Retirement Planning: सुकन्या समृद्धि, पीपीएफ और SIP में मंथली ₹10000 इनवेस्ट करने से कितना बड़ा फंड बनेगा? समझें पूरा कैलकुलेशन

रिटायरमेंट प्लानिंग जल्द करने के कई फायदे हैं। निवेश के लिए ज्यादा समय मिलता है। पैसे को बढ़ने के लिए भी पर्याप्त समय मिल जाता है। करियर की शुरुआत में व्यक्ति पर आर्थिक जिम्मेदारी कम होती है। इससे निवेश करने में दिक्कत नहीं आती है। सवाल है कि अगर 40 साल का कोई व्यक्ति अगले 15 साल के लिए निवेश करना चाहता है तो उसके लिए बेस्ट इनवेस्टमेंट ऑप्शन क्या होगा?

15 साल में निवेश से बनेगा बड़ा फंड

एक्सपर्ट्स का कहना है कि 15 साल का पीरियड निवेश के लिए अच्छा है। अगर हर महीने 10000 रुपये का निवेश 15 साल तक किया जाए तो अच्छा फंड तैयार हो सकता है। लंबी अवधि के निवेश के लिए कुछ अच्छे विकल्प हैं। इनमें पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में SIP शामिल हैं।

पीपीएफ और SSY सरकारी की स्कीम

पीपीएफ और एसएसवाय सरकारी की स्कीम हैं। ये फिक्स्ड रिटर्न स्कीम हैं। इसका मतलब है कि निवेश से पहले आपको अंदाजा मिल जाता है कि किसी खास अवधि तक निवेश करने के बाद आपके लिए कितना बड़ा फंड तैयार होगा। सरकार की स्कीम होने की वजह से यह पूरी तरह सुरक्षित हैं। इनमें पैसा डूबने का डर ना के बराबर है। इसके अलावा इनके रिटर्न पर शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता है।

SIP से मंथली निवेश करने में रिस्क

म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में SIP उन लोगों के लिए सही है, जो निवेश पर रिस्क ले सकते हैं। इसकी वजह यह है कि म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम सिप से हर महीने निवेश के पैसे को शेयर बाजार में लगाती है। इसलिए स्कीम के रिटर्न पर शेयर बाजार के प्रदर्शन का सीधा असर पड़ता है। शेयर बाजार का प्रदर्शन अच्छा रहने पर ज्यादा रिटर्न मिलता है, जबकि प्रदर्शन खराब होने पर रिटर्न भी कम रह सकता है।

एसएसवाय में निवेश का पीरियड 15 साल

अब हम देखेंगे कि तीनों इनवेस्टमेंट ऑप्शंस में मंथली 10,000 रुपये के निवेश से 15 साल में कितना बड़ा फंड तैयार होता है। सबसे पहले हम SSY का उदाहरण लेते हैं। यह स्कीम उन लोगों के लिए है, जिनकी बेटियां हैं। माता-पिता मैक्सिमम दो बेटियों के नाम से सुकन्या समृद्धि अकाउंट ओपन कर सकते हैं। एक बेटी के नाम से सिर्फ एक अकाउंट ओपन होगा। बेटी की उम्र 10 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

एसएसवाय का इंटरेस्ट रेट सालाना 8.2 फीसदी

सुकन्या समृद्धि स्कीम का इंटरेस्ट रेट 8.2 फीसदी है। इस स्कीम में सिर्फ 15 साल तक निवेश करना होता है। अकाउंट ओपन करने के 21 साल बाद स्कीम मैच्योर हो जाती है। इसका मतलब है कि अगर बेटी की उम्र अभी 5 साल है तो मंथली 10,000 रुपये 15 साल तक निवेश करने पर साल 2047 तक करीब 55,42,062 लाख रुपये का फंड तैयार हो जाएगा। इसमें 15 साल में कुल निवेश 18,00,000 रुपये होगा। इस पर आपको 37,42,062 रुपये का इंटरेस्ट मिलेगा। मैच्योरिटी अमाउंट पर टैक्स नहीं लगेगा।

retirement table

पीपीएफ का इंटरेस्ट रेट सालाना 7.1 फीसदी 

PPF की स्कीम 15 साल में मैच्योर हो जाती है। इसका इंटरेस्ट रेट अभी 7.1 फीसदी है। इस तरह आप 15 साल में कुल 18,00,000 रुपये निवेश करेंगे। इस पर आपको कुल 14,54,567 रुपये का इंटरेस्ट मिलेगा। कुल मिलाकर 15 साल बाद आपको कुल 32,54,567 लाख रुपये मिलेंगे। इस पैसे पर आपको कोई टैक्स नहीं चुकाना होगा। अगर आप इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल करते हैं तो आप निवेश के पैसे पर डिडक्शंस क्लेम कर सकते हैं।

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सिप से निवेश करने में बनेगा सबसे बड़ा फंड

म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में मंथली 10000 रुपये का निवेश करने पर कुल 47,59,314 रुपये का फंड बनेगा। इस कैलकुलेशन में सालाना 12 फीसदी रिटर्न माना गया है। इसका मतलब है कि 15 साल में आपका 18 लाख रुपये का निवेश कंपाउंडिंग की वजह से 29,59,314 रुपये का रिटर्न जेनरेट करता है। लेकिन, ध्यान देने वाली बात यह है कि इस पैसे पर आपको कैपिटल गेंस टैक्स चुकाना होगा। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस का रेट 12.5 फीसदी है। इस रेट से कुल 5,94,914.25 रुपये टैक्स लगेगा। इसके बावजूद 15 साल का रिटर्न पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना से ज्यादा है।

साल भर में 92 लाख का टैक्स दिया, अब 90 लाख की नौकरी भी नहीं मिल रही – Uber इंजीनियर के पोस्ट ने मचाया बवाल

नई दिल्ली। अच्छी सैलरी वाली नौकरी और लाखों रुपये का इनकम टैक्स देने के बाद भी नौकरी जाने का डर खत्म नहीं होता। ऐसा ही एक मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है। Uber में सीनियर इंजीनियर होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि पिछले साल उन्होंने 92 लाख रुपये इनकम टैक्स दिया था। लेकिन अब पैटरनिटी लीव के दौरान नौकरी जाने के बाद वे नई नौकरी खोजने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

उन्होंने रेडिट (Reddit) पर 7 अक्टूबर 2026 को शेयर की गई उनकी पोस्ट के मुताबिक, घर में नवजात बच्चा है और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच नई नौकरी ढूंढना आसान नहीं होता है।

नौकरी छूटने का कारण रहा पैटरनिटी लीव

इंजीनियर का कहना है कि वे चार महीने की पैटरनिटी लीव (Paternity leave) पर थे, तभी उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। घर में नवजात बच्चा है और परिवार की मदद के लिए भी कोई खास सहारा नहीं है। ऐसे में बच्चे की देखभाल के साथ नई नौकरी ढूंढना उनके लिए मुश्किल हो रहा है।

उन्होंने बताया कि परिवार की जिम्मेदारियों के चलते वे नौकरी खोजने और इंटरव्यू की तैयारी पर पूरा समय नहीं दे पा रहे हैं। नौकरी जाने के बाद घर के खर्च और बच्चे की देखभाल की चिंता भी बढ़ गई है। वह कहते है कि नौकरी जाने के बाद उन्हें ऐसी नई नौकरी नहीं मिल पा रही है, जिसमें सालाना कम से कम 90 लाख रुपये मिलें।

सेवरेंस पे पर टैक्स से नाराज, भारत छोड़ने की कही बात

नौकरी जाने के बाद मिलने वाले पैसे यानी सेवरेंस पे (Severance pay) पर टैक्स लगने से भी इंजीनियर नाराज हैं। उनका कहना है कि नई नौकरी मिलने तक परिवार का खर्च चलाने के लिए उन्हें इस पैसे की जरूरत है। ऐसे में टैक्स कटने से उनकी परेशानी बढ़ सकती है। इंजीनियर ने कहा कि वे जल्द ही भारत छोड़ देंगे और वापस नहीं आना चाहते।

इस घटना ने एक बार फिर नौकरी की सुरक्षा, टैक्स और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन जैसे मुद्दों पर चर्चा शुरू कर दी है।

शेयर बाजारों को बड़े बूस्टर डोज की जरूरत, इन उपायों से मार्केट को लग सकते हैं पंख

भारत की इकोनॉमी मजबूत है, लेकिन शेयर बाजारों पर इसका असर नहीं दिख रहा है। कम्प्लीट सर्किल के मैनेजिंग पार्टनर एवं चीफ इनवेस्टमेंट अफसर गुरमीत चड्ढ़ा का कहना है कि सरकार को शेयर बाजारों के सेंटीमेंट में सुधार के लिए टैक्स घटाने के साथ ही रिफॉर्म्स करना चाहिए। उन्होंने इस बारे में कुछ कदम उठाने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि कई डेटा भारतीय अर्थव्यवस्था में मजूबती का संकेत देते हैं। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही (जून तिमाही) में निफ्टी 50 की रेवेन्यू ग्रोथ 20 फीसदी से ज्यादा रही है। टैक्स बाद प्रॉफिट (PAT) 21 फीसदी बढ़ा है। सितंबर में ऑटो सेल्स रिकॉर्ड 25.4 लाख यूनिट्स पर पहुंच गई। कमर्शियसल व्हीकल्स की रिटेल बिक्री पहली बार एक लाख यूनिट्स पहुंच गई। इससे इकोनॉमी में आर्थिक गतिविधियां मजबूत रहने का पता चलता है।

इकोनॉमी की मजबूत स्थिति के बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली ने शेयर बाजारों पर दबाव बढ़ाया है। डेरिवेटिव्स ट्रेड का एक बड़ा हिस्सा आर्बिट्रॉज ट्रेड पर निर्भर है, जिसमें तेजी से कमी आ रही है। आज निफ्टी खरीदने और फ्यूचर में बेचने पुर 15-16 रुपये का लॉस हो रहा है। उधर, अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में उछाल है। जियोपॉलिटिकल टेंशन हाई लेवल पर है।

चड्ढ़ा के मुताबिक, हिस्टोरिकल ट्रेंड से पता चलता है कि टैक्स घटाने का शेयर बाजारों पर पॉजिटिव असर पड़ता है। जीएसटी, कॉर्पोरेट टैक्स और इनकम टैक्स में कमी के बाद ऐसा देखने को मिला है। ऐसे में शेयर बाजारों के सेटीमेंट को बेहतर बनाने के लिए सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) को घटाकर पिछले साल के बजट के लेवल पर लाया जा सकता है। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस (LTCG) में भी कमी की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि डिविडेंड और बायबैक पर टैक्स के नियम अभी काफी जटिल हैं। मौजूदा नियम की वजह से प्रमोटर्स को शेयर ऑफलोड करने को मजबूर होना पड़ता है। इससे मार्केट में शेयरों की सप्लाई जरूरत से ज्यादा हो जाती है। अगर डिविडेंड और बायबैक के टैक्स के नियमों में बदलाव किया जाता है तो शेयरों के सप्लाई का दबाव घटेगा। उन्होंने रेगुलेटरी चेंजेज को भी चरणबद्ध तरीके से लागू करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि अगस्त में कैश मार्केट में एडजस्टमेंट के लिए 3:15 से 3:30 का समय तय किया गया। इसका खराब असर प्राइस डिस्कवरी पर पड़ा है। इश्योरेंस में रिफॉर्म्स जरूरी है, लेकिन इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की जरूरत है। इससे सिस्टम को अचानक झटका नहीं लगेगा।

मंथली सिर्फ ₹12550 का निवेश 15 साल तक, तैयार हो जाएगा 72 लाख रुपये का फंड

आजकल बेटियों को लेकर लोगों की सोच बदल रही है। बेटियां हर क्षेत्र में नाम करा रही हैं। विज्ञान, खेल, कला, इंजीनियरिंग, मीडिया, डिफेंस, एजुकेशन सहित करीब हर क्षेत्र में उनकी मौजूदगी बढ़ रही है। माता-पिता को सिर्फ उन्हें सक्षम बनाने पर फोकस करना है। अगर आप की भी बेटी है तो आप उसके बेहतर फ्यूचर के लिए आज ही एक बड़ा कदम उठा सकते हैं। सुकन्या समृद्धि योजना (एससवाय) में निवेश शुरू कर आप बेटी के हायर एजुकेशन के लिए बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।

सिर्फ 15 साल तक स्कीम में करना होगा निवेश 

Sukanya Samriddhi Yojana (SSY) सरकार की योजना है। इसलिए इसमें निवेश पूरी तरह से सुरक्षित है। इस योजना का शेयर बाजार से कोई संबंध नहीं है। इसका मतलब है कि इस योजना में आपके निवेश पर शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता है। इस योजना में आपको सिर्फ 15 साल तक निवेश करना है। इस स्कीम में आपका इनवेस्टमेंट 21 साल में मैच्योर हो जाएगा। इसका मतलब है कि अगर आप बेटी के जन्म के ठीक बाद इस स्कीम में निवेश शुरू करते हैं तो बेटी के 21 साल के होने पर उसके लिए बड़ा फंड उपलब्ध होगा।

बेटी के हायर एजुकेशन के लिए आसानी से तैयार होता है बड़ा फंड

SSY से मिले पैसे से बेटी अपने भविष्य को बेहतर बना सकती है। वह अपनी पसंद के हिसाब से उच्च शिक्षा हासिल कर सकती है। वह पढ़ाई के लिए विदेश जा सकती है। उसे अपने सपने पूरे करने के लिए किसी की मदद पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसका मतलब है कि अपनी बेटी के लिए माता-पिता की छोटी सी शुरुआत उसकी सफलता के लिए बड़ा रास्ता बना सकती है।

10 साल तक की बेटी के लिए स्कीम में किया जा सकता है निवेश

सुकन्या समृ्द्धि योजना का फायदा कोई व्यक्ति अपनी दो बेटियों तक के लिए उठा सकता है। बेटी की उम्र 10 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इस योजना में आप जितनी जल्द निवेश शुरू करेंगे आपके लिए उतना बड़ा फंड तैयार होने की संभावना होगी। अगर आप बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं तो बेटी के जन्म के ठीक बाद इस स्कीम में निवेश शुरू कर सकते हैं। यह स्कीम इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत भी आती है। इसका मतलब है कि इसमें निवेश के अमाउंट पर आप डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। लेकिन, यह फायदा सिर्फ इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए उपलब्ध है।

यह सबसे ज्यादा इंटरेस्ट रेट वाली सरकारी स्कीमों में शामिल 

इस स्कीम का इंटरेस्ट रेट अभी सालाना 8.2 फीसदी है। यह सभी सरकारी इनवेस्टमेंट स्कीमों में सबसे ज्यादा इंटरेस्ट रेट वाली स्कीम है। सरकार हर तिमाही इंटरेस्ट रेट की समीक्षा करती है। इस स्कीम में एक साल में मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये निवेश करने की इजाजत है। अगर इसे मंथली इनवेस्टमेंट में बांटा जाए तो यह 12,500 रुपये आता है। चूंकि, यह लंबी अवधि की स्कीम है, जिससे इस स्कीम को कंपाउंडिंग का काफी फायदा मिलता है। इसका मतलब है कि आपके पैसे पर मिलने वाला इंटरेस्ट हर महीने मूलधन में जुड़ता जाता है और फिर उस पर आपको इंटरेस्ट मिलता रहता है।

मंथली 12500 निवेश करने पर बनेगा 71.8 लाख रुपये का फंड

अगर बेटी के जन्म के ठीक बाद आप इस स्कीम में निवेश शुरू करते हैं तो उसके 21 साल के होने तक बड़ा फंड तैयार हो जाता है। अगर आप हर महीने 12,500 रुपये का निवेश करते हैं तो 15 साल तक आप 22.5 लाख रुपये का कुल निवेश करेंगे। इस पर 8.2 फीसदी का सालाना इंटरेस्ट मिलेगा। 21 साल बाद आपकी बेटी के लिए 71.8 लाख रुपये का फंड तैयार हो जाएगा। इसमें 22.5 लाख रुपये के आपके निवेश पर 49.3 लाख रुपये का इंटरेस्ट शामिल है।

इनवेस्टर अपनी क्षमता के हिसाब से कम अमाउंट भी कर सकता है निवेश

अगर कोई व्यक्ति इस स्कीम में बेटी के 2 साल के होने पर निवेश शुरू करता है और हर महीने सिर्फ 10,000 रुपये का निवेश करता है तो 15 साल तक निवेश करने के बाद 21 साल में स्कीम में मैच्योर हो जाएगी। मैच्योरिटी पर बेटी के लिए 55,42,062 रुपये का फंड तैयार हो जाएगा। इसमें कुल निवेश का 18,00,000 रुपये और इंटरेस्ट का 37,42,062 रुपये शामिल हैं। खास बात यह है कि इस स्कीम के मैच्योरिटी अमाउंट पर किसी तरह का टैक्स नहीं लगता है। इसका मतलब है कि पूरा पैसा आपके हाथ में आता है।

यूपी का शख्स मुंबई में नाई का काम करके हर महीने कमाता है करीब 1 लाख रुपये, हफ्ते में 6 दिन करता है मेहनत

भारत में सरकारी नौकरी को अक्सर सुरक्षित भविष्य और अच्छी जिंदगी की गारंटी माना जाता है। लेकिन मुंबई में काम करने वाले उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निवासी एक नाई की कहानी इस सोच से अलग नजर आती है। दावा है कि वह महीने में करीब 1 लाख रुपये कमाता है। दिलचस्प बात यह है कि इतनी कमाई के बावजूद वह एंट्री-लेवल सरकारी नौकरी मिलने पर भी अपना मौजूदा काम छोड़ना नहीं चाहता।

लेखक और फंड मैनेजर हर्ष गुप्ता मधुसूदन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस नाई के साथ हुई बातचीत साझा की। उनकी पोस्ट के मुताबिक, नाई हफ्ते में छह दिन सुबह से रात तक काम करता है। यात्रा के बुनियादी खर्च निकालने के बाद उसकी मासिक कमाई करीब एक लाख रुपये बताई गई है।

मेहनत और आजादी को मानता है अपनी सबसे बड़ी पूंजी

हर्ष के मुताबिक, बातचीत के दौरान नाई ने कहा कि काम करने और मेहनत करने वालों के लिए अवसरों की कमी नहीं है। वह अपने काम को पसंद करता है और इसमें मिलने वाली आजादी उसके लिए अहम है। यही वजह है कि वह सरकारी नौकरी के बजाय अपना मौजूदा काम जारी रखना चाहता है।

उसकी कहानी ने रोजगार को लेकर एक दिलचस्प सवाल खड़ा किया है क्या अच्छी कमाई और संतुष्टि के लिए सरकारी नौकरी ही एकमात्र रास्ता है? हालांकि, एक व्यक्ति का अनुभव पूरे रोजगार बाजार की तस्वीर नहीं बताता।

आजमगढ़ से लखनऊ तक का सफर हुआ आसान, विकास से खुश है परिवार

बातचीत में उत्तर प्रदेश के विकास का जिक्र भी आया। हर्ष के अनुसार, नाई ने बताया कि पहले उसके गांव से लखनऊ पहुंचने में 7-8 घंटे लगते थे। अब बेहतर सड़कों के कारण उतने ही समय में आना-जाना संभव हो गया है, वह भी रास्ते में चाय और खाने के लिए रुकने के बाद।

नाई ने देश में हुए विकास कार्यों पर खुशी जताई। उसने बताया कि गांव में उसके परिवार को कुछ सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है, हालांकि शहर में ऐसा लाभ नहीं मिला।

टैक्स भरने पर गर्व, बेटे की पढ़ाई पर भी ध्यान

इस कहानी का एक और पहलू उसकी पारिवारिक जिंदगी है। हर्ष के मुताबिक, नाई की कमाई से टैक्स कटता है और वह गर्व के साथ इनकम टैक्स रिटर्न भी दाखिल करता है। कई बार उसे रिफंड भी मिलता है।

उसका एक छोटा बेटा है, जिसे वह निजी प्री-स्कूल में पढ़ाता है। उसकी पत्नी भी कमाई में योगदान देती थी, लेकिन फिलहाल बच्चे की देखभाल के लिए काम से ब्रेक पर है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, क्या हर किसी के लिए ऐसे अवसर हैं?

पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने नाई की मेहनत और आत्मनिर्भरता की तारीफ की। वहीं, कुछ ने सवाल उठाया कि क्या एक नाई के लिए हर महीने एक लाख रुपये कमाना आम बात है। कुछ लोगों ने इस कमाई के दावे की तुलना दूसरे शहरों में नाइयों की आमदनी से भी की।

दूसरी ओर, कुछ यूजर्स ने कहा कि एक व्यक्ति की सफलता को देश में रोजगार की पूरी स्थिति का प्रमाण नहीं माना जा सकता। उन्होंने शिक्षित युवाओं के रोजगार, शिक्षा की गुणवत्ता और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे भी उठाए।

हर्ष ने अपनी पोस्ट के अंत में व्यंग्य करते हुए लिखा कि उनका मन नाई से कहने का हुआ कि वह भारत और अपनी जिंदगी को लेकर इतनी सकारात्मक सोच छोड़कर सोशल मीडिया पर देश की नाकामियों के बारे में पढ़े, लेकिन वह ऐसा कह नहीं सके।

इस कहानी का असली पहलू यही है कि जहां कुछ लोग सरकारी नौकरी को सफलता मानते हैं, वहीं कुछ के लिए अपने काम में कमाई, संतुष्टि और आजादी ज्यादा मायने रखती है।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

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Sukanya Samriddhi: 21वें साल में बेटी के लिए चाहिए ₹72 लाख तो हर महीने सिर्फ ₹12,500 करने होंगे इंवेस्ट, जानिए पूरा कैलकुलेशन

Sukanya Samriddhi Yojana Calculator: हर माता-पिता का सपना होता है कि उनकी बेटी की उच्च शिक्षा, करियर और शादी के वक्त पैसों की कोई तंगी न हो। इस बड़े लक्ष्य को पूरा करने के लिए शुरुआत से ही एक सही और सुरक्षित जगह बचत करना जरूरी है। अगर आप बिना किसी जोखिम के अपनी लाडली के लिए बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, तो केंद्र सरकार की ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ (SSY) सबसे शानदार जरिया है।

इस सरकारी गारंटी वाली बचत योजना में आप हर महीने मात्र ₹12,500 बचाकर 21 साल बाद अपनी बेटी के लिए 70 लाख रुपये से अधिक का विशाल फंड तैयार कर सकते हैं। आइए आसान शब्दों में समझते हैं इस योजना की पूरी ए-टू-जेड जानकारी और ब्याज का गणित।

हर महीने ₹12,500 जमा करने पर कैसे बनेंगे ₹70 लाख से ज्यादा?

सुकन्या समृद्धि योजना में मिलने वाली 8.20% की सालाना चक्रवृद्धि ब्याज दर ही आपके छोटे-छोटे निवेश को एक विशाल फंड में बदल देती है। अगर आप हर महीने ₹12,500 (यानी साल में कुल ₹1.5 लाख) का निवेश करते हैं, तो इसका पूरा कैलकुलेशन नीचे तालिका में देखें:

हर महीने ₹12,500 जमा करने पर कैसे बनेंगे ₹70 लाख से ज्यादा?

(नोट: खाता खुलने के बाद आपको केवल 15 साल तक ही पैसे जमा करने होते हैं। आखिरी के 6 सालों तक बिना नया पैसा डाले आपके पूरे फंड पर 8.20% की दर से चक्रवृद्धि ब्याज जुड़ता रहता है, जिससे आपकी राशि तेजी से बढ़ती है।)

सुकन्या समृद्धि खाते से जुड़े जरूरी नियम और पात्रता

अगर आप अपनी बेटी का खाता खुलवाना चाहते हैं, तो इन मुख्य बातों का ध्यान रखें:

उम्र सीमा: बेटी के जन्म से लेकर 10 साल की उम्र होने तक अभिभावक यह खाता खोल सकते हैं।

प्रति परिवार खाते: एक परिवार में अधिकतम 2 बेटियों के लिए यह खाता खोला जा सकता है। जुड़वां या एक साथ तीन बेटियां होने की स्थिति में दो से अधिक खाते की अनुमति है।

न्यूनतम व अधिकतम निवेश: खाते को एक्टिव रखने के लिए एक वित्त वर्ष में न्यूनतम ₹250 और अधिकतम ₹1,50,000 जमा करना अनिवार्य है।

आंशिक निकासी: जब बेटी 18 वर्ष की हो जाए या 10वीं कक्षा पास कर ले, तो उसकी उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए खाते में जमा कुल बैलेंस का 50% तक निकाला जा सकता है।

EEE कैटेगरी का ट्रिपल टैक्स बेनिफिट

स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स में सुकन्या समृद्धि योजना को EEE श्रेणी में रखा गया है, जिसका मतलब है तीन स्तरों पर टैक्स बचत:

निवेश पर छूट: इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत हर साल ₹1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स डिडक्शन का फायदा मिलता है।

ब्याज पर टैक्स फ्री: हर साल जो ब्याज आपके खाते में जुड़ता है, उस पर कोई टैक्स नहीं लगता।

मैच्योरिटी पूरी तरह टैक्स फ्री: 21 साल पूरे होने पर मिलने वाली पूरी रकम (मूलधन + ब्याज) आयकर से पूरी तरह मुक्त होती है।

FD Monthly Income: ₹10 लाख की FD से हर महीने कितनी कमाई होगी? समझिए ब्याज का पूरा कैलकुलेशन

FD Monthly Income: अगर आपके पास ₹10 लाख की एकमुश्त रकम है और आप इससे हर महीने एक तय इनकम चाहते हैं, तो FD एक विकल्प हो सकती है। इसमें आपकी मूल रकम बैंक में जमा रहती है और उस पर ब्याज मिलता है।

लेकिन सवाल है कि ₹10 लाख की FD से हर महीने कितनी इनकम होगी? इसका जवाब ब्याज दर पर निर्भर करता है। दर जितनी ज्यादा होगी, हर महीने मिलने वाला ब्याज भी उतना ही ज्यादा होगा।

बैंक FD की ब्याज दरें किस रेंज में हैं?

FD की दरें बैंक और अवधि के हिसाब से बदलती हैं। बड़े बैंकों में कई अवधियों पर ब्याज दर करीब 6% से 6.5% के आसपास है। वहीं कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक चुनिंदा अवधि में इससे ज्यादा ब्याज दे रहे हैं।

उदाहरण के लिए, SBI और HDFC Bank की कुछ FD अवधियों में दर करीब 6% से 6.5% के आसपास है। दूसरी तरफ AU Small Finance Bank और Jana Small Finance Bank जैसी संस्थाओं की कुछ अवधियों में दर 7% से 8% तक पहुंच रही है।

₹10 लाख की FD पर कितनी इनकम?

मान लीजिए आपको 6% ब्याज मिल रहा है। ऐसे में ₹10 लाख पर सालाना करीब ₹60,000 ब्याज बनेगा। यानी मासिक भुगतान के हिसाब से करीब ₹5,000 की इनकम होगी।

अगर ब्याज दर 7% है, तो सालाना ब्याज ₹70,000 होगा। इस हिसाब से हर महीने करीब ₹5,833 मिलेंगे। वहीं 8% ब्याज पर सालाना ₹80,000 और करीब ₹6,667 महीने की इनकम बनेगी।

FD पर ब्याजसालाना ब्याज
मंथली इनकम

6%₹60,000₹5,000
6.50%₹65,000₹5,417
7%₹70,000₹5,833
7.50%₹75,000₹6,250
8%₹80,000₹6,667

ये आंकड़े ₹10 लाख की रकम पर साधारण सालाना ब्याज के आधार पर हैं। वास्तविक भुगतान बैंक की FD स्कीम और ब्याज भुगतान के विकल्प के मुताबिक अलग हो सकता है।

हर महीने ब्याज चाहिए तो ऐसी FD चुनें

अगर आपका मकसद हर महीने खर्च के लिए रकम लेना है, तो ऐसी FD देखनी होगी जिसमें ब्याज का नियमित भुगतान मिलता हो। बैंक के विकल्प के हिसाब से ब्याज मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना लिया जा सकता है।

वहीं क्युमुलेटिव FD में ब्याज बीच में नहीं मिलता। वह FD की मूल रकम के साथ जुड़ता रहता है और मैच्योरिटी पर मिलता है। इसलिए मंथली इनकम के लिए नियमित ब्याज भुगतान वाली FD ज्यादा सही है।

₹10 लाख की मूल रकम का क्या होगा?

अगर आप सिर्फ FD का ब्याज निकालते हैं, तो मूल ₹10 लाख FD में बना रह सकता है। यानी ब्याज को हर महीने इनकम के तौर पर लिया जा सकता है और मूल रकम को मैच्योरिटी तक रखा जा सकता है।

हालांकि, FD समय से पहले तोड़ने पर बैंक के नियम लागू होते हैं। ऐसे में ब्याज की रकम पर असर पड़ सकता है। इसलिए FD करने से पहले प्रीमैच्योर विड्रॉल की शर्त देखना जरूरी है।

FD के ब्याज पर टैक्स भी लगेगा

FD से मिलने वाला ब्याज आपकी टैक्सेबल इनकम में शामिल होता है। इसलिए ₹5,833 या ₹6,667 महीने की रकम को टैक्स के बाद मिलने वाली इनकम नहीं माना जा सकता।

आपकी कुल आय और लागू इनकम टैक्स नियमों के हिसाब से टैक्स देनदारी तय होगी। इसलिए FD चुनते समय ब्याज दर के साथ टैक्स के बाद बचने वाली रकम भी देखनी चाहिए।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Pension Calculator: LIC की इस स्कीम में एक बार लगाएं पैसा, जिंदगीभर मिलेगी पेंशन; समझिए पूरा कैलकुलेशन

Pension Calculator: रिटायरमेंट के बाद हर महीने एक तय रकम खाते में आती रहे, तो काफी सहूलियत रहती है। इसी जरूरत के लिए LIC की Jeevan Akshay-VII स्कीम है। इसमें एक बार पैसा लगाना होता है। इसके बाद चुने गए विकल्प के हिसाब से पेंशन मिलती रहती है।

यह LIC का Immediate Annuity Plan है। यानी पैसा लगाने के बाद एन्युटी का भुगतान शुरू हो जाता है। LIC के मुताबिक इसमें एन्युटी की दर शुरुआत में तय होती है और चुने गए विकल्प के मुताबिक जिंदगीभर भुगतान मिलता है।

₹10 लाख लगाने पर कितनी पेंशन?

मान लीजिए आपकी उम्र 60 साल है। आप इस स्कीम में ₹10 लाख लगाते हैं। LIC के मौजूदा V07 ब्रोशर में सालाना पेमेंट के उदाहरण दिए गए हैं।

Option A में ₹10 लाख लगाने पर सालाना ₹86,100 की एन्युटी मिलती है। यानी करीब ₹7,175 महीने के हिसाब से। वहीं, Option F में सालाना एन्युटी ₹64,000 है। यानी करीब ₹5,333 महीने।

विकल्प₹10 लाख पर सालाना एन्युटी
करीब मासिक रकम

Option A₹86,100₹7,175
Option B₹85,500₹7,125
Option C₹84,000₹7,000
Option D₹81,800₹6,817
Option E₹79,200₹6,600
Option F₹64,000₹5,333
Option G₹68,700₹5,725

ये आंकड़े 60 साल की उम्र में ₹10 लाख के खरीद मूल्य और सालाना पेमेंट के LIC के उदाहरण पर आधारित हैं। इनमें पेंशन उम्रभर मिलती है। हालांकि, LIC से मिलने वाली एन्युटी/पेंशन पर आपकी इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लग सकता है।

पेंशन के कई विकल्प मिलते हैं

इस स्कीम में सिर्फ एक तरह की पेंशन नहीं है। LIC ने कुल 10 एन्युटी विकल्प दिए हैं। Option A में जिंदगीभर एक तय रकम मिलती है। Option B, C, D और E में 5, 10, 15 या 20 साल की गारंटी अवधि है। इसके बाद भी पॉलिसीधारक के जिंदा रहने तक पेंशन जारी रहती है।

Option F थोड़ा अलग है। इसमें जिंदगीभर पेंशन मिलती है। पॉलिसीधारक की मृत्यु के बाद खरीद मूल्य वापस करने का प्रावधान है। इसी वजह से इस विकल्प में पेंशन बाकी कुछ विकल्पों से कम रहती है।

पैसा एक बार लगाना होगा

Jeevan Akshay-VII में नियमित प्रीमियम नहीं भरना होता। इसमें एकमुश्त रकम लगानी होती है। इसके बाद आप पेंशन लेने का तरीका चुन सकते हैं।

पेंशन मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना ली जा सकती है। LIC के मुताबिक इस प्लान में 10 अलग-अलग एन्युटी विकल्प हैं।

पति-पत्नी के लिए भी विकल्प

अगर आप चाहते हैं कि आपके बाद पति या पत्नी को भी पेंशन मिलती रहे, तो जॉइंट लाइफ के विकल्प हैं। इनमें दोनों लोगों की उम्र और चुने गए विकल्प के आधार पर एन्युटी तय होती है।

LIC के विकल्प H और I में दूसरे व्यक्ति को पेंशन जारी रखने का प्रावधान है। Option J में आखिरी व्यक्ति की मृत्यु के बाद खरीद मूल्य वापस करने का भी प्रावधान है।

पेंशन हर साल 3% बढ़ाने का विकल्प भी

Option G में पेंशन हर साल साधारण आधार पर 3% बढ़ती है। शुरुआत में मिलने वाली रकम बाकी कुछ विकल्पों से कम होती है। लेकिन समय के साथ पेंशन बढ़ती रहती है।

इसका फायदा लंबे समय तक पेंशन लेने वाले व्यक्ति को मिल सकता है। हालांकि, इसमें भी शुरुआत में मिलने वाली रकम और दूसरे विकल्पों की तुलना देखना जरूरी है।

सबसे जरूरी बात

इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत तय एन्युटी है। बाजार ऊपर जाए या नीचे, चुने गए विकल्प के मुताबिक एन्युटी भुगतान जारी रहता है। इसलिए रिटायरमेंट के बाद तय आय चाहने वाले लोगों के लिए यह एक विकल्प है।

लेकिन एकमुश्त रकम लगाने के बाद उसे आसानी से वापस निकालने की सुविधा नहीं होती। इसलिए पूरी रिटायरमेंट बचत एक ही जगह लगाने के बजाय अपनी जरूरत और बाकी आय को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।