Cotton Production: USDA ने जारी की रिपोर्ट, 2026-27 के ग्लोबल उत्पादन अनुमान पर है कायम

यूएसडीए (USDA) ने अपनी जून की वर्ल्ड एग्रीकल्चर सप्लाई एंड डिमांड एस्टीमेट (WASDE) रिपोर्ट में वर्ष 2026-27 के लिए वैश्विक कपास उत्पादन लगभग 116 मिलियन गांठ अनुमानित है। इसके मुकाबले खपत में बढ़ोतरी (लगभग 121.7 मिलियन गांठ) होने के आसार हैं, जो इसे 6 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा सकती है। मांग में वृद्धि और कम शुरुआती स्टॉक के कारण वैश्विक अंतिम स्टॉक में गिरावट का अनुमान लगाया गया है।

USDA को चीन में मांग बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि कॉटन की मांग बांग्लादेश, पाकिस्तान में गिरी। साउथ कोरिया में कॉटन की मांग गिरी। कॉटन की ग्लोबल खपत मई में 121.69 मिलियन बेल्स (अनुमान) रहा जबकि जून में 121.76 मिलियन बेल्स (अनुमान) रहा।

कॉटन के ओपनिंग स्टॉक पर USDA ने कहा कि मई 2026-27 में 77.27 मिलियन बेल्स (अनुमान) रखा है। जबकि जून के लिए 76.63मिलियन बेल्स (अनुमान) रखा है। जबकि कॉटन के क्लोजिंग स्टॉक पर USDA ने जून के लिए 71.13 मिलियन बेल्स (अनुमान) रखा है।

भारत में कॉटन उत्पादन अनुमान

USDA ने मई का उत्पादन अनुमान कायम रखा है। 2026-27 में 24 मिलियन बेल्स उत्पादन संभव है। 2026-27 में 26 मिलियन बेल्स की खपत संभव है। 1.50 मिलियन बेल्स के एक्सपोर्ट की भी उम्मीद है। 2026-27 में 2.50 मिलियन इंपोर्ट की संभावना है।

15 जुलाई से UK FTA लागू

भारत-UK के बीच FTA 15 जुलाई से लागू होगा । भारत के 99% सामान पर UK में कोई टैक्स नहीं लगेगा । टेक्सटाइल, गारमेंट, केमिकल और बेस मेटल पर जीरो ड्यूटी होगी। अभी टेक्सटाइल, गारमेंट पर करीब 12% ड्यूटी लगती है। केमिकल पर 8% और बेस मेटल पर 10% ड्यूटी है। प्रोसेस फूड पर इंपोर्ट ड्यूटी 70% से घटकर जीरो होगी। मरीन प्रोडक्ट पर UK में इपोर्ट डूयटी 20% से घटकर जीरो होगी। UK के 91% एक्सपोर्ट पर भारत में ड्यूटी में रियायत मिलेगी। UK की व्हीस्की पर भारत में इंपोर्ट ड्यूटी 150% से घटकर 40% पर रहा। UK कार पर भारत में इंपोर्ट ड्यूटी 100% से घटकर 10% तक आएगी। कई चरणों में UK कार पर इंपोर्ट ड्यूटी में कमी आएगी।

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Rakesh Bedi: सुपरडुपर हिट फिल्म ‘धुरंधर’ की स्क्रिप्ट PMO से आई थी? राकेश बेदी ने ऐसी अफवाहों पर किया मजेदार रिएक्ट

Rakesh Bedi: जबरदस्त एक्शन और खूनखराबे के बावजूद, रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ ने दर्शकों का दि जीत लिया। इनमें से कई पल ऑनलाइन वायरल भी हुए। अब एक्टर राकेश बेदी ने बताया है कि कॉमेडी का आइडिया उन्हीं का था। उन्होंने यह भी कहा कि डायरेक्टर आदित्य धर शुरू में इस स्पाई थ्रिलर में कॉमेडी शामिल करने को लेकर हिचकिचा रहे थे। एक्टर ने उन लंबे समय से चल रहे दावों पर भी बात की जिनमें कहा जाता रहा है कि ‘धुरंधर’ की स्क्रिप्ट प्रधानमंत्री कार्यालय से आई थी।

बुधवार को राकेश ने नई दिल्ली में ‘अमृत रत्न 2026’ समिट में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने ब्लॉकबस्टर ‘धुरंधर’ फ़्रैंचाइज़ी में अपनी भूमिका के बारे में बात की। बातचीत के दौरान, एक्टर ने बताया कि आदित्य शुरू में इस स्पाई थ्रिलर में कॉमेडी वाले पल शामिल करने को लेकर हिचकिचा रहे थे।

इस अनुभवी एक्टर को ‘धुरंधर’ फ़्रैंचाइज़ी में अपनी परफ़ॉर्मेंस से नई लोकप्रियता मिली है। एक्टर ने एक भारतीय एजेंट, जमील जमाली का किरदार निभाया, जो पाकिस्तान के पॉलिटिकल सिस्टम में घुसपैठ करने के बाद वहां राजनेता बन जाता है। यह बात कि वह असल में एक भारतीय एजेंट था, फ़िल्म के क्लाइमेक्स तक छिपी रखी गई, जिससे यह कहानी के सबसे बड़े सरप्राइज़ में से एक बन गया। राकेश मानते हैं कि उन्हें शुरू से ही इस किरदार के अंजाम और ट्विस्ट के बारे में पता था।

पीछे मुड़कर देखते हुए राकेश ने कहा, “जब मैंने स्क्रिप्ट दो-तीन बार पढ़ी, तो मुझे एहसास हुआ कि यह बहुत तनावपूर्ण फ़िल्म है – न सिर्फ़ तनावपूर्ण, बल्कि बहुत गंभीर भी। फिर मुझे लगा कि एक एक्टर के तौर पर – क्योंकि मेरा झुकाव स्वाभाविक रूप से कॉमेडी की तरफ़ है और मेरा दिमाग़ मज़ाक-मस्ती की ओर ज़्यादा जाता है – मैं कुछ ऐसे पल देख पा रहा था जहां हम थोड़ा कॉमिक रिलीफ (हल्का-फुल्का मज़ाक) डाल सकते थे। इसलिए मैंने आदित्य से कहा, ‘मुझे कुछ ऐसी जगहें दिख रही हैं जहां हम थोड़ा ह्यूमर जोड़ सकते हैं। क्या मैं कोशिश करूं?’ उन्होंने जवाब दिया, ‘राकेश जी, अभी कुछ कहना मुश्किल है। देखते हैं कि जैसे-जैसे हम आगे बढ़ते हैं और इस पर काम करते हैं, चीज़ें कैसे आगे बढ़ती हैं।’ शुरू में तो वे थोड़े हिचकिचा रहे थे, लेकिन जैसे-जैसे हम आगे बढ़े, उन्हें भी मज़ा आने लगा और मुझे भी मज़ा आने लगा।”

बातचीत के दौरान, राकेश से पूछा गया कि उन्होंने फिल्म में कॉमेडी जोड़ने के लिए कहां से सुझाव दिए, जिसके बाद उन्होंने अपना डॉयलॉग सुनाया, “तुम्हारे अंडकोष बहुत सफेद हैं”, जो धुरंधर फिल्म के एक सीन में बत्तखों के संदर्भ में बोला गया था।

इसके बाद, राकेश ने उन दावों का खंडन किया कि धुरंधर की पटकथा प्रधानमंत्री कार्यालय से आई थी। अभिनेता ने कहा, “अब ये लाइन कोई नहीं लिख सकता। जब ये फिल्म हिट हुई तो कुछ लोगों ने कहा धुरंधर की स्क्रिप्ट जो है वो पीएमओ से लिख कर आती है। मैंने कहा बताओ पीएमओ में कौन सा ऐसा आदमी है जो ये लाइन लिख सकता है। ऐसा सोच भी नहीं सकता कोई।” फिल्म हिट हो गई, कुछ लोगों ने दावा किया कि धुरंधर की स्क्रिप्ट सीधे प्रधान मंत्री कार्यालय (पीएमओ) से आई थी। मैंने कहा, ‘मुझे बताओ, पीएमओ में कौन इस तरह की पंक्ति लिख सकता है?’

हालांकि इन फ़िल्मों की कहानी कहने के शानदार अंदाज़ की तारीफ़ हुई, लेकिन कई लोगों ने शिकायत की कि इनमें पिछली सरकारों की उपलब्धियों को कम करके दिखाया गया और BJP सरकार को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया।

‘धुरंधर’ 5 दिसंबर, 2025 को और ‘धुरंधर 2’ इस साल 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी। इन दोनों फ़िल्मों में रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, आर. माधवन, सारा अर्जुन, राकेश बेदी, गौरव गेरा और दानिश पंडोर ने काम किया है। पहली फ़िल्म ने दुनिया भर में ₹1307 करोड़ कमाए, जबकि इसके सीक्वल ने ₹1790 करोड़ से ज़्यादा की कमाई की है।

ये फ़िल्में जसकीरत सिंह रंगी (उर्फ़ हमज़ा अली मज़ारी) की कहानी बताती हैं, जिन्हें पाकिस्तान के लियारी में एक आतंकी गुट को खत्म करने के लिए भेजा जाता है। इस काम को पूरा करने के लिए वे बलोच गैंग में घुसपैठ करते हैं, लियारी के एक नेता की बेटी से शादी करते हैं और वहाँ के समाज का हिस्सा बन जाते हैं। अब ये दोनों फ़िल्में दुनिया भर में स्ट्रीम हो रही हैं।

दुनिया देखती रह गई और पाकिस्तान बन गया ‘किंगमेकर’! शहबाज शरीफ ने किया अमेरिका और ईरान ‘मेगा डील’ का ऐलान

US Iran Sign Islamabad MoU: खाड़ी में सीजफायर के बीच दुनिया के लिए एक और राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को खत्म करने के लिए ऐतिहासिक ‘इस्लामाबाद समझौते’ पर हस्ताक्षर हो गए हैं। अब यह समझौता तुरंत प्रभाव से लागू भी हो गया है।

इस ऐतिहासिक शांति समझौते की मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी आधिकारिक घोषणा की है। उन्होंने लिखा कि, ‘इस समझौते के तहत ईरान तुरंत होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल देगा, वहीं अमेरिका भी अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को ‘तुरंत’ हटा लेगा’।

शहबाज शरीफ और कतर की मध्यस्थता से हुई डील

पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने X पर लिखा, ‘मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक ‘इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन’ पर आज इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षर किए गए हैं। दोनों देशों के माननीय राष्ट्रपतियों ने इस पर दस्तखत किए हैं और मध्यस्थ के रूप में मैंने भी इस पर हस्ताक्षर किए हैं’।

शहबाज शरीफ ने बताया कि पाकिस्तान, सह-मध्यस्थ कतर के सहयोग से 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में एक आधिकारिक समारोह की मेजबानी करेगा, जहां तकनीकी स्तर की बातचीत शुरू होगी। उन्होंने इस समझौते को क्षेत्र में शांति, आपसी सम्मान और साझा समृद्धि की एक मजबूत नींव बताया।

ट्रंप ने वर्साय के महल में किए दस्तखत

व्हाइट हाउस ने भी इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष को समाप्त करने वाले इस समझौते को अपनी मंजूरी दे दी है। रॉयटर्स और एएफपी के मुताबिक, G7 शिखर सम्मेलन के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के साथ वर्साय के महल में डिनर के दौरान ट्रंप ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।

वर्साय से रवाना होते समय ट्रंप ने खुद पत्रकारों से इसकी पुष्टि करते हुए कहा, ‘यह साइन हो चुका है… मैंने वर्साय में इस पर दस्तखत किए हैं।’ हालांकि, ट्रंप ने यह चेतावनी भी दी कि अगर ईरान ने इसका उल्लंघन किया, तो सख्त कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि स्थिति की निगरानी के लिए अमेरिकी सेना कुछ समय तक खाड़ी में मौजूद रहेगी।

ईरान ने भी की पुष्टि, लेबनान को लेकर हुआ बड़ा फैसला

ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘इर्ना’ (IRNA) के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने भी समझौते के फाइनल होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के सर्वोच्च अधिकारियों के दस्तखत के बाद अब इस समझौते को लागू करने की परीक्षा है।

समझौते की ये है मुख्य बातें:

  1. ईरान ने साफ किया कि लेबनान में युद्ध को समाप्त करना और सीजफायर उनकी प्राथमिकता है। इस समझौते के शुरुआती क्लॉज में लेबनान का तीन बार जिक्र है और लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करने की बात कही गई है।
  2. समझौते के तहत अगले 60 दिनों तक ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उस पर लगे प्रतिबंधों को हटाने के लिए बातचीत का दौर चलेगा।
  3. ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका मिसाइल कार्यक्रम इस बातचीत के एजेंडे से पूरी तरह बाहर है और उस पर कोई समझौता नहीं होगा।

ईरानी संसद के स्पीकर बोले- ‘हमारा हाथ ट्रिगर पर है’

भले ही समझौते पर हस्ताक्षर हो गए हों, लेकिन ईरान के भीतर अमेरिका को लेकर अभी भी भारी अविश्वास है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने वाशिंगटन के प्रति गहरा संदेह जताते हुए कहा, ‘अमेरिका पर मेरा अविश्वास सबसे ज्यादा है। भले ही यह समझौता फाइनल हो जाए और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) इसे मंजूरी दे दे, फिर भी अमेरिका भरोसे के लायक नहीं है’।

होर्मुज जलडमरूमध्य का जिक्र करते हुए उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी, ‘ईरान के वहां संप्रभु अधिकार हैं और स्वाभाविक रूप से हम सेवाओं के लिए शुल्क लेंगे। हमारा हाथ अभी भी ट्रिगर पर है।’

पीएम शरीफ ने इन नेताओं का जताया आभार

शहबाज शरीफ ने इस ऐतिहासिक डील तक पहुंचने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जेडी वेंस, जेरेड कुशनर और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का शुक्रिया अदा किया। इसके अलावा उन्होंने कतर, सऊदी अरब, तुर्की, मिस्र के नेतृत्व और पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के अथक प्रयासों की सराहना की।

‘भारतीय नाविकों की सुरक्षा जरूरी’… पीएम मोदी ने ट्रंप के सामने उठाया 3 नाविकों की मौत का मुद्दा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को G7 समिट के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की। इस बातचीत में उन्होंने अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर चिंता जताई। इस मुद्दे को उठाते हुए पीएम मोदी ने कहा: “ईरान के साथ किसी भी समझौते में समुद्री जहाजों पर काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा और हिफाजत पक्की की जानी चाहिए।” बता दें कि इस महीने की शुरुआत में, ओमान की खाड़ी में एक ऑयल टैंकर पर अमेरिकी नौसेना के हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए थे।

वहीं, जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह पीड़ितों के परिवारों के लिए कोई संदेश या शोक संवेदना देना चाहते हैं, तो उन्होंने कहा, “हां, बिल्कुल।” उन्होंने समुद्री व्यापार में काम करने वाले लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि वह “उन सभी लोगों से प्यार करते हैं।”

बुधवार को CNN-News18 के एक सवाल के जवाब में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा: “मैंने भारतीय नाविकों के बारे में सुना। यह एक मुश्किल पेशा है। हम उन सभी लोगों का सम्मान करते हैं।”

बता दें कि हमले के समय पलाऊ के झंडे वाला तेल टैंकर सेट्टेबेलो (Settebello) पर कुल 28 लोग सवार थे। इनमें 24 भारतीय नागरिक और 4 विदेशी नागरिक शामिल थे। विदेशी नागरिकों में दो पाकिस्तानी, एक यूक्रेनी और एक रूसी थे।

इस घटना के बाद 21 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था। वहीं, लापता नाविकों की तलाश तब तक जारी रहीं जब तक कि उनकी मौत की पुष्टि नहीं हो गई।

वहीं, अमेरिकी सेना ने जहाज पर हमला करने की बात मानी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (USCENTCOM) के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने टैंकर को तब निशाना बनाया जब उसने अमेरिकी नौसेना के कर्मियों के निर्देशों का पालन नहीं किया और ईरान से तेल ले जाने की कोशिश की, जो अमेरिकी नाकेबंदी (ब्लॉकेड) का उल्लंघन था।

गौरतलब है कि यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ा हुआ है। क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण लगाए गए समुद्री प्रतिबंधों से कमर्शियल जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार में भी रुकावटें आ रही हैं।

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पाकिस्तान के गुरुद्वारे में सेवादार दंपती की गोलियां मारकर हत्या:हमले के बाद से परिसर के CCTV गायब, पुलिस को टारगेट किलिंग का शक

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बुधवार को एक गुरुद्वारे के अंदर फायरिंग में सिख केयरटेकर दंपती की हत्या कर दिया। पुलिस के मुताबिक, घटना पेशावर से करीब 60 किमी दूर मरदान के बाबू मोहल्ला इलाके में हुई। मरदान के जिला पुलिस अधिकारी मसूद अहमद ने बताया कि अज्ञात हमलावरों ने गुरुद्वारे के भीतर फायरिंग की। इसमें जगन्नाथ और उनकी पत्नी आसमा वंती की मौत हो गई। पुलिस हमले की वजह और आरोपियों का पता लगाने में जुटी है। हमले के बाद से गुरुद्वारे के CCTV फुटेज भी गायब हैं। इसे लेकर स्थानीय सिख नेताओं सवाल उठाए हैं। पुलिस भी इसे टारगेट किलिंग मानकर जांच कर रही है। गुरुद्वारे में घुसकर हमलावरों ने बरसाईं गोलियां पुलिस के अनुसार, यह वारदात बुधवार को उस समय हुई जब दंपती गुरुद्वारे में सेवा कर रहा था। अज्ञात हमलावर गुरुद्वारा परिसर में दाखिल हुए और उन्होंने दंपती पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी गई। मरदान के जिला पुलिस अधिकारी मसूद अहमद ने बताया कि हत्या के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने विशेष जांच टीमें बनाई हैं और फॉरेंसिक व तकनीकी मदद से जांच कर रही है। असेंबली के सदस्य ने उठाए सवाल खैबर पख्तूनख्वा असेंबली के सदस्य सुरेश कुमार ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की और पुलिस को जांच में प्रगति दिखाने के लिए 24 घंटे का समय दिया। उन्होंने कहा कि इलाके में सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी के बावजूद ऐसी घटना बेहद चिंताजनक है। सुरेश कुमार ने सीसीटीवी सबूतों के रखरखाव पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि घटनास्थल से डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर लापरवाही से हटाया गया, जिससे जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि 24 घंटे में गिरफ्तारी या ठोस प्रगति नहीं हुई तो मरदान, पेशावर और इस्लामाबाद में शांतिपूर्ण प्रदर्शन होंगे। हत्या के पीछे ये 2 वजहें मानी जा रहीं… सुराग मिटाने और साजिश का संदेह घटना के बाद स्थानीय असेंबली सदस्य सुरेश कुमार ने आरोप लगाया है कि घटनास्थल से सीसीटीवी के डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) को बेहद लापरवाही से हटाया गया। इस वजह से स्थानीय नेताओं और सिख संगठनों को संदेह है कि सबूतों को मिटाने या हत्या के पीछे के असली मकसद को छुपाने की कोशिश की जा रही है। घटना पर क्या बोले अकाल तख्त के जत्थेदार ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में सिख व्यक्ति की पगड़ी उतार नंगा कर पीटा, वीडियो वायरल किया पाकिस्तान में बैसाखी का त्योहार मनाते हुए सिख व्यक्ति को नंगा कर जमकर पीटा गया। यही नहीं, पाकिस्तान के कट्‌टरपंथी संगठन तहरीक ए लब्बैक पाकिस्तान (TLP) ने इस घटना का वीडियो भी बनाया। जिसे अब सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। पढ़ें पूरी खबर…

IPL में प्लेऑफ खेलेंगे ऑस्ट्रेलिया खिलाड़ी, पाकिस्तान दौरे को ‘ना’ किया

IPL में प्लेऑफ खेलेंगे ऑस्ट्रेलिया खिलाड़ी, पाकिस्तान दौरे को ‘ना’ किया

पाकिस्तान इस महीने के आखिर में शुरू होने वाली तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी करेगा। सीरीज के मैच रावलपिंडी और लाहौर में खेले जाएंगे।ऑस्ट्रेलिया 30 मई को रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में पहला एकदिवसीय खेलने से पहले 23 मई को इस्लामाबाद पहुंचेगा। इसके बाद सीरीज दो जून और दो जून को दूसरे और तीसरे वनडे के लिए गद्दाफी स्टेडियम में पहुंचेगी।

आईपीएल का लीग चरण 24 मई को संपन्न होगा जबकि टूर्नामेंट का फाइनल 31 मई को खेला जाएगा।ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के 23 मई को इस्लामाबाद पहुंचने का कार्यक्रम है जो आईपीएल का अंतिम चरण होगा।

कप्तान पैट कमिंस के अलावा ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज ट्रेविस हेड भी सनराइजर्स की टीम का हिस्सा हैं।हैदराबाद की टीम अभी 14 अंक के साथ तालिका में शीर्ष पर चल रही है और प्ले ऑफ में जगह बनाने की प्रबल दावेदार है।जोश हेजलवुड, टिम डेविड, कूपर कोनोली जेवियर बार्टलेट, मार्कस स्टोइनिस जैसे खिलाड़ियों को  यहीं रुकना पड़ सकता है क्योंकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलरु और पंजाब किंग्स के भी प्लेऑफ में पहुंचने की पूरी संभावना है।

आईपीएल में खेल रहे ऑस्ट्रेलिया के अन्य खिलाड़ी मिचेल मार्श, जोश इंग्लिस (दोनों लखनऊ सुपर जाइंट्स), मैथ्यू शॉर्ट (चेन्नई सुपरकिंग्स), मिचेल स्टार्क (दिल्ली कैपिटल्स) और कैमरन ग्रीन (कोलकाता नाइट राइडर्स) हैं।शायद यह खिलाड़ी पाक दौरे पर जा सके क्योंकि इनकी टीमें शायद ही प्लेऑफ पहुंच पाए।

pakistan cricket board

यह दौरा मार्च-अप्रैल 2022 में उनके दौरे के बाद से पाकिस्तान में ऑस्ट्रेलिया की पहली द्विपक्षीय एकदिवसीय सीरीज है, जिसमें एशियाई टीम ने 2-1 से जीत हासिल की थी।आईसीसी के अनुसार, इस साल की शुरुआत में, ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों की टी-20 सीरीज के लिए पाकिस्तान का दौरा किया था, जिसमें मेज़बान टीम ने लाहौर में 3-0 से क्लीन स्वीप किया था।

अगले साल आईसीसी पुरुष एकदिवसीय विश्व कप होने वाला है, इसलिए यह सीरीज दोनों टीमों को 50 ओवर के प्रारुप में कॉम्बिनेशन और मोमेंटम बनाने का एक और मौका देती है। इन मैचों के बाद, ऑस्ट्रेलिया छह व्हाइट-बॉल मैचों के साथ बंगलादेश में वापसी करेगा।इस दौरे में नौ जून से ढाका में तीन एकदिवसीय और 17 जून से चटगांव में तीन टी-20 शामिल हैं।

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अटारी-वाघा बॉर्डर बंद: भारत-पाक व्यापार पर पूरी तरह ब्रेक, लेकिन किसे कितना नुकसान; एक्सपर्ट और आंकड़ों से समझें

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच चुका है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बीते 22 अप्रैल को एक बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली। इस हादसे के बाद भारत सरकार […]