ओडिशा के पारादीप तट से करीब 240 समुद्री मील दूर बंगाल की खाड़ी में शनिवार को MV Ocean Winner नाम का एक मालवाहक जहाज डूब गया। पनामा के झंडे वाले इस जहाज पर 24 क्रू सदस्य सवार थे। पीटीआई के मुताबिक, इनमें ज्यादातर चीनी नागरिक थे। जहाज ओडिशा से लौह अयस्क लेकर सिंगापुर जा रहा था। यह शुक्रवार को ओडिशा तट से रवाना हुआ था। जहाज के डूबने की वजह अभी पता नहीं चल पाई है। इंडियन कोस्ट गार्ड और नेवी का रेस्क्यू ऑपरेशन हादसे की जानकारी मिलते ही इंडियन कोस्ट गार्ड और इंडियन नेवी ने क्रू सदस्यों की तलाश और बचाव अभियान शुरू कर दिया। आसपास मौजूद दूसरे जहाजों को भी अलर्ट किया गया है और रेस्क्यू में मदद करने को कहा गया है। हादसे के समय बंगाल की खाड़ी में मौसम भी पूरी तरह सामान्य नहीं था। मौसम विभाग ने उत्तर बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई थी। इससे समुद्र में मौसम खराब हो सकता है। हालांकि, जहाज इसी वजह से डूबा, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। ———————— ये खबर भी पढ़ें… 21 भारतीयों वाले जहाज पर ईरानी हमले का VIDEO: होर्मुज में IRGC बोट्स ने फायरिंग की होर्मुज स्ट्रेट में 21 भारतीय नाविकों वाले एक कंटेनर जहाज पर ईरानी नौकाओं ने फायरिंग की थी। यह घटना 22 अप्रैल को हुई थी। भारतीय नाविकों के संगठन (FSUI) ने अब इस घटना का वीडियो जारी किया है। पूरी खबर पढ़ें…
India Weather Update: उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास बने निम्न दबाव के क्षेत्र के असर से देश के कई हिस्सों में मानसून सुपर एक्टिव मोड में है और जबर्दस्त बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मध्य प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि पूर्वी मध्य प्रदेश और उड़ीसा जैसे राज्यों में बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि देश के अलग-अलग हिस्सों में 27 अगस्त तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला बना रहेगा। बीते 24 घंटों के दौरान भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, मिजोरम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 12 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है।
मध्य भारत में बारिश का तांडव, मध्य प्रदेश में मूसलाधार का अलर्ट
मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से मध्य भारत में मानसूनी बारिश का असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब भी सक्रिय है। इसकी वजह से 21 और 22 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21 से 25 अगस्त के बीच, पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 से 26 अगस्त तक और छत्तीसगढ़ में 21 से 27 अगस्त तक कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दौरान इन राज्यों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका बनी हुई है।
उत्तर-पश्चिम भारत में बदलेगा मौसम, दिल्ली-यूपी में बरसेंगे बादल
उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून ट्रफ के सामान्य स्थिति के आसपास रहने और उत्तरी हरियाणा में एक चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के चलते दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में मौसम में बड़ा बदलाव देखा जाएगा। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 22 अगस्त को भारी बारिश के आसार हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 से 24 अगस्त के बीच व्यापक स्तर पर बारिश होगी। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड में 21 से 27 अगस्त तक लगातार मूसलाधार बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी 21 और 22 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।
पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत का हाल, उड़ीसा और बंगाल में अलर्ट
उत्तरी बंगाल की खाड़ी, बांग्लादेश और दक्षिण गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण की वजह से पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 से 26 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। उड़ीसा में 24 से 27 अगस्त के बीच बेहद भारी बारिश हो सकती है। बिहार और झारखंड में भी 22 से 25 अगस्त के दौरान तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। उत्तर-पूर्वी भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 अगस्त तक रुक-रुक कर भारी बारिश होने का अनुमान है।
दक्षिण भारत में कम होगी बारिश की रफ्तार, तटीय इलाकों में तेज हवाएं
एक तरफ जहां उत्तर और मध्य भारत में झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसूनी बारिश की गतिविधियां स्लो रहने का पूर्वानुमान दिया है। केरल, माहे और तटीय कर्नाटक में 21 से 27 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। केरल और तमिलनाडु में 23 से 25 अगस्त के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और कर्नाटक के इलाकों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में इन दिनों बारिश का दौर जारी है। वहीं आने वाले दिनों में भी लोगों को बारिश से राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD), लखनऊ केंद्र ने 19 अगस्त 2026 को राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। दक्षिण-पूर्वी यूपी के पास बना कम दबाव का क्षेत्र बारिश का मुख्य कारण है। इसके चलते अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बारिश जारी रह सकती है। खासकर अगले 48 घंटों में दक्षिणी यूपी के कुछ इलाकों में बहुत तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार 22 अगस्त तक प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
24 घंटें होंगे खतरनाक
मौसम विभाग के मुताबिक, झारखंड के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर हो गया है। यह सिस्टम अब उत्तरी झारखंड, दक्षिण-पश्चिमी बिहार और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसपास बना हुआ है। अगले 24 घंटों में इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके चलते झारखंड, दक्षिण-पूर्वी यूपी और उत्तरी छत्तीसगढ़ में बारिश हो सकती है। वहीं, मानसून की ट्रफ भी सक्रिय है, जिससे प्रदेश में नमी बढ़ने के साथ बारिश का असर और तेज हो सकता है।
इन जिलों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट
19 से 20 अगस्त तक बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, हमीरपुर, महोबा और ललितपुर में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश का अलर्ट है। 20 से 22 अगस्त के बीच बुंदेलखंड के कई जिलों में बारिश तेज रहने की संभावना है। 22 से 23 अगस्त को चित्रकूट, सोनभद्र और मिर्जापुर में भारी बारिश हो सकती है।
विभाग के अनुसार 19 और 20 अगस्त को पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। पूर्वी यूपी में भी बारिश की संभावना है। 21 अगस्त को कुछ जगहों पर बारिश होगी, जबकि 22-23 अगस्त को पूर्वी यूपी में बारिश जारी रह सकती है। पिछले 24 घंटों में प्रतापगढ़ में 130 मिमी और प्रयागराज में 119.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।
यातायात पर होगा असर
बहुत भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है और नदियों-तालाबों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। कच्चे और कमजोर मकानों को नुकसान पहुंचने के साथ सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को बाढ़ वाले इलाकों, नदियों और जलमग्न सड़कों से दूर रहने की सलाह दी है। भारी बारिश में वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
India Weather update: दक्षिण-पूर्वी झारखंड और आसपास के इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से देश के बड़े हिस्से में मानसूनी बारिश का कहर तेज हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 अगस्त 2026 को जारी अपने विशेष बुलेटिन में चेतावनी दी है कि अगले चार दिनों के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग ने विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि 17 अगस्त को उत्तर ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर प्रदेश में भी हफ्ते के ज्यादातर दिनों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
आईएमडी ने बताया कि मध्य समुद्र तल पर मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है, जबकि पूर्वी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर बना हुआ है। 14 अगस्त को झारखंड और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल पर बना डिप्रेशन कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया था, जो 15 अगस्त की सुबह दक्षिण-पूर्वी झारखंड के ऊपर स्थित है। यह प्रणाली अगले 12 घंटों के दौरान और कमजोर हो जाएगी। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसके प्रभाव से अगले 48 घंटों के दौरान उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके अलावा, मध्य और निकटवर्ती उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत में एक शीयर जोन बना हुआ है जबकि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और मध्य असम के ऊपर भी चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय है।
बीते 24 घंटों में बारिश का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन
24 घंटों के आंकड़ों के मुताबिक देश के कई राज्यों में भीषण बारिश दर्ज की गई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश हुई। वहीं हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, असम, मिजोरम, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात क्षेत्र और तमिलनाडु में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।
उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी और उत्तराखंड में 16-17 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश
उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में 15 से 21 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश का दौर चलेगा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुज़फ़्फ़राबाद में 15 से 21 अगस्त तक अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। मैदानी इलाकों में हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 15 और 18 अगस्त को, पश्चिम उत्तर प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16 से 21 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है।
पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तराखंड में 15 से 17 अगस्त के दौरान और पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 17 और 18 अगस्त को तथा जम्मू-कश्मीर इलाके में 17 अगस्त को बहुत भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा 15 अगस्त को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी यूपी में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि 15 से 21 अगस्त के बीच उत्तराखंड और यूपी में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने के आसार हैं।
पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: 17 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वी भारत में मौसम सबसे अधिक आक्रामक रुख दिखाएगा। गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 15 से 21 अगस्त तक और बिहार में 17 से 20 अगस्त तक भारी बारिश की गतिविधि जारी रहेगी। इस दौरान 17 अगस्त को उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
गांगेय पश्चिम बंगाल में 16 अगस्त को, ओडिशा में 16 से 18 अगस्त को और झारखंड में 17 और 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। 15 अगस्त को ओडिशा में और 17 अगस्त को बिहार में भीषण आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश में 15 से 17 अगस्त तक और असम व मेघालय में 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 से 21 अगस्त तक लगातार भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है।
मध्य और पश्चिम भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और कोंकण में झमाझम
मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हैं। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिम मध्य प्रदेश में 15 से 21 अगस्त तक तथा विदर्भ में 15 से 18 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 15 से 17 अगस्त तथा छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 से 19 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जाएगी।
पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 15 से 21 अगस्त तक तथा गुजरात क्षेत्र में 15 और 16 अगस्त को व्यापक बारिश का अनुमान है। कोंकण व गोवा में 15 से 17 अगस्त, मध्य महाराष्ट्र में 15 से 18 अगस्त और गुजरात क्षेत्र में 15 व 16 अगस्त को भारी वर्षा हो सकती है।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तटीय इलाकों में तेज हवाएं और बारिश
दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, केरल व माहे में 15 से 21 अगस्त तक तथा लक्षद्वीप में 15-16 और 19-21 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 20 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक में 15 से 19 अगस्त के दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और तेज गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है, जिनकी गति बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तटीय कर्नाटक, आंतरिक कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के इलाकों में 15 से 19 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।
राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में मानसून की बारिश हो रही है। वहीं देश के कई हिस्सों में मानसून इस सप्ताह भी सक्रिय रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 9 अगस्त के पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 से 15 अगस्त के बीच पश्चिमी हिमालयी राज्यों में कई जगह भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं अगले दो दिनों में राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
सबसे अहम बदलाव 13 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास देखने को मिल सकता है। यहां 11 अगस्त के आसपास साइक्लोन सर्कुलेशन बनने और 13 अगस्त के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके असर से 13 अगस्त से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार में बारिश बढ़ सकती है।
उत्तर भारत में पूरे सप्ताह बारिश
उत्तर-पश्चिम भारत में इस सप्ताह बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 9 से 15 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में इस दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है। पंजाब में 10-11 और 13-14 अगस्त को कई जगह बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 10-11 अगस्त और 13 अगस्त को बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13-14 अगस्त को बारिश हो सकती है। राजस्थान के पूर्वी हिस्से में 9 से 13 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के इलाकों में 11 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 10-11 अगस्त तथा उत्तराखंड में 9-10 अगस्त को भी बहुत भारी बारिश की संभावना है।
मध्य भारत में भी तेज बारिश
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में इस सप्ताह बारिश का असर देखने को मिलेगा। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा विदर्भ में 9 से 11 अगस्त के बीच कई जगह बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 9-10 अगस्त और फिर 13-15 अगस्त को बारिश बढ़ सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 9-10 अगस्त, जबकि छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 9 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है।
पूर्वी भारत में 13 अगस्त से बदलेगा मौसम
पूर्वी भारत में भी इस सप्ताह मानसून सक्रिय रहेगा। पश्चिम बंगाल, झारखंड और सिक्किम में 9 से 15 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है। ओडिशा में 9-10 अगस्त और फिर 13-15 अगस्त के दौरान बारिश की संभावना है। आईएमडी के अनुसार, 13 अगस्त के बाद बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बिहार में 13-15 अगस्त के दौरान कई जगह बारिश होने की संभावना है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश और बिजली का अलर्ट
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में 12-15 अगस्त के दौरान कई जगह बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 9 अगस्त तथा 12-15 अगस्त को बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 14-15 अगस्त और असम-मेघालय में 14-15 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में 9 से 13 अगस्त के बीच गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है।
पश्चिम और दक्षिण भारत में कैसा रहेगा मौसम?
महाराष्ट्र के कोंकण और गोवा में 9 से 15 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है। गुजरात में 10-12 अगस्त के दौरान बारिश बढ़ सकती है। 11 अगस्त को गुजरात में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 9-10 अगस्त को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक के तटीय हिस्सों और लक्षद्वीप में 9-15 अगस्त के बीच कई जगह बारिश होने की संभावना है। केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु में 9-10 अगस्त को गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
दिल्ली में 12 अगस्त तक बारिश का दौर
दिल्ली में 9 से 12 अगस्त तक मौसम आमतौर पर बादलों से घिरा रहेगा। 9 और 10 अगस्त को कई जगह हल्की बारिश और कुछ जगह मध्यम बारिश हो सकती है। 11 अगस्त को सुबह से दोपहर तक बारिश के साथ शाम या रात में भी हल्की बारिश की संभावना है। 12 अगस्त को दोपहर से शाम के बीच हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

