कल का मौसम 21 अक्टूबर: इन 6 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट, MP से लेकर केरल, आंध्र तक बदलेगा मौसम

IMD Weather Alert: देश भर में एक बार फिर मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। दक्षिण भारत से लेकर मध्य भारत तक कई राज्यों में सक्रिय मौसमी प्रणालियों का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक बुधवार 21 अक्टूबर को देश के कई प्रमुख राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के इन अलर्ट्स ने कई इलाकों के लिए चिंता बढ़ा दी है। आइए विस्तार से जानते हैं कि 21 अक्टूबर को देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है और किन राज्यों में आंधी-बारिश का सबसे ज्यादा असर दिखेगा।

दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव

दक्षिण प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्वी मानसून और अन्य चक्रवाती प्रणालियों के मजबूत होने की वजह से बारिश का दौर पूरी तरह आक्रामक हो गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 21 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन क्षेत्रों के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के विभिन्न जिलों में भी भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक इस दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से लेकर 60 किमी/घंटे तक के तेज हवा के झोंके चल सकते हैं और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली कड़क सकती है।

मध्य प्रदेश, तेलंगाना और लक्षद्वीप में आंधी-तूफान के साथ बौछारें

दक्षिण भारत के अलावा मध्य और तटीय क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। मध्य प्रदेश, तेलंगाना, लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश और केरल व माहे के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 50 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। मध्य प्रदेश के कई अंदरूनी हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। इससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है।

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कर्नाटक और तटीय इलाकों में वज्रपात की चेतावनी

कर्नाटक के विभिन्न अंदरूनी और तटीय इलाकों में कल गरज-चमक के साथ तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों पर न जाने और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है।

अरब सागर में स्क्वॉली वेदर और तेज हवाओं का पहरा

समुद्री और तटीय क्षेत्रों में लगातार बन रही मौसमी हलचल को देखते हुए मछुआरों और नौका चालकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है। दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में स्क्वॉली वेदर के सक्रिय रहने के कारण वहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 60 किमी/घंटे तक के तेज हवा के झोंके चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए संबंधित समुद्री इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

कल का मौसम 17 अक्टूबर: शनिवार को इन इलाकों में जमकर होगी बारिश, 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, IMD ने दिया ये अलर्ट

Mausam Update: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अभी भी काफी कड़ा बना हुआ है। उत्तर-पूर्वी मानसून के असर की वजह से दक्षिण भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक कल शनिवार 17 अक्टूबर को दक्षिण प्रायद्वीप के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान कुछ जगहों पर तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने का भी अनुमान जताया गया है। आइए जानते हैं कल 17 अक्टूबर को देश के अलग अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का हाल।

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दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव जारी

दक्षिण प्रायद्वीप में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के चलते बारिश की गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कल 17 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके अलावा तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और आंध्र प्रदेश के अलग अलग जिलों में भी भारी बारिश दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली कड़केगी। आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना के हिस्सों में भी 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

देश के दूसरे हिस्सों में गरज-चमक और बादलों की आवाजाही

दक्षिण भारत के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी छिटपुट मौसमी हलचल देखने को मिलेगी। मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा और ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं। राहत की बात यह है कि पिछले कुछ दिनों से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य प्रणालियों का असर अब कमजोर पड़ने लगा है। इससे दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश समेत अधिकांश मैदानी राज्यों में मौसम मुख्यतः साफ या आंशिक रूप से बादल छाए रहने की स्थिति में लौट रहा है।

मछुआरों के लिए राहत की खबर

समुद्री और तटीय इलाकों में उठने वाले तूफानों को लेकर मौसम विभाग ने फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई है। समुद्र के भीतर किसी भी प्रकार की असाधारण या खतरनाक हलचल न होने की वजह से IMD ने मछुआरों के लिए समुद्र में जाने को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

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देश के इस हिस्से में 22 अक्टूबर तक जारी रहेगा भारी बारिश का दौर, दिल्ली-यूपी और उत्तराखंड के लिए IMD ने दिया ये अलर्ट

Mausam Update: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह विदाई के बाद अब उत्तर-पूर्वी मानसून दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में पूरी तरह रंग दिखाने लगा है। मौसमी प्रणालियों के काफी मजबूत होने की वजह से दक्षिण भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शुक्रवार 16 अक्टूबर 2026 को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का यह दौर 22 अक्टूबर तक लगातार जारी रहने की संभावना है।

वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरणों की वजह से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान के कुछ इलाकों में आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान तमिलनाडु और तटीय कर्नाटक में पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) दर्ज की गई है जबकि छत्तीसगढ़, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) रिकॉर्ड की गई।

दक्षिण भारत में 22 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीप में मौसमी प्रणालियों की सक्रियता की वजर से बारिश की गतिविधियां बेहद तेज हैं। अभी देश में अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। तटीय आंध्र प्रदेश से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ रेखा भी गुजर रही है। इन मजबूत प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत के अलग-अलग राज्यों में 22 अक्टूबर तक बारिश का प्रकोप बना रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 16 से 20 अक्टूबर के दौरान मूसलाधार से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि 21 और 22 अक्टूबर को भी भारी बारिश की गतिविधियां लगातार जारी रहेंगी।

केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 16 से 22 अक्टूबर तक लगातार भारी बारिश की संभावना है, जिसमें दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 16 और 17 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। तटीय कर्नाटक में 16 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश और 17 से 19 अक्टूबर के बीच भारी वर्षा का अलर्ट है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 16 से 18 अक्टूबर के दौरान और लक्षद्वीप में 20 से 22 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश होगी। इस दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में तेज सतही हवाएं भी चलती रहेंगी।

इन दक्षिणी राज्यों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

दिल्ली-NCR, यूपी और उत्तराखंड में ओलावृष्टि और तेज आंधी का अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम पर नजर डालें तो उत्तरी पंजाब पर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। इसके अलावा दक्षिणी हरियाणा, उत्तरी राजस्थान और गुजरात-राजस्थान सीमा के पास निचले स्तरों पर चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। इन प्रणालियों के प्रभाव से आज 16 अक्टूबर को उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग ने आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि होने की गंभीर चेतावनी दी है। इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में आज 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चलने का अनुमान जताया गया है।

दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भी आज छिटपुट जगहों पर बादलों की गर्जना, बिजली कड़कने और झोंकेदार हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 18 अक्टूबर तक और फिर 21-22 अक्टूबर को छिटपुट बारिश जारी रह सकती है।

मध्य, पूर्वी भारत और तटीय इलाकों का हाल

मौसम विभाग के मुताबिक देश के पश्चिमी, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में इस पूरे सप्ताह कोई विशेष या गंभीर मौसमी गतिविधि देखने को नहीं मिलेगी और यहां मौसम मुख्य रूप से सामान्य बना रहेगा।

वहीं तटीय इलाकों की बात करें तो कोंकण और गोवा के तटीय क्षेत्रों में आज 16 अक्टूबर को नमी और तापमान के असर से मौसम बेहद उमस भरा बना रहने का अनुमान जताया गया है।

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कल का मौसम: 10 अक्टूबर को राजस्थान से लेकर उत्तराखंड तक आंधी-तूफान का अलर्ट, IMD ने जारी किया ये अलर्ट

Weather Tomorrow: उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से मानसून की औपचारिक विदाई के बाद भी पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) और तटीय चक्रवाती प्रणालियों के असर से देश के कई हिस्सों में मौसमी उथल-पुथल जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शनिवार 10 अक्टूबर के लिए जारी ताजा अलर्ट के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और तूफानी हवाओं की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। मौसम विभाग ने राजस्थान से लेकर उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली तक तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। वहीं दूसरी ओर, दक्षिण भारत के तटीय राज्यों में चक्रवाती परिसंचरणों के कारण मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है।

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राजस्थान से उत्तराखंड तक 40 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में शनिवार को मौसम का रुख बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 10 अक्टूबर को राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में बादलों की गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है।

इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के पर्वतीय इलाकों में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और हल्की बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है। मध्य भारत के पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

दिल्ली-एनसीआर और आसपास के मैदानी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ का असर अधिक उग्र दिख सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के अलग-अलग इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

केरल और तमिलनाडु में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी चक्र की सक्रियता से तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा। 10 अक्टूबर को दक्षिण भारत के दो प्रमुख राज्यों में भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है। केरल और माहे में भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में कई जगह मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं।

केरल व माहे, लक्षद्वीप और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में बादलों की तेज गर्जना के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

पूर्वोत्तर राज्यों का हाल और तटीय इलाकों में गर्मी-उमस

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी और दक्षिणी तटों पर नमी बढ़ने से गर्मी परेशान करेगी। कोंकण व गोवा और तटीय कर्नाटक के इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है। तटीय इलाकों में तूफानी हवाओं के बावजूद समुद्र के भीतर स्थितियां नियंत्रित रहेंगी।

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IMD Rain Forecast: बंगाल की खाड़ी में बढ़ा खतरा! 12 घंटे में डीप डिप्रेशन से 4 राज्यों में बेहद भारी बारिश का अलर्ट, इन राज्यों में भी बिगड़ेगा मौसम

India Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम ने देश के कई राज्यों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 22 सितंबर के मौसम बुलेटिन के मुताबिक पश्चिम-मध्य और उससे सटी पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र 21 सितंबर की शाम 5:30 बजे डिप्रेशन (चक्रवाती दबाव) में बदल गया था। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और 22 सितंबर की सुबह 8:30 बजे यह ओडिशा के गोपालपुर से करीब 200 किमी दक्षिण-पूर्व, पुरी से 210 किमी दक्षिण, आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम से 200 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और विशाखापट्टनम से 290 किमी पूर्व में केंद्रित था।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 12 घंटों के दौरान यह डिप्रेशन और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की तड़के के बीच विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों को पार करेगा। इस सिस्टम के असर से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट: ओडिशा से तेलंगाना तक संकट

चक्रवाती दबाव के सीधे प्रभाव से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में मूसलाधार और तूफानी बारिश का दौर शुरू होने वाला है। ओडिशा में 22 से 24 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है। 25 सितंबर को बहुत भारी और 22 से 24 सितंबर के दौरान अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश जारी रहेगी। इसके साथ ही 22 से 24 सितंबर तक राज्य में 50 से 60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की रफ्तार से थंडरस्कवॉल चलने का भी अलर्ट है।

तटीय आंध्र प्रदेश और यणम में 22 और 23 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश होगी। 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 22, 23 और 25 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। 23 और 24 सितंबर को यहां 50 से 60 किमी/घंटे की गति से थंडरस्कवॉल चलने की आशंका है।

इसी तरह छत्तीसगढ़ में 23 और 24 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। राज्य में 22 से 24 सितंबर और 27 सितंबर को भारी बारिश तथा 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। तेलंगाना में 23 और 24 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा 22, 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 23 व 24 सितंबर को 50 से 60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड और बिहार का मौसम

चक्रवाती दबाव की वजह से मध्य भारत और पूर्वी भारत के राज्यों में भी वर्षा की गतिविधियां काफी तेज रहेंगी। पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 22 से 27 सितंबर तक और छत्तीसगढ़ में 22 से 28 सितंबर तक काफी बारिश होने का अनुमान है। विदर्भ में 24 और 25 सितंबर को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वी भारत के गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 24 सितंबर को, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 25 सितंबर को और बिहार में 24 व 25 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। झारखंड में 22 सितंबर को मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी भी दी गई है।

उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में बारिश व बिजली का पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 28 सितंबर को भारी बारिश होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 25 व 27 सितंबर को भारी बारिश होने के आसार हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 और 27 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 28 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

दूसरी ओर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान के शेष हिस्सों, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों से अगले 2 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की स्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम और मेघालय में 23 सितंबर को काफी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 22 और 23 सितंबर को भारी बारिश होने का अनुमान है।

पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत का हाल

पश्चिम भारत के कोंकण व गोवा और मराठवाड़ा में 22 और 23 सितंबर को और मध्य महाराष्ट्र में 22 सितंबर को व्यापक बारिश होगी। कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 22 एवं 23 सितंबर को और मराठवाड़ा में 22 से 25 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है। 24 और 25 सितंबर को मध्य महाराष्ट्र व मराठवाड़ा में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के केरल व माहे में 23 से 25 सितंबर, तटीय कर्नाटक में 24 सितंबर, उत्तर व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 22 से 24 सितंबर तथा रायलसीमा में 22 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

समुद्र में तूफानी हवाओं का अलर्ट और मछुआरों के लिए सख्त निर्देश

समुद्र में मौसमी गतिविधियों के कारण स्थिति बहुत गंभीर बनी हुई है। पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 22 सितंबर की शाम से हवा की गति 50-60 किमी/घंटे से बढ़कर 23 और 24 सितंबर की शाम तक 55 से 65 किमी/घंटे (झोंके 75 किमी/घंटे) तक पहुंच जाएगी।

दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर 22 सितंबर की शाम से हवाएं 50-60 किमी/घंटे और 23 सितंबर की सुबह से 24 सितंबर की शाम तक 55-65 किमी/घंटे (झोंके 75 किमी/घंटे) की गति से चलेंगी।

पश्चिम बंगाल और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों पर भी 23 और 24 सितंबर को 45 से 55 किमी/घंटे की हवाएं चलेंगी। इस दौरान बंगाल की खाड़ी के विभिन्न हिस्सों और आंध्र प्रदेश, ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहेगी।

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अंडमान से उठ रहा नया चक्रवाती सिस्टम, एमपी से दिल्ली-यूपी, बिहार 24 सितंबर तक इन राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 सितंबर को देश के मौसम को लेकर एक विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के ऊपर एक नया मौसमी सिस्टम आकार ले रहा है। इसके से 24 सितंबर तक देश के अधिकांश राज्यों में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं।

अंडमान सागर में बनेगा लो प्रेशर, ओडिसा-आंध्र की तरफ बढ़ेगा सिस्टम

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी थाईलैंड के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर की शाम तक उत्तरी अंडमान सागर में उभरने की संभावना है। इसके असर से 19 सितंबर की शाम तक इसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की उम्मीद है। इसके बाद यह धीरे-धीरे और मजबूत होकर अगले 3-4 दिनों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों की ओर रुख करेगा। इसके अलावा उत्तरी गुजरात, सिक्किम और पूर्वी बांग्लादेश पर चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र सक्रिय हैं। वहीं, सिक्किम से उत्तरी बंगाल की खाड़ी तक और मराठवाड़ा से दक्षिण-पूर्वी अरब सागर तक ट्रफ रेखाएं गुजर रही हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत और दिल्ली-एनसीआर का मौसम (18 से 24 सितंबर)

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18 से 19 सितंबर के दौरान छिटपुट बारिश और गरज-चमक की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 से 20 सितंबर तक हल्की से छिटपुट बारिश के आसार हैं। पूर्वी राजस्थान में 18 सितंबर को व्यापक बारिश होगी और बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 सितंबर को भी यहां भारी बारिश हो सकती है जबकि 19 से 22 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश जारी रहने की संभावना है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 18 सितंबर और 23-24 सितंबर को छिटपुट बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18 से 24 सितंबर तक गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।

मध्य और पूर्वी भारत: एमपी, बिहार और ओडिशा का हाल

पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 से 19 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। 18 और 24 सितंबर को पश्चिम मध्य प्रदेश में तथा 24 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ में 18-19 सितंबर और 21-24 सितंबर तक जबकि छत्तीसगढ़ में 19 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी। छत्तीसगढ़ में 22 से 24 सितंबर के बीच भारी बारिश का अनुमान है।

बिहार में 18 से 24 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश का अनुमान है जिसमें 18 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 19 व 24 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 23-24 सितंबर को भारी बारिश होगी। ओडिशा में 18-19 सितंबर और 22 सितंबर को भारी बारिश तथा 23-24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है।

18 सितंबर को ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम भारत में मौसम का मिजाज

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 और 24 सितंबर को तथा अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय में 24 सितंबर को व्यापक बारिश होगी। 18 सितंबर को असम-मेघालय में और 19-20 सितंबर को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में भारी बारिश का अलर्ट है। कोंकण और गोवा में 18 सितंबर तथा 21 से 24 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में 18 सितंबर को तथा 20 से 22 सितंबर तक भारी वर्षा हो सकती है।

दक्षिण भारत: 40-50 kmph की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

केरल व माहे और लक्षद्वीप में 18 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। तटीय कर्नाटक में 20 से 24 सितंबर, आंतरिक कर्नाटक व तेलंगाना में 19 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 22 सितंबर तक, केरल-माहे में 18-20 सितंबर व 24 सितंबर, तटीय व आंतरिक कर्नाटक में 20-24 सितंबर, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 18-24 सितंबर, तटीय आंध्र प्रदेश में 18-20 सितंबर व 23-24 सितंबर और तेलंगाना में 19 से 24 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 22 सितंबर के बीच 40 से 50 किमी/घंटे की गति से (झोंके 60 किमी/घंटे तक) तेज हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश व रायलसीमा में 18 से 22 सितंबर तक तेज सतही हवाएं चलेंगी। केरल और माहे में 18 सितंबर को मौसम गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।

मछुआरों के लिए अलर्ट और समुद्री स्थिति

सोमालिया तट के पास और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 23 सितंबर तक तथा पश्चिम-मध्य अरब सागर में 18 सितंबर को मछुआरों को न जाने की सलाह दी गई है। दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के इलाकों में 23 सितंबर तक, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 19 से 23 सितंबर तक और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी व म्यांमार तट के पास 21-22 सितंबर को तूफानी मौसम रहेगा।

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मौसम से सावधान! MP और राजस्थान में लो-प्रेशर एरिया का सिस्टम एक्टिव, 10 सितंबर तक यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

India Weather Update: देश भर में इस वक्त अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी है और मानसून अपना विकट रूप दिखा रहा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया है कि उत्तरी मध्य प्रदेश के मध्य भागों और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया का मौसमी सिस्टम बना हुआ है। इसके अगले दो दिनों तक लगभग स्थिर रहने की संभावना है। इसके साथ ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और पहाड़ी राज्यों समेत देश के बड़े हिस्से में 10 सितंबर तक मूसलाधार बारिश, अंधड़ और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 6 से 7 दिनों के दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां धीमी बनी रहेंगी।

पिछले 24 घंटों की बात करें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में कई जगहों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसमी सिस्टम के सीधे प्रभाव की वजह से मध्य प्रदेश और राजस्थान में बारिश का जोर सबसे अधिक रहने वाला है। पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 4 और 5 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश के पश्चिमी भागों में 4 से 6 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी और 6 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 7 से 10 सितंबर के दौरान बारिश कुछ हद तक हल्की पड़ सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 सितंबर के दौरान मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। वहीं छत्तीसगढ़ में 4 सितंबर और फिर 8 से 10 सितंबर के बीच भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

उत्तर भारत का मौसम: दिल्ली, यूपी, पंजाब-हरियाणा और पहाड़ी राज्यों में अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर भारी बारिश जारी रहने के आसार हैं। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 4 और 5 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 6 सितंबर तक भारी बारिश के आसार बने रहेंगे। उत्तर प्रदेश में मानसून की चाल काफी मजबूत रहेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 6 सितंबर के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 सितंबर के दौरान बारिश का दौर तेजी पकड़ेगा।

पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड में 4 से 10 सितंबर तक पूरे हफ्ते गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में 4 और 5 सितंबर को भारी बारिश होगी। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 4 सितंबर को भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।

 

पूर्वी भारत और बिहार में 10 सितंबर तक कैसा रहेगा वेदर?

पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां कई राज्यों को भिगोएंगी। बिहार में 5, 6 और 10 सितंबर को भारी बारिश के साथ व्यापक स्तर पर गरज-चमक का अलर्ट दिया गया है जबकि 7 से 9 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। झारखंड में 9 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है और 8 से 10 सितंबर तक बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 से 8 सितंबर तक लगातार भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 4 सितंबर और 8-9 सितंबर को भारी बारिश के आसार हैं। ओडिशा में 9 और 10 सितंबर को बारिश का नया दौर शुरू होने का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 4 से 10 सितंबर के दौरान अच्छी बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत का हाल

पूर्वोत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों में अगले एक सप्ताह तक तेज मानसूनी बारिश बनी रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 4 से 10 सितंबर के दौरान भारी बारिश और बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है। पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 4 से 10 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र और कच्छ में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 4 सितंबर को गरज-चमक और बिजली कड़कने की घटनाएं हो सकती हैं।

दक्षिण भारत में तेज हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में कुल मिलाकर बारिश कुछ हद तक शांत रहेगी लेकिन तटीय इलाकों और अंदरूनी हिस्सों में तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 4 और 5 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली चमकने की संभावना है। हवाओं की स्पीड बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 4 से 6 सितंबर तक 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। तटीय कर्नाटक में 4 से 10 सितंबर तक अच्छी बारिश होगी जबकि लक्षद्वीप में 9 और 10 सितंबर को व्यापक बारिश दर्ज की जा सकती है।

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Mausam 4 Sep: आज इन राज्यों में मूसलाधार बारिश! MP में ऑरेंज कलर अलर्ट जारी, जानें दिल्ली-यूपी से लेकर दक्षिण भारत तक के मौसम का हाल

India Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर गति पकड़ ली है और कई राज्यों में बादल जमकर बरस रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 सितंबर के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए मध्य भारत से लेकर उत्तर, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बने वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया यानी कम दबाव का क्षेत्र के असर के चलते मध्य प्रदेश में बारिश का जोर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। यहां मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के साथ ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों समेत देश के 15 से अधिक राज्यों में तेज आंधी, बादलों की गर्जना और भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है।

मध्य प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट और मध्य भारत की स्थिति

मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश आज बारिश का मुख्य केंद्र बना हुआ है। राज्य के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं, जिसके चलते यहां ऑरेंज अलर्ट की स्थिति बनी हुई है। मध्य प्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी अलग-अलग स्थानों पर तेज बादलों की गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। बारिश और बिजली गिरने के इस खतरे को देखते हुए लोगों को खुले क्षेत्रों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

दिल्ली-यूपी और उत्तर भारत में मौसम का मिजाज

उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकतर हिस्सों में आज बादल छाए रहने और मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर प्रदेश में भी मानसून काफी सक्रिय नजर आ रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाकों में मूसलाधार बौछारें पड़ने के संकेत हैं। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ-साथ बिजली कड़कने और पहाड़ी ढलानों पर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। राजस्थान में भी पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

IMD Weather (3)

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम का कड़ा रुख देखने को मिल रहा है। बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने, बिजली चमकने और भारी बारिश होने का अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल में भी बारिश और वज्रपात की आशंका बनी हुई है। इसके साथ ही अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आज अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश और बिजली चमकने का अंदेशा है।

दक्षिण और पश्चिमी भारत का वेदर अपडेट

दक्षिण भारत और तटीय इलाकों में मौसमी प्रभाव की बात करें तो तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडू, पुडुचेरी और कराईकल में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में दिनभर मजबूत सतही हवाएं चलने की उम्मीद है।

पश्चिमी भारत में मध्य महाराष्ट्र के इलाकों में बिजली चमकने और बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं समुद्र में मौसम के मिजाज को देखते हुए सोमालिया तट से सटे पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और इसके बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इसके चलते मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

IMD Rain Alert: बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम से अलर्ट पर ये 6 राज्य! यूपी-बिहार संग इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश का दौर एक बार फिर बेहद उग्र रूप धारण करने वाला है। गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर तटीय ओडिशा, झारखंड और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र के असर से कई राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 सितंबर को ताजा वेदर बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यह नया मौसमी तंत्र अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर ओडिशा और झारखंड के पार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके असर से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश समेत 6 प्रमुख राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

झारखंड में अत्यंत भारी बारिश, ओडिशा में बीते 24 घंटे में बरसा 20 सेमी पानी

मौसम विभाग के मुताबिक 1 सितंबर को झारखंड में अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं ओडिशा, झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और गांगेय पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। बीते 24 घंटों के दौरान भी मानसूनी बारिश ने जमकर तबाही मचाई है, जहां ओडिशा में 20 सेमी से अधिक बेहद भारी बारिश दर्ज की गई।

इसके अलावा उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, त्रिपुरा और झारखंड में बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई जबकि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश दर्ज हुई है।

उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी ट्रफ और निचले व मध्य ट्रोपोस्फीयर स्तर पर बने ट्रफ के प्रभाव से व्यापक बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 1 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 सितंबर और 6 से 7 सितंबर के दौरान तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 से 5 सितंबर तक भारी बारिश होगी। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 2 से 5 सितंबर के बीच भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड में 1 से 7 सितंबर तक और हिमाचल प्रदेश में 1 से 5 सितंबर तक व्यापक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लगातार 5 दिनों तक मूसलाधार बारिश का अनुमान

मध्य भारत के राज्यों में कम दबाव के क्षेत्र का काफी असर देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ में 1 और 2 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होगी। जबकि 3 सितंबर को भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 से 4 सितंबर के दौरान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के बीच बेहद भारी बारिश होने के आसार हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग अलग हिस्सों में 1 से 5 सितंबर तक आकाशीय बिजली गिरने और गरज-चमक की स्थिति लगातार बनी रहेगी।

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान

पूर्वोत्तर भारत में 1 सितंबर को असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि अरुणाचल प्रदेश में 1 से 4 सितंबर और 6 से 7 सितंबर के दौरान भारी बारिश होगी।

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दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसूनी गतिविधियां धीमी बनी रहेंगी। वैसे तटीय कर्नाटक और केरल में 2 से 4 सितंबर के बीच अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

कल का मौसम: 1 सितंबर को इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट! दिल्ली-यूपी समेत इन 15 राज्यों में मौसम की चेतावनी

India Weather Update: देश भर के अलग-अलग इलाकों में इस वक्त जोरदार बारिश और इसकी वजह से खासकर पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 सितंबर के लिए मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान जारी करते हुए कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता की वजह से उत्तर, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों में एक सितंबर को मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार 1 सितंबर को 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

छत्तीसगढ़ में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक 1 सितंबर को छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। IMD ने छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की है।

यूपी, बिहार, झारखंड और MP में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए भी 1 सितंबर का दिन काफी संभलकर रहने वाला है। IMD के बुलेटिन के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का मौसम

दिल्ली समेत आसपास के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में भी मानसूनी बारिश का असर बना रहेगा। IMD के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 1 सितंबर को गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मौसम की स्थिति

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी एक सितंबर को बारिश की रफ्तार तेज रहेगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

Weather update for September 1: देश के करीब 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है

समुद्री क्षेत्र की बात करें तो 1 सितंबर को अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य और उत्तर-पूर्वी अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। मछुआरों और तटीय क्षेत्रों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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