कल का मौसम: IMD ने इस इलाके में भारी बारिश की रेड कलर वॉर्निंग दी, यूपी-बिहार संग कई राज्यों में 30 अगस्त को बारिश का तांडव

30 August Weather: देश के कई हिस्सों में मानसूनी आफत थमने का नाम नहीं ले रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने ओडिशा में भारी बारिश और बिगड़ते हालात को देखते हुए रेड कलर कैटेगरी की वॉर्निंग के तहत अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में 30 अगस्त को तेज बारिश और तूफानी मौसम का अलर्ट जारी किया गया है।

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ओडिशा में रेड अलर्ट: 30 अगस्त को आ सकती है आफत की बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 30 अगस्त को ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार से भी ज्यादा यानी अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा राज्य में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का भी अलर्ट है। पूर्वी भारत में बन रहे मौसमी तंत्र के असर से ओडिशा में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। इसको लेकर स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिम बंगाल में अति भारी बारिश की चेतावनी

ओडिशा के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भी बादलों का तांडव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इसके अलावा गांगेय पश्चिम बंगाल में बिजली कड़कने के साथ-साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

यूपी, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड में कैसा रहेगा मौसम

उत्तर भारत और मध्य भारत के राज्यों में भी 30 अगस्त को मूसलाधार बारिश की स्थिति बनी रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने के पूरे आसार हैं। बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और पश्चिम मध्य प्रदेश में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों- नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 30 अगस्त को भारी बारिश के साथ गरज-चमक का दौर जारी रहेगा। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

तटीय इलाकों और समुद्र में तेज हवाओं का खतरा

मौसम विभाग ने समुद्र और तटीय क्षेत्रों के लिए भी चेतावनी जारी की है। अरब सागर के इलाकों में सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कई हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

वहीं बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे इलाकों में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे (झोंकों में 65 किमी प्रति घंटे) की गति से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाओं के साथ बिजली कड़कने का अलर्ट दिया गया है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

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IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून की चाल एक बार फिर से तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम को लेकर ताजा बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र आकार ले रहा है। इसके असर से आने वाले दिनों में देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और इसके आसपास के इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल व उत्तर ओडिशा के तटों पर 29 अगस्त के आसपास एक और नया लो-प्रेशर एरिया बनने वाला है। इस नए सिस्टम के चलते ओडिशा में अति भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आफत की बारिश, पिछले 24 घंटों का हाल

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान पश्चिम उत्तर प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) दर्ज की गई है। वहीं उत्तराखंड, मेघालय, मिजोरम और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) हुई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम मध्य प्रदेश में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी-उत्तराखंड और हिमाचल में मूसलाधार बारिश का अनुमान

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश का जोर बना रहेगा। उत्तराखंड में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक काफी बारिश की संभावना जताई गई है। इसमें 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में 30 अगस्त से 3 सितंबर के दौरान काफी बारिश और 31 अगस्त से 3 सितंबर के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

उत्तर प्रदेश के संदर्भ में पश्चिम यूपी में 28 अगस्त और 2 से 3 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में भी 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच व्यापक बारिश हो सकती है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों में मौसम विभाग ने काफी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 से 30 अगस्त और 2 से 3 सितंबर के बीच मध्यम से तेज बारिश होगी। 28 अगस्त और 3 सितंबर को बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पश्चिम मध्य प्रदेश में 28 अगस्त और 2-3 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। विदर्भ क्षेत्र में भी 28 अगस्त और 2-3 सितंबर के दौरान झमाझम बारिश होने के आसार हैं।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश और तूफानी हवाएं

पूर्वी भारत के राज्यों पर बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए मौसमी तंत्र का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। ओडिशा में 28 से 31 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी जबकि 30 अगस्त को राज्य में कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 28 और 29 अगस्त को 50 से 60 किमी प्रति घंटे (जो बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 28 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान मध्यम से भारी बारिश के साथ 30 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। बिहार में 28 अगस्त को आकाशीय बिजली चमकने और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी भी दी गई है। पूर्वोत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश और बिजली कड़कने की गतिविधियां जारी रहेंगी।

पश्चिम और दक्षिण भारत: कोंकण-गोवा में बारिश, दक्षिण भारत में कमजोर रहेगा मानसून

पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 28 अगस्त से 3 सितंबर के दौरान बारिश जारी रहने का अनुमान है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत की बात करें तो अगले एक हफ्ते के दौरान यहां मानसूनी गतिविधियां थोड़ी सुस्त रहने की संभावना है। हालांकि, तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में 28-29 अगस्त और 2-3 सितंबर को अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और छिटपुट बारिश होने की संभावना जताई गई है।

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कल का मौसम: 23 अगस्त को 15 राज्यों में तूफानी हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी, यूपी से ओडिशा तक IMD ने दिया ये अलर्ट

Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के चलते मौसम का मिजाज बदला हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए देश के अलग अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश, बिजली कड़कने और तेज आंधी-तूफान को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश से लेकर ओडिशा तक और मध्य भारत से लेकर दक्षिणी राज्यों तक मौसम का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक एहतियात बरतने की सलाह दी है।

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छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 23 अगस्त को छत्तीसगढ़ और ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन राज्यों के प्रभावित इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में अचानक से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

इन 15 राज्यों और क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के 15 से अधिक राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें उत्तर भारत का उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश शामिल हैं। इसके अलावा मध्य भारत के मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। पूर्वी भारत के गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में बारिश का अलर्ट है। दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे तथा तेलंगाना में भी भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

बारिश के साथ-साथ कई इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने और तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, बिहार और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

अन्य राज्यों में बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की हवाओं की चेतावनी

पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दूर-दराज के इलाकों में गरज और बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उत्तराखंड के कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में सतह पर तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के लिए समुद्री चेतावनी

समुद्र में खराब मौसम के कारण मछुआरों और तटीय क्षेत्रों को विशेष रूप से अलर्ट पर रखा गया है। अरब सागर में सोमालिया तट के साथ और उससे सटे इलाकों, मध्य-पश्चिम और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो बढ़कर 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती हैं।

बंगाल की खाड़ी की बात करें तो मन्नार की खाड़ी, कॉमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और दक्षिण श्रीलंका तट के आसपास के इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है, जो 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार छू सकती हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों, मध्य-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा अंडमान सागर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की उम्मीद है, जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

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Weather Update: एमपी में भारी बारिश का दौर जारी, दिल्ली-UP में भी बरसेंगे बादल, इन राज्यों में 27 अगस्त तक होगी मूसलाधार बारिश

India Weather Update: उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास बने निम्न दबाव के क्षेत्र के असर से देश के कई हिस्सों में मानसून सुपर एक्टिव मोड में है और जबर्दस्त बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मध्य प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि पूर्वी मध्य प्रदेश और उड़ीसा जैसे राज्यों में बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि देश के अलग-अलग हिस्सों में 27 अगस्त तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला बना रहेगा। बीते 24 घंटों के दौरान भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, मिजोरम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 12 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है।

मध्य भारत में बारिश का तांडव, मध्य प्रदेश में मूसलाधार का अलर्ट

मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से मध्य भारत में मानसूनी बारिश का असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब भी सक्रिय है। इसकी वजह से 21 और 22 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21 से 25 अगस्त के बीच, पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 से 26 अगस्त तक और छत्तीसगढ़ में 21 से 27 अगस्त तक कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दौरान इन राज्यों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका बनी हुई है।

उत्तर-पश्चिम भारत में बदलेगा मौसम, दिल्ली-यूपी में बरसेंगे बादल

उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून ट्रफ के सामान्य स्थिति के आसपास रहने और उत्तरी हरियाणा में एक चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के चलते दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में मौसम में बड़ा बदलाव देखा जाएगा। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 22 अगस्त को भारी बारिश के आसार हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 से 24 अगस्त के बीच व्यापक स्तर पर बारिश होगी। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड में 21 से 27 अगस्त तक लगातार मूसलाधार बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी 21 और 22 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।

पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत का हाल, उड़ीसा और बंगाल में अलर्ट

उत्तरी बंगाल की खाड़ी, बांग्लादेश और दक्षिण गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण की वजह से पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 से 26 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। उड़ीसा में 24 से 27 अगस्त के बीच बेहद भारी बारिश हो सकती है। बिहार और झारखंड में भी 22 से 25 अगस्त के दौरान तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। उत्तर-पूर्वी भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 अगस्त तक रुक-रुक कर भारी बारिश होने का अनुमान है।

दक्षिण भारत में कम होगी बारिश की रफ्तार, तटीय इलाकों में तेज हवाएं

एक तरफ जहां उत्तर और मध्य भारत में झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसूनी बारिश की गतिविधियां स्लो रहने का पूर्वानुमान दिया है। केरल, माहे और तटीय कर्नाटक में 21 से 27 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। केरल और तमिलनाडु में 23 से 25 अगस्त के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और कर्नाटक के इलाकों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

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कल का मौसम: IMD की बड़ी चेतावनी! 18 अगस्त को 6 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, दिल्ली से यूपी-बिहार तक ऐसा रहेगा वेदर

18 अगस्त को मौसम विभाग ने बड़े पैमाने पर बारिश का अलर्ट जारी किया है। झारखंड में सबसे ज्यादा खतरा है। यहां बहुत ज्यादा भारी बारिश की पूरी संभावना बन रही है। इसी तरह बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के कारण देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दायरा काफी व्यापक रहने वाला है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

झारखंड में आफत की बारिश, बिहार समेत 6 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

18 अगस्त को मौसम का सबसे भयानक रूप झारखंड में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार झारखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। राज्य में मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों में पानी भरने और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। इसके अलावा देश के 6 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 18 अगस्त को बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश होने की पूरी संभावना बनी हुई है। इन राज्यों में बारिश की तीव्रता काफी अधिक रहेगी।

दिल्ली-एनसीआर, पूर्वी UP और उत्तराखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी 18 अगस्त को हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं दक्षिण भारत के राज्यों केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में भी अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बिजली कड़कने की आशंका

बारिश के साथ-साथ 18 अगस्त को देश के अलग अलग हिस्सों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का भी असर देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना है।

इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल व सिक्किम, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

गुजरात, सोमालिया और ओमान तटों पर 65 किमी/घंटे की गति से चलेंगी हवाएं

समुद्री इलाकों में 18 अगस्त को स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण रहेगी। अरब सागर में गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के पास, तथा मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश भागों और दक्षिण-पश्चिम, उत्तर व मध्य-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने के आसार हैं। इनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने समुद्र में तेज हवाओं को देखते हुए मछुआरों को तटीय और गहरे समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।

तूफानी मौसम का खतरा: यूपी-उत्तराखंड संग इन 15 राज्यों में अगले 4 दिन भारी बारिश! यहां 17 अगस्त को एक्स्ट्रीम हैवी रेनफॉल का अलर्ट

India Weather update: दक्षिण-पूर्वी झारखंड और आसपास के इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से देश के बड़े हिस्से में मानसूनी बारिश का कहर तेज हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 अगस्त 2026 को जारी अपने विशेष बुलेटिन में चेतावनी दी है कि अगले चार दिनों के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग ने विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि 17 अगस्त को उत्तर ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर प्रदेश में भी हफ्ते के ज्यादातर दिनों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

आईएमडी ने बताया कि मध्य समुद्र तल पर मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है, जबकि पूर्वी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर बना हुआ है। 14 अगस्त को झारखंड और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल पर बना डिप्रेशन कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया था, जो 15 अगस्त की सुबह दक्षिण-पूर्वी झारखंड के ऊपर स्थित है। यह प्रणाली अगले 12 घंटों के दौरान और कमजोर हो जाएगी। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसके प्रभाव से अगले 48 घंटों के दौरान उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके अलावा, मध्य और निकटवर्ती उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत में एक शीयर जोन बना हुआ है जबकि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और मध्य असम के ऊपर भी चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय है।

बीते 24 घंटों में बारिश का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन

24 घंटों के आंकड़ों के मुताबिक देश के कई राज्यों में भीषण बारिश दर्ज की गई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश हुई। वहीं हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, असम, मिजोरम, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात क्षेत्र और तमिलनाडु में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी और उत्तराखंड में 16-17 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश

उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में 15 से 21 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश का दौर चलेगा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुज़फ़्फ़राबाद में 15 से 21 अगस्त तक अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। मैदानी इलाकों में हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 15 और 18 अगस्त को, पश्चिम उत्तर प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16 से 21 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है।

पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तराखंड में 15 से 17 अगस्त के दौरान और पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 17 और 18 अगस्त को तथा जम्मू-कश्मीर इलाके में 17 अगस्त को बहुत भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा 15 अगस्त को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी यूपी में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि 15 से 21 अगस्त के बीच उत्तराखंड और यूपी में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने के आसार हैं।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: 17 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वी भारत में मौसम सबसे अधिक आक्रामक रुख दिखाएगा। गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 15 से 21 अगस्त तक और बिहार में 17 से 20 अगस्त तक भारी बारिश की गतिविधि जारी रहेगी। इस दौरान 17 अगस्त को उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

गांगेय पश्चिम बंगाल में 16 अगस्त को, ओडिशा में 16 से 18 अगस्त को और झारखंड में 17 और 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। 15 अगस्त को ओडिशा में और 17 अगस्त को बिहार में भीषण आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश में 15 से 17 अगस्त तक और असम व मेघालय में 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 से 21 अगस्त तक लगातार भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य और पश्चिम भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और कोंकण में झमाझम

मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हैं। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिम मध्य प्रदेश में 15 से 21 अगस्त तक तथा विदर्भ में 15 से 18 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 15 से 17 अगस्त तथा छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 से 19 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 15 से 21 अगस्त तक तथा गुजरात क्षेत्र में 15 और 16 अगस्त को व्यापक बारिश का अनुमान है। कोंकण व गोवा में 15 से 17 अगस्त, मध्य महाराष्ट्र में 15 से 18 अगस्त और गुजरात क्षेत्र में 15 व 16 अगस्त को भारी वर्षा हो सकती है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तटीय इलाकों में तेज हवाएं और बारिश

दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, केरल व माहे में 15 से 21 अगस्त तक तथा लक्षद्वीप में 15-16 और 19-21 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 20 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक में 15 से 19 अगस्त के दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और तेज गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है, जिनकी गति बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तटीय कर्नाटक, आंतरिक कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के इलाकों में 15 से 19 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

कल का मौसम: 15 अगस्त को दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, इन 3 इलाकों में IMD ने जारी की ऑरेंज कलर वॉर्निंग

देश के स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त दिन देशभर में मानसूनी गतिविधियां सुपर एक्टिव रहने वाली हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा वेदर बुलेटिन में बताया है कि स्वतंत्रता दिवस के दिन दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा समेत देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। ध्वजारोहण समारोह से लेकर विभिन्न राज्यों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों पर बारिश का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने तीन प्रमुख राज्यों में बारिश की तीव्रता को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि दो दर्जन से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए येलो अलर्ट की चेतावनी जारी की गई है।

इन तीन इलाकों में रहेगा ऑरेंज अलर्ट, अति भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के मुताबिक मध्य भारत और पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश की रफ्तार सबसे अधिक रहने वाली है। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में मूसलाधार से अति मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। IMD ने इन तीनों क्षेत्रों के लिए ऑरेंज वॉर्निंग जारी की है। यहां कई स्थानों पर जलभराव, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका जताई गई है। इन इलाकों के निवासियों और यात्रियों को स्वतंत्रता दिवस के दिन सतर्क रहने और बेवजह यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

दिल्ली, यूपी, बिहार समेत उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में झमाझम बारिश

देश के मैदानी इलाकों और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बादलों का डेरा रहेगा। दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 15 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात क्षेत्र में भी मध्यम से तेज बारिश की संभावना है। पूर्वोत्तर के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जिससे स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों में खलल पड़ सकता है।

30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अंदेशा जताया गया है। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं। वहीं बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और विदर्भ में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के आंतरिक इलाकों में दिन के समय सतह पर तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

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समुद्री क्षेत्रों के लिए एडवाइजरी जारी, मछुआरों को सतर्क रहने के निर्देश

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में खराब मौसम को देखते हुए समुद्री तटों पर विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। सोमालिया और ओमान तट के पास, मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बंगाल की खाड़ी में भी इसी तरह की तूफानी परिस्थितियां बनी रहेंगी। मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे 15 अगस्त को गहरे समुद्र में जाने से परहेज करें।

Heavy Rain Alert: मौसम फिर बदलेगा करवट! 15 अगस्त तक कई राज्यों में भारी बारिश, 13 से बढ़ेगा मानसून का जोर

राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में मानसून की बारिश हो रही है। वहीं देश के कई हिस्सों में मानसून इस सप्ताह भी सक्रिय रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 9 अगस्त के पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 से 15 अगस्त के बीच पश्चिमी हिमालयी राज्यों में कई जगह भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं अगले दो दिनों में राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

सबसे अहम बदलाव 13 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास देखने को मिल सकता है। यहां 11 अगस्त के आसपास साइक्लोन सर्कुलेशन बनने और 13 अगस्त के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके असर से 13 अगस्त से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार में बारिश बढ़ सकती है।

उत्तर भारत में पूरे सप्ताह बारिश

उत्तर-पश्चिम भारत में इस सप्ताह बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 9 से 15 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में इस दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है। पंजाब में 10-11 और 13-14 अगस्त को कई जगह बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 10-11 अगस्त और 13 अगस्त को बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13-14 अगस्त को बारिश हो सकती है। राजस्थान के पूर्वी हिस्से में 9 से 13 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के इलाकों में 11 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 10-11 अगस्त तथा उत्तराखंड में 9-10 अगस्त को भी बहुत भारी बारिश की संभावना है।

मध्य भारत में भी तेज बारिश

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में इस सप्ताह बारिश का असर देखने को मिलेगा। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा विदर्भ में 9 से 11 अगस्त के बीच कई जगह बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 9-10 अगस्त और फिर 13-15 अगस्त को बारिश बढ़ सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 9-10 अगस्त, जबकि छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 9 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है।

पूर्वी भारत में 13 अगस्त से बदलेगा मौसम

पूर्वी भारत में भी इस सप्ताह मानसून सक्रिय रहेगा। पश्चिम बंगाल, झारखंड और सिक्किम में 9 से 15 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है। ओडिशा में 9-10 अगस्त और फिर 13-15 अगस्त के दौरान बारिश की संभावना है। आईएमडी के अनुसार, 13 अगस्त के बाद बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बिहार में 13-15 अगस्त के दौरान कई जगह बारिश होने की संभावना है।

पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश और बिजली का अलर्ट

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में 12-15 अगस्त के दौरान कई जगह बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 9 अगस्त तथा 12-15 अगस्त को बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 14-15 अगस्त और असम-मेघालय में 14-15 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में 9 से 13 अगस्त के बीच गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है।

पश्चिम और दक्षिण भारत में कैसा रहेगा मौसम?

महाराष्ट्र के कोंकण और गोवा में 9 से 15 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है। गुजरात में 10-12 अगस्त के दौरान बारिश बढ़ सकती है। 11 अगस्त को गुजरात में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 9-10 अगस्त को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक के तटीय हिस्सों और लक्षद्वीप में 9-15 अगस्त के बीच कई जगह बारिश होने की संभावना है। केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु में 9-10 अगस्त को गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

दिल्ली में 12 अगस्त तक बारिश का दौर

दिल्ली में 9 से 12 अगस्त तक मौसम आमतौर पर बादलों से घिरा रहेगा। 9 और 10 अगस्त को कई जगह हल्की बारिश और कुछ जगह मध्यम बारिश हो सकती है। 11 अगस्त को सुबह से दोपहर तक बारिश के साथ शाम या रात में भी हल्की बारिश की संभावना है। 12 अगस्त को दोपहर से शाम के बीच हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

कल का मौसम 2 अगस्त: 16 राज्यों में हैवी बारिश और 7 राज्यों में बहुत भारी बरसात का अलर्ट, दिल्ली-यूपी से बिहार तक बिगड़ेगा मौसम

India Weather Update: देश में अभी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य, बिहार, उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर समेत कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। कुछ जगहों पर फ्लैश फ्लड और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय रहने से व्यापक बारिश का माहौल है। हालांकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगस्त 2026 के लिए पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा है कि पूरे देश में बारिश औसत से कम (LPA का 94% से कम) रहने की संभावना है। वैसे उत्तर-पश्चिम, मध्य भारत, पूर्वी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। एल नीनो की स्थिति भी मानसून को प्रभावित कर रही है। इस बीच IMD ने वेदर बुलेटिन में 2 अगस्त के लिए दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और दक्षिण भारत के राज्यों सहित देश भर में भारी से बहुत भारी बारिश, थंडरस्क्वॉल और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, 2 अगस्त को देश के 7 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।

इन 7 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक रविवार को देश के 7 प्रमुख राज्यों के छिटपुट इलाकों में अत्यंत मूसलाधार यानी भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पूरे राजस्थान में कई जगहों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर के नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे में पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

दिल्ली-यूपी, बिहार समेत इन 16 राज्यों में होगी भारी बारिश

  • देश के 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2 अगस्त को तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। आईएमडी ने निम्नलिखित इलाकों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
  • उत्तर भारत: हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पूर्व उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।
  • पूर्व व मध्य भारत: बिहार, ओडिशा, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात राज्य।
  • पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय।

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इन इलाकों से टकराएगा थंडरस्क्वॉल, 60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

रविवार को कई राज्यों में गरज-चमक के साथ-साथ तूफानी हवाओं का प्रभाव भी देखा जाएगा। आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग जगहों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं यानी थंडरस्क्वॉल चलने का गंभीर अलर्ट है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, तटीय कर्नाटक, झारखंड, केरल व माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल और पश्चिम मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, राजस्थान और तेलंगाना में तेज गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटे की गति से झोंके वाली हवाएं चलने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, ओडिशा, उत्तराखंड और विदर्भ में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना में मैदानी व तटीय क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

कल मूसलाधार बारिश: IMD ने 3 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग दी, इन 16 राज्यों में भी हैवी बारिश संग आंधी-तूफान का अलर्ट

Weather Update 24 July: मानसून की चाल देश भर में लगातार उग्र बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 जुलाई के लिए मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने देश के 3 प्रमुख राज्यों (पूर्वी राजस्थान, गुजरात क्षेत्र और मध्य महाराष्ट्र) के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए अत्यधिक मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा कोंकण व गोवा, मध्य प्रदेश, पूर्वोत्तर और तटीय इलाकों समेत 16 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और समुद्र में उठने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं कि 24 जुलाई को आपके राज्य और आसपास के क्षेत्रों में मौसम का कैसा रुख रहने वाला है।

3 राज्यों में रेड अलर्ट कलर वॉर्निंग, होगी अत्यंत भारी बारिश

मौसम विभाग ने 24 जुलाई को तीन राज्यों के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। राजस्थान के पूर्वी जिलों में कुछ स्थानों पर मूसलाधार से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। गुजरात के मैदानी और उत्तरी भागों में आफत की बारिश होगी, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। मध्य महाराष्ट्र और इसके घाट क्षेत्रों में बादलों का भयंकर जमावड़ा रहेगा, जहां अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

इन अंचलों में होगी बहुत भारी बारिश

IMD के मुताबिक 24 जुलाई को देश के अन्य तीन प्रमुख क्षेत्रों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज की जाएगी। तटीय महाराष्ट्र और गोवा के इलाकों में बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। सौराष्ट्र और कच्छ यानी गुजरात के तटीय और पश्चिमी भागों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थलीय और सीमावर्ती जिलों में भी बहुत भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है।

इन 16 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के 16 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।

  • उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के पर्वतीय व मैदानी इलाकों में भारी बारिश होगी।
  • मध्य भारत: मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।
  • पूर्वी भारत: बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम व मेघालय में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है।
  • पूर्वोत्तर भारत: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है।
  • दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक (Coastal Karnataka) के इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ IMD ने कई राज्यों में गरज-चमक और झोंकेदार हवाओं को लेकर सचेत किया है। आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में बादलों की गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, तटीय कर्नाटक, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल व माहे, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड और विदर्भ के इलाकों में गरज के साथ बिजली गिरने का खतरा है। तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में कई जगहों पर तेज सतही हवाएं चलेंगी।