दिल्ली से यूपी तक आज भारी बारिश का तांडव, IMD ने कई राज्यों में जारी किया हैवी रेन का अलर्ट, आंधी-तूफान का भी खतरा, ऐसा रहेगा मौसम

Heavy Rain Alert: देशभर में इस वक्त कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता आम जनजीवन पर भारी पड़ रही है। ओडिशा-झारखंड-छत्तीसगढ़ से निकले डीप डिप्रेशन के प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत में भारी बारिश जारी है। उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में भी मध्यम से भारी बारिश हो रही है। दिल्ली से लेकर उत्तराखंड, हिमाचल समेत कई राज्यों के लिए रेड और ऑरेंड अलर्ट जारी किया गया है।

इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 जुलाई के लिए वेदर बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत तक कई राज्यों में मूसलाधार बारिश का तांडव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने मध्य भारत के कई हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है, जिससे दैनिक जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के इलाकों में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा बना हुआ है, जबकि देश के 20 से अधिक राज्यों में आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ मूसलाधार पानी गिरेगा।

इन 3 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

IMD के वेदर बुलेटिन के मुताबिक, तीन प्रमुख राज्यों के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) होने की प्रबल संभावना है:

छत्तीसगढ़

पूर्वी मध्य प्रदेश

विदर्भ (महाराष्ट्र)

इन राज्यों में बारिश के प्रचंड रूप को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और निवासियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पहाड़ों में बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में आज दिन भर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा। पंजाब के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के संवेदनशील और पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश से भूस्खलन का खतरा बना रहेगा। पश्चिम मध्य प्रदेश और ओडिशा में कई जगहों पर बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

यूपी, राजस्थान से लेकर दक्षिण भारत तक: यहां होगी भारी बारिश

देश के कई अन्य हिस्सों में भी आज हल्की से मध्यम और कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान जताया गया है:-

उत्तर भारत: उत्तर प्रदेश, पूर्वोत्तर राजस्थान और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।

पूर्वी भारत: झारखंड, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय।

पश्चिम व मध्य भारत: कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा।

दक्षिण व तटीय भारत: तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और माहे।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का भी जोखिम जताया है। आंध्र प्रदेश, गुजरात राज्य, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के अलग-अलग इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से चलने वाली हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अनुमान है।

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बिहार, तटीय कर्नाटक, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल व माहे, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और विदर्भ में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न क्षेत्रों में गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में दिन भर मजबूत सतही हवाएं चलती रहेंगी।

Delhi Weather: झमाझम बारिश से राजधानी में मौसम हुआ सुहाना, 24 घंटे में 9°C तक लुढ़का तापमान, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

Delhi Weather: मौसम की कई स्थितियों के एक साथ बनने की वजह से मंगलवार को दिल्ली-NCR में जबरदस्त बारिश हुई, जिससे यह जुलाई के सबसे ज्यादा बारिश वाले दिनों में से एक बन गया। मौसम विभाग के मुताबिक, बारिश की वजह से तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते उमस और गर्मी झेल रहे लोगों को काफी राहत मिली।

राजधानी के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच 57.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि पूसा में सबसे ज्यादा 88.5 मिमी बारिश हुई। इसके बाद महरौली (79 मिमी), जनकपुरी (77 मिमी) और लोधी रोड (68.8 मिमी) बारिश रिकॉर्ड की गई।

इस महीने मंगलवार से ज्यादा बारिश सिर्फ एक बार हुई थी, जब 8 जुलाई की सुबह 8:30 बजे से अगले दिन सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटों में 72.66 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।

मंगलवार शाम तक, दिल्ली में इस जुलाई में 258.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो इसके 209.7 मिमी के मासिक औसत से ज्यादा है।

बीते कई दिनों से राजधानी में उमस इतनी ज्यादा थी कि ‘फील्स लाइक’ (महसूस होने वाला) तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। लेकिन मंगलवार की झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। महज 24 घंटे में अधिकतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस गिरकर 29 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इसके साथ ही यह पिछले तीन वर्षों का सबसे ठंडा जुलाई का दिन बन गया।

इससे पहले जुलाई में इससे कम अधिकतम तापमान 8 जुलाई 2023 को दर्ज किया गया था, जब पारा 28.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार दोपहर दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया। विभाग के अनुसार, बुधवार को मध्यम बारिश और गुरुवार को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम पूर्वी हवाएं, अरब सागर से आने वाली पश्चिमी हवाएं, ओडिशा के ऊपर बना गहरा निम्न दबाव (डीप डिप्रेशन) और पश्चिमी हिमालय में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मिलकर उत्तर भारत के बड़े हिस्से में जोरदार बारिश करा रहे हैं।

स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने बताया, “ओडिशा के ऊपर बना गहरा निम्न दबाव अब उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत की ओर बढ़ रहा है। इसके असर से दिल्ली और आसपास के इलाकों में अगले दो से तीन दिनों तक रुक-रुक कर हल्की बारिश होने की संभावना है।”

उन्होंने लोगों को सलाह दी कि अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की यात्रा करने से बचें, क्योंकि वहां भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ सकते हैं। वहीं, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) आने का भी खतरा बना हुआ है।

वहीं, लगातार हुई बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। मंगलवार को सफदरजंग में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 6 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 2 डिग्री सेल्सियस कम था। इससे दिल्लीवासियों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली।

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कल भारी बारिश का तांडव: 22+ राज्यों में अलर्ट, IMD ने इन 3 राज्यों में रेड कलर वॉर्निंग जारी की, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा मौसम

Kal Ka Mausam 29 July: देशभर के कई इलाकों में इस वक्त भारी बारिश देखने को मिल रही है। देशभर में इस समय दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है। एक डीप डिप्रेशन के चलते पूर्वी और मध्य भारत में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है जबकि उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भी तेज बारिश देखने को मिल है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 जुलाई के लिए वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है।

इसके मुताबिक देश के 22 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के लिए रेड कलर वॉर्निंग (अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी) जारी की है।

ओडिशा-बंगाल पर बना डीप डिप्रेशन बढ़ा रहा खतरा

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी आंतरिक ओडिशा और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना गहरा दबाव 12 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा है। यह सिस्टम ओडिशा के बारीपदा से लगभग 20 किमी पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम, बालेश्वर से 50 किमी उत्तर-उत्तर-पश्चिम और झारखंड के जमशेदपुर से 110 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में केंद्रित है। अगले 24 घंटों के दौरान यह सिस्टम उत्तर ओडिशा, दक्षिणी झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसी मौसमी तंत्र के कारण देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश दर्ज की जा रही है।

इन 3 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग: अत्यंत मूसलाधार बारिश का खतरा

IMD ने 29 जुलाई को तीन प्रमुख क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी (रेड कलर वॉर्निंग) दी है:-

छत्तीसगढ़

पूर्वी मध्य प्रदेश

विदर्भ (महाराष्ट्र)

इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 29 जुलाई को नीचे दिए गए राज्यों और क्षेत्रों के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होगी:-

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़

पंजाब

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड

पश्चिम मध्य प्रदेश

ओडिशा

पूर्वोत्तर राज्य: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

दिल्ली-यूपी से दक्षिण भारत तक: यहां होगी भारी बारिश

मौसम विभाग ने 29 जुलाई को देश के कई अन्य राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है:-

उत्तर भारत और मैदान: उत्तर प्रदेश, पूर्वोत्तर राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।

पूर्वी भारत: झारखंड, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय।

पश्चिम व मध्य भारत: कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा।

दक्षिण व तटीय भारत: तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और माहे।

तेज हवाएं, बिजली गिरने और समुद्र में हलचल की चेतावनी

आंध्र प्रदेश, गुजरात, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने का अनुमान है। बिहार, तटीय कर्नाटक, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल व माहे, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और विदर्भ में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है।

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मौसम विभाग के मुताबिक आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं चलेंगी। सोमालिया और ओमान तटों, मध्य अरब सागर और उत्तरी अरब सागर के हिस्सों में 45-55 किमी/घंटा से लेकर 65 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलने की संभावना है। आंध्र प्रदेश तट, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में 40-50 किमी/घंटा की तूफानी हवाएं चलेंगी। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

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डीप डिप्रेशन संग 3 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव, IMD ने 7 दिनों तक यूपी समेत 25+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, तूफानी रहेगा मौसम

Heavy Rain Alert: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तटों पर बना डिप्रेशन अब और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा वेदर बुलेटिन के मुताबिक यह मौसमी सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए बालासोर और कैनिंग के बीच पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तटों को पार कर रहा है। इसके असर से देश के 25 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अगले सात दिनों (27 जुलाई से 2 अगस्त) तक मूसलाधार बारिश, अंधड़ और तूफानी हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है।

आपको बता दें कि पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य महाराष्ट्र में 21 सेमी से अधिक की अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा में अति भारी बारिश (12-20 सेमी) और हिमाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात रीजन, कोंकण-गोवा व उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भारी बारिश (7-11 सेमी) रिकॉर्ड हुई है।

  • उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का पूर्वानुमान
  • उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 27 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान व्यापक स्तर पर बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
  • उत्तराखंड: 27 से 29 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 30 जुलाई से 2 अगस्त तक भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। पूरे हफ्ते गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है।
  • हिमाचल प्रदेश: 28 से 31 जुलाई के दौरान मूसलाधार से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 27 जुलाई और 1 से 2 अगस्त को भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होगी।
  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख: 30 और 31 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 29 जुलाई और 1 से 2 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। इस पूरे क्षेत्र में 27 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
  • उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 27 जुलाई, 29 जुलाई और 2 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। 27 से 29 जुलाई और 1 से 2 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश का अनुमान है। 27 जुलाई, 30 जुलाई और 1 से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है।
  • हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब: इन क्षेत्रों में 28 से 31 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी, जिसमें 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 27 जुलाई और 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है।
  • राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 30 और 31 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28-29 जुलाई और 1-2 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। 28 जुलाई से 2 अगस्त के बीच 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी राजस्थान में 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है। 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान तेज हवाएं और बिजली चमकने का अलर्ट है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य भारत के राज्यों में 27 जुलाई से 2 अगस्त के बीच मानसून का मजबूत असर दिखाई देगा।

  • छत्तीसगढ़: 27 और 28 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद 29 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।
  • पूर्वी मध्य प्रदेश: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 27-28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। 27 और 28 जुलाई को 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश: 29 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 28 जुलाई और 30 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने के आसार हैं।
  • विदर्भ: 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 27 और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।
  • पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा में रेड कलर वॉर्निंग अलर्ट, बंगाल-बिहार में मूसलाधार

डीप डिप्रेशन का सबसे सीधा प्रभाव पूर्वी भारत के तटीय और मैदानी क्षेत्रों पर पड़ रहा है।

ओडिशा: 27 जुलाई को ओडिशा में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होगी। 27 जुलाई को ही 50-60 किमी/घंटा (झोंके 70 किमी/घंटा) की रफ्तार से अंधड़ चलने का अलर्ट है। 28 जुलाई को अति भारी बारिश होगी, जबकि 1 और 2 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड: 27 जुलाई को दोनों राज्यों में अति भारी बारिश हो सकती है। 28 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना है। 27 और 28 जुलाई को बंगाल में 40-50 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी।

  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 27 जुलाई से 2 अगस्त तक रोजाना भारी बारिश होने के आसार हैं।
  • बिहार: 27 जुलाई और 29-30 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी।
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: 27 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
  • पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 जुलाई से 2 अगस्त तक लगातार भारी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश में 29 जुलाई से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है।
  • पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और गुजरात में भारी से अति भारी बारिश
  • कोंकण और गोवा: 27 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।
  • मध्य महाराष्ट्र: 27, 28, 30 और 31 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 1 और 2 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

गुजरात (क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ): गुजरात रीजन में 27 जुलाई और 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच अति भारी बारिश होने का अनुमान है। 28 और 29 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र व कच्छ में 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: अंधड़ और तेज सतही हवाओं की चेतावनी

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम: 27 जुलाई को 50-60 किमी/घंटा (झोंके 70 किमी/घंटा) की रफ्तार से अंधड़ चलने का अलर्ट है। 27 से 29 जुलाई के बीच भारी बारिश हो सकती है। 27 और 28 जुलाई को इस क्षेत्र में उमस भरी गर्मी बनी रहेगी।

कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 27 से 30 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश और 31 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 28 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 27 से 31 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी। 27 से 31 जुलाई के दौरान कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

केरल और माहे: 27 जुलाई से 2 अगस्त तक लगातार भारी बारिश का अलर्ट है। 27 और 28 जुलाई को 40-50 किमी/घंटा की गति से हवाएं चल सकती हैं।

तेलंगाना और तमिलनाडु: तेलंगाना में 27 से 29 जुलाई के दौरान भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 30 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। दोनों क्षेत्रों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

मौसम अलर्ट: अगले 7 दिन भारी बारिश की आशंका! कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात का खतरा, इन 26 राज्यों के लिए IMD ने जारी की चेतावनी

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर अपने प्रचंड रूप में आ गया है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बने डिप्रेशन की वजह से अगले सात दिनों तक देश के बड़े हिस्से में भारी से अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक यह डिप्रेशन अगले 24 घंटों में और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके 27 जुलाई की दोपहर तक पाराद्वीप और सागर द्वीप के बीच ओडिशा और पश्चिम बंगाल तटों को पार करने की संभावना है।

मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों (26 जुलाई से 1 अगस्त 2026) के दौरान देश के 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी जारी की है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न होने की आशंका है।

पिछले 24 घंटों का हाल: ओडिशा में 33 सेमी रिकॉर्ड बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान ओडिशा में रिकॉर्ड तोड़ अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा के जगतसिंहपुर में 33 सेमी बारिश दर्ज की गई। छत्तीसगढ़, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात और तटीय कर्नाटक के इलाकों में भारी बारिश हुई है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और असम में भी काफी भारी बारिश देखने को मिली है।

जानिए आपके राज्य में अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम? (क्षेत्रवार और राज्यवार पूर्वानुमान)

1- पूर्वी भारत: ओडिशा और बंगाल पर सबसे ज्यादा खतरा

ओडिशा: डिप्रेशन के सीधे असर के चलते 26 और 27 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। 28 जुलाई को अति भारी बारिश और 29 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। तटीय इलाकों में 30-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

गंगेटिक पश्चिम बंगाल: 26 और 27 जुलाई को छिटपुट स्थानों पर अति भारी बारिश का अलर्ट है। 28 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना है। 26 से 28 जुलाई के दौरान 40-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 27 जुलाई से 1 अगस्त के बीच अधिकांश स्थानों पर बारिश और 28 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।

झारखंड: 26 से 28 जुलाई के दौरान भारी बारिश और 30 किमी/घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

बिहार: 26 से 29 जुलाई के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और 28 जुलाई से 1 अगस्त के बीच कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।

2- मध्य भारत: छत्तीसगढ़ में बाढ़ की आशंका, एमपी-विदर्भ में अलर्ट

छत्तीसगढ़: 27 जुलाई को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 26 और 28 जुलाई को भी अति भारी बारिश हो सकती है। 29 जुलाई से 1 अगस्त तक लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।

पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 29-30 जुलाई को अति भारी बारिश, जबकि 27-28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 30-31 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 26 से 30 जुलाई के दौरान दोनों हिस्सों में 50 किमी/घंटे तक की रफ्तार से आंधी-तूफान चल सकता है।

विदर्भ (महाराष्ट्र): 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 26, 27 और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

3- उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का हाल

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा।

हिमाचल प्रदेश: 28 से 31 जुलाई के दौरान भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 26-27 जुलाई और 1 अगस्त को भी भारी बारिश हो सकती है।

उत्तराखंड: 27 से 29 जुलाई के दौरान भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। 26 जुलाई और 30 जुलाई से 1 अगस्त तक भी बारिश का अलर्ट है।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब: 28 और 29 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में अति भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं 27 जुलाई और 30-31 जुलाई को भारी बारिश होने के आसार हैं।

उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश की संभावना है। 31 जुलाई और 1 अगस्त को भी भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 से 30 जुलाई के बीच अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 27 जुलाई, 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 29 से 31 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश हो सकती है। 28 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई से 1 अगस्त के बीच 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी राजस्थान में 26 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना है।

4- पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और गुजरात में भारी बारिश

कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र: 26 और 27 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 28 से 31 जुलाई तक लगातार भारी बारिश होती रहेगी। मध्य महाराष्ट्र में 28-30 जुलाई को तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

गुजरात (क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ): गुजरात रीजन में 31 जुलाई और 1 अगस्त को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 26-27 जुलाई और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र और कच्छ में 26 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।

5- उत्तर-पूर्व भारत: पूर्वोत्तर के राज्यों में भी आफत

असम और मेघालय: 29 जुलाई को अत्यंत भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। 26-28 जुलाई और 30-31 जुलाई को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 26 से 28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

अरुणाचल प्रदेश: 27 से 31 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने के आसार हैं।

6- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तटीय इलाकों में अंधड़ की चेतावनी

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम: 26 और 27 जुलाई को 70 किमी/घंटे तक की रफ्तार से ‘थंडरस्क्वॉल’ (तेज अंधड़ और तूफान) की चेतावनी दी गई है। 26 से 29 जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना है।

केरल, माहे और तटीय कर्नाटक: केरल में 26 जुलाई से 1 अगस्त तक लगातार भारी बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक में 26 से 28 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी, रायलसीमा और कर्नाटक के आंतरिक भाग: इन क्षेत्रों में 26 से 30 जुलाई के दौरान 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की संभावना है।

IMD की सलाह

मौसम विभाग ने ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और तटीय राज्यों के जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने की सलाह दी है। निचले इलाकों में जलभराव, नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी और पहाड़ी इलाकों (हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर) में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रियों व स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की हिदायत दी गई है। मछुआरों को बंगाल की खाड़ी के तटीय इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

कल का मौसम 6 जुलाई: गुजरात से MP तक रेड-ऑरेंज अलर्ट, IMD ने इन 22+ राज्यों में धुआंधार बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon 2026) का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) इस समय जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक अगले 3 दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, पंजाब और हरियाणा के बचे हुए इलाकों और राजस्थान के कुछ और भागों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

IMD के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों पर बना डीप डिप्रेशन 7 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह वर्तमान में ओडिशा के बालासोर से लगभग 40 किमी दक्षिण, चांदबाली से 50 किमी उत्तर-उत्तर-पूर्व और पश्चिम बंगाल के दीघा से 70 किमी दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित है। इसके अगले 12 घंटों के दौरान बालासोर के करीब चांदबाली और दीघा के बीच उत्तरी ओडिशा तट को पार करने की संभावना है। इसके बाद यह उत्तर ओडिशा और उत्तरी छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा।

इस डिप्रेशन के साथ-साथ मौसमी ट्रफ रेखा, ऑफ-शोर ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण 6 जुलाई को देश के 22 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश और तीव्र आंधी-तूफान का डबल अटैक होने जा रहा है।

इन 4 क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने 6 जुलाई के लिए देश के चार राज्यों/क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में रिकॉर्डतोड़ पानी बरस सकता है:

  • छत्तीसगढ़
  • गुजरात क्षेत्र
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र

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मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड सहित इन राज्यों में बहुत भारी बारिश

आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, 6 जुलाई को कई राज्यों में बादलों की तेज गर्जना के साथ बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है-

  • मध्य प्रदेश
  • पूर्वी राजस्थान
  • उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • ओडिशा
  • सौराष्ट्र और कच्छ
  • केरल और माहे
  • कर्नाटक

दिल्ली, पंजाब, यूपी और बिहार सहित इन राज्यों में भारी बारिश

  • मौसम विभाग ने 6 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी मानसून की बौछारें पड़ने की संभावना जताई है:
  • उत्तर और मध्य भारत: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, और महाराष्ट्र का विदर्भ क्षेत्र।
  • पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल व सिक्किम।
  • पश्चिम और दक्षिण भारत: महाराष्ट्र का मराठावाड़ा इलाका।
  • उत्तर-पूर्व भारत: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

4 राज्यों में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से बवंडर की चेतावनी

मौसम विभाग ने 6 जुलाई को कुछ राज्यों में बेहद खतरनाक और विनाशकारी हवाओं के साथ बवंडर आने की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तीव्र थंडरस्कॉल चलने की आशंका है।

देश भर में आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का कहर

इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है-

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली: बिहार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात राज्य, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य महाराष्ट्र, मराठावाड़ा, आंध्र प्रदेश, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी।

30-40 किमी/घंटे की रफ्तार वाली हवाएं: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

सिर्फ आकाशीय बिजली का अलर्ट: उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

मजबूत सतही हवाएं: तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर काफी तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

असम में भारी उमस का अलर्ट

मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच उत्तर-पूर्व के राज्य असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा। इससे लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

समंदर में जाने वाले मछुआरों के लिए सख्त चेतावनी

डीप डिप्रेशन और चक्रवाती प्रणालियों के कारण समुद्री तटों पर हालात बेहद खराब और डरावने रहने वाले हैं-

अरब सागर और तटीय इलाके: गुजरात, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, कर्नाटक, केरल के तटों, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से मौसम खराब रहेगा।

बंगाल की खाड़ी: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। इसके अलावा केंद्रीय बंगाल की खाड़ी, उत्तरी पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर भी 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से चक्रवाती हवाएं चलेंगी।

आंध्र प्रदेश के तटों, उत्तरी और मध्य बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों, दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और उत्तरी अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से ऊंची लहरों के साथ तूफानी मौसम रहने का अनुमान है। मछुआरों को इन क्षेत्रों में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।