Retirement Planning: सुकन्या समृद्धि, पीपीएफ और SIP में मंथली ₹10000 इनवेस्ट करने से कितना बड़ा फंड बनेगा? समझें पूरा कैलकुलेशन

रिटायरमेंट प्लानिंग जल्द करने के कई फायदे हैं। निवेश के लिए ज्यादा समय मिलता है। पैसे को बढ़ने के लिए भी पर्याप्त समय मिल जाता है। करियर की शुरुआत में व्यक्ति पर आर्थिक जिम्मेदारी कम होती है। इससे निवेश करने में दिक्कत नहीं आती है। सवाल है कि अगर 40 साल का कोई व्यक्ति अगले 15 साल के लिए निवेश करना चाहता है तो उसके लिए बेस्ट इनवेस्टमेंट ऑप्शन क्या होगा?

15 साल में निवेश से बनेगा बड़ा फंड

एक्सपर्ट्स का कहना है कि 15 साल का पीरियड निवेश के लिए अच्छा है। अगर हर महीने 10000 रुपये का निवेश 15 साल तक किया जाए तो अच्छा फंड तैयार हो सकता है। लंबी अवधि के निवेश के लिए कुछ अच्छे विकल्प हैं। इनमें पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में SIP शामिल हैं।

पीपीएफ और SSY सरकारी की स्कीम

पीपीएफ और एसएसवाय सरकारी की स्कीम हैं। ये फिक्स्ड रिटर्न स्कीम हैं। इसका मतलब है कि निवेश से पहले आपको अंदाजा मिल जाता है कि किसी खास अवधि तक निवेश करने के बाद आपके लिए कितना बड़ा फंड तैयार होगा। सरकार की स्कीम होने की वजह से यह पूरी तरह सुरक्षित हैं। इनमें पैसा डूबने का डर ना के बराबर है। इसके अलावा इनके रिटर्न पर शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता है।

SIP से मंथली निवेश करने में रिस्क

म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में SIP उन लोगों के लिए सही है, जो निवेश पर रिस्क ले सकते हैं। इसकी वजह यह है कि म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम सिप से हर महीने निवेश के पैसे को शेयर बाजार में लगाती है। इसलिए स्कीम के रिटर्न पर शेयर बाजार के प्रदर्शन का सीधा असर पड़ता है। शेयर बाजार का प्रदर्शन अच्छा रहने पर ज्यादा रिटर्न मिलता है, जबकि प्रदर्शन खराब होने पर रिटर्न भी कम रह सकता है।

एसएसवाय में निवेश का पीरियड 15 साल

अब हम देखेंगे कि तीनों इनवेस्टमेंट ऑप्शंस में मंथली 10,000 रुपये के निवेश से 15 साल में कितना बड़ा फंड तैयार होता है। सबसे पहले हम SSY का उदाहरण लेते हैं। यह स्कीम उन लोगों के लिए है, जिनकी बेटियां हैं। माता-पिता मैक्सिमम दो बेटियों के नाम से सुकन्या समृद्धि अकाउंट ओपन कर सकते हैं। एक बेटी के नाम से सिर्फ एक अकाउंट ओपन होगा। बेटी की उम्र 10 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

एसएसवाय का इंटरेस्ट रेट सालाना 8.2 फीसदी

सुकन्या समृद्धि स्कीम का इंटरेस्ट रेट 8.2 फीसदी है। इस स्कीम में सिर्फ 15 साल तक निवेश करना होता है। अकाउंट ओपन करने के 21 साल बाद स्कीम मैच्योर हो जाती है। इसका मतलब है कि अगर बेटी की उम्र अभी 5 साल है तो मंथली 10,000 रुपये 15 साल तक निवेश करने पर साल 2047 तक करीब 55,42,062 लाख रुपये का फंड तैयार हो जाएगा। इसमें 15 साल में कुल निवेश 18,00,000 रुपये होगा। इस पर आपको 37,42,062 रुपये का इंटरेस्ट मिलेगा। मैच्योरिटी अमाउंट पर टैक्स नहीं लगेगा।

retirement table

पीपीएफ का इंटरेस्ट रेट सालाना 7.1 फीसदी 

PPF की स्कीम 15 साल में मैच्योर हो जाती है। इसका इंटरेस्ट रेट अभी 7.1 फीसदी है। इस तरह आप 15 साल में कुल 18,00,000 रुपये निवेश करेंगे। इस पर आपको कुल 14,54,567 रुपये का इंटरेस्ट मिलेगा। कुल मिलाकर 15 साल बाद आपको कुल 32,54,567 लाख रुपये मिलेंगे। इस पैसे पर आपको कोई टैक्स नहीं चुकाना होगा। अगर आप इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल करते हैं तो आप निवेश के पैसे पर डिडक्शंस क्लेम कर सकते हैं।

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सिप से निवेश करने में बनेगा सबसे बड़ा फंड

म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में मंथली 10000 रुपये का निवेश करने पर कुल 47,59,314 रुपये का फंड बनेगा। इस कैलकुलेशन में सालाना 12 फीसदी रिटर्न माना गया है। इसका मतलब है कि 15 साल में आपका 18 लाख रुपये का निवेश कंपाउंडिंग की वजह से 29,59,314 रुपये का रिटर्न जेनरेट करता है। लेकिन, ध्यान देने वाली बात यह है कि इस पैसे पर आपको कैपिटल गेंस टैक्स चुकाना होगा। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस का रेट 12.5 फीसदी है। इस रेट से कुल 5,94,914.25 रुपये टैक्स लगेगा। इसके बावजूद 15 साल का रिटर्न पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना से ज्यादा है।

Retirement Planning: मंथली ₹5,000 SIP और ₹12,500 PPF से कैसे बन सकता है ₹2 करोड़ का फंड?

क्या आपने रिटायरमेंट प्लानिंग की है? अगर नहीं की है तो इसे जल्द पूरा कर लें। लंबी अवधि में नियमित रूप से निवेश करने पर रिटायरमेंट के लिए बड़ा फंड आसानी से तैयार हो जाता है। कई लोग देर से निवेश शुरू करते हैं, जिससे उनके पैसे को बढ़ने का पर्याप्त समय नहीं मिलता है। आप हर महीने 5000 रुपये के सिप और 12,500 रुपये के पीपीएफ में निवेश से आसानी से 2 करोड़ रुपये का रिटायरमेंट फंड बना सकते हैं।

पीपीएफ टैक्स के लिहाज से काफी फायदेमंद स्कीम

पीपीएफ यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड लंबी अवधि के निवेश के लिए काफी अट्रैक्टिव स्कीम है। इस स्कीम में एक वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकता है। टैक्स के लिहाज से यह स्कीम काफी फायदेमंद है। यह एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट की कैटेगरी में आती है। इसका मतलब है कि न तो इसमें पैसा जमा करने पर टैक्स लगता है, न तो इंटरेस्ट पर टैक्स लगता है और न ही मैच्योरिटी अमाउंट पर टैक्स लगता है।

पीपीएफ में मैच्योरिटी पर भी नहीं लगता है टैक्स

मशहूर टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन ने बताया कि पीपीएफ के मैच्योरिटी अमाउंट पर टैक्स नहीं लगता है। यह पूरी तरह से टैक्स फ्री होता है। यह स्कीम 15 साल में मैच्योर हो जाती है। अगर आप हर महीने 12500 रुपये का निवेश इस स्कीम में करते हैं तो 15 साल में आप कुल 22,50,000 रुपये का निवेश करते हैं। इस पर आपको 18,18,209 रुपये इंटरेस्ट मिलेगा। इस तरह मैच्योरिटी पर आपको 40,68,209 रुपये मिलेंगे।

म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में मंथली 5000 का सिप

आपको म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में सिप से हर महीने 5000 रुपये का निवेश 15 साल तक करना है। इस तरह आप 15 साल में कुल 9,00,000 रुपये का निवेश करेंगे। सालाना 12 फीसदी रिटर्न के हिसाब से 15 साल आपका पैसा बढ़कर 23,79,657 रुपये हो जाएगा। अगर इसमें पीपीएफ से मिले 40,68,209 रुपये को मिला दिया जाए तो कुल 64,47,866 रुपये हो जाते हैं। इस पैसे को आपको म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में एकमुश्त निवेश करना होगा।

ऐसे तैयार हो जाएगा 25 साल में 2 करोड़ का फंड

म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में एकमुश्त 64,47,866 रुपये का निवेश 10 साल में बढ़कर 2,00,26,093 रुपये हो जाएगा। इस कैलकुलेशन के लिए सालाना 12 फीसदी रिटर्न का अंदाजा लगाया गया है। इस तरह आपको सिर्फ 15 साल तक हर महीने पीपीएफ में 12,500 रुपये और सिप में 5000 रुपये का निवेश करना है। 15 साल बाद आपको दोनों निवेश से मिले पैसे को म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में 10 साल के लिए निवेश करना है। इस तरह आपको निवेश सिर्फ 15 साल करना है। लेकिन, 2 लाख रुपये का फंड 25 साल में तैयार होगा।

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स भी चुकाना होगा

एक बात आपको ध्यान में रखना होगा कि म्यूचुअल फंड में निवेश से हुए मुनाफे पर आपको लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस देना होगा। एक वित्त वर्ष में 1.25 लाख रुपये से ज्यादा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस पर टैक्स लगता है। इसका मतलब है कि आपको 23,79,657 रुपये पर 12.5 फीसदी टैक्स देना होगा। यह टैक्स 2,97,457.125 रुपये बनेगा। इसे तीन लाख रुपये माना जा सकता है।

टैक्स चुकाने के बाद 25 साल कुछ महीने में तैयार होगा फंड

इसका मतलब है कि म्यूचुअल फंड में हर महीने 5000 रुपये निवेश करने पर टैक्स काटकर आपके हाथ में करीब 20,79,657 रुपये आएंगे। अब इसमें पीपीएफ से मिले पैसे को जोड़ देते हैं, क्योंकि पीपीएफ पर टैक्स नहीं लगता है। दोनों मिलकर 61,47,866 रुपये हो जाते है। इस पैसे को एकमुश्त निवेश करने पर 10 साल कुछ महीने में 2 करोड़ का फंड तैयार हो जाएगा।