₹36.5 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन रेवेन्यू 3.7% फिसलकर ₹232.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Zydus Lifesciences

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने जाइडस लाइफसाइंसेज की अहमदाबाद के मोरैया में स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की जांच की। 5-13 अक्टूबर तक चली जांच के बाद पांच ऑब्जर्वेशंस जारी हुए हैं।

Hyundai Motor India

हुंडई मोटर ग्रुप ने भारत के लिए एक बड़ी निवेश योजना का ऐलान किया है, जिसके तहत 2026 और 2032 के बीच $1550 करोड़ का निवेश होगा।

Bharat Electronics Ltd (BEL)

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स को 17 सितंबर से ₹533 करोड़ के अतिरिक्त ऑर्डर मिले हैं। ये ऑर्डर्स कम्युनिकेशन इक्विपमेंट, एवियोनिक्स, साइबर सिक्योरिटी सॉल्यूशन, ड्रोन, जैमर, सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन, अपग्रेड, स्पेयर पार्ट्स और सर्विस से जुड़े हैं।

SBI Funds Management

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के बोर्ड ने आर एस श्रीनिवास जैन को 13 अक्टूबर से ज्वाइंट सीईओ नियुक्त किया है।

Bank of Baroda

यूएई एक्सचेंज और एनएमसी हेल्थकेयर ग्रुप के फाउंडर बीआर शेट्टी ने बैंक ऑफ बड़ौदा समेत 26 से $1500 करोड़ का हर्जाना मांगा है। उनका आरोप है कि सरकारी बैंक और उसके कुछ अधिकारी ग्रुप की कंपनियों से जुड़े फर्जीवाड़े में शामिल थे और उन गारंटी के आधार पर उनके खिलाफ दावे किए, जिन पर उन्होंने कभी साइन नहीं किए थे। उन्होंने मुकदमा दायर करने की तारीख से लेकर पेमेंट या वसूली की तारीख तक हर्जाने पर सालाना 18% की दर से ब्याज भी मांगा है।

Hindustan Oil Exploration Company

हिंदुस्तान ऑयल एक्सप्लोरेशन कंपनी के बोर्ड ने देबब्रत दास को 16 अक्टूबर से सीएफओ नियुक्त किया है। मौजूदा सीएफओ ने निजी कारणों से 15 अक्टूबर से CFO पद छोड़ने का फैसला किया है, लेकिन वह कंपनी के वित्तीय सलाहकार की भूमिका में कंपनी से जुड़े रहेंगे।

Adani Enterprises

अदाणी एंटरप्राइजेज ने देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर इक्विपमेंट बनाने और एसेंबली को लेकर जैबिल के साथ 50:50 जॉइंट वेंचर बनाएगी, जिसके लिए नॉन-बाइंडिंग एमओयू हुआ है।

Polycab India

NCLAT (नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल), नई दिल्ली ने NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ), अहमदाबाद के 7 अक्टूबर के उस आदेश पर रोक लगा दी है और उसे फिलहाल टाल दिया है, जिसमें एसियर मेटल्स की IBC (इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड) के तहत पॉलीकैब इंडिया के खिलाफ दायर याचिका को स्वीकार करने और CIRP (कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस) शुरू करने का निर्देश दिया गया था। यह मामला ₹2.79 करोड़ के ऑपरेशनल डेट से जुड़ा है।

Ujjivan Small Finance Bank

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के बोर्ड की 16 अक्टूबर को बैठक में कारोबारी नतीजे के साथ-साथ इक्विटी शेयरों के प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए फंड जुटाने पर भी विचार करेगा।

Lemon Tree Hotels

लेमनट्री होटल्स ने अपने होटल पोर्टफोलियो को बढ़ाते हुए ‘कीज सेलेक्ट बाय लेमन ट्री होटल्स’ की साइनिंग का ऐलान किया है। यह प्रॉपर्टी फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट के तहत ऑपरेट होगी।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी, एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज़, केनरा बैंक, बजाज कंज्यूमर केयर, भेल, आदित्य बिड़ला मनी, सिएट, एलेकॉन इंजीनियरिंग कंपनी, एमवी फोटोवोल्टिक पावर, बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (ग्रो), सोनासेलेक्शन इंडिया, टाटा टेक्नोलॉजीज, लीला पैलेस होटल्स एंड रिसॉर्ट्स

एक्स-डिविडेंड: टीसीएस, वेदांता

एक्स-राइट्स: कॉन्टिनेंटल कंट्रोल्स

एक्स-इनकम डिस्ट्रीब्यूशन: एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट

F&O बैन: अंबुजा सीमेंट्स, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

इंतजार की नसीहत, पर कीमत किसे चुकानी?

मजूदूर, नौजवान, वोट अधिकार के लिए लडता व्यक्ति तीनों नागरिक हैं। तीनों व्यवस्था से जवाब मांग रहे हैं। मगर व्यवस्था के पास समय ही समय है। वह विचार करती रह सकती है, फाइल चला सकती है, समिति बना सकती है, जांच बैठा सकती है। तब तक नागरिक के हाथ से अवसर निकल चुका होता है। एक तरफ प्रक्रिया पर अधिकार रखने वाली सत्ता है। दूसरी तरफ इंतजार की कीमत चुकाता नागरिक।… सड़क सत्ता को सुनने के लिए मजबूर कर सकती है। मगर सुनना, मानना और लागू करना तीन अलग-अलग बातें हैं।

जिस मजदूर की मजदूरी रोक दी गई है, उसे मस्टर रोल चाहिए। जिस नौजवान की परीक्षा रद्द हो गई है, उसे न्याय चाहिए, वह भी इससे पहले कि उसकी जिंदगी का एक और साल बर्बाद हो जाए। जिस मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से काट दिया गया है, उसे मतदान से पहले अपना नाम वापस चाहिए। जाहिर है 2014, 2019 और 2024 चुनाव हो जाने के बाद मिला आश्वासन फिर उसके किस काम का?

तीनों नागरिक हैं। तीनों व्यवस्था से जवाब मांग रहे हैं। मगर व्यवस्था के पास समय ही समय है। वह विचार करती रह सकती है, फाइल चला सकती है, समिति बना सकती है, जांच बैठा सकती है। तब तक नागरिक के हाथ से अवसर निकल चुका होता है। एक तरफ प्रक्रिया पर अधिकार रखने वाली सत्ता है। दूसरी तरफ इंतजार की कीमत चुकाता नागरिक।

नागरिक का समय घंटों में खर्च होता है। पढ़ाई के घंटे, कमाई के घंटे, परिवार की जिम्मेदारियों के घंटे। जबकि संस्थाओं का समय वर्षों में चलता है। उनके बजट सालाना हैं, नियुक्तियां वर्षों की हैं और जवाबदेही की कोई निश्चित घड़ी नहीं है। समय की यह असमानता ही सत्ता का ऐसा अवरोध है जिसे खड़ा करने के लिए पुलिस को बैरिकेड लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।

सत्ता और नागरिक के बीच शिकायत की राजनीति का यह सबसे पुराना सच है। दिल्ली के जंतर मंतर पर 10 अक्टूबर की लामबंदी ने इसी सच को फिर सामने ला दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांग रही है। इससे पहले इसी संगठन के आंदोलन के बाद एक केंद्रीय मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था। सरकार से समझौता भी हुआ था। मगर उस समझौते की शर्तें कितनी पूरी हुईं, यह सवाल अभी समाप्त नहीं हुआ है।

अब सवाल है कि इस नए आंदोलन की सफलता किससे मापी जाएगी? जंतर मंतर पर कितनी भीड़ जुटी, कितने नारे लगे, किसने इस्तीफा दिया? या इससे कि भीड़ के घर लौट जाने के बाद नागरिकों को वास्तव में क्या अधिकार मिले और उनके इस्तेमाल की क्या गारंटी बनी?

यहीं लोकतंत्र की एक पुरानी पहेली सामने आती है।

फ्रांसीसी विचारक एलेक्सिस द तोकविल ने अपने जीवन के अंतिम सक्रिय वर्षों में फ्रांसीसी क्रांति के इसी विरोधाभास को समझने की कोशिश की थी। जिस क्रांति ने पुरानी राजसत्ता को ध्वस्त करने का संकल्प लिया, उसने उसी सत्ता की प्रशासनिक मशीनरी को क्यों बचाए रखा? कई मामलों में तो उसे और मजबूत क्यों बनाया?

राजा चला गया। मगर राजा के प्रशासन की आदतें नहीं गईं। नए शासकों को नागरिकों पर शासन करने की बनी-बनाई मशीन मिली। वह सुविधाजनक थी। इसलिए उन्होंने उसे बनाए रखा। शासन बदलते हैं, मगर शासन करने का ढंग आसानी से नहीं बदलता। सरकारें मौसम की तरह आती-जाती हैं। प्रशासन जलवायु की तरह बना रहता है।

लोग उस सत्ता के खिलाफ उठ खड़े होते हैं जिसका चेहरा उन्हें दिखाई देता है। मगर जिस व्यवस्था का चेहरा नहीं होता, वह अक्सर आंदोलन के बाद भी बची रहती है। सड़क पर आंदोलन किसी व्यक्ति के खिलाफ खड़ा होता है। मंत्री, मुख्य न्यायाधीश, चुनाव आयुक्त या प्रधानमंत्री। मगर संस्था अपनी प्रक्रियाओं के सहारे चलती है। प्रक्रिया का कोई चेहरा नहीं होता जिससे इस्तीफा मांगा जा सके।

एक इस्तीफा कुछ सप्ताह या महीनों में हासिल हो सकता है। लेकिन उस अधिकारी के जाने के बाद उसका उत्तराधिकारी भी उसी तरह काम करेगा या नहीं, यह तय करने वाली चीजें दूसरी हैं। सरकारी अनुबंध, रिकॉर्ड, रजिस्टर, अभिरक्षा के दस्तावेज, अपील की व्यवस्था और जवाबदेही के नियम।

इन्हें बदलने में साल लग सकते हैं। और इस काम को आगे बढ़ाने वाले लोग अक्सर वे होते हैं जिनका नाम कभी अखबारों की सुर्खियों में नहीं आता। तोकविल को लोकतंत्र में एक और खतरा दिखाई देता था। बराबरी का अधिकार पा चुके नागरिक अपने निजी जीवन में इतने व्यस्त हो सकते हैं कि सार्वजनिक मामलों की जिम्मेदारी धीरे-धीरे एक विशाल, सुविधाजनक और अभिभावक जैसी सत्ता को सौंप दें। वह सत्ता नागरिकों को सार्वजनिक जीवन की परेशानियों से मुक्त करने का दावा करती है। बदले में नागरिकों को उसके फैसलों पर निर्भर रहना पड़ता है। तोकविल के लिए लोकतंत्र की रक्षा केवल संविधान में नहीं थी। वह नागरिकों की आदतों में थी। खासकर मिलकर संगठन बनाने, हिसाब रखने, सार्वजनिक मामलों में भाग लेने और एक-दूसरे से जवाब मांगने की आदत में।

आज की युवा पीढ़ी रातोंरात लाखों लोगों को एक मंच पर जुटा सकती है। उसने लोकतंत्र का आधा सबक सीख लिया है। बाकी आधा सबक कहीं अधिक कठिन है। वह है आंदोलन के बाद भी संगठित रहना। सरकार के वादों का हिसाब रखना। कानून के मसौदे पढ़ना। संस्थाओं को जवाब देने के लिए बाध्य करना। और ऐसा तंत्र बनाना जिसमें नागरिक को अपने अधिकार के लिए हर बार सड़क पर उतरना न पड़े।

क्या यह संभव है?

भारत के अपने इतिहास में इसके दो उदाहरण हैं। दोनों आंदोलनों ने लंबा संघर्ष किया। दोनों ने सरकारों को अपनी मांग सुनने के लिए मजबूर किया। मगर दोनों के परिणाम एक-दूसरे से बिल्कुल अलग रहे। पहला उदाहरण राजस्थान का है।

राजस्थान के गांवों में मजदूरों को संदेह था कि उनके नाम पर सरकारी धन निकाला जा रहा है, जबकि उन्हें पूरी मजदूरी नहीं मिल रही। उन्हें जानना था कि सरकारी रिकॉर्ड में किसके नाम कितनी मजदूरी दर्ज है, किस काम पर कितना खर्च हुआ और पैसा किसे मिला। मजदूर किसान शक्ति संगठन, यानी एमकेएसएस, ने मस्टर रोल, बिल और भुगतान के वाउचर सार्वजनिक करने की मांग उठाई।

फिर जनसुनवाई का तरीका अपनाया गया। सरकारी कागजों में दर्ज हिसाब गांववालों के सामने पढ़ा जाता। लोग बताते कि वास्तव में किसने काम किया था, कितना काम हुआ था और किसे मजदूरी मिली थी। एक तरफ सरकारी रिकॉर्ड था। दूसरी तरफ गांववालों का अपना अनुभव।

कागज पहली बार प्रशासन की शक्ति के बजाय नागरिक के हाथ में सबूत बनने लगा। यही उस आंदोलन की असली उपलब्धि थी। मजदूर केवल मजदूरी नहीं मांग रहा था। वह सरकार के अपने रिकॉर्ड के आधार पर सरकार को गलत साबित करने का अधिकार मांग रहा था।

अप्रैल 1995 में राजस्थान के मुख्यमंत्री ने स्थानीय विकास कार्यों के रिकॉर्ड तक पहुंच देने की घोषणा की। मगर घोषणा और अधिकार में फर्क था। एक साल बाद मजदूर किसान शक्ति संगठन ने सरकार पर वादा तोड़ने का आरोप लगाते हुए ब्यावर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। धरना लगभग चालीस दिन चला।

मई में आंदोलन जयपुर पहुंचा तो सरकार ने एक समिति बना दी। दो महीने में निर्णय का आश्वासन भी दिया। समिति बन गई। मांग स्वीकार कर ली गई। मगर अधिकार फिर भी सुनिश्चित नहीं हुआ।

सरकारी समिति आखिर क्या है? इंतजार कराने का एक ऐसा कमरा जिसके दरवाजे पर पीतल की नामपट्टी लगी होती है। राजस्थान का आंदोलन इस कमरे में बंद होकर समाप्त हो सकता था। मगर ऐसा नहीं हुआ। क्योंकि आंदोलन ने सड़क से आगे जाने का रास्ता खोज लिया था।

ब्यावर के धरने से सूचना के अधिकार के लिए राष्ट्रीय अभियान का विस्तार हुआ। स्थानीय मजदूरों की लड़ाई कानून बनाने की राष्ट्रीय लड़ाई से जुड़ गई। 1996 के अंत तक इस अभियान और न्यायमूर्ति पी. बी. सावंत की अध्यक्षता वाली भारतीय प्रेस परिषद ने सूचना के अधिकार का एक आदर्श विधेयक तैयार कर लिया था।

दिसंबर 2002 में संसद ने सूचना की स्वतंत्रता का कानून पारित किया। मगर उसे लागू ही नहीं किया गया। फिर जुलाई 2004 में राष्ट्रीय अभियान ने नवगठित राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के सामने अपनी सिफारिशें रखीं। लंबी बहस चली। इस पर विवाद हुआ कि नागरिक वास्तव में कौन से दस्तावेज मांग सकेंगे, अधिकारी किस आधार पर जानकारी रोक सकेंगे और सूचना न देने पर क्या कार्रवाई होगी।

आखिर 15 जून 2005 को सूचना का अधिकार अधिनियम को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली। ध्यान देने की बात है कि ब्यावर के मूल आंदोलनकारियों को इस पूरे समय सड़क पर बैठे रहने की जरूरत नहीं पड़ी। उनकी मांग अब एक ऐसी प्रक्रिया में बदल चुकी थी जिसे देश का कोई भी नागरिक इस्तेमाल कर सकता था।

कानून ने सूचना मांगने, इनकार के खिलाफ अपील करने और दोषी सूचना अधिकारियों पर जुर्माना लगाने की व्यवस्था दी। केंद्रीय सूचना आयोग के अनुसार अपील में सूचना देने से इनकार का औचित्य साबित करने की जिम्मेदारी अधिकारी की होती है और आयोग के निर्णय बाध्यकारी होते हैं। यानी नागरिक को ऐसा अधिकार मिला जिसे इस्तेमाल करने के लिए हर बार भीड़ जुटाने की जरूरत नहीं थी।

किसी आंदोलन की स्थायी सफलता इसी क्षण शुरू होती है। जब उसकी मांग एक ऐसी व्यवस्था बन जाए जिसका लाभ वे लोग भी उठा सकें जिन्होंने आंदोलन में कभी हिस्सा नहीं लिया। मगर यह सफलता भी पूरी नहीं थी।

सूचना का अधिकार कानून के बीस वर्ष पूरे होने के समय जारी 2024-25 की रिपोर्ट में बताया गया कि देशभर के सूचना आयोगों में लगभग 4.3 लाख अपीलें और शिकायतें लंबित थीं। केंद्रीय सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त का पद खाली था और केवल दो आयुक्त काम कर रहे थे।

अधिकार बीस वर्ष तक बचा रहा। मगर समय पर न्याय मिलने की गारंटी आज भी सभी नागरिकों के लिए सुनिश्चित नहीं हो सकी। यानी कानून बन जाने के बाद भी लड़ाई समाप्त नहीं होती। अब दूसरा उदाहरण देखिए।

मणिपुर की इरोम शर्मिला ने सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम, यानी अफस्पा, के खिलाफ वर्ष 2000 में अनशन शुरू किया। उनका अनशन अगस्त 2016 तक चला। लगभग सोलह वर्ष। उनका आंदोलन अकेला नहीं था। मणिपुर में 2004 के विरोध प्रदर्शनों के बाद केंद्र सरकार ने न्यायमूर्ति जीवन रेड्डी की अध्यक्षता में समिति बनाई। समिति ने 2005 में अफस्पा को समाप्त करने की सिफारिश की। उसका सुझाव था कि कुछ आवश्यक प्रावधान गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम में शामिल किए जा सकते हैं।

समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। 2008 में ह्यूमन राइट्स वॉच ने दर्ज किया कि सरकार ने उसकी सिफारिशों पर कार्रवाई नहीं की थी। 2013 में पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि सेना इस कानून में किसी भी संशोधन का बहुत कड़ा विरोध कर रही थी। इस कारण सरकार के लिए आगे बढ़ना कठिन था।

एक विश्लेषक के अनुसार समिति की रिपोर्ट आने के बाद पूर्वोत्तर में आंदोलन की तीव्रता भी कम हुई। जब इरोम शर्मिला ने अपना अनशन समाप्त किया, तब भी उनकी मूल मांग पूरी नहीं हुई थी।

यह राजस्थान के सूचना अधिकार आंदोलन जैसी परिस्थितियों वाला संघर्ष नहीं था। यहां सवाल राज्य की सुरक्षा शक्तियों का था। उस संस्था का था जिसके अधिकार स्वयं विवाद का विषय थे और जो उन्हें छोड़ना नहीं चाहती थी। आंदोलन सरकार को सुनने के लिए मजबूर कर सकता था। समिति बनवा सकता था। अपने पक्ष में सरकारी सिफारिश भी हासिल कर सकता था।

मगर कानून नहीं बदलवा सका। यानी लगातार संघर्ष अपने आप सफलता की गारंटी नहीं है। आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए राजनीतिक व्यवस्था में रास्ता भी होना चाहिए। जहां निर्णायक संस्थाएं परिवर्तन रोकने पर अड़ी हों, वहां केवल नैतिक शक्ति और जनसमर्थन पर्याप्त नहीं होते।

राजस्थान में मजदूरों ने सरकारी रिकॉर्ड तक पहुंच हासिल की। मणिपुर में सोलह वर्ष का अनशन भी कानून को नहीं बदल सका। दोनों अनुभव लोकतंत्र की एक कठिन सच्चाई बताते हैं।

सड़क सत्ता को सुनने के लिए मजबूर कर सकती है। मगर सुनना, मानना और लागू करना तीन अलग-अलग बातें हैं।

अब फिर जंतर मंतर पर लौटिए। कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांग रही है। मगर पिछले चार वर्षों में भारत के तीन पड़ोसी देशों में सड़कों ने इससे कहीं अधिक हासिल किया है। एक देश में राष्ट्रपति को भागना पड़ा। दूसरे में प्रधानमंत्री की सत्ता समाप्त हुई। तीसरे में सरकार एक दिन के भीतर गिर गई।

श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल। तीनों देशों में जनता ने सत्ता के शिखर को हिला दिया।

मगर असली सवाल वही है। जिस दिन शासक चला जाता है, उस दिन आंदोलन को वास्तव में क्या हासिल होता है? क्या शासन बदलता है? क्या शासन करने का तरीका बदलता है? क्या प्रशासन बदलता है? क्या नागरिक के अधिकार बदलते हैं? या केवल सत्ता की कुर्सी पर बैठा व्यक्ति बदल जाता है?

राजस्थान और मणिपुर के अनुभवों के बाद दक्षिण एशिया के इन तीन आंदोलनों को समझना इसलिए जरूरी है।क्योंकि सत्ता गिरा देना और सत्ता को जवाबदेह बना देना एक ही बात नहीं है। (जारी)

संयुक्त राष्ट्र संघ ने संज्ञान लिया

केंद्रीय गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस इस मकसद में कामयाब हो गए कि उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी और लेफ्ट पार्टियों के प्रदर्शनकारियों को जंतर मंतर पर नहीं पहुंचने दिया। लेकिन क्या उनको अंदाजा है कि इससे एक लोकतांत्रिक देश के रूप में भारत की छवि पर क्या असर पड़ा है? भारत को क्या कीमत चुकानी पड़ रही है? लोग सोशल मीडिया में अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के अखबारों के पहले पन्ने की तस्वीरें शेयर कर रहे हैं। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने पहले पन्ने पर खबर छापी है, जिसमें कई पुलिस वाले एक महिला प्रदर्शनकारी को उठा कर ले जा रहे हैं।

इतना ही नहीं अभूतपूर्व पुलिस कार्रवाई का संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी संज्ञान लिया है। संयुक्त राष्ट्र संघ के ऑफिस ऑफ ह्यूमन राइट्स कमीशन यानी  ओएचसीएचआर ने शनिवार, 10 अक्टूबर के घटनाक्रम पर चिंता जताई है। इसके प्रवक्ता ने बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं, वकीलों और पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई है। स्थिति यह है कि संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था को दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से यह अपील करनी पड़ी है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से लोगों के इकट्ठा होने और प्रदर्शन करने के अधिकार को बाधित न करें। उसने भारत सरकार के अधिकारियों से कहा है कि वह छात्रों और युवाओं से संवाद करे। हर बार की तरह भारत सरकार ने इसे देश के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप बताते हुए इसे खारिज किया है। लेकिन खारिज करने से हालात नहीं बदलेंगे। दुनिया भर में पुलिस कार्रवाई की तस्वीरें वायरल हो रही हैं।

Amitabh Bachchan: दिल्ली HC ने अमिताभ बच्चन के पर्सनैलिटी राइट्स मामले में दिया बड़ा निर्देश, कहा- व्यक्तिगत रूप से पेश हों एक्टर

Amitabh Bachchan: अमिताभ बच्चन के पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) से जुड़े मामले में एक नया मोड़ आया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने बिग बी से कहा है कि अगर वह इस केस को आगे बढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें खुद कोर्ट में पेश होना होगा। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की बेंच ने अमिताभ बच्चन और दूसरे पक्षों को 16 नवंबर तक अपना समझौता फाइनल करने का समय दिया है।

यह निर्देश तब दिया गया जब उन्होंने कोर्ट को बताया कि वे कुछ प्रतिवादियों (डिफेंडेंट्स) के साथ किसी समझौते पर पहुंच गए हैं। 2022 में कोर्ट ने एक ‘एक्स-पार्टे’ (एकतरफा) आदेश के जरिए अमिताभ बच्चन के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की थी। उनके वकील ने जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए और समय मांगा था, लेकिन अब कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगर समझौता फाइनल नहीं होता है और अमिताभ बच्चन केस को आगे बढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें खुद कोर्ट में पेश होना होगा।

HT की रिपोर्ट के अनुसार कोर्ट ने अपने आदेश में कहा- “समय दे दिया गया है। मामले को 16.11.2026 को लिस्ट किया जाए। अगर समझौता नहीं होता है या समझौता अधूरा रहता है और वादी किसी भी दावे या मुद्दे पर मुकदमा आगे बढ़ाना चाहता है तो उसे सुनवाई की अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना होगा। इससे कोर्ट को ‘कोड ऑफ सिविल प्रोसीजर, 1908’ के ‘ऑर्डर X नियम 2’ और ‘ऑर्डर V नियम 3’, तथा ‘भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023’ की धारा 168 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी।”

बिग बी के पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) के मामले के बारे में

2022 में, मशहूर वकील हरीश साल्वे ने बच्चन की ओर से हाई कोर्ट में मुकदमा दायर किया था, जिसमें उन्होंने अपने नाम, तस्वीर, आवाज़ और व्यक्तित्व से जुड़ी विशेषताओं की सुरक्षा की मांग की थी। जस्टिस नवीन चावला ने कहा, “वादी को अपूरणीय नुकसान और क्षति होने की संभावना है। कुछ गतिविधियां उन्हें बदनाम भी कर सकती हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए एकतरफा अंतरिम आदेश (ex parte ad interim order) पारित किया जाता है।”

जस्टिस चावला ने आगे कहा-“इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि वादी (बच्चन) एक मशहूर हस्ती हैं और कई विज्ञापनों में भी दिखाई देते हैं। वादी इस बात से नाराज हैं कि प्रतिवादी उनकी अनुमति या अधिकार के बिना अपने सामान और सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए उनकी सेलिब्रिटी हैसियत का इस्तेमाल कर रहे हैं। शिकायत पर विचार करने के बाद मेरी राय है कि प्रथम दृष्टया (prima facie) मामला बनता है और सुविधा का संतुलन भी उनके पक्ष में है।”

मुकदमे में कहा गया था कि मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपर्स अमिताभ बच्चन के नाम का इस्तेमाल गैर-कानूनी तरीके से लॉटरी चलाने के लिए कर रहे थे, जबकि अन्य लोग उनकी तस्वीर वाली टी-शर्ट बेच रहे हैं।

अमिताभ बच्चन के बारे में और जानकारी

अमिताभ बच्चन ने 1969 में ‘सात हिंदुस्तानी’ फिल्म से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा, जिसमें उन्होंने कवि अनवर अली की भूमिका निभाई थी। इसके बाद के वर्षों में वे ‘रेशमा और शेरा’, ‘परवाना’, ‘संयोग’ और ‘बंसी बिरजू’ जैसी फिल्मों में नजर आए, जिनमें से कई व्यावसायिक रूप से असफल रहीं। ‘आनंद’ (1971) और ‘बॉम्बे टू गोवा’ (1972) में उनके अभिनय ने उन्हें एक ऐसे अभिनेता के रूप में स्थापित किया जिन पर नजर रखी जानी चाहिए।

Stocks to Watch: 9 लिस्टिंग्स, 6 बैंक; PC Jeweller, Ola, MRF समेत 14 अन्य स्टॉक्स भी Sensex की एक्सपायरी को फोकस में

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों से कमजोर रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में हल्की ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 17.00 प्वाइंट्स यानी 0.08% की बढ़त के साथ 22,609.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 07 अक्टूबर को सेंसेक्स (Sensex) 429.11 प्वाइंट्स यानी 0.59% की गिरावट के साथ 72,638.70 और निफ्टी (Nifty) भी 173.05 प्वाइंट्स यानी 0.76% की फिसलन के साथ 22,603.05 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

PC Jeweller Q2 (YoY)

हेल्दी कंज्यूमर डिमांड के दम पर सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर पीसी ज्वैलर का कंसालिडेटेड रेवेन्यू 28% बढ़ गया। साथ ही आउटस्टैंडिंग एक्सपोर्ट डेटर्स से इसे ₹142 करोड़ का रेमिटेंस मिला। आउटस्टैंडिंग डेट के रीपेमेंट के साथ कंपनी डेट-फ्री हो गई।

Senco Gold Q2 (YoY)

सितंबर तिमाही में सेंको गोल्ड का टोटल रेवेन्यू सालाना आधार पर 31% और रिटेल रेवेन्यू 29% की रफ्तार से बढ़ा तो सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ 19% रही। डायमंड ज्लैवरी सेल्स वैल्यू 40% बढ़ी तो वॉल्यूम 7% बढ़ा। कंपनी ने ने सितंबर तिमाही में 6 नए शोरूम खोले और अब इसके नेटवर्क में 215 स्टोर हो गए हैं।

Jubilant Foodworks Q2 (YoY)

सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर जुबिलैंट फूडवर्क्स का कंसालिडेटेड रेवेन्यू 11.9% बढ़कर ₹2,608.7 और स्टैंडएलोन रेवेन्यू 11.6% उछलकर ₹1,885.8 करोड़ पर पहुंच गया। डोमिनोज इंडिया की लाइक-फार-लाइक ग्रोथ 4.1% रही तो यूरेशिया की ग्रोथ 2.1% नीचे आई। सितंबर तिमाही में कंपनी ने 108 स्टोर जोड़े और अब इसके कुल 3820 स्टोर हो गए। डोमिनोज इंडिया ने 88 स्टोर जोड़े और अब इसके 2601 स्टोर हो गए।

TD Power Systems

टीडी पावर सिस्टम्स ने 7 अक्टूबर को अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) इश्यू लॉन्च किया, जिसका फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹775.35 तय किया गया है। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों का कहना है कि कंपनी इस इश्यू के जरिए ₹600 करोड़ तक जुटाने की कोशिश में है।

Tata Power Company

टाटा पावर ने नॉर्वे की रिन्यूएबल एनर्जी टेक्नोलॉजी कंपनी ओशन सन के साथ नई मेम्ब्रेन-बेस्ड फ्लोटिंग सोलर टेक्नोलॉजी को भारत लाने के लिए साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत टाटा पावर और ओशन सन महाराष्ट्र में टाटा पावर के मुल्शी रिजर्वयार में 300-kWp का फ्लोटिंग सोलर पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेंगे।

Godrej Properties

बीएमसी ने गोदरेज प्रॉपर्टीज और आरसी ग्रुप के साथ मिलकर मुंबई के बांद्रा बे में एक लैंडस्केप्ड बे-साइड प्रोमेनेड यानी समुद्र किनारे टहलने की जगह के पहले चरण का ऐलान किया है।

HCL Technologies

एचसीएलटेक, जोहान्सबर्ग ने साउथ अफ्रीका में अपना एक नया रीजनल हेडक्वार्टर शुरू किया है।

Ola Electric Mobility

ओला इलेक्ट्रिक ने प्रति शेयर ₹27 के भाव पर ₹999.73 करोड़ के 37.02 करोड़ राइट्स इक्विटी शेयरों को मंजूरी दी है। राइट्स एंटाइटेलमेंट पाने के लिए रिकॉर्ड डेट 13 अक्टूबर तय की गई है। यह राइट्स इश्यू 22 अक्टूबर को खुलेगा और 30 अक्टूबर को बंद होगा।

RPP Infra Projects

आरपीपी इंफ्रा ने लीजेंड 96 रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट में जॉइंट डेवलपर के तौर पर अपनी हिस्सेदारी से पीछे हटने का फैसला किया है। इसकी वजह मंजूरी मिलने में देरी, फाइनेंसिंग की दिक्कतें, प्रस्तावित सुरक्षा व्यवस्था और रेवेन्यू-शेयरिंग के तय समझौते में प्रस्तावित बदलाव बताई गई है। कंपनी ने विल्स रियल्टर्स को अपना इरादा बता दिया है और डेवलपमेंट और फाइनेंसिंग एग्रीमेंट को खत्म करने और दोनों पक्षों के बीच पेएबल अमाउंट के निपटारे की मांग की है।

ASK Automotive

राजस्थान जीएसटी धिकारियों ने 6 अक्टूबर को राजस्थान के भिवाड़ी में आस्क ऑटोमोटिव की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में सर्च ऑपरेशन चलाया।

MRF

एमआरएफ की याचिका पर केरल के स्टेट टैक्स के डिप्टी कमिश्नर ने एक रेक्टिफिकेशन ऑर्डर यानी सुधार आदेश जारी किया है, जिसमें कुल टैक्स डिमांड को ₹91.53 करोड़ से घटाकर ₹36.19 करोड़ कर दिया गया है। यह मामला फाइनेंशियल ईयर 2014-15 के लिए सेल्स टैक्स के तहत एक्सपोर्ट क्लीयरेंस और डिक्लेरेशन फॉर्म से जुड़ा है।

Karur Vysya Bank, Indian Overseas Bank, PNB, Indian Bank, Tamilnad Mercantile Bank, BoB

आरबीआई ने रेपो रेट को 25 बीपीएस बढ़ाया तो कुछ बैंकों ने रेपो रेट से जुड़े लेंडिंग रेट को भी बढ़ा दिया है। करूर वैश्य बैंक ने एक्सटर्नल बेंचमार्क रेपो लिंक्ड रेट को 8.55% से 8.80%, इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने 8.10% से 8.35%, पीएनबी (पंजाब नेशनल बैंक) ने 8.10% से 8.35, इंडियन बैंक ने 7.95% से 8.20%, तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक ने 8.25% से 8.50% और बीओबी (बैंक ऑफ बड़ौदा) ने 5.25% से 5.50% कर दिया है।

JTL Industries, AceVector

गोल्डमैन सैक्स ग्रुप की गोल्डमैन सैक्स इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस I ने जेटीएल इंडस्ट्रीज के 19.71 लाख शेयर (0.5% होल्डिंग) ₹16.16 करोड़ में प्रति शेयर ₹82.03 के भाव पर खरीदे हैं। वहीं गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप SE ने स्नैपडील की ऐसवेक्टर के 31.17 लाख शेयर (0.59% हिस्सेदारी) ₹9.61 करोड़ में प्रति शेयर ₹29.88 के भाव पर बेच दिए। सितंबर 2026 तक गोल्डमैन सैक्स की ऐसवेक्टर में 1.56% हिस्सेदारी थी।

Jeena Sikho Lifecare

ओरेगानो लाइफ ने प्रति शेयर ₹420.28 के भाव पर ₹29.35 करोड़ में जीना सीखो लाइफकेयर के 6.98 लाख शेयर (0.56% होल्डिंग) बेच दी।

Nityas Gems & Jewellery, Vishal Nirmiti

नित्याज जेम्स एंड ज्वैलरी और विशाल निर्मिति के शेयर आज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।

Omara, Sollfege, SJP Ultrasonics,EverestIMS, Shree TNB, Dove Soft, Eventions

ओमारा वेंचर्स इंडिया, सोलफेज स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स, एवरेस्टआईएमएस टेक, , एसजेपी अल्ट्रासोनिक्स, श्री टीएमबी पॉलीमर्स और डव सॉफ्ट बीएसई एसएमई तो एवेंशंस के शेयर एनएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 8 अक्टूबर को इन 16 शेयरों पर रहेगी नजर, ओला इलेक्ट्रिक से टाटा पावर तक शामिल

Stocks to Watch: बुधवार 8 अक्टूबर को शेयर बाजार में 16 कंपनियों के शेयरों पर खास नजर रहेगी। इनसे राइट्स इश्यू, QIP, फंड जुटाने और कारोबार से जुड़े अहम अपडेट आए हैं। ऐसे में ओला इलेक्ट्रिक, टाटा पावर, सन फार्मा जैसे स्टॉक्स में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

Ola Electric

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ola Electric के बोर्ड ने राइट्स इश्यू के जरिए 1,000 करोड़ रुपये जुटाने को मंजूरी दी है। इश्यू में शेयर का भाव 27 रुपये तय किया गया है। कंपनी 37.03 करोड़ राइट्स इक्विटी शेयर जारी करेगी।

Tata Power

टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Power ने नॉर्वे की Ocean Sun के साथ साझेदारी की है। दोनों कंपनियां भारत में मेम्ब्रेन-बेस्ड फ्लोटिंग सोलर टेक्नोलॉजी का टेस्ट करेंगी। महाराष्ट्र के मुलशी जलाशय में करीब 300 kWp का पायलट प्रोजेक्ट लगाया जाएगा।

Sun Pharma

फार्मा कंपनी Sun Pharma के बोर्ड की 12 अक्टूबर को बैठक होगी। इसमें 15,000 करोड़ रुपये तक के NCDs जारी करने के प्रस्ताव पर फैसला होगा। ये NCDs एक या कई चरणों में प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जारी किए जाएंगे।

Jubilant FoodWorks

क्विक सर्विस रेस्टोरेंट कंपनी Jubilant FoodWorks का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू Q2 में सालाना आधार पर 11.9% बढ़कर 2,609 करोड़ रुपये रहा। स्टैंडअलोन रेवेन्यू 11.6% बढ़कर 1,886 करोड़ रुपये रहा। Domino’s India की लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ 4.1% रही और भारत में 88 नए स्टोर खुले।

HCLTech

आईटी सर्विसेज कंपनी HCLTech ने दक्षिण अफ्रीका में नया हेडक्वार्टर शुरू किया है। यह जोहान्सबर्ग के सैंडटन बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में है। नए हेडक्वार्टर में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी शुरू किया गया है।

Fino Payments Bank

डिजिटल बैंकिंग कंपनी Fino Payments Bank की रिन्यूअल इनकम Q2 में सालाना आधार पर 20% बढ़कर 28 करोड़ रुपये रही। बैंक के लोन डिस्बर्सल में भी तेज बढ़ोतरी हुई। सितंबर में लोन डिस्बर्सल 223% बढ़कर 278 करोड़ रुपये रहा।

Senco Gold

ज्वेलरी कंपनी Senco Gold का Q2 FY27 में कुल रेवेन्यू 31% बढ़ा। रिटेल रेवेन्यू 29% और SSSG 19% रहा। कंपनी ने कहा कि फेस्टिव डिमांड, ज्वेलरी की मजबूत खपत और हल्की ज्वेलरी की बढ़ती पसंद से ग्रोथ को सपोर्ट मिला।

PC Jeweller

ज्वेलरी कंपनी PC Jeweller का Q2 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू करीब 28% बढ़ा और कंपनी पूरी तरह कर्ज मुक्त हो गई। कंपनी ने तिमाही में बकाया एक्सपोर्ट देनदारों से करीब 142 करोड़ रुपये भी हासिल किए।

Gujarat Pipavav Port

पोर्ट ऑपरेटर Gujarat Pipavav Port के Q2 में लिक्विड कार्गो वॉल्यूम 0.38 MMT से घटकर 0.32 MMT रहा। ड्राई बल्क कार्गो भी 1.05 MMT से घटकर 0.94 MMT हो गया। हालांकि, कंटेनर कार्गो वॉल्यूम 1.64 लाख TEUs से बढ़कर 1.92 लाख TEUs रहा।

Godrej Properties

रियल एस्टेट कंपनी Godrej Properties ने बांद्रा बे में ‘बेसाइड प्रोमेनेड’ के पहले फेज के डेवलपमेंट के लिए BMC और RC ग्रुप के साथ डील की है। यह प्रोजेक्ट मुंबई के बांद्रा बे इलाके से जुड़ा है। कंपनी इस प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट में शामिल होगी।

Anant Raj

रियल एस्टेट और डेटा सेंटर कंपनी Anant Raj की सब्सिडियरी ने Orange Business Singapore के साथ हरियाणा सरकार के साथ समझौता किया है। यह डील ग्लोबल क्लाउड और डेटा सेंटर सर्विस के विस्तार से जुड़ी है। इसके तहत हरियाणा में डेटा सेंटर और क्लाउड से जुड़े कारोबार को बढ़ाने पर काम होगा।

HAL

सरकारी एयरोस्पेस और डिफेंस कंपनी HAL के बोर्ड ने Anindya Biswas को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति सरकारी नॉमिनी के तौर पर की गई है। बोर्ड ने इस नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

MRF

टायर बनाने वाली कंपनी MRF से जुड़े टैक्स मामले में केरल टैक्स अथॉरिटी ने डिमांड घटा दी है। FY15 से जुड़े मामले में टैक्स डिमांड 91.53 करोड़ रुपये से घटाकर 36.19 करोड़ रुपये कर दी गई है।

Allcargo Terminals

मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स कंपनी Allcargo Terminals का सितंबर में कुल वॉल्यूम 61,800 TEUs रहा। अगस्त के मुकाबले इसमें 6% की गिरावट आई। सालाना आधार पर भी कंपनी का कुल वॉल्यूम 7% घटा है।

ASK Automotive

ऑटो कंपोनेंट कंपनी ASK Automotive की राजस्थान स्थित भिवाड़ी यूनिट की GST अधिकारियों ने जांच की है। कंपनी के मुताबिक, इस जांच का उसके फाइनेंशियल या बिजनेस ऑपरेशंस पर कोई असर नहीं है।

TD Power Systems

पावर इक्विपमेंट कंपनी TD Power Systems ने QIP के जरिए फंड जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है। कंपनी ने इश्यू के लिए 775.35 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। निवेशकों को इस कीमत पर 5% तक डिस्काउंट मिल सकता है।

टाटा की कंपनी की फ्लोटिंग सोलर सेगमेंट में एंट्री, नॉर्वे की कंपनी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में करेगी टेस्टिंग

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: RBI के ऐलान का इंतजार; इंट्रा-डे में 4 लिस्टिंग्स और Titan, Ola Electric और Apollo Tyres समेत 24 शेयर फोकस में

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों से कमजोर रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 69.50 प्वाइंट्स यानी 0.31% की गिरावट के साथ 22,704.50 पर है। चूंकि आज आरबीआई की मौद्रिक नीतियों का ऐलान होना है और रेपो रेट (Repo Rate) पर फैसला सामने आएगा तो इसके चलते मार्केट में तेज उठा-पटक दिख सकती है। कई इकोनॉमिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट से 50 बेसिस पॉइंट का इजाफा हो सकता है।

एक कारोबारी दिन पहले 06 अक्टूबर को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स 685.34 प्वाइंट्स यानी 0.95% की बढ़त के साथ 73,067.81 और निफ्टी भी 220.35 प्वाइंट्स यानी 0.98% की मजबूती के साथ 22,776.10 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Asset Reconstruction Company India Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 14.6% बढ़कर ₹59.1 करोड़ और रेवेन्यू 115.4% उछलकर ₹234.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Glass Wall Systems Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ग्लास वाल सिस्टम्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 7.7% गिरकर ₹17.3 करोड़ पर आ गया लेकिन इसी दौरान रेवेन्यू 35.8% उछलकर ₹107.4 करोड़ पर पहुंच गया।

Kanohar Electricals Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कनोहर इलेक्ट्रिकल्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 140% बढ़कर ₹27.3 करोड़ और रेवेन्यू 103.5% उछलकर ₹137.1 करोड़ पर पहुंच गया।

Karamtara Engineering Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर करमतारा इंजीनियरिंग का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 45.3% बढ़कर ₹87.4 करोड़ और रेवेन्यू 72.3% उछलकर ₹1,580.9 करोड़ पर पहुंच गया।

Titan Company Q2 (YoY)

सितंबर तिमाही में टाइटन कंपनी का घरेलू बिजनेस सालाना 22%, इंटरनेशनल बिजनेस 97%, कंज्यूमर बिजनेस 25%, वॉच बिजनेस 30%, आईकेयर सेगमेंट 28%, एमर्जिंग बिजनेस 21% और ज्वैलरी बिजनेस 21% की रफ्तार से बढ़ा। सितंबर तिमाही में टाटइन ने अपने नेटवर्क में 77 घरेलू और 1 इंटरनेशनल स्टोर जोड़े और इसके साथ ही इसके कुल 3758 स्टोर हो गए।

Apollo Tyres

कंपनी के बाहर नए मौकों की तलाश में अपोलो टायर्स के सीएफओ गौरव कुमार ने कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 6 अक्टूबर से प्रभावी हुआ।

Mahindra Lifespace Developers

महिंद्रा लाइफस्पेस ने पुणे के बानेर एनेक्स में महिंद्रा रिवेंजा नाम का एक रेजिडेंशियल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट लॉन्च किया है, जिसकी कुल ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) लगभग ₹3,500 करोड़ है।

ABB India

एबीबी इंडिया के बोर्ड ने सुनील कुमार मुनागा को कंपनी का सीएफओ बनाने की मंजूरी दे दी है, जो 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होगी। अभी सुनील कुमार मुनागा कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस एरिया कंट्रोलर (इलेक्ट्रिफिकेशन) हैं।

Ola Electric Mobility

ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के बोर्ड की बैठक 7 अक्टूबर को है, जिसमें ₹1000 करोड़ के राइट्स इश्यू से जुड़े कई मामलों पर चर्चा होगी।

Asian Paints

नतीजे के साथ-साथ एशियन पेंट्स बोर्ड की बैठक में अंतरिम डिविडेंड के भी प्रस्ताव पर विचार करने वाली है। इसकी रिकॉर्ड डेट 4 नवंबर तय की गई है।

Adani Ports and Special Economic Zone

अदाणी पोर्ट्स ने ओडिशा के पारादीप पोर्ट पर दो ड्राई बल्क बर्थ के डेवलपमेंट और ऑपरेशन के लिए एक पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी पारादीप महानदी टर्मिनल बनाई है।

HCL Technologies

एचसीएल ग्रुप ने ₹500 करोड़ के प्लान के साथ एचसीएल आईटी सिटी के विस्तार का ऐलान किया है। इसमें 9.5 लाख स्क्वेयर फीट तक का नया एरिया तैयार होगा, जिसमें 4,500 टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स के लिए जगह होगी। इसके अलावा एचसीएलटेक ने ऐलान किया है कि FY27 के दौरान उसके लिटमस (LITMUS) प्रोग्राम के जरिए उत्तर प्रदेश के 1,000 छात्रों को AI और उससे जुड़ी टेक्नोलॉजी में ट्रेनिंग दी जाएगी।

JSW Cement

जेएसडब्ल्यू सीमेंट ने राजस्थान के नागौर में 1.00 MTPA की एक और सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट शुरू की है। इसके साथ ही कंपनी की कुल सीमेंट ग्राइंडिंग क्षमता बढ़कर 25.10 MTPA हो गई है, जबकि क्लिंकर बनाने की इसकी कुल क्षमता 9.74 MTPA है, जिसमें इसके जॉइंट वेंचर JSW सीमेंट FZC की क्लिंकर क्षमता भी शामिल है।

Godrej Consumer Products

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की सब्सिडियरी गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स इंडोनेशिया ने केंडल स्पेशल इकोनॉमिक जोन में अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के पहले चरण का उद्घाटन किया। कंपनी ने इंडोनेशिया में अपनी मैन्युफैक्चरिंग स्थिति को मजबूत करने के लिए केंडल में लगभग ₹250 करोड़ का निवेश किया है।

Marsons

मार्सन्स और न्यूयॉर्क की प्राइवेट इक्विटी फर्म क्लीनहिल पार्टनर्स ने अमेरिका और कनाडा में ट्रांसफॉर्मर के डिस्ट्रीब्यूशन, सर्विसिंग और मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन्स को तेज करने के लिए एक जॉइंट वेंचर बनाने की योजना का ऐलान किया है।

Mphasis

एमफेसिस ने सोशल सिक्योरिटी स्कॉटलैंड के साथ 3.54 करोड़ पाउंड का एग्रीमेंट किया है। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत कंपनी सोशल सिक्योरिटी स्कॉटलैंड के बेनिफिट्स मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म को मैनेज और मेंटेन करेगी।

Shadowfax Technologies

टीपीजी की न्यूक्वेस्ट एशिया फंड IV (सिंगापुर) ने ₹114.8 करोड़ में शैडोफैक्स टेक के 40 लाख शेयर (0.68% हिस्सेदारी) प्रति शेयर र्287 के भाव पर बेच दिए। इसके साथ ही इसने शैडोफैक्स में अपनी हिस्सेदारी 4.86 पर्सेंटेज प्वाइंट्स (यानी 2.85 करोड़ इक्विटी शेयर) कम कर दी है। जून 2026 तक कंपनी में इसकी हिस्सेदारी 11.53% थी।

Satin Creditcare Network

कैम्ब्रिज की MIT (मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) ने सैटिन क्रेडिटकेयर नेटवर्क के 14.54 लाख शेयर (1.31% हिस्सेदारी) ₹30.31 करोड़ में प्रति शेयर ₹208.36 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक सैटिन क्रेडिटकेयर में MIT की हिस्सेदारी 1.81% थी।

One Mobikwik Systems

हर ग्लोबल कैपिटल मास्टर फंड I ने वन मोबिक्विक सिस्टम्स के 4.31 लाख शेयर (0.54% हिस्सेदारी) ₹9.83 करोड़ प्रति शेयर ₹227.86 के भाव पर खरीदे। वहीं बजाज लाइफ इंश्योरेंस ने मोबिक्विक के 7 लाख शेयर (0.88% हिस्सेदारी) ₹236.49 के भाव पर ₹16.55 करोड़ में बेच दिए। जून 2026 तक बजाज लाइफ इंश्योरेंस की कंपनी में 2.69% हिस्सेदारी थी।

RMC Switchgears

ईओएफ-डायरेक्ट ने स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम बनाने वाली कंपनी आरएमसी स्विचगियर्स के 86,750 इक्विटी शेयर (0.82% हिस्सेदारी) ₹1.7 करोड़ में प्रति शेयर ₹195.93 के भाव पर खरीदे। वहीं इंडिया इमर्जिंग जायंट्स फंड ने इतने ही शेयर प्रति शेयर ₹195.72 के भाव पर बेच दिए।

Black Opal Consultants, Papadmalji Agro Foods, Vans Electroengineerings, Green Asia Impex

पापड़मालजी एग्रो फूड्स और ग्रीन एशिया इंपेक्स के शेयर आज एनएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे तो ब्लैक ओपल कंसल्टैंट्स और वान्स इलेक्ट्रोइंजीनियरिंग्स के शेयरों की बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।