अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत को ‘रिफाइनिंग सुपरपावर’ बताया। उन्होंने कहा कि भारत के पास भारी कच्चे तेल को रिफाइन करके पेट्रोल, डीजल और दूसरे ईंधन बनाने की क्षमता है। न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए मार्को रुबियो ने कहा, मेरा मानना है कि जैसे-जैसे वेनेजुएला का ज्यादा तेल बाजार में आएगा, भारत उसे रिफाइन कर सकता है। इससे दुनिया में तेल आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी। भारतीय कंपनियां वेनेजुएला में भी बढ़ा सकती हैं तेल उत्पादन रुबियो ने वेनेजुएला में भारतीय कंपनियों की मौजूदा तेल परियोजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियां वहां पहले से मौजूद तेल संपत्तियों से उत्पादन बढ़ा सकती हैं। रुबियो के मुताबिक, इस मुद्दे पर भारत के साथ पहले भी बातचीत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भारत इस दिशा में काम करने के लिए तैयार और इच्छुक नजर आ रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस योजना को आगे बढ़ाने में अमेरिकी प्रतिबंधों और अन्य पाबंदियों से जुड़े मुद्दे सामने आ सकते हैं। इन पर अमेरिका और भारत को मिलकर काम करना होगा। रुबियो बोले- दोनों देश 21वीं सदी की दिशा तय कर सकते हैं मुंबई में ‘फ्रीडम 250’ कार्यक्रम में अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत और अमेरिका के बीच उन अहम मुद्दों पर असाधारण तालमेल है, जो दोनों देशों के राष्ट्रीय हितों को तय करते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया की दो बड़ी शक्तियां मिलकर 21वीं सदी की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। रुबियो ने कहा, दुनिया के कोई भी दो देश हर मुद्दे पर पूरी तरह सहमत नहीं हो सकते। कुछ मामलों में मतभेद होंगे। लेकिन उन अहम मुद्दों पर, जो भारत और अमेरिका के राष्ट्रीय हितों को तय करते हैं, दोनों देशों के बीच असाधारण तालमेल है। जयशंकर बोले- भारत-अमेरिका के रिश्ते लगातार मजबूत हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध पिछले कई दशकों में काफी आगे बढ़े हैं। दोनों देशों के बीच सहयोग अब बुनियादी ढांचे, शिक्षा, खाद्य और कृषि, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा और नागरिक उड्डयन जैसे कई क्षेत्रों तक फैल चुका है। जयशंकर ने कहा, हमारे संबंधों ने वास्तव में लंबा सफर तय किया है। इतिहास में दर्ज है कि कई अमेरिकी भारत के स्वतंत्रता संघर्ष के समर्थक थे। आजादी के बाद भी हमारी साझेदारी ने भारत के विकास में वास्तविक योगदान दिया है। जयशंकर ने अमेरिकी तकनीकी क्षेत्र में भारतीय प्रतिभाओं के योगदान को भी अहम बताया। उन्होंने माना कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के तरीकों को लेकर दोनों देशों के बीच अलग-अलग राय रही है। इसके बावजूद पिछले कुछ दशकों में साझेदारी लगातार बढ़ी है और इसमें सहयोग के नए क्षेत्र जुड़ते गए हैं। मार्को रुबियो और मुकेश अंबानी की कल मुलाकात अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो बुधवार को जामनगर में दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स का दौरा करेंगे। इस दौरान वे रिलायंस के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी से भी मिलेंगे। रूबियो रिलायंस के साथ वेनेजुएला का कच्चा तेल रिफाइन करने पर बातचीत करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज अमेरिका के टेक्सास में एक ऑइल रिफाइनरी में बड़ा निवेश करने की तैयारी में है, जो 50 साल में अमेरिका में बनने वाली पहली रिफाइनरी होगी।इसी वजह से यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है। रूबियो का जामनगर दौरा 3 वजहों से अहम… 1. अमेरिका में डीजल 155 रुपए के पार अमेरिका में डीजल की कीमतें 6 डॉलर प्रति गैलन के पार हैं, यानी करीब 155 रुपए प्रति लीटर। इसके चलते ट्रक ड्राइवर, किसान और माल ढुलाई कारोबारी परेशान हैं। ट्रम्प सरकार चाहती है कि 3 नवंबर को होने वाले मिड टर्म इलेक्शन से पहले अमेरिका में पर्याप्त डीजल सप्लाई हो सके। इसलिए अमेरिका रूस से डीजल खरीद रहा है। रिलायंस भी सस्ती कीमतों में कच्चा तेल रिफाइन करके अमेरिका को पेट्रोल-डीजल बेच सकता है, जिससे अमेरिका फ्यूल क्राइसिस से बच सके। 2. वेनेजुएला से और तेल खरीदे रिलायंस जनवरी में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद से अमेरिकी सरकार ही विदेशों में वेनेजुएला का तेल बेच रही है। रिलायंस वेनेजुएला के सबसे बड़े तेल खरीदारों में से एक है। ग्लोबल ट्रेड इंटेलिजेंस फर्म Kpler के मुताबिक, सितंबर में भारत ने वेनेजुएला से रोजाना 2.57 लाख बैरल तेल मंगाया। इसका 76% हिस्सा रिलायंस ने खरीदा। अमेरिका चाहता है कि रिलायंस वेनेजुएला से और ज्यादा तेल खरीदे। क्योंकि अमेरिका कई बार कह चुका है कि भारत वेनेजुएला से तेल खरीदे। हालांकि सरकारी तेल कंपनियों ने ऐसा नहीं किया। 3. अमेरिका में रिलायंस का 300 अरब डॉलर का निवेश रिलायंस अमेरिका के टेक्सास राज्य में एक नई रिफाइनरी खोल रही है, जो 50 साल में अमेरिका में बनने वाली पहली रिफाइनरी होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मार्च 2026 में इसे 300 अरब डॉलर का सौदा बताया था। अमेरिका चाहता है कि ये निवेश जल्द से जल्द हो। दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी है जामनगर रिलायंस के मुताबिक, जामनगर रिफाइनरी एक ही जगह पर बनी दुनिया की सबसे बड़ी और आधुनिक रिफाइनरी है। यहां हर दिन 14 लाख बैरल कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता है।
Jio IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स अपनी कमाई बढ़ाने के लिए सिर्फ मोबाइल रिचार्ज महंगे करने पर निर्भर नहीं रहना चाहती। कंपनी अब डेटा की बढ़ती खपत, प्रीमियम डिजिटल सेवाओं, होम ब्रॉडबैंड और कॉरपोरेट सेवाओं से कमाई बढ़ाने की तैयारी में है। Jio का लक्ष्य अपने 50 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों से ज्यादा रेवेन्यू हासिल करना है।
Jio Platforms के चेयरमैन आकाश अंबानी ने Moneycontrol को बताया कि कंपनी हर GB डेटा के लिए ज्यादा पैसे वसूलने को ही कमाई बढ़ाने का एकमात्र तरीका नहीं मानती। उनके मुताबिक, टैरिफ कारोबार का एक हिस्सा है। लेकिन कमाई बढ़ाने के दूसरे रास्ते भी हैं।
Jio ग्राहकों को देगी प्रीमियम सेवाएं
Jio अपनी डिजिटल सेवाओं को और बेहतर बनाने पर काम कर रही है। कंपनी चाहती है कि ग्राहक प्रीमियम सेवाओं का ज्यादा इस्तेमाल करें। इसके अलावा, होम ब्रॉडबैंड और फिक्स्ड वायरलेस इंटरनेट का विस्तार भी किया जाएगा।
कंपनी कॉरपोरेट ग्राहकों के साथ अपना कारोबार बढ़ाना चाहती है। साथ ही, इंटरनेट कनेक्शन के साथ दूसरी सेवाएं भी जोड़ी जाएंगी। इनमें OTT वीडियो, म्यूजिक, क्लाउड स्टोरेज और AI आधारित सेवाएं शामिल हैं।
आकाश अंबानी के मुताबिक, ग्राहक इन सेवाओं का ज्यादा इस्तेमाल करेंगे, तो कमाई बढ़ाने के नए मौके मिलेंगे। प्रीमियम इंटरनेट कनेक्टिविटी और AI सेवाएं भी इसमें अहम भूमिका निभा सकती हैं।
Airtel से पीछे है Jio की प्रति ग्राहक कमाई
वित्त वर्ष 2026 में Jio की औसत प्रति यूजर कमाई यानी ARPU 214 रुपये प्रति माह रही। वहीं, Bharti Airtel की ARPU 257 रुपये थी।
एनालिस्ट्स का मानना है कि Jio के पास कमाई बढ़ाने की काफी गुंजाइश है। कंपनी के पास ग्राहकों की संख्या ज्यादा है। उसके नेटवर्क पर डेटा का इस्तेमाल भी काफी होता है। ऐसे में प्रीमियम सेवाओं और डेटा की बढ़ती खपत से कंपनी को फायदा मिल सकता है।
हालांकि, आकाश अंबानी ने यह नहीं बताया कि अगली बार मोबाइल टैरिफ कब बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि आने वाले समय में कीमतें किस स्तर पर स्थिर हो सकती हैं। उनके मुताबिक, टैरिफ का फैसला ग्राहकों की जरूरत, बाजार में प्रतिस्पर्धा, महंगाई और नेटवर्क पर होने वाले निवेश को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
Jio Platforms का ₹30,213 करोड़ का IPO
Jio Platforms का ₹30,213 करोड़ का IPO 21 अक्टूबर को खुला है और 23 अक्टूबर को बंद होगा। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू है। इसके लिए 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है।
इस IPO में 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं है। ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये है। शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर होनी है।
₹27,500 करोड़ से चुकाया जाएगा कर्ज
वित्त वर्ष 2026 में Jio Platforms का रेवेन्यू 1.47 लाख करोड़ रुपये रहा। कंपनी को 30,049 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ। वहीं, EBITDA 76,255 करोड़ रुपये रहा।
IPO से मिलने वाली रकम में से 27,500 करोड़ रुपये Reliance Jio Infocomm का कर्ज चुकाने के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। यह Jio Platforms की सब्सिडियरी कंपनी है।
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Silver Prices: चांदी में निवेश करने वालों को पिछले कुछ महीनों में बड़ा झटका लगा है। 29 जनवरी को चांदी की कीमत ₹3,84,632 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। लेकिन 19 अक्टूबर तक यह गिरकर ₹2,08,380 प्रति किलो रह गई। यानी रिकॉर्ड हाई से करीब 45.8% की गिरावट आई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी दबाव में है। मंगलवार को इसकी कीमत करीब 56.50 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। जनवरी के 121 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर से यह करीब 54% नीचे है।
चांदी की कीमतों पर दबाव क्यों?
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है और बॉन्ड यील्ड भी ऊंची बनी हुई है। इससे बाजार को लग रहा है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रख सकते हैं। चांदी पर इसका दबाव पड़ रहा है, क्योंकि इससे नियमित ब्याज आय नहीं होती।
चांदी का भाव कितना गिर सकता है?
J.P. Morgan Global Research को उम्मीद है कि 2026 की चौथी तिमाही में चांदी करीब 63 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर सकती है। बैंक ने 2026 के लिए औसत भाव का अनुमान 84 डॉलर से घटाकर 70 डॉलर प्रति औंस कर दिया है। 2027 के लिए उसका अनुमान 63 डॉलर प्रति औंस है।
Bloomberg Intelligence के कमोडिटी रणनीतिकार माइक मैकग्लोन ने भी गिरावट की आशंका जताई है। Kitco के मुताबिक, उनके अनुसार चांदी निकट भविष्य में 50 डॉलर प्रति औंस तक गिर सकती है। लंबे समय तक इसका भाव 50 से 84 डॉलर के दायरे में रह सकता है।
तेल, डॉलर और अमेरिकी ब्याज दरों पर नजर
मंगलवार को ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। मध्य पूर्व और पूर्वी यूरोप में बढ़ते तनाव ने तेल की कीमतों को सहारा दिया। महंगा तेल महंगाई बढ़ा सकता है। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें ऊंची रखने या बढ़ाने की आशंका बढ़ती है।
बाजार को उम्मीद है कि फेड 27-28 अक्टूबर की बैठक में दरें नहीं बदलेगा। हालांकि, दिसंबर में ब्याज दर बढ़ने की आशंका भी बढ़ी है। आने वाले अमेरिकी CPI और PPI आंकड़े इस दिशा में अहम होंगे। महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा रहे, तो चांदी पर दबाव बढ़ सकता है।
भारतीय निवेशकों को क्या करना चाहिए?
मई में इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से घरेलू चांदी की कीमतों को कुछ सहारा मिला है। लेकिन इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार की गिरावट पूरी तरह नहीं रुक सकती।
चांदी में आगे भी उतार-चढ़ाव रह सकता है। निवेशकों को कच्चे तेल, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों, डॉलर और बॉन्ड यील्ड पर नजर रखनी चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ कीमत गिरने को सस्ता खरीदने का संकेत न मानें। एक साथ पूरी रकम लगाने के बजाय चरणों में खरीदारी करने से समय चुनने का जोखिम कुछ कम हो सकता है।
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Jailer 2 Box Office Day 5: साउथ सुपरस्टार रजनीकांत का जलवा बॉक्स ऑफिस पर बरकरार है। उनकी फिल्म ‘जेलर 2’ ने सोमवार के दिन भी कमाई का धाकड़ रिकॉर्ड अपने नाम किया। रजनीकांत की लेटेस्ट फिल्म बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छा चल रही है। इसकी रफ्तार अब भी धीमी नहीं हुई है। बड़े ओपनिंग वीकेंड के बाद भी, जेलर 2 ने सोमवार को भी दर्शकों को खींचना जारी रखा। नेल्सन दिलीपकुमार के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने सोमवार को भारत में करीब 49.50 करोड़ रुपये की कमाई की।
ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, इससे सिर्फ पांच दिनों में इसका वर्ल्डवाइड कलेक्शन 477.75 करोड़ रुपये हो गया। आसान शब्दों में कहें तो, जेलर 2 अब दुनिया भर में 500 करोड़ रुपये के आंकड़े से सिर्फ 22 करोड़ रुपये दूर है। इस फिल्म ने किसी तमिल फिल्म द्वारा पहले सोमवार को सबसे बड़े कलेक्शन का नया रिकॉर्ड भी बनाया है। फिल्म ने सोमवार को भारत में 49.50 करोड़ रुपये की कमाई की, जिसने विजय की लियो को पीछे छोड़ दिया, जिसने 2023 में अपने पहले सोमवार को 39.50 करोड़ रुपये कमाए थे।
रजनीकांत की पिछली फिल्म, जेलर, 27.30 करोड़ रुपये के साथ लिस्ट में तीसरे नंबर पर है। विजय की बिगिल 22.80 करोड़ रुपये के साथ दूसरे नंबर पर है, जबकि मणिरत्नम की पोन्नियिन सेलवन: पार्ट 1 22.35 करोड़ रुपये के साथ पांचवें नंबर पर है।
फिल्म का ओपनिंग डे सबसे बड़ा दिन था, जब इसने भारत में 16,599 शो में 59.70 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। दूसरे दिन कलेक्शन घटकर 37.10 करोड़ रुपये रह गया, लेकिन वीकेंड में इसमें तेजी आई। सिर्फ पांच दिनों में, जेलर 2 इस साल की दो और बड़ी भारतीय रिलीज, बॉर्डर 2 और हनुमान अंश से भी आगे निकल गई है। यह फिल्म अब तक की सबसे बड़ी तमिल फिल्मों की लिस्ट में भी ऊपर चढ़ रही है।
इसके अगले टारगेट में पोन्नियिन सेलवन : पार्ट 1 है, जिसने दुनिया भर में 488 करोड़ रुपये कमाए, और कुली, जिसने 518 करोड़ रुपये कमाए। उसके बाद, यह लियो को 605 करोड़ रुपये और जेलर को 609 करोड़ रुपये का टारगेट दे सकती है। जेलर 2 में, रजनीकांत टाइगर मुथुवेल पांडियन का रोल कर रहे हैं, जो एक मूर्ति-स्मगलिंग रैकेट की जांच करते हैं। कास्ट में विद्या बालन, एसजे सूर्या, राम्या कृष्णन, मिथुन चक्रवर्ती और सूरज वेंजरामूडू भी हैं। मोहनलाल, शिवा राजकुमार और ऋतिक रोशन गेस्ट रोल में हैं।
नेल्सन दिलीपकुमार ने फिल्म लिखी और डायरेक्ट की है। आर निर्मल एडिटिंग के इंचार्ज हैं, अनिरुद्ध रविचंदर ने म्यूजिक दिया है, और विजय कार्तिक कन्नन सिनेमैटोग्राफर हैं।
छत पर सोलर पैनल लगते ही जीरो हुआ बिजली बिल! जानिए बिहार की उमा और रीना की पूरी स्टोरी
IMD Weather Alert: देश भर में एक बार फिर मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। दक्षिण भारत से लेकर मध्य भारत तक कई राज्यों में सक्रिय मौसमी प्रणालियों का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक बुधवार 21 अक्टूबर को देश के कई प्रमुख राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के इन अलर्ट्स ने कई इलाकों के लिए चिंता बढ़ा दी है। आइए विस्तार से जानते हैं कि 21 अक्टूबर को देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है और किन राज्यों में आंधी-बारिश का सबसे ज्यादा असर दिखेगा।
दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव
दक्षिण प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्वी मानसून और अन्य चक्रवाती प्रणालियों के मजबूत होने की वजह से बारिश का दौर पूरी तरह आक्रामक हो गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 21 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन क्षेत्रों के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के विभिन्न जिलों में भी भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक इस दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से लेकर 60 किमी/घंटे तक के तेज हवा के झोंके चल सकते हैं और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली कड़क सकती है।
मध्य प्रदेश, तेलंगाना और लक्षद्वीप में आंधी-तूफान के साथ बौछारें
दक्षिण भारत के अलावा मध्य और तटीय क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। मध्य प्रदेश, तेलंगाना, लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश और केरल व माहे के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 50 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। मध्य प्रदेश के कई अंदरूनी हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। इससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है।

कर्नाटक और तटीय इलाकों में वज्रपात की चेतावनी
कर्नाटक के विभिन्न अंदरूनी और तटीय इलाकों में कल गरज-चमक के साथ तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों पर न जाने और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है।
अरब सागर में स्क्वॉली वेदर और तेज हवाओं का पहरा
समुद्री और तटीय क्षेत्रों में लगातार बन रही मौसमी हलचल को देखते हुए मछुआरों और नौका चालकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है। दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में स्क्वॉली वेदर के सक्रिय रहने के कारण वहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 60 किमी/घंटे तक के तेज हवा के झोंके चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए संबंधित समुद्री इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।
चांदनी मशीन्स लिमिटेड का स्टॉक, स्प्लिट होने वाला है। कंपनी का 10 रुपये फेस वैल्यू वाला शेयर, 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में टूट जाएगा। रिकॉर्ड डेट 29 अक्टूबर 2026 है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, उनके शेयर स्प्लिट हो जाएंगे। कंपनी ने इस कॉरपोरेट एक्शन को सितंबर महीने में मंजूरी दी थी।
चांदनी मशीन्स में सितंबर 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 20.97 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। स्टॉक स्प्लिट में एक कंपनी अपने मौजूदा शेयरों को छोटे टुकड़ों में तोड़ देती है। इससे निवेशकों के पास शेयरों की संख्या बढ़ जाती है लेकिन उसी अनुपात में प्रति शेयर कीमत घट जाती है। निवेशकों के निवेश की कुल वैल्यू नहीं बदलती।
इस कदम का मकसद शेयरों को किफायती बनाना होता है। बहुत ज्यादा कीमत वाले शेयर छोटे निवेशकों की पहुंच से बाहर हो जाते हैं। स्प्लिट के बाद शेयर सस्ते हो जाते हैं, जिससे अधिक नए निवेशक जुड़ने की संभावना रहती है।
Chandni Machines का शेयर एक साल में 190 प्रतिशत मजबूत
कंपनी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 102.13 रुपये है। मार्केट कैप 71 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर साल 2026 में अब तक 40 प्रतिशत चढ़ा है। एक साल में कीमत लगभग 190 प्रतिशत मजबूत हुई है। 3 साल में शेयर लगभग 340 प्रतिशत और 5 साल में 1000 प्रतिशत से ज्यादा बढ़त देख चुका है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 127.74 रुपये और एडजस्टेड लो 34 रुपये है।
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कंपनी की वित्तीय सेहत
चांदनी मशीन्स का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 72 प्रतिशत गिरकर 44.50 लाख रुपये रहा। एक साल पहले यह 25.89 करोड़ रुपये था। जून 2026 तिमाही में कंपनी ने 1.98 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया। एक साल पहले समान तिमाही में कंपनी 74.68 लाख रुपये के मुनाफे में थी। खर्च 3.74 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 26 करोड़ रुपये के थे।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Maxi scooters have technically been around in our market since 2006, thanks to the Kinetic Blaze but the idea was first popularised by the Suzuki Burgman and later the Yamaha Aerox added to it. “Popularised” being the operating word because Aprilia also had a player in there from 2020, which has just been updated. So, what’s the maxi scooter scene like today and which one should you go get a test ride of? Let’s see.
Aprilia SXR GT 175 hp-e vs Rivals: Engine and output
Smaller rivals all make more power
Don’t let the bigger displacement number mislead you into thinking the Aprilia SXR GT 175 is the most powerful of these scooters, because that’s not the case. The SXR has the only air-cooled mill in this class, possibly contributing to its lower output figures. Combine that with the weight and the Aprilia’s case only becomes weaker. For what it’s worth the Italian scooter delivers its peak torque faster than the others so that should be an advantage while plying within the city.
The Yamaha has the lowest kerb weight on this list, which contributes to the highest power-to-weight ratio, very closely followed by the Honda.
Aprilia SXR GT 175 hp-e vs Rivals: Dimensions and weight
Hero is the heaviest, Yamaha is the lightest
Aprilia gains some ground, or rather gets away from ground with its second highest ground clearance figures. However, it also has the tallest seat height of this bunch. While Yamaha’s ground clearance numbers seem the lowest, do note that the website specifies it to be minimum, which means that it’s measured under laden conditions. So, it’s actually the Hero that has the lowest ground clearance.
As for seat height, Honda doesn’t specify that for the ADV160, but it shouldn’t be too tall for it to be a concern for most Indians. On the other hand, the Xoom 160 is the heaviest of these four, which could prove to be tricky to some at low speed rides and reversing out of parking lots. Aprilia and Hero have neglected mentioning the under seat storage but none of these is likely to impress you in that specific aspect. For what it’s worth, the Honda ADV160 has the highest number of the lot, 27 litres followed by the Yamaha Aerox at 24.5 litres.
Aprilia SXR GT 175 hp-e vs Rivals: Tyres, brakes and suspension
Honda strikes the best balance in equipment
Aprilia has given the SXR GT 175 the widest front tyre, but the rear tyre too is the exact same size which makes it the narrowest rear tyre in this list. Honda appears to have struck the best balance, with respect to the equipment on offer. Though that could change depending on the odd 14-13 front-rear wheel size’s real world implications on the ADV160’s handling.
Aprilia SXR GT 175 hp-e vs Rivals: Features
Honda has an unbeatable ‘feature’
A keyless system is present on all scooters but the Aprilia although Yamaha requires you to pony up for the Aerox S variant to get it. Of the four, Hero and Yamaha’s cockpit views are going to feel the oldest, simply because of their LCD screens. Both companies have packed it with features (call and SMS alerts, metrics on the app and turn-by-turn navigation, to name a few) but apples to apples, the SXR and ADV160 have more modern-looking TFT displays and they also match the former two in features. This will make a difference only if you clearly prefer one over the other, for otherwise there isn’t anything to fault with the Hero and the Yamaha’s displays.
Elsewhere, all offer some type of USB port for charging your devices, front cubby storage and LED lighting. On the convenience front, Hero, Honda and Yamaha offer an integrated starter-motor-generator which gives their scooters features like auto stop/start and a silent start. Honda and Yamaha offer traction control as standard.
A big advantage that only the Honda ADV160 can boast at the moment though, is its E85 compatibility. While Hero and Yamaha do offer other vehicles in their line-up with flex fuel compatibility, the Xoom and the Aerox respectively, do not have that and in these uncertain times, that’s certainly an unmissable advantage of the Honda.
Aprilia SXR GT 175 hp-e vs Rivals: Price
Honda’s advantages have a price to pay
The Aprilia’s an unbeatable bargain at this price with its nearest rival being the Xoom 160, closely followed by the Yamaha for its non-S version. Honda appears to offer the best balance of everything along with a currently significant E85 compatibility, but also costs Rs 40,000 over the Aprilia. While it’s easy to get confused over what is the right scooter for you, all of these – thankfully – make it unmistakably clear what they intend to offer. Hence, if you’re confused, figuring out your priorities and taking test rides (hopefully back-to-back) should help you pick the right one for you. If that happens to be the ADV160, you now know what you’re paying for.
आपके पास कोई ऐसा आइडिया है, जो लोगों की जिंदगी आसान बना सकता है या किसी बड़ी समस्या का समाधान कर सकता है, तो उसे हकीकत में बदलने का मौका है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर युवाओं को उनके नए विचारों को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। इसके लिए यूथ एंटरप्रेन्योर्स चैलेंज (YEC) 2027 के तहत आवेदन मांगे गए हैं। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में चुने जाने वाले युवाओं को विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा। इस प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली टीमों को डेढ़ लाख रुपये तक का नकद पुरस्कार भी मिलेगा। आवेदन करने की अंतिम तिथि 22 अक्टूबर 2026 है। यह पहल भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2027 का हिस्सा है। इसमें आईआईटी कानपुर नॉलेज पार्टनर की भूमिका निभा रहा है।
आइडिया को कारोबार में बदलने में मिलेगी मदद
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य ऐसे युवाओं की पहचान करना है, जो तकनीक और नए प्रयोगों के जरिए समाज की समस्याओं का समाधान निकालना चाहते हैं। कई बार युवाओं के पास अच्छा विचार होता है, लेकिन उसे आगे बढ़ाने, उसका प्रोटोटाइप तैयार करने और बाजार तक पहुंचाने का रास्ता नहीं पता होता। ऐसे युवाओं को प्रतियोगिता के माध्यम से अपने विचार को बेहतर बनाने का मौका मिलेगा। आईआईटी कानपुर का स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी) भी नए विचारों को व्यावहारिक रूप देने और उन्हें बड़े स्तर पर लागू करने की दिशा में मददगार साबित हो सकता है।
18 से 35 साल के युवा कर सकेंगे आवेदन
इस प्रतियोगिता में 18 से 35 वर्ष की उम्र के युवा हिस्सा ले सकते हैं। ऐसे स्टार्टअप संस्थापक आवेदन कर सकते हैं, जिनके उद्यम को डीपीआईआईटी से मान्यता मिली हो या जो एमएसएमई के रूप में पंजीकृत हों। सरकारी, निजी, गैर सरकारी संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों में काम करने वाले पेशेवर भी निर्धारित शर्तों के तहत आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित संस्थान से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) देना होगा। युवा अकेले या अधिकतम तीन सदस्यों की टीम बनाकर हिस्सा ले सकते हैं। प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।
खेती से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक पर मौका
युवा स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, कृषि, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण, शासन व्यवस्था और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों से जुड़े अपने विचार पेश कर सकते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आधारित नए समाधान भी इसमें शामिल किए जा सकते हैं। विचार ऐसा होना चाहिए, जो किसी वास्तविक समस्या को हल करने में मदद करे और जिसे भविष्य में उपयोगी समाधान के रूप में विकसित किया जा सके।
पहले स्थान पर डेढ़ लाख रुपये का पुरस्कार
प्रतियोगिता के तहत चुनी गई टीमों को अलग-अलग चरणों में अपने विचार प्रस्तुत करने होंगे। क्षेत्रीय स्तर पर अक्टूबर और नवंबर 2026 में प्रस्तुतियां प्रस्तावित हैं। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित टीमों को दिसंबर में मार्गदर्शन मिलेगा। इसके बाद 8 और 9 दिसंबर को आईआईटी कानपुर परिसर में प्रत्यक्ष मार्गदर्शन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। प्रोटोटाइप और पोस्टर तैयार करने के लिए प्रत्येक फाइनलिस्ट टीम को 5,000 रुपये की सहायता भी दी जाएगी। प्रतियोगिता का अंतिम चरण 10 से 12 जनवरी 2027 के बीच प्रस्तावित है। इसमें पहले स्थान पर आने वाली टीम को 1.50 लाख रुपये, दूसरे स्थान पर एक लाख रुपये, तीसरे स्थान पर 75 हजार रुपये, चौथे स्थान पर 50 हजार रुपये और पांचवें स्थान पर 30 हजार रुपये मिलेंगे। फाइनल में पहुंचने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र के साथ नीति निर्माताओं और निवेशकों से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा।
22 अक्टूबर तक करना होगा पंजीकरण
इच्छुक युवा माय भारत पोर्टल पर जाकर विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2027 के अंतर्गत यूथ एंटरप्रेन्योर्स चैलेंज के लिए आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण की अंतिम तिथि 22 अक्टूबर 2026 है। आवेदन और पात्रता से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक लिंक https://mybharat.gov.in/pages/youth-entrepreneurs-challenge पर जाना होगा।
कानपुर से अखंड प्रताप सिंह की रिपोर्ट
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Renault has expanded the new Duster line-up with a strong-hybrid option, joining the existing 1.0-litre and 1.3-litre turbo-petrol engines. While the hybrid shares much of its design and cabin layout with the petrol versions, there are differences in styling, equipment and, most importantly, how the two powertrains deliver performance and efficiency. Here’s a closer look at what sets them apart.
Renault Duster turbo petrol vs hybrid: Exterior
The illuminated grille and badges are the main styling difference
The Duster hybrid retains the turbo-petrol model’s overall design, including its eyebrow-shaped LED daytime running lamps, chunky body cladding, roof rails and C-pillar-mounted rear door handles. It also has the same 212mm ground clearance.
The main styling changes are an illuminated ‘Duster’ grille emblem and ‘E-Tech Hybrid’ badges on the front doors and tailgate. The Hybrid version also gets frequency-dependent dampers. Boot capacity is lower than in the turbo-petrol versions, although the overall exterior design remains largely unchanged.
Renault Duster turbo petrol vs hybrid: Interior and features
The cabin layout is similar, but the upholstery and equipment differ
The hybrid follows the turbo-petrol Duster’s dashboard layout, with a dual-screen setup and an e-shifter on the centre console. The hybrid gets a different upholstery scheme from the turbo-petrol Duster, with black upholstery and grey stitching on the Evolution, Desert Beige semi-leatherette on the Techno and Dune Brown leatherette on the Emotion. The hybrid also gets a smaller headrest.
The Duster hybrid is offered in Evolution, Techno and Emotion trims, while the turbo-petrol range gets Evolution, Techno, Techno+, Iconic and Iconic Launch Edition variants.
The hybrid and turbo-petrol Duster share some equipment across their respective trims, but there are differences. The hybrid Evolution gets a 7-inch digital driver’s display, a 10.1-inch touchscreen and dual-zone automatic climate control. The turbo-petrol Evolution has the same touchscreen and driver’s display, but gets single-zone manual air conditioning. Both the hybrid and turbo-petrol Techno trims get a panoramic sunroof.
At the top of the range, the hybrid Emotion gets a 10.25-inch digital driver’s display, ventilated and electrically adjustable front seats, and a powered tailgate. The turbo-petrol Iconic offers these features too, but additionally gets a 360-degree camera and Level 2 ADAS, which are not available on the hybrid.
Renault Duster turbo petrol vs hybrid: Engine and Performance
The 1.3-litre turbo-petrol makes more torque
The Duster turbo-petrol is available with two engine options. The 1.0-litre, three-cylinder unit produces 100hp and 166Nm and is paired with a 6-speed manual gearbox. The larger 1.3-litre, four-cylinder engine develops 163hp and 280Nm, and is available with a 6-speed manual or a 6-speed dual-clutch automatic gearbox.
The hybrid uses a naturally aspirated 1.8-litre, four-cylinder petrol engine paired with two electric motors: a 20hp generator and a 49hp motor that drives the wheels. The system produces a combined 160hp and 172Nm, with a 1.4kWh battery supporting the setup. It uses a ‘multi-mode’ automatic gearbox with two electric gears and four petrol gears.
The hybrid system automatically switches between six operating modes, including all-electric, petrol-only and series and series-parallel hybrid modes. Renault claims the Duster hybrid can cover up to 80 percent of city driving in pure electric mode and accelerate from 0-100kph in a claimed 9.61 seconds.
While the hybrid’s combined output of 160hp is close to the 1.3-litre turbo-petrol’s 163hp, its claimed torque figure of 172Nm is lower than the turbo-petrol’s 280Nm.
Renault Duster turbo petrol vs hybrid: mileage
Duster hybrid mileage is 10.55kpl higher than turbo-petrol DCT
| Powertrain | Transmission | ARAI-claimed mileage |
| 1.0-litre turbo-petrol | 6-speed manual | 19.41kpl |
| 1.3-litre turbo-petrol | 6-speed manual | 17.75kpl |
| 1.3-litre turbo-petrol | 6-speed DCT automatic | 18.45kpl |
| 1.8-litre strong hybrid | Multi-mode automatic | 29kpl |
The hybrid’s claimed mileage is significantly higher than that of either turbo-petrol engine. The difference is 9.59kpl over the 1.0-litre turbo-petrol manual, 11.25kpl over the 1.3-litre turbo-petrol manual and 10.55kpl over the 1.3-litre turbo-petrol DCT. At 29kpl, the hybrid’s claimed mileage is around 57 percent higher than that of the DCT version.
The hybrid has a 50-litre fuel tank, the same capacity as the turbo-petrol versions. Renault claims a driving range of more than 1,400km on a full tank of the Hybrid variant.
Duster turbo petrol vs hybrid: Price
The hybrid costs more, even though it misses some features available on the top-spec turbo-petrol
| Trim | Duster hybrid | Duster turbo-petrol |
| Authentic | – | 10.49 (1.0 MT) |
| Evolution | 16.99 | 11.69 (1.0 MT); 12.99 (1.3 MT); 14.49 (1.3 DCT) |
| Techno | 18.99 | 13.49 (1.0 MT); 14.49 (1.3 MT); 15.89 (1.3 DCT) |
| Techno+ | – | 15.29 (1.3 MT); 16.69 (1.3 DCT) |
| Emotion / Iconic | 19.49 (Emotion) | 16.99 (Iconic MT); 18.49 (Iconic DCT) |
MT = manual; DCT = dual-clutch automatic
The hybrid’s introductory prices apply to deliveries until December 31, 2026. In Evolution trim, the hybrid costs Rs 2.50 lakh more than the 1.3-litre turbo-petrol DCT, while the top-spec Emotion hybrid is Rs 1 lakh more than the Iconic DCT. The hybrid offers higher claimed mileage but misses out on the 360-degree camera and Level 2 ADAS available on the turbo-petrol Iconic.
The hybrid version suits buyers who cover long distances and prioritize fuel efficiency, while the 1.3-litre turbo-petrol is worth considering for its higher torque and additional driver-assistance features.
All prices are ex-showroom, India.

We first rode the Norton Manx R superbike overseas in May and this was followed by the Atlas adventure bike in July. At the time in June, TVS had said that the Atlas would be introduced in India later in the year. It had also scheduled the launch of TVS Paddock, its premium retail channel, for the second quarter of FY27. Paddock will serve as the retail outlet for both Norton products as well as select TVS premium vehicles across the country.
- Norton motorcycles will be retailed out of a few exclusive Norton outlets as well as a new TVS Paddock dealer network
- Three paddock outlets will be set up by December 2026
- Norton line-up will be initiated with the Atlas, followed by Manx R and the new single-cylinder motorcycle
Norton’s reach in Europe, US and India
Indian dealer network still being established
We recently reported on the company’s new 450cc class liquid cooled single cylinder roadster making its debut at ECMA 2026. In its official response to our queries sent, a company spokesperson said, “Norton is set to launch in India soon following the brand’s presence at EICMA this year, when the next key stage of the resurgence will be revealed”.
However, the company did not provide an updated Paddock rollout schedule. Current preparations are understood to point to around three Paddock outlets by December, although a larger network is being sought. The number of outlets that will be operational when motorcycle sales begin has yet to be finalised.
Under the tentative India rollout plan, the Atlas could launch in January 2027, with the Manx following by March if that schedule holds. The sequence could see Norton introduce three to four products during 2027, although the final model mix and launch dates have not been announced. As for the new single cylinder roadster, that bike is likely to be launched in India alongside overseas markets in the second half of next year.
While Norton’s India innings is yet to begin, the company spokesperson says that the Manx R and Atlas launched earlier this year are being delivered to customers across Europe. The naked Manx and road-biased Atlas GT have not yet been formally launched. The company said it now has more than 50 retailers across 10 markets, including the UK, Italy, France, Germany and Spain. Preparations for a United States launch are continuing, subject to the final stages of vehicle certification.
“As Norton continues to build the brand globally, it is important to ensure that Norton’s entry into India is equally meaningful and thoughtfully executed,” the spokesperson said. “The positive response to Norton’s products in Europe gives us confidence, and more on Norton’s India plans will be shared in due course.”
With inputs from Anurag Chaturvedi.










