
Bihar Flood : पटना समेत बिहार के 18 जिलों में बाढ़ का असर लगातार बढ़ रहा है। गंगा समेत 9 नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं। बाढ़ से 6.65 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव के लिए 27 एसडीआरएफ और 9 एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। मौसम विभाग ने आगामी 9 सितंबर तक राज्य में मौसम खराब रहने और कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। ALSO READ: Nepal flash floods : नेपाल-तिब्बत सीमा पर तबाही के बीच कितने भारतीय अभी भी हैं लापता, MEA ने बताया आंकड़ा
बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त
बाढ़ की इस विभीषिका ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई गांवों का मुख्य सड़कों से संपर्क पूरी तरह कट गया है। लोगों के घर डूब चुके हैं और उन्हें सुरक्षित ठिकानों की तलाश में पलायन करना पड़ रहा है। इस विकट परिस्थिति में प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों को युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। लोगों को सुरक्षित निकालने और उन तक मदद पहुंचाने के लिए कुल 36 विशेष टीमों को तैनात किया गया है।
क्या है प्रशासन की प्राथमिकता?
प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और उन्हें सुरक्षित राहत शिविरों तक पहुंचाना है। इसके साथ ही खाने-पीने की जरूरी सामग्री और मेडिकल सहायता भी लगातार मुहैया कराई जा रही है। मौसम विभाग और केंद्रीय जल आयोग की टीमें लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। ALSO READ: Weather Update: दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें आपके क्षेत्र में कैसा रहेगा मौसम
हवाई सर्वेक्षण करेंगे CM चौधरी
गंगा के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण मुंगेर, बेगूसराय, सुल्तानगंज, भागलपुर और नवगछिया क्षेत्र में उत्पन्न हुई भयावह स्थिति को देखते हुए शनिवार, 5 सितंबर 2026 को सम्राट चौधरी बाढ़ प्रभावित इलाकों का विस्तृत हवाई सर्वेक्षण करेंगे।
बाढ़ पर क्या बोले नितिन नवीन?
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बिहार के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति पर कहा कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार मुख्यमंत्री खुद निगरानी कर रहे हैं। सरकार का पूरा ध्यान है। हम सभी का प्रयास है कि लोगों को इस आपदा के समय में भी कम से कम समस्या हो। केंद्र सरकार से भी प्रधानमंत्री हमेशा संज्ञान लेते हैं और लगातार इन विषयों को, खासकर आपदा के विषय पर हमारी चिंता ये रहती है कि सरकार पूरी तरह से जनता के लिए खड़ी रहे। नेपाल में जो आपदा आई, उसके बाद से ये स्थितियां हैं, बरसात के बाद भी कुछ स्थितियां बनी हैं लेकिन सरकार का पूरा ध्यान इस ओर है, हम पूरा प्रयास कर रहे हैं।
सवाल यह है कि आखिर कब थमेगा कुदरत का यह तांडव और कब इन इलाकों के लोगों को राहत मिलेगी? हमारी आपसे अपील है कि सतर्क रहें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित रहें।


