कल का मौसम 20 अक्टूबर: अरब सागर में तेज हवाओं का अनुमान! MP, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत इन 12 राज्यों में आंधी-लाइटनिंग का अलर्ट

IMD Weather Update: देश के मौसम में अलग-अलग मौसमी प्रणालियों के एक्टिव होने की वजह से एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा और विस्तृत मौसम बुलेटिन के मुताबिक मंगलवार 20 को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज काफी कड़ा रहने वाला है। मौसम विभाग ने दक्षिण प्रायद्वीप से लेकर पश्चिमी, मध्य और पूर्वी राज्यों तक करीब 12 राज्यों में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में तेज हवाओं के चलने की चेतावनी दी गई है।

आइए जानते हैं कल 20 अक्टूबर को देश के विभिन्न राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का हाल:-

दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव

दक्षिण प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्वी मानसून और अन्य सक्रिय प्रणालियों के असर से बारिश का दौर पूरी तरह चरम पर है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 20 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

इसके अलावा केरल और माहे संग तटीय आंध्र प्रदेश में भी भारी बारिश देखने को मिलेगी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली कड़केगी।

केरल, माहे, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना के हिस्सों में भी 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी जबकि तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी आकाशीय बिजली चमकने के साथ छिटपुट बौछारें पड़ने का अनुमान है।

मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत इन राज्यों में आंधी-लाइटनिंग का अलर्ट

दक्षिण भारत के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी चक्रवातों और मौसमी गतिविधियों की वजह से मौसम बिगड़ा रहेगा। मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, ओडिशा और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की भी संभावना है।

इसके अलावा पश्चिम भारत के कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में कल 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तेज आंधी-तूफान और झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है, जिससे इन क्षेत्रों में भी मौसम प्रभावी बना रहेगा।

अरब सागर में स्क्वॉली वेदर और तेज हवाओं की चेतावनी

समुद्री और तटीय इलाकों में उठने वाली हलचल को देखते हुए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में स्क्वॉली वेदर के एक्टिव रहने की संभावना है, जिसके तहत वहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 60 किमी/घंटे तक के तेज हवा के झोंके चल सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए मछुआरों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों को सलाह दी गई है कि वे संबंधित समुद्री क्षेत्रों में सावधानी बरतें।

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IMD Rain Forecast: बंगाल की खाड़ी में बढ़ा खतरा! 12 घंटे में डीप डिप्रेशन से 4 राज्यों में बेहद भारी बारिश का अलर्ट, इन राज्यों में भी बिगड़ेगा मौसम

India Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम ने देश के कई राज्यों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 22 सितंबर के मौसम बुलेटिन के मुताबिक पश्चिम-मध्य और उससे सटी पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र 21 सितंबर की शाम 5:30 बजे डिप्रेशन (चक्रवाती दबाव) में बदल गया था। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और 22 सितंबर की सुबह 8:30 बजे यह ओडिशा के गोपालपुर से करीब 200 किमी दक्षिण-पूर्व, पुरी से 210 किमी दक्षिण, आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम से 200 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और विशाखापट्टनम से 290 किमी पूर्व में केंद्रित था।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 12 घंटों के दौरान यह डिप्रेशन और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की तड़के के बीच विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों को पार करेगा। इस सिस्टम के असर से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट: ओडिशा से तेलंगाना तक संकट

चक्रवाती दबाव के सीधे प्रभाव से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में मूसलाधार और तूफानी बारिश का दौर शुरू होने वाला है। ओडिशा में 22 से 24 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है। 25 सितंबर को बहुत भारी और 22 से 24 सितंबर के दौरान अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश जारी रहेगी। इसके साथ ही 22 से 24 सितंबर तक राज्य में 50 से 60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की रफ्तार से थंडरस्कवॉल चलने का भी अलर्ट है।

तटीय आंध्र प्रदेश और यणम में 22 और 23 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश होगी। 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 22, 23 और 25 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। 23 और 24 सितंबर को यहां 50 से 60 किमी/घंटे की गति से थंडरस्कवॉल चलने की आशंका है।

इसी तरह छत्तीसगढ़ में 23 और 24 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। राज्य में 22 से 24 सितंबर और 27 सितंबर को भारी बारिश तथा 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। तेलंगाना में 23 और 24 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा 22, 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 23 व 24 सितंबर को 50 से 60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड और बिहार का मौसम

चक्रवाती दबाव की वजह से मध्य भारत और पूर्वी भारत के राज्यों में भी वर्षा की गतिविधियां काफी तेज रहेंगी। पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 22 से 27 सितंबर तक और छत्तीसगढ़ में 22 से 28 सितंबर तक काफी बारिश होने का अनुमान है। विदर्भ में 24 और 25 सितंबर को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वी भारत के गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 24 सितंबर को, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 25 सितंबर को और बिहार में 24 व 25 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। झारखंड में 22 सितंबर को मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी भी दी गई है।

उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में बारिश व बिजली का पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 28 सितंबर को भारी बारिश होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 25 व 27 सितंबर को भारी बारिश होने के आसार हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 और 27 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 28 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

दूसरी ओर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान के शेष हिस्सों, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों से अगले 2 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की स्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम और मेघालय में 23 सितंबर को काफी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 22 और 23 सितंबर को भारी बारिश होने का अनुमान है।

पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत का हाल

पश्चिम भारत के कोंकण व गोवा और मराठवाड़ा में 22 और 23 सितंबर को और मध्य महाराष्ट्र में 22 सितंबर को व्यापक बारिश होगी। कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 22 एवं 23 सितंबर को और मराठवाड़ा में 22 से 25 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है। 24 और 25 सितंबर को मध्य महाराष्ट्र व मराठवाड़ा में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के केरल व माहे में 23 से 25 सितंबर, तटीय कर्नाटक में 24 सितंबर, उत्तर व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 22 से 24 सितंबर तथा रायलसीमा में 22 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

समुद्र में तूफानी हवाओं का अलर्ट और मछुआरों के लिए सख्त निर्देश

समुद्र में मौसमी गतिविधियों के कारण स्थिति बहुत गंभीर बनी हुई है। पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 22 सितंबर की शाम से हवा की गति 50-60 किमी/घंटे से बढ़कर 23 और 24 सितंबर की शाम तक 55 से 65 किमी/घंटे (झोंके 75 किमी/घंटे) तक पहुंच जाएगी।

दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर 22 सितंबर की शाम से हवाएं 50-60 किमी/घंटे और 23 सितंबर की सुबह से 24 सितंबर की शाम तक 55-65 किमी/घंटे (झोंके 75 किमी/घंटे) की गति से चलेंगी।

पश्चिम बंगाल और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों पर भी 23 और 24 सितंबर को 45 से 55 किमी/घंटे की हवाएं चलेंगी। इस दौरान बंगाल की खाड़ी के विभिन्न हिस्सों और आंध्र प्रदेश, ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहेगी।

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बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन, बिहार से बंगाल तक बारिश के आसार, MP-छत्तीसगढ़ में मूसलाधार! इन राज्यों में बारिश का दौर फिर शुरू

IMD Rain Forecast: देशभर में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर एक्टिव हो गई हैं। मौसम विभाग के लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तटीय इलाकों के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक इस नए मौसमी सिस्टम के असर से ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित देश के कई राज्यों में बारिश का नया दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी करने के साथ-साथ मध्य भारत और पूर्वी भारत के विस्तृत हिस्सों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी है।

पिछले 24 घंटों में बदला मौसम, पूर्वी यूपी में भारी अतिवृष्टि

बंगाल की खाड़ी में बने इस सिस्टम का असर बीते 24 घंटों के दौरान भी देखने को मिला है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक की बेहद भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और बिहार के अलग-अलग इलाकों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ निम्न दबाव का क्षेत्र

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे बांग्लादेश तट पर एक ऊपरी हवा का साइक्लॉनिक सर्कुलेशन बना हुआ था। इसके प्रभाव से 10 सितंबर की सुबह उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया।

ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

निम्न दबाव प्रणाली का सबसे सीधा और गंभीर असर ओडिशा और छत्तीसगढ़ पर पड़ने जा रहा है। मौसम विभाग ने 10 सितंबर को ओडिशा के कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके साथ ही 10 और 11 सितंबर को ओडिशा और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ में 10 से 14 सितंबर तक व्यापक बारिश का क्रम जारी रहेगा जबकि मध्य प्रदेश में 11 से 14 सितंबर के बीच गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

बिहार, झारखंड, बंगाल और उत्तर-पश्चिम भारत का हाल

पूर्वी भारत के राज्यों की बात करें तो बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 10 से 13 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 10 और 11 सितंबर को भारी बारिश होगी जबकि बिहार में 10 सितंबर को तेज बौछारें पड़ने के आसार हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में भी मानसून की सक्रियता बढ़ेगी। उत्तराखंड में 10 से 13 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है। वहीं 13 से 15 सितंबर के बीच पूर्वी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी गरज-चमक के साथ छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

दक्षिण भारत, गुजरात और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अलर्ट

दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 10 और 11 सितंबर को 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में भी अगले कुछ दिनों तक आंधी-तूफान के साथ बारिश की स्थिति बनी रहेगी। तटीय आंध्र प्रदेश में 10 सितंबर को मौसम गर्म और उमस भरा भी रह सकता है।

पश्चिम भारत में कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात क्षेत्र में 12 से 15 सितंबर के दौरान भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 10 से 15 सितंबर तक लगातार बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

समुद्र में खराब रहेगी स्थिति, मछुआरों के लिए चेतावनी

खराब मौसम और तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। 12 सितंबर तक पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बांग्लादेश और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और उत्तर-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी में 40 से 50 किमी प्रति घंटे से लेकर 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

इसके चलते समुद्र में स्थिति काफी अशांत रहेगी। इसके अलावा अरब सागर में सोमालिया, ओमान तथा गुजरात तट से सटे इलाकों में 13 से 15 सितंबर के दौरान तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन अवधि के दौरान गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।

Heavy Rain Alert: 4 अगस्त से नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव, अगले 7 दिन तक इन राज्यों में मूसलाधार बारिश! IMD ने बताया यूपी से दिल्ली तक का मौसम अपडेट

India Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के बीच मौसम विभाग (IMD) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 4 अगस्त से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने जा रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों, मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 7 दिनों तक झमाझम और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में नए पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बने कम दबाव के क्षेत्र, उत्तराखंड व आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिम बांग्लादेश से सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसूनी बारिश में भारी तेजी आएगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में 3 से 7 अगस्त तक भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में आगामी दिनों में व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। 4 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही मैदानी इलाकों में बारिश का दायरा बढ़ेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी और कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं 2 अगस्त को पूर्वी यूपी में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि 2, 3 और 8 अगस्त को छिटपुट जगहों पर ही बारिश होगी।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 3 से 6 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर तेज बारिश होगी और 3 व 4 अगस्त को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा 2 अगस्त और 7-8 अगस्त को इन क्षेत्रों में छिटपुट बारिश दर्ज होगी। पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को व्यापक बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है, जिसके बाद 3 से 8 अगस्त तक हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होगी। वहीं पूर्वी राजस्थान में 2 से 8 अगस्त तक छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।

पहाड़ी राज्यों में आफत की बारिश: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर का हाल

पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते व्यापक रूप से मूसलाधार बारिश होने का अलर्ट है। उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान बिजली कड़कने और भारी बारिश की लगातार चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 2 से 6 अगस्त और 8 अगस्त को व्यापक बारिश होगी। 2 से 5 अगस्त के बीच भारी बारिश के साथ-साथ पूरे हफ्ते (2-8 अगस्त) 30-40 किमी/घंटे से लेकर 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और थंडरस्टॉर्म की संभावना जताई गई है।

पूर्वी भारत और बिहार: 3 अगस्त को बिहार में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मध्य और पूर्वी हिमालय की तलहटी में अगले 4-5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश में इजाफा होगा। बिहार में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। आईएमडी के मुताबिक बिहार में 2, 4 और 5 अगस्त को भारी बारिश होगी जबकि 3 अगस्त को राज्य में पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का गंभीर अलर्ट है। 6 से 8 अगस्त के दौरान बिहार में बारिश में कमी आएगी। वहीं झारखंड में 3 से 8 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 से 5 अगस्त के दौरान अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 7 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। ओडिशा में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते भारी बारिश और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश के साथ 4 से 8 अगस्त के बीच 50-60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल में 5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश की गतिविधियों में काफी तेजी आएगी। असम और मेघालय में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक भारी बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी तथा 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहेगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते काफी व्यापक बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 8 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 4 अगस्त से बढ़ेगी बारिश

मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और 5 से 8 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जाएगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। 2 से 6 अगस्त के बीच दोनों हिस्सों में तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) और बिजली कड़कने का अलर्ट है। छत्तीसगढ़ में 3 से 8 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर भारी बारिश होगी। विदर्भ में 2 अगस्त और 6 से 8 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा देखने को मिलेगी।

पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र में भारी बारिश

कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते व्यापक स्तर पर बारिश जारी रहेगी और 2-3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है और 3 अगस्त को भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में 2 अगस्त को भारी बारिश और बिजली कड़कने के बाद 3 से 8 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक और केरल में भारी बारिश, तमिलनाडु में अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी बारिश में कुल मिलाकर कमी दर्ज की जाएगी, लेकिन कुछ तटीय इलाकों में बारिश का जोर बना रहेगा। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद 3 अगस्त को भी इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है।

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केरल और माहे में 2-3 अगस्त और फिर 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराकल में 2 और 3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में 2 से 6 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंके वाली हवाएं चलेंगी।

कल का मौसम 16 जुलाई: 5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम और लो प्रेशर एरिया लाएंगे भारी बारिश, आंधी-तूफान! IMD ने बंगाल से बिहार तक ये अलर्ट दिया

Mausam Update: देश भर में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 जुलाई के मौसम को लेकर एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय एक कम दबाव का क्षेत्र और 5 से अधिक सक्रिय चक्रवाती सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं। इन मजबूत वेदर सिस्टम्स के चलते 16 जुलाई को पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान चलने का हाई अलर्ट जारी किया गया है।

आइए विस्तार से समझते हैं कि मौसम में इस बड़े बदलाव के पीछे कौन से वैज्ञानिक कारण हैं और आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज…

देश में ये वेदर सिस्टम एक्टिव

आईएमडी के बुलेटिन के मुताबिक इस समय देश में कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक इसके अगले 2 दिनों के दौरान और अधिक मजबूत होने के साथ उत्तरी ओडिशा व गांगेय पश्चिम बंगाल से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की पूरी संभावना है।

ये हैं 5 एक्टिव चक्रवाती परिसंचरण

उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे इलाकों के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है।

उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाके में समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के ही ऊपर 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक अन्य उच्च वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

पूर्वी असम और उसके पड़ोस में 1.5 किमी की ऊंचाई पर और उत्तरी गुजरात व दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर 3.1 से 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं।

मानसून ट्रफ और नया विक्षोभ

मानसून की ट्रफ लाइन इस समय जम्मू, देहरादून, शाहजहाँपुर, बस्ती, पटना, बांकुरा और बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर एरिया के केंद्र से होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके साथ ही 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला है।

16 जुलाई को कहां होगी सबसे भारी बारिश?

16 जुलाई को देश के तीन राज्यों में मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है:

गांगेय पश्चिम बंगाल

ओडिशा

अरुणाचल प्रदेश

इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी

इसके अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी बादलों की भारी गर्जना के साथ तेज बारिश होने का अनुमान है:-

बिहार और झारखंड

उत्तराखंड

छत्तीसगढ़

असम और मेघालय

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट

मौसम विभाग ने भारी बारिश के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की दोहरी चेतावनी जारी की है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड और मध्य प्रदेश में 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने और बिजली गिरने की संभावना है। बिहार, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है।

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अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तराखंड में 16 जुलाई को तेज बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

कुछ राज्यों में हीटवेव और उमस भरी गर्मी का सितम

एक तरफ जहां देश का आधा हिस्सा बारिश से सराबोर रहेगा, वहीं कुछ राज्यों को कल भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल के अलग-अलग हिस्सों में 16 जुलाई को लू चलने की स्थिति बनी रहेगी। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक के इलाकों में कल मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने वाला है।

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Bhaari Barish Alert: यूपी, बिहार समेत इन राज्यों के लिए अगले 48 घंटे भारी! मानसून यहां पूरा छा गया, हैवी बारिश का ये अलर्ट आया

Bhaari Barish Alert: देश भर में मानसून ने अपनी रफ्तार बेहद तेज कर दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 2 जुलाई को पूरे उत्तर प्रदेश को कवर कर लिया है। इसके साथ ही 5 दिन देर से ही सही मानसून ने दिल्ली में भी एंट्री कर ली है। यूपी में मानसून के पूरी तरह छा जाने के साथ ही मौसम विभाग ने बिहार समेत देश के कई राज्यों के लिए अगले 48 घंटे बेहद भारी बताए हैं।

IMD ने कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 2 दिनों के भीतर मानसून के दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के बचे हुए हिस्सों और राजस्थान में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

अगले 2 दिन: इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, आगामी दो दिनों के दौरान तटीय और पश्चिमी भारत के हिस्सों में आफत की बारिश हो सकती है। आईएमडी ने अगले 48 घंटों के लिए नीचे दिए गए क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है:-

उत्तर प्रदेश: 2 जुलाई को मानसून के पूरे राज्य में छा जाने के बाद यहां बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं।

तटीय कर्नाटक

गुजरात

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

अगले 3 दिन: मध्य भारत और पहाड़ी राज्यों में रहेगा ऐसा ही मौसम

आईएमडी ने अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि अगले 3 दिनों के दौरान देश के मध्य, पूर्वी और पहाड़ी राज्यों में भी मौसम का मिजाज काफी आक्रामक रहेगा। इन क्षेत्रों में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है:-

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश

छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ

ओडिशा

सौराष्ट्र और कच्छ

शनिवार तक बिहार और पूर्वोत्तर समेत इन राज्यों में हैवी रैन

मौसम विभाग के अनुसार, बिहार सहित देश के कई अन्य हिस्सों में शनिवार तक लगातार भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। इस दायरे में आने वाले राज्य हैं:-

बिहार और झारखंड

उत्तर प्रदेश (पूरे राज्य में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा)

जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख

केरल (केरलम) और माहे

आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना

पूर्वोत्तर क्षेत्र के हिस्से

ISRO के सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा बादलों का महासागर

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के INSAT-3DS सैटेलाइट से जारी थर्मल इंफ्रारेड तस्वीरों में मानसून की एक बेहद हैरान करने वाली और नाटकीय प्रगति दर्ज की गई है। सैटेलाइट से मिली तस्वीरों में निम्नलिखित बड़ी बातें सामने आई हैं। अंतरिक्ष से ली गई तस्वीरों में पश्चिम बंगाल से लेकर सीधे जम्मू-कश्मीर तक फैली हुई लगभग 1,500 किलोमीटर लंबी एक लगातार सक्रिय रेन बैंड यानी बादलों की विशाल पट्टी साफ दिखाई दे रही है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ये मानसूनी बादल अलग-अलग या छितराए हुए नहीं हैं, बल्कि वे एक लंबी कतार में आपस में जुड़े हुए हैं। यह देश में एक बेहद सक्रिय मानसून परिसंचरण शुरू होने का सीधा संकेत है। ये विशालकाय बादल अपने साथ भारी मात्रा में नमी लेकर चल रहे हैं जो एक साथ देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश कराने की क्षमता रखते हैं।

दो तरफ की मानसूनी हवाओं का मिलन, उत्तर भारत में रफ्तार तेज

सैटेलाइट तस्वीरों से यह भी साफ हुआ है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी, दोनों ही दिशाओं से आने वाली नमी से लदी हवाएं इस समय उत्तर भारत के आसमान पर आकर आपस में मिल रही हैं। इसके कारण मानसून की ट्रफ लाइन अब अपनी सामान्य स्थिति की ओर खिसकने लगी है, जिसने मैदानी इलाकों में लगातार और भारी बारिश के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल बना दी हैं।

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देश के सबसे सूखे जून महीनों में से एक का सामना करने के बाद मानसून ने उत्तर भारत में यह जोरदार वापसी की है। इस बढ़ी हुई मानसूनी सक्रियता की वजह से ही उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में पहले से ही व्यापक रूप से भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, व्यापक बारिश और आंधी-तूफान के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जुलाई को ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों और पूर्वी हरियाणा के कुछ इलाकों में प्रवेश कर चुका था, जिसके बाद अब इसने रफ्तार पकड़ ली है।