IMD मौसम अलर्ट: राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू, उधर बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन बनने से कई राज्यों में भारी बारिश के आसार

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 सितंबर को देश भर के मौसम को लेकर एक विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। एक तरफ जहां देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का सिलसिला शुरू हो चुका है, वहीं दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी में एक मजबूत मौसमी सिस्टम आकार ले रहा है। इसके असर से आने वाले दिनों में ओडिशा और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में भीषण बारिश और आंधी-तूफान का दौर देखने को मिलेगा।

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की शुरुआत

सामान्य तिथि 17 सितंबर के मुकाबले, दक्षिण-पश्चिम मानसून 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से वापस लौट गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों के दौरान राजस्थान के कुछ और हिस्सों तथा पंजाब एवं सौराष्ट्र व कच्छ के कुछ भागों से मानसून की आगे वापसी के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

बंगाल की खाड़ी में बनेगा डीप डिप्रेशन: जानिए सिस्टम का पूरा ट्रैक

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तरी अंडमान सागर पर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम तक इसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। 21 सितंबर तक यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन में बदल जाएगा। 22 सितंबर को यह और मजबूत होकर पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन का रूप ले लेगा। पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए यह 23 सितंबर की सुबह तक दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश तट के पास पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पहुंचेगा।

पूर्वी भारत: ओडिशा में 23 और 24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी

22 और 25 सितंबर को ओडिशा में बहुत भारी बारिश होगी। 23 और 24 सितंबर को ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 23 सितंबर को राज्य में 50-60 किमी/घंटे से लेकर 70 किमी/घंटे की गति से थंडरक्वाल आंधी चलने की संभावना है। 19 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 20 और 21 सितंबर को भारी बारिश होगी। 19 से 25 सितंबर तक 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। गांगेय पश्चिम बंगाल में 22 से 25 सितंबर तक भारी बारिश होगी। झारखंड में 23 से 25 सितंबर और बिहार व उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में 24 और 25 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भारी तबाही के आसार

22 से 24 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 21 और 22 सितंबर को 50-60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की गति से थंडरक्वाल आंधी चलेगी। 19 से 23 सितंबर तक तेज सतही हवाएं भी चलेंगी। तेलंगाना में 22 से 25 सितंबर के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 24 और 25 सितंबर को 50-60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की गति से आंधी-तूफान आएगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 19 से 21 सितंबर, केरल व माहे में 19-21 सितंबर और 24-25 सितंबर, तटीय व उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 20 से 25 सितंबर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 19 से 25 सितंबर तक भारी बारिश का अनुमान है।

मध्य और पश्चिम भारत का मौसम

छत्तीसगढ़ में 23 से 25 सितंबर और विदर्भ में 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 24 और 25 सितंबर को भारी बारिश होगी। कोंकण और गोवा में 19 सितंबर तथा 22-23 सितंबर को भारी बारिश होगी। मध्य महाराष्ट्र में 21 से 23 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट है।

उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत

पूर्वी राजस्थान में 19 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड में 19 से 25 सितंबर तक; उत्तर प्रदेश में 19-20 और 23-25 सितंबर; तथा हिमाचल प्रदेश में 19 से 21 सितंबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

इसके अलावा सम व मेघालय में 23 से 25 सितंबरस नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 22 से 24 सितंबर और अरुणाचल प्रदेश में 25 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है।

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Delhi Weather: झमाझम बारिश से राजधानी में मौसम हुआ सुहाना, 24 घंटे में 9°C तक लुढ़का तापमान, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

Delhi Weather: मौसम की कई स्थितियों के एक साथ बनने की वजह से मंगलवार को दिल्ली-NCR में जबरदस्त बारिश हुई, जिससे यह जुलाई के सबसे ज्यादा बारिश वाले दिनों में से एक बन गया। मौसम विभाग के मुताबिक, बारिश की वजह से तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते उमस और गर्मी झेल रहे लोगों को काफी राहत मिली।

राजधानी के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच 57.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि पूसा में सबसे ज्यादा 88.5 मिमी बारिश हुई। इसके बाद महरौली (79 मिमी), जनकपुरी (77 मिमी) और लोधी रोड (68.8 मिमी) बारिश रिकॉर्ड की गई।

इस महीने मंगलवार से ज्यादा बारिश सिर्फ एक बार हुई थी, जब 8 जुलाई की सुबह 8:30 बजे से अगले दिन सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटों में 72.66 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।

मंगलवार शाम तक, दिल्ली में इस जुलाई में 258.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो इसके 209.7 मिमी के मासिक औसत से ज्यादा है।

बीते कई दिनों से राजधानी में उमस इतनी ज्यादा थी कि ‘फील्स लाइक’ (महसूस होने वाला) तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। लेकिन मंगलवार की झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। महज 24 घंटे में अधिकतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस गिरकर 29 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इसके साथ ही यह पिछले तीन वर्षों का सबसे ठंडा जुलाई का दिन बन गया।

इससे पहले जुलाई में इससे कम अधिकतम तापमान 8 जुलाई 2023 को दर्ज किया गया था, जब पारा 28.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार दोपहर दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया। विभाग के अनुसार, बुधवार को मध्यम बारिश और गुरुवार को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम पूर्वी हवाएं, अरब सागर से आने वाली पश्चिमी हवाएं, ओडिशा के ऊपर बना गहरा निम्न दबाव (डीप डिप्रेशन) और पश्चिमी हिमालय में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मिलकर उत्तर भारत के बड़े हिस्से में जोरदार बारिश करा रहे हैं।

स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने बताया, “ओडिशा के ऊपर बना गहरा निम्न दबाव अब उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत की ओर बढ़ रहा है। इसके असर से दिल्ली और आसपास के इलाकों में अगले दो से तीन दिनों तक रुक-रुक कर हल्की बारिश होने की संभावना है।”

उन्होंने लोगों को सलाह दी कि अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की यात्रा करने से बचें, क्योंकि वहां भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ सकते हैं। वहीं, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) आने का भी खतरा बना हुआ है।

वहीं, लगातार हुई बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। मंगलवार को सफदरजंग में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 6 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 2 डिग्री सेल्सियस कम था। इससे दिल्लीवासियों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली।

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