IMD Rain Alert: इन राज्यों में अगले 7 दिन होगी आफत वाली बारिश! 25 अक्टूबर तक आंधी-बिजली का भी खतरा, आपके इलामें ऐसा रहेगा मौसम

IMD Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण भारत के राज्यों में 25 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, केरल और माहे में आज यानी 19 से 25 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी खतरा है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हवा की रफ्तार झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी कुछ दिनों तक बारिश और खराब मौसम देखने को मिल सकता है।

मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:30 बजे तक समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। इन इलाकों में बारिश की मात्रा 12 से 20 सेंटीमीटर के बीच रही। वहीं, केरल और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। लगातार बारिश के कारण दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।

किस राज्य में कब होगी बारिश? जानिए IMD का पूरा पूर्वानुमान

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आज यानी 19 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 22 से 25 अक्टूबर के दौरान भी कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 19 से 25 अक्टूबर तक गरज-चमक, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

केरल और माहे में सात दिन बारिश की आशंका

19 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 21 से 23 अक्टूबर के बीच गरज-चमक, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की हवाओं के झोंके आने की संभावना है।

कर्नाटक में अलर्ट

तटीय कर्नाटक में 19 से 22 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 23 और 24 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश की संभावना है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21 से 24 अक्टूबर तक व्यापक बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी 22 और 23 अक्टूबर को तेज हवाओं के साथ मौसम सक्रिय रह सकता है।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 19 से 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। 20 और 21 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। रायलसीमा में 21 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। यहां 19 से 23 अक्टूबर के दौरान तेज हवाओं का भी अनुमान है।

लक्षद्वीप

19 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। 22 से 25 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को तेज हवाएं तथा 21 से 23 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के झोंके आने की संभावना है।

अंडमान-निकोबार में भी बारिश का दौर

पूर्वी भारत में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और ओडिशा में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अंडमान-निकोबार में 19 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 20 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। द्वीप समूह में 20 अक्टूबर और फिर 23 से 25 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली और 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

ओडिशा में 19 से 22 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को यहां गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं का भी अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र, चक्रवात बनने की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र 19 अक्टूबर की सुबह भी उसी इलाके में सक्रिय था। अगले 24 घंटों के दौरान इसके और मजबूत होकर डिप्रेशन यानी अवदाब में बदलने की संभावना है। इसके बाद यह मौसम तंत्र अगले 2 से 3 दिनों में पहले पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा और फिर दक्षिण-पश्चिम दिशा में सोमालिया के तट की ओर बढ़ सकता है।

हालांकि, मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान में इस सिस्टम के चक्रवात में बदलने की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल इसके अवदाब में मजबूत होने की संभावना जताई गई है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी तमिलनाडु के तट के आसपास ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इससे जुड़ी एक ट्रफ रेखा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।

इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और आसपास के पंजाब क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। थाईलैंड की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों तथा दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश और त्रिपुरा के पास भी ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

दिल्ली-UP समेत उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत का कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पश्चिम भारत और पूर्वोत्तर भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। इसका मतलब है कि फिलहाल इन क्षेत्रों के लिए कोई महत्वपूर्ण व्यापक मौसमी गतिविधि का अनुमान नहीं है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।

मछुआरों के लिए चेतावनी, समुद्र में जाने से पहले बरतें सावधानी

IMD ने मछुआरों के लिए समुद्री क्षेत्रों में चेतावनी जारी की है:- 

  • 19 से 22 अक्टूबर: दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत है।
  • 22 से 24 अक्टूबर: केरल और कर्नाटक के तटों के पास तथा लक्षद्वीप क्षेत्र में मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
  • बंगाल की खाड़ी: मौसम विभाग के इस बुलेटिन में कोई मछुआरा चेतावनी जारी नहीं की गई है।

    मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे समुद्र में जाने से पहले मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया लो-प्रेशर सिस्टम! केरल, तमिलनाडु, यूपी, दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट

IMD Weather Alert: देश के विभिन्न हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद देश के मौसम में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शुक्रवार 9 अक्टूबर की दोपहर जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक अगले 3 से 4 दिनों में पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर भारत के कई और हिस्सों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा। इस बीच बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) आकार लेने जा रहा है। इससे आने वाले दिनों में देश के समुद्री, पूर्वी और दक्षिणी इलाकों में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी। इसके साथ ही उत्तर भारत में बने चक्रवाती परिसंचरणों और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बीते 24 घंटों के मौसम की बात करें तो तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम और नागालैंड में अलग-अलग स्थानों पर 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

बंगाल की खाड़ी में बनेगा नया लो-प्रेशर सिस्टम, अंडमान में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक थाईलैंड की खाड़ी पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके 11 अक्टूबर के आसपास अंडमान सागर में प्रवेश करने की संभावना है। इसके असर से 13 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने के आसार हैं। इस वजह से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 10 और 11 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी, जबकि 13 और 14 अक्टूबर को वहां मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है।

उत्तर भारत में बदलेगा मौसम: दिल्ली-NCR, यूपी और पंजाब में 60 kmph की आंधी का अलर्ट

उत्तर भारत के आसमान पर कई प्रणालियां एक साथ असर दिखा रही हैं। उत्तर पाकिस्तान के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिण हरियाणा और पूर्वी उत्तर प्रदेश पर निचले क्षोभमंडल में चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। इन प्रणालियों के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसमी गतिविधियों में तेजी आएगी। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 10 से 12 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पंजाब में भी 10 से 12 अक्टूबर तक 30 से 40 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 अक्टूबर को आंधी और बिजली चमकने के साथ बारिश होने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में 10 व 11 अक्टूबर और पूर्वी राजस्थान में 10 अक्टूबर को झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में 9 अक्टूबर को बारिश होगी और 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। 10 अक्टूबर को भी राज्य में आंधी का असर रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 10 और 13 अक्टूबर को और हिमाचल प्रदेश में 9 से 15 अक्टूबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी।

केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी मूसलाधार बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में मन्नार की खाड़ी से उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। इसके असर से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 9 और 10 अक्टूबर को भारी मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। केरल में 9 से 15 अक्टूबर तक व्यापक रूप से बारिश का सिलसिला बना रहेगा। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 अक्टूबर को भारी बारिश की प्रबल संभावना है।

केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में 9 और 10 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 9 से 13 अक्टूबर के दौरान दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों का मौसम हाल

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी अलग-अलग परिसंचरण सक्रिय हैं। उत्तरी बांग्लादेश और पूर्वी असम के ऊपर निचले स्तर पर चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। इसके प्रभाव से बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 9 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। झारखंड और ओडिशा में 9 और 10 अक्टूबर को आंधी का असर रहेगा। पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में 9 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी और भारी बारिश हबो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 अक्टूबर को पृथक स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।

तटीय इलाकों में चिपचिपी गर्मी की मार

पश्चिम और दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में आर्द्रता बढ़ने की वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 9 और 10 अक्टूबर के दौरान तटीय कर्नाटक और महाराष्ट्र के कोंकण एवं गोवा क्षेत्र में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।

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IMD Rain Forecast: बंगाल की खाड़ी में बढ़ा खतरा! 12 घंटे में डीप डिप्रेशन से 4 राज्यों में बेहद भारी बारिश का अलर्ट, इन राज्यों में भी बिगड़ेगा मौसम

India Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम ने देश के कई राज्यों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 22 सितंबर के मौसम बुलेटिन के मुताबिक पश्चिम-मध्य और उससे सटी पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र 21 सितंबर की शाम 5:30 बजे डिप्रेशन (चक्रवाती दबाव) में बदल गया था। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और 22 सितंबर की सुबह 8:30 बजे यह ओडिशा के गोपालपुर से करीब 200 किमी दक्षिण-पूर्व, पुरी से 210 किमी दक्षिण, आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम से 200 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और विशाखापट्टनम से 290 किमी पूर्व में केंद्रित था।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 12 घंटों के दौरान यह डिप्रेशन और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की तड़के के बीच विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों को पार करेगा। इस सिस्टम के असर से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट: ओडिशा से तेलंगाना तक संकट

चक्रवाती दबाव के सीधे प्रभाव से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में मूसलाधार और तूफानी बारिश का दौर शुरू होने वाला है। ओडिशा में 22 से 24 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है। 25 सितंबर को बहुत भारी और 22 से 24 सितंबर के दौरान अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश जारी रहेगी। इसके साथ ही 22 से 24 सितंबर तक राज्य में 50 से 60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की रफ्तार से थंडरस्कवॉल चलने का भी अलर्ट है।

तटीय आंध्र प्रदेश और यणम में 22 और 23 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश होगी। 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 22, 23 और 25 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। 23 और 24 सितंबर को यहां 50 से 60 किमी/घंटे की गति से थंडरस्कवॉल चलने की आशंका है।

इसी तरह छत्तीसगढ़ में 23 और 24 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। राज्य में 22 से 24 सितंबर और 27 सितंबर को भारी बारिश तथा 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। तेलंगाना में 23 और 24 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा 22, 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 23 व 24 सितंबर को 50 से 60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड और बिहार का मौसम

चक्रवाती दबाव की वजह से मध्य भारत और पूर्वी भारत के राज्यों में भी वर्षा की गतिविधियां काफी तेज रहेंगी। पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 22 से 27 सितंबर तक और छत्तीसगढ़ में 22 से 28 सितंबर तक काफी बारिश होने का अनुमान है। विदर्भ में 24 और 25 सितंबर को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वी भारत के गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 24 सितंबर को, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 25 सितंबर को और बिहार में 24 व 25 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। झारखंड में 22 सितंबर को मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी भी दी गई है।

उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में बारिश व बिजली का पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 28 सितंबर को भारी बारिश होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 25 व 27 सितंबर को भारी बारिश होने के आसार हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 और 27 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 28 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

दूसरी ओर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान के शेष हिस्सों, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों से अगले 2 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की स्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम और मेघालय में 23 सितंबर को काफी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 22 और 23 सितंबर को भारी बारिश होने का अनुमान है।

पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत का हाल

पश्चिम भारत के कोंकण व गोवा और मराठवाड़ा में 22 और 23 सितंबर को और मध्य महाराष्ट्र में 22 सितंबर को व्यापक बारिश होगी। कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 22 एवं 23 सितंबर को और मराठवाड़ा में 22 से 25 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है। 24 और 25 सितंबर को मध्य महाराष्ट्र व मराठवाड़ा में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के केरल व माहे में 23 से 25 सितंबर, तटीय कर्नाटक में 24 सितंबर, उत्तर व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 22 से 24 सितंबर तथा रायलसीमा में 22 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

समुद्र में तूफानी हवाओं का अलर्ट और मछुआरों के लिए सख्त निर्देश

समुद्र में मौसमी गतिविधियों के कारण स्थिति बहुत गंभीर बनी हुई है। पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 22 सितंबर की शाम से हवा की गति 50-60 किमी/घंटे से बढ़कर 23 और 24 सितंबर की शाम तक 55 से 65 किमी/घंटे (झोंके 75 किमी/घंटे) तक पहुंच जाएगी।

दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर 22 सितंबर की शाम से हवाएं 50-60 किमी/घंटे और 23 सितंबर की सुबह से 24 सितंबर की शाम तक 55-65 किमी/घंटे (झोंके 75 किमी/घंटे) की गति से चलेंगी।

पश्चिम बंगाल और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों पर भी 23 और 24 सितंबर को 45 से 55 किमी/घंटे की हवाएं चलेंगी। इस दौरान बंगाल की खाड़ी के विभिन्न हिस्सों और आंध्र प्रदेश, ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहेगी।

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IMD Weather Update: समंदर में आ रहा भयंकर तूफान! मानसून की विदाई से पहले इन राज्यों में होगी आफत की बारिश

IMD Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के बाद मौसम का मिजाज बदल गया है। वहीं कई राज्यों से मानसून की विदाई होने लगी है। बारिश नहीं होने की वजह से कई जगहों पर तेज धूप और उमस ने लोगों की परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। वहीं मानसून की विदाई से पहले मौसम विभाग ने 21 सितंबर के लिए कई राज्यों में खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। आईएमडी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत 13 राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

वहीं, पहाड़ी राज्यों में कुछ जगहों पर भूस्खलन का खतरा बताया गया है। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में भी तेज आंधी चल सकती है। आइए जानते हैं कैसा होगा कल का मौसम

समंदर में उठ रहा बड़ा तूफान

बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय हो रहा है,जो किसी बड़े खतरे की आहट दे रहा है। अंडमान सागर के पास बना कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है और इसके आगे डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। मौसम में इस खतरनाक बदलाव का असर ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में देखने को मिल सकता है। इन राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान तेज बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। समुद्र में उठ रही डरावनी लहरें और तेज हवाएं को देखते हुए तटीय इलाकों में सावधानी बरतने की जरूरत है।

कैसा होगा दिल्ली का मौसम

दिल्ली-एनसीआर में बारिश कम होने के बाद मौसम में गर्मी और उमस बढ़ गई है। तेज धूप और हवा में नमी के कारण लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं आने वाले दिनों में दिल्ली के लोगों को राहत मिलने की संभावना है। आईएमडी के अनुसार, 21 सितंबर को दिल्ली में हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

यूपी-बिहार में हो सकती है तेज बारिश

उत्तर प्रदेश और बिहार में फिलहाल मानसून की रफ्तार धीमी है। दोनों राज्यों के कई इलाकों में तेज धूप और ज्यादा नमी के कारण उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। उत्तर प्रदेश में लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और आगरा जैसे शहरों में गर्मी और उमस का असर बना हुआ है। वहीं, 21 सितंबर को गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा, आगरा, कानपुर, प्रयागराज और लखनऊ समेत कई जिलों में बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, बिहार के कई जिलों में भी बारिश और आंधी का येलो अलर्ट है, जहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पटना, गया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में भी मौसम बदलने और कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है।

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IMD मौसम अलर्ट: राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू, उधर बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन बनने से कई राज्यों में भारी बारिश के आसार

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 सितंबर को देश भर के मौसम को लेकर एक विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। एक तरफ जहां देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का सिलसिला शुरू हो चुका है, वहीं दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी में एक मजबूत मौसमी सिस्टम आकार ले रहा है। इसके असर से आने वाले दिनों में ओडिशा और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में भीषण बारिश और आंधी-तूफान का दौर देखने को मिलेगा।

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की शुरुआत

सामान्य तिथि 17 सितंबर के मुकाबले, दक्षिण-पश्चिम मानसून 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से वापस लौट गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों के दौरान राजस्थान के कुछ और हिस्सों तथा पंजाब एवं सौराष्ट्र व कच्छ के कुछ भागों से मानसून की आगे वापसी के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

बंगाल की खाड़ी में बनेगा डीप डिप्रेशन: जानिए सिस्टम का पूरा ट्रैक

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तरी अंडमान सागर पर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम तक इसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। 21 सितंबर तक यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन में बदल जाएगा। 22 सितंबर को यह और मजबूत होकर पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन का रूप ले लेगा। पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए यह 23 सितंबर की सुबह तक दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश तट के पास पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पहुंचेगा।

पूर्वी भारत: ओडिशा में 23 और 24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी

22 और 25 सितंबर को ओडिशा में बहुत भारी बारिश होगी। 23 और 24 सितंबर को ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 23 सितंबर को राज्य में 50-60 किमी/घंटे से लेकर 70 किमी/घंटे की गति से थंडरक्वाल आंधी चलने की संभावना है। 19 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 20 और 21 सितंबर को भारी बारिश होगी। 19 से 25 सितंबर तक 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। गांगेय पश्चिम बंगाल में 22 से 25 सितंबर तक भारी बारिश होगी। झारखंड में 23 से 25 सितंबर और बिहार व उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में 24 और 25 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भारी तबाही के आसार

22 से 24 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 21 और 22 सितंबर को 50-60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की गति से थंडरक्वाल आंधी चलेगी। 19 से 23 सितंबर तक तेज सतही हवाएं भी चलेंगी। तेलंगाना में 22 से 25 सितंबर के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 24 और 25 सितंबर को 50-60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की गति से आंधी-तूफान आएगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 19 से 21 सितंबर, केरल व माहे में 19-21 सितंबर और 24-25 सितंबर, तटीय व उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 20 से 25 सितंबर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 19 से 25 सितंबर तक भारी बारिश का अनुमान है।

मध्य और पश्चिम भारत का मौसम

छत्तीसगढ़ में 23 से 25 सितंबर और विदर्भ में 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 24 और 25 सितंबर को भारी बारिश होगी। कोंकण और गोवा में 19 सितंबर तथा 22-23 सितंबर को भारी बारिश होगी। मध्य महाराष्ट्र में 21 से 23 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट है।

उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत

पूर्वी राजस्थान में 19 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड में 19 से 25 सितंबर तक; उत्तर प्रदेश में 19-20 और 23-25 सितंबर; तथा हिमाचल प्रदेश में 19 से 21 सितंबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

इसके अलावा सम व मेघालय में 23 से 25 सितंबरस नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 22 से 24 सितंबर और अरुणाचल प्रदेश में 25 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है।

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अंडमान से उठ रहा नया चक्रवाती सिस्टम, एमपी से दिल्ली-यूपी, बिहार 24 सितंबर तक इन राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 सितंबर को देश के मौसम को लेकर एक विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के ऊपर एक नया मौसमी सिस्टम आकार ले रहा है। इसके से 24 सितंबर तक देश के अधिकांश राज्यों में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं।

अंडमान सागर में बनेगा लो प्रेशर, ओडिसा-आंध्र की तरफ बढ़ेगा सिस्टम

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी थाईलैंड के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर की शाम तक उत्तरी अंडमान सागर में उभरने की संभावना है। इसके असर से 19 सितंबर की शाम तक इसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की उम्मीद है। इसके बाद यह धीरे-धीरे और मजबूत होकर अगले 3-4 दिनों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों की ओर रुख करेगा। इसके अलावा उत्तरी गुजरात, सिक्किम और पूर्वी बांग्लादेश पर चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र सक्रिय हैं। वहीं, सिक्किम से उत्तरी बंगाल की खाड़ी तक और मराठवाड़ा से दक्षिण-पूर्वी अरब सागर तक ट्रफ रेखाएं गुजर रही हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत और दिल्ली-एनसीआर का मौसम (18 से 24 सितंबर)

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18 से 19 सितंबर के दौरान छिटपुट बारिश और गरज-चमक की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 से 20 सितंबर तक हल्की से छिटपुट बारिश के आसार हैं। पूर्वी राजस्थान में 18 सितंबर को व्यापक बारिश होगी और बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 सितंबर को भी यहां भारी बारिश हो सकती है जबकि 19 से 22 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश जारी रहने की संभावना है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 18 सितंबर और 23-24 सितंबर को छिटपुट बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18 से 24 सितंबर तक गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।

मध्य और पूर्वी भारत: एमपी, बिहार और ओडिशा का हाल

पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 से 19 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। 18 और 24 सितंबर को पश्चिम मध्य प्रदेश में तथा 24 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ में 18-19 सितंबर और 21-24 सितंबर तक जबकि छत्तीसगढ़ में 19 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी। छत्तीसगढ़ में 22 से 24 सितंबर के बीच भारी बारिश का अनुमान है।

बिहार में 18 से 24 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश का अनुमान है जिसमें 18 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 19 व 24 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 23-24 सितंबर को भारी बारिश होगी। ओडिशा में 18-19 सितंबर और 22 सितंबर को भारी बारिश तथा 23-24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है।

18 सितंबर को ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम भारत में मौसम का मिजाज

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 और 24 सितंबर को तथा अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय में 24 सितंबर को व्यापक बारिश होगी। 18 सितंबर को असम-मेघालय में और 19-20 सितंबर को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में भारी बारिश का अलर्ट है। कोंकण और गोवा में 18 सितंबर तथा 21 से 24 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में 18 सितंबर को तथा 20 से 22 सितंबर तक भारी वर्षा हो सकती है।

दक्षिण भारत: 40-50 kmph की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

केरल व माहे और लक्षद्वीप में 18 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। तटीय कर्नाटक में 20 से 24 सितंबर, आंतरिक कर्नाटक व तेलंगाना में 19 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 22 सितंबर तक, केरल-माहे में 18-20 सितंबर व 24 सितंबर, तटीय व आंतरिक कर्नाटक में 20-24 सितंबर, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 18-24 सितंबर, तटीय आंध्र प्रदेश में 18-20 सितंबर व 23-24 सितंबर और तेलंगाना में 19 से 24 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 22 सितंबर के बीच 40 से 50 किमी/घंटे की गति से (झोंके 60 किमी/घंटे तक) तेज हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश व रायलसीमा में 18 से 22 सितंबर तक तेज सतही हवाएं चलेंगी। केरल और माहे में 18 सितंबर को मौसम गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।

मछुआरों के लिए अलर्ट और समुद्री स्थिति

सोमालिया तट के पास और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 23 सितंबर तक तथा पश्चिम-मध्य अरब सागर में 18 सितंबर को मछुआरों को न जाने की सलाह दी गई है। दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के इलाकों में 23 सितंबर तक, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 19 से 23 सितंबर तक और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी व म्यांमार तट के पास 21-22 सितंबर को तूफानी मौसम रहेगा।

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Weather Update Friday: बिहार, ओडिशा, सिक्किम संग इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानिए दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम

शुक्रवार, 18 सितंबर को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ सकता है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों में तेज बारिश होने की संभावना है, वहीं कई जगहों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने की स्थिति भी बन सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार और ओडिशा में बारिश को लेकर खास तौर पर नजर रहेगी। दूसरी ओर दिल्ली-NCR में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है, लेकिन गर्मी के साथ आसमान में हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। ऐसे में जानिए शुक्रवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है।

सिक्किम, पश्चिम बंगाल में तेज बारिश का असर

शुक्रवार को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। यहां 17 से 19 सितंबर के बीच गरज-चमक और बिजली के साथ बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। सिक्किम में इससे पहले भी काफी तेज बारिश हो चुकी है। गुरुवार सुबह तक पिछले 24 घंटे में मंगन में 22 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। ऐसे में आने वाले दिनों में भी यहां मौसम खराब रहने की संभावना बनी हुई है।

बिहार और ओडिशा में भी बारिश का अलर्ट

पूर्वी भारत के बिहार और ओडिशा में भी शुक्रवार को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। मौसम में बदलाव के पीछे बने मौसमी सिस्टम का असर इन राज्यों में देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली कड़कने की स्थिति भी बन सकती है। इसके अलावा झारखंड समेत आसपास के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

दिल्ली-NCR में गर्मी के साथ छाए रहेंगे बादल

दिल्ली-NCR में शुक्रवार को मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रहने की उम्मीद है। यहां आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन दिन के समय गर्मी महसूस हो सकती है। अधिकतम तापमान करीब 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। यानी दिल्ली वालों को फिलहाल तेज बारिश के बजाय गर्म और बादलों वाला मौसम देखने को मिल सकता है।

मुंबई और बेंगलुरु में भी हो सकती है बारिश

मुंबई और कोंकण-गोवा के कुछ हिस्सों में 18 और 19 सितंबर को कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। गुजरात में भी कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। वहीं बेंगलुरु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के दूसरे इलाकों में शुक्रवार को हल्की से छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली कड़कने की संभावना भी जताई गई है। इसके अलावा कई दूसरे राज्यों में भी हाल के दिनों में भारी बारिश दर्ज की गई है, इसलिए मौसम को लेकर लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश का दौर और बदल सकता है। उत्तरी थाईलैंड के ऊपर बना मौसमी सिस्टम आगे बढ़कर उत्तरी अंडमान सागर के पास पहुंच सकता है। इसके असर से 19 सितंबर के आसपास अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। यह सिस्टम धीरे-धीरे मजबूत हो सकता है और अगले 3 से 4 दिनों में दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में इन इलाकों में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

वहीं, पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी के लिए भी मौसम की स्थिति धीरे-धीरे अनुकूल हो रही है। यानी देश में कहीं बारिश का दौर जारी रह सकता है, तो कुछ हिस्सों में मॉनसून की विदाई की शुरुआत देखने को मिल सकती है।

आज का मौसम: बिहार से बंगाल तक भारी बारिश और 50 kmph स्पीड तक आंधी! 17 सितंबर को इन राज्यों में बिगड़ेगा मौसम, IMD ने जारी किया अलर्ट

IMD Weather Updates: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को देश के पूर्वी, पूर्वोत्तर, पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली में सुबह से दोपहर के दौरान हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। पूर्वानुमान के मुताबिक, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, गुजरात, तमिलनाडु और केरल के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश होगी। इसके साथ ही कई राज्यों में थंडरस्टॉर्म, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने का अलर्ट है।

बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश का दायरा काफी व्यापक रहेगा। बिहार में 17 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, गांगेय पश्चिम बंगाल में व्यापक बारिश का अनुमान जताया गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के पृथक क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

अरुणाचल प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना है, जबकि अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में छिटपुट बौछारें गिर सकती हैं। IMD ने 17 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी व्यापक बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने के आसार हैं।

उत्तर और पश्चिम भारत: आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट

उत्तर और पश्चिमी भारत के हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी रहेंगी। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पंजाब और पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ व्यापक बारिश होने का अनुमान है। गुजरात के सौराष्ट्र एवं कच्छ के क्षेत्रों में व्यापक बारिश की संभावना है। यहां आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है।

दक्षिण भारत: तमिलनाडु और केरल में 40-50 kmph की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाओं का प्रकोप देखने को मिलेगा। केरल और माहे में व्यापक बारिश की संभावना है जबकि तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और केरल व माहे में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इनकी स्पीड बढ़कर 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।

दिल्ली-NCR का मौसम: हल्की बारिश और तापमान का हाल

दिल्ली-एनसीआर में 17 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। सुबह से दोपहर से पहले के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बहुत हल्की बारिश हो सकती है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 32°C से 34°C और न्यूनतम तापमान 23°C से 25°C के बीच रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.6°C से 3°C तक कम रह सकता है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा। उत्तर-पश्चिमी हवाएं सुबह के समय 10 किमी/घंटे और दोपहर में 15 किमी/घंटे की गति तक पहुंच सकती हैं। बाद में शाम के समय शांत हो जाएंगी।

17 सितंबर के बाद कैसा रहेगा देश का मौसम?

IMD के मुताबिक 17 सितंबर के बाद भी देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 18 और 19 सितंबर को व्यापक बारिश होने की संभावना है। ओडिशा में 19 सितंबर से व्यापक वर्षा की शुरुआत हो सकती है। 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल बन रही हैं।

उत्तरी थाईलैंड के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर के आसपास उत्तरी अंडमान सागर में उभरेगा। इसके प्रभाव से 19 सितंबर को उसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जो अगले 3 से 4 दिनों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश तटों की ओर बढ़ेगा।

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बंगाल की खाड़ी में बढ़ा डिप्रेशन! MP-गुजरात से ओडिशा तक हैवी बारिश का अलर्ट, इन राज्यों के लिए IMD ने जारी की चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert: उत्तर-पश्चिम और उससे सटे मध्य-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और दक्षिण ओडिशा व उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब और सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 सितंबर को ताजा अलर्ट जारी करते हुए देश के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी दी है। यह मानसूनी प्रणाली अगले 24 घंटों के दौरान अधिक प्रभावी होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा की ओर बढ़ेगी। इससे मध्य, पश्चिमी और पूर्वी भारत के विस्तृत हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी।

बदले हुए मौसमी तंत्र का असर देश के मैदानी और तटीय इलाकों पर साफ देखने को मिलेगा, जहां हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

पिछले 24 घंटों का हाल जानिए

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में पूर्वी मध्य प्रदेश, ओडिशा, बिहार और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) दर्ज की गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, पश्चिम मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भी 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है।

वर्तमान में मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर में और पूर्वी सिरा दक्षिण में स्थित है। इसके साथ ही उत्तर राजस्थान से लेकर बंगाल की खाड़ी के कम दबाव के क्षेत्र तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। मध्य उत्तर-पूर्वी अरब सागर से लेकर दक्षिण कोंकण तट तक और उत्तर पंजाब के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है, जिससे कई राज्यों में एक साथ बारिश के अनुकूल माहौल तैयार हुआ है।

मध्य भारत: छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 11 से 15 सितंबर के बीच मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। 11 सितंबर को छत्तीसगढ़ में अति भारी बारिश का अनुमान है जबकि 12 सितंबर को भी यहां भारी बारिश जारी रहेगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 13 और 14 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 11 से 12 सितंबर के दौरान मध्यम से भारी बारिश होगी। इसके साथ ही 11 और 12 सितंबर को विदर्भ में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की संभावना है।

पश्चिमी भारत: गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में 13-14 सितंबर को बड़ा अलर्ट

पश्चिम भारत के राज्यों में 12 सितंबर से बारिश का जोर बढ़ेगा। कोंकण और गोवा में 11 से 17 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश होगी। मध्य महाराष्ट्र में 13 सितंबर को, गुजरात क्षेत्र में 13 व 14 सितंबर को, सौराष्ट्र और कच्छ में 14 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मराठवाड़ा में 12 और 13 सितंबर को भारी बारिश के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक की गति से हवाएं चल सकती हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत: उत्तराखंड और पंजाब समेत मैदानी इलाकों में बारिश का पूर्वानुमान

उत्तराखंड में 11 से 14 सितंबर तक और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश में 15 से 17 सितंबर के दौरान व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड में 11 से 13 सितंबर के बीच भारी बारिश होगी। पंजाब में 13 से 15 सितंबर तक और हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में 13 और 14 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 11 सितंबर को गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा और असम-मेघालय में मौसम रहेगा सख्त

पूर्वी भारत में ओडिशा के लिए 11 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जिसके साथ ही 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। गंगीय पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में 11 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 11 से 13 सितंबर तथा 16-17 सितंबर को मूसलाधार बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर के राज्यों में असम और मेघालय में 11 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 14 सितंबर के बीच गरज-चमक के साथ मूसलाधार पानी बरस सकता है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: आंध्र प्रदेश में थंडरस्क्वाल और आंधी का खतरा

दक्षिण भारत में तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11 और 12 सितंबर को थंडरस्क्वाल का खतरा है। हवा की स्पीड 50 से 60 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे की झोंकेदार रफ्तार छू सकती है। तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में 11 और 12 सितंबर को भारी वर्षा का अनुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और रायलसीमा में भी 11 से 13 सितंबर के दौरान तेज हवाओं और बिजली चमकने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। केरल, माहे और दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में 11 से 13 सितंबर तक गर्म और आर्द्र मौसम बना रहने की संभावना है।

समुद्र में स्थिति चिंताजनक: मछुआरों के लिए रेड चेतावनी

समुद्र में उठती ऊंची लहरों और तूफानी हवाओं के कारण मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। अरब सागर में सोमालिया तट, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और गुजरात तट से सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 13 से 16 सितंबर तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 11 और 12 सितंबर को समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहेगी। मछुआरों को तटीय और गहरे समुद्री इलाकों में जाने से पूरी तरह से मना किया गया है।

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Delhi-NCR Weather: दिल्ली-NCR में आज फिर बरसेंगे बादल, आंधी-तूफान के साथ होगी तेज बारिश, IMD का येलो अलर्ट

Delhi-NCR Weather: दिल्ली में शुक्रवार दोपहर के बाद मौसम ने अचानक बदल गया और कई इलाकों में तेज बारिश हुई। बारिश की वजह से कुछ जगहों पर पानी भर जाने से लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत हुई। बारिश होने की वजह से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। वहीं दिल्ली-NCR में 5 सितंबर को भी बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, सुबह और शाम के समय कई इलाकों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है और तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। जानें आज कैसा होगा दिल्ली-NCR का मौसम

आज कैसा होगा दिल्ली का मौसम

5 सितंबर को दिल्ली में पूरे दिन आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, सुबह से दोपहर तक और फिर दोपहर बाद गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट देखने को मिलेगी। दिन का तापमान करीब 29 से 31 डिग्री और रात का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। इस दौरान दक्षिण-पूर्व दिशा से 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

दिल्ली-NCR का हाल

दिल्ली-NCR में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। दिल्ली-NCR के गुरुग्राम, गाजियाबाद और नोएडा में आज मौसम बारिश वाला रहने की संभावना है। गुरुग्राम में सुबह से दोपहर और फिर शाम के समय गरज के साथ बारिश हो सकती है। गाजियाबाद में भी कई इलाकों में बारिश और बिजली चमकने की संभावना है, जबकि नोएडा में सुबह के साथ-साथ दोपहर और शाम को भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। गाजियाबाद में पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

इस वजह से हो रही बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र दिल्ली-NCR में बारिश की वजह बन रहा है। यह मौसम सिस्टम अगले दो दिनों तक ज्यादा बदलाव नहीं करेगा। इसके चलते दिल्ली और आसपास के इलाकों में बादल छाए रहने के साथ बीच-बीच में बारिश होती रह सकती है। मौसम में सुधार हफ्ते के अंत तक होने की उम्मीद है।

दिल्ली में कब तक होगी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, 6 सितंबर के बाद दिल्ली में बारिश का असर कम होने लगेगा। इस दिन हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन 7 से 10 सितंबर के बीच मौसम ज्यादातर सूखा रहने की संभावना है और आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान हवाओं की दिशा भी बदल सकती है। बारिश कम होने के साथ तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी और सप्ताह के अंत तक अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

लोगों को सावधानी बरतने की अपील

बारिश के चलते दिल्ली-NCR में लोगों को सफर के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तेज बारिश से सड़कों पर जाम लग सकता है और कई निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या हो सकती है। ऐसे में वाहन चलाते समय हादसे का खतरा भी बढ़ सकता है। यात्रियों को घर से निकलने से पहले ट्रैफिक की स्थिति देखने और प्रशासन की ओर से जारी जरूरी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

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