ड्रैगन फ्रूट की खेती से छप्परफाड़ कमाई! महाराष्ट्र के किसान ने अपनाया ऐसा तरीका, आज सालाना ₹2 करोड़ का कारोबार!

किसान अगर कुछ नया करने की ठान ले, तो खेती से भी करोड़ों रुपये कमाए जा सकते हैं। महाराष्ट्र के सोलापुर के रहने वाले महेश असाबे ने इसे सच कर दिखाया है। उनके परिवार ने कुछ साल पहले सिर्फ 3 एकड़ जमीन पर ड्रैगन फ्रूट उगाना शुरू किया था। आज उनका फार्म 60 एकड़ तक फैल चुका है और सालाना कारोबार करीब 2 करोड़ रुपये पहुंच गया है। खास बात यह है कि महेश ने खेती को बेहतर बनाने के लिए नई तकनीक अपनाई और दूसरे देशों से भी सीख ली। उनकी यह कहानी उन किसानों के लिए खास है, जो खेती से अपनी आमदनी बढ़ाना चाहते हैं।

पिता ने शुरू की थी खेती

महेश असाबे महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के अकोला गांव के रहने वाले हैं। उनका परिवार पहले मक्का जैसी पारंपरिक फसलों की खेती करता था। महेश ने एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग में बीटेक किया और इसके बाद एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग एंड फूड प्रोसेसिंग में एमटेक की पढ़ाई पूरी की।

साल 2013-14 में उनके पिता ने ड्रैगन फ्रूट की खेती करने का फैसला लिया। उन्होंने इस फल के बारे में पढ़ा था और जाना था कि इसकी खेती में अपेक्षाकृत कम पानी की जरूरत होती है। सूखे इलाकों में भी इसकी खेती की जा सकती है। यही बात उन्हें इस फसल की ओर खींच लाई।

बांग्लादेश से मंगाए 9,000 पौधे

ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू करना परिवार के लिए एक नया प्रयोग था। इसके लिए उन्होंने बांग्लादेश से करीब 9,000 पौधे मंगवाए। Startup Pedia के मुताबिक, पौधों पर शुरुआती निवेश करीब ₹9.9 लाख था। परिवार ने तीन एकड़ जमीन पर खेती शुरू की। साल 2015-16 में पहली फसल तैयार हुई और प्रति एकड़ करीब पांच टन उत्पादन मिला। उपज बेचकर परिवार को लगभग ₹5 लाख की कमाई हुई।

धीरे-धीरे ड्रैगन फ्रूट की मांग और कीमत बढ़ने लगी। साल 2017 तक परिवार इसे ₹150 से ₹250 प्रति किलो के भाव पर बेचने लगा। इससे खेती को बड़े स्तर पर ले जाने का हौसला मिला।

इजरायल और वियतनाम से सीखी खेती की नई तकनीक

महेश ने खेती को सिर्फ पारंपरिक तरीके तक सीमित नहीं रखा। पढ़ाई के दौरान वह 45 दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए इजरायल गए। वहां उन्होंने पानी का बेहतर इस्तेमाल, आधुनिक कृषि तकनीक और उत्पादन बढ़ाने के तरीके सीखे। साल 2018 में उन्होंने वियतनाम का दौरा भी किया, जहां ड्रैगन फ्रूट की खेती के तरीकों को समझा। लौटकर उन्होंने अपने खेत में एक-एक एकड़ के अलग-अलग प्रदर्शन प्लॉट तैयार किए, ताकि खेती की विभिन्न तकनीकों को आजमाया जा सके।

3 एकड़ से 60 एकड़ तक पहुंचा फार्म

आज महेश असाबे Rukmini Farms and Nursery का संचालन करते हैं। उनके फार्म में ड्रैगन फ्रूट के अलावा अनार, सीताफल और अमरूद भी उगाए जाते हैं।

खेती में पानी बचाने के लिए ड्रिप इरिगेशन और तालाब जैसी सुविधाएं विकसित की गईं। निराई जैसे नियमित कामों में मशीनों का इस्तेमाल भी शुरू किया गया, जिससे खेती को संभालना आसान हुआ।

ड्रैगन फ्रूट से ₹1.25 करोड़ की सालाना कमाई

Startup Pedia के मुताबिक, महेश ड्रैगन फ्रूट की खेती से हर साल करीब ₹1.25 करोड़ कमाते हैं। उनके फार्म में सालाना लगभग 200 टन ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन होता है। दूसरे फलों से होने वाली कमाई को जोड़ दें, तो उनके कारोबार का सालाना टर्नओवर करीब ₹2 करोड़ पहुंच जाता है।

महेश की कहानी बताती है कि खेती में नई तकनीक अपनाना, बाजार की मांग समझना और लगातार सीखते रहना कितना महत्वपूर्ण है। तीन एकड़ से शुरू हुआ उनका सफर आज दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।

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दक्षिण में भाजपा नया अलायंस बनाना चाहती है

pawan kalyan

भारतीय जनता पार्टी ने देश के पूर्वी, पश्चिमी और उत्तरी हिस्से में अपना आधिपत्य जमा लिया है। एकाध राज्यों के अपवाद को छोड़ दें तो हर राज्य में भाजपा या एनडीए की सरकार है। पूर्वी भारत में पश्चिम बंगाल का किला भी भाजपा ने फतह कर लिया है। पश्चिम में महाराष्ट्र में लगातार तीन बार जीतने से भाजपा बहुत मजबूती से स्थापित हुई थी। इसी तरह उत्तर प्रदेश में वह लगातार जीत रही है। एक हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर को छोड़ कर पूरे उत्तर भारत में भाजपा का शासन है। इतनी सफलता के बावजूद दक्षिण भारत मे भाजपा पैर नहीं जमा पा रही है। वहां पांच में से चार राज्यों में कांग्रेस और सहयोगियों की सरकार है, जबकि एक राज्य में टीडीपी की सरकार है, जिसमें भाजपा छोटी सहयोगी पार्टी है।

भाजपा के जानकार नेताओं का कहना है कि पार्टी दक्षिण भारत में अपना आधार बढ़ाने के लिए नए सिरे से गठबंधन पर विचार कर रही है। गौरतलब है कि भाजपा भले बहुत मजबूत नहीं हुई है लेकिन दक्षिण भारत के सभी राज्यों में उसका वोट आधार बढ़ा है। आंध्र प्रदेश में वह टीडीपी और जन सेना पार्टी के साथ है और कर्नाटक में जेडीएस से उसका तालमेल है। जानकार सूत्रों का कहना है कि दो बड़े राज्यों तमिलनाडु और तेलंगाना में पार्टी नया समीकरण बनाने की कोशिश कर रही है। तेलंगाना में के चंद्रशेखर राव की पार्टी बीआरएस से भाजपा तालमेल कर सकती है और तमिलनाडु में एमके स्टालिन की डीएमके को एनडीए में जोड़ा जा सकता है। अगर भाजपा दक्षिण की पांच प्रमुख प्रादेशिक पार्टियों को अपने पाले में लाने में कामयाब हो जाती है तो दक्षिण भारत में भी वह कांग्रेस को अच्छी टक्कर देगी।

Dussehra 2026: आज या कल कब होगा रावण दहन? जानें सही तारीख, विजय मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Dussehra 2026: धर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक महापर्व विजयादशमी (दशहरा) इस वर्ष देश भर में भव्य रूप से मनाया जा रहा है। दशहरे के पावन अवसर पर मां अपराजिता की पूजा, शस्त्र पूजन (आयुध पूजा), शमी वृक्ष के पत्तों के आदान-प्रदान और शाम को रावण, कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों के दहन की परंपरा निभाई जाती है। हालांकि, तिथियों की गणना और क्षेत्रीय परंपराओं की वजह से लोगों के मन में इस बात को लेकर भ्रम की स्थिति बनी है कि रावण दहन 20 अक्टूबर को होगा या 21 अक्टूबर को। पंचांग और शास्त्रीय मान्यताओं के आधार पर आइए समझते हैं कि रावण दहन की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि क्या है।

20 या 21 अक्टूबर: कब मनाया जाएगा दशहरा और रावण दहन?

हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है।

दशमी तिथि का प्रारंभ: 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से।

दशमी तिथि का समापन: 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक।

श्रवण नक्षत्र: 19 अक्टूबर की दोपहर 3 बजकर 38 मिनट से शुरू होकर 20 अक्टूबर की शाम 6 बजकर 2 मिनट तक।

उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत में 20 अक्टूबर को दशहरा

उत्तर भारत, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में विजयादशमी का निर्धारण अपराह्न काल (दोपहर के समय) में दशमी तिथि की उपस्थिति के आधार पर किया जाता है। 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे के बाद दशमी तिथि लग रही है, इसलिए उत्तर भारत में मुख्य दशहरा पर्व और रावण दहन 20 अक्टूबर मंगलवार को ही संपन्न होगा। हालांकि मंगलवार के दिन माता की मूर्ति का विसर्जन नहीं किया जाता, इसलिए देवी दुर्गा की विदाई 21 अक्टूबर बुधवार को होगी।

पूर्वी भारत में 21 अक्टूबर को विजयादशमी

पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में दुर्गा पूजा का निर्धारण सूर्योदय कालीन तिथि (उदयातिथि) के आधार पर होता है। 20 अक्टूबर को सूर्योदय के समय नवमी तिथि रहेगी (जो दोपहर 12:50 तक चलेगी), जबकि 21 अक्टूबर को सूर्योदय के समय दशमी तिथि मौजूद रहेगी। इसलिए बंगाल और पूर्वी भारत में 21 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी।

रावण दहन का सही समय और प्रदोष काल मुहूर्त

दशहरे पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन हमेशा सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल के दौरान किया जाता है। शास्त्रानुसार 20 अक्टूबर को रावण दहन के लिए सबसे उत्तम समय इस तरह रहेगा:

प्रदोष काल का समय: 20 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 47 मिनट से रात 8 बजकर 17 मिनट (कुछ गणनाओं में 8:21 बजे) तक।

रावण दहन का सर्वोत्तम मुहूर्त: 20 अक्टूबर की शाम 5 बजकर 47 मिनट से 6 बजकर 12 मिनट के बीच का समय रावण दहन के लिए सबसे शुभ और फलदायी माना गया है।

पूजा के शुभ मुहूर्त: अपराजिता पूजन और आयुध पूजा

विजयादशमी के दिन मां अपराजिता और अस्त्र-शस्त्रों की पूजा का विशेष विधान है। इस दिन अगर आप नया वाहन, इलेक्ट्रॉनिक सामान या प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन विजय और शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखें:

मां अपराजिता पूजा मुहूर्त: 20 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 14 मिनट से दोपहर 3 बजकर 30 मिनट तक।

आयुध/शस्त्र पूजा मुहूर्त: 20 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से दोपहर 2 बजकर 45 मिनट तक।

विजयादशमी पर क्या करें और क्या है धार्मिक महत्व?

विजयादशमी का पर्व केवल उत्सव का दिन नहीं है, बल्कि यह जीवन में धर्म और मर्यादा को स्थापित करने का संदेश देता है। इस दिन मां अपराजिता का ध्यान कर जीवन में हर क्षेत्र में विजय की कामना की जाती है। इसके साथ ही शमी के वृक्ष की पूजा की जाती है और शमी के पत्तों को ‘सोना’ मानकर अपनों में बांटकर आशीर्वाद लिया जाता है। विजयादशमी को अभूज मुहूर्त माना जाता है। इस दिन अपने काम में आने वाले उपकरणों, अस्त्र-शस्त्रों, गाड़ियों और व्यापारिक बही-खातों की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

बुराइयों के दहन का संकल्प

रावण दहन का प्रतीक हमें यह याद दिलाता है कि व्यक्ति चाहे कितना भी शक्तिशाली या विद्वान क्यों न हो, अहंकार, क्रोध और असत्य का अंत विनाशकारी ही होता है। इस दिन अपने अंदर की बुराइयों को त्याग कर सत्य और अच्छाई के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया जाता है।

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Q2 Results: सोलर कंपनी का मुनाफा 30% फिसला, मार्जिन में भी गिरावट; फोकस में रहेगा स्टॉक

Waaree Renewable Q2 Results: सोलर कंपनी Waaree Renewable Technologies के रेवेन्यू में सितंबर तिमाही के दौरान अच्छी बढ़त हुई। लेकिन कंपनी का मुनाफा घट गया। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 30% गिरकर ₹82 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹116 करोड़ था।

दूसरी ओर, कंपनी का रेवेन्यू 36.53% बढ़कर ₹1,057.84 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹775 करोड़ था। हालांकि, EBITDA सिर्फ 1.3% बढ़कर ₹160 करोड़ हुआ। इसका असर EBITDA मार्जिन पर भी पड़ा। यह 20% से घटकर 15% रह गया।

पहली छमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?

अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच वारी रिन्यूएबल का रेवेन्यू 43.84% बढ़कर ₹1,982.09 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹1,377.97 करोड़ था। EBITDA भी 21.04% बढ़कर ₹333.46 करोड़ पहुंच गया।

हालांकि, नेट प्रॉफिट में बढ़त नहीं हुई। यह पिछले साल के ₹202.75 करोड़ से घटकर ₹200.44 करोड़ रह गया। कंपनी के मुताबिक, अधिग्रहण से जुड़े खर्च और नए कारोबार के अलग-अलग प्रॉफिट मार्जिन का असर मुनाफे पर पड़ा है।

महाराष्ट्र में लगाएगी सोलर प्लांट

वारी रिन्यूएबल के बोर्ड ने महाराष्ट्र के वर्धा में 35 मेगावाट पीक क्षमता वाला सोलर प्लांट लगाने को मंजूरी दी है। इसकी AC क्षमता 25 मेगावाट होगी। कंपनी इस प्लांट से बिजली बनाएगी और बेचेगी।

कंपनी की अधूरी ऑर्डर बुक ₹5,500 करोड़ से ज्यादा है। यानी इतने मूल्य के प्रोजेक्ट अभी पूरे होने बाकी हैं। इसके अलावा, 34.6 GWp से ज्यादा के सोलर प्रोजेक्ट्स की बोली पाइपलाइन भी है। बैटरी स्टोरेज और बिजली ट्रांसमिशन कारोबार में भी कंपनी को अवसर दिख रहे हैं।

नए कारोबार पर भी नजर

Waaree Renewable अपने EPC और बिजली ट्रांसमिशन कारोबार को बढ़ाना चाहती है। कंपनी सोलर प्रोजेक्ट्स के रखरखाव से जुड़ी सेवाओं का भी विस्तार करेगी।

इसके लिए ड्रोन से सोलर पैनल की जांच, डेटा के जरिए खराबी का पहले पता लगाने और भूमिगत बिजली केबल में गड़बड़ी पहचानने जैसी तकनीकों पर काम किया जा रहा है।

नतीजों से पहले सोमवार, 19 अक्टूबर को NSE पर Waaree Renewable का शेयर 0.44% गिरकर ₹833.40 पर बंद हुआ।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

1997 में कॉर्बेट आई थी सोनाकली, 21 साल तक रानी बनकर रही और अब कहा अलविदा! 80 साल की हथिनी को अंतिम विदाई में मिला गार्ड ऑफ ऑनर

रामनगर के कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की करीब 80 साल की हथिनी सोनाकली का निधन हो गया। सोनाकली ने शनिवार रात इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। सोनाकली का उम्र से जुड़ी बीमारियों से ग्रस्त थी। वहीं इलाज कै दौरान उसकी मौत हुई। अधिकारियों ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। सोनाकली कई सालों तक वन्यजीव संरक्षण और रेस्क्यू अभियानों का हिस्सा रही थी। उनके निधन के बाद रविवार को वन विभाग के कर्मचारियों ने पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान उन्हें सेरेमोनियल सैल्यूट भी दिया गया।

कई अभियानों में निभाई मुख्य भुमिका

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर साकेत बडोला ने सोनाकली की मौत को रिजर्व के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि सोनाकली ने कई बाघों को बचाने के अभियानों में अहम भूमिका निभाई थी। सोनाकली की उम्र बढ़ने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की वजह से साल 2018 में रिटायर कर दिया गया था।

कब लाया गया था टाइगर रिजर्व

सोनाकली को साल 1997 में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में लाया गया था। उन्होंने 1997 से 2002 तक ढिकाला जोन में काम किया। इसके बाद 2002 से 2016 तक हल्दूपाराव और कालागढ़ क्षेत्रों में तैनात रहीं। साल 2016 में उन्हें फिर ढिकाला रेंज में जिम्मेदारी दी गई, जहां उन्होंने रिटायरमेंट तक काम किया। वन्यजीवों की सुरक्षा और बाघों को बचाने के कई अभियानों में अहम योगदान देने वाली सोनाकली 23 जनवरी 2018 को रिटायर हो गई थीं।

21 साल तक किया काम

सोनाकली ने लगभग 21 साल तक ढिकाला, हल्दूपड़ाव-कालागढ़ और ढिकाला रेंज मे अलग-अलग इलाकों में वन विभाग के साथ काम किया। इस दौरान उसने कई चुनौतीपूर्ण अभियानों में वनकर्मियों की मदद की और वन्यजीवों को बचाने में अहम योगदान दिया। सोनाकली ने अपने कार्यकाल के दौरान कई मुश्किल अभियानों में वन विभाग की मदद की थी। साल 2011 में उसने एक आदमखोर बाघ को पकड़ने के अभियान में अहम भूमिका निभाई।

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Tiger Shroff Firing Case में मुंबई पुलिस का बड़ा खुलासा, प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा

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Tiger Shroff Firing Case

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच कर रही है।

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पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद आरोपी नेपाल भागने की फिराक में थे। हालांकि, आरोपियों की उम्र को लेकर सामने आई जानकारी में बाद में बदलाव हुआ है। मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी नाबालिग नहीं हैं।

 

यह घटना 18 अक्टूबर 2026 की शाम को हुई थी। टाइगर श्रॉफ एक फुटबॉल ग्राउंड से निकल रहे थे, तभी बाइक सवार तीन लोग वहां पहुंचे। इनमें से दो लोगों ने अभिनेता की कार पर कथित तौर पर गोलीबारी की और इसके बाद मौके से फरार हो गए। घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए। शुरुआती रिपोर्टों में उनके ड्राइवर और एक ऑटो रिक्शा चालक के घायल होने की जानकारी भी सामने आई थी।

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कोटा रेलवे स्टेशन से पकड़े गए तीन आरोपी

 

मुंबई पुलिस और राजस्थान पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कोटा रेलवे स्टेशन से तीन संदिग्धों को पकड़ा। इस ऑपरेशन में राजस्थान पुलिस के साथ एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने भी सहयोग किया।

 

पुलिस के अनुसार, आरोपियों को पकड़ने के लिए कई विशेष टीमें गठित की गई थीं। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और जमीनी स्तर पर की गई पड़ताल की मदद ली। जांच में आरोपियों की गतिविधियों का पता अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन से लेकर मुंबई के उत्तरी हिस्से और फिर सूरत तक लगाया गया। इसके बाद उनके पुणे-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होने की जानकारी मिली। आगे की कार्रवाई में कोटा पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

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कौन हैं पकड़े गए आरोपी?

 

शुरुआती जानकारी में तीन संदिग्धों में से एक की उम्र 17 साल बताई गई थी। वहीं, अन्य दो की पहचान बिहार के बेगूसराय निवासी 22 वर्षीय ऋतिक कुमार उर्फ रोशन और हरियाणा के सोनीपत निवासी 18 वर्षीय रेहान के रूप में बताई गई। हालांकि, मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बाद में स्पष्ट किया कि इस मामले में पकड़े गए तीनों आरोपी नाबालिग नहीं हैं। पुलिस के मुताबिक, एक आरोपी की उम्र 18 साल और बाकी दो की उम्र 22 साल है। इस तरह आरोपियों की उम्र को लेकर शुरुआती रिपोर्टों और पुलिस के बाद के बयान में अंतर सामने आया है।

 

नेपाल भागने की फिराक में थे आरोपी

 

मुंबई पुलिस ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि फायरिंग के बाद आरोपी नेपाल भागने की योजना बना रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात के पीछे किसका हाथ था और आरोपियों को किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह से निर्देश मिले थे या नहीं। मुंबई पुलिस ने कहा कि आरोपियों को मुंबई लाने की प्रक्रिया जारी है। इस कार्रवाई में दिल्ली, गुजरात और राजस्थान पुलिस भी सहयोग कर रही हैं।

 

जांच के लिए बनाई गईं करीब 20 विशेष टीमें

 

मुंबई पुलिस के डीसीपी राज तिलक रौशन के मुताबिक, रविवार शाम करीब सात बजे बाइक पर तीन लोग आए थे। इनमें से दो ने टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की और इसके बाद फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आरोपियों का पता लगाने के लिए करीब 20 विशेष टीमें बनाई थीं।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जानकारी और स्थानीय स्तर पर जुटाए गए सुरागों की मदद से उनकी आवाजाही का पता लगाया। पुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से संबंधित धाराएं लगाई हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

 

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिया कार्रवाई का भरोसा

 

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने टाइगर श्रॉफ से बात कर मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को ढूंढ निकाला जाएगा और इस तरह की वारदातों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फडणवीस के मुताबिक, आरोपियों के महाराष्ट्र के बाहर से, संभवतः विदेश से, काम करने की आशंका की भी जांच की जा रही है। इसके लिए अन्य राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय किया जाएगा।

 

अब आगे क्या करेगी पुलिस?

 

फिलहाल पुलिस आरोपियों को मुंबई लाने, फायरिंग के पीछे की वजह का पता लगाने और संभावित साजिश की जांच में जुटी है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक और हथियार कहां से आए तथा आरोपियों को किसने मदद पहुंचाई। पुलिस की जांच पूरी होने और आधिकारिक तौर पर अधिक जानकारी सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

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इटली की वाहन निर्माता कंपनी पियाजियो ग्रुप (Piaggio Group) भारतीय बाजार में अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटर रेंज का विस्तार करने की तैयारी कर रही है। कंपनी भारत के लिए एक नया स्कूटर प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है, जिस पर पेट्रोल और इलेक्ट्रिक दोनों तरह के स्कूटर तैयार किए जाएंगे। कंपनी की योजना इस नई रेंज को 2027 में अप्रिलिया (Aprilia) ब्रांड के तहत लॉन्च करने की है। इसकी शुरुआती कीमत करीब 85,000 रुपये (एक्स-शोरूम) हो सकती है।

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पियाजियो व्हीकल्स के चेयरमैन, सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर डिएगो ग्राफी ने नई स्कूटर रेंज की योजनाओं की पुष्टि की है। कंपनी के मुताबिक, इस रेंज में इलेक्ट्रिक स्कूटर के साथ 125cc पेट्रोल इंजन वाला मॉडल भी शामिल होगा। इनकी कीमत 85,000 रुपये से लेकर 1.30 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच रखी जा सकती है। इस रेंज के ऊंचे कीमत वाले मॉडल प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर होंगे।

 

₹85,000 से ₹1.30 लाख के बीच होगी कीमत

 

कंपनी का लक्ष्य भारतीय बाजार में उन ग्राहकों को आकर्षित करना है, जो किफायती कीमत पर नया पेट्रोल या इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना चाहते हैं। डिएगो ग्राफी के मुताबिक, कंपनी 85,000-90,000 रुपये की शुरुआती कीमत से लेकर 1.20-1.30 लाख रुपये तक के सेगमेंट को ध्यान में रखकर उत्पाद पेश करेगी। इस रेंज में अधिक कीमत वाले प्रीमियम इलेक्ट्रिक वेरिएंट भी शामिल होंगे।

 

कंपनी पिछले कुछ वर्षों से भारत के लिए इस नए प्लेटफॉर्म पर काम कर रही है। यह प्लेटफॉर्म भारत में पियाजियो की विस्तार योजनाओं का अहम हिस्सा है। इसके जरिए कंपनी पेट्रोल स्कूटर के साथ इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के बाजार में भी अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है।

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इलेक्ट्रिक और पेट्रोल दोनों स्कूटर के लिए बनेगा नया प्लेटफॉर्म

 

पियाजियो का नया प्लेटफॉर्म खासतौर पर भारतीय बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। कंपनी ने इसे शुरुआत से ही इलेक्ट्रिक और पेट्रोल, दोनों तरह के स्कूटरों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है।

 

आमतौर पर कंपनियां अपने मौजूदा पेट्रोल स्कूटर प्लेटफॉर्म में बदलाव करके इलेक्ट्रिक मॉडल तैयार करती हैं। हालांकि, पियाजियो का कहना है कि उसका नया प्लेटफॉर्म शुरुआत से ही इलेक्ट्रिक पावरट्रेन को समायोजित करने के लिए तैयार किया गया है। इससे लागत, परफॉर्मेंस और ड्राइविंग रेंज के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद मिल सकती है।

 

कंपनी भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन उद्योग से जुड़े नए घटनाक्रमों पर भी नजर रख रही है। इनमें दिल्ली की घोषित ईवी पॉलिसी 2026 भी शामिल है। हालांकि, पियाजियो की रणनीति किसी एक राज्य तक सीमित रहने के बजाय पूरे भारतीय बाजार को ध्यान में रखकर स्कूटर लॉन्च करने की है।

 

Vespa ब्रांड के तहत फिलहाल नहीं आएगा इलेक्ट्रिक स्कूटर

 

पियाजियो ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल वेस्पा (Vespa) ब्रांड के तहत इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च करने की उसकी योजना नहीं है। कंपनी के मुताबिक, मौजूदा कॉन्फिगरेशन में किफायती कीमत के साथ अपेक्षित रेंज और परफॉर्मेंस हासिल करना चुनौतीपूर्ण है।

 

इसी वजह से कंपनी नए प्लेटफॉर्म पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसे इलेक्ट्रिक स्कूटर की जरूरतों के मुताबिक तैयार किया जा रहा है। कंपनी का उद्देश्य लागत को नियंत्रित रखते हुए बेहतर परफॉर्मेंस, पर्याप्त रेंज और ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप उत्पाद तैयार करना है।

 

भारत से दूसरे देशों में भी निर्यात करेगी कंपनी

 

पियाजियो भारत को सिर्फ घरेलू बिक्री का बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक उत्पादन और निर्यात केंद्र के रूप में भी विकसित करना चाहती है। कंपनी के महाराष्ट्र स्थित बारामती प्लांट में बनने वाले कुल दोपहिया वाहनों में से फिलहाल लगभग 10-20 प्रतिशत का निर्यात विभिन्न देशों में किया जाता है।

 

कंपनी का लक्ष्य इस हिस्सेदारी को बढ़ाकर कम से कम 50 प्रतिशत तक पहुंचाना है। यानी भारत में बनने वाले उसके कुल दोपहिया वाहनों का आधा हिस्सा घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात के लिए तैयार करने की योजना है।

 

भारत में निर्मित अप्रिलिया RS 457 और Tuono 457 पहले से ही कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात किए जाते हैं। कंपनी भविष्य में आने वाले मॉडलों के साथ भी इसी रणनीति को अपनाना चाहती है।

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यूरोप में भी बिकेंगे नए स्कूटर

 

डिएगो ग्राफी के मुताबिक, विकास के चरण में मौजूद नए इलेक्ट्रिक और पेट्रोल स्कूटर सिर्फ भारत के लिए नहीं होंगे। इनके समान वेरिएंट यूरोप के बाजारों में भी निर्यात किए जाएंगे।

 

इस तरह पियाजियो की आगामी स्कूटर रेंज भारतीय ग्राहकों के लिए किफायती विकल्प उपलब्ध कराने के साथ-साथ कंपनी की वैश्विक विस्तार रणनीति का भी हिस्सा होगी। हालांकि, इन स्कूटरों के अंतिम डिजाइन, फीचर्स, बैटरी क्षमता, वास्तविक रेंज और लॉन्च की सटीक तारीख की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

 

कल का मौसम 20 अक्टूबर: अरब सागर में तेज हवाओं का अनुमान! MP, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत इन 12 राज्यों में आंधी-लाइटनिंग का अलर्ट

IMD Weather Update: देश के मौसम में अलग-अलग मौसमी प्रणालियों के एक्टिव होने की वजह से एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा और विस्तृत मौसम बुलेटिन के मुताबिक मंगलवार 20 को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज काफी कड़ा रहने वाला है। मौसम विभाग ने दक्षिण प्रायद्वीप से लेकर पश्चिमी, मध्य और पूर्वी राज्यों तक करीब 12 राज्यों में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में तेज हवाओं के चलने की चेतावनी दी गई है।

आइए जानते हैं कल 20 अक्टूबर को देश के विभिन्न राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का हाल:-

दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव

दक्षिण प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्वी मानसून और अन्य सक्रिय प्रणालियों के असर से बारिश का दौर पूरी तरह चरम पर है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 20 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

इसके अलावा केरल और माहे संग तटीय आंध्र प्रदेश में भी भारी बारिश देखने को मिलेगी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली कड़केगी।

केरल, माहे, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना के हिस्सों में भी 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी जबकि तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी आकाशीय बिजली चमकने के साथ छिटपुट बौछारें पड़ने का अनुमान है।

मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत इन राज्यों में आंधी-लाइटनिंग का अलर्ट

दक्षिण भारत के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी चक्रवातों और मौसमी गतिविधियों की वजह से मौसम बिगड़ा रहेगा। मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, ओडिशा और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की भी संभावना है।

इसके अलावा पश्चिम भारत के कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में कल 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तेज आंधी-तूफान और झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है, जिससे इन क्षेत्रों में भी मौसम प्रभावी बना रहेगा।

अरब सागर में स्क्वॉली वेदर और तेज हवाओं की चेतावनी

समुद्री और तटीय इलाकों में उठने वाली हलचल को देखते हुए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में स्क्वॉली वेदर के एक्टिव रहने की संभावना है, जिसके तहत वहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 60 किमी/घंटे तक के तेज हवा के झोंके चल सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए मछुआरों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों को सलाह दी गई है कि वे संबंधित समुद्री क्षेत्रों में सावधानी बरतें।

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खत्म हुआ 78 साल का इंतजार! रणजी ट्रॉफी में चिन्मय सुतार ने ठोके 400 रन, ब्रायन लारा और ब्रैडमैन के खास क्लब में हुए शामिल

भारतीय घरेलू क्रिकेट में मिजोरम के 29 वर्षीय बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने इतिहास रच दिया है। सुतार ने नागालैंड के खिलाफ 517 गेंदों पर नाबाद 400 रन बनाए। ये मुकाबला सोविमा स्थित नागालैंड क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। इस पारी के साथ चिन्मय सुतार फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एक ही पारी में 400 रन बनाने वाले भारत के दूसरे और दुनिया के 10वें खिलाड़ी बने। इससे पहले भारत के लिए ये रिकॉर्ड करीब 78 साल पहले देखने को मिला था। सुतार से पहले महाराष्ट्र के बीबी निंबालकर ने 1948 में पुणे में नाबाद 443 रन बनाकर यह उपलब्धि हासिल की थी। अब चिन्मय सुतार का नाम भी भारतीय क्रिकेट के इस खास रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है।

इस उपलब्धि के साथ चिन्मय सुतार दुनिया में फर्स्ट क्लास क्रिकेट की एक पारी में 400 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले दसवें बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने अपनी इस शानदार पारी के दम पर ब्रायन लारा और डॉन ब्रैडमैन जैसे दिग्गज क्रिकेटरों की सूची में जगह बना ली है।

मिजोरम की हुई खराब शुरुआत

मिजोरम की टीम की शुरुआत खराब रही और साहिल रेजा 4 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद लालहुरुआइजेला ने 31 रन और मनेंद्र सिंह ने 27 रन बनाकर टीम का स्कोर आगे बढ़ाया, जबकि जोसेफ लालथनखुमा केवल 1 रन ही बना सके। शुरुआती विकेट गिरने के बाद चिन्मय सुतार ने मोर्चा संभाला और विकेटकीपर जेहू एंडरसन के साथ 168 रन की साझेदारी की। एंडरसन ने 151 गेंदों पर 69 रन बनाए। हालांकि, नागालैंड के गेंदबाजों ने वापसी करते हुए मिजोरम के निचले क्रम के बल्लेबाजों को जल्दी आउट कर दिया। अनिल गुप्ता ने तीन विकेट लिए, जबकि सौरव कुमार और नीजेखो ने दो-दो विकेट हासिल किए।

इससे मिजोरम का स्कोर 314 रन पर चार विकेट से बढ़कर 392 रन पर नौ विकेट तक पहुंचा। इसके बाद चिन्मय सुतार ने लालरेम्पुइया छकछुक के साथ मिलकर आखिरी विकेट के लिए नाबाद 189 रन जोड़े। छकछुक ने 76 गेंदों पर नाबाद 14 रन बनाए। उनकी इस ऐतिहासिक पारी की बदौलत मिजोरम ने 154.1 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 581 रन बना लिए। इसके बाद टीम ने अपनी पारी घोषित कर दी।

इस खास क्लब में हुए शामिल

मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने घरेलू क्रिकेट में नाबाद 400 रन बनाकर इतिहास रच दिया है। वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में यह उपलब्धि हासिल करने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले महाराष्ट्र के बीबी निंबालकर ने 1948 में नाबाद 443 रन बनाए थे। करीब 78 साल बाद किसी भारतीय बल्लेबाज ने इस खास क्लब में जगह बनाई। सुतार अब दुनिया के उन चुनिंदा 10 बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट की एक पारी में 400 या उससे ज्यादा रन बनाए हैं।

इस सूची में वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा और ऑस्ट्रेलिया के डॉन ब्रैडमैन जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी शामिल हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने का रिकॉर्ड ब्रायन लारा के नाम है, जिन्होंने वारविकशायर की ओर से डरहम के खिलाफ नाबाद 501 रन बनाए थे।

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टाइगर श्रॉफ की कार पर हमले की जांच जारी

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के पॉश जुहू इलाके में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हुई सनसनीखेज गोलीबारी की घटना पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए भरोसा दिलाया है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रविवार शाम मोटरसाइकिल सवार अज्ञात हमलावरों ने अभिनेता की कार पर गोलियां चलाईं, जिसमें उनका ड्राइवर घायल हो गया। टाइगर श्रॉफ हालांकि बाल-बाल बच गए और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई लेकिन मनोरंजन जगत की इस राजधानी में सरेआम हुई इस वारदात ने सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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सुश्री पवार ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर अपने एक संदेश में कहा कि सरकार के लिए हर नागरिक की सुरक्षा सर्वोपरि है।उन्होंने लिखा अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हुई गोलीबारी का यह मामला बेहद निंदनीय है। अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुंबई में हर एक नागरिक की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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