Small Savings Schemes: शेयर मार्केट में उठा-पटक की टेंशन दूर, 8.2% तक का रिटर्न, पोस्ट ऑफिस की ये स्कीम शानदार

Small Savings Schemes: पिछले कुछ महीनों से स्टॉक मार्केट में काफी उठा-पटक दिख रही है। इससे शॉर्ट टर्म में रिटर्न को लेकर निवेशक परेशान हो गए हैं। हालांकि अधिकतक एक्सपर्ट्स लंबे समय में अच्छा पैसा बनाने के लिए इक्विटी में पैसा लगाने की सलाह देते हैं लेकिन जो निवेशक मार्केट की घबराहट से दूर बिना टेंशन अच्छा पैसा बनाना चाहते हैं, उनके लिए भी मार्केट में विकल्प उपलब्ध हैं। ऐसे निवेशकों के लिए सरकार के सपोर्ट वाली छोटी बचत योजनाएं पोर्टफोलियो का अच्छा हिस्सा बन सकती हैं। इनमें सालाना 8.2% तक का ब्याज मिल रहा है, जिससे मार्केट की उठा-पटक से दूर निवेशकों का क्रेज इन्हें लेकर बढ़ रहा है।

Public Provident Fund (PPF)

लंबे समय से पीपीएफ सैलरीड एंप्लॉयीज और अपना खुद का बिजनेस करने वालों के लिए सबसे पसंदीदा निवेश विकल्पों में शुमार है। अभी इस पर सालाना 7.1% की दर से ब्याज मिल रहा है। इसका मेच्योरिटी पीरियड 15 वर्ष है। पुरानी टैक्स व्यवस्था यानी ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत इसमें किए गए निवेश पर इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत टैक्स डिडक्शन मिलका है। साथ ही अर्जित ब्याज और मेच्योरिटी पर मिलने वाला पैसा भी टैक्स-फ्री होता है।

National Savings Certificate (NSC)

एनएससी एक फिक्स्ड इनकम योजना है, जिसमें अभी सालाना 7.7% की दर से ब्याज मिल रहा है। इसका मेच्योरिटी पीरियड 5 साल है और इसमें निवेश पर सेक्शन 80सी के तहत टैक्स बेनेफिट्स भी मिलता है।

Kisan Vikas Patra (KVP)

बाजार की उठा-पटक से दूर किसान विकास पत्र (केवीपी) ऐसे निवेशकों के लिए सुरक्षित है जो बिना किसी टेंशन अपने पैसे को अच्छी रफ्तार से बढ़ता हुआ देखना चाहते हैं। अभी इस पर सालाना 7.5% की दर से ब्याज मिल रहा है और इस रफ्तार से 115 महीने में इसमें रखा पैसा डबल हो जाता है।

Sukanya Samriddhi Yojana (SSY)

लड़कियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना में अभी सालाना 8.2% की दर से ब्याज मिल रहा है जोकि स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स में सबसे अधिक ब्याज देने वाली योजना में से एक है। 10 साल से कम उम्र की लड़की के अभिभावक यह खाता खोल सकते हैं।

Senior Citizens’ Savings Scheme (SCSS)

सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम के तहत अभी सालाना 8.2% की दर से ब्याज मिल रहा है और यह भी अधिक ब्याज देने वाली सरकारी बचत योजनाओं में शुमार है। इसके तहत 60 वर्ष या इससे अधिक उम्र के लोग निवेश कर सकते हैं और ऐसे लोगों के लिए बेहतर है जो नियमित आय चाहते हैं।

Post Office Time Deposits

पोस्ट ऑफिस में बैंकों की तरह एक एफडी है, जिसे सरकार का सपोर्ट मिला हुआ है। इसमें एक साल की जमा पर 6.9%,दो साल की जमा पर 7.0%, तीन साल की जमा पर 7.1% और पांच साल की जमा पर 7.5% की दर से ब्याज मिलेगा। पांच साल की जमा पर सेक्शन 80सी के तहत टैक्स बेनेफिट्स भी मिलेगा।

छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें

सरकार हर तिमाही स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स यानी छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें तय करती हैं और सितंबर तिमाही के लिए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यहां पोस्ट ऑफिस से जुड़ी स्कीम्स के लिए ब्याज दर की डिटेल्स दी जा रही है-

स्मॉल सेविंग्स स्कीमब्याज दर
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)8.2%
सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS)8.2%
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)7.7%
किसान विकास पत्र (KVP)7.5%
5 वर्षीय पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट7.5%
पोस्टऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS)7.4%
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)7.1%
3 साल का पोस्ट ऑफिस  टाइम डिपॉजिट7.1%
2 साल का पोस्ट ऑफिस डाकघर टाइम डिपॉजिट7.0%
1 साल का पोस्ट ऑफिस  टाइम डिपॉजिट6.9%
पोस्ट ऑफिस आरडी (RD)6.7%
पोस्ट ऑफिस सेविंग्स स्कीम4.0%

SIP Calculator: म्यूचुअल फंड में ₹999 की छोटी SIP से तैयार होगा लाखों का फंड

डिस्क्लेमर: निवेश से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने निवेश सलाहकार से जरूर संपर्क करें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है

SIP vs SSY: सुकन्या समृद्धि और SIP में हर महीने ₹2000 निवेश करें तो किसमें ज्यादा पैसा बनेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

SIP vs SSY: अगर आपके घर में छोटी बेटी है और आप उसके भविष्य के लिए हर महीने ₹2,000 बचाना चाहते हैं, तो आपके सामने दो लोकप्रिय विकल्प होते हैं। पहला सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और दूसरा म्यूचुअल फंड SIP।

दोनों का मकसद लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाना है। लेकिन दोनों का तरीका अलग है। एक में सरकार तय ब्याज देती है, जबकि दूसरे में रिटर्न बाजार पर निर्भर करता है।

तो अगर हर महीने सिर्फ ₹2,000 निवेश किए जाएं, तो आखिर किसमें ज्यादा पैसा बन सकता है? आइए इसे समझते हैं।

₹2,000 की SIP से कितना फंड बन सकता है?

मान लीजिए कि आपकी बेटी अभी 2 साल की है। आप उसके 23 साल की होने तक एक अच्छा फंड तैयार करना चाहते हैं। आप 21 साल तक हर महीने ₹2,000 की SIP करते हैं। अगर निवेश पर औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है, तो तस्वीर कुछ ऐसी बन सकती है।

डिटेलSIP
मासिक निवेश₹2,000
निवेश अवधि21 साल
कुल निवेश₹5.04 लाख
अनुमानित रिटर्न12% सालाना
अनुमानित मैच्योरिटी राशिकरीब ₹22-24 लाख

यानी आपने अपनी जेब से सिर्फ ₹5.04 लाख लगाए, लेकिन कंपाउंडिंग की ताकत से फंड ₹22 लाख से ज्यादा हो सकता है।

सुकन्या समृद्धि योजना में कितना पैसा मिलेगा?

अब सुकन्या समृद्धि योजना का हिसाब भी समझ लेते हैं। इसमें आप हर महीने ₹2,000 जमा करते हैं। फिलहाल इस योजना पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। इस स्थिति में अनुमानित तस्वीर कुछ ऐसी होगी।

डिटेल
Sukanya Samriddhi Yojana

मासिक निवेश₹2,000
जमा करने की अवधि15 साल
योजना की मैच्योरिटी21 साल
कुल निवेश₹3.60 लाख
मौजूदा ब्याज दर8.2% सालाना
अनुमानित मैच्योरिटी राशिकरीब ₹9.5-10 लाख*

*यह अनुमान मौजूदा 8.2% ब्याज दर के आधार पर है। भविष्य में ब्याज दर बदल सकती है।

दोनों में इतना बड़ा अंतर क्यों?

पहली नजर में आपको लगेगा कि SIP में पैसा बहुत ज्यादा बन रहा है। लेकिन इसकी वजह समझना भी जरूरी है। SIP वाले उदाहरण में 21 साल तक लगातार निवेश किया गया है। वहीं सुकन्या समृद्धि योजना में सिर्फ 15 साल तक पैसा जमा करना होता है, लेकिन खाता 21 साल में मैच्योर होता है। यानी आखिरी 6 साल तक बिना नया पैसा जमा किए भी ब्याज मिलता रहता है।

दूसरी बात यह है कि SIP में 12% रिटर्न माना गया है, जबकि सुकन्या योजना में 8.2% ब्याज लिया गया है। यही दोनों के बीच सबसे बड़ा अंतर पैदा करता है।

कौन-सा विकल्प चुनें?

अगर आपकी पहली प्राथमिकता पूरी सुरक्षा है और आप बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहना चाहते हैं, तो सुकन्या समृद्धि योजना बेहतर विकल्प हो सकती है। इसमें सरकार की गारंटी होती है और ब्याज भी टैक्स छूट के साथ मिलता है।

लेकिन अगर आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाना है और आप बाजार का थोड़ा जोखिम उठा सकते हैं, तो SIP ज्यादा रिटर्न देने की क्षमता रखती है। हालांकि, इसमें रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती।

क्या एक ही विकल्प चुनना चाहिए?

जरूरी नहीं कि आप सिर्फ एक ही विकल्प चुनें। कई फाइनेंशियल प्लानर सलाह देते हैं कि बेटी के भविष्य के लिए दोनों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

उदाहरण के लिए, आप हर महीने ₹1,000 सुकन्या समृद्धि योजना में और ₹1,000 SIP में निवेश कर सकते हैं। इससे एक तरफ सुरक्षित फंड बनेगा, वहीं दूसरी तरफ बाजार से बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना भी बनी रहेगी। आपकी कमाई जैसे बढ़े, उसी हिसाब से आप निवेश की रकम भी बढ़ा सकते हैं।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

SSY vs PPF: सुकन्या समृद्धि या PPF… हर महीने ₹5000 जमा करें तो कहां बनेगा ज्यादा पैसा? समझिए पूरा हिसाब

Sukanya Samriddhi Yojana vs PPF: अगर आप हर महीने बचत करके भविष्य के लिए बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) दोनों अच्छे विकल्प हो सकते हैं। ये दोनों ही सरकार की गारंटी वाली योजनाएं हैं। इसलिए पैसा डूबने का जोखिम भी नहीं रहता। लेकिन सवाल यह है कि अगर हर महीने ₹5,000 जमा किए जाएं, तो आखिर किस योजना में ज्यादा पैसा मिलेगा? आइए पूरा हिसाब समझते हैं।

PPF और सुकन्या योजना में क्या अंतर है?

PPF में कोई भी भारतीय नागरिक खाता खोल सकता है। चाहे नौकरीपेशा हो, किसान हो, दुकानदार हो या छोटा कारोबारी। फिलहाल इस योजना पर 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है। इसका लॉक-इन पीरियड 15 साल का होता है।

वहीं सुकन्या समृद्धि योजना सिर्फ बेटियों के लिए बनाई गई है। 10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम पर यह खाता खोला जा सकता है। इस समय इस योजना पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। इसमें 15 साल तक पैसा जमा करना होता है, लेकिन खाता 21 साल बाद मैच्योर होता है।

हर महीने ₹5,000 जमा करने पर कितना निवेश होगा?

अगर आप हर महीने ₹5,000 जमा करते हैं, तो सालभर में कुल ₹60,000 निवेश होगा। 15 साल तक ऐसा करने पर आपका कुल निवेश ₹9 लाख होगा। अब देखते हैं कि यह ₹9 लाख आगे चलकर कितना बन सकता है।

PPF में कितना पैसा बन सकता है?

अगर PPF पर पूरे 15 साल तक 7.1% सालाना ब्याज मिलता है और आप हर साल 60,000 रुपये जमा करते हैं, तो इस दौरान आपका कुल निवेश 9 लाख रुपये होगा। इस पर आपको करीब 7.27 लाख रुपये ब्याज मिलेगा। मैच्योरिटी पर आपके हाथ में करीब 16.27 लाख रुपये होंगे। यानी 9 लाख रुपये का निवेश बढ़कर 15 साल में 16 लाख रुपये से ज्यादा हो जाएगा।

सुकन्या योजना में कितना पैसा बन सकता है?

अगर आपकी बेटी छोटी है और उसके नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवाते हैं, तो तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है। अगर आप 15 साल तक हर साल 60,000 रुपये जमा करते हैं, तो आपका कुल निवेश यहां भी 9 लाख रुपये ही रहेगा।

लेकिन 15 साल बाद जमा बंद होने के बावजूद खाते में ब्याज मिलता रहता है और यह 21 साल में मैच्योर होता है। मौजूदा 8.2% ब्याज दर के हिसाब से मैच्योरिटी पर आपको करीब 30.7 लाख रुपये मिल सकते हैं। यानी 9 लाख रुपये का निवेश बढ़कर 30 लाख रुपये से ज्यादा हो सकता है।

सुकन्या में ज्यादा पैसा क्यों बनता है?

इसकी दो बड़ी वजह हैं। पहली वजह है ज्यादा ब्याज दर। फिलहाल सुकन्या योजना पर PPF से ज्यादा ब्याज मिल रहा है। दूसरी वजह है लंबी कंपाउंडिंग। आप 15 साल तक पैसा जमा करते हैं, लेकिन उसके बाद भी 6 साल तक पैसा ब्याज कमाता रहता है। यही कारण है कि अंतिम रकम में बड़ा अंतर दिखाई देता है।

टैक्स में भी मिलता है फायदा

PPF और सुकन्या समृद्धि योजना दोनों में टैक्स का फायदा मिलता है। इन योजनाओं में जमा रकम पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत सालाना ₹1.5 लाख तक की छूट ली जा सकती है।

सिर्फ निवेश पर ही नहीं, बल्कि मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम पर भी टैक्स नहीं लगता। यानी निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी… तीनों स्तर पर टैक्स छूट का फायदा मिलता है।

किसके लिए कौन-सी योजना बेहतर?

अगर आपकी बेटी है और आप उसकी पढ़ाई, शादी या भविष्य के लिए पैसा जोड़ना चाहते हैं, तो सुकन्या समृद्धि योजना बेहतर विकल्प हो सकती है। इसमें लंबी अवधि तक निवेश बढ़ने का फायदा मिलता है।

वहीं, अगर आपका लक्ष्य रिटायरमेंट के लिए फंड बनाना है, तो PPF बेहतर विकल्प हो सकता है। इसकी एक और खासियत यह है कि इसमें कोई भी व्यक्ति निवेश कर सकता है।

किसमें मिलेगा ज्यादा फायदा?

अगर सिर्फ रिटर्न की बात करें, तो मौजूदा ब्याज दरों के हिसाब से सुकन्या समृद्धि योजना PPF से आगे नजर आती है। हर महीने ₹5,000 जमा करने पर जहां PPF में करीब ₹16.27 लाख का फंड बन सकता है, वहीं सुकन्या योजना में यह रकम करीब ₹30.7 लाख तक पहुंच सकती है।

हालांकि निवेश का फैसला सिर्फ रिटर्न देखकर नहीं करना चाहिए। यह भी देखना जरूरी है कि आपका पैसा किस लक्ष्य के लिए जमा किया जा रहा है। बेटी के भविष्य के लिए सुकन्या योजना बेहतर हो सकती है। वहीं, लंबी अवधि की बचत के लिए PPF एक मजबूत विकल्प माना जाता है।

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