SIP Calculator: ₹100 की SIP से कितने समय में ₹1 लाख बनेगा? पूरा कैलकुलेशन समझिए

SIP Calculator: आज 100 रुपये में शायद परिवार के लिए पूरी सब्जी लाना भी मुश्किल हो सकता है। इसलिए अगर कोई कहे कि सिर्फ ₹100 महीने बचाकर 1 लाख रुपये बनाए जा सकते हैं, तो पहली बार में यकीन करना मुश्किल लगता है।

लेकिन SIP की खासियत ही यही है। यहां सिर्फ आपका पैसा काम नहीं करता, समय भी आपके लिए काम करता है। जितने लंबे समय तक निवेश चलता है, कंपाउंडिंग उतना बड़ा असर दिखाती है। यही वजह है कि छोटी रकम भी धीरे-धीरे बड़ा फंड बन सकती है।

पहले सीधा जवाब जान लीजिए

अगर आप हर महीने ₹100 की SIP करते हैं, तो 1 लाख रुपये तक पहुंचने में अनुमानित समय कुछ ऐसा हो सकता है।

अनुमानित सालाना रिटर्न
1 लाख बनने में अनुमानित समय

10%22 साल 5 महीने
12%20 साल
15%17 साल 5 महीने

नोट: यह अनुमान नियमित मासिक SIP और पूरे समय एक समान रिटर्न मानकर किया गया है। असली रिटर्न बाजार के हिसाब से अलग हो सकता है।

10% रिटर्न मिले तो क्या होगा?

अब मान लीजिए आपने 25 साल की उम्र में ₹100 की SIP शुरू की। अगर औसतन 10% सालाना रिटर्न मिलता है, तो 1 लाख रुपये बनने में करीब 22 साल 5 महीने लग सकते हैं।

इस दौरान आपका कुल निवेश सिर्फ करीब ₹26,900 होगा। यानी 1 लाख के फंड में करीब ₹73,100 सिर्फ कंपाउंडिंग से जुड़ सकते हैं। यही वजह है कि शुरुआती सालों में लगातार निवेश करना सबसे ज्यादा मायने रखता है।

12% रिटर्न पर तस्वीर बदल जाती है

अब यही उदाहरण 12% रिटर्न के साथ देखिए। यहां लक्ष्य करीब 20 साल में पूरा हो सकता है।

इस दौरान कुल निवेश लगभग ₹24,100 रहेगा। बाकी करीब ₹75,900 रिटर्न से बन सकते हैं। सिर्फ 2% ज्यादा रिटर्न मिलने से करीब ढाई साल का समय बच जाता है।

15% रिटर्न मिले तो?

अगर लंबे समय में औसतन 15% सालाना रिटर्न मिलता है, तो यही 1 लाख रुपये करीब 17 साल 5 महीने में बन सकते हैं।

यहां कुल निवेश सिर्फ करीब ₹20,900 रहेगा। बाकी लगभग ₹79,100 कंपाउंडिंग से जुड़ सकते हैं। यानी जितना समय बढ़ता है, उतना ही रिटर्न का असर भी तेज होता जाता है।

तीनों स्थितियों का पूरा हिसाब

रिटर्नसमयकुल निवेश
संभावित बढ़ी हुई रकम

10%22 साल 5 महीने₹26,900₹73,100
12%20 साल₹24,100₹75,900
15%17 साल 5 महीने₹20,900₹79,100

अगर SIP बढ़ा दें तो खेल बदल जाता है

यहीं सबसे दिलचस्प बात है। 100 रुपये की SIP से 1 लाख बन सकते हैं, लेकिन अगर आमदनी बढ़ने के साथ SIP भी थोड़ी बढ़ा दें, तो मंजिल कहीं पहले मिल सकती है।

12% अनुमानित रिटर्न पर अगर SIP बढ़ाकर ₹500 कर दें, तो 1 लाख बनने में करीब 9 साल लग सकते हैं। वहीं ₹1,000 की SIP में यही लक्ष्य करीब 5 साल 9 महीने में पूरा हो सकता है।

असली सीख क्या है?

100 रुपये की SIP आपको रातों-रात अमीर नहीं बनाएगी। लेकिन यह एक अच्छी निवेश आदत जरूर बना सकती है। अगर छोटी रकम से शुरुआत करके हर साल SIP थोड़ी-थोड़ी बढ़ाते रहें, तो वही कंपाउंडिंग आगे चलकर आपकी सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

SIP Calculator: हर महीने ₹500 की SIP… 10, 20 और 30 साल में कितना फंड बनेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

SIP Calculator: ‘अरे सिर्फ ₹500 से क्या होगा?’ SIP शुरू करने से पहले यह सवाल लगभग हर निवेशक के मन में आता है। कई लोग इसी सोच में निवेश टालते रहते हैं। उन्हें लगता है कि जब तक हर महीने 5,000 या 10,000 रुपये नहीं बचेंगे, तब तक निवेश का कोई फायदा नहीं है।

असल में ऐसा नहीं है। SIP में सिर्फ रकम काम नहीं करती। समय भी आपके लिए पैसा कमाता है। जितना लंबा निवेश करेंगे, कंपाउंडिंग का असर उतना बड़ा होगा। आइए, ₹500 की मासिक SIP का पूरा हिसाब देखते हैं।

₹500 की SIP पर कितना फंड बन सकता है?

सालाना अनुमानित रिटर्न10 साल (निवेश ₹60,000)20 साल (निवेश ₹1,20,000)
30 साल (निवेश ₹1,80,000)

10%₹1,03,276₹3,82,848₹11,39,663
12%₹1,16,170₹4,99,574₹17,64,957
15%₹1,39,329₹7,57,977₹35,04,910

पहले 10% रिटर्न का हिसाब समझिए

मान लीजिए, आपने हर महीने ₹500 की SIP शुरू की। 10 साल तक इसे जारी रखा। इस दौरान आपकी जेब से कुल ₹60,000 जाएंगे। अगर आपको औसतन 10% सालाना रिटर्न मिलता है, तो यह रकम बढ़कर करीब ₹1.03 लाख हो सकती है। यानी करीब ₹43,000 सिर्फ रिटर्न से मिल सकते हैं।

अब इसी SIP को 20 साल तक चलाइए। आपका कुल निवेश होगा ₹1.20 लाख। लेकिन अनुमानित फंड बढ़कर ₹3.82 लाख हो सकता है। यानी करीब ₹2.63 लाख का फायदा सिर्फ रिटर्न से मिलेगा।

अगर धैर्य रखकर 30 साल तक निवेश करते हैं, तो कुल निवेश सिर्फ ₹1.80 लाख रहेगा। लेकिन फंड बढ़कर करीब ₹11.40 लाख तक पहुंच सकता है। यानी आपकी कमाई, निवेश से कई गुना ज्यादा हो सकती है।

अगर 12% का रिटर्न मिले तो?

अब मान लेते हैं कि औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है। 10 साल में ₹60,000 का निवेश बढ़कर करीब ₹1.16 लाख हो सकता है। यहां रिटर्न करीब ₹56,000 बैठता है। 20 साल में कुल निवेश ₹1.20 लाख होगा। लेकिन अनुमानित फंड करीब ₹5 लाख तक पहुंच सकता है। यानी निवेश से करीब ₹3.80 लाख ज्यादा।

30 साल का आंकड़ा और दिलचस्प है। कुल निवेश रहेगा ₹1.80 लाख। लेकिन अनुमानित फंड करीब ₹17.65 लाख तक पहुंच सकता है। यानी करीब ₹15.85 लाख सिर्फ कंपाउंडिंग की ताकत से जुड़ सकते हैं।

15% रिटर्न मिलने पर तस्वीर बदल जाती है

अगर लंबे समय तक औसतन 15% सालाना रिटर्न मिलता है, तो 10 साल में ₹60,000 की SIP करीब ₹1.39 लाख हो सकती है। 20 साल में कुल निवेश ₹1.20 लाख रहेगा। लेकिन फंड बढ़कर करीब ₹7.58 लाख तक पहुंच सकता है। यानी रिटर्न ही ₹6.38 लाख से ज्यादा हो सकता है।

30 साल का हिसाब सबसे ज्यादा चौंकाता है। आपकी जेब से जाएंगे सिर्फ ₹1.80 लाख। लेकिन अनुमानित फंड बढ़कर ₹35 लाख से ज्यादा हो सकता है। यानी करीब ₹33 लाख सिर्फ रिटर्न और कंपाउंडिंग से जुड़ सकते हैं।

आखिर 30 साल में इतना बड़ा फर्क क्यों आता है?

शुरुआत के कुछ सालों में SIP धीरे-धीरे बढ़ती है। कई लोगों को लगता है कि फंड बहुत तेजी से नहीं बढ़ रहा। असल खेल बाद में शुरू होता है।

पहले आपके पैसे पर रिटर्न मिलता है। फिर उसी रिटर्न पर भी रिटर्न मिलने लगता है। इसे ही कंपाउंडिंग कहते हैं। यही वजह है कि 20वें साल के बाद फंड तेजी से बढ़ने लगता है।

छोटी SIP को छोटा मत समझिए

मान लीजिए, कोई 25 साल की उम्र में ₹500 की SIP शुरू करता है। दूसरा व्यक्ति सोचता रहता है कि अभी रकम कम है, बाद में निवेश करेंगे। कई बार यही देरी सबसे महंगी साबित होती है।

निवेश में बड़ी रकम से ज्यादा जरूरी है जल्दी शुरुआत करना। बाद में जब आय बढ़े, तो SIP की रकम भी बढ़ाई जा सकती है। सबसे मुश्किल काम लाखों रुपये निवेश करना नहीं होता। सबसे मुश्किल काम पहली ₹500 की SIP शुरू करना होता है।

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SIP Calculator: 10 साल नहीं, 20 साल तक करें SIP… फर्क देखकर रह जाएंगे हैरान; समझिए पूरा कैलकुलेशन

SIP Calculator: हर महीने ₹1,000, ₹5,000 या ₹10,000 की SIP करना आसान लगता है। मुश्किल तब होती है, जब उसे लंबे समय तक जारी रखना पड़ता है। कई लोग 8-10 साल निवेश करने के बाद सोचते हैं कि अब काफी पैसा बन गया होगा। लेकिन असली खेल उसके बाद शुरू होता है।

दरअसल, SIP में सिर्फ आपका पैसा काम नहीं करता। समय भी आपके लिए कमाई करता है। यही वजह है कि 20 साल की SIP का नतीजा, 10 साल की SIP से सिर्फ दोगुना नहीं होता। फर्क कई लाख रुपये तक पहुंच जाता है। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।

12% रिटर्न मिले तो क्या होगा?

नीचे दिए गए आंकड़े इस आधार पर हैं कि आपने हर महीने तय रकम की SIP की और पूरे समय औसतन 12% सालाना रिटर्न मिला।

हर महीने SIP10 साल बाद फंड20 साल बाद फंड
₹1,000₹2.30 लाख₹9.99 लाख
₹5,000₹11.50 लाख₹49.95 लाख
₹10,000₹23.00 लाख₹99.90 लाख

नोट : ये रकम 12% रिटर्न पर अनुमानित हैं। वास्तविक रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

10 साल में पैसा चार गुना?

पहली नजर में लगता है कि 20 साल, 10 साल से सिर्फ दोगुना है। इसलिए पैसा भी दोगुना होना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं होता। मान लीजिए आपने हर महीने ₹10,000 की SIP शुरू की। 10 साल में आपका कुल निवेश होगा ₹12 लाख। फंड बनेगा करीब ₹23 लाख।

अगर आप यही SIP 10 साल और जारी रखते हैं, तो कुल निवेश ₹24 लाख होगा। लेकिन फंड पहुंच जाएगा करीब ₹1 करोड़। यानी आपने निवेश तो सिर्फ ₹12 लाख और बढ़ाया, लेकिन फंड में करीब ₹77 लाख की बढ़ोतरी हो गई। यही कंपाउंडिंग का कमाल है।

आम के पेड़ से समझिए हिसाब

मान लीजिए आपने अपने घर के आंगन में आम का पौधा लगाया। पहले कुछ साल वह सिर्फ बढ़ता है। फल बहुत कम देता है। कई बार लगता है कि मेहनत बेकार गई।

लेकिन जब पेड़ बड़ा हो जाता है, तो हर मौसम में भरपूर आम देता है। तब समझ आता है कि असली फायदा इंतजार करने वालों को मिला। SIP भी बिल्कुल ऐसी ही है। शुरुआती साल तैयारी के होते हैं। बाद के साल कमाई के।

जल्दी SIP बंद करना गलती

बहुत से लोग 8-10 साल बाद घर, कार या दूसरी जरूरत के लिए SIP बंद कर देते हैं। उन्हें लगता है कि अच्छा-खासा पैसा मिल गया। लेकिन ऐसा करके वे कंपाउंडिंग के सबसे ताकतवर दौर से बाहर निकल जाते हैं।

आपको हमेशा याद रखना चाहिए कि कंपाउंडिंग शुरुआत में धीमी दिखती है। लेकिन समय के साथ उसकी रफ्तार तेजी से बढ़ती है।

अगर ₹5,000 की SIP करें तो?

₹5,000 महीने की SIP में 10 साल बाद करीब ₹11.50 लाख का फंड बन सकता है।

अगर यही निवेश 20 साल तक जारी रखें, तो फंड करीब ₹49.95 लाख तक पहुंच सकता है। यानी सिर्फ समय बढ़ाने से फंड में करीब ₹38 लाख का अतिरिक्त इजाफा हो सकता है।

छोटी SIP से भी बड़ा फंड

कई लोग सोचते हैं कि ₹1,000 या ₹2,000 की SIP से क्या होगा।

लेकिन ₹1,000 महीने की SIP भी 20 साल में करीब ₹10 लाख तक पहुंच सकती है, अगर औसतन 12% सालाना रिटर्न मिले। यह रकम बच्चों की पढ़ाई, बाइक, कार की डाउन पेमेंट या किसी दूसरे बड़े लक्ष्य में अच्छी मदद कर सकती है।

निवेशकों के लिए क्या सबक है

SIP में सबसे बड़ी ताकत रकम नहीं, बल्कि समय होता है। अगर आप जल्दी शुरुआत करते हैं और बीच में निवेश नहीं रोकते, तो कंपाउंडिंग धीरे-धीरे आपके हक में काम करने लगती है।

इसलिए अगर आपकी SIP चल रही है और कोई बड़ी मजबूरी नहीं है, तो उसे 10 साल पर रोकने की बजाय 20 साल या उससे भी ज्यादा समय तक जारी रखने पर विचार करें। कई बार अतिरिक्त 10 साल ही आपके फंड को लाखों से करोड़ तक पहुंचाने का रास्ता बना देते हैं।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

SIP Calculator: ₹1000 की SIP से कितने समय में बनेंगे ₹10 लाख? समझिए पूरा कैलकुलेशन

SIP Calculator: अगर आप हर महीने सिर्फ 1,000 रुपये की SIP शुरू करते हैं, तो भी लंबी अवधि में 10 लाख रुपये का फंड बना सकते हैं। हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आपको औसतन कितना सालाना रिटर्न मिलता है। जितना ज्यादा रिटर्न होगा, आपका लक्ष्य उतनी जल्दी पूरा होगा।

आइए 10%, 12% और 15% के अनुमानित सालाना रिटर्न के आधार पर समझते हैं कि 10 लाख रुपये का फंड बनने में कितना समय लग सकता है।

₹10 लाख का फंड बनने में कितना समय लगेगा?

अनुमानित सालाना रिटर्न
₹10 लाख बनने में अनुमानित समय

10%करीब 22 साल 5 महीने
12%करीब 20 साल 1 महीना
15%करीब 17 साल 5 महीने

नोट: यह कैलकुलेशन हर महीने 1,000 रुपये की SIP और मंथली कंपाउंडिंग के आधार पर की गई है। म्यूचुअल फंड का रिटर्न तय नहीं होता। वास्तविक रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

रिटर्न में थोड़ा फर्क, समय में बड़ा अंतर

सिर्फ 2% या 3% ज्यादा रिटर्न भी लंबी अवधि में बड़ा असर डालता है। 10% रिटर्न पर जहां 10 लाख रुपये का फंड बनाने में करीब 22 साल 5 महीने लगते हैं, वहीं 12% रिटर्न मिलने पर यह समय करीब 20 साल रह जाता है। अगर औसतन 15% रिटर्न मिलता है, तो यही लक्ष्य करीब 17 साल 5 महीने में हासिल हो सकता है।

यही कंपाउंडिंग की ताकत है। समय के साथ आपके निवेश पर मिलने वाला रिटर्न भी कमाई करने लगता है।

स्टेप-अप SIP से लक्ष्य जल्दी होगा पूरा

अगर आपकी सैलरी हर साल बढ़ती है, तो SIP भी हर साल बढ़ाना समझदारी हो सकती है। इसे स्टेप-अप SIP कहा जाता है।

मान लीजिए आपने 1,000 रुपये महीने से SIP शुरू की। अगले साल इसे 1,100 रुपये कर दिया। तीसरे साल 1,210 रुपये और इसी तरह हर साल 10% बढ़ाते रहे। इससे आपका निवेश हर साल बढ़ता जाएगा और कंपाउंडिंग का फायदा भी ज्यादा मिलेगा।

नतीजा यह होगा कि 10 लाख रुपये का लक्ष्य सामान्य SIP के मुकाबले कम समय में हासिल हो सकता है। साथ ही, लंबे समय में आपका कुल निवेश और अंतिम फंड दोनों काफी बड़े हो सकते हैं।

सामान्य SIP से ₹10 लाख10% स्टेप-अप SIP से ₹10 लाखसमय की बचत
अनुमानित सालाना रिटर्न

करीब 23.1 सालकरीब 17.2 सालकरीब 6 साल10.00%
करीब 20.8 सालकरीब 16.3 सालकरीब 4.5 साल12.00%
करीब 18.3 सालकरीब 15 सालकरीब 3.3 साल15.00%

निवेश करते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • SIP जितनी जल्दी शुरू करेंगे, कंपाउंडिंग का फायदा उतना ज्यादा मिलेगा।
  • बाजार में गिरावट आने पर भी SIP बंद करने के बजाय जारी रखना बेहतर माना जाता है।
  • अगर आपकी कमाई बढ़ रही है, तो हर साल SIP में भी बढ़ोतरी करें।
  • निवेश हमेशा अपने वित्तीय लक्ष्य और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखकर करें।

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सुकन्या समृद्धि योजना के नए इंट्रेस्ट रेट का हुआ ऐलान, बेटी के लिए ₹10 लाख से ₹50 लाख तक फंड बनाने के लिए करना होगा इतना निवेश

Sukanya Samriddhi Investment Calculator: सरकार ने छोटी बचत योजनाओं के नए ब्याज दरों की घोषणा कर दी है। नए ऐलान के तहत सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) पर मिलने वाले शानदार 8.2% के ब्याज को बरकरार रखा गया है। लगातार बढ़ती पढ़ाई की लागत और सुरक्षित भविष्य को देखते हुए माता-पिता के बीच इस सरकारी गारंटीड स्कीम का क्रेज तेजी से बढ़ा है।

अक्सर माता-पिता इस उलझन में रहते हैं कि बेटी की उच्च शिक्षा या शादी के लिए एक निश्चित टारगेट फंड जैसे- ₹10 लाख, ₹25 लाख या ₹50 लाख रुपये बनाने के लिए उन्हें हर महीने कितना पैसा बचाना होगा। आइए डेटा और सटीक कैलकुलेशन के जरिए इसका पूरा गणित समझते हैं।

टारगेट कैलकुलेटर: ₹10 लाख, ₹25 लाख और ₹50 लाख का फंड बनाने का गणित

वर्तमान 8.2% की सालाना ब्याज दर के आधार पर अलग-अलग फंड बनाने के लिए आपको हर महीने और सालाना इतना निवेश करना होगा:

टारगेट कैलकुलेटर: ₹10 लाख, ₹25 लाख और ₹50 लाख का फंड बनाने का गणित

नोट: इस स्कीम में आपको खाता खोलने के बाद केवल 15 वर्षों तक निवेश करना होता है, जबकि खाता 21 वर्ष पूरे होने पर मैच्योर होता है। तब तक बिना निवेश किए भी आपके बैलेंस पर कंपाउंडिंग ब्याज जुड़ता रहता है।

ब्याज दरों का बड़ा खेल: 0.3% के बदलाव से बदल जाते हैं लाखों रुपये

सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दरें सरकार द्वारा हर तिमाही रिव्यू की जाती हैं। बहुत से लोग सोचते हैं कि आधे या एक फीसदी के अंतर से क्या फर्क पड़ता है, लेकिन 21 साल के लंबे निवेश में यह मामूली बदलाव आपके फाइनल कॉर्पस को लाखों रुपये ऊपर-नीचे कर देता है।

अगर आप सालाना अधिकतम सीमा यानी ₹1.50 लाख का निवेश करते हैं, तो ब्याज दरों में बदलाव से आपके कुल फंड पर क्या असर पड़ता है:

7.7% ब्याज दर होने पर: 21 साल बाद मिलने वाली मैच्योरिटी राशि ₹66.88 लाख होगी।

8.2% होने पर: मैच्योरिटी पर कुल फंड बढ़कर लगभग ₹72 लाख हो जाता है।

8.5% ब्याज दर होने पर: यही फंड और ज्यादा रफ्तार पकड़कर करीब ₹75 लाख तक पहुंच जाता है।

इस प्रकार सिर्फ 0.3% से 0.5% का अंतर आपके फाइनल फंड में ₹3 लाख से ₹8 लाख तक का बड़ा अंतर पैदा कर देता है।

सुकन्या समृद्धि खाता खोलने की सबसे सही उम्र क्या है?

वित्तीय सलाहकारों के मुताबिक, बेटी के जन्म के तुरंत बाद या 1 वर्ष की उम्र के भीतर ही SSY खाता खुलवा लेना चाहिए। कानूनन आप बेटी के 10 वर्ष के होने से पहले कभी भी खाता खोल सकते हैं, लेकिन जितनी देरी से आप शुरुआत करेंगे, आपके निवेश को कंपाउंडिंग का फायदा उठाने के लिए उतना ही कम समय मिलेगा, जिससे मैच्योरिटी के वक्त मिलने वाली रकम काफी घट जाएगी।

क्या SSY अकेले बना सकती है ₹1 करोड़ का फंड?

अक्सर इंटरनेट पर लोग सर्च करते हैं कि सुकन्या समृद्धि योजना से ₹1 करोड़ या उससे ज्यादा का फंड कैसे बनाएं। तकनीकी रूप से, सिर्फ सुकन्या योजना के भरोसे ₹1 करोड़ का कॉर्पस बनाना नामुमकिन है। इसका कारण यह है कि सरकार ने इस योजना में एक वित्तीय वर्ष के भीतर अधिकतम निवेश की सीमा ₹1.5 लाख तय कर रखी है। वर्तमान 8.2% की ब्याज दर पर भी अधिकतम निवेश करने के बाद फाइनल मैच्योरिटी वैल्यू ₹72 लाख से ₹75 लाख के बीच ही सिमट जाती है।

क्या है एक्सपर्ट्स की एडवाइस

अगर आपका टारगेट ₹1 करोड़ या उससे बड़ा है, तो आपको सुकन्या समृद्धि योजना के सुरक्षित और टैक्स-फ्री लाभ के साथ-साथ इक्विटी म्यूचुअल फंड या इंडेक्स फंड में भी थोड़ा निवेश करना चाहिए। यह हाइब्रिड मॉडल आपके पोर्टफोलियो को सुरक्षा भी देगा और तगड़ा रिटर्न भी।

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SIP vs PPF: 30 साल तक हर महीने ₹5000 निवेश, किसमें बनेगा ज्यादा फंड? समझिए पूरा कैलकुलेशन

SIP vs PPF: अगर लंबी अवधि के निवेश की बात करें, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और सिस्टेमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (SIP) सबसे लोकप्रिय विकल्पों में शामिल हैं। दोनों का इस्तेमाल घर खरीदने, बच्चों की पढ़ाई, शादी, रिटायरमेंट या लंबी अवधि में संपत्ति बनाने जैसे बड़े वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए किया जाता है।

हालांकि, निवेश का फैसला करते समय सिर्फ रिटर्न नहीं देखना चाहिए। अपनी कमाई, जोखिम लेने की क्षमता और भविष्य के लक्ष्यों को भी ध्यान में रखना जरूरी है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर कोई व्यक्ति 30 साल तक हर महीने 5,000 रुपये निवेश करे तो PPF और SIP में से कौन ज्यादा बड़ा फंड बना सकता है।

PPF में 30 साल तक 5,000 रुपये का निवेश

अगर PPF पर 7.1% सालाना ब्याज दर बनी रहती है और आप 30 साल तक हर महीने 5,000 रुपये निवेश करते हैं, तो मैच्योरिटी पर आपका कुल फंड करीब 61.80 लाख रुपये हो सकता है।

इस दौरान आपका कुल निवेश 18 लाख रुपये होगा। वहीं, ब्याज के रूप में करीब 43.80 लाख रुपये मिल सकते हैं। यानी निवेश से कहीं ज्यादा रकम सिर्फ ब्याज से जुड़ सकती है। हालांकि, इस कैलकुलेशन में महंगाई का असर शामिल नहीं है।

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SIP में 30 साल तक 5,000 रुपये का निवेश

वहीं, अगर आप 30 साल तक हर महीने 5,000 रुपये की SIP करते हैं और औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है, तो आपका कुल फंड करीब 1.41 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। आमतौर पर माना जाता है कि इक्विटी म्यूचुअल फंड 12% रिटर्न देते हैं। लेकिन, इसकी कोई गारंटी नहीं होती।

इस दौरान आपका कुल निवेश 18 लाख रुपये होगा। वहीं, करीब 1.23 करोड़ रुपये का फायदा रिटर्न के रूप में मिल सकता है। इस तरह कुल फंड 1.41 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है।

महंगाई को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

निवेश की योजना बनाते समय महंगाई को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है। आज के 1 करोड़ रुपये की कीमत 30 साल बाद उतनी नहीं रहेगी। अगर SIP पर 12% रिटर्न मिले और महंगाई दर 6% मान ली जाए, तो 30 साल बाद आपके फंड की वास्तविक कीमत करीब 40.84 लाख रुपये रह जाएगी।

इसमें 18 लाख रुपये का निवेश और लगभग 22.84 लाख रुपये का वास्तविक रिटर्न शामिल होगा। यही वजह है कि निवेश का आकलन करते समय सिर्फ कुल फंड नहीं, बल्कि उसकी वास्तविक खरीद क्षमता भी देखनी चाहिए।

SIP को क्यों पसंद करते हैं निवेशक?

  • SIP लंबी अवधि में वेल्थ बनाने का आसान तरीका माना जाता है। इसमें आप छोटी रकम से शुरुआत कर सकते हैं।
  • म्यूचुअल फंड में SIP छह महीने से लेकर किसी भी अवधि के लिए शुरू की जा सकती है। इसकी कोई अधिकतम सीमा नहीं है।
  • SIP में ज्यादा रिटर्न की संभावना है। लंबी अवधि में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स ने अच्छे रिटर्न दिए हैं। हालांकि, रिटर्न पूरी तरह बाजार पर निर्भर करता है।
  • SIP निवेश की आदत भी बनती है। बैंक से ऑटो-डेबिट सेट करने के बाद हर महीने तय रकम अपने आप निवेश हो जाती है।
  • SIP में रुपी कॉस्ट एवरेजिंग का लाभ मिलता है। बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान अलग-अलग कीमतों पर यूनिट्स खरीदने से लंबी अवधि में औसत खरीद लागत संतुलित रहती है।

इसके अलावा SIP में Systematic Withdrawal Plan (SWP) की सुविधा भी मिलती है। इसके जरिए निवेशक जरूरत पड़ने पर हर महीने एक तय रकम निकाल सकते हैं। इससे पूरे निवेश को एक साथ तोड़ने की जरूरत नहीं पड़ती।

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PPF को क्यों चुनते हैं निवेशक?

  • PPF लंबे समय से सुरक्षित निवेश का पर्याय माना जाता है। यह केंद्र सरकार की गारंटी वाली बचत योजना है। इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का असर नहीं पड़ता।
  • PPF की सबसे बड़ी खासियत इसकी सुरक्षा है। फिलहाल इस पर 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है। सरकार हर तिमाही ब्याज दर की समीक्षा करती है।
  • टैक्स बचत के लिहाज से भी PPF काफी आकर्षक है। यह EEE कैटेगरी का निवेश है। यानी निवेश की रकम, उस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि तीनों टैक्स फ्री होती हैं।
  • पुराने टैक्स रिजीम में PPF में सालाना 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट भी मिलती है।
  • PPF खाते पर लोन की सुविधा भी उपलब्ध है। खाता खुलने के एक साल बाद जमा राशि के आधार पर लोन लिया जा सकता है। आमतौर पर खाते में मौजूद बैलेंस का 25% तक लोन मिलता है।

निकासी के मामले में भी कुछ सुविधाएं हैं। PPF में 15 साल का लॉक-इन पीरियड होता है। हालांकि, पांच साल बाद कुछ शर्तों के साथ आंशिक निकासी की जा सकती है। मैच्योरिटी के बाद खाते को पांच-पांच साल के ब्लॉक में आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

आखिर किसे चुनना चाहिए?

अगर आपकी पहली प्राथमिकता सुरक्षा है और आप गारंटीड रिटर्न चाहते हैं, तो PPF बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं, अगर आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाना है और आप बाजार से जुड़े जोखिम उठा सकते हैं, तो SIP ज्यादा आकर्षक साबित हो सकती है।

यही वजह है कि कई वित्तीय सलाहकार दोनों में संतुलित निवेश की सलाह देते हैं। इससे एक तरफ PPF की सुरक्षा मिलती है, तो दूसरी तरफ SIP के जरिए ज्यादा रिटर्न और वेल्थ क्रिएशन की संभावना भी बनी रहती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।