कल का मौसम: 15 अगस्त को दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, इन 3 इलाकों में IMD ने जारी की ऑरेंज कलर वॉर्निंग

देश के स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त दिन देशभर में मानसूनी गतिविधियां सुपर एक्टिव रहने वाली हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा वेदर बुलेटिन में बताया है कि स्वतंत्रता दिवस के दिन दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा समेत देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। ध्वजारोहण समारोह से लेकर विभिन्न राज्यों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों पर बारिश का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने तीन प्रमुख राज्यों में बारिश की तीव्रता को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि दो दर्जन से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए येलो अलर्ट की चेतावनी जारी की गई है।

इन तीन इलाकों में रहेगा ऑरेंज अलर्ट, अति भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के मुताबिक मध्य भारत और पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश की रफ्तार सबसे अधिक रहने वाली है। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में मूसलाधार से अति मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। IMD ने इन तीनों क्षेत्रों के लिए ऑरेंज वॉर्निंग जारी की है। यहां कई स्थानों पर जलभराव, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका जताई गई है। इन इलाकों के निवासियों और यात्रियों को स्वतंत्रता दिवस के दिन सतर्क रहने और बेवजह यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

दिल्ली, यूपी, बिहार समेत उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में झमाझम बारिश

देश के मैदानी इलाकों और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बादलों का डेरा रहेगा। दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 15 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात क्षेत्र में भी मध्यम से तेज बारिश की संभावना है। पूर्वोत्तर के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जिससे स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों में खलल पड़ सकता है।

30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अंदेशा जताया गया है। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं। वहीं बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और विदर्भ में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के आंतरिक इलाकों में दिन के समय सतह पर तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

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समुद्री क्षेत्रों के लिए एडवाइजरी जारी, मछुआरों को सतर्क रहने के निर्देश

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में खराब मौसम को देखते हुए समुद्री तटों पर विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। सोमालिया और ओमान तट के पास, मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बंगाल की खाड़ी में भी इसी तरह की तूफानी परिस्थितियां बनी रहेंगी। मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे 15 अगस्त को गहरे समुद्र में जाने से परहेज करें।

Delhi Weather: झमाझम बारिश से राजधानी में मौसम हुआ सुहाना, 24 घंटे में 9°C तक लुढ़का तापमान, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

Delhi Weather: मौसम की कई स्थितियों के एक साथ बनने की वजह से मंगलवार को दिल्ली-NCR में जबरदस्त बारिश हुई, जिससे यह जुलाई के सबसे ज्यादा बारिश वाले दिनों में से एक बन गया। मौसम विभाग के मुताबिक, बारिश की वजह से तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते उमस और गर्मी झेल रहे लोगों को काफी राहत मिली।

राजधानी के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच 57.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि पूसा में सबसे ज्यादा 88.5 मिमी बारिश हुई। इसके बाद महरौली (79 मिमी), जनकपुरी (77 मिमी) और लोधी रोड (68.8 मिमी) बारिश रिकॉर्ड की गई।

इस महीने मंगलवार से ज्यादा बारिश सिर्फ एक बार हुई थी, जब 8 जुलाई की सुबह 8:30 बजे से अगले दिन सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटों में 72.66 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।

मंगलवार शाम तक, दिल्ली में इस जुलाई में 258.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो इसके 209.7 मिमी के मासिक औसत से ज्यादा है।

बीते कई दिनों से राजधानी में उमस इतनी ज्यादा थी कि ‘फील्स लाइक’ (महसूस होने वाला) तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। लेकिन मंगलवार की झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। महज 24 घंटे में अधिकतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस गिरकर 29 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इसके साथ ही यह पिछले तीन वर्षों का सबसे ठंडा जुलाई का दिन बन गया।

इससे पहले जुलाई में इससे कम अधिकतम तापमान 8 जुलाई 2023 को दर्ज किया गया था, जब पारा 28.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार दोपहर दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया। विभाग के अनुसार, बुधवार को मध्यम बारिश और गुरुवार को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम पूर्वी हवाएं, अरब सागर से आने वाली पश्चिमी हवाएं, ओडिशा के ऊपर बना गहरा निम्न दबाव (डीप डिप्रेशन) और पश्चिमी हिमालय में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मिलकर उत्तर भारत के बड़े हिस्से में जोरदार बारिश करा रहे हैं।

स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने बताया, “ओडिशा के ऊपर बना गहरा निम्न दबाव अब उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत की ओर बढ़ रहा है। इसके असर से दिल्ली और आसपास के इलाकों में अगले दो से तीन दिनों तक रुक-रुक कर हल्की बारिश होने की संभावना है।”

उन्होंने लोगों को सलाह दी कि अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की यात्रा करने से बचें, क्योंकि वहां भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ सकते हैं। वहीं, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) आने का भी खतरा बना हुआ है।

वहीं, लगातार हुई बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। मंगलवार को सफदरजंग में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 6 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 2 डिग्री सेल्सियस कम था। इससे दिल्लीवासियों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली।

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Delhi-NCR Weather Alert: दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में बारिश, IMD ने अगले 2 दिनों के जारी किया ये अलर्ट

Delhi NCR Mausam Update: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के दिल्ली-एनसीआर क्षेत्रों में सोमवार को झमाझम बारिश दर्ज की गई। इस बारिश ने लोगों को उमस भरे मौसम से बड़ी राहत दिलाई है। बारिश के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर और कर्तव्य पथ के आसपास आसमान में काले बादल छाए रहे। इस बारिश से जहां टेंप्रेचर में गिरावट आई और लोगों को राहत मिली, वहीं कई प्रमुख सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही धीमी होने की वजह से यात्रियों को ट्रैफिक की समस्या का सामना करना पड़ा।

दिल्ली-एनसीआर के लिए IMD का अलर्ट

इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार शाम अपने जिलेवार पूर्वानुमान में दिल्ली के कई हिस्सों में हल्की बारिश, हल्की गरज के साथ बिजली चमकने और 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया। मौसम विभाग के मुताबिक ये मौसमी गतिविधियां दक्षिण पूर्व दिल्ली, पूर्व दिल्ली, शाहदरा, मध्य दिल्ली, उत्तर पूर्व दिल्ली, दक्षिण दिल्ली, नई दिल्ली, दक्षिण पश्चिम दिल्ली, पश्चिम दिल्ली, उत्तर पश्चिम दिल्ली और उत्तर दिल्ली के इलाकों में देखने को मिलीं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मंगलवार और बुधवार को बारिश की गतिविधियों में और तेजी आएगी। इसे देखते हुए IMD ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी कर दिया है।

नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में मौसम का हाल

दिल्ली से सटे एनसीआर के इलाकों के लिए भी मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज होने की संभावना जताई गई है।

आईएमडी के मुताबिक सोमवार सुबह दिल्ली का तापमान 26।6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जबकि हवा में नमी का स्तर 98 प्रतिशत तक पहुंच गया था। सुबह के समय उत्तर-पूर्वी दिशा से लगभग 9 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं। शहर के बेस वेदर स्टेशन सफदरजंग में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान जताया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भले ही पूरे एनसीआर में बारिश का अनुमान है लेकिन यह बारिश मुख्य रूप से लोकलाइज्ड रह सकती है। यानी कुछ स्थानों पर कम समय के लिए तेज बौछारें पड़ सकती हैं जबकि अन्य इलाके काफी हद तक सूखे रह सकते हैं।

इस मानसून अब भी 14% बारिश की कमी

हालिया बारिश के दौर के बावजूद इस मानसून सीजन में दिल्ली में अभी भी बारिश की कमी बनी हुई है। 1 जून से 25 जुलाई के बीच दिल्ली में 247.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि के लिए मौसमी सामान्य आंकड़ा 365.3 मिमी होना चाहिए था। इस तरह दिल्ली में अब भी 14 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। हालांकि मौसम विभाग राष्ट्रीय राजधानी में मानसून के प्रदर्शन को अब भी सामान्य श्रेणी में ही रख रहा है।

उत्तर प्रदेश में बढ़ेगी मानसून की रफ्तार

दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों के दौरान मानसून की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। राज्य के कई जिलों में व्यापक बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। लखनऊ के आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक सोमवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकतर स्थानों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई थी। मंगलवार और बुधवार को यह मानसूनी गतिविधियां पूरे राज्य में और अधिक व्यापक हो जाएंगी। मानसूनी गतिविधियों में आई इस तेजी से अगले दो से तीन दिनों में लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पूरे राज्य में 30 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। सोमवार को कई जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना थी, जबकि मंगलवार और बुधवार को राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया गया है।