Marco Rubio Interview: ‘भारत-अमेरिका ट्रेड डील जल्द’, जानिए ईरान युद्ध, आतंकवाद से लेकर रूसी तेल की खरीद पर क्या बोले मार्को रुबियो

Marco Rubio Interview: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के साथ ट्रेड डील, रूस से तेल खरीदने, पाकिस्तान, ईरान और क्वाड जैसे अहम मुद्दों पर बात की। नेटवर्क18 के ग्रुप एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील लगभग तैयार है। इसे पूरा होने में महीनों नहीं, बल्कि कुछ हफ्ते लगने की उम्मीद है।

रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ अपने रिश्तों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास आपसी संबंध मजबूत करने के असाधारण अवसर हैं। रुबियो ने रूस से तेल खरीद, पाकिस्तान में आतंकवाद और ईरान युद्ध के बारे में भी बात की।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील

रुबियो ने कहा कि ट्रेड डील अब अंतिम चरण में है। कुछ तकनीकी मुद्दों को सुलझाना और समझौते की भाषा को अंतिम रूप देना बाकी है। उनके मुताबिक, घोषणा से पहले जरूरी है कि दोनों देश हर शर्त पर सहमत हों। उन्हें उम्मीद है कि डील कुछ हफ्तों में पूरी हो जाएगी।

भारत को दूसरे देशों के मुकाबले बेहतर टैरिफ मिलने के सवाल पर रुबियो ने कहा कि किसी भी ट्रेड डील का मकसद मौजूदा स्थिति से बेहतर शर्तें हासिल करना होता है। लेकिन इससे भी जरूरी है कि दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते लंबे समय तक टिकाऊ रहें।

उन्होंने कहा कि हर देश के अपने राष्ट्रीय हित होते हैं। भारत अपने हितों की रक्षा करेगा और अमेरिका भी ऐसा ही करेगा। लेकिन दोस्ती और सहयोग की वजह से दोनों देश मतभेदों को सुलझा सकते हैं। रुबियो के मुताबिक, समझौता ऐसा होना चाहिए, जो कुल मिलाकर दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो।

रूस से तेल खरीदने पर भारत की स्थिति समझते हैं रुबियो

अमेरिका रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर टैरिफ और प्रतिबंध लगाने की बात करता है, जबकि खुद भी रूस से डीजल खरीद रहा है। इस सवाल पर रुबियो ने कहा कि यूक्रेन युद्ध पांचवें साल में पहुंच चुका है और इसे खत्म करना जरूरी है। लेकिन रूस पर प्रतिबंधों का असर सिर्फ उसी देश पर नहीं पड़ता। रूस के साथ कारोबार करने वाले दूसरे देशों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका के सामने दो चुनौतियां हैं। पहली, रूस पर दबाव बनाना, ताकि वह युद्ध खत्म करने के लिए समझौते पर आए। दूसरी, यह देखना कि इस दबाव का असर दूसरे देशों की अर्थव्यवस्था पर कितना पड़ रहा है।

रुबियो के मुताबिक, यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका के हितों के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को भी देखना जरूरी है। उन्होंने माना कि रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर भारत और अमेरिका के बीच तनाव है। उम्मीद जताई कि ट्रेड डील और बातचीत से मतभेद कम हो सकते हैं।

अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नफरत

अमेरिका के इलिनॉय स्टेट में एक हिंदू मंदिर पर हमले की कथित साजिश और भारतीयों के खिलाफ नफरत के सवाल पर रुबियो ने कहा कि कोई भी देश ऐसी घटनाओं से पूरी तरह अछूता नहीं है। हर समाज में कुछ लोग अज्ञानता और नफरत के कारण गलत काम करते हैं।

हालांकि, उन्होंने इस बात से इनकार किया कि अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नफरत व्यापक स्तर पर फैली हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद भारतीय-अमेरिकी समुदाय के साथ आसपास के लोग भी पीड़ितों के समर्थन में खड़े होते हैं।

रुबियो ने विस्कॉन्सिन में सिख समुदाय के साथ हुई एक भयावह घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने अमेरिका में यहूदी विरोधी घटनाओं में बढ़ोतरी पर चिंता जताई। उनके मुताबिक, नेताओं को ऐसी नफरत को बढ़ावा नहीं देना चाहिए, न ही उसका बचाव करना चाहिए या उसे नजरअंदाज करना चाहिए।

पाकिस्तान पर अमेरिकी नीति

पाकिस्तान को लेकर अमेरिकी नीति पर रुबियो ने कहा कि अमेरिका दुनिया में कहीं भी आतंकवाद और उसे समर्थन देने वालों के खिलाफ है। हालांकि, विदेश मंत्री के तौर पर उन्हें उन देशों के साथ भी संबंध बनाए रखने पड़ते हैं, जिनसे कुछ मुद्दों पर मतभेद हैं।

राहुल जोशी ने उन्हें याद दिलाया कि 2025 में अमेरिकी सीनेटर रहते हुए रुबियो ने पाकिस्तान को अमेरिकी सुरक्षा सहायता रोकने से जुड़ा विधेयक लाने की बात कही थी, अगर वह भारत के खिलाफ आतंकवाद को समर्थन देता है। उनसे पूछा गया कि क्या अब उनकी नीति बदल गई है।

रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार हैं और भौगोलिक स्थिति के लिहाज से भी अमेरिका के लिए उससे बातचीत करना जरूरी है। उन्होंने इसकी तुलना भारत के ईरान के साथ संबंधों से की। उनके मुताबिक, भारत को भी ईरान के नेताओं से बातचीत करनी पड़ती है, भले ही कुछ मुद्दों पर मतभेद हों।

रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान के साथ संबंध बनाए रखने से अमेरिका को उन मुद्दों पर बातचीत करने का मौका मिल सकता है, जिनसे भारत को चिंता है। इससे आतंकवाद को समर्थन देने वाली गतिविधियों को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद भी की जा सकती है।

ईरान और होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव

ईरान के साथ संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमलों को लेकर रुबियो ने कहा कि ईरान की सरकार के साथ समझौता करना मुश्किल है। उन्होंने ईरान की तुलना नाजी जर्मनी से की और आरोप लगाया कि ईरान व्यावसायिक जहाजों को निशाना बना रहा है। और ऐसे नाविकों की जान खतरे में डाल रहा है, जिनका युद्ध से कोई लेना-देना नहीं है।

रुबियो ने कहा कि अमेरिका हर रात समुद्री जहाजों की सुरक्षा के लिए काम कर रहा है। उनके मुताबिक, ईरान की ओर से दागे जाने वाले ज्यादातर ड्रोन और मिसाइलों को नष्ट कर दिया जाता है। हालांकि, कुछ हमले जहाजों तक पहुंच जाते हैं। इससे जहाजों को नुकसान होता है और लोगों की जान भी जाती है।

उन्होंने खास तौर पर भारतीय नाविकों की मौत का जिक्र किया। रुबियो ने कहा कि समुद्र में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक काम करते हैं। इसी वजह से इन हमलों में कई भारतीयों की भी जान गई है। उन्होंने ईरान से ऐसे हमले रोकने की अपील की।

क्वाड की बैठक साल के अंत से पहले

रुबियो ने उम्मीद जताई कि क्वाड देशों के नेताओं की बैठक इस साल के अंत से पहले होगी। उन्होंने बताया कि बैठक फिलीपींस की राजधानी मनीला में आसियान सम्मेलन के दौरान आयोजित करने पर सहमति बनी है। हालांकि, तारीख अभी तय नहीं हुई है।

क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। रुबियो ने बताया कि विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी पहली बैठक क्वाड से जुड़ी थी, जिसमें जयशंकर भी शामिल थे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच सात या आठ बार बातचीत हो चुकी है। उन्होंने अटलांटा में G20 के दौरान एक और बैठक होने की जानकारी भी दी।

रुबियो के मुताबिक, क्वाड अब सिर्फ बैठकों और समझौतों तक सीमित नहीं है। इसके तहत ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगली शिखर बैठक में भी ऐसे फैसलों और उनके नतीजों की घोषणा होनी चाहिए, जिनका वास्तविक असर दिखाई दे।

जयशंकर के साथ रिश्तों की तारीफ

रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ अपने रिश्तों को शानदार बताया। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी पहली बैठक में जयशंकर शामिल थे। इसके बाद दोनों कम से कम 12 बार मिल चुके हैं। जयशंकर चार बार अमेरिका भी गए हैं। दोनों की मुलाकातें अंतरराष्ट्रीय बैठकों और सम्मेलनों में भी हुई हैं।

रुबियो ने कहा कि जब भी दोनों किसी बैठक या कार्यक्रम के लिए एक ही शहर में होते हैं, तो मिलने का समय जरूर निकालते हैं। उनके मुताबिक, पिछले डेढ़ साल में दोनों के बीच मजबूत कामकाजी रिश्ता बना है। इससे कई संवेदनशील और मुश्किल मुद्दों को संभालने में मदद मिली है।

जामनगर में रिलायंस से मुलाकात क्यों?

रुबियो ने अपनी जामनगर यात्रा को रिलायंस की रिफाइनिंग क्षमता और ऊर्जा सहयोग से जोड़ा। उन्होंने कहा कि रिलायंस के पास कच्चे तेल को उपयोगी उत्पादों में बदलने की असाधारण क्षमता है। उन्होंने इसे भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए अहम बताया।

रुबियो के मुताबिक, रिलायंस भारत को ऊर्जा आपूर्ति के अलग-अलग स्रोतों से जोड़ने में मदद कर सकती है। उन्होंने वेनेजुएला के तेल का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक, वेनेजुएला अपना तेल उत्पादन बढ़ा रहा है और भारत लंबे समय से इस तरह के कच्चे तेल को रिफाइन करने में सक्षम रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि रिलायंस ने अमेरिका में रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने के लिए निवेश किया है। रुबियो ने कहा कि जामनगर में कंपनी के कामकाज को देखने और उसके अधिकारियों से बातचीत करने का मकसद ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाशना है।

उन्होंने कहा कि खास तौर पर पश्चिमी गोलार्ध से आने वाले कच्चे तेल को रिफाइन करने में सहयोग दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो सकता है। इससे भारत को ऊर्जा आपूर्ति के नए विकल्प मिलेंगे और अमेरिका को भी लाभ होगा।

‘बस कुछ हफ्तों की बात…’, भारत से ट्रेड डील पर US विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दे दिया बहुत बड़ा संकेत

‘एक ही शहर में हों तो मिलना तय!’ एस जयशंकर संग अपनी केमिस्ट्री और Quad पर बोले मार्को रुबियो

Marco Rubio S Jaishankar Relation: भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत और अमेरिका के रिश्तों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। नेटवर्क18 के एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को दिए एक स्पेशल इंटरव्यू में रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ अपने गहरे और मजबूत कामकाजी रिश्तों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों देश QUAD के जरिए अपने रणनीतिक सहयोग को एक नए मुकाम पर ले जा रहे हैं।

‘एक ही शहर में हों तो मिलना तय’: जयशंकर संग मजबूत केमिस्ट्री

मार्को रुबियो ने खुलासा किया कि पिछले डेढ़ साल के दौरान वे और विदेश मंत्री एस. जयशंकर कम से कम 12 बार मिल चुके हैं। रुबियो के अमेरिकी विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी पहली मुलाकात भी जयशंकर के साथ ही हुई थी।

रुबियो ने कहा, ‘जब भी हम किसी वैश्विक सम्मेलन, अंतरराष्ट्रीय बैठक या एक ही शहर में होते हैं, तो हम एक-दूसरे से मिलना कभी नहीं भूलते। हमने एक बेहद सकारात्मक और मजबूत वर्किंग रिलेशनशिप बनाई है।’

उन्होंने जोर देकर कहा कि इसी मजबूत बॉन्डिंग की बदौलत दोनों देश पिछले डेढ़ साल में कई नाजुक और संवेदनशील मुद्दों को बहुत आसानी से सुलझाने में सफल रहे हैं।

Quad सम्मेलन में होंगे ऐतिहासिक फैसले

भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की सदस्यता वाले ग्रुप Quad के भविष्य पर बात करते हुए रुबियो ने कहा कि यह संगठन अब सिर्फ बैठकों और समझौतों तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर ठोस कार्रवाई की ओर बढ़ रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी क्वाड लीडर्स समिट केवल एक ‘गेट-टुगेदर’ नहीं होगी। इस शिखर सम्मेलन में चारों देश ठोस और बड़े फैसलों का ऐलान करेंगे।

वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत-US के रिश्ते बेहद अहम

मार्को रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच वैश्विक मामलों को लेकर एक जैसी सोच है। दोनों देशों के पास रक्षा, सुरक्षा, तकनीक और व्यापार के क्षेत्र में अपने संबंधों को और गहराई तक ले जाने के ‘असाधारण अवसर’ मौजूद हैं।

‘नाजी जर्मनी जैसा है ईरानी शासन…’, मार्को रुबियो बोले- ‘कट्टरपंथी शिया मौलवियों’ से समझौता बेहद मुश्किल

2 घंटे में ही 2500 से ज्यादा फ्लैट बुक! दशहरा पर DDA का 15 लाख वाला फ्लैट का ऑफर मचा रहा धूम, 25% डिस्काउंट संग सारी डिटेल जानिए

DDA Awas Nivesh Scheme: दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की आवास निवेश योजना 2026 को लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा। दिल्ली के उपराज्यपाल और डीडीए अध्यक्ष सरदार तरनजीत सिंह संधू के मार्गदर्शन में इस योजना की शुरुआत हुई है। योजना के तहत 20 अक्टूबर 2026 को ऑनलाइन बुकिंग शुरू होने के केवल दो घंटे के अंदर ही निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के 2,500 से ज्यादा फ्लैट बुक हो गए। इतने कम समय में बड़ी संख्या में फ्लैट बुक होने से पता चलता है कि दिल्ली में किफायती और अच्छी सुविधाओं वाले घरों की मांग बनी हुई है। डीडीए की इस योजना को मिली प्रतिक्रिया से आम लोगों को सस्ते आवास उपलब्ध कराने की उसकी कोशिशों को भी मजबूती मिली है।

कहां पर मिल रहे कितने फ्लैट

दिल्ली के नरेला इलाके में घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए डीडीए ने किफायती आवास का मौका दिया। योजना के तहत सेक्टर जी2 से जी6 के पॉकेट 3 और पॉकेट 6 में कुल 2,516 एलआईजी फ्लैट उपलब्ध कराए गए। इन फ्लैटों की ऑनलाइन बुकिंग 20 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे से ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर शुरू हुई। खास बात यह है कि फ्लैटों की कीमत पर 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है और इनकी शुरुआती कीमत करीब 14.95 लाख रुपये रखी गई है। उपलब्ध फ्लैटों में से 1,020 पॉकेट 3 और 1,496 पॉकेट 6 में हैं।

डीडीए आवास में को मिल रही अच्छी प्रतिक्रिया

डीडीए आवास निवेश योजना 2026 को मिली अच्छी प्रतिक्रिया को दिल्ली में लोगों को घर उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। दिल्ली का नरेला इलाका तेजी से विकसित हो रहा है। डीडीए यहां सड़क, परिवहन और अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर काम कर रहा है। आने वाले समय में नरेला आवास, शिक्षा और खेल सुविधाओं के लिहाज से एक अहम केंद्र बन सकता है। डीडीए के मुताबिक, वह राजधानी में लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कम कीमत पर अच्छे घर उपलब्ध कराने और शहर को बेहतर तरीके से विकसित करने के लिए लगातार काम कर रहा है।

Jio Platforms IPO GMP: आईपीओ खुलने से ठीक एक दिन पहले पहले भागा जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम

Jio Platforms IPO GMP: जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम 20 अक्तूबर को प्रति शेयर 257 रुपये चल रहा था। इसका मतलब है कि यह शेयर करीब 23 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हो सकता है। यह इश्यू 21 अक्तूबर यानी बुधवार को खुलेगा। इसमें 23 अक्तूबर तक बोली लगाई जा सकती है।

जीएमपी 245 से बढ़कर 257 रुपये पहुंचा

जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रीमियम एक दिन पहले यानी 19 अक्तूबर के मुकाबले बढ़ा है। 19 अक्तूबर को यह प्रति शेयर 245 रुपये था। 20 अक्तूबर को यह बढ़कर 257 रुपये हो गया। इसका मतलब है कि कंपनी का शेयर 1,376 रुपये पर लिस्ट हो सकता है। यह प्राइस बैंड के 1,119 रुपये के ऊपरी लेवल से करीब 23 फीसदी ज्यादा है। इसका मतलब है कि शेयरों के एक लॉट पर इनवेस्टर को 3,084 रुपये का बेनेफिट हो सकता है।

कम से कम एक लॉट के लिए बोली लगानी होगी

इनवेस्टर्स को कम से कम शेयरों के एक लॉट के लिए अप्लाई करना होगा। एक लॉट 12 शेयरों का है। इनवेस्टर्स को यह ध्यान में रखने की जरूरत है कि जीएमपी से सिर्फ शेयर के संभावित लिस्टिंग प्राइस का संकेत मिलता है। यह लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं है। इसलिए इनवेस्टर्स को किसी इश्यू में सिर्फ जीएमपी के आधार पर बोली लगाने का फैसला नहीं करना चाहिए।

यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ 

जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ शेयरों के प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर 30,213 करोड़ रुपये का है। यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ है। इससे पहले सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड ह्यूंडई मोटर इंडिया के नाम है। कंपनी ने 2024 में 27,800 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था।

10 लाख करोड़ से ज्यादा वैल्यूएशन वाली कंपनी 

प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसका मतलब है कि लिस्टिंग के बाद कंपनी 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा वैल्यूएशन वाली कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएगी। अभी इस लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक शामिल हैं।

एंकर इनवेस्टर्स ने दिखाई जबर्दस्त दिलचस्पी

जियो प्लेटफॉर्म्स के इश्यू को एंकर इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला है। कंपनी ने 212 एंकर इनवेस्टर्स से 8,110 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसमें देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी और कई दिग्गज विदेशी इनवेस्टमेंट फर्मों ने निवेश किया है। अनुमान है कि इश्यू ओपन होने के बाद दूसरी कैटेगरी के निवेशकों की भी अच्छी दिलचस्पी दिखेगी।

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28 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे शेयर 

जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर बीएसई और एनएसई पर 28 अक्तूबर को लिस्ट होने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्मों की इस आईपीओ पर पॉजिटिव राय है। उनका मानना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स की ग्रोथ के लिए आगे अच्छी संभावनाएं हैं। रिलायंस जियो इंफोकॉम इसकी सब्सिडियरी है, जो देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। शुरुआत के 10 साल के अंदर इसके सब्सक्राइबर्स की संख्या 53 करोड़ पहुंच गई है।

OYO का अब आईपीओ में सिर्फ 3350 करोड़ रुपये के नए शेयर इश्यू करने का प्लान, जानिए वजह

ओयो की पेरेंट कंपनी प्रिज्म अपने प्रस्तावित आईपीओ में अपने नए शेयरों की संख्या घटाकर आधी करना चाहती है। पहले वह आईपीओ में 6,650 करोड़ रुपये के नए शेयर इश्यू करने वाली थी। अब वह 3,350 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करने के बारे में सोच रही है। सूत्रों ने मंगलवार को यह बताया।

स्ट्रॉन्ग कैश जेनरेशन की वजह से कंपनी ने बदला प्लान

इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने पीटीआई को बताया कि स्ट्रॉन्ग कैश जेनरेशन की वजह से प्रिज्म इश्यू का साइज घटाना चाहती है। कंपनी का कैश जेनरेशन स्ट्रॉन्ग बना हुआ है। बैलेंसशीट भी स्ट्रॉन्ग है। इससे कंपनी को अब पहले के मुकाबले कम कैपिटल की जरूरत है।

पहले कंपनी को ज्यादा पूंजी की जरूरत थी 

एक सूत्र ने बताया कि कंपनी ने जब आईपीओ का प्लान बनाया था तब उसे ज्यादा पूंजी की जरूरत थी। लेकिन, हाल में बेहतर फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के बाद अब कंपनी को कम पूंजी की जरूरत है। सूत्र ने बताया कि कंपनी अब उतनी ही पूंजी जुटाना चाहती है, जितनी उसकी जरूरत है। कंपनी का प्लान अगले दो से तीन साल में कर्ज चुकाने का है।

पहले कंपनी का प्लान 6650 करोड़ जुटाने का था

OYO ने पहले आईपीओ से 6,650 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान बनाया था। इसमें से कंपनी 5,000 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करने वाली थी। आईपीओ के रिवाइज्ड स्ट्रक्चर के मुताबिक, कंपनी इश्यू से आने वाले ज्यादातर पैसे का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी।

मूडीज ने पेरेंट कंपनी प्रिज्म का आउटलुक बदला

रेटिंग एजेंसी मूडीज रेटिंग्स ने प्रिज्म के आउटलुक को ‘स्टेबल’ से बदलकर ‘पॉजिटिव’ कर दिया है। उसने इस बी2 कॉर्पोरेट फैमिली रेटिंग भी दी है। मूडीज ने कहा है कि उसे अगले 12-18 महीनों में ओयो की एबिड्टा बढ़कर करीब 3,000 करोड़ रुपये पहुंच जाने की उम्मीद है। FY26 में कंपनी का EBITDA दोगुना यानी 2,630 करोड़ रुपये हो गया। FY25 में यह 1,080 करोड़ रुपये था।

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ओयो में सॉफ्टबैंक की सब्सिडियरी की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी

ओयो की शुरुआत 2013 में हुई थी। रीतेश अग्रवाल इसके फाउंडर हैं। उनकी इस कंपनी में 30.52 फीसदी हिस्सेदारी है। इस कंपनी में सबसे ज्यादा करीब 40 फीसदी हिस्सेदारी एसवीएफ इंडिया होल्डिंग्स (केमैन) की है, जो सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्प की सब्सिडियरी है।

Retirement Planning: सुकन्या समृद्धि, पीपीएफ और SIP में मंथली ₹10000 इनवेस्ट करने से कितना बड़ा फंड बनेगा? समझें पूरा कैलकुलेशन

रिटायरमेंट प्लानिंग जल्द करने के कई फायदे हैं। निवेश के लिए ज्यादा समय मिलता है। पैसे को बढ़ने के लिए भी पर्याप्त समय मिल जाता है। करियर की शुरुआत में व्यक्ति पर आर्थिक जिम्मेदारी कम होती है। इससे निवेश करने में दिक्कत नहीं आती है। सवाल है कि अगर 40 साल का कोई व्यक्ति अगले 15 साल के लिए निवेश करना चाहता है तो उसके लिए बेस्ट इनवेस्टमेंट ऑप्शन क्या होगा?

15 साल में निवेश से बनेगा बड़ा फंड

एक्सपर्ट्स का कहना है कि 15 साल का पीरियड निवेश के लिए अच्छा है। अगर हर महीने 10000 रुपये का निवेश 15 साल तक किया जाए तो अच्छा फंड तैयार हो सकता है। लंबी अवधि के निवेश के लिए कुछ अच्छे विकल्प हैं। इनमें पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में SIP शामिल हैं।

पीपीएफ और SSY सरकारी की स्कीम

पीपीएफ और एसएसवाय सरकारी की स्कीम हैं। ये फिक्स्ड रिटर्न स्कीम हैं। इसका मतलब है कि निवेश से पहले आपको अंदाजा मिल जाता है कि किसी खास अवधि तक निवेश करने के बाद आपके लिए कितना बड़ा फंड तैयार होगा। सरकार की स्कीम होने की वजह से यह पूरी तरह सुरक्षित हैं। इनमें पैसा डूबने का डर ना के बराबर है। इसके अलावा इनके रिटर्न पर शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता है।

SIP से मंथली निवेश करने में रिस्क

म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में SIP उन लोगों के लिए सही है, जो निवेश पर रिस्क ले सकते हैं। इसकी वजह यह है कि म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम सिप से हर महीने निवेश के पैसे को शेयर बाजार में लगाती है। इसलिए स्कीम के रिटर्न पर शेयर बाजार के प्रदर्शन का सीधा असर पड़ता है। शेयर बाजार का प्रदर्शन अच्छा रहने पर ज्यादा रिटर्न मिलता है, जबकि प्रदर्शन खराब होने पर रिटर्न भी कम रह सकता है।

एसएसवाय में निवेश का पीरियड 15 साल

अब हम देखेंगे कि तीनों इनवेस्टमेंट ऑप्शंस में मंथली 10,000 रुपये के निवेश से 15 साल में कितना बड़ा फंड तैयार होता है। सबसे पहले हम SSY का उदाहरण लेते हैं। यह स्कीम उन लोगों के लिए है, जिनकी बेटियां हैं। माता-पिता मैक्सिमम दो बेटियों के नाम से सुकन्या समृद्धि अकाउंट ओपन कर सकते हैं। एक बेटी के नाम से सिर्फ एक अकाउंट ओपन होगा। बेटी की उम्र 10 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

एसएसवाय का इंटरेस्ट रेट सालाना 8.2 फीसदी

सुकन्या समृद्धि स्कीम का इंटरेस्ट रेट 8.2 फीसदी है। इस स्कीम में सिर्फ 15 साल तक निवेश करना होता है। अकाउंट ओपन करने के 21 साल बाद स्कीम मैच्योर हो जाती है। इसका मतलब है कि अगर बेटी की उम्र अभी 5 साल है तो मंथली 10,000 रुपये 15 साल तक निवेश करने पर साल 2047 तक करीब 55,42,062 लाख रुपये का फंड तैयार हो जाएगा। इसमें 15 साल में कुल निवेश 18,00,000 रुपये होगा। इस पर आपको 37,42,062 रुपये का इंटरेस्ट मिलेगा। मैच्योरिटी अमाउंट पर टैक्स नहीं लगेगा।

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पीपीएफ का इंटरेस्ट रेट सालाना 7.1 फीसदी 

PPF की स्कीम 15 साल में मैच्योर हो जाती है। इसका इंटरेस्ट रेट अभी 7.1 फीसदी है। इस तरह आप 15 साल में कुल 18,00,000 रुपये निवेश करेंगे। इस पर आपको कुल 14,54,567 रुपये का इंटरेस्ट मिलेगा। कुल मिलाकर 15 साल बाद आपको कुल 32,54,567 लाख रुपये मिलेंगे। इस पैसे पर आपको कोई टैक्स नहीं चुकाना होगा। अगर आप इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल करते हैं तो आप निवेश के पैसे पर डिडक्शंस क्लेम कर सकते हैं।

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सिप से निवेश करने में बनेगा सबसे बड़ा फंड

म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में मंथली 10000 रुपये का निवेश करने पर कुल 47,59,314 रुपये का फंड बनेगा। इस कैलकुलेशन में सालाना 12 फीसदी रिटर्न माना गया है। इसका मतलब है कि 15 साल में आपका 18 लाख रुपये का निवेश कंपाउंडिंग की वजह से 29,59,314 रुपये का रिटर्न जेनरेट करता है। लेकिन, ध्यान देने वाली बात यह है कि इस पैसे पर आपको कैपिटल गेंस टैक्स चुकाना होगा। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस का रेट 12.5 फीसदी है। इस रेट से कुल 5,94,914.25 रुपये टैक्स लगेगा। इसके बावजूद 15 साल का रिटर्न पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना से ज्यादा है।

IND vs NZ: रात 7:30 बजे नहीं शुरू होगा भारत-न्यूजीलैंड मैच, जानें कितने बजे शुरू होगा मुकाबला

भारत टीम 5 मैचों की टी20 न्यूजीलैंड दौरे पर है। साल 2026 में दूसरी बार भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की T20I सीरीज खेलने उतरेगी। इस बार सीरीज के सभी मुकाबले न्यूजीलैंड की धरती पर होंगे। इससे पहले दोनों टीमों के बीच इसी साल टी20 मुकाबलों की सीरीज खेली जा चुकी है। इस सीरीज में भारतीय टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है। वहीं न्यूजीलैंड की कमान स्पिन गेंदबाज और ऑलराउंडर मिचेल सेंटनर संभाल रहे हैं। वहीं दोनों टीमों के बीच सीरीज का पहला मुकाबला 22 अक्टूबर को खेला जाएगा। वहीं इस सीरीज में भारत के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी भी हो रही है। आइए जानते हैं कब और कहां पर खेला जाएगा मुकाबला

कितने बजे से शुरू होगा मुकाबला

भारत और न्यूजीलैंड के बीच सभी फॉर्मेट की सीरीज की शुरुआत T20I मुकाबलों से होगी। पांच मैचों की इस सीरीज का पहला मैच गुरुवार, 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल मैदान पर खेला जाएगा। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला रात 7:30 बजे से नहीं शुरू होगा। पांच मैचों की T20I सीरीज के सभी मुकाबले भारतीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे शुरू होंगे। मैच शुरू होने से ठीक आधे घंटे पहले यानी दोपहर 12 बजे टॉस किया जाएगा।

भुवनेश्वर-अर्शदीप होंगे तेज गेंदबाज

न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में कई अनुभवी खिलाड़ियों को जगह मिली है। न्यूजीलैंड के खिलाफ तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी भुवनेश्वर कुमार और अर्शदीप सिंह संभालेंगे। भुवनेश्वर भारत के लिए अब तक 88 T20I मैच खेल चुके हैं, जबकि अर्शदीप सिंह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। ऐसे में दोनों गेंदबाज न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।

मिचेल के हाथों में हैं कमान

न्यूजीलैंड ने भी भारत के खिलाफ घरेलू T20I सीरीज के लिए मजबूत टीम तैयार की है। टीम की कप्तानी स्पिन गेंदबाज और ऑलराउंडर मिचेल सेंटनर करेंगे। इसके अलावा, टीम में फिन एलन जैसे विस्फोटक बल्लेबाज भी शामिल हैं। न्यूजीलैंड की टीम में छह विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों को शामिल किया गया है, जिनमें जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, एडम मिल्ने और ब्लेयर टिकनर के नाम शामिल हैं। ये सभी गेंदबाज अपनी रफ्तार और गेंदबाजी के दम पर भारतीय बल्लेबाजों को मुश्किल में डाल सकते हैं। ऐसे में इस सीरीज के दौरान भारतीय बल्लेबाजों के सामने कीवी टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण का सामना करना एक बड़ी चुनौती होगी।

कब-कब होंगे मुकाबले

भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की T20I सीरीज का पहला मुकाबला 22 अक्टूबर, गुरुवार को खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमें 24 अक्टूबर, शनिवार को दूसरे मैच में आमने-सामने होंगी। सीरीज का तीसरा मुकाबला 27 अक्टूबर, मंगलवार को, चौथा मैच 31 अक्टूबर, शुक्रवार को और पांचवां व आखिरी मुकाबला 1 नवंबर, रविवार को खेला जाएगा। इस तरह दोनों टीमों के बीच यह टी20 सीरीज अक्टूबर के आखिरी हफ्ते से शुरू होकर नवंबर की शुरुआत तक चलेगी।

भारत: श्रेयस अय्यर (C), तिलक वर्मा (VC), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (WK), वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (WK), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव

न्यूज़ीलैंड: मिशेल सेंटनर (C), फिन एलन, माइकल ब्रेसवेल, जोश क्लार्कसन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, बेवोन जैकब्स, काइल जैमीसन, एडम मिल्ने, डेरिल मिशेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम सीफर्ट, नाथन स्मिथ, ब्लेयर टिकनर

IND vs NZ: रात 7:30 बजे नहीं शुरू होगा भारत-न्यूजीलैंड मैच, जानें कितने बजे शुरू होगा मुकाबला

भारत टीम 5 मैचों की टी20 न्यूजीलैंड दौरे पर है। साल 2026 में दूसरी बार भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की T20I सीरीज खेलने उतरेगी। इस बार सीरीज के सभी मुकाबले न्यूजीलैंड की धरती पर होंगे। इससे पहले दोनों टीमों के बीच इसी साल टी20 मुकाबलों की सीरीज खेली जा चुकी है। इस सीरीज में भारतीय टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है। वहीं न्यूजीलैंड की कमान स्पिन गेंदबाज और ऑलराउंडर मिचेल सेंटनर संभाल रहे हैं। वहीं दोनों टीमों के बीच सीरीज का पहला मुकाबला 22 अक्टूबर को खेला जाएगा। वहीं इस सीरीज में भारत के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी भी हो रही है। आइए जानते हैं कब और कहां पर खेला जाएगा मुकाबला

कितने बजे से शुरू होगा मुकाबला

भारत और न्यूजीलैंड के बीच सभी फॉर्मेट की सीरीज की शुरुआत T20I मुकाबलों से होगी। पांच मैचों की इस सीरीज का पहला मैच गुरुवार, 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल मैदान पर खेला जाएगा। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला रात 7:30 बजे से नहीं शुरू होगा। पांच मैचों की T20I सीरीज के सभी मुकाबले भारतीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे शुरू होंगे। मैच शुरू होने से ठीक आधे घंटे पहले यानी दोपहर 12 बजे टॉस किया जाएगा।

भुवनेश्वर-अर्शदीप होंगे तेज गेंदबाज

न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में कई अनुभवी खिलाड़ियों को जगह मिली है। न्यूजीलैंड के खिलाफ तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी भुवनेश्वर कुमार और अर्शदीप सिंह संभालेंगे। भुवनेश्वर भारत के लिए अब तक 88 T20I मैच खेल चुके हैं, जबकि अर्शदीप सिंह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। ऐसे में दोनों गेंदबाज न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।

मिचेल के हाथों में हैं कमान

न्यूजीलैंड ने भी भारत के खिलाफ घरेलू T20I सीरीज के लिए मजबूत टीम तैयार की है। टीम की कप्तानी स्पिन गेंदबाज और ऑलराउंडर मिचेल सेंटनर करेंगे। इसके अलावा, टीम में फिन एलन जैसे विस्फोटक बल्लेबाज भी शामिल हैं। न्यूजीलैंड की टीम में छह विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों को शामिल किया गया है, जिनमें जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, एडम मिल्ने और ब्लेयर टिकनर के नाम शामिल हैं। ये सभी गेंदबाज अपनी रफ्तार और गेंदबाजी के दम पर भारतीय बल्लेबाजों को मुश्किल में डाल सकते हैं। ऐसे में इस सीरीज के दौरान भारतीय बल्लेबाजों के सामने कीवी टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण का सामना करना एक बड़ी चुनौती होगी।

कब-कब होंगे मुकाबले

भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की T20I सीरीज का पहला मुकाबला 22 अक्टूबर, गुरुवार को खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमें 24 अक्टूबर, शनिवार को दूसरे मैच में आमने-सामने होंगी। सीरीज का तीसरा मुकाबला 27 अक्टूबर, मंगलवार को, चौथा मैच 31 अक्टूबर, शुक्रवार को और पांचवां व आखिरी मुकाबला 1 नवंबर, रविवार को खेला जाएगा। इस तरह दोनों टीमों के बीच यह टी20 सीरीज अक्टूबर के आखिरी हफ्ते से शुरू होकर नवंबर की शुरुआत तक चलेगी।

भारत: श्रेयस अय्यर (C), तिलक वर्मा (VC), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (WK), वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (WK), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव

न्यूज़ीलैंड: मिशेल सेंटनर (C), फिन एलन, माइकल ब्रेसवेल, जोश क्लार्कसन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, बेवोन जैकब्स, काइल जैमीसन, एडम मिल्ने, डेरिल मिशेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम सीफर्ट, नाथन स्मिथ, ब्लेयर टिकनर

Tinder CEO ने कर्मचारियों से पूछा सफलता का मतलब, जवाब सुनकर हुए हैरान, जानें क्या होगा नया नियम

आज के दौर में डेटिंग ऐप पर मैच मिलना आसान हो सकता है, लेकिन क्या उस मैच से कोई अच्छी बातचीत या सच्चा रिश्ता भी बनता है? Tinder के नए CEO स्पेंसर रास्कॉफ ने जब अपनी टीम से यही सवाल पूछा, तो उन्हें ऐसा जवाब मिला जिसने कंपनी की सोच पर ही सवाल खड़े कर दिए। कई कर्मचारियों के पास सफलता को समझाने के लिए ठोस जवाब नहीं था, जबकि कुछ का ध्यान केवल कमाई और मुनाफे पर था। इसके बाद कंपनी ने तय किया कि अब सफलता सिर्फ पैसों से नहीं, बल्कि लोगों के बीच बनने वाले कनेक्शन से भी मापी जाएगी।

जब CEO के सवाल पर कर्मचारी हो गए खामोश

स्पेंसर रास्कॉफ ने जुलाई 2025 में Tinder की कमान संभाली थी। इसके बाद उन्होंने कर्मचारियों से पूछा कि आखिर उनकी नजर में ऐप की सफलता क्या है। रिपोर्ट के मुताबिक, कई कर्मचारी इस सवाल का जवाब नहीं दे पाए। जिन लोगों ने जवाब दिया, उनमें से कई ने तिमाही मुनाफे और वित्तीय लक्ष्यों का जिक्र किया। रास्कॉफ को महसूस हुआ कि कंपनी शायद उस मूल मकसद से दूर हो गई है, जिसके लिए लोग Tinder का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने Fortune को दिए इंटरव्यू में माना कि नए फीचर्स और इनोवेशन की कमी के कारण ऐप यूजर्स की बदलती उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा था।

अब मैच नहीं, बातचीत भी होगी सफलता का पैमाना

Tinder ने इस समस्या से निपटने के लिए एक नया तरीका अपनाया है। कंपनी ने ‘स्पार्क्स’ (Sparks) नाम का मापदंड पेश किया, जिसके तहत उन बातचीतों को गिना जाता है, जहां मैच होने के बाद दोनों लोग कम से कम छह बार एक-दूसरे को जवाब देते हैं। लाखों मैसेज के विश्लेषण में कंपनी ने पाया कि इस तरह बातचीत आगे बढ़ने पर फ्लर्टिंग और आमने-सामने मिलने की योजना बनने की संभावना अधिक होती है। यानी अब Tinder के लिए सिर्फ दो लोगों का मैच होना काफी नहीं है। कंपनी यह भी देखना चाहती है कि उस मैच के बाद बातचीत कितनी आगे बढ़ती है।

यूजर्स को समझने के लिए बनाए दो काल्पनिक किरदार

कर्मचारी अलग-अलग लोगों की डेटिंग से जुड़ी जरूरतों को बेहतर समझ सकें, इसके लिए कंपनी ने दो काल्पनिक यूजर पर्सोना भी बनाए हैं। इनमें एबी को एक चिंतित रोमांटिक और जैस्मिन को खुशमिजाज, मिलनसार शख्स के रूप में दिखाया गया है। इस पहल का उद्देश्य टीम को यह समझाना है कि हर यूजर की पसंद, उम्मीदें और रिश्ता तलाशने का तरीका एक जैसा नहीं होता।

तेजी से नए फीचर्स ला रहा है Tinder

कंपनी अब डबल डेट, आमने-सामने मिलने वाले इवेंट और AI आधारित मैचमेकिंग जैसी सुविधाओं पर भी काम कर रही है। रास्कॉफ के मुताबिक, कंपनी अब एक साल पहले की तुलना में 70 फीसदी ज्यादा कोड तैयार कर रही है। इससे नए फीचर्स तेजी से लॉन्च करना संभव हुआ है। जनवरी में विकसित एक इवेंट फीचर को लॉस एंजिलिस में सिर्फ आठ सप्ताह में लॉन्च कर दिया गया, जबकि पहले ऐसे प्रोजेक्ट में छह से 12 महीने लग सकते थे।

क्या Tinder की नई रणनीति रंग ला रही है?

रास्कॉफ के मुताबिक, कंपनी के प्लेटफॉर्म पर मैचों में सालाना आधार पर 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही, बेहतर बातचीत के संकेतकों में भी सुधार देखने को मिला है। हालांकि, इन शुरुआती आंकड़ों से यह तय नहीं होता कि यूजर्स को लंबे समय तक बेहतर रिश्ते मिलेंगे या नहीं। लेकिन Tinder की नई रणनीति एक अहम बदलाव जरूर दिखाती है, अब कंपनी का ध्यान सिर्फ इस बात पर नहीं है कि कितने लोग मैच कर रहे हैं, बल्कि इस पर भी है कि उन मैचों से आगे कोई सार्थक जुड़ाव बन रहा है या नहीं।

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iQOO Neo 12 की लॉन्च डेट कन्फर्म, मिलेगा कूलिंग फैन और 9,000mAh की बैटरी! जानें फीचर्स

iQOO ने आखिरकार चीन में अपने नए स्मार्टफोन Neo 12 की लॉन्च डेट का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने लॉन्च से पहले फोन का डिजाइन और कलर ऑप्शन भी दिखा दिए हैं। यह स्मार्टफोन खास तौर पर गेमिंग को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें Qualcomm का Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर और कंपनी की Q3 गेमिंग चिप मिल सकती है। साथ ही फोन में बेहतर कूलिंग के लिए Ice Dome एक्टिव कूलिंग सिस्टम भी दिया जाएगा। लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, iQOO Neo 12 में 9,000mAh की बड़ी बैटरी मिल सकती है। इसके अलावा, फोन की एक लाइव तस्वीर भी ऑनलाइन लीक हुई है।

iQOO Neo 12 की लॉन्च डेट और डिजाइन की झलक सामने आई

iQOO Neo 12 को चीन में 28 अक्टूबर को स्थानीय समयानुसार शाम 7 बजे (भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे) लॉन्च किया जाएगा। लॉन्च इवेंट के तुरंत बाद इसकी बिक्री शुरू हो जाएगी। कंपनी ने बताया है कि यह आने वाला फोन Contest, Shadow Black और Frost Blade Blue कलर में उपलब्ध होगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, Shadow Black वेरिएंट में Silver फिनिश है, जबकि Frost Blade Blue हल्के नीले रंग का है। Contest  कलर वाले वेरिएंट के पिछले हिस्से (रियर पैनल) पर एक नई टेक्सचर्ड फिनिश दी गई है, जिसमें लाइट का एक खास इफेक्ट दिखता है।

कंपनी ने इस नए डिवाइस को डिजाइन करने के लिए ‘चाइना एकेडमी ऑफ आर्ट’ के साथ मिलकर काम किया है। यह भी कन्फर्म हो गया है कि इस स्मार्टफोन में पॉलिश्ड मेटल फ्रेम होगा। आधिकारिक रेंडर में फोन के पीछे एक बड़ा, चौकोर आकार का कैमरा मॉड्यूल दिख रहा है, जिसके कोने गोल हैं। इस कैमरा मॉड्यूल में दो लेंस एक के ऊपर एक लगे हैं, और फ्लैश को इसके ठीक बाहर रखा गया है।

iQOO Neo 12 के रियर कैमरा मॉड्यूल पर Monster Inside की ब्रांडिंग है और लेंस के बगल में एक गोल जालीदार ग्रिल दी गई है। फोन के फ्रेम के दाईं ओर एग्जॉस्ट वेंट दिए गए हैं।

इसके अलावा, Weibo पर iQOO Neo 12 की कथित लाइव तस्वीरें सामने आई हैं। लीक हुए रेंडर में फोन का Frost Blade Blue वेरिएंट दिख रहा है।

यह भी कन्फर्म हो गया है कि iQOO Neo 12 Qualcomm के Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट और कंपनी की अपनी Q3 गेमिंग चिप के साथ आएगा। इसमें एक इनबिल्ट कूलिंग फैन और Ice Dome एक्टिव कूलिंग सिस्टम होगा। माना जा रहा है कि इसमें 9,000mAh की बैटरी होगी, जो 100W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी।

लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, iQOO Neo 12 पिछले साल अक्टूबर में लॉन्च हुए iQOO Neo 11 का अगला मॉडल होगा। फिलहाल, इस नए स्मार्टफोन की प्री-बुकिंग Vivo China की वेबसाइट पर शुरू हो चुकी है।

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